छठ को लेकर रांची पुलिस अलर्ट, टाइगर और शक्ति कमांडो को मिला स्पेशल टास्क टीम एबीएन, रांची। छठ पर्व के दौरान चोरी, छेड़खानी और छिनतई जैसी वारदातों पर ब्रेक लगाने के लिए रांची पुलिस कई तरह के इंतजाम कर रही है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी शिफ्ट वाइज लगायी गयी है। साथ ही शक्ति कमांडो और टाइगर जवानों को बड़ी जिम्मेवारी दी गयी है। वहीं डायल 112 को बेहद एक्टिव किया गया है। बाइक पेट्रोलिंग पर जोर रांची पुलिस ने छठ के दौरान चोर-उचक्कों और मनचलों पर नकेल कसने के लिए तैयारी में जुट गयी है। चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शहर के सभी थाना क्षेत्रों में 24 घंटे बाइक दस्ता को गश्त लगाने का निर्देश दिया गया है। खासकर 27 और 28 अक्टूबर को छठ पूजा के अर्घ्य के दिन तीन शिफ्टों में मोटरसाइकिल दस्ता (टाइगर जवान) घूम-घूम कर बंद पड़े घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों पर निगरानी करेंगे, ताकि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। वहीं शक्ति कमांडो छेड़खानी की वारदातों पर अंकुश लगाएगी। महापर्व छठ के दौरान इस बार 26 अक्टूबर को खरना है। जिसमें अधिकांश लोग प्रसाद ग्रहण करने के लिए अपने घरों से बाहर निकलते हैं। वहीं 27 अक्टूबर को शाम का अर्घ्य है। जिसमें लोग अपने घरों से निकल कर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए डैम और तालाबों तक पहुंचते हैं। यही वजह है अर्घ्य के दिन पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से अलर्ट रहने का निर्देश जारी किया गया है। तीन शिफ्ट में ड्यूटी रांची एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि छठ के दौरान सुरक्षा को लेकर तीन शिफ्ट में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। आठ-आठ घंटे के तीन शिफ्टों में टाइगर मोबाइल दस्ते को लगाया गया है। इसके लिए शहर के हॉटस्पॉट चिह्नित किये गये हैं। सभी हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी रखी जायेगी। बाइक दस्ते के अलावा थाने की पेट्रोलिंग को भी निगरानी का निर्देश दिया गया है। महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि महिला सुरक्षा को लेकर विशेष फोकस किया गया है। छठ घाटों के आसपास सुरक्षा को लेकर बाइक दस्ते को तैनात किया जा रहा है। इसके अलावा नदी और तालाबों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किये गये हैं।
टीम एबीएन, रांची। फेस्टिव सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रांची रेल मंडल ने यातायात प्रबंधन के लिए विशेष तैयारी की है। दीपावली के बाद छठ जैसे बड़े पर्वों के बीच रेलवे प्लेटफॉर्म से लेकर कोच तक यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। इस स्थिति को संभालने के लिए मंडल की ओर से 20 जोड़ी विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। रांची रेल मंडल के सीनियर डीसीएम शुचि सिंह ने जानकारी दी कि अब तक 275 ट्रिप पूरी हो चुकी हैं, जबकि कुल 500 ट्रिप्स चलाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है और अभी तक करीब 4 लाख यात्री रांची मंडल से सफर कर चुके हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को सुविधा देने के लिए मंडल की ओर से कई अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं। 44 ट्रेनों में 46 एक्स्ट्रा कोच जोड़े जा चुके हैं, ताकि यात्रियों को सीटें उपलब्ध कराई जा सकें और भीड़ का दबाव कम किया जा सके। शुचि सिंह ने बताया कि हर ट्रेन में एक्स्ट्रा कोच जोड़ना संभव नहीं है। हम उन्हीं ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगा रहे हैं जिनकी संरचना और तकनीकी क्षमता इसकी अनुमति देती है। जहां संभव है, वहां यात्रियों की सुविधा के लिए अधिकतम कोच जोड़े जा रहे हैं। रेलवे ने इस दौरान जनशताब्दी, हटिया-पटना एक्सप्रेस, रांची-वाराणसी एक्सप्रेस, रांची-दुर्ग इंटरसिटी और हावड़ा-रांची शताब्दी जैसी ट्रेनों में सबसे अधिक यात्रियों की आवाजाही दर्ज की है। इन ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रांची रेल मंडल ने दो नई जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी भी कर ली है। इन ट्रेनों के परिचालन का शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा। रेलमंडल प्रशासन का कहना है कि इन अतिरिक्त ट्रेनों से रांची से बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल की तैनाती बढ़ाई गई है। स्टेशन परिसर में यात्रियों को दिशा-निर्देश देने के लिए एनाउंसमेंट सिस्टम को भी सक्रिय किया गया है। रांची रेलवे स्टेशन पर विशेष रूप से छठ पूजा के यात्रियों के लिए अतिरिक्त हेल्पडेस्क और सहायता केंद्र बनाए गए हैं। मंडल ने यात्रियों से अपील