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कांके प्रखंड में श्रद्धालु भक्तों ने लिया एक बुराई त्याग, एक अच्छाई ग्रहण करने के साथ यज्ञमय व निर्मल जीवन जीने का संकल्प
Published / 2024-12-19 20:40:50
कांके प्रखंड में श्रद्धालु भक्तों ने लिया एक बुराई त्याग, एक अच्छाई ग्रहण करने के साथ यज्ञमय व निर्मल जीवन जीने का संकल्प

ईश्वर विश्वास मनुष्य जीवन की सार्थकता और सुव्यवस्था के लिए बहुत आवश्यक है, भ्रम-भ्रांति से उबरें : त्रिलोचन साहूएबीएन सोशल डेस्क। गायत्री परिवार युगतीर्थ शांतिकुञ्ज हरिद्वार उतराखंड से जो दिव्य ज्योति कलश चलकर झारखंड की गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा तीर्थ में आया, वह शांतिकुञ्ज हरिद्वार संबंधित मुख्य मुख्य प्रकोष्ठ प्रभारी और झारखंड के 24 जिलों के प्रतिनिधिमंडल नायकों और परिजनों के सान्निध्य में उनका विधिवत स्वागत अभिनन्दन, पूजा-पाठ करके रांची शहर में 4 दिसम्बर से पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण की प्रथम चरण में अनेकानेक मुहल्लों में दर्शन, पूजन-अर्चन व देव स्थापन कर धन्य हुए। आज रांची जिला के प्रखंडों में आज प्रथम कांके प्रखंड क्षेत्र में प्रवेश किया। शांतिकुञ्ज और गुरुवर श्रीआचार्य वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पण्डित श्रीराम आचार्य एवं सजल श्रद्धा व शक्ति स्वरूपा गुरुमाता भगवती देवी का भारत भूमि पर अवतरण कथा, उनकी 21 वी सदी के नवयुगनिर्माण,उत्कृष्ट विचार का व्यापक संदेश अभियान के अंतर्गत यहां ब्रह्मचारी नगर महावीर मंदिर परिसर में, महिला मंडल प्रतिनिधित्व में कांके ब्लॉक चौक में,पतरा टोली हनुमान मंदिर परिसर में फिर संध्याकाल में शिव मंदिर में गायत्री-दीपयज्ञ हुआ। यहां क्षेत्र के  करीब 250 भक्तों ने भागीदारी की और दर्जनों ने गायत्री महामंत्र की दीक्षा संस्कार, देव स्थापना, पूजन पद्धति के 5 सूत्र पर प्रकाश डाल यज्ञीय वातावरण में जन्मदिवस संस्कार कराए। इस दौरान प्रतिनिधि नायक त्रिलोचन साहू ने अपने संबोधन में ईश्वर-विश्वास विषय पर संक्षिप्त आध्यात्मिक प्रकाश डालकर बताया कि  ईश्वर-विश्वास मनुष्य जीवन की सार्थकता और सुव्यवस्था के लिए बहुत आवश्यक है। यों तो सामान्य नैतिक सिद्धांतों पर आस्था रखते हुए भी मनुष्य नेक जीवन जी सकता है, अपने व्यक्तिगत उत्कर्ष और सामाजिक उन्नति में सफल योगदान दे सकता है, लेकिन ईश्वर-विश्वास के अभाव में वह कभी भी भटक सकता है। एक सर्वव्यापी सर्वसमर्थ न्यायकारी सत्ता के रूप में ईश्वर की मान्यता मनुष्य को अदर्शनिष्ठ, समाजनिष्ठ तथा विकासोन्मुख रखने में उपयोगी सिद्ध हो सकती है। कहा कि आस्तिकता आज उपेक्षणीय नहीं अपेक्षित है। यज्ञीय अनुष्ठान, संस्कारवान जीवन, सन्मार्ग, सत्कर्म, सद्विचार संवर्धन, अवांछनीयता उन्मूलन पर कई उदाहरण दृष्टांत प्रस्तुत कर प्रकाश डाले। कहा कि अनगढ़ता से सुगढ़ता में प्रवर्तन का नाम संस्कार है। परिष्कृत जीवन जीना ही संस्कारित जीवन है। बताया कि जन्मना जायते शूद्र, संस्कराद् द्विज उच्यते। बोओ और काटो का सिद्धांत सूत्र बताया। प्रथम बेला में इस अवसर पर नये परिजन भक्तों ने एक कुंडीय यज्ञ कार्यक्रम भी कराया और यज्ञीय पूर्णाहूति की साक्षी में श्रद्धालु भक्तों ने एक बुराई त्याग, एक अच्छाई ग्रहण करने के साथ यज्ञमय व निर्मल जीवन जीने संकल्प लिया। मौके पर प्रज्ञागीत के स्वर, जयघोष के जयकारा व नारों पूरा क्षेत्र गुंजायमान हुआ। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह प्रदेश प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद ने दी।

