Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 29
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन

समाज

View All
रंगभरी आमलकी एकादशी 27 को, आस्था, भक्ति और उत्सव का अद्भुत संगम
Published / 2026-02-24 14:51:56
रंगभरी आमलकी एकादशी 27 को, आस्था, भक्ति और उत्सव का अद्भुत संगम

रंगभरी आमलकी एकादशी 27 को, आस्था, भक्ति और उत्सव का अद्भुत संगमयह पर्व हमें प्रकृति, धर्म और सामाजिक एकता के महत्व का देता है संदेश : संजय सर्राफएबीएन सोशल डेस्क। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट व विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाने वाली रंगभरी एकादशी, जिसे आमलकी एकादशी भी कहा जाता है, इस वर्ष रंगभरी एकादशी 27 फरवरी दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। यह तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। यह एकादशी विशेष रूप से भगवान विष्णु और आंवला (आमलकी) वृक्ष की पूजा के लिए समर्पित है तथा होली के उत्सव की आधिकारिक शुरुआत का भी प्रतीक मानी जाती है।धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु का आंवले के वृक्ष में वास होता है। इसलिए आमलकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष की पूजा, परिक्रमा और उसके नीचे बैठकर विष्णु स्तुति करने का विशेष महत्व बताया गया है। पद्म पुराण में वर्णित कथा के अनुसार एक बार एक निर्धन ब्राह्मण ने इस व्रत को श्रद्धा से किया, जिसके प्रभाव से उसे अगले जन्म में राजा बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इससे स्पष्ट होता है कि यह व्रत व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और पापों से मुक्ति प्रदान करता है। रंगभरी एकादशी का विशेष संबंध काशी विश्वनाथ मंदिर से भी है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव माता पार्वती को विवाह के बाद पहली बार काशी लेकर आए थे और बाबा  विश्वनाथ का गुलाल एवं अबीर से भव्य श्रृंगार किया गया था। इसी कारण इसे रंगभरी एकादशी कहा जाता है। इस दिन वाराणसी में विशेष शोभायात्रा निकाली जाती है और मंदिरों में अबीर-गुलाल अर्पित कर भक्तगण होली के रंगों की शुरुआत करते हैं।आमलकी एकादशी का व्रत प्रातः स्नान, संकल्प और भगवान विष्णु की विधिवत पूजा से आरंभ होता है। श्रद्धालु दिनभर उपवास रखते हैं तथा सायंकाल कथा-श्रवण और भजन-कीर्तन करते हैं। इस दिन श्रीहरि विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस व्रत के पालन से सहस्र गोदान के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।आंवला वृक्ष को आयुर्वेद में भी अत्यंत पवित्र और औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। यह वृक्ष दीर्घायु,स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इस दिन आंवले का सेवन तथा दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सामाजिक दृष्टि से भी यह पर्व लोगों में सद्भाव, भक्ति और उत्साह का संचार करता है तथा होली जैसे रंगोत्सव के आगमन का संदेश देता है।समग्र रूप से देखा जाए तो रंगभरी आमलकी एकादशी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और उल्लास का अद्भुत संगम है। यह पर्व हमें प्रकृति, धर्म और सामाजिक एकता के महत्व का संदेश देता है। भक्तिभाव और श्रद्धा से किया गया यह व्रत व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।

रांची में विराट हिन्दू सम्मेलनों की धूम
Published / 2026-02-22 20:59:08
रांची में विराट हिन्दू सम्मेलनों की धूम

