टीम एबीएन, रांची। राजा दक्ष और गणेश का माथा प्रत्यारोपण आज भी जीव विज्ञान के लिए कल्पना है। दो भिन्न योनियों का सर और धड़ का प्रत्यारोपण, ब्लड ग्रुप मिलान, मस्तिष्क का प्रत्यारोपण जो हजारों साल पहले शिव ने किया यह सच्चाई हो या व्यास की परिकल्पना लेकिन यह तो आगे भी हजारों साल तक नहीं होने वाला है। उक्त बातें पंडित रामदेव पांडेय ने कही। वह झारखंड की राजधानी रांची के बरियातू स्थित हाउसिंग कॉलोनी में आयोजित शिवमहापुराण कथा के तीसरे दिन व्यास मंच से उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिवमहापुराण में गणेश की उत्पत्ति एक कोशिका से है। आज भी प्रोटोजोवा ग्रुप के जीव एक कोशिश से उत्पन्न होते हैं। कार्तिक का जन्म शिव के वीर्य से हुआ, पर पृथ्वी अग्नि, जल, नार, छः कृतिकाएं, इनकी माता हुई।दस माताओं के गर्भ धारण से छः माथे वाले एक बालक का जन्म होना विज्ञान में आज भी असम्भव है। शिव नटराज भी है, जिनके डमरू बजाने से अक्षर का स्वर लहरी निकला है। शिव योगी और भोगी दोनों हैं। दण्ड देने की बात हुई तो अनन्य भक्त लंकेश को सौ सालों तक हिमालय में दबा कर रखा। तब लंकेश का नाम रावण पड़ा। शिव पुत्र गणेश का बाहुबल की भी परीक्षा लेते हैं। युद्ध करते हैं। शिव गृहस्थ हैं। एक पत्नीव्रत हैं। पार्वती को रमणीय बनाकर हृदय में रखा तो अन्य नारी गंगा को सर पर सुशोभित कर लिया। अपने पत्नी को हृदय में रखिए और दूसरी नारी को दिमाग में। घर गृहस्थी में आक्षेप नहीं आएगा। शिव साम्यवादी हैं। अपनी बरात में भूत, प्रेत, वैताल, लंगड़ा, खाना सबको लेकर जाते हैं। शिव सादा जीवन उच्च विचार के द्योतक हैं। सभी देवता अनन्त आसमान स्वर्ग में बिराजते हैं। पर शिव जमीन पर विराजमान हैं और बैल पर चढ़कर चलते हैं। जबकि पार्वती की सवारी सिंह है। जिससे यह प्रतीत हित है कि पत्नी को ताकतवर बनाकर रखो। भले बैल को डरना पड़े। सनातन संस्कृति पत्नी को ताकतवर बनाती है। देवी स्वरूप पूछता है पर अन्य कथित परदेशी धर्म तो पत्नी को तलाक के मुहाने पर खड़ा रखता है। कहता है स्त्री तुम्हारी खेत है। शिव सती की जुदाई, बेटे गणेश का डिसेबल होना भी स्वीकार कर जीवन जीने की सीख देते हैं। गणेश उत्तर भारत में पूजनीय हैं तो कार्तिक/ सुब्रमण्यम/ मुरुगन स्वामी दक्षिण में स्मरणीय हैं। इनका परिवार के साथ परिवार की सवारियों में नैसर्गिक विरोधाभास है, फिर भी शिव और इनका परिवार विश्व के सभी देव मण्डल में सर्वशक्तिमान होकर पूजे जाते हैं। परिवार प्रबंधन सीखना हो तो शिव से सीखें। परिवार के हर जन को क्षमतावान बनाओ। शिवपुराण के अनुसार सृष्टि का निर्माण कई हज़ार साल के बाद हुआ है। विज्ञान ने कहा है कि डेढ़ खरब साल के बाद सृष्टि का निर्माण हुआ है, जबकि विदेशी धर्म के पुस्तक में बताया गया कि सृष्टि तो छः दिनों में मैंने बनाया और बहुत तक गया। इसलिए तुलसी दास ने शिव को महाविज्ञानी कहा है।
टीम एबीएन, देवघर/रांची। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का आगाज हो चुका है। 2 साल बाद सावन के पावन महीने में एक बार फिर भक्त अपने भगवान से मिलने आ रहे हैं। सुल्तानगंज उत्तरवाहिनी गंगा से कांवर में जल लेकर पांव पैदल यात्रा करते हुए 105 किलोमीटर की दूरी तय कर बाबा नगरी पहुंचने वाले कांवरियों के अंदर गज़ब का उत्साह देखने को मिल रहा है। ऐसे में कावरियों की सुविधा को देखते हुए दुम्मा बॉर्डर से कुजुरिया तक कांवरिया पथ पर जगह-जगह इंद्र वर्षा के लिए सिस्टम लगाए गए हैं। कांवरिया पथ कांवरियों को गर्मी से राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने एक तय दूरी पर इसकी व्यवस्था की है। दरअसल, पैदल यात्रा के दौरान कांवरियों को धूप लगती है ऐसे में इंद्र वर्षा के सिस्टम