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अयोध्या : श्रीराम मंदिर के संघर्षों पर फिल्म बनाने की तैयारी में दूरदर्शन
Published / 2022-11-21 23:18:30
अयोध्या : श्रीराम मंदिर के संघर्षों पर फिल्म बनाने की तैयारी में दूरदर्शन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्री राम जन्मभूमि मन्दिर के संघर्षों पर दूरदर्शन एक फिल्म बना रहा है। फिल्म निर्माण में को-आॅर्डिनेशन का कार्य दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सचिव आनंद जोशी करेंगे।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने बताया कि मंदिर आंदोलन के पांच सौ वर्षों के इतिहास पर एक फिल्म दूरदर्शन बना रहा है। फिल्म आवाज मशहूर फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन और फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने का काम फिल्म सेंसर बोर्ड के प्रसून जोशी करेंगे। चाणक्य के निर्माता डॉ चंद्र प्रकाश द्विवेदी भी इस फिल्म में साथ रहेंगे। उन्होंने बताया कि इस फिल्म से जुड़े सभी लोग अपनी सेवाएं निशुल्क देंगे।

कुतुब मीनार विवाद : पूजा की अनुमति की मांग पर एक को होगी सुनवाई
Published / 2022-11-21 23:10:49
कुतुब मीनार विवाद : पूजा की अनुमति की मांग पर एक को होगी सुनवाई

