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गाजे-बाजे के साथ निकली पहाड़ी बाबा की भव्य तिलकोत्सव शोभायात्रा
Published / 2026-01-23 21:07:26
गाजे-बाजे के साथ निकली पहाड़ी बाबा की भव्य तिलकोत्सव शोभायात्रा

बैंड-बाजे की धुन पर थिरके भक्त एबीएन सोशल डेस्क, रांची। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आर्यपुरी शिवपंच मंदिर हिमालय परिवार की ओर से पहाड़ी बाबा की भव्य तिलकोत्सव शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गयी। शोभायात्रा से पूर्व बाबा भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती संपन्न हुई। इसके पश्चात बाबा के भक्त हर-हर महादेव और पार्वती मैया की जय के जयघोष के साथ तिलकोत्सव की सामग्री सिर पर धारण कर बैंड-बाजों की मधुर धुनों पर नृत्य करते हुए आर्यपुरी से रातू रोड होते हुए पहाड़ी मंदिर पहुंचे। शोभायात्रा के पहाड़ी मंदिर पहुंचने पर पहाड़ी मंदिर विकास समिति, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा हिमालय परिवार के भक्तों का चंदन तिलक, पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद भक्तों ने पहाड़ी बाबा के जयकारों के साथ मुख्य मंदिर में प्रवेश किया। यहां मंदिर के पुजारी संत कबीर दास, शिव प्रसाद गुप्ता एवं कैलाश राय ने हिमालय परिवार के पुजारी नंद किशोर पाठक एवं रितेश पाठक का स्वागत अंगवस्त्र एवं माला पहनाकर किया। तत्पश्चात विधि-विधान के साथ पहाड़ी बाबा का तिलकोत्सव संपन्न कराया गया। तिलकोत्सव में अर्पित की गयी सामग्री तिलकोत्सव के अवसर पर सेव, केला, संतरा, अंगूर, पेड़ा, लड्डू, खाजा सहित अनेक प्रकार की मिठाइयां और फल पहाड़ी बाबा को अर्पित किये गये। ये रहे शामिल प्रेम साहू, रंजन साहू, अशोक बजाज, रंजीत बिहारी लाल, राजेश साहू, पूर्व पार्षद सुनीता देवी, दिलीप गुप्ता, शंकर प्रसाद, बादल सिंह, हिंदू जागरण मंच के सुजीत सिंह, बसंत पटवारी, गोपाल यादव, संदीप जैन, बबलू जायसवाल, मोती सिंह, तड़ीत राय, अंकित सिंह, देवाशीष राय, रिवाल्डो वर्मा, शुभाशीष चटर्जी, कौशल चौधरी, नवीन पपनेजा, डमरूवाले बाबा, राम सिंह, राजकुमार मित्तल, सुभाष सिन्हा, गोविंद, अमित सिंह, मधु देवी, मीना देवी, मुनी चौधरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पहाड़ी बाबा का तिलकोत्सव विधि-विधान के साथ संपन्न, 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाभंडारे का प्रसाद पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने बसंत पंचमी के अवसर पर भव्य तिलकोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया। प्रात: नित्य पूजा-अर्चना एवं आरती के पश्चात पहाड़ी बाबा को भोग अर्पित किया गया। इसके बाद सुबह 8 बजे से महाभंडारे का आयोजन प्रारंभ हुआ, जो देर रात तक चला। इसमें लगभग 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने महाभंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर में रंग-बिरंगे मौसमी पुष्पों एवं आभूषणों से पहाड़ी बाबा का भव्य श्रृंगार किया गया। भक्तों ने बाबा के मनोहारी श्रृंगार दर्शन कर अपने एवं परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। प्रसाद के लिए लगी लंबी कतार महाभंडारे के दौरान श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। भक्तों ने अनुशासन में कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद में पूरी, बूंदिया, खीर, सब्जी एवं अन्य व्यंजन परोसे गये। इनका रहा विशेष योगदान कार्यक्रम को सफल बनाने में शिव प्रसाद गुप्ता, अमित कुमार, अंजन कुमार, गोपाल कुमार, अमित पांडेय, रमन, कुणाल, जितेंद्र पहलवान, आनंद गाड़ोदिया, सुनील माथुर सहित अन्य सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

