एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड में महिला पुलिस अधिकारी की गौ तस्करों द्वारा नृशंस हत्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए विश्व हिन्दू परिषद ने गौ तस्करों को पूरी तरह कुचलने की मांग की है। विहिप के केन्द्रीय महा मंत्री श्री मिलिंद परांडे ने आज एक प्रेस वक्तव्य के माध्यम से कहा है कि एक जाबांज महिला पुलिस अधिकारी के राजधानी रांची में गौ तस्करों द्वारा नृशंस हत्या ने ना सिर्फ राज्य की कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाया है वल्कि यह भी साबित कर दिया है कि इस्लामिक जिहादियों व गौ-तस्करों के हौसले कितने बुलंद हैं। पुलिस अधिकारी संध्या के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने राज्य सरकार से उनके परिवार को उचित आर्थिक सहायता शीघ्र दिए जाने के साथ राज्य में गौ तस्करों की कारगुजारियों को कठोरता से कुचलने का आग्रह किया है। श्री परांडे ने कहा कि झारखंड गौ तस्करों का स्वर्ग बन चुका है। राज्य से होकर बड़े पैमाने पर गौ बंस को कटाई के लिए बंगाल ले जाया जा रहा है। ऐसे सभी मार्गों को गौ तस्करों के लिए अबिलंब सील किए जाने की आवश्यकता है। अनेक बार ये तथ्य उजागर हुए हैं कि गौ तस्करी का पैसा जकात, जिहाद व आतंकवाद में लगाया जा रहा है। इस अवैध तस्करी से ना सिर्फ हिन्दू आस्था पर चोट पहुंचाई जा रही है अपितु, गौ-तस्करी से देश की आंतरिक सुरक्षा को भी गंभीर खतरा है। विश्व हिन्दू परिषद की मांग है कि राज्य में गौ हत्याओं, गौ तस्करी व जिहादी गतिविधियों के विरुद्ध सरकार कठोर कार्यवाही करे। उन्होंने घोषणा की कि बहन संध्या को श्रद्धांजलि तथा गौ तस्करी पर पूर्ण विराम लगाने हेतु विहिप कार्यकर्ता शुक्रवार 22 जुलाई को राज्य व्यापी धरना प्रदर्शन करेंगे। उक्त जानकारी विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।
टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकतार्ओं ने झारखंड गोवंश पशु हत्या निषेध अधिनिय 2005 को सख्ती से लागू करने सहित 4 सूत्री मांगों को लेकर आज झारखंड के सभी 24 जिला उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि झारखंड की राजधानी रांची के तुपुदाना ओपी क्षेत्र में जांबाज महिला पुलिस अधिकारी संध्या टोपनो अपने कर्तव्य को पालन करते हुए गौमाता की रक्षार्थ वीरगति को प्राप्त हो गयी। एक महिला पुलिस अधिकारी को गौतस्करों के हाथों भेट चढ़ना राज्य के कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगता है, वहीं यह भी साबित कर दिया गया कि प्रदेश में इस्लामिक जेहादियों व गौतस्करों के हौसले कितने बुलंद हैं। उन्होंने कहा गौतस्करों द्वारा सिर्फ हिंदू आस्था पर चोट नहीं पहुंचाया जा रहा अपितु गौतस्करी से देश के आंतरिक सुरक्षा को भी गंभीर खतरा है क्योंकि अवैध गौतस्करी के रुपये आतंकवादी एवं अलगाववादी संगठनों को जाता है। डॉ साहू ने कहा कि 1. गौमाता की रक्षार्थ वीरगति प्राप्त वीरांगना संध्या टोपनो को शहीद का दर्जा दिया जाए। 2. गौतस्करी के नेटवर्क में शामिल सभी गौतस्करों को अविलंब गिरफ्तारी कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के द्वारा कड़ी से कड़ी सजा दिया जाए। 