एक वर्षीय है गायत्री परिवार का ज्योति कलश रथ दर्शन व कार्यक्रम यात्रा
Published / 2024-12-18 20:57:33
एक वर्षीय है गायत्री परिवार का ज्योति कलश रथ दर्शन व कार्यक्रम यात्रा

भारतीय देव संस्कृति एक अनमोल धरोहर है, महत्व समझें और लाभ उठायें : त्रिलोचन साहू एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुञ्ज हरिद्वार मार्गदर्शन में संचालित दिव्य ज्योति कलश रथ-दर्शन यात्रा आयोजन रांची शहर में संपन्न हुआ। इस दौरान शांतिकुञ्ज प्रतिनिधि त्रिलोचन साहूजी ने बताया कि ऋषियों की महान परंपरा, ईश्वर और धर्म के प्रति आस्था एक महान विभूति है। यह आस्था व्यक्ति को सद्गुणी, संस्कारवान बनाती है, व्यक्ति की अंतर्निहित उन विशेषताओं को उभारती है, जिनके कारण मनुष्य को सृष्टि का मुकुटमणि, ईश्वर का राजकुमार बनने का अवसर मिला है।मानवीय आस्था ही भारतीय देव संस्कृति की जननी है एक अनमोल धरोहर है। मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण करने वाली दिव्य संपदा है। संबोधन में गायत्री परिवार शांतिकुञ्ज हरिद्वार के प्रतिनिधि नायक त्रिलोचन साहू ने दिव्य ज्योति कलश रथ-दर्शन यात्रा दौरान रथ यात्रा के उद्देश्य, योजना, अभियान पर कार्यक्रम में उपस्थित गायत्री परिवार कार्यकर्ताओं, नये सदस्यगणों और दर्शकों को बताया। रांची शहर में 4 से 18 दिसंबर तक संचालित अनेक क्षेत्रों के बाद आज हटिया व डोरंडा में कई कार्यक्रम आयोजन के साथ शहरी कार्यक्रम प्रथम चरण में संपन्न हुए। इसके साथ ही अखंड दीपक की ज्योति प्रज्ज्वलन दिवस और गुरुमाता भगवती देवी के जन्म अवतरण दिवस का एक साथ होने के महत्व, महिमा, प्रभाव, जीवन वृतांत और भविष्य के क्रिया-कलाप  पर प्रकाश डालकर बताया। गुरुदेव वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य के जीवन-क्रम, पिछले तीन जन्मों के विवरण के साथ चौथा इस जीवन के क्रिया-कलाप, जपतपव्रत अनुष्ठान, पुरश्चक्रण अनुष्ठान, ऋषि परंपरा का निर्वाह, कीलित गायत्री महामंत्र का अभिशाप उत्कीलन, गायत्री मंत्र दीक्षा, सबके लिए सर्वसुलभ करना, भारतीय संस्कृति के निमार्ता, यज्ञ पिता गायत्री माता, नव युग सृजन योजना, विचार क्रांति अभियान, 21 वी सदी उज्जवल भविष्य एवं नारी सदी, हमारी वसीयत और विरासत, महाशक्ति की लोक यात्रा, आप हमारा काम करो, हम तुम्हारा काम करेंगे। अध्यात्म एक नगद धर्म है आदि अनेक गुह्य विवरण पर प्रकाश डालकर दीपयज्ञ विधान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुए।  ज्योति कलश रथ-दर्शन भ्रमण यात्रा कार्यक्रम दौरान सैकड़ों श्रद्धालु व नये भक्तों ने इसका उद्देश्य महिमा उपयोगिता लाभ समझकर अपने परिवार के लिए देव स्थापना कराये। प्रांतीय जोन समन्वयक ने बताया कि यह  कलश रथ-दर्शन यात्रा कार्यक्रम रांची जिला के प्रखंडों के साथ साथ पूरे झारखंड में भ्रमण कर जन-जन को एक वर्ष तक शांतिकुञ्ज का कार्यक्रम व संदेश पहुंचाया जायेगा। यह रथ-दर्शन भ्रमण यात्रा झारखंड सहित पूरे भारत में एक वर्ष तक संचालित होगा। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह प्रदेश प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद ने दी।

रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन की दोनों अन्नपूर्णा सेवा में 440 लोगों ने किया भोजन
Published / 2024-12-18 20:56:22
रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन की दोनों अन्नपूर्णा सेवा में 440 लोगों ने किया भोजन

टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के द्वारा संचालित पहाड़ी मंदिर रोड स्थित श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर अन्नपूर्णा सेवा 230 लोगों ने भोजन प्राप्त किया। आज की इस अन्नपूर्णा सेवा स्व राजकिशोर मोदी एवं स्व चंदा देवी मोदी देवी की पुण्य स्मृति में उनके पुत्रों ने किया। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के द्वारा संचालित पुरुलिया रोड स्थित स्वर्णभूमि अन्नपूर्णा सेवा केंद्र में 210 लाभुकों ने भोजन प्राप्त किया। दोनों अन्नपूर्णा सेवा में 440 लोगों ने भोजन किया। मौके पर अन्नपूर्णा सेवा के संयोजक सुरेश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि माता अन्नपूर्णा लोगों को इसी प्रकार सेवा करने की प्रेरणा प्रदान करें और प्रभु की कृपा सदैव सबों के परिवार पर बनी रहे। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा निरंतर चलती रहेगी। दोनों अन्नपूर्णा सेवा विगत 33 माह से प्रतिदिन निरंतर सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। इस अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन के जिला अध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार, महामंत्री विनोद कुमार जैन, प्रमोद अग्रवाल, पुरुषोत्तम विजयवर्गीय, प्रदीप नारसरिया, मनोज रुइया, द्वारका प्रसाद अग्रवाल, निर्भय शंकर हरित, सांवरमल बुधिया, राजेंद्र अग्रवाल, रमेश बंका, संजय सर्राफ, सहित कई सदस्य उपस्थित थे। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि दोनों अन्नपूर्णा सेवा स्व सत्यनारायण नारसरिया एवं स्व शारदा देवी नारसरिया की स्मृति में एवं रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के द्वारा संचालित है।

दुनिया के प्रसिद्ध तबला नवाज़ उस्ताद ज़ाकिर हुसैन का जाना तबला जगत के लिए अपूरणीय क्षति
Published / 2024-12-18 13:26:25
दुनिया के प्रसिद्ध तबला नवाज़ उस्ताद ज़ाकिर हुसैन का जाना तबला जगत के लिए अपूरणीय क्षति

सौरभ दुबेएबीएन सोशल डेस्क। मशहूर तबला वादक और पद्म विभूषण से सम्मानित उस्ताद  ज़ाकिर हुसैन लगभग 2 हफ़्ते से बीमार चल रहे थे। रविवार को इलाज के दौरान निधन हो जाने से संगीत जगत में शोक की लहर है।ज़ाकिर हुसैन महज़ 12 साल की उम्र में संगीत की दुनिया में क़दम रख लिया था।छोटी उम्र से ही उन्होंने तबले की आवाज़ से जादू बिखेरना शुरू कर दिया था। उन्होने 1973 में अपना पहला अलबम लिविंग इन द मटेरीयल वर्ल्ड आया था।उन्होंने अपने जीवन में कई अंतरराष्ट्रीय समारोहों और अलबमों में अपने तबले का दम दिखाया। ज़ाकिर हुसैन को केवल 37 साल की उम्र में 1988 में पद्मश्री से सम्मानित  किया गया। उसके बाद 2002 में संगीत के क्षेत्र में  उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण का पुरस्कार दिया गया था।12 मार्च 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया था।ज़ाकिर हुसैन को 1992 और 2009 में संगीत का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रैमी अवार्ड से सम्मानित किया गया था। ज़ाकिर हुसैन दुनिया से अलविदा कह गये, लेकिन संगीत की दुनिया में वह अमर है। शहर के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक सौरभ दुबे को भी तबला नवाज़ का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है । उस्ताद जी को विनम्र श्रद्धांजलि...।

