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देश में कोरोना : 24 घण्टे में मिले 228 नये संक्रमित
Published / 2023-01-06 13:21:40
देश में कोरोना : 24 घण्टे में मिले 228 नये संक्रमित

ओमिक्रॉन की चिंता के बीच नये केसों में स्थिरता बरकरारएबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में जहां ओमिक्रॉन के नये स्वरूप के मामले तेजी से बढ़ रहे है वहीं कोरोना के मामलों में  स्थिरता बरकरार है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आज शुक्रवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 228 नये केस दर्ज हुए हैं। वहीं एक्टिव केसों की संख्या में गिरावट आ रही है और अब यह 2503 हो गयी है। देश में अब तक कोरोना के 4.46 करोड़ (4,46,79,547) मामले आ चुके हैं. कोरोना से 4 और लोगों की मौत के साथ कोरोना से मरने वालों का कुल आंकड़ा 5,30,714 हो गया है। बता दें कि इससे पहले विदेशों से भारत आने वाले यात्रियों के सैंपल इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स और बंदरगाहों पर लिये गये थे। जांच में कोरोना संक्रमित मिले 124 यात्रियों को आइसोलेट किया गया है। 124 पॉजिटिव संक्रमितों में से 40 की जीनोम सीक्वेंसिंग के नतीजे आ गये हैं।

दिल्ली-एनसीआर में 5.9 तीव्रता के भूकंप के झटके
Published / 2023-01-05 22:27:21
दिल्ली-एनसीआर में 5.9 तीव्रता के भूकंप के झटके

घरों और दफ्तरों से बाहर भागते दिखे लोगएबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को भूकंप के झटके महसूस किये गये। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक इसका केंद्र अफगानिस्तान का फैयजाबाद रहा। रिक्टर स्कैल पर इसकी तीव्रता 5.9 रही और यह रात 7.55 पर आया। फिलहाल कहीं से किसी प्रकार की हानि की सूचना नहीं है।जम्मू-कश्मीर में भी झटके हुए महसूसझटके महसूस होने के बाद लोग घबराकर अपने-अपने घरों व दफ्तरों से बाहर निकल गए। दिल्ली से सटे नोएडा, फरीदाबाद व गुरुग्राम में भी लोगों को झटके महसूस हुए। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के सांबा, कठुआ, डोडा, उधमपुर, जम्मू, कटड़ा और श्रीनगर में भी इसके झटके महसूस किये गये।नये साल के पहले दिन भी आया था भूकंपइससे पहले साल के पहले दिन यानी एक जनवरी को भी भूकंप के झटके महसूस हुए थे। लेकिन तब इसकी तीव्रता महज 3.8 रही थी। एक जनवरी को हरियाणा में रात 1:19 बजे भूकंप के झटके महसूस किये गये थे। उस वक्त झज्जर का बेरी भूकंप का केंद्र रहा था।

पूर्वोत्तर के मिजोरम में घुसे बांग्लादेश के अन्य 17 शरणार्थी
Published / 2023-01-05 22:23:19
पूर्वोत्तर के मिजोरम में घुसे बांग्लादेश के अन्य 17 शरणार्थी

शरणार्थियों को मिजोरम में प्रवेश की अनुमति देने के लिए सांसद वान लालवेनर ने केंद्र को लिखा पत्रएबीएन सेंट्रल डेस्क। बांग्लादेश से 17 और शरणार्थी पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्य मिजोरम में प्रवेश कर गए हैं। बांग्लादेश के चटगांव पहाड़ी इलाकों के पहाड़ी समुदाय में मिजो कुकी-चिन समुदाय को परवर कम्युनिटी हॉल में रखा गया है। स्थानीय लोग उन्हें भोजन और अन्य जरूरतों के सामान की आपूर्ति कर रहे हैं।विस्थापित कुकी-चिन समुदाय बांग्लादेश छोड़कर शरण लेने के लिए पूर्वोत्तर के मिजोरम आ गये हैं। इस बीच, मिजोरम के सांसद वनालालवेना ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर शरणार्थियों को मिजोरम में प्रवेश करने की अनुमति देने का आग्रह किया है।एक सरकारी सूत्र के मुताबिक शुक्रवार को बीएसएफ द्वारा वापस भेजे गए 100 प्रवासी मिजोरम, बांग्लादेश और म्यांमार के त्रि-सीमा क्षेत्र में छिपे हुए थे। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, लगभग 90 लोग जिन्हें जबरन लौटाया गया था, वे भोजन की तलाश में बांग्लादेश के जंगलों में छिपे हुए थे। क्योंकि, वे पिछले कुछ दिनों से भूख से तड़प रहे थे जिसके चलते यह स्थिति पैदा हो गयी है।सूत्रों के मुताबिक परवा गांव में अब भी 310 शरणार्थी हैं। हालांकि, 800 से अधिक विस्थापित लोग अभी भी बांग्लादेश के जंगलों में भूखे रहकर अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने यह भी कहा कि दक्षिण पूर्वी बांग्लादेश में चटगांव के पहाड़ी क्षेत्र से कम से कम 11 प्रवासी पिछले साल 1 दिसंबर को भागकर भारत आ गये और उन्होंने मिजोरम, बांग्लादेश और म्यांमार के ट्राइ-जंक्शन के पास कामतुली गांव में शरण ली। 20 नवंबर (2022) से अब तक 304 कुकी-चिन मिजोरम के आसपास के गांवों में शरण ले चुके हैं।कहा जा रहा है कि मिजोरम सरकार अब म्यांमार और बांग्लादेश के कुल 40,000 शरणार्थियों की मेजबानी कर रहा है। शरणार्थियों की लगातार बढ़ती जनसंख्या के चलते मिजोरम पर भारी दबाव बढ़ रहा है। दावा है कि शरणार्थी खुले में प्लास्टिक के टेंट डालकर आश्रय लिये हुए हैं।