3. सिमडेगा-गुमला-रांची, पलामू-लोहरदगा-रांची, चतरा-हजारीबाग-धनबाद, जीटी रोड-पाकुड़ सहित झारखंड के कई मार्गों से गो तस्करी का मुख्य धंधा चलता है, इन मार्गों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था किया जाए जिससे गौ तस्करी पर रोक लगाई जा सके तथा 4. झारखंड प्रदेश में झारखंड गोवंश से पशु हत्या निषेध अधिनियम 2005 को सख्ती से लागू किया जाए, जिससे हिंदू आस्था पर कोई चोट पहुंचा न सके। विश्व हिंदू परिषद रांची महानगर ने रांची के उपायुक्त शशी रंजन को ज्ञापन सौंपे। जिसमें रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी, महानगर मंत्री चंद्रदीप दुबे, महानगर सेवा प्रमुख नागेंद्र शुक्ला, एवं श्रीराम नगर के रमेश बर्मन शामिल थे। उक्त जानकारी विहिप के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने गौतस्करों के द्वारा हत्या किए गए दिवंगत महिला पुलिस अधिकारी संध्या टोपनो के अंतिमयात्रा में शामिल होकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किए। विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल ने तस्करों द्वारा हत्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए हत्यारों को कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा झारखंड में इस्लामिक जिहादी पशुतस्करों का आतंक झारखंड के हर मुख्य मार्गों पर मचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौ तस्करों के द्वारा प्रतिदिन हजारों की संख्या में गोवंश को पाकुड़ के मार्गों से बंगाल होते हुए बांग्लादेश भेजने का कार्य किया जाता है। झारखंड में झारखंड गोवंश पशु हत्या निषेध अधिनियम 2005 को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है। प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने बताया झारखंड में गौतस्करी को रोकने के लिए झारखंड में झारखंड गोवंश पशु हत्या निषेध अधिनियम 2005 को सख्ती से लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रांत के सभी जिला केंद्रों में उपायुक्त के द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। प्रतिनिधिमंडल में क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, प्रांत सहमंत्री रंगनाथ महतो, सामाजिक समरसता प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्र, रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी विशेष रूप से थे। उक्त जानकारी प्रांत प्रभारी डॉ वीरेंद्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। विश्व का मूल तत्व सिर्फ एक और शक्ति रूप है, जिसे धर्म में ईश्वर, गौड, अल्लाह कहते हैं। विज्ञान ने इसे ऊर्जा कहा है। व्यापक विश्व रूप भगवाना... इसी मूल तत्व या परम शक्ति को जानने की कोशिश शुरू से ही धर्म और विज्ञान करते रहे हैं। मनीषी जन चिन्तन और वैज्ञानिक प्रयोग द्वारा प्रकृति को पहचान कर अन्त में आत्म तत्व को पहचानेंगे। विज्ञान कहता है कि खरबों साल में प्रलय आएगा, पर वैदिक ग्रन्थों में प्रलय का रूप तीन तरह निर्धारित किया है। प्रलय में ब्रह्मा की आयु समाप्त होती है। धरती जलमग्न हो जाती है। रजोगुण से बने प्राणियों का जीवाश्म हो जाता है और विष्णु यानि आत्मिक सत्व गुण का एक दिन पूरा होता है। फिर अतिप्रिय होता है। अर्थात ब्रह्मा की पूरी आयु विष्णु का एक दिन होता है। इस तरह विष्णु सौ साल जीते हैं। इसके बाद अतिप्रलय होता है। इसमें बारहों सूर्य पृथ्वी के करीब आते हैं, तो पृथ्वी और सौरमंडल भी पिघल कर तरल अवस्था में आ जाता है। सिर्फ गैस रहता है। ब्रह्माण्ड में धूम-कुहासा हो जाता है। विष्णु की आयु पूरी होने पर रूद्र, शिव नहीं शिव का अंश है। रूद्र का एक दिन होता है। यह