की मदद से आर्टिफिशियल बारिश करा कर कांवरियों को राहत देने की कोशिश की जाती है। कांवरिया भी इस वर्षा का जमकर आनंद लेते हैं। इंद्र वर्षा से कांवरियों को गर्मी से काफी राहत मिलती है। कांवरिया बताते हैं कि इंद्र वर्षा हम कांवरियों के लिए काफी राहत देने वाली व्यवस्था है। जब बारिश नहीं होती है तो धूप में चलने में काफी कठिनाई होती है तो इंद्र वर्षा के जरिए अपने शरीर को कुछ देर तक ठंडा करके आगे बढ़ते हैं। फिर कुछ ही दूरी के अंतराल पर फिर दूसरे इंद्र वर्षा से यह सुखद आनंद मिलता है, जो काफी राहत देने का कार्य करता है। कोरोना महामारी के कारण पिछले 2 वर्षों से श्रावणी मेला को स्थगित कर दिया गया था, जिससे बाबा भोलेनाथ के भक्त देव नगरी देवघर नहीं पहुंच रहे थे। वह इस वर्ष से श्रावणी मेला का आयोजन किया जा रहा है, जिससे भारी संख्या में कांवरिया देवघर बाबा बैजनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं। ऐसे में कांवरियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन तमाम व्यवस्थाओं में जुटी हुई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा है कि बिहार के फूलवारी शरीफ में पकड़े गए आतंकवादी मॉड्यूल से उजागर हुई पीएफआइ की गतिविधियों और उनके इरादों से पूरा देश चिंतित है। 2047 तक संपूर्ण देश को दारुल इस्लाम में परिवर्तित करने और देश को शरीयत के बर्बर कानूनों से संचालित करने का उनका लक्ष्य एक बड़े खतरे की ओर संकेत कर रहा है। यहां पर संपूर्ण देश के जेहादी युवक प्रशिक्षण ले रहे हैं। वे अपने अपने प्रदेश में अराजकता, अशांति और आतंक फैलाने की योजनाओं को लागू कर रहे हैं। देशभर में रामनवमी, महावीर जयंती आदि की शोभायात्राओ के ऊपर हिंसक हमले; शाहीन बाग, शिव विहार, जहांगीरपुरी आदि में हिंसा का तांडव; लव जिहाद व हिंदुओं पर प्राण घातक हमलों का राष्ट्रव्यापी स्वरूप इनके षड्यंत्रों का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन सब आतंकी घटनाओं का केंद्रीय तंत्र से संचालित होना संपूर्ण देश की सरकारों के लिए एक चुनौती है। इसमें शामिल लोगों और उनके सहायकों पर ऐसी सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए जिससे कोई भी इनकी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में सम्मिलित होने का सोच भी ना सके। डॉ जैन ने कहा कि पूरे देश में किसी भी सेकुलर नेता द्वारा, इस आतंकी माड्यूल की निंदा में, एक भी शब्द ना कहना, ज्यादा चिंता का विषय है। याकूब मेमन की फांसी को रुकवाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाने वाले, बटला हाउस एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों के लिए आंसू बहाने वाले और बुरहान वानी जैसे आतंकियों के समर्थन में कैंडल मार्च निकालने वालों के मुंह में, ऐसे मौकों पर, दही क्यों जम जाती है? ऐसे में अगर देश की जनता यह विश्वास करने लग जाती है कि जेहादी आतंकवाद छद्म सेकुलर नेताओं के सहयोग से ही पनप रहा है तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा। सोनिया, राहुल समेत इन सब सैकूलर गैंग के नेताओं को यह जवाब देना होगा कि उनके लिए राष्ट्र-हित पहले हैं या उनके क्षुद्र निहित स्वार्थ? डॉ सुरेंद्र जैन ने बिहार सरकार की मंशा पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए पूछा कि कई वर्षों से चल रहे इस आतंकी प्रशिक्षण केंद्र को तभी क्यों पकड़ा गया जब माननीय प्रधानमंत्री के आगमन पर हमले की आशंका के कारण पुलिस बलों को अधिक सतर्क और सक्रिय होना पड़ा? तमिलनाडु व केरल जैसे, जिहादियों से त्रस्त प्रदेशों के जिहादियों को भी बिहार अधिक सुरक्षित क्यों लग रहा है? बांका, दरभंगा, अररिया, भागलपुर जैसे कई अन्य स्थानों पर पिछले