आश्रम मे समाज के हर वर्ग का सहयोग और प्रोत्साहन मिलना चाहिए : संजय सर्राफ एबीएन सेंट्रल डेस्क। परमहंस डॉ संत शिरोमणी श्री श्री 108 स्वामी सदानंद महाराज के सान्निध्य में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में संचालित विगत 22 माह से चल रहे पीड़ित मानव सेवा के पावन तीर्थ स्थल मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम पुंदाग के प्रांगण में सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम (सत्य-प्रेम सभागार) रांची में आज के भोजन बबली कुमारी के सौजन्य से आश्रम में रह रहे 42 मंदबुद्धि दिव्यांग निराश्रित प्रभु जी एवं आश्रम में रहकर उनकी सेवा करने वाले सेवादार साथियों के बीच विभिन्न व्यंजनों के साथ अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसादी का विधिवत आश्रम के किचन में भोजन बनवाकर भोजन खिलाया गया। अपना घर आश्रम के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि 2 से 18 नवंबर तक 17 दिनों में 3420 निराश्रित प्रभुजी एवं उनकी देखभाल करने वाले सेवादार साथियों के बीच अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसाद का वितरण किया गया। मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम सदगुरू कृपा अपना घर (सत्य-प्रेम सभागार) में अनिष्क नारायण, गोपी किशन छापड़िया, ताराचंद्र काबरा, दीपिका कुमारी, सुरेंद्र सिंह, डॉ निरंजन वाराणसी, विजय सिंह राणा, राजेंद्र प्रसाद, मुकेश काबरा, स्व. आकाश बाजोरिया, सौरभ कुमार, सुशीला देवी, बंसी प्रसाद, छवि जालान, विकास अग्रवाल, नवीन मोदी के सौजन्य से सभी निराश्रित प्रभुजी को भोजन प्रसादी खिलाकर सेवा की गयी।सभी ने ट्रस्ट के सदस्यों को बहुत-बहुत धन्यवाद एवं अपना अमूल्य आशीर्वाद दिया। प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि इसके अलावे कई लोगों द्वारा आश्रम में रह रहे निराश्रितो, मंदबुद्धि, दीनबंधुओं के लिए खाद्य सामग्री एवं जरूरत के समान प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों को समाज के हर वर्ग का सहयोग और प्रोत्साहन मिलना चाहिए।अन्नपूर्णा सेवा के पुनीत कार्य में ट्रस्ट के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज कुमार चौधरी, निर्मल छावनिका, सज्जन पाड़िया, पुजारी अरविंद पांडे, पुरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल,नन्द किशोर चौधरी, संजय सर्राफ, विशाल जालान, सुनील पोद्दार, मधुसूदन जाजोदिया, विष्णु सोनी, सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।
एबीएन सोशल डेस्क। गायत्री परिवार के 25 से अधिक सक्रिय भाई बहनों ने मिलकर रांची एयरपोर्ट के पास हुंडरू गांव में घर-घर जाकर संपर्क किया। शांतिकुंज हरिद्वार का संदेश विचार क्रांति अभियान, मानव में देवत्व और धरती पर स्वर्ग का अवतरण का संदेश बताते हुए गुरुदेव रचित साहित्य अखंड ज्योति पत्रिका, हारिए न हिम्मत, गायत्री चालीसा, सनबोर्ड का देव स्थापना का फोटो प्रत्येक घर में इन सब साहित्य का महत्व बताते हुए प्रदान किया गया। बुढ़मू ब्लॉक के गांव सोसइ उमेडंडा, छोटका मुरू, अकतन अनातू और कांके ब्लॉक के पतराटोली,बूटी बस्ती, बूटी महावीर नगर, बोड़िया, होचर, चटकपुर, जयप्रकाश नगर बरियातू, रेलाडीह, भोरांगडीह, बहाडीह, चंदाघासी, टाटीसिल्वे, रातु ब्लाक, हजाम (दसमाईल) क्षेत्रीय गांव सहित 250 घरों में संपर्क किया गया गया। गांव में 125 सार्वजनिक जगहों पर सद्ववाय स्टीकर भी लगाया गया। दीपक दयाल प्रसाद ने बताया कि इन क्षेत्र के ग्राम तीर्थ योजना के अंतर्गत अब तक 64 लोग अखंड ज्योति एवं युग निर्माण योजना के पाठक बन चुके हैं।उन्होंने बताया कि शांतिकुञ्ज तत्वावधान में गायत्री परिवार की गांव-गांव की यह तीर्थ योजना कार्यक्रम का क्रम आगे तेजी से जारी रहेगा। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के दीपक दयाल प्रसाद और जय नारायण प्रसाद ने दी।
