एबीएन डेस्क। अनुमान, दावों और अटकलों का दौर खत्म, अब अंजाम की बारी। सियासी दृष्टि से बेहद अहम और अगले लोकसभा चुनाव से पहले का सेमीफाइनल मुकाबला माने जा रहे उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के चुनाव परिणाम बृहस्पतिवार को घोषित हो जाएंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाताओं ने किसे जनादेश का गुलाल लगाया और किसे आत्मनिरीक्षण करने का सबक सिखाया। चुनाव का परिणाम ब्रांड मोदी की मजबूती, मोदी सरकार के गरीब कल्याण एजेंडे के असर और कोरोना महामारी काल में सरकार के कामकाज पर लोगों की राय सामने लाएगा। इसके अलावा चुनाव नतीजे अलग-अलग राज्यों में क्षेत्रीय दलों का भविष्य भी तय करेंगे। कोरोना महामारी की तीसरी लहर के बाद यह पहला चुनाव है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में मतों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू हो जाएगी। दस बजे के आसपास ठोस रुझान आने शुरू हो जाएंगे। दोपहर तक अलग-अलग राज्यों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। भाजपा के लिए परीक्षा की घड़ी, यूपी में प्रदर्शन दोहराने की चुनौती पंजाब को छोड़ कर सभी चुनाव वाले अन्य राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा व मणिपुर में भाजपा की सरकारें हैं। इनमें सबसे बड़ी चुनौती सियासी दृष्टि से अहम सूबे यूपी में सरकार बचाने की है। बेहतर प्रदर्शन न होने की स्थिति में भाजपा के सबसे मजबूत ब्रांड मोदी के कमजोर पड़ने और पार्टी के अजेय होने की छवि को गहरा धक्का लगेगा। किस राज्य में क्या है माहौल? • यूपी : बीते चुनाव में तीन-चौथाई बहुमत लाने वाली भाजपा ने पहली बार सीएम योगी को चेहरा बनाया है। बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस तो लोकसभा चुनाव में बसपा के साथ मैदान में उतरने वाली सपा इस बार रालोद, सुभासपा सहित कई छोटे दलों के साथ मैदान में है। भाजपा ने योगी-मोदी की जोड़ी को भुनाने की कोशिश की है। बसपा-कांग्रेस अपने दम पर मैदान में है। • उत्तराखंड : बीते चुनाव में अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली भाजपा फिर मोदी के भरोसे है। भरोसे पर खरा न उतरने के कारण बीते पांच साल में राज्य में तीन मुख्यमंत्री बनाए गए। कांग्रेस बिना किसी को चेहरा बनाए मैदान में है। भाजपा को मोदी के करिश्मे तो कांग्रेस को हर पांच साल बाद बदलाव के राज्य के सियासी चरित्र पर भरोसा है। • पंजाब : किसान आंदोलन के बीच यहां सियासत ने तेज करवट ली है। दशकों बाद अकाली दल और भाजपा अलग-अलग चुनाव मैदान मेंं हैं। अकाली दल ने बसपा तो भाजपा ने पंजाब लोक कांग्रेस, अकाली दल लोकतांत्रिक से गठबंधन किया है। आप ने भगवंत मान पर भरोसा जताया है। जबकि, कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर दलित चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाया था। • गोवा : बीते चुनाव में कांग्रेस जीत की दहलीज पर पहुंचकर लुढ़क गई थी। भाजपा ने बहुमत से चार सीट दूर खड़ी कांग्रेस को करारा झटका दिया था। इस बार आप, तृणमूल कांग्रेस सहित तीन नए क्षेत्रीय दलों ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। इस बार भी त्रिशंकु जनादेश के आसार हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच है। • मणिपुर : बीते चुनाव में यहां गोवा की कहानी दुहराई गई। सरकार बनाने के लिए कांग्रेस 3 अतिरिक्त विधायक नहीं तलाश पाई। जबकि, भाजपा ने