की है कि वे टिकट रहित यात्रा न करें और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए प्लेटफॉर्म पर अनुशासन बनाए रखें। त्योहारों की भीड़ को देखते हुए रांची रेल मंडल ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रांची डीसी ने छठ को लेकर विभिन्न घाटों का किया निरीक्षणटीम एबीएन, रांची। छठ पर्व को लेकर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने शहर के कई प्रमुख छठ घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान घाटों की सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की गई। प्रमुख घाटों का निरीक्षण : अधिकारी दल ने कांके डैम, हटनिया तालाब, चडरी तालाब, बड़ा तालाब (रांची झील) और धुर्वा डैम का जायजा लिया। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को सबसे पहले रखा जाए और घाटों पर सभी जरूरी इंतजाम पूरे हों।सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश: उपायुक्त ने कहा कि सभी घाटों पर पुलिस बल, SDRF और NDRF की टीमें तैनात रहेंगी। उन्होंने गोताखोरों की मौजूदगी, सुरक्षा बैरिकेडिंग और कंट्रोल रूम की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।केवल सुरक्षित गहराई तक ही जाएं श्रद्धालु : उपायुक्तउपायुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे केवल सुरक्षित गहराई तक ही जल में प्रवेश करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी सुरक्षा इंतजाम कर रहा है, लेकिन सतर्कता और संयम जरूरी है। उन्होंने लोगों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।सफाई और रोशनी पर खास ध्यान: नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि घाटों की सफाई, कीचड़ हटाने और कचरा निस्तारण का काम समय पर पूरा करें। बिजली विभाग को स्थायी और अस्थायी लाइट की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि अर्घ्य के समय कोई परेशानी न हो।पूजा समितियों से संवाद: निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न पूजा समितियों के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रशासन और समितियों के सहयोग से छठ पर्व सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न होगा।चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था: हर प्रमुख घाट पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।
रांची डीसी ने छठ को लेकर विभिन्न घाटों का किया निरीक्षणटीम एबीएन, रांची। छठ पर्व को लेकर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने शहर के कई प्रमुख छठ घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान घाटों की सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की गई। प्रमुख घाटों का निरीक्षण : अधिकारी दल ने कांके डैम, हटनिया तालाब, चडरी तालाब, बड़ा तालाब (रांची झील) और धुर्वा डैम का जायजा लिया। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को सबसे पहले रखा जाए और घाटों पर सभी जरूरी इंतजाम पूरे हों।सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश: उपायुक्त ने कहा कि सभी घाटों पर पुलिस बल, SDRF और NDRF की टीमें तैनात रहेंगी। उन्होंने गोताखोरों की मौजूदगी, सुरक्षा बैरिकेडिंग और कंट्रोल रूम की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।केवल सुरक्षित गहराई तक ही जाएं श्रद्धालु : उपायुक्तउपायुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे केवल सुरक्षित गहराई तक ही जल में प्रवेश करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी सुरक्षा इंतजाम कर रहा है, लेकिन सतर्कता और संयम जरूरी है। उन्होंने लोगों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।सफाई और रोशनी पर खास ध्यान: नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि घाटों की सफाई, कीचड़ हटाने और कचरा निस्तारण का काम समय पर पूरा करें। बिजली विभाग को स्थायी और अस्थायी लाइट की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि अर्घ्य के समय कोई परेशानी न हो।पूजा समितियों से संवाद: निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न पूजा समितियों के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रशासन और समितियों के सहयोग से छठ पर्व सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न होगा।चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था: हर प्रमुख घाट पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में संगठित अपराध के खिलाफ हेमंत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बीते 10 महीने में राज्य के अलग-अलग जिलों में पुलिस और अपराधियों के बीच 11 मुठभेड़ (एनकाउंटर) की घटनाएं हुई है। इन कार्रवाइयों में पुलिस की गोली लगने से पांच बड़े और कुख्यात अपराधी मारे गए हैं। जबकि सात अन्य घायल हुए हैं। मारे जाने वालों में अमन साहू, उत्तम यादव और राहुल तूरी जैसे बड़े नाम शामिल हैं।