विद्या विभूति सबके लिए है, इसका लाभ सबको मिले : सुलोचना शाहदेवटीम एबीएन, रांची। रांची जिलांतर्गत नवगठित प्रखंड समन्वय समिति समन्वय के तहत गायत्री परिवार कांके प्रखंड गायत्री प्रज्ञा केंद्र में संचालित 60 वें सप्ताह में बच्चों की संख्या 45 हो गई है। इसकी संचालिका सुलोचना शाहदेव, कृति शाहदेव, सुरुचि रंजन सहित टीम सदस्यों ने बाल दिवस खूबसूरत ढंग से मनाया। बाल दिवस अवसर पर बहुत से कार्यक्रम हुए जिसमें संगीत, नृत्य, खेल, प्रज्ञा योग जैसे कार्यक्रम में बच्चों ने भाग लिया और उनके प्रोत्साहन के लिए उन्हें पुरस्कार और उपहार देकर उनका मनोबल बढ़ाया गया। मौके पर अखंड दीप प्रज्ज्वलित कर गुरुसत्ता, मातृ सत्ता का ध्यान, गायत्री महामंत्र का सस्वर पाठ व वंदना सहित बच्चों में सुसंस्कारिता संवर्धन प्रकरण पर प्रकाश डाला गया। सुलोचना शाहदेव ने बताया कि कुसंस्कारों का हटाकर नये संस्कार स्थापित करना दूने परिश्रम के बराबर है। युग परिवर्तन की इस पवित्र बेला में यह अति आवश्यक हो गया है कि हमारी नयी पीढ़ी सुसंस्कारवान बने। बताया गया कि सही संस्कार व परामर्श सही समय पर मिले तो उसका परिणाम श्रेष्ठ निकलता है। इसके लिए यह संजीवनी विद्यायुक्त संस्कार विभूति सबके लिए है। इसका लाभ सबको मिले, यही हमारे बाल संस्कार का लक्ष्य है। समाज में अनगढ़ लोग बहुत रहते हैं और सुयोग्यों की कमी पाई जाती है।विचार क्रांति अभियान अंतर्गत शिशु, बालक, माता-पिता, कुल परिवार तथा समाज के लिए विडंबना न बने, बल्कि सौभाग्य व गौरव का कारण बने। आज उनके शारीरिक, बौद्धिक, नैतिक तथा भावनात्मक नव-निर्माण व विकास के लिए शिशुओं में संस्कार प्रकरण व संस्कारवान बनना आवश्यक है। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने दी।
लालपुर पीस रोड स्थित गुजराती पटेल भवन में श्रीराम कथा सुनने को उमड़े श्रद्धालु टीम एबीएन, रांची। लालपुर पीस रोड स्थित गुजराती पटेल भवन में गुरुवार से शुरू हुआ अखंड सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। प्रातःकालीन आरती के मुख्य यजमान अनिल कुमार अग्रवाल, उनकी पत्नी शोभा अग्रवाल के साथ ही अमित खीरवाल और रवि भल्ला ने विधि-विधान से पूजन-अर्चना कर पाठ का शुभारंभ किया।इसके बाद दिन भर श्रीहनुमान चालीसा पाठ के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. बच्चे, युवा से लेकर बुजुर्गों तक में पाठ करने को लेकर उत्साह बना रहा। पाठ के बाद आयोजन स्थल के पहले तल्ले पर भंडारा सह प्रसाद की व्यवस्था की गयी है। पाठ करने के बाद श्रद्धालु भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते हैं।चौथे दिन के भंडारे के लिए सारी व्यवस्था ललिता बजाज, राजेश केजरीवाल, ओम प्रकाश जालान और सुशील अग्रवाल ने की। वही बालाजी महाराज के सवामनी भोग प्रसाद की व्यवस्था झारग्राम से आये राजेश अग्रवाल की ओर से की गयी। श्री नरसिंह बांध बालाजी धाम रांची शाखा के अनिल अग्रवाल, राजेश लड़या, पवन अग्रवाल, संदीप गोयल, अंकित अग्रवाल, विनोद कुमार पांडेय आयोजन को सफल में दिन-रात जुटे हैं।इसके अलावा बालाजी धाम रांची शाखा के अन्य सदस्य भी आयोजन को सफल बनाने के लिए तन, मन, धन से जुटे हैं. दिन भर श्रद्धालु श्री नरसिंह बांध बालाजी धाम, बर्नपुर आसनसोल से पधारे संतोष भाई जी आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ रोजी-रोजगार सहित अन्य समस्याओं के समाधान के लिए उनका मार्गदर्शन प्राप्त कर श्रद्धालुओं का कहना है कि संतोष भाई जी के मार्गदर्शन से उनमें उत्साह व नयी ऊर्जा का संचार होता है। संतोष भाई जी सभी को ज्यादा से ज्यादा से श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने को प्रेरित करते हैं। उनका कहना है कि हनुमान जी कृपा से सभी काम श्री रामकथा सुन कर भाव विभोर हुए श्रद्धालु अनिल अग्रवाल और उनकी पत्नी शोभा अग्रवाल ने शनिवार को सुबह और शाम पूजन और आरती कराई। श्री हनुमान चालीसा पाठ स्थल गुजराती पटेल भवन में दूसरे दिन भी शाम 4 से 6 बजे तक अयोध्याधाम से पधारे गुरुवर दिलीप दास त्यागी ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की