एनपीएफ, एनपीपी को साध कर बहुमत के लिए जरूरी दस विधायकों का इंतजाम कर लिया। इस बार ये दोनों दल अलग-अलग मैदान में हैं और भाजपा भी अपने दम पर चुनाव लड़ी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पंजाब में 20 फरवरी को हुई विधान सभा मतदान के नतीजों का आज ऐलान कर दिया जाएगा। पंजाब को आज नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है। ईवीएम में बंद आज 1304 उम्मीदवारों की किस्मत खुलेगी और यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार पंजाब की सत्ता किस पार्टी के हाथों में जाएगी। वोटों की संख्या 8 बजे से शुरू होगी और 2-3 घंटों में रुझान आने शुरू हो जाएंगे। 14 राऊंडों में वोटों की संख्या शुरू होगी। राज्य भर के वोटरों को 20 फरवरी को हुई वोटों के बाद 10 मार्च का बेसब्री से इंतजार था। वहीं ही चयन कमीशन की तरफ से गिनती से पहले सभी राजनीतिक पार्टियां को नियम स्पष्ट कर दिए गए हैं जिनमें सबसे स्पष्ट और खास नियम री-काउंटिग को लेकर है। इस बार री-काउंटिंग राउंड के अनुसार होने वाली है। काउंटिंग सेंटरों के अंदर तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं और कोरोना काल के चलते कोरोना नियमों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मास्क और सेनीटाईजर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इतना ही नहीं मशीनों को खोलने और री-पैक करने से पहले सेनेटाईज किया जाएगा। राउंड बीच ही उम्मीदवार करें ऑब्जेक्शन : चयन कमीशन ने वोटों की संख्या के लिए भी नियम स्पष्ट किए हैं। इस बार उम्मीदवार सिर्फ राउंड के बीच ही री-काउंटिंग की अपील कर सकता है। उनके कहने पर सिर्फ 2 बार री-काउंटिंग हो सकती है। इतना ही नहीं अपील भी राउंड में ही करनी होगी। चयन कमीशन की तरफ से सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि अगले राउंड की काउंटिंग शुरू हो जाती है तो कोई भी उम्मीदवार पिछले राउंड की री-काउंटिंग की अपील नहीं कर सकता।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। नेहरू युवा केंद्र मुंबई संघटना युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत कथक डांस और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में कार्यक्रम को संबोधित किया गया। कार्यक्रम के संयोजक यशवंत मान खेड़कर महाराष्ट्र राज्य उपसंचालक और महाराष्ट्र और गोवा के संचालक प्रकाश मनोरे कार्यक्रम में उपस्थित रहे। योग गुरु राधेश्याम जयसवार ने विलंब से पहुंचने के लिए माफी भी मांगी। अपने गुरु श्री यशवंत मान खेड़कर और प्रकाश मनोरे ने पूरे कार्यक्रम में युवाओं को आगे बढ़ाया। महिलाओं के दिन को संबोधित किया गया। कत्थक डांस के सभी प्रतिभागी बच्चों को उनके तय कार्यक्रम के तहत प्रस्तुति करायी गयी। कार्यक्रम में राधा दल्वी, मनीषा टेमकर, योगा टीचर लावण्या प्रमोद, फोटोग्राफर मदन संजय, जाधव ज्योति, फोटोग्राफर प्रमोद, मधुरा तावड़े उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संचालक रवि कई लोग मौजूद रहे। बताते चलें कि कार्यक्रम बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। योग गुरु राधेश्याम ने कुछ बच्चों के साथ फोटो खिंचवा कर दिया। बच्चों और महिलाओं के साथ भी योग गुरु राधेश्याम महिलाओं और बहनों के साथ भी फोटो उन्हें आगे बढ़ने काम को भी बताया। बहुत सारे एनजीओ ने भाग लिया जिसमें द ह्यूमन योगा फाउंडेशन मनीषा आर्ट एंड क्राफ्ट डिजाइनर बहुत एनजीओ ने काम किया। कथक