...मेरा बस चले, तो गैंगस्टर-रेपिस्ट के बाल उतरवाकर परेड करवाऊं  : गहलोत
Published / 2023-01-05 22:17:20
...मेरा बस चले, तो गैंगस्टर-रेपिस्ट के बाल उतरवाकर परेड करवाऊं : गहलोत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि मेरा बस चले तो मैं गेंगस्टर-रेपिस्ट के बाल उतरवाकर परेड करवाऊं। राजस्थान एसीबी के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा ट्रैप किए जाने वाले सरकारी कार्मिकों की पहचान उजागर नहीं करने के तुगलकी फरमान पर मीडियाकर्मियों के सवाल पर सवाल के दौरान सीएम गहलोत ने यह बात कही।उदयपुर में मीडियाकर्मियों से चर्चा के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हथकड़ी लगाने से भी मना कर दिया, अब पुलिस आरोपित को हाथ से पकड़कर लाती है। हथकड़ी लगी होती थी तो अन्य लोगों में भी भय बैठता था कि इससे उनका सामाजिक मानमर्दन होगा और वे अपराध की दिशा में बढ़ने से पहले सोचते थे।सुप्रीम कोर्ट के ही एक आदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने एसीबी के एडीजी द्वारा निकाले गये तुगलकी फरमान का बचाव किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि वे जयपुर पहुंचकर इसकी समीक्षा करेंगे। अपने जवाब में उन्होंने इतना तो कह ही दिया कि मीडिया को कवरेज से रोकने की कोई बात नहीं कही गई है। मीडिया को जानकारी मिलती है तो जानकारी के अनुसार समाचार प्रसारित करने के लिए मीडिया स्वतंत्र है। उन्होंने वसुंधरा राजे सरकार द्वारा निकाले गये ऐसे ही अध्यादेश का भी जिक्र करते हुए कहा कि विरोध के बाद यह अध्यादेश वापस लिया गया था। गहलोत ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी नीति सख्त है और रहेगी।

सबके सहयोग के बिना जल संरक्षण पर अकेली कुछ नहीं कर सकती सरकार : मोदी
Published / 2023-01-05 13:29:45
सबके सहयोग के बिना जल संरक्षण पर अकेली कुछ नहीं कर सकती सरकार : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संरक्षण के लिए दिये मंत्रएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जल संरक्षण के अभियानों में लोगों की भागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि अकेले सरकार के प्रयासों से कुछ नहीं हो सकता। राज्यों के जल मंत्रियों के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जल राज्यों के बीच सहयोग व समन्वय का विषय होना चाहिए और शहरीकरण की तेज गति को देखते हुए उन्हें पहले से ही इसके लिए योजना तैयार करनी चाहिए। उनकी इस टिप्पणी के कई मायने हैं, क्योंकि दशकों से कई राज्यों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर विवाद है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मनरेगा के तहत, ज्यादा से ज्यादा काम पानी पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के अभियानों में जनता को, सामाजिक संगठनों को और सिविल सोसायटी को ज्यादा से ज्यादा शामिल करना होगा। मोदी ने कहा कि जब किसी अभियान से जनता जुड़ती है तो उसे उसकी गंभीरता का भी पता चलता है। गौरतलब है कि जल शक्ति मंत्रालय ने 5-6 जनवरी को भोपाल में जल से जुड़े विषय पर राज्यों के मंत्रियों के पहले अखिल भारतीय वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया है। जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार, राज्यों के मंत्रियों के इस पहले अखिल भारतीय वार्षिक सम्मेलन का विषय वॉटर विज़न@2047 है।

