टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को निलंबन मुक्त किया है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया हैशिवशंकर पाण्डेय, झा0प्र0से0 (कोटि क्रमांक- 480/20), तत्कालीन अंचल अधिकारी, सदर मेदिनीनगर, पलामू को आरोप मुक्त किया जाता है। सुधीर कुमार, झा0प्र0से0(कोटि क्रमांक-714/03), सम्प्रति-निलंबित का योगदान दिनांक-21.08.2025 के पूर्वाहन से स्वीकृत करते हुए उन्हें दिनांक- 21.08.2025 के प्रभाव से निलंबन मुक्त किया जाता है। सुधीर कुमार दास, झा0प्र0से0(कोटि क्रमांक-741/03), संप्रति-निलंबित का योगदान दिनांक- 21.08.2025 के पूर्वाहन से स्वीकृत करते हुए उन्हें दिनांक- 21.08.2025 के प्रभाव से निलंबन मुक्त किया जाता है। रवि किशोर राम, झा0प्र0से0(को0 क्र0-389/20), तत्कालीन अंचल अधिकारी, खलारी, रांची द्वारा समर्पित अपील अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए अधिरोपित दण्ड निंदन को यथावत रखा जाता है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का फरमान: दीवाली में सिर्फ 2 घंटे ही करें आतिशबाजी, नहीं तो कार्रवाई टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दीवाली में सिर्फ दो घंटे ही आतिशबाजी करने की छूट दी है। इसका आदेश भी जारी कर दिया है। बोर्ड ने अपने आदेश में कहा है कि दीवाली के लिए रात्रि के आठ बजे से रात्रि के 10 बजे तक ही आतिशबाजी करें। आदेश में यह भी कहा है कि राज्य के सभी जिलों के शहरी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता स्तर इस वर्ष अच्छी या संतोषप्रद श्रेणी में आते हैं, वहां अन्य वैसे पटाखों की ही बिक्री की जा सकेगी, जिनकी ध्वनि सीमा 125 डेसीबल (ए) से कम हो। जो भी व्यक्ति उक्त निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पाये जायेंगे, उन पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के सुसंगत अधिनियमों के तहत एवं वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 37 एवं पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 या अन्य सुसंगत अधिनियमों के तहत विधि सम्मत कार्रवाई संबंधित सक्षम पदाधिकारी द्वारा की जायेगी।
रांची आरपीएफ ने 13 नाबालिग बच्चों को मानव तस्करी के जाल से छुड़ाया, बाल मजदूरी के लिए ले जा रहे थे गोवा टीम एबीएन, रांची। झारखंड में एक ट्रेन से एक लड़की सहित 13 बच्चों को बचाया गया, जिन्हें कथित तौर पर तस्करी कर गोवा ले जाया जा रहा था। बच्चों की उम्र 12 से 17 साल के बीच अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार शाम को खुफिया जानकारी मिली थी कि वास्को डि गामा (वीएसजी) विकली एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए कुछ बच्चों की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान मुरी स्टेशन पर ट्रेन में चढ़े। आरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया, ट्रेन के रांची स्टेशन पर पहुंचने तक सुरक्षाकर्मियों ने बच्चों पर नजर रखी, जहां से उन्हें बचा लिया गया। बच्चों की उम्र 12 से 17 साल के बीच थी और उनमें से ज्यादातर जसीडीह जंक्शन से ट्रेन में चढ़े थे। बाल मजदूरी के लिए ले जा रहे थे गोवा उन्होंने कहा, जब हमने उनसे पूछा कि वे कहां जा रहे हैं और उनके साथ कौन है, तो उन्होंने ठीक से जवाब नहीं दिया। उन्हें पता नहीं था कि वे गोवा क्यों जा रहे हैं। उन्होंने बस इतना कहा कि उन्हें गोवा पहुंचना है, जहां उन्हें कुछ काम मिल जायेगा। उन्होंने बताया कि इसके बाद बच्चों को चाइल्ड लाइन के अधिकारियों को सौंपा गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जीआरपी रांची में मामला दर्ज कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को एक अन्य अभियान में रांची स्टेशन पर तीन आदिवासी लड़कों को बचाया गया। उन्हें तस्करी करके अगरतला ले जाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि असुर जनजाति के इन लड़कों को अगरतला में एक मिल में काम करने के लिए भेजा जा रहा था। मामले में आरोपी जगतपाल उरांव को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने पुलिस को बताया कि बच्चों को गुमला से रांची लाने के लिए उसे 5,000 रुपये दिये गये थे।