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने कुतुब मीनार परिसर में पूजा की अनुमति देने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज दिनेश कुमार ने मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को करने का आदेश दिया।बता दें कि 20 सितंबर को कोर्ट ने इस मामले में कुंवर महेंद्र ध्वज की पक्षकार बनाने की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी थी। महेंद्र ध्वज प्रसाद सिंह का कहना था कि उनके पूर्वज आगरा प्रांत के शासक थे। कुतुब मीनार समेत दक्षिणी दिल्ली में उनका शासन था। लिहाजा कुतुब मीनार जिस जमीन पर है उस पर उनका मालिकाना हक है। इसलिए सरकार कुतुबमीनार के आसपास की जमीन पर फैसला नहीं ले सकती है।24 मई को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से वकील हरिशंकर जैन ने कहा था कि पिछले 800 वर्षों से इस परिसर का इस्तेमाल मुस्लिमों ने नहीं किया है। उन्होंने कहा था कि जब मस्जिद के काफी पहले यहां मंदिर था तो पूजा की अनुमति क्यों नहीं दी जा सकती है। हरिशंकर जैन ने एंशियंट मॉनुमेंट्स एंड आर्कियोलॉजिकल साईट्स एंड रिमेंस एक्ट की धारा 16 का हवाला दिया था जिसमें पूजा स्थल की सुरक्षा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया, जिसमें कहा गया है कि देवता हमेशा देवता रहेंगे और ध्वस्तीकरण से उसका चरित्र या उसकी गरिमा नहीं खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा था कि मैं एक पूजा करने वाला व्यक्ति हूं। वहां के चित्र अभी भी दिखाई देते हैं। अगर देवता हैं तो पूजा करने का अधिकार भी है।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा था कि याचिकाकर्ता को कौन से कानूनी अधिकार हैं। कोर्ट ने कहा था कि मूर्ति के होने पर कोई विवाद नहीं है। लेकिन पूजा करने के अधिकार पर विवाद है। कोर्ट ने कहा था कि सवाल है कि क्या पूजा का अधिकार एक स्थापित अधिकार है। क्या ये एक संवैधानिक अधिकार है या दूसरे तरह का अधिकार। क्या याचिकाकर्ता को पूजा के अधिकार से रोका जा सकता है। अगर ये मान लिया जाए कि मुसलमान कुतुब मीनार का मस्जिद के रूप में उपयोग नहीं करते हैं तो इससे याचिकाकर्ता को पूजा करने का अधिकार किस आधार पर मिल जाता है। आठ सौ साल पहले हुए किसी घटना के आधार पर आपको कानूनी अधिकार कैसे मिल सकता है।आर्कियोलॉजिकल सर्वे आॅफ इंडिया (एएसआई) ने कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा था कि जब एएसआई ने स्मारक पर नियंत्रण लिया था, तब वहां पूजा नहीं होती थी। एएसआई ने कहा था कि कानूनन संरक्षित स्मारक में पूजा का कोई प्रावधान नहीं है इसलिए याचिका खारिज की जाए। 3 अप्रैल को कोर्ट ने एएसआई को निर्देश दिया था कि वो कुतुब मीनार परिसर में मौजूद कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद परिसर में रखी हुई भगवान गणेश की मूर्तियों को परिसर से ना हटाए। इस मामले में पहले से ही पूजा अर्चना अधिकार को लेकर याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता ने नई अर्जी में कहा है कि गणेश जी की मूर्तियों को नेशनल म्युचुअल अथॉरिटी के दिये सुझाव के मुताबिक नेशनल म्यूजियम या किसी दूसरी जगह विस्थापित नहीं किया जाना चाहिए। इसके बजाए उन्हें परिसर में ही पूरे सम्मान के साथ उचित स्थान पर रखा जाए।वकील विष्णु जैन के जरिये दायर मुख्य याचिका में कहा गया है कि हिंदू और जैन के 27 मंदिरों को तोड़कर ये मस्जिद बनाई गई है। जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव और भगवान विष्णु को इस मामले में याचिकाकर्ता बनाया गया था।बता दें कि 29 नवंबर 2021 को सिविल जज नेहा शर्मा ने याचिका खारिज कर दी थी। सिविल जज के याचिका खारिज करने के आदेश को डिस्ट्रिक्ट जज की कोर्ट में चुनौती दी गई है।याचिका में कहा गया है कि कुतुबुद्दीन ऐबक ने 27 हिंदू और जैन मंदिरों की जगह कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद बना दी। ऐबक मंदिरों को पूरे तरीके से नष्ट नहीं कर सका और मंदिरों के मलबे से ही मस्जिद का निर्माण किया गया। याचिका में कहा गया था कि कुतुब मीनार परिसर की दीवारों, खंभों और छतों पर हिन्दू और जैन देवी-देवताओं के चित्र बने हुए हैं। इन पर भगवान गणेश, विष्णु, यक्ष, यक्षिणी, द्वारपाल, भगवान पार्श्वनाथ, भगवान महावीर, नटराज के चित्रों के अलावा मंगल कलश, शंख, गदा, कमल, श्रीयंत्र, मंदिरों के घंटे इत्यादि के चिह्न मौजूद हैं। ये सभी बताते हैं कि कुतुब मीनार परिसर हिंदू और जैन मंदिर थे। याचिका में कुतुब मीनार को ध्रुव स्तंभ बताया गया था।याचिका में आर्कियोलॉजिकल सर्वे आॅफ इंडिया (एएसआई) के उस संक्षिप्त इतिहास का जिक्र किया गया था जिसमें कहा गया था कि 27 मंदिरों को गिराकर उसके ही मलबे से कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद का निर्माण किया गया। याचिका में मांग की गई थी कि इन 27 मंदिरों को पुनर्स्थापित करने का आदेश दिया जाए और कुतुब मीनार परिसर में हिंदू रीति-रिवाज से पूजा करने की इजाजत दी जाए।

आज बजट पूर्व बैठक में उद्योग जगत से मुलाकात करेंगी वित्त मंत्री
Published / 2022-11-21 12:20:36
आज बजट पूर्व बैठक में उद्योग जगत से मुलाकात करेंगी वित्त मंत्री

एबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त मंत्रालय ने आगामी वित्त वर्ष 2022-24 के बजट बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज से बजट पूर्व बैठक शुरू कर दी है। वित्त मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री के साथ बजट-पूर्व बैठक सोमवार सुबह 10.30 बजे शुरू हो गई। यह 11ः45 बजे खत्म होगी। दूसरी बैठक दोपहर 12 शुरू होगी। यह 01.15 बजे तक होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इन दोनों बैठकों में उद्योग, बुनियादी ढांचे और जलवायु परिवर्तन क्षेत्र के हितधारकों से ही मिलेंगी। दोनों बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। इस बैठक में स्टेक होल्डर्स वित्त वर्ष 2023-24 के बजट के लिए अपने सुझाव देंगे। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में ट्वीट भी किया है। वित्त मंत्री बजट पूर्व बैठक के क्रम में 22 नवंबर को कृषि एवं कृषि प्रसंस्करण उद्योग के लोगों, वित्तीय क्षेत्र एवं पूंजी बाजार के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगी। 24 नवंबर को सेवा क्षेत्र और व्यापार संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल एवं साफ-सफाई समेत सामाजिक क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ बैठक करेंगी। इसके अलावा वित्त मंत्री व्यापार संघों के प्रतिनिधियों और अर्थशास्त्रियों के साथ 28 नवंबर को बजट पूर्व बैठक करेंगी।

भारतीय सेना बॉर्डर पर तैनात जवानों के लिए खरीदेगी 62,000 से अधिक बुलेटप्रूफ जैकेट
Published / 2022-11-21 10:25:55
भारतीय सेना बॉर्डर पर तैनात जवानों के लिए खरीदेगी 62,000 से अधिक बुलेटप्रूफ जैकेट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आतंकी घटनाओं और बॉर्डर पर खतरे को देखते हुए भारतीय सेना ने जवानों की सुरक्षा को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। सैनिकों की सुरक्षा के लिए सेना ने अपनी अग्रिम पंक्ति के सैनिकों के लिए 62,500 बुलेटप्रूफ जैकेट खरीदने के लिए निविदा जारी की है। ये बुलेटप्रूफ जैकेट आतंकवादियों द्वारा प्रयोग की जा रही स्टील कोर गोलियों से सैनिकों की सुरक्षा में सहायक साबित होंगी।सेना के अधिकारियों ने इसकी खरीद प्रक्रिया की जानकारी दी है। भारतीय सेना के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने मेक इन इंडिया पहल के तहत इन जैकेटों के लिए 2 अलग-अलग निविदाएं जारी की हैं।

ओडिशा : पटरी से उतरे मालगाड़ी के डिब्बे, तीन की मौत
Published / 2022-11-21 10:08:53
ओडिशा : पटरी से उतरे मालगाड़ी के डिब्बे, तीन की मौत

वेटिंग हॉल भी चपेट में आयाएबीएन सेंट्रल डेस्क। ओडिशा में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां जाजपुर जिले के कोरेई स्टेशन पर एक मालगाड़ी के यात्री प्रतीक्षालय में दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। इस दौरान कम से कम तीन लोगों की मौत हो गयी। कई अन्य घायल बताये जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, ईस्ट कोस्ट रेलवे के अंतर्गत आने वाले कोरई स्टेशन पर आज तड़के एक मालगाड़ी पटरी से उतर गयी। मालगाड़ी के डिब्बे प्लेटफॉर्म पर बने वेटिंग हाल तक पहुंच गये। इस दौरान दो यात्री इसकी चपेट में आ गये और मौके पर ही उनकी मौत हो गयी।कुछ रिपोर्ट में मृतकों की संख्या तीन बतायी जा रही है। रेलवे के मुताबिक, हादसे से दो रेल लाइनें अवरुद्ध हो गयी। स्टेशन भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया है। राहत दल, रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