भक्तिमय वातावरण में मना परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम महाविभूति कलश और चरण पादुका स्थापना दिवस
Published / 2024-12-16 21:03:57
भक्तिमय वातावरण में मना परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम महाविभूति कलश और चरण पादुका स्थापना दिवस

एबीएन सोशल डेस्क। 15 और 16 दिसंबर को श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रांची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, रांची) में परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम महाविभूति कलश और चरण पादुका स्थापना दिवस सह आदिगुरु भगवान दत्तात्रेय जयंती के उपलक्ष्य पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जमशेदपुर, डालटनगंज, गुमला, घाघरा, धनबाद इत्यादि शाखाओं से सैकड़ों श्रद्धालु सदस्यगण सम्मिलित हुए।कार्यक्रम में नारायणपुर, छत्तीसगढ़ से आये पूज्य उत्साही राम जी ने परम पूज्य अघोरेश्वर स्मृति स्थल पर आरती-पूजन कर अघोरान्ना परो मंत्र: नास्ति तत्त्वं गुरौ परम का अष्टयाम् संकीर्तन का शुभारंभ किया गया। संकीर्तन का समापन आज प्रात: 9.30 बजे हुआ। कल के कार्यक्रम में एक दिवसीय नि:शुल्क चिकित्सा एवं दवा वितरण शिविर भी आयोजित किया गया था, जिसमें कुल 245 रोगियों को नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श एवं दवा वितरण किया गया। चिकित्सा शिविर में डॉ एसएन सिन्हा, डॉ रंजन नारायण, डॉ शंकर रंजन, डॉ रोहित सिंह, डॉ उत्पल कुमार, डॉ एस त्रिगुनायक, डॉ एमडी फिरदौस एवं डॉ स्मृति कुमारी ने चिकित्सीय सेवा प्रदान किया।  चिकित्सा शिविर में रक्त जांच की भी सुविधा दी गयी, जिसमें ब्लड शुगर, हेमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड इत्यादि जांच का लाभ लोगों ने उठाया। आज प्रात: अष्टयाम् संकीर्तन के समापन के बाद लघु गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें जमशेदपुर से रमाशंकर सिंह, गुरी-पलामू से संजीत मिश्रा, मरहटीया से बिरेन्द्र चौबे, रिटायर्ड डीएसपी एसएन सिंह, गुमला से बिपिन जी, मनोविज्ञान के प्रो अजय कुमार सिंह, डाल्टनगंज से सुधीर कुमार सिंह, रांची शाखा से मनमथनाथ देवघरिया ने अपने अनुभव एवं विचार रखे। अंत में नारायणपुर, छत्तीसगढ़ से पधारे पूज्य उत्साही राम बाबाजी ने अपने आशीर्वचन से सबका मार्गदर्शन किया। रांची शाखा के संयुक्त मंत्री अभय सहाय ने सबका धन्यवाद ज्ञापण किया और उसके उपरांत श्रद्धालु-सदस्यों के बीच सामूहिक प्रसाद वितरण किया गया। साथ ही रात्रि 10 बजे नगर में घूमकर जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण कर के दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन किया गया। 

छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सभी अभिभावक चिंतित और परेशान
Published / 2024-12-14 21:25:08
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सभी अभिभावक चिंतित और परेशान

झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने छात्रा के साथ छेड़खानी की कड़ी निंदा की टीम एबीएन, रांची। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन अध्यक्ष अजय राय एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने राजधानी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक स्कूली की छात्रा के साथ छेड़खानी की घटना की कड़ी शब्दों में निंदा की है। तथा उन्होंने पुलिस प्रशासन से ऐसे मनचलों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि राजधानी में शर्मनाक एवं घृणित कार्य तेजी से बढ़ रहा है। रांची मे झारखंड के अलावा अन्य राज्यों से भी छात्राएं पढ़ाई करने आती है। अपराधकर्मियों का पुलिस का खौफ बिल्कुल खत्म हो गया है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है। तथा अपने बेटियों की सुरक्षा को लेकर सभी अभिभावक चिंतित एवं परेशान  हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस उन सभी क्षेत्रों को चिन्हित कर सभी क्षेत्रों में पुलिस की गश्त तेज करते हुए छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। राजधानी में ऐसी हरकत करने वालो को अति शीघ्र गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

15 को मनायी जायेगी धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व अन्नपूर्णा जयंती
Published / 2024-12-13 21:04:23
15 को मनायी जायेगी धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व अन्नपूर्णा जयंती

हर व्यक्ति को पर्याप्त भोजन मिले और कोई भी भूखा ना रहे,अन्न का सदुपयोग करें उसे व्यर्थ फैंके नहीं : संजय सर्राफ एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं राष्ट्रीय सनातन एकता मंच के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि अन्नपूर्णा जयंती हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाला एक प्रमुख पर्व है, जो देवी अन्नपूर्णा की जयंती के रूप में मनाया जाता है। अन्नपूर्णा का अर्थ है जो अन्न प्रदान करने वाली हैं, और उन्हें भोजन, पोषण और समृद्धि की देवी के रूप में पूजा जाता है। पूर्णिमा तिथि को अन्नपूर्णा जयंती होती है इस वर्ष 14 दिसंबर को 4 बजकर 58 मिनट से मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि की शुरूआत होगी. इस तिथि की समाप्ति 15 दिसंबर को दोपहर 2 बजकर 31 मिनट पर होगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, 15 दिसंबर को अन्नपूर्णा जयंती होगी। माना जाता है कि मार्गशीर्ष की पूर्णिमा तिथि पर ही मां पार्वती ने अन्नपूर्णा का रूप धारण किया था, इसलिए हर साल इसी तिथि पर अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है।अन्नपूर्णा देवी का पूजन विशेष रूप से उन भक्तों के लिए होता है, जो अन्न, भोजन और समृद्धि की कामना करते हैं। देवी अन्नपूर्णा का प्रमुख स्वरूप एक महिला देवी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जो एक कटोरी में अन्न लेकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी अन्नपूर्णा ने भगवान शिव को भोजन दिया था, जब वे भूख से व्याकुल थे। इस प्रकार अन्नपूर्णा देवी को संसार में अन्न और खाद्य की देवी माना जाता है,और उनकी पूजा से घरों में समृद्धि और सुख-शांति का वास होता है। अन्नपूर्णा जयंती का पर्व विशेष रूप से घरों में पूजा और व्रत के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से शुद्ध शाकाहारी भोजन का सेवन किया जाता है और घरों में साफ-सफाई की जाती है। भक्तगण देवी अन्नपूर्णा के मंदिरों में जाकर उनकी पूजा करते हैं और अन्न, चावल, फल, और अन्य खाद्य सामग्री का भोग अर्पित करते हैं। इसके साथ ही गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन दान करने की परंपरा भी है, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है। अन्नपूर्णा जयंती पर विशेष रूप से यह संदेश दिया जाता है कि हमें अन्न का सदुपयोग करना चाहिए और उसे व्यर्थ नहीं फेंकना चाहिए। देवी अन्नपूर्णा का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भक्त शुद्ध आस्था और श्रद्धा के साथ उनकी पूजा करते हैं, ताकि जीवन में समृद्धि, सुख, और शांति का वास हो सके। इस दिन को लेकर समाज में जागरूकता फैलाने का भी महत्व है, खासकर खाद्य संकट और भुखमरी जैसी समस्याओं के संदर्भ में। अन्नपूर्णा जयंती इस बात का प्रतीक है कि हर व्यक्ति को पर्याप्त भोजन मिले और कोई भी भूखा न रहे। इसके माध्यम से हम अपने समाज में एक सकारात्मक और समृद्ध वातावरण का निर्माण कर सकते हैं। अंतत:, अन्नपूर्णा जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन में अन्न की महत्ता, परिश्रम, और दान की भावना का पाठ भी पढ़ाती है।