ईपीएफओ से अब 100 प्रतिशत तक की निकासी कर सकेंगे सदस्य न्यासी मंडल ने दी मंजूरी, शिक्षा के लिए 10 और विवाह के लिए पांच बार निकाल सकेंगे पैसे एबीएन सेंट्रल डेस्क। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सोमवार को अपने सात करोड़ से अधिक सदस्यों को आंशिक निकासी के नियमों में बड़ी छूट देते हुए पात्र राशि के 100 प्रतिशत तक की निकासी की मंजूरी दे दी। सेवानिवृत्ति कोष निकाय के केंद्रीय न्यासी मंडल (सीबीटी) की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने की। श्रम मंत्रालय ने बयान में कहा कि अब ईपीएफओ के अंशधारक सदस्य भविष्य निधि में कर्मचारी एवं नियोक्ता के हिस्से सहित पात्र शेष राशि का 100 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे। इसके साथ आंशिक निकासी के जटिल 13 प्रावधानों को आसान बनाने हुए अब तीन श्रेणियों में शामिल कर दिया गया है। इनमें आवश्यक जरूरतें (बीमारी, शिक्षा, विवाह), आवासीय जरूरतें और विशेष परिस्थितियां शामिल हैं। शिक्षा और विवाह के लिए निकासी की सीमा क्रमश: 10 और पांच बार कर दी गयी है। विशेष परिस्थितियों में निकासी के लिए अब कारण बताने की भी जरूरत नहीं होगी, जिससे कई दावे अब अस्वीकार नहीं होंगे। इसके अलावा सभी आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को भी अब घटाकर 12 महीने कर दिया गया है। ईपीएफओ ने यह भी तय किया है कि सदस्यों को अपनी अंशदान राशि का 25 प्रतिशत न्यूनतम शेष राशि के रूप में हमेशा बनाए रखना होगा। इससे सदस्य उच्च वार्षिक ब्याज सहित चक्रवृद्धि लाभ के जरिये अपने लिए बड़े सेवानिवृत्ति कोष का निर्माण कर सकेंगे। साथ ही, पूर्व निकासी की अवधि भी बढ़ा दी गई है। कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के परिपक्वता-पूर्व अंतिम निपटान की अवधि को दो महीने से बढ़ाकर 12 महीने और अंतिम पेंशन निकासी अवधि को दो महीने से बढ़ाकर 36 महीने कर दिया गया है। आंशिक निकासी के नियमों को उदार बनाने की इस पहल से सदस्य सेवानिवृत्ति के लिए की गई बचत या पेंशन अधिकारों से कोई समझौता किए बगैर अपनी तात्कालिक वित्तीय जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। ईपीएफओ के न्यासी मंडल ने विश्वास योजना भी लागू करने का फैसला किया है जिसका उद्देश्य भविष्य निधि अंशदान में विलंब पर लगने वाले दंड को कम करना और लंबित मुकदमों को समाप्त करना है। विश्वास योजना के तहत, अर्थदंड की दर को एक प्रतिशत प्रति माह तक सीमित कर दिया गया है। यह योजना छह महीने के लिए लागू होगी और जरूरत पड़ने पर छह महीने के लिए आगे बढ़ायी जा सकती है। इसके अलावा सीबीटी ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) को भी मंजूरी दी, जिससे कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (ईपीएस-95) पेंशनधारकों को घर पर ही डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) जारी किया जा सकेगा। प्रत्येक प्रमाणपत्र का शुल्क मात्र 50 रुपये होगा, जिसे ईपीएफओ वहन करेगा। इसके साथ ईपीएफओ 3.0 पहल के तहत भविष्य निधि सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए सदस्य-केंद्रित डिजिटल परिवर्तन की रूपरेखा को भी मंजूरी दी गयी। इसमें कोर बैंकिंग समाधान को क्लाउड एवं एपीआई-आधारित मॉड्यूल से जोड़ा जायेगा। इसका उद्देश्य तेजी से, स्वचालित दावे, तुरंत निकासी, बहुभाषी स्वयं-सेवा और सहज पेरोल-संबद्ध योगदान सुनिश्चित करना है। केंद्रीय न्यासी मंडल ने ईपीएफओ के ऋण पोर्टफोलियो के लिए चार कोष प्रबंधकों का पांच साल के लिए चयन भी मंजूर किया, ताकि निवेश की विविधता और सदस्यों के भविष्य निधि बचत पर रिटर्न सुनिश्चित किया जा सके। मांडविया ने बैठक के दौरान ईपीएफओ की प्रमुख डिजिटल पहल का उद्घाटन किया, जिससे सेवा वितरण में पारदर्शिता, दक्षता और बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव सुनिश्चित होगा।