गुजरात चुनाव : आज दो जनसभाओं के बहाने कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे राहुल गांधी
Published / 2022-11-21 10:01:17
गुजरात चुनाव : आज दो जनसभाओं के बहाने कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे राहुल गांधी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारतीय जनता पार्टी शासित गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों के प्रचार के वास्ते सोमवार को राज्य में दो जनसभाओं को संबोधित करेंगे। राहुल गांधी का पिछले ढाई महीने में गुजरात का यह दूसरा दौरा होगा। हालांकि चुनाव प्रचार के लिए वह पहली बार यहां आयेंगे। पार्टी की ओर से साझा कार्यक्रम के अनुसार, वह सूरत जिले के महुवा और राजकोट शहर में रैलियों को संबोधित करेंगे।गांधी इन दिनों कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं, जो कांग्रेस की एक जनसंपर्क पहल है। यात्रा की शुरुआत सात सितंबर को की गई थी। वह पिछली बार पांच सितंबर को गुजरात आये थे, जब उन्होंने अहमदाबाद में बूथ स्तरीय पार्टी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित किया था। गुजरात की 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में एक और पांच दिसंबर को चुनाव होंगे, जबकि मतगणना आठ दिसंबर को की जायेगी।

जम्मू-कश्मीर : अनंतनाग में मुठभेड़, लश्कर ए तैयबा का हाइब्रिड आतंकी ढेर
Published / 2022-11-20 17:33:20
जम्मू-कश्मीर : अनंतनाग में मुठभेड़, लश्कर ए तैयबा का हाइब्रिड आतंकी ढेर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में रविवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का एक हाइब्रिड आतंकवादी मारा गया। पुलिस ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में बिजबेहरा के चेकी दूदू इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ शुरू हुई है।पुलिस ने ट्वीट कर बताया, जब सुरक्षाबल तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध स्थान की ओर बढ़ रहे थे तो वहां छिपे हुए आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।इस दौरान सुरक्षाबलों के साथ गये लश्कर के हाइब्रिड आतंकवादी सज्जाद तांत्रे को गोली लगी। उसे एसडीएच बिजबेहरा ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सज्जाद ने बताया कि वह पहले लश्कर के आतंकवादी सहयोगी था तथा उसे सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत रिहा किया गया था। उसने 13 नवंबर 2022 को अनंतनाग के राखमोमेन, बिजबेहरा में दो बाहरी मजदूरों पर हमला किया था।इस हमले में दो मजदूर घायल हो गये थे। बाद में गंभीर रूप से घायल मजदूर छोटा प्रसाद की 18 नवंबर को अस्पताल में मौत हो गयी। पुलिस को उसके पास से पिस्तौल और वारदात में इस्तेमाल वाहन भी बरामद हुआ था। पुलिस ने कहा कि इस मॉड्यूल के और सदस्यों को गिरफ्तार करने के लिए गहनता से जांच की जा रही है।

चाहता हूं नरेंद्र के सभी रिकॉर्ड भूपेंद्र तोड़ें : मोदी
Published / 2022-11-20 13:09:48
चाहता हूं नरेंद्र के सभी रिकॉर्ड भूपेंद्र तोड़ें : मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दो दिवसीय गुजरात दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे दिन वेरावल में जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किये। जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने मतदाताओं से अपील की कि इस बार रिकॉर्ड तोड़ना है। लोकतंत्र के पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना है। सुशासन से गुजरात नई ऊंचाई पर पहुंचा। आपको भाजपा को जिताना है। मैं चाहता हूं कि नरेंद्र के सारे रिकॉर्ड भूपेंद्र तोड़ें। गुजरात विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचेगा। मैं यह भी कहना चाहता हूं कि मैं अपने सारे काम का आप लोगों को हिसाब दूंगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुजरात के विकास के लिए मेहनत करेंगे। सर्वे पोल कह रहे हैं कि भाजपा जीतेगी। गुजरात की जनता ने भाजपा को हमेशा आशीर्वाद दिया है। इस बार भी जनता आशीर्वाद देगी। पीएम मोदी ने कहा कि सौराष्ट्र में चुनाव में यह मेरी पहली रैली है और वह भी सोमनाथ दादा की पावन भूमि पर। कच्छ का मरुस्थल हमारे लिए समस्या लगता था। हमने कच्छ के इस मरुस्थल को बदलकर गुजरात का तोरण बना दिया।आज फल-फूल रहा है गुजरात का तट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये मेरी मां-बहनें तीन से पांच किलोमीटर तक बाल्टी में पानी भरकर ले जाती थीं। इस बेटे ने अपने सिर से बेड़ियां हटाने का बीड़ा उठाया। आज गुजरात का तट फलफूल रहा है। गुजरात के बंदरगाह हिन्दुस्तान की समृद्धि का द्वार बन गये हैं।बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सौराष्ट्र क्षेत्र में चार जनसभाओं को संबोधित करेंगे। उनकी पहली जनसभा वेरावल में हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि वेरावल में जनसभा करने के बाद पीएम मोदी राजकोट जिले के धोराजी रवाना होंगे। अमरेली और बोटाद में भी दो रैलियों को संबोधित करने का कार्यक्रम है।

सभी देशों के सामूहिक प्रयास से ही आतंकवाद का खात्मा : अमित शाह
Published / 2022-11-19 18:11:03
सभी देशों के सामूहिक प्रयास से ही आतंकवाद का खात्मा : अमित शाह

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि आतंकवाद (टेररिज्म) आज एक ऐसा विकराल रूप धारण किया है जिसका प्रभाव हर स्तर पर दिखता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद लोकतंत्र, मानवाधिकार, आर्थिक प्रगति तथा विश्व शांति के खिलाफ सबसे बड़ा नासूर है, जिसे हमें जीतने नहीं देना है। शाह ने आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि कोई भी एक देश या कोई भी एक संगठन, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, आतंकवाद को अकेला हरा नहीं सकता। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को लगातार इस जटिल और बॉर्डर-लेस खतरे के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। शाह यहां आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला विषय पर तीसरे ‘नो मनी फॉर टेरर’ मंत्रीस्तरीय सम्मेलन के ‘आतंकवाद और आतंकवादियों को वित्त उपलब्ध कराने की वैश्विक प्रवृत्ति’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में भारत ने टेररिज्म के सभी रूपों सहित कई चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है। टेररिज्म के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति, काउंटर-टेरर कानूनों के मजबूत फे्रमवर्क तथा एजेंसियों के सशक्तिकरण के कारण भारत में टेररिज्म से होने वाली घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है तथा टेररिज्म के मामलों में सख्त सजा दिलाने में सफलता हासिल की गई है। शाह ने कहा कि इन्वेस्टीगेशन को विज्ञान और तकनिक से लैस करने के उद्देश्य से फॉरेंसिक साइंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दिशा में प्रधानमंत्री मोदी जी की परिकल्पना से दुनिया के पहले राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने यह भी तय किया है कि टेररिज्म, नारकोटिक्स और आर्थिक अपराध जैसे अपराधों पर राष्ट्री य और अंतर्राष्ट्रीय डेटाबेस विकसित किया जाए। साइबर अपराध का व्यापक तरीके से मुकाबला करने के लिए भारत सरकार ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की स्थापना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भारत काउंटर-टेररिज्म तथा कॉम्बैटिंग दी फाइनेंसिंग आॅफ टेररिज्म के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग का केंद्र बिंदु होगा। हम टेररिज्म के सभी रूपों के खिलाफ एक प्रभावी, दीर्घकालिक और ठोस लड़ाई के बिना भय-मुक्त समाज, भय-मुक्त दुनिया नहीं सोच सकते हैं। हमारे राष्ट्रों के नागरिकों ने नेतृत्व के ऊपर सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है झ्र उनकी सुरक्षा की और यह हमारा कर्तव्य है कि इस जिम्मेदारी की कसौटी पर हम खरे उतरें। शाह ने कहा कि पिछले दो दशकों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस खतरे से निपटने के लिए एक ढांचा विकसित किया है जिसका मुख्य उद्देश्य काउंटर-टेररिज्म सैंक्शन व्यवस्था खड़ी करना