वॉलमार्ट को अब करीब 80 अरब रुपये का कर चुकाना होगा
Published / 2023-01-05 10:52:39
वॉलमार्ट को अब करीब 80 अरब रुपये का कर चुकाना होगा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। वॉलमार्ट इंक और फोनपे के सभी शेयरधारकों को करीब 1 अरब डॉलर का कर चुकाना होगा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने फोनपे के मुख्यालय का स्थानांतरण भारत में कर दिया है जिसके कारण यह कर चुकाना पड़ रहा है।रिपोर्ट के अनुसार, फोनपे प्री-मनी वैल्यूएशन के आधार पर जनरल अटलांटिक, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और अन्य से 12 अरब डॉलर की धन राशि जुटा रही है, जिसके कारण भारी शुल्क लग रहा है।विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस फिनटेक फर्म का दिसंबर 2020 में अंतिम बार मूल्यांकन किया गया था, उस समय इसका मूल्यांकन 5.5 अरब डॉलर के करीब था।टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट सहित कई निवेशक भारत में नई कीमत पर फोनपे के शेयरों को खरीद चुके हैं, जिसके कारण कंपनी को करीब 80 अरब रुपये की कर देनदारी बन रही है। फोनपे, वॉलमार्ट और टाइगर ग्लोबल ने रॉयटर्स द्वारा टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया है।वॉलमार्ट ने पिछले महीने कहा था कि वह भारतीय ई-कॉमर्स दिग्गज कंपनी फ्लिपकार्ट के साथ फोनपे की साझेदारी को समाप्त करेगी। हालांकि कंपनी ने कहा कि वह इसके साथ ही दोनों कंपनियों में बहुलांश शेयरधारिता बरकरार रखेगी।

वैक्सीन मैत्री से विभिन्न देशों से भारत की वैश्विक छवि हुई मजबूत़ : हरिवंश नारायण सिंह
Published / 2023-01-05 10:31:23
वैक्सीन मैत्री से विभिन्न देशों से भारत की वैश्विक छवि हुई मजबूत़ : हरिवंश नारायण सिंह

राष्ट्रमंडल अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में शामिल हुए राज्यसभा के उपसभापतिसीएसपीओसी में राज्यसभा उपसभापति हरिवंश ने कोविडकाल में भारत के प्रयासों की दी जानकारीएबीएन सेंट्रल डेस्क। ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में चल रहे राष्ट्रमंडल अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (सीएसपीओसी) में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कोविड के दौरान भारत की संसद के उठाये गये कदमों की विस्तृत जानकारी दी। दरअसल, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सीएसपीओसी में भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। सम्मेलन में उपसभापति ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान भारतीय संसद के उठाये गये कदमों का सिंहावलोकन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारत में निर्मित टीकों की वैक्सीन मैत्री के रूप में दुनियाभर के विभिन्न देशों में आपूर्ति करने से भारत की वैश्विक छवि मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि भारत की संसद ने कोविड महामारी से निपटने के लिए नवीन प्रथाओं को भी अपनाया। उन्होंने कहा कि भारतीय संसद ने वैश्विक महामारी से निपटने के लिए अपनी नीतिगत पहल में सरकार का समर्थन किया। भारतीय संसद के दोनों सदन इस अवसर पर एक साथ खड़े रहे और उन्होंने शीर्ष विधायी निकाय द्वारा महामारी के दौरान अपने संवैधानिक कर्तव्यों और दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल उपकरणों के माध्यम से संसद सदस्यों की भागीदारी और जनता से जुड़ाव में वृद्धि की है। इसके फलस्वरूप वे संसद की गतिविधियों को नागरिकों के करीब लाए हैं। सम्मेलन में हरिवंश ने कहा कि साइबर स्पेस इको-सिस्टम को सुरक्षित करने के लिए साइबर अपराध, साइबर आतंकवाद और ऐसी अन्य समस्याओं से निपटने के लिए सहयोग की आवश्यकता है। भारत के मूल दर्शन, वसुधैव कुटुम्बकम पर प्रकाश डालते हुए हरिवंश ने कहा कि भारत निश्चित रूप से स्थायी वैश्विक शांति और साझा समृद्धि के लिए आगे बढ़ने के लिए वैश्विक समाज के साथ चलेगा। इस सम्मेलन में उपसभापति के साथ लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय के अधिकारी भी भाग ले रहे हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रमंडल देशों में संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों को एक मंच पर लाना है। इस तरह का पिछला सम्मेलन जनवरी 2020 में कनाडा में आयोजित हुआ था और अगला सम्मेलन 2024 में युगांडा में प्रस्तावित है।