दिनांक 16 अक्टूबर (गुरूवार) को होने वाली झारखंड मंत्रिपरिषद् की बैठक अब 14 अक्टूबर (मंगलवार ) 2025 को अपराह्न 3 बजे सेटीम एबीएन, रांची। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) द्वारा सूचित किया गया है कि मंत्रिपरिषद् की बैठक मंगलवार, दिनांक 14 अक्टूबर को अपराह्न 3 बजे से झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी। पहले यह बैठक 16 अक्टूबर को होने वाली थी।
डीजल जनरेटर सेटों के लिए नये नियम: 70 फीसदी कम करें हाइड्रो कार्बन का उत्सर्जन नहीं तो होगी कार्रवाई एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने डीजल पावर जनरेटिंग सेट इंजनों के लिए नया नियम जारी किया है। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण को कम करना और पर्यावरण की सुरक्षा करना है। नये नियम के मुताबिक, 800 किलोवाट या 1000 केवीए के ऊपर के डीजल पावर जनरेटिंग सेट इंजनों के लिए, कार्बन मोनोआक्साइड, पार्टिकुलेट मैटर और हाइड्रोकार्बन उत्सर्जन में न्यूनतम 70% कमी की जाये। साथ ही इसका जांच भी किया जाये। इस आदेश को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी अनुपालन करने को कहा है। क्या किये गये हैं प्रावधान 125 केवीए और उससे अधिक क्षमता के डीजी सेट संचालित करने वाले सभी उद्योगों और प्रतिष्ठानों को पहले निर्मित और स्थापित इंजन/ जनरेटिंग सेट जो स्टेज-आई और/ या स्टेज- आईआई उत्सर्जन सीमाओं का अनुपालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण और उपकरण के साथ क्षमता के सभी परिचालन डीजी सेटों को रेट्रोफिट करना होगा। 800 किलोवाट तक के डीजल पावर जनरेटिंग सेट इंजनों के लिए, उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण को सीपीसीबी प्रणाली और रेट्रो-फिट उत्सर्जन नियंत्रण उपकरणों के उत्सर्जन अनुपालन परीक्षण की प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए। 800 किलोवाट से अधिक के डीजल पावर जनरेटिंग सेट इंजनों के लिए, कार्बन मोनोआक्साइड, पार्टिकुलेट मैटर और हाइड्रोकार्बन उत्सर्जन में न्यूनतम 70% कमी के लिए उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण का परीक्षण किया जाना चाहिए। नियमों का अनुपालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई यह आदेश अधिसूचना के जारी होने की तिथि से छह महीने के भीतर पालन किया जाना चाहिए। ऐसा न करने पर बोर्ड वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जायेगी। नियमों की फैक्ट फाइल 125 केवीए और उससे अधिक क्षमता के डीजी सेट संचालित करने वाले सभी उद्योगों और प्रतिष्ठानों को उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण और उपकरण के साथ क्षमता के सभी परिचालन डीजी सेटों को रेट्रोफिट करना होगा।उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण का परीक्षण केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भारत सरकार द्वारा सूचीबद्ध और मान्यता प्राप्त एजेंसियों द्वारा आइएसओ- 8178-5 (रेसीप्रोकेटिंग इंटरनल कंबशन इंजन-एग्जॉस्ट) रेटिंग के आधार पर किया जाना चाहिए।41 केवीए और उससे अधिक क्षमता के डीजी सेटों का संचालन करने वाले उद्योगों या प्रतिष्ठानों को नए गैस-आधारित जनरेटर लगाकर या आंशिक गैस उपयोग के लिए मौजूदा डीजी सेटों की रेट्रोफिटिंग करके गैस-आधारित जनरेटरों पर स्विच करने को कहा गया है।