भी सौ साल जीते हैं। इस समय तम् यानि शंकर की प्रलयकारी शक्ति के सामने कुछ नहीं रहता है। इसे ही महाकाल, महाशक्ति, परम शक्ति कहा गया है। इस अवस्था में परमाणु के अंशानु, प्रोटोन इलेक्ट्रान और न्यूट्रॉन में पुट जाते हैं। यही सत, रज और तम हैं। विष्णु, ब्रह्म और शिव की शक्ति महालक्ष्मी, सरस्वती और महाकाली है। यही कुहासा को अध्यात्म, काली, धूमावती कहा है, जो महाविद्या है, प्रलय काल के अक्षुण्ण जड़ात्मक शक्ति से ब्रह्माण्ड का निर्माण होता है। इस शुभ शक्ति को आदि शक्ति, जगत जननी, शिव और शंकर कहा गया है, जो अविनाशी है। यही सत्, चित् और आनन्द है। यही अर्धनारीश्वर रूप दिखाया गया है। ब्रह्मा को, शिवलिंग मैथुनी सृष्टि के मूल या बीज का प्रतीक है। अष्टमातृका और अष्टमूर्ति शिव से अष्टवसुधा से ब्रह्माण्ड की रचना हुई है। इसलिए शिव ही जड़ चेतन का मूल है। इस तरह सृष्टि रचना पर पंडित रामदेव पाण्डेय ने शिवमहापुराण के छठे दिन की कथा में शिव के स्वरूप को गिनाया। बताते चलें कि यह कथा 23 जुलाई की शाम तक चलेगी।
टीम एबीएन, रांची। विश्व का मूल शून्य रूप आकाश ही शिव है। सृष्टि के किसी वस्तु का निर्माण या विनाश नहीं होता सिर्फ रूप परिवर्तन होता है। वैसे ही शिव के अनेक रूप समष्टि और व्यष्टि में हैं। प्राकृतिक प्रलय से पंच तत्व का रूप बदल जाता है। शून्य में सभी समाहित है, यह शिव है। निराकार ओमकार मूलम तुरीयम, शिव का सघोजात, भीम, अघोर, निशान वामदेव, आकाश, जल, वायु, अग्नि और आकाश रूप में अवतार है, जिनके संयोग से जीव की सृष्टि हुई। उक्त बातें पंडित रामदेव पाण्डेय ने कही। वह राम जानकी मंदिर हाउसिंग कॉलोनी बरियातू में आयोजित श्री शिवमहापुराण की कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि यही त्रिगुणात्मक है। सत, रज और तम इसे ही फ्राइड ने मन के तीन गत्यात्मक पहलु कहा है जो अबोधात्मा, ज्ञानात्मा और आदर्शात्मा कहा है। शिव में यह समत्व रूप में है तो रामायण में रजो गुण सीता, तमोगुण रावण और सतोगुण राम के रूप में है। राम लखन बीच सीय सोभ कैसे, ब्रह्म जीव बीच माया जैसे... जीवन में सदैव सीता स्वरूप पवित्रतात्मा या अवधात्मा हुआ करती है जो हमेशा राम यानि आदर्श आत्मा के साथ रहना चाहती है। जिस व्यक्ति में रामत्व सुपर इगो प्रबलता होती है, उसके दुर्गुणों या रावणत्व/इगो मारा जाता है, इसलिए मनुष्य को अपनी आत्मा को कष्ट से मुक्त रखने के लिए रामत्म/ आदर्श आत्मा /सुपर इगो/ सतोगुण को सबल बनाना चाहिए। इसलिए शिव जी राम-राम जपते हैं और हजारों करोड़ सुपर इगो की कथाएं कहकर भी राम को ईश्वर मानते हैं।
एबीएन सोशल डेस्क। दिग्गज गायक भूपिंदर सिंह का मुंबई के अस्पताल में निधन हो गया है। सिंह की पत्नी मैथिली सिंह ने इसकी जानकारी दी। भूपिंदर सिंह (82) ने कई सुपरहिट गानों में अपनी आवाज दी है। भूपिंदर की पत्नी मैथिली ने बताया कि उनका निधन सोमवार शाम को हुआ और अंतिम संस्कार मंगलवार को होगा। उन्हें पेट की बीमारी थी। क्रिटिकेयर एशिया अस्पताल के निदेशक डॉक्टर दीपक नामजोशी ने कहा कि भूपिंदर सिंह को दस दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉ दीपक ने बताया कि सिंगर को इंफेक्शन हो गया था। साथ ही वे कोरोना की भी चपेट में आ गए थे। सोमवार सुबह उनकी तबीयत काफी खराब हो गई थी जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। सोमवार शाम को उनको कार्डियक अरेस्ट हुआ और शाम 7:45 बजे उनका निधन हो गया।