बसंत पंचमी पर श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग में भक्ति, उल्लास और श्रद्धा का भव्य संगम
Published / 2026-01-23 20:31:48
बसंत पंचमी पर श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग में भक्ति, उल्लास और श्रद्धा का भव्य संगम

टीम एबीएन, रांची। रांची के पुंदाग स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर विशेष पूजा-अनुष्ठान, प्रसाद भोग तथा भजन-कीर्तन का भव्य आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। बसंत ऋतु के आगमन और ज्ञान, कला व विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना के इस पावन पर्व पर मंदिर परिसर भक्तिरस से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रात: विशेष पूजा-अर्चना से हुई, जिसमें मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडे ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा संपन्न कराई। उन्होंने श्रद्धापूर्वक भगवान को भोग अर्पित किया और समस्त श्रद्धालुओं के कल्याण, सुख-समृद्धि एवं ज्ञान-विवेक की कामना की। पूजा के पश्चात मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें भक्तों ने भक्ति गीतों के माध्यम से प्रभु की महिमा का गुणगान किया। मौके पर मंदिर में विराजमान श्री राधा रानी का विशेष अलौकिक श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा। बसंत पंचमी की परंपरा के अनुरूप श्री राधा रानी को पीले वस्त्र धारण कराये गये तथा पीले फूलों से मनोहारी सजावट की गयी। जड़ित एवं सुसज्जित आभूषणों से उनका दिव्य श्रृंगार अत्यंत मनमोहक प्रतीत हो रहा था, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरा मंदिर परिसर पीले रंग की आभा से आलोकित दिखाई दी, जो बसंत ऋतु की उमंग और उल्लास का प्रतीक था। पूजा-अनुष्ठान के उपरांत सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच विशेष प्रसाद का वितरण किया गया। केसर युक्त खीर एवं मेवायुक्त पीले पुलाव का प्रसाद भक्तों को श्रद्धापूर्वक वितरित किया गया, जिसे सभी ने प्रसन्नता और भक्ति भाव से ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। मौके पर श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने उपस्थित श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बसंत पंचमी केवल ऋतु परिवर्तन का पर्व नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। मां सरस्वती की आराधना से जीवन में विवेक, संस्कार और सृजनशीलता का विकास होता है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि इस पर्व के मूल भाव को आत्मसात करते हुए शिक्षा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ किया जाये। समूचा आयोजन भक्तिमय वातावरण में शांतिपूर्वक एवं अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।बसंत पंचमी के इस पावन अवसर पर श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं के मन में आध्यात्मिक आनंद, उल्लास और नवचेतना का संचार किया। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

झारखंड की बेटी फलक फातिमा को 25 को मिलेगा टीआईएएफ अवार्ड
Published / 2026-01-22 20:24:58
झारखंड की बेटी फलक फातिमा को 25 को मिलेगा टीआईएएफ अवार्ड