अमेरिका में कोहराम मचाने वाला ओमिक्रोन एक्सबीबी.1.5 का पहला केस भारत में भी
Published / 2023-01-05 09:47:10
अमेरिका में कोहराम मचाने वाला ओमिक्रोन एक्सबीबी.1.5 का पहला केस भारत में भी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राजस्थान के जयपुर में कोरोना के ओमिक्रोन एक्सबीबी.1.5 का पहला केस मिला है। चिकित्सा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार संक्रमित व्यक्ति सीकर का रहने वाला बताया जा रहा है और हाल ही में विदेश से लौटा था। बता दें कि युवक 19 दिसंबर को अमेरिका से जयपुर आया था और 22 दिसंबर को मरीज को तेज बुखार आया था जिसके बाद 23 दिसंबर को कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी। वहीं इसके बाद सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग करायी गयी, जिसमें अमेरिकन वेरिएंट का पता चला। बता दें कि अमेरिका में इस नए वेरिएंट ने कोहराम मचा रखा है। इसकी वजह से ही यूएस में कोरोना केस में बढ़ोतरी देखी जा रही है। वहां फिलहाल कुल केसों में एक्सबीबी और एक्सबीबी.1.5 के करीब 44 फीसदी मामले मिले हैं। जानिए क्या है एक्सबीबी.1.5 वेरिएंट? कोविड का एक्सबीबी.1.5 वेरिएंट एक्सबीबी का सब-वेरिएंट है जो कि बीए.2.75 और बीए.2.10.1 से मिलकर बना है।सिंगापुर, बांग्लादेश, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में एक्सबीबी और एक्सबीबी.1 के कई मामले सामने आए है।  ये नया वेरिएंट बीएफ.7 की तुलना में ज्यादा संक्रामक है।बीएफ.7  वेरिएंट इतना खतरनाक है कि  चीन की स्वास्थ व्यवस्था चरमरा गई है।

2023 में दो-तीन हस्तियों को भारत रत्न देने की तैयारी
Published / 2023-01-05 09:41:28
2023 में दो-तीन हस्तियों को भारत रत्न देने की तैयारी

अब तक 48 लोगों को मिल चुका है यह सम्मानएबीएन सेंट्रल डेस्क। इस साल मोदी सरकार दो से तीन हस्तियों को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित कर सकती है। साल 2019 में तीन हस्तियों प्रणब मुखर्जी, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करने के बाद से मोदी सरकार ने भारत रत्न के लिए किसी के नाम की घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस से पहले इस सर्वोच्च सम्मान के लिए राष्ट्रपति को सिफारिश भेजेंगे।सूत्रों के मुताबिक नेताजी सुभाष चंद्र बोस को सर्वोच्च सम्मान देने के लिए उनके परिवार को मनाने की कोशिश हो सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले नरसिंह राव सरकार के दौरान नेताजी को उनके परिवार के विरोध के कारण सर्वोच्च सम्मान नहीं दिया जा सका। साल 2014 में भी इस आशय की चर्चा चली थी। हालांकि परिवार के सदस्य नेताजी की मृत्यु से परदा हटाने की मांग करते रहे हैं।करीब 68 साल पहले शुरू हुए इस सर्वोच्च सम्मान से अब तक 48 हस्तियों को सम्मानित किया जा चुका है। पहली बार साल 1954 में आजाद भारत के पहले गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राज गोपालाचारी, वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकटरमन और सर्वपल्ली राधाकृष्णन को दिया गया था।गौरतलब है कि मोदी सरकार के बीते करीब नौ साल के कार्यकाल में अब तक पांच हस्तियों को सर्वोच्च सम्मान दिया जा चुका है। दिवंगत मुखर्जी, हजारिका और देशमुख से पहले मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में साल 2015 में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय को यह सर्वोच्च सम्मान दिया गया था। इसके चार साल बाद बीते लोकसभा चुनाव के कुछ महीने बाद तीन हस्तियों को सर्वोच्च सम्मान देने की घोषणा की गयी थी।

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