कुछ वर्षों में 100 से अधिक बम विस्फोट हो चुके हैं। अनुसूचित जातियों की बस्तियों पर जिहादियों के द्वारा हमले तथा उन भाई बहनों पर कई प्रकार के अत्याचार लगातार हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि बिहार जिहादियों की शरण स्थली और ब्रीडिंग सेंटर बन गया है। बिहार सरकार को भी आत्म विश्लेषण करना चाहिए और राष्ट्रघाती सेकुलर नीति को छोड़कर जिहादियों पर लगाम लगानी चाहिए। बिहार क्रांति की धरती है। कहीं ऐसा ना हो कि बिहार के राष्ट्रवादी समाज को इन जेहादीयों के विरुद्ध एक और क्रांति का शंखनाद करना पड़ जाए। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, दुमका/ रांची। पवित्र माह सावन का आज पहला दिन है। इसको लेकर प्रसिद्ध बाबा बासुकीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह 4 बजे से ही भक्त भगवान भोले की अराधना में जुट गए हैं। मंदिर में सरकारी पूजा के बाद श्रद्धालु जलाभिषेक कर बाबा बासुकी की पूजा कर रहे हैं। सावन के पहले दिन पूजा के लिए भक्तों में इतना उत्साह था कि वे रात 2 बजे से ही मंदिर के बाहर लाइन में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। मंदिर में प्रवेश की इजाजत मिलने के साथ ही हर हर महादेव और बोल बम के नारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। लोग अपने भगवान शिव की पूजा अर्चना में लीन हो गए। बाबा बासुकीनाथ मंदिर में संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से पूरी तैयारी की गई है। श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं से लेकर भीड़ को नियंत्रित करने को लेकर खास इंतजाम किये गये है। वहीं, सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम है। दुमका एसडीएम महेश्वर महतो सुबह तीन बजे से ही बासुकीनाथ मंदिर में कैंप कर व्यवस्था की कमान संभाले हुए हैं। एसडीएम के साथ डीएसपी राम समद और अन्य अधिकारी भी मौजूद हैं।
टीम एबीएन, रांची। अपने उद्देश्य के अनुरूप मारवाड़ी युवा मंच, रांची शाखा एवं मारवाड़ी युवा मंच महिला समर्पण रांची शाखा के संयुक्त तत्वाधान में आगामी 15 जुलाई 2022 से 18 जुलाई 2022 तक चार दिवसीय नि:शुल्क कृत्रिम पैर प्रत्यारोपण शिविर का उद्घाटन समारोह 15 जुलाई दोपहर 3 बजे मारवाड़ी भवन हरमू रोड में होगा। उद्घाटन समारोह में माननीय स्वास्थ्य मंत्री (झारखंड सरकार) बन्ना गुप्ता मुख्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। उन्होंने मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रम में उपस्थित होने और जनसेवा से जुड़े प्रस्तावित कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। उक्त जानकारी मारवाड़ी युवा मंच महिला समर्पण शाखा की मीडिया प्रभारी सरिता बथवाल और उपाध्यक्ष सह प्रवक्ता मारवाड़ी युवा मंच अमित शर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सत्यानंद योग मिशन केन्द्र, रांची की ओर से आईएएस ऑफिसर्स क्लब एवं बसंत बिहार स्थित सत्यानंद योग मिशन केन्द्र, सरोवर एन्क्लेव में गुरुपूर्णिमा महोत्सव को धूमधाम से मनाया गया। प्रातःगणेश स्तोत्र और गुरु स्तोत्र के साथ गुरु पूजा, आराधना, सौंदर्य लहरी, ध्यान और कीर्तन हुआ। गुरु भक्ति योग में संन्यासी मुक्तरथ जी ने आये हुए सभी साधकों और योग जिज्ञासुओं को ध्यान कराये, जीवन में गुरु की आवश्यकता पर एक सत्संग दिए। उन्होंने कहा मैं ऐसे गुरु का शिष्य हूं, जिनको कोई एकेडमिक डिग्री नहीं है,किसी विद्यालय में पढ़ने नहीं गये पर बिहार स्कूल ऑफ योग मुंगेर के प्रिंसिपल रहे, दुनिया का कीर्तिमान योग विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं और उनकी सैकड़ों लिखी हुई पुस्तकें बड़े-बड़े यूनिवर्सिटी में पढ़ाई जाती