झारखंड की बेटी फलक फातिमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ा सम्मान, 25 जनवरी को मिलेगा टीआईएएफ अवार्ड  राष्ट्रपति सम्मान से अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार तक, फलक फातिमा का सफर बना झारखंड की शान  8 वर्षों की सामाजिक सेवा का मिला वैश्विक परिणाम, फलक फातिमा को मिलेगा इंटरनेशनल अवॉर्ड  पर्यावरण संरक्षण और समाजसेवा की मिसाल बनी फलक फातिमा, अब अंतरराष्ट्रीय पहचान  धनबाद से रांची, फिर दिल्ली और अब विश्व मंच तक, फलक फातिमा की कहानी बनी प्रेरणा एबीएन सोशल डेस्क। झारखंड की धरती से निकलकर राष्ट्रीय और अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक अपनी पहचान बनाने वाली सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरणविद् फलक फातिमा एक बार फिर देश और राज्य का नाम रोशन करने जा रही हैं। फलक फातिमा को 25 जनवरी 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित द इंटरनेशनल अवार्ड्स समिट 2026 में टीआईएएफ अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा। यह सम्मान उन्हें द इंटरनेशनल अवार्ड्स फोरम (टीआईएएफ- यूएसए & इंडिया) द्वारा प्रदान किया जायेगा, जो वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने वाली प्रतिष्ठित संस्था है। एक छोटे से शहर धनबाद से शुरू हुआ उनका सफर आज अंतरराष्ट्रीय पहचान तक पहुंच चुका है। यह केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा, समर्पण और नि:स्वार्थ भाव से किये गये कार्यों की वैश्विक स्वीकृति है। फलक फातिमा पिछले आठ वर्षों से निरंतर सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं और समाज के हर उस वर्ग के लिए कार्य कर रही हैं, जिन्हें सहयोग और मार्गदर्शन की सबसे अधिक आवश्यकता है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर उनका योगदान विशेष रूप से सराहनीय रहा है। उन्होंने वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम और स्वच्छता से जुड़े अभियानों के माध्यम से लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाया। इसके साथ ही उन्होंने नशा और ड्रग्स के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को सही दिशा देने का कार्य किया। उनका मानना है कि नशा मुक्त समाज ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव बन सकता है। फलक फातिमा ने रक्तदान को जनआंदोलन बनाने का प्रयास किया। उनके द्वारा आयोजित और प्रेरित रक्तदान अभियानों से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिला। कोरोना महामारी के दौरान जब पूरा देश संकट से जूझ रहा था, तब उन्होंने सेवा को ही अपना धर्म बनाया। जरूरतमंदों तक राशन, दवाइयां, मास्क, सैनिटाइजर और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाकर उन्होंने मानवता की मिसाल पेश की। उस कठिन समय में उनका समर्पण समाज के लिए एक संजीवनी साबित हुआ। उनके इन्हीं असाधारण कार्यों के लिए भारत के महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उन्हें एनएसएस राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जो अपने आप में अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त उन्हें अब तक तीन राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर टीआईएएफ अवार्ड से सम्मानित होना उनके सामाजिक जीवन की एक नई ऊंचाई को दर्शाता है। 25 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के होटल हॉलिडे इन एरोसिटी में आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में दुनिया के कई देशों से आये सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, उद्यमी और वैश्विक प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस मंच पर फलक फातिमा का सम्मानित होना न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे झारखंड, धनबाद और देश के लिए गर्व की बात है। धनबाद से रांची, रांची से राष्ट्रपति भवन और अब राष्ट्रपति सम्मान से अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार तक का यह सफर बताता है कि सच्ची लगन और सेवा भाव से कोई भी व्यक्ति वैश्विक पहचान बना सकता है। फलक फातिमा आज केवल एक नाम नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, मानवता और युवा प्रेरणा की पहचान बन चुकी हैं। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो छोटे शहरों से भी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है।

राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर से कई लाभान्वित
Published / 2026-01-21 14:28:26
राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर से कई लाभान्वित

राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में एक दिवसीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का हुआ आयोजनटीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग में साई बालाजी धन्वंतरि पंचकर्म आयुर्वेदिक चिकित्सालय, मोराबादी के सौजन्य से एक दिवसीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक करना एवं निःशुल्क परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराना था। स्वास्थ्य शिविर में क्षेत्र के लगभग 100 लोगों ने भाग लिया। शिविर में विभिन्न प्रकार के रोगों जैसे जोड़ों का दर्द, गैस, अपच, मधुमेह, रक्तचाप, त्वचा रोग, मोटापा, सिरदर्द एवं मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की जाँच कर उन्हें आयुर्वेदिक उपचार एवं उचित परामर्श प्रदान किया गया। रोगियों को आयुर्वेदिक जीवनशैली, खान-पान एवं दिनचर्या संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये गये।शिविर के मुख्य चिकित्सक डॉ. ऋषि कुमार ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों का उपचार नहीं करता, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने बताया कि सही दिनचर्या, संतुलित आहार एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने लोगों से रासायनिक दवाओं के अंधाधुंध प्रयोग से बचने एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा को अपनाने की अपील की।श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने साई बालाजी धन्वंतरि पंचकर्म आयुर्वेदिक चिकित्सालय के चिकित्सकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाना ट्रस्ट का प्रमुख उद्देश्य है। भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का निरंतर आयोजन किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन में ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सदस्यों तथा शिविर में सहायक के रूप में सुजन, सीमा, सरस्वती, पूजा, मनोज, अमोज, प्रशांत, रामप्रसाद कृष्ण कुमार, निशांत, कमलेश का सराहनीय योगदान रहा। उक्त जानकारी ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