स्मार्ट मीटर को लेकर GM ने दी चेतावनीझारखंड के स्मार्ट मीटर ग्राहक हो जायें अलर्टबकाया बैलेंस नेगेटिव हुआ तो कट जायेगा कनेक्शनटीम एबीएन, रांची। झारखंड में अब स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए नया नियम लागू हो गया है। बिजली उपभोक्ताओं को अपने मीटर बैलेंस को हमेशा पॉजिटिव रखना होगा। यदि बैलेंस नेगेटिव हुआ, तो कनेक्शन स्वतः कट जायेगा। रांची एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक (GM) मनमोहन कुमार ने चेतावनी दी है कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर बिल भुगतान करना अनिवार्य है। मानवाधिकार मीडिया कांके बुढ़मू। उन्होंने कहा कि बकायेदारों का कनेक्शन अब स्वतः डिसकनेक्ट हो रहा है और पूरा बकाया जमा करने पर कनेक्शन फिर से चालू हो जायेगा। जिन उपभोक्ताओं पर अधिक बकाया है, उनके लिए किस्तों में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। जीएम ने अपील की कि सभी उपभोक्ता यथाशीघ्र अपना बकाया जमा करें, ताकि बिजली कटने की स्थिति से बचा जा सके। झारखंड में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का कनेक्शन अब ऑटोमैटिक कट होगा।बैलेंस नेगेटिव होने पर बिजली स्वतः डिसकनेक्ट।पूरा बकाया जमा करने पर कनेक्शन स्वतः चालू।बकायेदार किस्तों में भी भुगतान कर सकते हैं।मोबाइल नंबर अपडेट करना अनिवार्य, ताकि बिल जानकारी मिलती रहे।मनमोहन कुमार ने बताया कि जिनका मोबाइल नंबर रजिस्टर नहीं है, वे तुरंत अपने नजदीकी बिजली कार्यालय जाकर अपडेट करें। साथ ही, नेगेटिव बैलेंस वाले उपभोक्ताओं को तुरंत रिचार्ज करने की सलाह दी गई है।उपभोक्ताओं के लिए निर्देशस्मार्ट मीटर बैलेंस हमेशा पॉजिटिव रखें।मोबाइल नंबर बिजली कनेक्शन से लिंक करें।बकाया होने पर जल्द भुगतान करें या किस्तों का विकल्प चुनें।समय पर रिचार्ज कर बिजली कटने से बचें।बिल जानकारी के लिए SMS अलर्ट सक्रिय करें।
स्मार्ट मीटर को लेकर GM ने दी चेतावनीझारखंड के स्मार्ट मीटर ग्राहक हो जायें अलर्टबकाया बैलेंस नेगेटिव हुआ तो कट जायेगा कनेक्शनटीम एबीएन, रांची। झारखंड में अब स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए नया नियम लागू हो गया है। बिजली उपभोक्ताओं को अपने मीटर बैलेंस को हमेशा पॉजिटिव रखना होगा। यदि बैलेंस नेगेटिव हुआ, तो कनेक्शन स्वतः कट जायेगा। रांची एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक (GM) मनमोहन कुमार ने चेतावनी दी है कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर बिल भुगतान करना अनिवार्य है। मानवाधिकार मीडिया कांके बुढ़मू। उन्होंने कहा कि बकायेदारों का कनेक्शन अब स्वतः डिसकनेक्ट हो रहा है और पूरा बकाया जमा करने पर कनेक्शन फिर से चालू हो जायेगा। जिन उपभोक्ताओं पर अधिक बकाया है, उनके लिए किस्तों में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। जीएम ने अपील की कि सभी उपभोक्ता यथाशीघ्र अपना बकाया जमा करें, ताकि बिजली कटने की स्थिति से बचा जा सके। झारखंड में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का कनेक्शन अब ऑटोमैटिक कट होगा।बैलेंस नेगेटिव होने पर बिजली स्वतः डिसकनेक्ट।पूरा बकाया जमा करने पर कनेक्शन स्वतः चालू।बकायेदार किस्तों में भी भुगतान कर सकते हैं।मोबाइल नंबर अपडेट करना अनिवार्य, ताकि बिल जानकारी मिलती रहे।मनमोहन कुमार ने बताया कि जिनका मोबाइल नंबर रजिस्टर नहीं है, वे तुरंत अपने नजदीकी बिजली कार्यालय जाकर अपडेट करें। साथ ही, नेगेटिव बैलेंस वाले उपभोक्ताओं को तुरंत रिचार्ज करने की सलाह दी गई है।उपभोक्ताओं के लिए निर्देशस्मार्ट मीटर बैलेंस हमेशा पॉजिटिव रखें।मोबाइल नंबर बिजली कनेक्शन से लिंक करें।बकाया होने पर जल्द भुगतान करें या किस्तों का विकल्प चुनें।समय पर रिचार्ज कर बिजली कटने से बचें।बिल जानकारी के लिए SMS अलर्ट सक्रिय करें।