रांची में विराट हिंदू सम्मेलनों की धूम: 27 फरवरी को सिद्रोल, 1 मार्च को चुटिया व हेथू, 8 मार्च को चटकपुर, तथा 15 मार्च को टाटीशिल्वे व डुमरदगा में आयोजनटीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राजधानी रांची में उत्साह का वातावरण व्याप्त है। संघ द्वारा आयोजित विराट हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला में विभिन्न क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रम व शोभा यात्राएं निकाली जाएंगी।27 फरवरी: सिद्रोल में हिंदू सम्मेलनश्रृंखला की शुरुआत 27 फरवरी को सिद्रोल में हिंदू सम्मेलन के साथ होगी। स्थानीय समाज इसकी तैयारियों में जुटा हुआ है।1 मार्च: चुटिया में सह-सरकार्यवाह आलोक कुमार का संबोधन। आयोजन का मुख्य शुभारंभ 1 मार्च को चुटिया में होगा। मुख्य वक्ता: संघ के सह-सरकार्यवाह श्री आलोक कुमार जी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। वे 28 फरवरी को सेवा अंकुर कार्यक्रम के बाद सम्मेलन में शामिल होंगे। विशिष्ट अतिथि: अयोध्या से पधार रहे पूज्य राजू दास जी अपना आशीर्वचन देंगे। चुटिया का हिंदू समाज इस भव्य आयोजन की तैयारियों में तन्मयता से लगा है। उसी दिन हेथू गांव में भी हिंदू सम्मेलन आयोजित होगा।8 मार्च: चटकपुर में उमड़ेगा जनसैलाबचटकपुर के पंचायत भवन मैदान में विराट हिंदू सम्मेलन संपन्न होगा। दोपहर 2 बजे से छाता टोंगरी, झिरी, सुंडिल व चटकपुर से भव्य शोभा यात्राएं निकलेंगी, जो पंचायत भवन के निकट मुख्य स्थल पर संगमित होंगी। वहां धर्म सभा का आयोजन होगा।15 मार्च: टाटीशिल्वे व डुमरदगा में शक्ति प्रदर्शन। टाटीशिल्वे (EEF मैदान): दोपहर 2 बजे से भव्य शोभा यात्रा के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। आयोजन समिति ने रूपरेखा तैयार कर ली है। डुमरदगा: यहां भी विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन सुनिश्चित है।मुख्य आकर्षणसंघ शताब्दी वर्ष में हिंदू समाज की एकजुटता का प्रदर्शन। विभिन्न क्षेत्रों से शोभा यात्राएं व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।

रांची : श्री श्याम मंडल ने श्री श्याम मंदिर में मनाया श्री श्याम फागुन सतरंगी महोत्सव
Published / 2026-02-22 16:59:08
रांची : श्री श्याम मंडल ने श्री श्याम मंदिर में मनाया श्री श्याम फागुन सतरंगी महोत्सव

टीम एबीएन, रांची। श्री श्याम मण्डल, रांची का तीन दिवसीय श्री श्याम फाल्गुन सतरंगी महोत्सव आज दिनांक 22 फरवरी 2026 को  विराट निशान शोभा यात्रा के साथ अत्यंत धूमधाम से प्रारम्भ हुआ। सर्वप्रथम प्रातः श्री श्याम प्रभु का भव्य शृंगार किया गया, जिसमें बाबा को स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत कर विभिन्न प्रकार के खुशबूदार फूलों से अलंकृत किया गया।मंदिर में विराजे वीर बजरंगबली एवं शिव परिवार का भी विशेष शृंगार किया गया। श्री श्याम मण्डल द्वारा निर्मित श्री श्याम मन्दिर में प्रथम बार बाबा के मंड में स्थापित होने वाले रजत निशान (ध्वजा) का प्रातः 11 बजे आचार्य श्री श्याम सुंदर भारद्वाज के नेतृत्व में मण्डल के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश बागला ने विधि विधान से श्याम मन्दिर में पूजन किया।यह रजत निशान बाबा के रथ पर नगर भ्रमण कर मन्दिर में स्थापित होगा। रजत निशान पूजन के पश्चात दोपहर 2 बजे श्री लक्ष्मी नारायण मन्दिर से निशान यात्रा प्रारंभ की गई जिसमें श्री श्याम प्रभु के गगन भेदी जयकारों के बीच 750 भक्तगण अत्यन्त श्रद्धा के साथ अपने अपने कन्धे श्री श्याम निशान लेकर झूमते नाचते श्री श्याम प्रभु को निशान अर्पित करने निकल पड़े। निशान धारियों के अलावा बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ शोभायात्रा के साथ चल रही थी।दिव्य रथ पर विराजमान हो श्री श्याम प्रभु नगरवासियों को आशीष प्रदान कर रहे थे साथ ही श्री श्याम मण्डल की दो टोलियां संगीतमय भजन डोरी खींच राखिजो यो है बाबा को निशान, श्याम रंगीला पलका उघाड़ों फाल्गुन आ गयो, लेकर चलो श्याम के पावन निशान को, मस्ती में तुम भी चलो धाम को, फागण आया होली आई, ढोल बजे रे मृदंग, श्याम धणी से होली खेलन, आये मस्त मलंग, हर फागण में श्याम धणी, हम पहुंचे खाटू धाम हो, हाथों में निशान हो, सामने मेरा श्याम हो गाकर पूरे वातावरण को श्याम मय बना रही थी।इस अवसर पर पूरे मार्ग में रंग अबीर गुलाल एवम भजनों की मस्ती लेते भक्तगण शोभायात्रा में शामिल थे। इस अवसर पर विभिन्न जगहों पर श्याम प्रेमी अपने घर से एवम प्रतिष्ठान, धार्मिक संस्था के द्वारा श्री श्याम प्रभु का स्वागत पारंपरिक आरती व भोग एवम पुष्प वर्षा से किया।सम्पूर्ण मार्ग में श्री श्याम मण्डल रांची द्वारा प्रसाद वितरण एवम शुद्ध जल, जूस का वितरण धर्म प्रेमियों में किया गया। निशान यात्रा अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मन्दिर जैसे ही पहुंची सभी श्याम भक्तों का उत्साह बड़े ही भाव विभोर के साथ श्री श्याम प्रभु को निशान अर्पित किया।समापन आरती के साथ आज के कार्यक्रम का समापन हुआ। इस निशान यात्रा को सफल बनाने में अनिल केजरीवाल, अशोक लाठ, मनोज सिंघानिया, ज्ञान प्रकाश बागला, सुनील मोदी, प्रदीप अग्रवाल, विकाश पडिया, अभिषेक डालमिया, प्रमोद बगड़िया, राकेश मुरारका, राकेश सारस्वत, मनोज ढांढनीयां का सहयोग रहा। दिनांक 27 फरवरी 2026 को मन्दिर में रात्रि 9 बजे से मुख्य कार्यक्रम प्रारम्भ होगा। श्री श्याम प्रभु का विराट श्रृंगार, छप्पन भोग, सवामनी भोग, भजन पुस्तिका विमोचन, केसरिया होली समारोह का मुख्य आकर्षण होगा। उक्त जानकारी श्री श्याम मण्डल श्री श्याम मन्दिर, अग्रसेन पथ रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने दी।