डांस एनजीओ भी ने भी बहुत अच्छा काम किया। उनके कोरिया ग्राफर ने दिए बहुत अच्छा काम जिसकी जो जिम्मेदारी जी की थी। अच्छी तरीके से सभी लोगों ने निभाया और यह थोड़ा सा कार्यक्रम का आंस था जितना योग गुरु जानते थे उतना ही बताएं और बहुत सारे लोग आए थे। कई एनजीओ थी कई लोगों को पुरस्कार दिया गया। पूरी रिपोर्ट इस न्यूज में नहीं है। जानकारी योग गुरु राधे श्याम ने भाई उतना ही बताया आगे कार्यक्रम में जल्दी पहुंचने की कोशिश करेंगे योग गुरु राधे श्याम की तरफ से सभी युवाओं को आॅल द बेस्ट सभी गुरुओं को प्रणाम चरण स्पर्श जय हिंद जय भारत...
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को यूक्रेन संकट के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई और संकेत दिया कि केंद्र सरकार वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है। भारतीय जनता पार्टी की कर्नाटक इकाई द्वारा आयोजित एक संवाद सत्र में सीतारमण से भारतीय अर्थव्यवस्था पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और यूक्रेन-रूस संघर्ष के प्रभाव के बारे में पूछा गया था। वित्त मंत्री ने कहा, निश्चित रूप से इसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर होगा। उन्होंने आगे कहा, हम इसे एक चुनौती के रूप में लेने और इसके असर को कम करने के लिए कितना तैयार होंगे, यह कुछ ऐसा है, जो हम आगे देखेंगे। उन्होंने कहा कि भारत कच्चे तेल की कुल जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात से पूरा करता है और जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो यह चिंता का विषय है। वित्त मंत्री ने कहा कि हमें देखना होगा कि यह आगे किस दिशा में जाता है। उन्होंने बताया कि तेल विपणन कंपनियां 15 दिन के औसत के आधार पर खुदरा कीमतें तय करती हैं, लेकिन अब हम जिन आंकड़ों की बात कर रहे हैं, वे औसत से परे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कच्चा तेल पाने के लिए किसी वैकल्पिक स्रोत की तलाश कर रही है, लेकिन साथ ही जोड़ा कि वैश्विक बाजार के सभी स्रोत समान रूप से अकल्पनीय हैं। सीतारमण ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर पड़ेगा, और बजट में कुछ प्रावधान किए गए हैं, लेकिन वे केवल सामान्य उतार-चढ़ाव पर आधारित है, लेकिन अब हालात उससे परे हैं। उन्होंने कहा, इसलिए, हमें देखना होगा कि हम इसका समाधान कैसे कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड मंगलवार को करीब 127 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था। पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, यह पहले से ही (जीएसटी परिषद के समक्ष) है। पेट्रोल और डीजल पहले से ही जीएसटी परिषद में हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार को यह माना कि भारतीय जनता पार्टी केंद्र पर शासन कर रही है क्योंकि फिलहाल कोई विकल्प नहीं है, यह सुझाव भी दिया कि अन्य राजनीतिक दलों को विकल्प बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा क्योंकि केवल बयान देने से कोई फायदा नहीं होगा। मंगलवार को ममता बनर्जी ने पार्टियों का नाम लिए बगैर कहा, तीन राजनीतिक दलों ने पश्चिम बंगाल में देवचा पचमी में कोयला खनन और ताजपुर में गहरे समुद्र बंदरगाह जैसी परियोजनाओं को कैसे रोका जाए, इस पर बैठकें की हैं। वे जानते हैं कि यदि ये परियोजनाएं सफल हो जाती हैं, तो वे अगले 20 वर्षों में सत्ता में नहीं आ पाएंगे। मैं कहूंगी कि उन्होंने जो किया है उसके लिए वे अगले 50 वर्षों में सत्ता में नहीं आ पाएंगे। ममता बनर्जी ये बातें कोलकाता में पार्टी की सांगठनिक बैठक के दौरान कही। बैठक में उनके अलावा अभिषेक बनर्जी और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भी मंच साझा किया। भाजपा पर साधा निशाना : ममता बनर्जी ने भाजपा का नाम लिए बगैर निशाना साधते हुए कहा, आप केंद्र में हैं क्योंकि इस समय कोई विकल्प नहीं है। जिस क्षण कोई वैकल्पिक शक्ति सामने आएगी, आप सत्ता में नहीं रहेंगे। वैकल्पिक सत्ता बनाने के लिए राजनीतिक दलों को एक साथ आना होगा। केवल बयान देने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर आप 2024 में भाजपा को जड़ से उखाड़ना चाहते हैं तो आपको हर घर में एक किला बनाना होगा। ऐसे किलों को उत्तर प्रदेश, बिहार, त्रिपुरा, असम, राजस्थान और हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भी बनाना होगा। आपको सक्रिय रहना होगा।
एबीएन डेस्क। यूपी की सोशल इंजीनियरिंग के समीकरण इस बार बता रहे हैं कि किस पार्टी ने किस जाति को कैसे साधा। किस जाति के वोटरों ने किस राजनीतिक पार्टी की बातों और वादों पर भरोसा किया और किस पर नहीं। एक सर्वे के नतीजों के अनुसार कहा जा रहा है कि समाजवादी पार्टी अपने पुराने वोटबैंक के अलावा अन्य जातियों को प्रभावित नहीं कर सकी। भले ही अखिलेश ने नई पार्टी का दावा किया हो, लेकिन दूसरी जातियों ने इसे इतना कबूल नहीं किया कि समर्थन वोट में तब्दील हो। जानिए क्या कह रहे हैं जातिगत वोटिंग के आंकड़े। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाति से बड़ा सच किसी और फैक्टर को नहीं माना जाता। जबकि एग्जिÞट पोल्स के नतीजों में भाजपा को उत्तर प्रदेश में लगातार दूसरी बार बहुमत मिलना तय बताया गया है, तब इस पर चर्चा शुरू हो गई है कि जातिगत आधार पर हुई वोटिंग का फायदा आखिर किस तरह किस पार्टी को मिला है। इस वोट शेयरिंग को जानने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर इस सवाल के पीछे तथ्य क्या है। पहले भी एग्जिट पोल में सटीक भविष्यवाणी कर चुके टुडेज चाणक्य के सर्वे में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा को 275 से 313 और अखिलेश यादव की सपा को 86 से 124 सीटें तक मिलने के दावे के बाद से ही अटकलों का दौर जारी है। इस सर्वे के मुताबिक यही दो पार्टियां यूपी के वोटरों के बीच मुकाबले में दिख रही हैं क्योंकि यह सर्वे बसपा को अधिकतम 4 और कांग्रेस को अधिकतम 2 सीटों पर सिमटा हुआ बताता है। टुडेज चाणक्य ने एग्जिÞट पोल देने से पहले यूपी की राजनीति को समझने व समझाने के लिए वोटरों के बीच जातिगत सर्वे भी कराया। इसके नतीजों से साफ हो रहा है कि चुनाव से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य समेत ओबीसी समुदाय के जो एक दर्जन से ज्यादा नेता सपा में जुड़े थे, उनसे भी सपा को पिछड़े वर्ग के वोट का बहुत ज्यादा फायदा नहीं हुआ है। जाति के आधार पर देखिए कि कहां से वोट किस पाले में गए। ब्राह्मणों, राजपूतों ने किसे दिये कितने वोट : टुडेज चाणक्य के एग्जिÞट पोल की मानें तो यूपी में ब्राह्मणों की कुल आबादी में से 65 प्रतिशत और राजपूतों की संख्या से 71 प्रतिशत भाजपा के साथ रही। इधर समाजवादी पार्टी को 16 फीसदी ब्राह्मणों और 11 फीसदी राजपूतों का साथ मिलने का अनुमान दिया गया है। सर्वे के दावे के मुताबिक 9 फीसदी ब्राह्मणों और 4 फीसदी राजपूतों ने बसपा के पक्ष में वोटिंग की है। यादवों और मुस्लिमों का वोटबैंक किसके साथ : 73 फीसदी यादव और 76 फीसदी मुस्लिमों ने अखिलेश का साथ दिया है। यही दो वोटर वर्ग सपा के प्रमुख वोट बैंक माने जाते रहे हैं। बीजेपी के पक्ष में 8 फीसदी मुस्लिमों और 18 फीसदी यादवों के वोट पड़ने को बीजेपी के लिए एक उप?