कथा सुनायी। कथा 20 नवंबर तक हर दिन जारी रहेगी। गुरुवार लीप दास ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का गुणगान किया, बल्कि उनके जीवन आदर्शों पर अत्यंत दिव्य और भावपूर्ण प्रवचन दिया, जिसे उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने मनोयोग से सुना। कथा सुन कर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के सदस्यों ने गुरुवर दिलीप महाराज को सम्मानित किया श्रीराम कथा वाचक गुरुवर दिलीप जी महाराज का श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगर मल अग्रवाल, राजेंदर अग्रवाल, शिव भगवान अग्रवाल, संजय सर्राफ, निर्मल जलान, पूरणमल सर्राफ, सुरेश अग्रवाल ने शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया। साथ ही गुरूजी संतोष भाई को भी शॉल भेंट कर सम्मानित किया। श्रीराम कथा के यजमान अशोक धानुका ने विधि-विधान से पूजा पाठ कर कथावाचक गुरुवर दिलीप जी महाराज का आशीर्वाद लिया।
टीम एबीएन, रांची। अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में दिनांक 15 नवंबर 2025 को उत्पन्ना एकादशी उत्सव अत्यंत श्रद्धा व भक्तिमय वातावरण में आयोजित किया गया। प्रात: श्री श्याम प्रभु को नवीन वस्त्र (बागा) पहनाकर कर स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत कर गुलाब, रजनीगंधा, बेला, जरबेरा, आर्किड, गैंदा, तुलसी व ताजे एवं खुशबूदार फूलों से श्री श्याम प्रभु का दिव्य शीश का अनुपम श्रृंगार किया गया। साथ ही मंदिर परिसर में विराजमान बजरंगबली एवं शिव परिवार का भी इस अवसर पर विशेष श्रृंगार किया गया। प्रात: काल में श्रृंगार आरती से ही भगतों की भीड़ श्री श्याम दर्शन के लिए आतुर थी। रात्रि 9 बजे श्री श्याम प्रभु की पावन ज्योत प्रज्वलित कर श्री श्याम मंडल के सदस्यों ने सर्वप्रथम गणेश वंदना के साथ श्याम रस से ओतप्रोत संगीतमय संकीर्तन का शुभारंभ किया। मौके पर मन मस्त हुआ मेरे श्याम दरस तेरा पा करके, धन घड़ी भाग्य हमारा लीले चढ़ श्री श्याम पधारया, अनोखा जो भी हुआ श्याम के द्वार हुआ, मोर छड़ी लहराई रे रसिया ओ संवारा, श्याम तेरे भरोसे मेरा ये परिवार है... इत्यादि भजनों की लय पर झूमते हुए भक्तगण ज्योत में आहुति प्रदान कर रहे थे। मौके पर श्री श्याम प्रभु को विभिन्न प्रकार के मिष्ठान, फल, मेवा, रबड़ी व केसरिया दूध का भोग निवेदित किया गया। रात्रि 12 बजे महाआरती व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।आज के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रमेश सारस्वत, ओम जोशी, चंद्र प्रकाश बागला, धीरज बंका, विवेक ढांढनीयां, विकास पाडिया, नितेश केजरीवाल, जीतेश अग्रवाल, अनुराग पोद्दार, नितेश लाखोटिया, ज्ञान प्रकाश बागला का विशेष सहयोग रहा। उक्त जानकारी श्री श्याम मंडल श्री श्याम मंदर, अग्रसेन पथ रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने दी।
बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर अभाविप शुरू करेगा भगवान बिरसा संदेश यात्रा टीम एबीएन, रांची। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झारखंड के द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर भगवान बिरसा संदेश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा 15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु, खूंटी से प्रारंभ होकर देहरादून में आयोजित हो रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें में राष्ट्रीय अधिवेशन में 27 नवंबर को पहुंचेगी। यात्रा के संदर्भ में जानकारी देते हुए अभाविप झारखंड के प्रदेश मंत्री मनोज सोरेन ने बताया कि 15 नवंबर को उलिहातु में भव्य कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री गोविंद नायक एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष आर्यनमान उपस्थित रहेंगे।