रांची : विहिप ने किशोरगंज में किया विराट हिन्दू सम्मेलन
Published / 2026-02-22 16:49:29
रांची : विहिप ने किशोरगंज में किया विराट हिन्दू सम्मेलन

एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने अपने दो दिन के झारखंड प्रवास के दौरान रनिया और बालूमाथ में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। रांची पहुंचने पर उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के प्रांत कार्यालय किशोरगंज रांची में स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।जिसमें महानगर में निवास करने वाले क्षेत्र, प्रांत, विभाग एवं महानगर के दायित्वान कार्यकर्ता उपस्थित हुए। उन्होंने बैठक में उपस्थित आयाम प्रमुखों से उनके माध्यम से किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। प्रांत के विभिन्न जिलों में सेवा कार्य बढ़े इस पर उन्होंने विशेष जोर दिया।साथ ही महानगरों में सुचारू रूप से संस्कारशालाएं संचालित करने की ओर कार्यकर्ताओं को ध्यान देने का निर्देश दिया। झारखंड के विभिन्न जिलों में हो रहे धर्मांतरण पर विशेष चिंता जताते हुए कहा कि कार्यकर्ता पूरी शक्ति से इसे रोकने तथा घर वापसी के कार्य में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।बैठक में क्षेत्र मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, क्षेत्र धर्माचार्य संपर्क प्रमुख वीरेंद्र विमल, प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत, उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन कुमार, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, बजरंग दल प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो, धर्माचार्य संपर्क प्रांत प्रमुख युगल किशोर प्रसाद, प्रांत कोषाध्यक्ष मदनलाल बगड़िया, सहकोषाध्यक्ष शिव शंकर साबू, प्रांत मातृशक्ति संयोजिका दीपा रानी कुंज, सहसंयोजिका अनिमा पांडे, दुर्गावाहिनी प्रांत संयोजिका कीर्ति गौरव, प्रांत विमर्श सहप्रमुख कौशल सिन्हा, प्रांत कार्य समिति सदस्य अमरेंद्र विष्णुपुरी, प्रचार प्रसार प्रांत प्रमुख प्रकाश रंजन, सामाजिक समरसता प्रांत सहप्रमुख दीपक कुमार महतो, कमल अग्रवाल, विद्यार्थी प्रांतप्रमुख अमर प्रसाद, रांची विभाग मंत्री रवि शंकर राय, महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी, मंत्री विश्वरंजन कुमार, सहमंत्री राजेशअग्रवाल, नवीन पांडे, योगेश खेडवाल, अनिल तिवारी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद, झारखंड के प्रचार प्रसार प्रांत प्रमुख प्रकाश रंजन ने दी।