लब्धि के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि यह वर्ग सपा का कोर वोटर है। 7 फीसदी मुस्लिम और 4 फीसदी यादव मायावती के समर्थन भी दिखे हैं। अन्य वर्गों के वोटरों का रुख क्या रहा : यूपी की सियासत में जाटव, एससी और ओबीसी वोट भी काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस सर्वे के मुताबिक 34% जाटव, 64% ओबीसी और 45% एससी वोट भाजपा के पाले में गए हैं। यानी साफ है कि बड़ी संख्या में वोटरों ने कमल के फूल को समर्थन दे दिया है। साइकिल के पैडल चलाने में 10% जाटव और 23% ओबीसी रुचि लेते दिखे हैं। इसका मतलब यह है कि स्वामी प्रसाद मौर्य के दावे साइकिल के पहियों में हवा नहीं भर सके। 47% जाटव, 28% एससी और 6% ओबीसी वोटर हाथी पर सवार नजर आए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। एग्जिट पोल के नतीजों पर यकीन करें तो कांग्रेस पार्टी के दो सितारों को 10 मार्च की मतगणना के बाद मुश्किलों से गुजरना पड़ सकता है। एक्सिस-इंडिया टुडे के सर्वे ने अपने नतीजे में पंजाब में आम आदमी पार्टी को 41 फीसदी वोटों के साथ 76-90 सीटें मिलने का दावा किया है। एबीपी न्यूज ने अपने नतीजे में उत्तराखंड में कांग्रेस को 32-38 सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया है। जबकि भाजपा के खाते में केवल 26-32 सीटें मिलने की संभावना है। पंजाब और उत्तराखंड के नतीजे यदि यही आए तो राहुल के साथ-साथ प्रियंका गांधी की राजनीतिक समझ पर सवाल खड़े कर सकते हैं। पंजाब में कांग्रेस को नुकसान, कैप्टन फ्लॉप, आप की बुलंदी इंडिया टुडे-एक्सिस के अलावा एबीपी ने भी पंजाब में आम आदमी पार्टी (51-61) की सरकार बनने की संभावना जताई है। कांग्रेस पार्टी (22-28) को दूसरी बड़ी पार्टी बताया है। भाजपा को (07-13) और शिरोमणि अकालीदल को 20-26 सीटें मिल रही हैं। पंजाब में मई 2021 तक कांग्रेस पार्टी अपनी बुलंदी का सफर तय कर रही थी। पंचायत चुनाव में कांग्रेस ने विरोधी दलों के दांत खट्टे कर दिए थे। लेकिन तब पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह थे। कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू कैप्टन को पटखनी देने की कोशिश में लगे थे। सिद्धू को इस अभियान में प्रियंका गांधी वाड्रा ने समर्थन दे दिया और सब कुछ बदल गया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राहुल और प्रियंका की मंशा भांपकर तत्कालीन पंजाब के प्रधान सुनील जाखड़ के स्थान पर सिद्धू की ताजपोशी कर दी। कैप्टन ने इस्तीफा दिया, पार्टी से बगावत की और नई पार्टी बनाकर भाजपा के साथ चले गए। नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी हो गए, लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू लगातार अपने बयानों से कांग्रेस पार्टी की मुसीबत खड़ी करते रहे। उत्तराखंड में हरीश रावत के चेहरे ने डाली जान : एबीपी न्यूज-सी-वोटर सर्वे ने उत्तराखंड में भाजपा को 26-32, कांग्रेस को 32-38 सीटें दी है। इंडिया टुडे-एक्सिस ने भी अपने पूर्वानुमान में भाजपा को 36-46 और कांग्रेस को 20-30 सीटें दी हैं। हालांकि इंडिया टुडे-एक्सिस ने कांग्रेस को 40 फीसदी वोट का अनुमान जताया है। उत्तराखंड के कद्दावर नेता, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को अपनी राजनीति बनाए रखने के लिए अब तक सबसे बड़ा वीटो लगाना पड़ा। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दखल बढ़ाया। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने हरीश रावत को मनाने और संतुलन साधने की कोशिश की। एबीपी न्यूज और आज तक-इंडिया टुडे की मानें तो हरीश रावत का कांग्रेस में प्रभाव बने रहने के बाद ही उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार बनाने के लिए बहुमत पाने के करीब तक बढ़ रही है। ...तो प्रियंका और राहुल की राजनीतिक मजबूती को लगेगा झटका : भाजपा के नेता ज्ञानेश्वर शुक्ला कहते हैं कि प्रियंका गांधी भी कांग्रेस की पिकनिक गुड़िया हैं। पांच राज्यों के चुनाव नतीजे उनकी समझ, सूझ-बूझ, राजनीतिक अभियान और नेतृत्व की क्षमता सब साबित कर देंगे। ज्ञानेश्वर कहते हैं कि कांग्रेस महासचिव उत्तर प्रदेश की प्रभारी हैं। उन्होंने पूरा जी-जान लगाकर प्रचार अभियान और पार्टी को धार दी है, लेकिन कांग्रेस को 20 सीट भी मिल जाए, तो बहुत बड़ी बात है। समाजवादी पार्टी के एक रणनीतिकार नेता ने कहा कि अभी कोई टिप्पणी ठीक नहीं है। यह केवल एक पूर्वानुमान है। हालांकि वह मानते हैं कि नतीजे पूर्वानुमान के अनुरूप आए तो कांग्रेस पार्टी के भीतर एक बार फिर अंदरूनी कलह बढ़ जाएगी। पार्टी के नंबर-2 और नंबर-3 के नेताओं की छवि को करारा झटका लग सकता है। गोवा में कांग्रेस-भाजपा में कांटे की टक्कर : कांग्रेस और भाजपा के बीच में कांटे की टक्कर है। त्रिशंकु विधानसभा के आसार हैं। एबीपी न्यूज-सी-वोटर का सर्वे इसी तरफ इशारा कर रहा है। भाजपा को 13-17, कांग्रेस को 12-16, आप 1-5 और टीएमसी 5-9 सीटें पा सकती है। यहां देखना होगा कि कांग्रेस 2017 की तरह सुस्ती दिखाती है, या फिर सरकार बनाने में सफल हो सकती है। यहां भी कांग्रेस हाई कमान के निर्णय की अग्नि परीक्षा होने के आसार हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनियाभर में मोटापे के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। मोटापे पर हुई वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन की रिपोर्ट चौंकाने वाली है। रिपोर्ट कहती है, दुनिया में 2030 तक हर 5 में से एक महिला और हर 7 में एक पुरुष मोटापे से परेशान होगा। 2010 के मुकाबले 2030 में मोटापे से जूझने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। दुनियाभर में मोटापे की स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है, इसे समझने के लिए वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन ने भारत समेत 200 देशों के वयस्कों और बच्चों पर स्टडी की। रिपोर्ट के मुताबिक, मोटापे के मामले पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अधिक दिखने का अनुमान लगाया गया है। 1. रिपोर्ट के मुताबिक, 8 साल बाद यानी 2030 तक दुनिया के करीब 100 करोड़ लोग मोटापे से जूझ रहे होंगे। भारत में मोटापे से जूझने वाले लोगों की संख्या 7 करोड़ हो जाएगी। इसमें सबसे ज्यादा महिलाएं शामिल होंगी। वहीं, 2010 में भारत में मोटापे से 2 करोड़ लोग पीड़ित थे। 2. रिपोर्ट कहती है, 2030 तक मोटापे से भारत में 7 करोड़ लोग प्रभावित होंगे। इनमें 2.71 करोड़ ऐसे बच्चे होंगे, जिनकी उम्र 5 से 19 साल की होगी। चौंकाने वाली बात यह भी है कि दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है जो 2025 तक मोटापे के मामले में WHO के मानकों पर खरा उतरता हो। 