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 18/07/2022 दिन सोमवार को मोराबादी स्थित सुविधा बैंक्वेट हॉल में स्वामी सहजानंद सरस्वती विकास मंच की बैठक हुई, जिसमें युवाओं को स्वामी जी के बताए रास्ते पर चलने की बातें, समाज के लिए एकजुटता और संगठन का विस्तार पर चर्चा की गई। स्वामी जी का सारा जीवन अपने समाज, भूमिहार ब्राह्मणों की एकजुटता, सेवा और हिन्दू समाज के लिए बीत गया। आज युवाओं को स्वामी जी की जीवनी को पढ़ना चाहिए और उन्हें अनुसरण कर समाज जोड़ना चाहिए। आज इन्हीं सब विषयों पर चर्चा हेतु यह बैठक रखी गयी थी, जिसमें समाज के युवाओं के योगदान पर चर्चा हुई। आज की युवा पीढ़ी अपने समाज के लिए और अपने भाइयों-बहनों के लिए क्या कर सकते हैं इसपर चर्चा हुई। जिसमें सुविधा कैटरर और सुविधा बैंक्वेट के डायरेक्टर और संगठन के संरक्षक जसवंत पांडेय, संगठन के अध्यक्ष अजय सिंह, संगठन के महामंत्री शिव शंकर सिंह, सचिव रामकुमार, संगठन मंत्री आनन्द कुमार शाही, कोषाध्यक्ष विवेक, पारस, सुगन्ध, दिनेश सिंह, लकवकेश, नित्यानंद, सत्यनारायण, योगेंद्र, गिरिन्दर, दिनेश, अरविंद, विनोद, प्रकाश, रंजीत, राहुल, रमेश, रोहित, सत्यप्रकाश, शैलेश, नवलेश, मुकेश, सतेन्द्र, केदार समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए। रांची के विभिन्न स्थानों के 51 ब्रह्मर्षि युवाओं ने एक साथ सदस्यता ली। सभी सदस्यों को माला पहनाकर पदधारियों ने स्वागत किया। यह जानकारी स्वामी सहजानन्द सरस्वती विकास मंच के प्रवक्ता अशोक कुमार पांडेय ने दी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्रावण मास की पहली सोमवारी को लेकर शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। रांची, देवघर, खूंटी समेत तमाम मंदियों में कांवरियों की भीड़ पहुंचने लगी है। देवघर में बाबा का जलाभिषेक करने को लेकर भक्तों में काफी उत्साह है। देवघर बाबा मंदिर में देश के कोने कोने से कांवरिया जुट रहे हैं। बिहार के सुल्तानगंज से 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर बाबा भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने को लेकर भक्त पहुंच रहे हैं। शहर की गली-गली में बोलबम का नारा गूंज रहा है। श्रावण मास की पहली सोमवारी को लेकर उत्साह देवघर में दिखने लगी है। कांवरिया बताते हैं कि 2 साल के लंबे अंतराल के बाद बाबा को जलाभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। इसको लेकर मन में काफी उत्साह है। खूंटी में भी श्रावणी मेला को लेकर आम्रेश्वर धाम में काफी भीड़ देखी जा रही है। सावन की पहली सोमवारी को लेकर यहां जलाभिषेक करने के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। आमरेश्वरधाम धाम प्रबंध समिति और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के जलार्पण के लिए व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। इससे पहले रविवार को बाबा आमरेश्वरधाम में श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया। छुट्टी का दिन होने के कारण लोग बड़ी संख्या में परिवार के साथ आमरेश्वरधाम पहुंचे थे। व्यवस्था और सुरक्षा का जायजा लेने के लिए एसडीओ जितेंद्र मुंडा, डीएफओ कुलदीप मीणा, नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी रवि प्रकाश समेत अन्य दंडाधिकारी आमरेश्वरधाम में मौजूद रहे। इसी क्रम में खूंटी से 100 कांवरियों का जत्था बाबानगरी देवघर के लिए रविवार को रवाना हुआ। ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव की पहली पत्नी देवी सती ने जब अपने पिता के घर पर अपने पति शिव का अपमान होते देखा तो वो बर्दाश्त नहीं कर पाईं और राजा दक्ष के यज्ञकुंड में अपनी आहूति दे दी। इसके बाद उन्होंने हिमालय पुत्री पार्वती के रूप में जन्म लिया। पार्वती के रूप में भी उन्होंने भगवान शिव को भी अपना वर चुना और उनकी प्राप्ति के लिए कठोर तप किया। सावन के महीने में ही भगवान शिव उनके तप से प्रसन्न होकर प्रकट हुए और उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसके बाद पार्वती का भगवान शिव के साथ विवाह हुआ। तब से ये पूरा सावन माह शिव और पार्वती दोनों का प्रिय माह बन गया। सोमवार का दिन महादेव और मां पार्वती को समर्पित होता है, ऐसे में उनके प्रिय माह सावन में पड़ने वाले सोमवार का महत्व कहीं ज्यादा बढ़ जाता है। शिव भक्त सामान्यत: सोमवार का व्रत नहीं रखते, वो सावन के सोमवार का व्रत जरूर रखते हैं।
एबीएन सोशल डेस्क। सावन का पहला सोमवार तमाम शिव भक्तों के लिए खास है। इसको लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। सावन की पहली सोमवारी को राजधानी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। राजधानी के शिव मंदिर में भक्त सुबह से ही पूजा अर्चना करने पहुंच रहे हैं। रांची के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में सुबह 3:30 बजे से ही बाबा का पट खोल दिया गया है ताकि श्रद्धालु मंदिर में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक कर सकें। पुजारी बताते हैं कि सोमवार को व्रत करने से भक्तों कि हर मनोकामना पूर्ण होती है। सोमवार के व्रत का भगवान शिव की आराधना और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सोमवार का विशेष महत्व माना गया है। पहाड़ी मंदिर में पहुंचने वाले भक्तों ने बताया कि करीब 2 साल के बाद पहाड़ी मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति मिली है। इतने दिन बाद उन्हें भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने का सुनहरा अवसर प्राप्त हो पा रहा है। मंदिर में आए भक्तों ने कहा कि इस वर्ष पूजा कर हम भगवान से यही प्रार्थना कर रहे हैं जिस प्रकार से पिछला 2 वर्ष गुजरा है वैसी त्रासदी आने वाले समय में ना देखने को मिले। ऐसे हालात कभी उत्पन्न ना हो कि देश में मंदिरों को बंद करना पड़ जाए। वहीं पहाड़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुखदेव नगर थाना की पुलिस के साथ-साथ थाना प्रभारी ममता कुमारी डीएसपी प्रकाश सोय सहित विभिन्न पुलिसकर्मी लगातार सुरक्षा में तैनात हैं। सुरक्षा को लेकर डीएसपी प्रकाश सोए ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा का ख्याल रखा गया है जगह जगह पर पुलिस फोर्स तैनात किए गए हैं। वहीं ट्रैफिक व्यवस्था को भी पहाड़ी मंदिर के आसपास मजबूत रखा गया है। किसी भी तरह की कोई भी वाहन मंदिर परिसर के आसपास नहीं आने दी जा रही है ताकि जाम की समस्या ना बने। पुलिस प्रशासन के अलावा आरएसएस के कार्यकर्ता और वॉलिंटियर्स की भी तैनाती की गई है। मंदिर की सुरक्षा और श्रद्धालुओं को सुविधा देने में लगे सभी वॉलिंटियर्स को दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ जगह-जगह पर सीसीटीवी भी लगाये गये हैं ताकि कहीं भी किसी तरह की कोई चुक ना हो सके।
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