एक मार्च को हास्य कवि सम्मेलन मारवाड़ी भवन में
Published / 2026-02-21 21:16:39
एक मार्च को हास्य कवि सम्मेलन मारवाड़ी भवन में

एबीएन सोशल डेस्क। कवि सम्मेलन आयोजन समिति की बैठक आज दिनांक 20 फरवरी 2026 स्थानीय अग्रसेन भवन के कार्यालय में आहुत हुई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष पवन पोद्दार ने करते हुए आए हुए सभी पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ सदस्य एवं सदस्यगणों का स्वागत एवं अभिनंदन किया, तत्पश्चात बैठक की कार्रवाई प्रारंभ हुई। समिति के सचिव अंजय सरावगी ने गत बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई, जिसे सर्वसमिति से संपुष्टि की गयी। कवि सम्मेलन आयोजन समिति के संयोजक पवन शर्मा ने बताया कि इस वर्ष 1 मार्च 2026 को कवि सम्मेलन का आयोजन स्थानीय मारवाड़ी भवन परिसर में किया जायेगा, जिसमें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के नामी गिरामी कवि कवियत्री भाग लेंगे। समिति के प्रवक्ता सह व कोषाध्यक्ष मनोज बजाज ने बताया कि वीर रस, हास्य रस और श्रृंगार रस के क्रमश: सुविख्यात सुनील जोगी (दिल्ली), ख्याली शरण (राजस्थान), डॉ आदित्य जैन (कोटा), डॉ विष्णु सक्सेना (यू पी), श्रद्धा शौर्य (नागपुर) पार्थ नवीन (प्रतापगढ़) के कवि कवियों के नामों का चयन एवं कवि सम्मेलन आयोजन के लिए आरक्षित किया गया है। विदित हो कि रांची में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन आयोजन संपूर्ण झारखंड में अपनी एक पहचान बनायी हुई है, जिसमें विशेष रूप से युवा वर्ग, महिला वर्ग और वरिष्ठ नागरिक जन शामिल होते हैं, यह आयोजन पूर्णतया निशुल्क रहता है। सुरक्षा के मद्देनजर विशेष व्यवस्था रहती है। आयोजन समिति के संयोजक पवन शर्मा ने विस्तार से बताया की आयोजन हेतु विभिन्न उप समिति का गठन किया है, जो आयोजन को भव्यता प्रदान कर रहे हैं। जिसमें स्वागत सत्कार समिति, मंच एवं सभागार समिति, अर्थ संग्रह, प्रशासनिक कार्य, प्रेस मीडिया प्रवक्ता, सुरक्षा व्यवस्था, जलपान भोजन व्यवस्था बनायी गयी है। मौके पर पूर्व अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, ललित पोद्दार, अशोक नारसरिया, विनोद जैन, पवन पोद्दार, अंजय सरावगी, मनोज बजाज, पवन शर्मा, अनिल अग्रवाल, किशोर मंत्री, कमल जैन, हरिशंकर कनोडिया, प्रकाश धेलिया, निर्भय शंकर हरीत, अनूप अग्रवाल, रतन मोर, राजेश भारतीय, पुनीत पोद्दार, पुनीत अग्रवाल मुख्य रूप से सदस्य एवं सक्रिय है। उक्त जानकारी कोषाध्यक्ष सह मीडिया प्रवक्ता मनोज बजाज (9031101240) ने दी।

पूज्य संत आशाराम बापू के शिष्यों ने किया भव्य माला पूजन
Published / 2026-02-21 21:15:53
पूज्य संत आशाराम बापू के शिष्यों ने किया भव्य माला पूजन