भारत-ब्रिटेन संयुक्त वक्तव्य एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर एमपी 08-09 अक्टूबर 2025 तक भारत की राजकीय यात्रा पर आये। पीएम स्टारमर के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया, जिसमें बिजनेस और ट्रेड राज्य सचिव तथा बोर्ड आॅफ ट्रेड के प्रेसिडेंट पीटर काइल एमपी, स्कॉटलैंड के राज्य सचिव डगलस अलेक्जेंडर एमपी, इन्वेस्टमेंट मंत्री जेसन स्टॉकवुड और 125 सीईओ, उद्यमी, विश्वविद्यालयों के कुलपति और संस्कृति से जुड़े अग्रणी व्यक्ति शामिल थे। यह प्रधानमंत्री स्टारमर की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है। यह यात्रा 23-24 जुलाई 2025 को भारत के प्रधानमंत्री की ब्रिटेन यात्रा के बाद हो रही है, जिस दौरान दोनों पक्षों ने ऐतिहासिक भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर किए और भारत-ब्रिटेन विजन 2035 और एक डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप अपनाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सर कीर स्टारमर ने 09 अक्टूबर 2025 को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में मुख्य भाषण दिया। दोनों नेताओं ने 09 अक्टूबर 2025 को मुंबई में सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की, जहां उन्होंने भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी के सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने पर संतोष व्यक्त किया और वैश्विक शांति, स्थिरता और नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने आपसी हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। विकास दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-ब्रिटेन शिखर सम्मेलन के दौरान मुंबई में सीईओ फोरम की बैठक का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के जल्द से जल्द संपुष्टि की आशा जताई ताकि इसके लाभों को प्राप्त किया जा सके। प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त आर्थिक एवं व्यापार समिति (जेईटीसीओ) के पुनर्गठन का भी स्वागत किया, जो सीईटीए के प्रशासन एवं उपयोग को सहायता प्रदान करेगा तथा हमारी व्यापक व्यापार एवं निवेश साझेदारी को आगे बढ़ायेगा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के साथ आए मजबूत व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल ने निर्माण, बुनियादी ढांचा और स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, रक्षा, शिक्षा, खेल, संस्कृति, वित्तीय और व्यावसायिक सेवाओं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेषण, उपभोक्ता वस्तुओं और खाद्य जैसे प्रमुख सेक्टरों में दोनों देशों में निवेश के अवसरों को प्रदर्शित किया। नीति आयोग और सिटी आॅफ लंदन कॉर्पोरेशन के बीच विद्यमान यूके-इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग ब्रिज (यूकेआईआईएफबी) सतत विकास की हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं का एक उदाहरण है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने विमानन क्षेत्र में कनेक्टिविटी में सुधार और सहयोग बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इस बात का स्वागत किया कि दोनों पक्ष भारत-ब्रिटेन वायु सेवा समझौते के नवीनीकरण के साथ-साथ विमानन से जुड़े अन्य मामलों पर चर्चा कर रहे हैं। यह दोनों देशों को एयरोस्पेस क्षेत्र में घनिष्ठ सहयोग का अवसर प्रदान करता है। प्रौद्योगिकी और नवोन्मेषण भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों ने समावेशी आर्थिक विकास को गति देने, राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और वैश्विक नवोन्मेषण