है, उनका नाम है स्वामी निरंजना नन्द सरस्वती। जो विश्व के आधुनिकतम साइंस के साथ अध्यात्म का समावेश कर एक नई राह दिखलाने का काम किये हैं, यह रास्ता है समग्र स्वास्थ्य के साथ चेतना का विकास। एक समर्थ गुरु ही संसार के इस महासमर से पार लगा सकते हैं। क्योंकि हम छोटे बुद्धि वाले और संकीर्ण सोच वाले मानव जीवन भर भटकाव की स्थिति में ही चलते रहते हैं, जिससे जीवन के सामने काले बादल छाये रहते हैं, इसे प्रकाशित करने वाले केवल गुरु ही होते हैं। इसीलिए गुरु का स्थान भगवान से भी ऊंचा है। ईश्वर का मार्ग गुरु ही दिखला सकते हैं, मोक्ष की प्राप्ति गुरु के बिना संभव नहीं है। जीवन आसक्ति रहित हो और प्रेमपूर्ण हो यह तो तभी सम्भव है जब हमारे जीवन में ज्ञान का उदय होगा।कार्यक्रम में सत्यानंद मिशन से जुड़े भक्त, योगाभ्यासी एवं प्रशासनिक स्तर के कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। मुक्तरथ जी ने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। जय बोलो श्रीगुरुदेव की आनंद में आनंद में..., गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरुर देवो महेश्वर..., गुरु मंगलम गुरु पाद मंगलम... आदि कीर्तन से सभी लोग सराबोर हो गये। अपराह्नकालीन सत्र में योग केन्द्र में योगनिद्रा एवं अजपा जप मेडिटेशन तथा गायत्री और महामृत्युंजय मंत्रों से हवन हुआ।
टीम एबीएन, रांची। नेताजी एकेडमी उच्च विद्यालय, होचर, कांके, रांची के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु पूजन का कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रांची ग्रामीण के जिला कार्यवाह डॉ० सुनील महतो ने कहा गुरु के श्रेष्ठता से शिष्य के चरित्र में बदलाव आ जाती है। उन्होंने कहा आषाढ़ पूर्णिमा को ही वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। सबसे पहले वेदों की शिक्षा वेदव्यास ने ही दी थी, इसलिए हिंदू धर्म में उन्हें जगत गुरु का दर्जा भी दिया गया है। उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भगवा ध्वज को अपना गुरु बनाया है क्योंकि सूर्य के किरण की भांति भगवा ध्वज सर्वव्यापी प्रेरणा का स्रोत है। भगवा ध्वज व्यक्ति नहीं तत्व है, जो अनादिकाल से प्रेरणा के पुंज के समान विद्यमान है। उन्होंने कहा सनातन परंपरा में गुरु का स्थान ईश्वर से भी बड़ा है, क्योंकि भगवान का दर्शन गुरु के मार्गदर्शन से ही मिल पाता है। गुरु वह होता है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। हमें अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान रूपी प्रकाश तक पहुंचाने का श्रेय गुरु को होता है। यह उत्सव गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता को प्रकट करने का भी एक पावन अवसर होता है। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी बच्चे ने परमपवित्र भगवा ध्वज को गुरु के रूप में पूजन किए। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, रांची ग्रामीण जिला प्रचारक बासुकीनाथ जी, पिठोरिया खंड कार्यवाह अविनाश कुमार, उर्मिला केरकेट्टा, शिव प्रसाद साहू, बालचंद उरांव, मीना कुमारी, अनु देवी, सुनीता कश्यप, राकेश झा, बबलू साहू, राम किशवर साहू, कुसुम टोप्पो, सुनीता कुमारी मुंडा, विजय उरांव, मनीष साहू सहित दर्जनों उपस्थित थे। उक्त जानकारी पिठोरिया के खंड कार्यवाह अविनाश कुमार ने एक प्रेम विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, देवघर/ रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 जून को देवघर दौरे पर हैं। इस दौरान इन्होंने पहले देवघर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया इसके बाद वे करीब 10 किलोमीटर लंबा रोड शो करते हुए भगवान भोले नाथ के दरबार में