टीम एबीएन, रांची। 21 फरवरी 2026 को श्री योग वेदांत सेवा समिति के तत्वावधान में झारखंड की राजधानी रांची में पूज्य संत आसाराम बापू के साधक शिष्यों की साधना किस तरह बढ़े उसके निमित्त शिव मंदिर, महावीर मंदिर धर्मशाला डोरंडा (राजेंद्र चौक के समीप) रांची में दिनांक 22 फरवरी 2026 को प्रात: 11 बजे से भव्य माला पूजन एवं ऋषि प्रसाद सेवा साधना सम्मेलन का भव्य आयोजन होने जा रहा। है। जिसमें सेवा साधना चर्चा, श्री आशारामायण का पाठ, उसके पश्चात संत और समाज के बीच लोक कल्याण की भावना से सेतु बनने वाली धार्मिक पत्रिका ऋषि प्रसाद पर विस्तृत चर्चा एवं इसकी सेवा देने वाले सभी सेवादारों को सम्मान दिया जायेगा। जिस घर में ऋषि प्रसाद पहुंचता है और जो हर महीने ऋषि प्रसाद पहुंचाने की सेवा करते हैं वे बड़े ही परम सौभाग्यशाली हैं। उन पर गुरु की कृपा घर बैठे मिलती है। कार्यक्रम की तैयारी में प्रवीण भाई, विशाल भाई और अजय भाई लगे हुए हैं। अहमदाबाद आश्रम से ऋषि प्रसाद के झारखंड बिहार प्रभारी संदीप भाई आ रहे हैं, जिनके निर्देशन में कार्यक्रम संपन्न होंगे।  रांची के अलावा निकटवर्ती क्षेत्र के साधक परिवार एवं सेवादारों का एकदिवसीय सेवा साधना सम्मेलन ,पादुका पूजन,माला पूजन के पश्चात सभी साधकों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई है।  श्री योग वेदांत सेवा समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी ने कहा रांची एवं रांची के आस पास के क्षेत्रों के सभी साधक इस कार्यक्रम में अवश्य पधारे एवं अपने साथ आसान, माला, गोमुखी लेकर आए । पूजन सामग्री कार्यक्रम स्थल से ही प्राप्त होगी। उक्त जानकारी श्री योग वेदांत सेवा समिति रांची के अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी (9431115714) ने दी।

हजारीबाग : विराट हिंदू सम्मेलन में उमड़ा सनातन हिंदुओं का जनसैलाब
Published / 2026-02-21 21:12:50
हजारीबाग : विराट हिंदू सम्मेलन में उमड़ा सनातन हिंदुओं का जनसैलाब

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पद्मा/ हजारीबाग। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में पद्मा प्रखंड के रोमी मैदान में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र के सनातनी हिंदुओं का जन सैलाब देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले शिव परिवार ने शिव चर्चा की। उसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गयी। इस कार्यक्रम में महिलाओं की सहभागिता अधिक देखी गयी। कार्यक्रम में संयोजिका दुर्गा वाहिनी कृति गौरव ने कहा कि सनातन की रक्षा में महिलाओं की अहम भागीदारी है। हमें अपनी बहन और बेटियों को लव जिहाद से बचाने की जरूरत है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर बल दिया। वहीं विभाग मिलन प्रमुख प्रशांत सिंह ने समाज में बढ़ रहे नशे को बंद करने के लिए लोगों से आगे आकर इसमें सहयोग की बात कही ताकि धर्म स्थापना के राह में नशा रोड़ा ना बने और साथ ही जात-पात को छोड़कर हिंदुओं को एक होने की अपील की। जेएमएम पब्लिक स्कूल के बच्चों ने हनुमान चालीसा झांकी की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में प्रांत संपर्क प्रमुख राजीव कमल बिट्टू जी ने बताया कि भारत में जन्म लेने मात्र से ही हम हिन्दू हैं ही, पर आज की परिस्थिति में सतर्क, सशक्त व जागरूक हिन्दू बनने की आवश्यकता है। हिन्दू जागेगा तो देश जागेगा और हिन्दू प्रान्त, भाषा, जाति, गोत्र के नाम पर बंटेगा तो देश भी बंटेगा। मौके पर विभाग प्रचारक संघ प्रमुख आशुतोष जी, विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष राजेश मेहता सह खंड कार्यवाह सुधीर मेहता, धीरज कुमार, मंत्री ऋषिकेश मेहता, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष सुबोध सिंह, सुधीर जी, पंकज मेहता, सरिता देवी एकल प्रमुख पदमा, विधायक प्रतिनिधि नारायण यादव, जिप सदस्य बसंत नारायण मेहता, सुबोध यादव, राजन मेहता, रोमी मुखिया गुड़िया देवी, मुखिया प्रतिनिधि सुनील मेहता, सूरजपुर मुखिया सीताराम मेहता, उज्ज्वल पांडेय, विशाल सोनी, पवन शर्मा तथा कई सैकड़ों की संख्या में सनातनी हिंदू मौजूद थे।