के भविष्य को आकार देने के लिए अग्रणी प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की। ऐतिहासिक प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल (टीएसआई) के आधार पर, दोनों नेताओं ने दूरसंचार, महत्वपूर्ण खनिजों, एआई और स्वास्थ्य तकनीक सहित महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में हुई ठोस प्रगति का स्वागत किया। टीएसआई के तहत, दोनों नेताओं ने निम्नलिखित की स्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त कीभारत-यूके कनेक्टिविटी और इनोवेशन सेंटर, एक संयुक्त हब जो 6जी, गैर-स्थलीय नेटवर्क (एनटीएन) और दूरसंचार के लिए साइबर सुरक्षा के लिए एआई नेटिव नेटवर्क विकसित करने पर केंद्रित है, जिसके पहले चरण में कम से कम 24 मिलियन पाउंड का संयुक्त वित्त पोषण होगा। भारत-यूके संयुक्त एआई सेंटर, स्वास्थ्य, जलवायु, फिनटेक और इंजीनियरिंग जीव विज्ञान में उत्तरदायी और भरोसेमंद एआई को आगे बढ़ा रहा है। यूके-इंडिया क्रिटिकल मिनरल्स प्रोसेसिंग एंड डाउनस्ट्रीम कोलैबोरेशन गिल्ड ठोस साझेदारी का निर्माण करेगा जो महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत और विविधतापूर्ण बनायेगी और दोनों देशों में निवेश एवं विकास प्रदान करेगी। उन्होंने खनिज कवरेज का विस्तार करने, उन्नत तकनीकों को और एकीकृत करने, नए द्विपक्षीय निवेश अवसरों को खोलने और आईआईटी-आईएसएम धनबाद में एक नया उपग्रह परिसर स्थापित करने के लिए यूके-इंडिया क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन आॅब्जर्वेटरी के दूसरे चरण की घोषणा की। ब्रिटेन और भारत ने सेंटर फॉर प्रोसेस इनोवेशन (सीपीआई) यूके और भारत में बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च एंड इनोवेशन काउंसिल (बीआरआईसी) संस्थानों, हेनरी रॉयस इंस्टीट्यूट (एचआरआई) और इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ साइंस (आईआईएससी), आॅक्सफोर्ड नैनोपोर टेक्नोलॉजीज (ओएनटी) और बीआरआईसी झ्र सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक्स (बीआरआईसी-सीडीएफडी) जैसे संस्थानों के बीच कार्यनीतिक साझेदारियों को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ काम करना जारी रखा हैं, जिससे कि बायोमैन्युफैक्चरिंग, 3डी बायोप्रिंटिंग और जीनोमिक्स में रूपांतरकारी परिणाम प्रदान किए जा सकें। प्रतिरक्षा और सुरक्षा दोनों नेताओं ने संयुक्त अभ्यासों, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के माध्यम से भारत और ब्रिटेन के सशस्त्र बलों के बीच द्विपक्षीय आदान-प्रदान बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ब्रिटेन के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के पोर्ट कॉल और भारतीय नौसेना के साथ रॉयल नेवी के अभ्यास कोंकण का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) के तहत क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र (आरएमएससीई) की स्थापना सहित हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मजबूत समुद्री सुरक्षा सहयोग के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रशिक्षण सहयोग के संदर्भ में, दोनों नेताओं ने एक ऐसी व्यवस्था, जिसके तहत भारतीय वायु सेना के योग्य उड़ान प्रशिक्षकों को ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स के प्रशिक्षण में शामिल किया जाएगा, साथ ही, एक ऐसे समझौते, जो हमारे मजबूत प्रशिक्षण और शिक्षा संबंधों को और मजबूत बनायेगा, पर हुई प्रगति का स्वागत किया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारतीय नौसेना प्लेटफार्मों के लिए समुद्री इलेक्ट्रिक प्रोपल्सन प्रणालियों के विकास में सहयोग पर एक भारत-ब्रिटिश अंतर-सरकारी समझौते (आईजीए) को अंतिम रूप देने के इरादे पर प्रसन्नता व्यक्त