आंकड़ों पर गौर करें तो अकेले रांची पुलिस ने सर्वाधिक छह मुठभेड़ों को अंजाम दिया है। झारखंड के नौ जिलों रांची, हजारीबाग, पलामू, रामगढ़, चतरा, लातेहार, गढ़वा, धनबाद और जमशेदपुर में 10 प्रमुख आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं, जिनमें कुल 633 अपराधी शामिल हैं। संगठित अपराध राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि, झारखंड एटीएस (एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड) की हाल के महीनों में की गई ठोस और नियोजित कार्रवाइयों से संगठित अपराध की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली है।10 माह में हुए 11 बड़े एनकाउंटर11 जनवरी : रामगढ़ में पुलिस ने कुख्यात अपराधी राहुल तूरी का एनकाउंटर किया था।11 मार्च : 100 से अधिक मामलों में वांछित कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को एटीएस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।27 मार्च : भाजपा नेता अनिल टाइगर हत्याकांड में शामिल एक अपराधी रोहित पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने से घायल हुआ था।31 मार्च : यूपी एसटीएफ, झारखंड एटीएस और जमशेदपुर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में यूपी का शातिर अपराधी और मुख्तार अंसारी गैंग का शार्प शूटर अनुज कनौजिया मारा गया था।11 अगस्त : गोड्डा में पुलिस से मुठभेड़ में अपराधी सूर्या हांसदा मारा गया था।20 सितंबर : चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र स्थित जबड़ा इलाके में पुलिस ने कुख्यात अपराधी उत्तम यादव को मुठभेड़ में मार गिराया था।10 अक्टूबर : रांची के रातू थाना क्षेत्र में राहुल दुबे गिरोह के साथ रांची पुलिस की मुठभेड़ हुई, जिसमें दो अपराधियों को गोली लगी थी।13 अक्टूबर : कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा के गिरोह के साथ रांची पुलिस की तुपुदाना में मुठभेड़ हुई, जिसमें एक अपराधी आफताब को गोली लगी थी।13 अक्टूबर : आलोक गिरोह के साथ रांची पुलिस का मैक्लुस्कीगंज में एनकाउंटर हुआ. इस मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी प्रभात कुमार राम को गोली लगी थी।14 अक्टूबर : धनबाद पुलिस की तेतुलमारी थाना क्षेत्र में कुख्यात अपराधी भानु मांझी से मुठभेड़ हुई, जिसमें भानु घायल हुआ था।19 अक्टूबर : रांची के कांके रोड स्थित चौपाटी रेस्टोरेंट के मालिक विजय नाग की हत्या के आरोपी अभिषेक सिंह के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई, जिसमें उसे गोली लगी।
झारखंड सचिवालय में लगी छुट्टियों की झड़ी! इतने दिन बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय, जानें कब-कब और क्यों...टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के चलते अगले सात दिनों में सरकारी कार्यालयों में व्यापक बंद रहेगी। 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा, 23 अक्टूबर को भैया दूज व चित्रगुप्त पूजा की छुट्टियां घोषित हैं। इसी तरह, 25 व 26 अक्टूबर को शनिवार-रविवार की वजह से कार्यालय बंद रहेंगे। केवल 24 अक्टूबर को खुलेंगे सरकारी कार्यालयमुख्य सचिवालय और संलग्न कार्यालयों में केवल 24 अक्टूबर को ही कामकाज होगा। इसके बाद 27 व 28 अक्टूबर को छठ पर्व के अर्ध्य के कारण छुट्टी रहेगी। एनआई एक्ट के तहत इन दोनों दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर भी बंदी रहेगी, जिससे राज्य में केंद्रीय कार्यालय और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे। इस कारण सात दिनों तक झारखंड में सरकारी कार्यालयों में व्यापक बंदी का माहौल रहेगा, जिससे नागरिकों को अपने जरूरी कार्य पहले से ही निपटाने की सलाह दी जा रही है।
रांची और आदित्यपुर में मेयर का पद एसटी के लिए आरक्षित टीम एबीएन, रांची। झारखंड में नगर निकाय चुनाव के लिए आरक्षण तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। जानकारी के अनुसार, रांची और आदित्यपुर नगर निगम में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित रहेगा। 9 में से 4 मेयर पदों को ही रखा गया आरक्षित वहीं गिरिडीह में मेयर की सीट अनुसूचित जाति (एससी) को और हजारीबाग में पिछड़ी जाति (ओबीसी) को मिलेगी। बाकी के 5 नगर निगम- देवघर, धनबाद, चास, मेदिनीनगर और मानगो- अनारक्षित रहेंगे। राज्य सरकार ने हाल ही में नगरपालिका निर्वाचन नियमावली में संशोधन किया है, जिसके बाद नगर विकास विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती, इसलिए 9 में से 4 मेयर पदों को ही आरक्षित रखा गया है। संशोधित नियमावली के तहत राज्य के 9 नगर निगमों को जनसंख्या के हिसाब से क और ख वर्ग में बांटा गया है। क वर्ग : 10 लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले नगर निगम (रांची और धनबाद) ख वर्ग : 10 लाख से कम जनसंख्या वाले नगर निगम (बाकी सात नगर निगम) क वर्ग से एक नगर निगम (रांची) आरक्षित किया गया है, जबकि ख वर्ग से तीन निगम आदित्यपुर, गिरिडीह और हजारीबाग को आरक्षण की श्रेणी में रखा गया है। वहीं, जिन वार्डों में किसी वर्ग की आबादी 1% से कम है, वहां उस वर्ग के लिए आरक्षण नहीं होगा।