पहुंचे और बाबाधाम के गर्भगृह में पूजा अर्चना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। वैद्यनाथ मंदिर में पूजा करने के बाद पीएम मोदी देवघर कॉलेज मैदान में धन्यवाद रैली को संबोधित करने के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी के दौरे के दौरान पूरा देवघर मोदीमय दिखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने झारखंड दौरे के दौरान देवघर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इसके बाद पीएम मोदी मे करीब दस किलोमीटर लंबा रोड शो किया बाबा मंदिर जहां उन्होंने बाबा मंदिर के गर्भगृह में जाकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की। यहां करीब पांच पंडितों ने पीएम से पूजा अर्चना करवाई। भगवान के शिव के दर्शन और पूजा के बाद प्रधानमंत्री देवघर कॉलेज में आयोजित धन्यवाद रैली को संबोधित करने के लिए रवाना हो गए। बाबा बैद्यनाथ धाम में प्रसाद योजना के तहत आधुनिक योजना के विकास पर काम किया जा रहा है। इस तरह की आधुनिक सुविधाएं आदिवासी क्षेत्र में यहां की पूरे तकदीर को बदलने जा रही हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने देवघर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने करीब 16,800 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास भी किया। यहां पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के प्रयासों का लाभ पूरे देश में दिख रहा है। उड़ान योजना के तहत पिछले 5-6 सालों में लगभग 70 एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट्स और वॉटर एयरोडोम्स बनाए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज 400 से ज्यादा नए रूट्स पर सामान्य से सामान्य नागरिक को हवाई यात्रा की सुविधा मिल रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। महंगे प्रीमियम पर बीमा कराने में असमर्थ लोगों के लिए डाक विभाग का इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक एक विशेष सामूहिक दुर्घटना सुरक्षा बीमा लेकर आया है। इसमें वर्ष में महज 299 और 399 रुपये के प्रीमियम के साथ लाभार्थी का 10 लाख रुपए का बीमा होगा। एक साल खत्म होने के बाद अगले साल यह बीमा रिन्यू कराना होगा। इसके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में लाभार्थी का खाता होना अनिवार्य है। उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने दी। पोस्टमास्टर जनरल ने बताया कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और टाटा एआईजी के मध्य हुए एक एग्रीमेंट के तहत 18 से 65 वर्ष आयु के लोगों को यह सामूहिक दुर्घटना बीमा सुरक्षा मिलेगी। इसके तहत, दोनों प्रकार के बीमा कवर में दुर्घटना से मृत्यु, स्थाई या आंशिक पूर्ण अपंगता, अंग विच्छेद या पैरालाइज्ड होने पर 10 लाख रुपए का कवर मिलेगा। साथ ही, इस बीमा में दुर्घटना से हॉस्पिटल में भर्ती रहने के दौरान इलाज के लिए 60,000 रुपये तक का आईपीडी खर्च और ओपीडी में 30,000 रुपये तक का क्लेम मिलेगा। वहीं, 399 रुपए के प्रीमियम बीमा में उपरोक्त सभी लाभों के अलावा दो बच्चों की पढ़ाई के लिए एक लाख तक का खर्च, दस दिन अस्पताल में रोजाना का एक हजार खर्च, किसी अन्य शहर में रह रहे परिवार के लिए ट्रांसपोर्ट का 25,000 रुपये तक का खर्च और मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 5,000 तक का खर्च मिलेगा। इस बीमा सुविधा में पंजीकरण के लिए लोग अपने नजदीकी डाकघर में संपर्क कर सकते हैं। इसके तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को कवर करने के लिए डाक विभाग द्वारा "मिशन सुरक्षा" अभियान 15 अगस्त तक चलाया जा रहा है।
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