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित अरगोड़ा कटहल मोड़ रोड पुंदाग में स्थित झारखंड का सबसे बड़ा सुप्रसिद्ध श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम में प्रतिदिन सैकड़ो श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। तथा भव्य आकर्षक एवं अनूठा मंदिर को देख मंत्र मुग्ध होकर उत्साहित हो रहे हैं। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि ठंड के मौसम को देखते हुए मंदिर की समय सारणी में थोड़ा परिवर्तन किया गया है। प्रबंध कमेटी के आदेशानुसार सोमवार से रविवार तक मंदिर का पट खुलने का समय प्रतिदिन प्रात: 6:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक तथा दोपहर 3 बजे से रात्रि 8 बजे तक, मंदिर बंद होने का समय प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक, तथा आरती का समय प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे तथा रात्रि में 7 बजे रहेगा। प्रत्येक रविवार को दोपहर 12:00 बजे से अन्नपूर्णा प्रसाद भंडारा एवं भजन- संध्या का आयोजन किया जाता है। तथा प्रत्येक शुक्रवार को अपराह्न 3 बजे से महिला समिति द्वारा भजन सत्संग का आयोजन होता है। मंदिर में वृंदावन के पुजारी पंडित अरविंद पांडे है जो दिन रात भगवान श्री राधा कृष्ण के सेवा में कार्यरत है। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
दादी जी को साहस, निष्ठा, त्याग और आशीर्वाद की देवी माना जाता है: संजय सर्राफटीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है श्री राणी सती दादी जी का मंगसीर बदी नवमी 13 नवंबर दिन गुरुवार को मनाया जाएगा। यह तिथि श्री राणी सती दादी जी का जन्मोत्सव एवं प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।मारवाड़ी समाज विशेष समर्पण के साथ दादी जी का पर्व मनाता है। दादी जी की सभी मंदिरों में मंगसीर नवमी का महोत्सव चार दिनों तक बड़े ही उत्साह पूर्वक मनाया जाता है। राणी सती दादी जी जिन्हें नारायणी देवी के नाम से भी जाना जाता है, संस्कृति और धर्म में साहस, त्याग और निष्ठा का प्रतीक मानी जाती हैं। उनको कथा प्रेरणादायक और मार्मिक है, जो उनकी अमर गाथा को सजीव करती है। मंगसीर बदी नवमी का दिन उनके बलिदान और उनकी दिव्य शक्ति को स्मरण करने के लिए विशेष महत्व रखता है। यह कथा महाभारत काल से जुड़ी है। ऐसा माना जाता है कि नारायणी देवी का पूर्वजन्म वीर अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के रूप में हुआ था।महाभारत के युद्ध में जब अभिमन्यु वीरगति को प्राप्त हुए, तब उत्तरा ने उनके साथ सती होने की इच्छा व्यक्त की। भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें सती होने से रोका और कहा कि भविष्य में उन्हें यह पुण्य कर्म करने का अवसर मिलेगा। उत्तरा ने पुनर्जन्म लिया और नारायणी के रूप में जन्म लिया। उनका विवाह झुंझुनू (राजस्थान) के निवासी ठाकुर तांवर जी से हुआ। नारायणी देवी और तांबर जी का दांपत्य जीवन प्रेम और निष्ठा से परिपूर्ण था। यह पर्व प्रेम, निष्ठा और धर्म के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने भगवान से यह वरदान मांगा कि भविष्य में वे सभी श्रद्धालु भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करेंगी। मंगसीर बदी नवमी का दिन उनके बलिदान और त्याग को समर्पित है। इस दिन झुंझुनू स्थित राणी सती मंदिर सहित पूरे देश के दादी के मंदिरों में विशाल महोत्सव का आयोजन होता है। जिसमें राजस्थानी महिलाएं, पुरुष द्वारा मंदिरों में राणी सती दादी जी की विशेष पूजा की जाती है। मंदिरों में झांकियां और श्रृंगार दादी जी की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कर भव्य झांकी सजाई जाती है। दिन भर भजन-कीर्तन, मंगल पाठ और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। महिलाओं द्वारा चुनरी-मेहंदी, सुघा सुहाग की कामना की जाती है इस दिन सुहागिनें विशेष रूप से भाग लेती है क्योंकि इसे अपने सुहाग की रक्षा, परिवार की मंगल कामना और कुलदेवी की आराधना का अवसर माना जाता है। आज यह पर्व केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक सांस्कृतिक उत्सव बन गया है जहां विभिन्न नगरों मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति देखने को मिलती है यह आयोजन मारवाड़ी समाज के लिए अपनी पहचान आस्था तथा संयुक्त पूजा- व्रत के माध्यम से एकता का प्रतीक बन गया है। सती दादी जी का सम्मान समारोह न केवल उनकीअदम्य निष्ठा, भक्ति और त्याग की स्मृति प्रस्तुत करता है बल्कि यह हमें धर्म, संस्कार और परिवार कल्याण के उन मूल्यों को याद भी दिलाता है।