मिडिल क्लास के लिए हैं कई वित्तीय योजनाएं
Published / 2026-01-21 10:09:17
मिडिल क्लास के लिए हैं कई वित्तीय योजनाएं

मिडिल क्लास के लिए हैं कई वित्तीय योजनाएंआसान Thumb Rules के साथ एक व्यावहारिक मार्गदर्शनयोगेंद्र साहूएबीएन सोशल डेस्क। भारत का मिडिल क्लास सबसे ज़्यादा मेहनत करता है, सबसे ज़्यादा टैक्स देता है और सबसे ज़्यादा सपने देखता है। लेकिन दुर्भाग्य से वित्तीय योजना (Financial Planning) के अभाव में वही मिडिल क्लास जीवन भर पैसों की चिंता में फंसा रहता है।अच्छी बात यह है कि अमीर बनने के लिए बहुत ज़्यादा कमाना ज़रूरी नहीं, सही प्लानिंग और सही डिसिप्लिन ज़्यादा ज़रूरी है। इस लेख में मैं मिडिल क्लास व्यक्ति के लिए कुछ सरल Thumb Rules साझा कर रहा हूँ, जिन्हें अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बना सकता है।Thumb Rule 1: 50–30–20 का नियम (Income Allocation Rule)। आपकी मासिक आय को इस तरह बाँटें: 50% – ज़रूरी खर्च (Needs), घर का किराया, राशन, स्कूल फीस, बिजली, पानी, EMI 30% – जीवनशैली खर्च (Wants) मोबाइल, बाहर खाना, घूमना, शौक 20% – निवेश और बचत (Savings & Investment) अगर आप 20% भी नियमित निवेश कर लेते हैं, तो 15–20 साल में बड़ा फंड बन सकता है।Thumb Rule 2: पहले सुरक्षा, फिर निवेश (Protection First)मिडिल क्लास की सबसे बड़ी गलती होती है। बीमा को निवेश समझना। सही नियम: 1️⃣ टर्म इंश्योरेंसकवर: आपकी वार्षिक आय का 15–20 गुना प्रीमियम कम, सुरक्षा ज़्यादा 2️⃣ हेल्थ इंश्योरेंसकम से कम ₹10–15 लाख का फैमिली फ्लोटर। मेडिकल इमरजेंसी आपकी पूरी सेविंग खत्म कर सकती है। बिना बीमा के किया गया निवेश अधूरा होता है।Thumb Rule 3: SIP = मिडिल क्लास का सबसे बड़ा हथियारहर महीने SIP करें। सैलरी आते ही सबसे पहले SIP कटे। आपकी उम्र × ₹1,000 = न्यूनतम मासिक SIPउदाहरण: उम्र 35 वर्ष → ₹35,000 मासिक SIP (यदि संभव हो)। SIP छोटी रकम से भी बड़ा धन बना सकती है, बस समय और अनुशासन चाहिए।Thumb Rule 4: Emergency Fund ज़रूरी है। हर मिडिल क्लास परिवार के पास होना चाहिए: 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड। रखें: सेविंग अकाउंट / लिक्विड फंड। नौकरी जाना, बीमारी या बिज़नेस स्लोडाउन, इमरजेंसी फंड मानसिक शांति देता है।Thumb Rule 5: बच्चों की पढ़ाई और शादी के लिए अलग प्लानमिडिल क्लास की सबसे बड़ी जिम्मेदारी— बच्चों का भविष्यनियम: बच्चों के नाम पर नहीं, अपने नाम पर निवेश, इक्विटी म्यूचुअल फंड (लॉन्ग टर्म)। जितनी जल्दी शुरुआत, उतना कम बोझ भविष्य में।Thumb Rule 6: EMI आपकी आय का 30–35% से ज़्यादा नहींहोम लोन + कार लोन + पर्सनल लोन। कुल EMI ≤ 35% आय। ज़्यादा EMI = ज़्यादा तनाव = ज़ीरो वेल्थThumb Rule 7: दिखावे से दूरी, समझदारी से दोस्ती मिडिल क्लास सबसे ज़्यादा पैसा यहाँ गंवाता है: दिखावटी शादी, स्टेटस कार,बिना ज़रूरत अपग्रेड।याद रखेंअमीर दिखना नहीं, अमीर बनना ज़रूरी है।Thumb Rule 8: रिटायरमेंट सबसे ज़रूरी लक्ष्य है। बच्चों की पढ़ाई लोन से हो सकती है। बच्चों की शादी समझौते से हो सकती है ।लेकिन रिटायरमेंट पर कोई लोन नहीं देता। रिटायरमेंट के लिए SIP + NPS + इक्विटी अनिवार्य है।निष्कर्षमिडिल क्लास व्यक्ति के लिए वित्तीय योजना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। ज़रूरत है सिर्फ़ सही जानकारी, सही सलाह और लंबी अवधि का धैर्य अगर आप आज सही कदम उठाते हैं, तो आने वाले 15–20 साल में आपका भविष्य सुरक्षित, सम्मानजनक और तनावमुक्त हो सकता है। (लेखक योगेन्द्र साहू रांची, झारखंड के प्रख्यात वित्तीय कोच और निवेश सलाहकार हैं।)

बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा 23 जनवरी को
Published / 2026-01-20 21:12:32
बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा 23 जनवरी को

बसंत पंचमी ज्ञान,सौंदर्य, संस्कृति और जीवन में आशा के संचार का है उत्सव : संजय सर्राफ टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष संजय सर्राफ ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में बसंत पंचमी का विशेष स्थान है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यही कारण है कि इसे बसंत पंचमी कहा जाता है। इस वर्ष बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी दिन शुक्रवार को मनाया जायेगा, इस दिन विद्या, बुद्धि, वाणी, कला और संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है, इसलिए इसे सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और जीवन में नवचेतना के आगमन का संदेश भी देता है। माघ शुक्ल पंचमी से ऋतु परिवर्तन का संकेत मिलता है। शीत ऋतु का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है और बसंत ऋतु का आगमन होता है। खेतों में सरसों के पीले फूल लहराने लगते हैं, आम के पेड़ों पर बौर आने लगते हैं और प्रकृति नवजीवन से भर उठती है। इसी उल्लास और सौंदर्य के स्वागत में बसंत पंचमी मनायी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। इसलिए यह दिन ज्ञान, शिक्षा और रचनात्मकता के आरंभ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, सृष्टि की रचना के समय चारों ओर नीरवता थी। भगवान ब्रह्मा ने देखा कि संसार में जीवन तो है, परंतु उसमें वाणी, ज्ञान और चेतना का अभाव है। तब उन्होंने अपने कमंडल से जल छिड़का, जिससे मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ। मां सरस्वती ने वीणा के मधुर स्वर से संपूर्ण सृष्टि को वाणी, बुद्धि और संगीत प्रदान किया। यह दिव्य घटना माघ शुक्ल पंचमी को घटित हुई, इसलिए यह तिथि मां सरस्वती को समर्पित हो गयी। बसंत पंचमी का सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक महत्व अत्यंत व्यापक है। इस दिन सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। छोटे बच्चों का विद्यारंभ संस्कार भी इसी दिन कराया जाता है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। पीला रंग इस पर्व का प्रमुख प्रतीक है, जो ऊर्जा, ज्ञान और समृद्धि का संकेत देता है। लोग पीले वस्त्र धारण करते हैं, पीले पुष्प अर्पित करते हैं और केसरिया या पीले रंग के व्यंजन जैसे खीर, हलवा आदि बनाते हैं।बसंत पंचमी भारतीय संस्कृति में रचनात्मकता और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। कवि, लेखक, कलाकार और संगीतज्ञ इस दिन विशेष साधना करते हैं। ऐतिहासिक रूप से भी यह दिन वीरता और प्रेरणा से जुड़ा रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसी दिन महान क्रांतिकारी लाला लाजपत राय को अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष में बलिदान मिला था।बसंत पंचमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, सौंदर्य, संस्कृति और जीवन में आशा के संचार का उत्सव है। यह हमें अज्ञान के अंधकार से निकलकर विद्या के प्रकाश की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। मां सरस्वती की कृपा से जीवन में विवेक, सृजनशीलता और सद्भाव बना रहे-यही बसंत पंचमी का सच्चा संदेश है।