गायत्री साधकों ने 12-12 को याद कर की 24 की मंगलमय चर्चा
Published / 2024-12-12 20:33:19
गायत्री साधकों ने 12-12 को याद कर की 24 की मंगलमय चर्चा

ज्योति कलश रथ-दर्शन यात्रा विचार क्रांति अभियान का भाग है : त्रिलोचन साहू शांतिकुञ्ज प्रतिनिधिएबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज हरिद्वार के तत्वावधान में चलाये जा रहे दिव्य अखंड ज्योति व भव्य कलश रथ दर्शन में आध्यात्मिक  भक्तजनों की दर्शन व अभिनंदन में भीड़ उमड़ रही है। आज गुरुवार को करमटोली, मोराबादी एदलहातु, सिद्धो-कान्हो पार्क, राम मंदिर, जवाहर नगर, गांधी नगर, सीएमपीडीआई , ब्रह्मचारी नगर सहित कई क्षेत्र, कई मुहल्ला, कस्बों में भ्रमण दर्शन हुआ।  इस बीच विचार क्रांति अभियान के अंतर्गत प्रचार प्रसार करने वाली एक समय बिहार भोजपुर आरा टीम नायक के मार्गदर्शन व सम्पर्क में गायत्री परिवार के तत्कालीन कुछ नये जुड़े साधकों ने याद करते हुए बताया कि वो  वर्ष 1988 का वह दिनांक 12-12-88 था, तब गायत्री महाविद्या का एक शिक्षण दिवस था जिसमें यह साधक श्रद्धा पूर्वक जुड़ा और इस 24 अक्षर वाला गायत्री महामंत्र सस्वर पाठ व संवाद हमेशा हर साल विशेष वर्षगांठ के रूप में याद करता है। आज फिर साधक ने याद किया और याद कर बताया कि इसी अखंड ज्योति सानिध्य में परम पूज्य गुरुदेव वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य दादा गुरुदेव के सानिध्य,मार्गदर्शन संरक्षण में 24-24 लाख की 24 की गायत्री महामंत्र का पुरश्चक्रण अनुष्ठान संपन्न किये थे और परम वंदनीया माताश्री भगवती देवी द्वारा अपने समयकाल में लगभग 24 देश- विदेशों 24 से अधिक अश्वमेध महायज्ञ भी कराये। उसी दिव्य अखंड ज्योति प्रकाश के प्रसार-विस्तार में यह ज्योति कलश रथ-दर्शन यात्रा भ्रमण कर अपना प्रचंड विस्तार में है। बताया गया यह रथ-दर्शन भ्रमण यात्रा झारखंड प्रान्त के 24 जिला और इसके समस्त प्रखंड पंचायत में भी जन-जन को दर्शन करायेगी। टीम नायक साहुजी ने बताया कि यह भव्य ज्योति कलश रथ दर्शन यात्रा विचार क्रांति अभियान का भाग है।  उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह प्रदेश प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद ने दी।

युवा दिवस पर 12 जनवरी को डेढ़ लाख श्रीराम- हनुमान भक्त सामूहिक हनुमान चालीसा में लेंगे भाग
Published / 2024-12-11 21:47:09
युवा दिवस पर 12 जनवरी को डेढ़ लाख श्रीराम- हनुमान भक्त सामूहिक हनुमान चालीसा में लेंगे भाग