है। टेररिज्म को स्टेट-फंडेड इंटरप्राइज बनाने वाले देशों की कार्रवाईयों पर कुछ हद तक अंकुश लगाने का काम यूनाइटेड नेशन्स द्वारा स्थापित इस व्यवस्था ने सफलता से किया है, लेकिन इसे और कठोर, पारदर्शी व सटीक बनाना है। उन्होंने सम्मेलन में भाग ले रहे देशों के प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि हमारी सबसे पहली प्रतिबद्धता होनी चाहिए पारदर्शिता और सहयोग की। सभी देशों और संगठनों को बेहतर और प्रभावी तरीके से इंटेलिजेंस साझा करने में पूरी तरह से पारदर्शिता का संकल्प लेना होगा। हमें टेररिज्म और टेररिस्ट गुटों के खिलाफ इस लड़ाई को प्रत्येक भौगौलिक और वर्चुअल क्षेत्र में लड़ना होगा। शाह ने आगे कहा कि ऐसे कई मामले सामने हैं, जहां अन्य मकसदों की आड़ में कुछ संगठन, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद और रेडिकलाइजेशन को बढ़ावा दे रहे हैं। यह भी देखा गया है कि यह संगठन, आतंकवाद को फाइनेंस करने के चैनल भी बनते हैं। अभी हाल ही में भारत सरकार ने सामाजिक गतिविधियों की आड़ में युवाओं को रेडिकलाइज करके उन्हें आतंक की ओर धकेलने की साजिश करने वाली एक संस्था को बैन किया है। उनका इशारा पापुलर फ्रंट आॅफ इंडिया (पीएफआई) की ओर था। उन्होंने कहा कि प्रत्येक देश को ऐसी संस्थाओं को चिन्हित करके उनके विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। शाह ने कहा कि कुछ देशों, उनकी सरकारों और एजेंसियों ने टेररिज्म को स्टेट पालिसी बनाया है। टेरर हेवन्स पर आर्थिक प्रतिबंध के साथ-साथ सभी प्रकार की नकेल कसना आवश्यक है। इस पर दुनिया के सभी देशों को अपने जियो-पोलिटिकल इंटरेस्ट से ऊपर उठकर एक मन बनाना होगा । उन्होंने कहा कि कुछ देश राजनीति के लिए आतंकवादियों और आतंकवाद को पनाह देने वालों का बार बार समर्थन करते हैं। मेरा मानना है कि आतंकवाद की कोई अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं होती इसलिए सभी देशों को राजनीति को भुलाकर एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए। साथ ही, सभी देशों को टेररिज्म और टेरर फाइनेंसिंग की व्याख्या पर सहमति बनानी होगी। यह हमारे नागरिकों की सुरक्षा तथा मानवाधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों के रक्षा का मुद्दा है, न कि एक राजनैतिक मुद्दा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यही है कि टेररिज्म और टेरर फाइनेंसिंग के सभी चैनलों की पहचान कर, टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ एक प्रैक्टिकल तथा वर्केबल रोडमैप बनाया जाये। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और वर्ल्ड बैंक के एक अनुमान के अनुसार दुनियाभर के अपराधई हर वर्ष लगभग 2 से 4 ट्रिलियन डॉलर की लॉन्ड्रिंग करते हैं और इसमें से एक बड़ा हिस्सा टेररिज्म बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इन चुनौतियों को देखते हुए सभी देशों के काउंटर-टेरर और टेरर फाइनेंसिंग के क्षेत्रों में काम करने वाली एजेंसियों एवं उनके अधिकारियों को एक दीर्घकालिक रणनीति अपनानी होगी।

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