तीन दिवसीय मारवाड़ महोत्सव के नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में 300 लोगों की जांच
Published / 2026-01-19 21:13:00
तीन दिवसीय मारवाड़ महोत्सव के नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में 300 लोगों की जांच

टीम एबीएन, रांची। हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी सहायक समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय मारवाड़ महोत्सव में आरबीएल थायरोकेयर, भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल एवं मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल साकेत न्यू दिल्ली के सौजन्य से तीन दिनों तक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया।इस शिविर में तीन दिनों में लगभग 300 लोगो का ब्लड शुगर जांच, ब्लड प्रेशर, ईसीजी, पल्स आक्सीजन, वजन, हार्ड एवं हड्डी का जांच डॉ अतुल कुमार, डॉ अंकुश शर्मा, तथा डॉ मुकेश कुमार, डॉ शंकर नाथ एवं सहयोगी के रूप में वेद प्रकाश सिंह, बादल कुमार, रविकांत कुमार, प्रेम शिला, मुकुंद मिश्रा, शीलवंती ने मरीजों की जांच की। स्वास्थ्य जांच शिविर में स्वास्थ्य की जांच कराकर लोग बहुत ही संतुष्ट नजर आए। शिविर के सफल आयोजन में संस्था के सुरेश चंद्र अग्रवाल, पवन शर्मा, विनोद कुमार जैन, ललित कुमार पोद्दार,भरत बगड़िया, अरुण भरतीया, मनोज चौधरी, कौशल राजगढ़िया, सज्जन पाड़िया, किशन पोद्दार, संजय सर्राफ, तथा अन्य सदस्यों ने सहयोग किया। उक्त जानकारी प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।

सनातन एकता मंच ने नगड़ी में किया हिंदू महासम्मेलन
Published / 2026-01-19 21:07:43
सनातन एकता मंच ने नगड़ी में किया हिंदू महासम्मेलन

टीम एबीएन, रांची। सनातन एकता मंच केंद्रीय समिति ने आज नगड़ी के हरहि गांव में संगठन के सक्रिय राम भक्त संजू सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक हिंदू महासम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें सनातन एकता मंच के केंद्रीय समिति के पदाधिकारीगण जिसमें सनातन एकता मंच के महिला प्रकोष्ठ के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बड़ी दीदी आदरणीय ममता सिंह दीदी ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने आयोजनकर्ता संजू सिंह राजपूत को इतने भव्य आयोजन करने के लिए सबसे पहले उनका और उनकी टीम का धन्यवाद किया। मंच के संस्थापक/केंद्रीय अध्यक्ष रोहित सनातनी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं 15 वर्षों से हिंदू समाज को संगठित और जागरूक करने का कार्य कर रहा हूं। इन 15 वर्षों में किसी ने भी ये नहीं कहा कि रोहित जी मै आपके कार्यक्रम में सहयोग करूंगा। हर कार्यक्रम में मै बढ़ कर तैयारी करूंगा। रोहित सनातनी ने संजू सिंह राजपूत से खुश होकर सनातन एकता मंच झारखंड प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संजू सिंह राजपूत को घोषित कर दिया और एक महीना तैयारी करने के बाद एक भव्य समारोह फिर से आयोजन किया जायेगा जो कि हरहि गांव नगड़ी, रांची में होगा तिथि आप सभी को सूचित किया जायेगा कार्यक्रम से पहले। इस कार्यक्रम में संजू सिंह राजपूत की पूरी टीम को सनातन एकता मंच केंद्रीय उपाध्यक्ष श्याम किशोर सिंह भैया ने कहा कि एक महीने बाद यहां पर फिर से एक भव्य समारोह होगा और इस कार्यक्रम में राष्ट्रीयवादी रोहित नगड़ी की पूरी टीम ने जो निस्वार्थ भाव से समर्पण समाज के प्रति जगजाहिर किया है वो काबीले तारीफ है। मंच के प्रदेश मंत्री महिपाल महतो ने कहा कि बहुत जल्द पूरे बिहार में भी सनातन एकता मंच के कमिटी का गठन किया जायेगा। मंच के प्रदेश कोषाध्यक्ष धनराज केशरी (गोलू) के कहा कि 19 मार्च के कार्यक्रम के बाद पूरे झारखंड प्रदेश में हिंदू बहनों को लव जिहाद के विषय में पूरे प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। संगठन के द्वारा एक पुस्तक जारी किया जायेगा, जिसमें सिर्फ लव जिहाद के विषय में जानकारी रहेगी। इस सम्मेलन में अखंड भारत के प्रदेश अध्यक्ष ब्रजेश सिंह ने कहा कि पूरे झारखंड प्रदेश में बहुत जल्द सदस्यता अभियान चलाया जायेगा। इस कार्यक्रम में समीर सिंह, संजय सिन्हा, शुभम, भीम शर्मा, जितेंद्र राय, गौतम प्रसाद (बबलू), विकास जायसवाल, दीपेश पाठक बाबा, राजेश, सोनू गिरी, सुशांत सनातनी, अजय जी, दिनेश सिंह, ठाकुर उत्तम सिंह, अनिल कुमार, उमेश गोप, राजवीर दस, गलेश्वर शाही, विशेश्वर शाही, कर्मदेव शाही, इसेश शाही, अमन शाही, राकेश शाही, विनय शाही, विजय शाही, मुकेश जी, बिकी जी, राहुल जी, राजकिशन जी, राजू जी, पिंटू साहू, प्रेम जी, सुमित गोप, गौरव घोष, अभय राज, अमन श्री, राजकुमार जी, रौनक जी, पिंटू जी, सोनू जी, बबलू जी, प्रकाश जी, बाकी श्री राम सेना हरहि के पूरे सदस्यगण इस कार्यक्रम में अपनी पूरी मेहनत से इस कार्यक्रम को सफल बनाया।