उनके भक्त जीवन के कठिन समय में उनका आह्वान करते हैं। ऐसा विश्वास है कि उनकी पूजा से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है। राणी सती दादी जी की कथा हमें यह सिखाती है कि प्रेम और निष्ठा जीवन के मूलभूत मूल्य हैं। मंगसीर बदी नवमी का दिन उनके त्याग और शक्ति को स्मरण करने के लिए मनाया जाता है। यह दिन सभी भक्तों के लिए दादी जी से आशीर्वाद प्राप्त करने का सुनहरा अवसर होता है।
टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद, झारखंड की प्रांत टोली बैठक रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित ग्रीन एकर्स में प्रांत अध्यक्ष श्री चंद्रकांत रायपत की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें प्रांत पदाधिकारी, आयामों के प्रमुख सभी विभागों के मंत्री एवं संगठन मंत्री उपस्थित थे। बैठक में विगत कार्यक्रमों की समीक्षा एवं आगामी कार्यक्रमों की योजना बनाई गई। बैठक में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री सह विशेष संपर्क प्रमुख श्री अंबरीश सिंह एवं क्षेत्र संगठन मंत्री श्री आनंद पांडे उपस्थित थे। अपने संबोधन में श्री अंबरीश सिंह ने कहा परिषद के कार्यकर्ता कार्यक्रमों के माध्यम से संपूर्ण हिंदू समाज के बीच संगठन का कार्य स्थापित करें। समाज में किस प्रकार समरसता का भाव बढ़े, गौ माता की रक्षा हो, मठ मंदिरों की सुरक्षा हो, मतांतरण रुके, सेवा, सत्संग ऐसे अनेक कार्यों में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता लगे हुए हैं।संगठन का एक ही लक्ष्य है अजेय हिंदू शक्ति खड़ा कर देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा करना। प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने पूर्ण निष्ठा के साथ परिषद के कार्यों को सफल बनाने का आह्वान किया। प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा 15 नवंबर भगवान बिरसा मुंडा जयंती जनजातीय गौरव दिवस , 24-25 नवंबर को गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस, 1 दिसंबर से 7 दिसंबर गीता जयंती शौर्य दिवस, 26 दिसंबर वीर बाल दिवस तथा 23 दिसंबर से 31 दिसंबर तक धर्म रक्षा दिवस का कार्यक्रम विश्व हिंदू परिषद द्वारा सभी प्रखंडों में किया जाएगा। सभी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए जिला बैठकें 8, 9 और 10 नवंबर तथा प्रखंड बैठकें 11 नवंबर से 16 नवंबर के बीच आयोजित की जाएंगी। बैठक में प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, राजेंद्र सिंह मुंडा, प्रांत सह मंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो, मार्गदर्शक मंडल के प्रांत संयोजक स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, धर्म प्रसार प्रांत प्रमुख संजय चौरसिया, प्रांत सत्संग प्रमुख रंजन कुमार सिन्हा, सह प्रमुख गणेश शंकर विद्यार्थी, प्रांत मंदिर अर्चक पुरोहित संपर्क प्रमुख देवेंद्र गुप्ता, प्रांत विशेष संपर्क प्रमुख अरविंद सिंह, सह प्रमुख प्रिंस अजमानी, धर्माचार्य संपर्क सह प्रमुख अवतार सिंह गांधी, सेवा सह प्रमुख अशोक अग्रवाल, विनय कुमार, प्रांत विद्यार्थी प्रमुख अमर प्रसाद, सिंहभूम विभाग मंत्री अरुण सिंह, धनबाद विभाग मंत्री श्री राजेश दुबे, गुमला विभाग मंत्री केशव चंद्र साय सहित अन्य विभाग मंत्री एवं विभाग संगठन मंत्री उपस्थित थे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद, झारखंड के प्रचार प्रसार प्रमुख प्रकाश रंजन ने दी।
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