धर्मांतरण के कारण आदिवासियों के आरक्षण पर ईसाइयों का कब्जा : मिलिंड परांडे
Published / 2026-02-20 20:59:32
धर्मांतरण के कारण आदिवासियों के आरक्षण पर ईसाइयों का कब्जा : मिलिंड परांडे

एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि जिस आदिवासी ने अपनी परंपरा और पूजा पद्धति छोड़ दी, इसाई ही जनजातियों के आरक्षण का 80 प्रतिशत हिस्सा हड़प रहे हैं और सही आदिवासियों का हक मार रहे हैं। परांडे शुक्रवार को सर्व सनातन समाज द्वारा आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे।  उन्होंने कहा कि हिन्दू ही हिंदू की आबादी  घटा रहा है, जबकि मुसलमानों  और ईसाइयों की आबादी लगातार बढ़ रही है। परांडे ने कहा कि विश्व में 50 से अधिक इस्लामिक और 120 ईसाई देश हैं, जबकि भारत और नेपाल ही ऐसे देश हैं जहां हिंदू बहुसंख्यक हैं। ऐसे में हिंदू समाज को अपने अस्तित्व, परंपराओं और पहचान को लेकर गंभीरता से विचार करना होगा। मिलिंद परांडे ने कहा कि हिंदू समाज विश्व का सबसे प्राचीन समाज है, जो हजारों-लाखों वर्षों से अस्तित्व में रहा है। उन्होंने भगवान श्रीराम के वनवास, राम मंदिर आंदोलन और झारखंड के लगभग दो हजार गांवों से सरनास्थलों की मिट्टी के राम मंदिर निर्माण में उपयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्राचीन परंपराओं की जीवंत मिसाल है। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक हिंदू को अपनी संस्कृति और परंपरा की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान में जनजातीय शब्द और एसटी आरक्षण का प्रावधान जनजातीय समाज की परंपरा, पूजा-पद्धति और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए किया गया था। आरोप लगाया गया कि 1947 के बाद आरक्षण का बड़ा हिस्सा ईसाई मिशनरियों से जुड़े लोगों ने लिया, जबकि परंपरागत आदिवासी इससे वंचित रह गये। इस संदर्भ में कार्तिक उरांव द्वारा इसाई धर्म अपनाने वालों को आरक्षण से वंचित करने हेतु लाये गये विधेयक की चर्चा की गई, जिसे तत्कालीन सरकार ने स्वीकार नहीं किया। विहिप के केंदीय संगठन महामंत्री ने कहा कि आज बड़ा संकट यह है कि हिंदू समाज द्वारा दिये गये अधिकारों का दुरुपयोग कर हिंदू परंपराओं का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को अपनी परंपरा की रक्षा का अधिकार है और इस विषय पर गंभीर विमर्श आवश्यक है। सम्मेलन में बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा गया कि किस प्रकार जबरन धर्मांतरण और दमन के खिलाफ आंदोलन करने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया और उनकी मृत्यु जेल में हुई। वक्ताओं ने चेताया कि आज भी गांवों में धर्मांतरण के प्रयास हो रहे हैं, जिससे सामाजिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है।अंत में वक्ताओं ने कहा कि हिंदू समाज को आपस में लड़ाने की साजिशों से सतर्क रहना होगा और एकजुट होकर अपनी संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की रक्षा करनी होगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा ने कहा कि हिन्दू समाज केवल एक-दो वर्षों के नहीं, बल्कि हजारों वर्षों के आक्रमणों का शिकार रहा है। आस्था के केंद्र रहे मंदिरों को तोड़ा गया, जिससे समाज का आत्मबल कमजोर हुआ। इस दीर्घ आक्रमण काल में हिन्दू समाज का विघटन हुआ, जिसके लिए कहीं न कहीं समाज स्वयं भी जिम्मेदार रहा, क्योंकि हम अपनी व्यक्तिगत चिंताओं में उलझते चले गए। समाज को संगठित करने के उद्देश्य से विजया दशमी के दिन वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई। संघ का मुख्य उद्देश्य हिन्दू समाज को संगठित करना और देश व समाज के लिए समर्पित भाव से कार्य करना रहा है। वर्ष 2025-26 में संघ ने अपने 100 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं, जो हिन्दू संगठन और समाज के लिए गर्व का विषय है। प्रांत प्रचारक ने कहा कि हिन्दू इस देश के मूल आदिवासी हैं। उन्होंने कहा कि जो हमारे संविधान, मातृभूमि, परम्परा के विरुद्ध बात करेगा उन्हें पहचानना चाहिए। गोपाल शर्मा ने कहा कि अपनी बहू बेटियों, परम्परा की रक्षा का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि बाहरी आक्रमणकारियों ने जातियों में विभाजन पैदा किया, जिससे देश गुलाम हुआ। यदि सभी जातियों के लोग मिलकर कार्य करें, तो देश को फिर से सशक्त बनाया जा सकता है। आज भी हिन्दू समाज को तोड़ने के प्रयास हो रहे हैं, लेकिन संगठन और एकता से हर चुनौती का सामना करना संभव है। कार्यक्रम को वनवासी कल्याण केंद्र के मुसाफिर विश्वकर्मा, विहिप के जिलाध्यक्ष विनोद जायसवाल, विकास मिश्रा, सुभाष मिश्रा, संतोष जायसवाल, निखिल कंडुलना, दीपक तिग्गा, नीरज पाढ़ी, मनोज चौधरी, राजन चौधरी, नीरज जायसवाल, पूनम भेंगरा, केशव कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।