अंजनी धाम तीन दिवसीय माता अंजनी महोत्सव 10 से : बाबा दिवाकर पाठक झारखंड बंगाल और छत्तीसगढ़ की कीर्तन मंडलियां 48 घंटे का अखंड हरी कीर्तन करेंगे गोरखपुर के राष्ट्रीय भजनिक आदर्श मिश्रा की अगवाई में सुंदरकांड और भजन संध्या का होगा कार्यक्रम  तीन दिनों तक लगातार चलेगा भंडारा का कार्यक्रम प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी भेजा जा रहा है निमंत्रण पत्र देश के बड़े साधु- संतों को भी बुलाने की है तैयारी टीम एबीएन, लोहरदगा। हनुमान जी की जन्मस्थली अंजन धाम में दस से 12 जनवरी 2025 तक तीन दिवसीय माता अंजनी महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय युवा दिवस स्वामी विवेकानंद की जयंती के दिन संपन्न होगा। 12 जनवरी को श्री रामभक्त हनुमान जी को समर्पित भजन सह भक्ति संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। यह जानकारी अंजन धाम समिति राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा दिवाकर पाठक ने दी। वह कमेटी के सदस्यों के साथ 10 दिसंबर को लोहरदगा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने बताया कि 12 जनवरी को अपराह्न तीन बजे से सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। इसमें डेढ़ लाख से अधिक राम हनुमान भक्त शामिल होंगे। गतवर्ष एक लाख लोग सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ में सहभागिता किए थे। बाबा दिवाकर पाठक ने कहा कि हनुमान जन्मस्थली अंजन धाम को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से पिछले कुछ वर्षों से यह कार्यक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का शुभारंभ 10 जनवरी को सुबह आठ बजे से होने वाले 48 घंटे के अखंड हरी कीर्तन से होगा। इसी दिन दोपहर एक से लगातार तीन दिनों तक भंडारा चलता रहेगा। अखंड हरी कीर्तन में बंगाल, छत्तीसगढ़ और मेजबान झारखंड के कई कीर्तन मंडलियां भाग लेंगी। 12 जनवरी को प्रात: आठ बजे से काशी- विश्वनाथ के 11 विप्र जनों की अगुवाई में रुद्राभिषेक और माता अंजनी और हनुमान जी की विशेष पूजा अर्चना की जायेगी। पूर्वाहन 11बजे से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित भजनिक आदर्श मिश्रा, अर्चना राज और सुरेश मिश्रा आदि की अगुवाई में सुंदरकांड भजन और आध्यात्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जायेगा।  बाबा दिवाकर पाठक ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री समेत कई केंद्रीय मंत्रियों झारखंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री समेत देश के बड़े साधु- संतों को भी कार्यक्रम में आने का निमंत्रण भेजा जा रहा है। अतिथियों को सम्मानित किया जाएगा। यही नहीं पूजा में सहभागिता करने वाले तमाम भक्तों के लिए अंजन धाम समिति की ओर से पूजन सामग्री उपलब्ध करायी जायेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में तमाम सदस्यों ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे घोर अन्याय और अत्याचार की कड़ी निंदा करते हुए यूनाइटेड नेशन से हस्तक्षेप करने की मांग की गयी। इसके अलावा अंजन धाम समिति ने भारत और झारखंड सरकार से रांची लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा जिले के धार्मिक स्थलों को पर्यटक पर्यटन कॉरिडोर बनाने की मांग कर इसके लिए पहल करने की मांग की। इस कॉरिडोर में लोहरदगा के चूल्हापानी स्थित दामोदर उद्गम स्थल, खखपरता शिव धाम,कोराम्बे महामाया मंदिर, महादेव मंडा सलगी, गढ़गांव चंदवा, गुमला जिले के टांगीनाथ धाम, हापामुनि मंदिर, नवरत्नगढ़ सिंसई, सिरासीता धाम, रांची जिला के जगन्नाथ मंदिर, सिमडेगा जिला के रामरेखा धाम आदि को जोड़कर पर्यटन कॉरिडोर बनाने की मांग की गई है। समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के झारखंड आगमन पर अंजन धाम का उल्लेख करने और लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत के द्वारा लोकसभा में अंजन धाम को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग के लिए धन्यवाद जताते हुए आभार प्रकट किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में समिति के सुनील अग्रवाल, उदय मुखर्जी, मुकेश कुमार सिंह पप्पू, कुमार विजय भगत, अभय महतो, महेंद्र प्रजापति, प्रदीप सिंह, पवन भगत, मनीष राजगढ़िया, विनीत कुमार, जागेश्वर साहू, बबलू महतो आदि मौजूद थे।

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