की। दोनों नेताओं ने लाइटवेट मल्टीरोल मिसाइल (एलएमएम) प्रणालियों की प्रारंभिक आपूर्ति बढ़ाने पर सरकार से सरकार के बीच समझौते की भी घोषणा की। यह भारत की वायु रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करेगा और आत्मनिर्भर भारत की भावना के अनुरूप, भारतीय रक्षा मंत्रालय की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करेगा तथा दोनों देशों के बीच अत्याधुनिक हथियारों पर दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देगा। दोनों प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की स्पष्ट और कड़ी निंदा की। उन्होंने आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार, व्यापक और निरंतर तरीके से आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए ठोस अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने, आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही का मुकाबला करने, आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के दोहन को रोकने, आतंकवादियों की भर्ती से निपटने, सूचना साझाकरण, न्यायिक सहयोग और क्षमता निर्माण तथा संयुक्त राष्ट्र एवं एफएटीएफ सहित इन क्षेत्रों में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई। उन्होंने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 के आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने विश्व स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादियों, आतंकी संस्थाओं और उनके सरगनों के विरुद्ध निर्णायक तथा ठोस कार्रवाई करने के लिए सहयोग को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जतायी। जलवायु और ऊर्जा दोनों नेताओं ने नेट-जीरो लक्ष्यों को अर्जित करने के लिए सहयोग के महत्व की पुष्टि की। दोनों प्रधानमंत्रियों ने जलवायु वित्त को बढ़ाने, दोनों देशों के लिए हरित विकास और नए वित्तपोषण के अवसरों को खोलने में सक्षम बनाने के लिए भारत-यूके जलवायु वित्त पहल का स्वागत किया। उन्होंने क्लाइमेट टेक स्टार्ट-अप फंड में एक नए संयुक्त निवेश की घोषणा की।ब्रिटेन सरकार और भारतीय स्टेट बैंक के बीच समझौता ज्ञापन के तहत यह कार्यनीतिक पहल, जलवायु प्रौद्योगिकी और एआई जैसे अग्रणी सेक्टरों में काम कर रहे नवोन्मेषी उद्यमियों की भी सहायता करेगी। दोनों नेताओं ने आफशोर विंड टास्कफोर्स की स्थापना का स्वागत किया। उन्होंने वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा गठबंधन (जीसीपीए) के माध्यम से मिलकर काम करने की संभावनाओं का पता लगाने की अपनी इच्छा दोहरायी। शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच परस्पर संपर्क दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य को आकार देने में युवा, सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान-प्रदान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रथम वार्षिक मंत्रिस्तरीय रणनीतिक शिक्षा संवाद और मई 2025 में दोनों संस्कृति मंत्रियों द्वारा हस्ताक्षरित सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम के कार्यान्वयन के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। शिक्षा को द्विपक्षीय सहयोग का एक प्रमुख क्षेत्र मानते हुए, दोनों पक्षों ने भारत में ब्रिटेन के नौ प्रमुख विश्वविद्यालयों के परिसर खोलने की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की। साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय ने गुरुग्राम स्थित अपने परिसर में भारतीय छात्रों के अपने पहले समूह का स्वागत किया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भारत में लिवरपूल विश्वविद्यालय, यॉर्क विश्वविद्यालय, एबरडीन विश्वविद्यालय और ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के शाखा