रांची की साहित्यकार निर्मला करण को विद्या वाचस्पति एवं ऋषि पिंगल पुरस्कार
Published / 2026-02-19 16:27:10
रांची की साहित्यकार निर्मला करण को विद्या वाचस्पति एवं ऋषि पिंगल पुरस्कार

रांची की साहित्यकार निर्मला करण विद्या वाचस्पति एवं ऋषि पिंगल पुरस्कार से सम्मानितटीम एबीएन, रांची। रांची की लेखिका सह साहित्यकार निर्मला कर्ण को विक्रमशिला विश्वविद्यालय से विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि प्रदान की गयी। कार्यक्रम बिहार के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गया में आयोजित किया गया। जहाँ राज्य के बाहर के अनेक विद्वान व साहित्यकार मौजूद थे।विद्या वाचस्पति (पी.एच.डी) मानंद उपाधि/ सम्मान, अनेक काव्य मनीषियों एवं साधकों की उपस्थिति में विक्रमशिला विद्यापीठ के प्रस्तावक आचार्य डॉ विजय गुंजन एवं डॉ ओम प्रकाश वर्मा (उपनिदेशक राजभाषा), अंशुमान झा, (सहायक निदेशक, प्रसार भारती), प्रो डॉ सुधा सिन्हा, अध्यक्ष दर्शन शास्त्र, डॉ राशदादा राश के द्वारा सम्मिलित रूप से प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में निर्मला कर्ण को प्रमाण-पत्र के साथ अंग वस्त्र और मोमेंटो प्रदान किया गया। छंद:शाला विद्यापीठ के द्वारा निर्मला करण को पुनः छंद लेखन के क्षेत्र में कार्य करने के लिए ऋषि पिंगल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार के रूप में अंगवस्त्र प्रमाण पत्र और मोमेंटो के साथ ग्यारह सौ रूपये नगद राशि दी गयी।यह पुरस्कार ओम प्रकाश वर्मा, उपनिदेशक राजभाषा, अंशुमान झा, सहायक निदेशक, प्रसार भारती, आचार्य डॉ विजय गुंजन, प्रो डॉ सुधा सिन्हा, अध्यक्ष दर्शन शास्त्र, डॉ राम सिंहासन सिंह, डॉ राशदादा राश, डॉ धनंजय शरण सिंह, अनिल कुमार झा, डॉ संजय पंकज, श्याम बिहारी प्रभाकर, डॉ राजीव रंजन द्वारा प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य एवं देश के अनेक गणमान्य विद्वान छंद रचनाकार की असंख्य उपस्थिति रही।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.