बुढ़मू के छापर में लगा नि:शुल्क चिकित्सा और दवा वितरण शिविर
Published / 2026-01-18 18:27:17
बुढ़मू के छापर में लगा नि:शुल्क चिकित्सा और दवा वितरण शिविर

टीम एबीएन, रांची। रविवार को श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची ने ग्राम- छापर, प्रखंड- बुढ़मू, जिला- रांची में नि:शुल्क चिकित्सा एवं दवा वितरण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 79 रोगियों को नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श के साथ दवा बांटा गया। शिविर का शुभारंभ परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी एवं परमपूज्य बाबा गुरुपद संभव राम जी की तस्वीरों की विधिवत आरती-पूजन के साथ किया गया।  उसके उपरांत शिविर में रोगियों को एलोपैथिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सीय सुविधा प्रदान की गयी। साथ ही नि:शुल्क दवाई भी प्रदान किया गया। शिविर में डॉ एसएन सिन्हा, डॉ शंकर रंजन, डॉ कृष्ण मुरारी सिंह, डॉ रविंद्र कुमार अंबष्ट एवं डॉ स्वीटी रानी ने चिकित्सीय सेवा प्रदान किया। चिकित्सा शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर एवं हीमोग्लोबिन जांच की सुविधा भी दी गयी, जिसमें सीएचसी लापुंग से शहनवाज आलम, ललिता कुमारी, बसंती कुमारी, मनीष गोप एवं मनोज भगत ने सेवा प्रदान किया। शिविर में जरूरतमंद लोगों के बीच कम्बल एवं वस्त्र वितरण भी किया गया। शिविर के सफल आयोजन में धर्मेंद्र सिंह, मुरसिंग लाल मांझी, महाबीर लोहरा, राज टुड्डू, रोहित राज, संजय सिंह, बंटी कुमारी एवं कुदरत अंसारी ने विशेष सहयोग प्रदान किया। श्री सर्वेश्वरी समूह- शाखा रांची की ओर से राधेश्याम सिंह, आशुतोष कुमार, प्रताप आदित्य नाथ शाहदेव, पवन कुमार, सुनील सिंह, राधा मोहन मिश्रा, प्रशांत सिन्हा, अंजनी सिंह, सौरभ राज, दक्ष कुमार, बालदेव उरांव, सुधीर साहु, रौशन गोप, ऋषभ सिंह, पवन साहु इत्यादि सम्मिलित हुए।

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