परिसरों की स्थापना के लिए आशय पत्र (एलओआई) भी सौंपे हैं। इसके अतिरिक्त, बेलफास्ट के क्वींस विश्वविद्यालय और कोवेंट्री विश्वविद्यालय को गिफ्ट सिटी में अपने शाखा परिसर खोलने के लिए अधिकृत किया गया है। यात्रा के दौरान, भारतीय अधिकारियों ने बेंगलुरु में लैंकेस्टर विश्वविद्यालय का परिसर खोलने के लिए आशय पत्र भी सौंपा और गिफ्ट सिटी में सर्रे विश्वविद्यालय का परिसर खोलने के लिए सैद्धांतिक रूप से स्वीकृति प्रदान की। दोनों प्रधानमंत्रियों ने प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी (एमएमपी) के क्रियान्वयन को जारी रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। अनियमित प्रवासन को रोकने के लिए सहयोग में प्रगति पर ध्यान देते हुए, दोनों पक्षों ने इस क्षेत्र में सहयोग जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने ब्रिटेन में भारतीय प्रवासियों को दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु के रूप में मान्यता दी और द्विपक्षीय आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को सुदृढ़ करने में उनके योगदान की सराहना की। दोनों नेताओं ने संस्कृति, रचनात्मक उद्योग, कला, पर्यटन और खेल के क्षेत्रों में दोनों देशों की प्रतिभाओं को एक साथ लाने के लिए ब्रिटेन-भारत सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम की क्षमता को स्वीकार किया। क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोगदोनों प्रधानमंत्रियों ने वैश्विक शांति, समृद्धि और नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सुधार सहित सुधारित बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने में मिलकर काम करने पर सहमति जतायी। ब्रिटेन ने एक सुधारित यूएनएससी में स्थायी सदस्यता हेतु के लिए भारत की वैध आकांक्षाओं के लिए अपने दीर्घकालिक समर्थन को दोहराया।दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि राष्ट्रमंडल से जुड़े विविध भौगोलिक क्षेत्रों में फैले 2.5 बिलियन लोगों के साझा मूल्य इसकी शक्ति हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल संगठन के नए नेतृत्व के साथ जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और युवा सहभागिता के क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार यूक्रेन में न्यायसंगत और स्थायी शांति के लिए समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभिन्न देशों द्वारा किए जा रहे राजनयिक प्रयासों का स्वागत किया।उन्होंने मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन करने का आह्वान किया और ऐसी कार्रवाइयों से परहेज करने को कहा जो स्थिति को और बिगाड़ सकती हैं और क्षेत्रीय स्थिरता को बाधा पहुंचा सकती हैं। उन्होंने गाजा के लिए अमेरिकी शांति योजना के लिए अपना समर्थन और तत्काल तथा स्थायी युद्धविराम सुनिश्चित करने, बंधकों की रिहाई और मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए क्षेत्रीय भागीदारों के साथ काम करने की अपनी प्रतिबद्धता तथा एक व्यवहार्य फिलिस्तीन के साथ-साथ एक सुरक्षित इजराइल के साथ टू-स्टेट समाधान की दिशा में एक कदम के रूप में स्थायी और न्यायपूर्ण शांति के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की।प्रधानमंत्री स्टारमर ने उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को दिये गये गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद दिया। इस यात्रा ने भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी के मजबूत विकास और सकारात्मक प्रगति की पुष्टि की, जो दोनों देशों के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और गहरी व स्थायी मैत्रीपूर्ण संबंधों पर आधारित है।
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