3. द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, मोटापे से परेशान दुनिया की 50 फीसदी से अधिक महिलाएं अमेरिका, भाारत, चीन और पाक समेत 11 देशों में हैं। वहीं, 50 फीसदी से अधिक ऐसे पुरुष भारत और अमेरिका समेत 9 देशों में हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि मोटापे की दर भविष्य में तेजी से बढ़ेगी। हम बड़ा बदलाव देख रहे हैं क्योंकि लोग अपने खानपान में फैट वाली चीजों को शामिल कर रहे हैं। ये ऐसी चीजें हैं जिससे किसी तरह के पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं हो रही बल्कि वजन बढ़ता जा रहा है। 4. विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापे को कंट्रोल करने के लिए रोजाना फिजिकल एक्टिविटी करने के साथ खानपान में हरी सब्जियां और फलों को शामिल करना जरूरी है। कई रिसर्च में यह भी साबित हो चुका है कि अनिद्रा, तनाव और हार्मोंस में बदलाव भी मोटापे को बढ़ावा देता है। 5. विशेषज्ञों का कहना है कि इंसान जितनी कैलोरी लेता है उसे उतनी कैलोरी बर्न करना जरूरी होता है। इसके लिए फिजिकल एक्टिविटी करने की सलाह देते हैं। हालांकि एक से दूसरे शरीर में काफी फर्क होता है, इसलिए जब भी वेट लॉस के लिए प्लानिंग करें तो एक्सपर्ट की देखरेख में ही करें। इससे कमजोरी आने या शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने का खतरा नहीं रहता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के व्यस्ततम हरि सिंह हाई स्ट्रीट बाजार में रविवार को ग्रेनेड विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गयी और 24 अन्य घायल हो गये। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हरि सिंह हाई स्ट्रीट बाजार में सुरक्षा बलों पर आतंकवादियों ने ग्रेनेड फेंका गया, जिससे एक पुलिस जवान सहित 24 लोग घायल हो गये। घायलों को श्री महाराजा हरि सिंह (एसएमएचएस) अस्पताल ले जाया गया, जहां गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान मखदूम साहब श्रीनगर निवासी मोहम्मद असलम मखदूमी के रूप में हुई है। घायलों में एक की हालत नाजुक बतायी गयी है। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों को पकड़ने के लिए तलाशी शुरू कर दी है। श्रीनगर पुलिस ने जनता के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है जिसमें कहा गया है कि आज शाम अमीरा कदल पुल के पास व्यस्त रविवार बाजार में ग्रेनेड हमले के परिप्रेक्ष्य में सभी नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पुलिस को तत्काल जानकारी देने की अपील की गयी है। इस बीच कई राजनीतिक नेताओं ने हमले की निंदा की है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपने ट्वीट में कहा, इस तरह का कायराना हमला निंदनीय है। जम्मू कश्मीर के लोग अपने जीवन के साथ भुगतान कर रहे हैं। शोक संतप्त परिवारों और प्रियजनों के प्रति गहन संवदेनाएं। अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने ट्वीट किया, मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं हरि सिंह हाई स्ट्रीट ग्रेनेड हमले में घायल हुए लोगों के साथ हैं। हिंसा हमारे लिए अस्वीकार्य है। मैं स्पष्ट रूप से हिंसा के इस कायराना कृत्य की निंदा करता हूं।
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