टीम एबीएन रांची। रांची में दिवाली को लेकर एक तरफ जहां पुलिस की तरफ से विशेष सतर्कता बरती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ झारखंड फायर ब्रिगेड टीम भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। धनतेरस से लेकर दिवाली तक रांची के सभी थानेदारों को छोटे-बड़े प्रतिष्ठानों के बंद होने तक निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। दिवाली के समय किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए शहर के पांच प्रमुख स्थानों में पुलिस की क्यूआरटी भी प्रतिनियुक्त की गई है। क्यूआरटी अल्बर्ट एक्का चौक, पिस्का मोड़, बिरसा चौक, चांदनी चौक और कांके रोड में तैनात रहेगी।दिवाली को लेकर झारखंड फायर ब्रिगेड की टीम भी अलर्ट है। फायर सेफ्टी के सभी इंतजामों के साथ फायरमैन पूरी तरह से दीपावली को लेकर तैयार हैं। रांची के सभी फायर स्टेशनों में इस बार फोम वाले अग्निशमन वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा का वादा देने के साथ-साथ अग्निशमन विभाग की तरफ से हेल्पलाइन नंबर और कुछ गाइडलाइंस भी जारी किए गए हैं, ताकि लोगों की दीपावली सुरक्षित बीते।अग्निशमन विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार रांची के सभी चार फायर स्टेशन डोरंडा, आड्रे हाउस, धुर्वा और पिस्का मोड़ को अलर्ट कर दिया गया है। चारों फायर स्टेशन पर चार-चार दमकल के वाहन, चार छोटे दमकल के वाहन और फोम युक्त फोम टेंडर की तैनाती की गई है।शहर के प्रमुख चौक-चौराहे और पटाखा दुकानों को केंद्रित करते हुए दमकल वाहनों के अलावा हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म भी तैयार रखा गया है। राजधानी के चार फायर स्टेशनों के अलावा कुल 12 स्थानों पर दमकल वाहन भेजे गए हैं। आपात स्थिति में आग बुझाने के लिए फोम और अन्य संसाधनों का भी इंतजाम फायर बिग्रेड की ओर से किया गया है। 112, 100 के अलावा हेल्पलाइन भी जारीफायर सेफ्टी के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी की गई है। अगर कोई व्यक्ति हेल्पलाइन नंबर भूल जाता है तो वह आग लगने की स्थिति में डायल 112 पर सूचना दे सकता है। इसके अलावा डोरंडा फायर स्टेशन 9304953404, पिस्का मोड़ फायर स्टेशन 9304953405, आड्रे हाउस फायर स्टेशन 9304953406 और धुर्वा फायर स्टेशन 9304953407 के इन नंबरों पर भी सहायता ले सकते हैं।
सीएम ने टाइगर सफारी प्रोजेक्ट की समीक्षा की, दिये आवश्यक दिशा-निर्देश टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड के पहले टाइगर सफारी प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन देखा। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को लातेहार जिले के पुटूवागढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। यह टाइगर सफारी पलामू टाइगर रिजर्व के बाहर बेतला नेशनल पार्क के नजदीक विकसित की जायेगी। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के लिए भूमि चिन्हित की जा चुकी है। टाइगर सफारी बनने से डाल्टनगंज, बरवाडीह और मंडल डैम क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों को आजीविका के नये अवसर मिलेंगे। यह परियोजना नेतरहाट-बेतला-केचकी से मंडल डैम तक फैले इको-टूरिज्म सर्किट को और सशक्त बनायेगी। मुख्यमंत्री को बताया गया कि टाइगर सफारी प्रोजेक्ट का निर्माण सभी पर्यावरणीय और वन्यजीव संरक्षण मानकों का पालन करते हुए किया जायेगा। इस पहल से झारखंड में पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटकों को बाघों व अन्य वन्यजीवों को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परियोजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से न केवल राज्य के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय समुदाय को रोजगार और आर्थिक मजबूती भी मिलेगी। मौके पर मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वाइल्डलाइफ परितोष उपाध्याय, पलामू टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एसआर नाटेश, उप निदेशक प्रजेश जेना, कंसल्टेंट अशफाक अहमद और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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