एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने मुफ्त खाद्यान्न वितरण कार्यक्रम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएआई) को इस साल सितंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की शनिवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट में इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि पीएमजीकेएवाई को छह महीने बढ़ाया जा रहा है। इस तरह इस कार्यक्रम की अवधि बढ़कर सितंबर 2022 हो गई है। पहले यह योजना मार्च 2022 के अंत में खत्म होने वाली थी। गोयल ने कहा कि कोविड-19 महामारी का असर काफी हद तक खत्म हो जाने के बावजूद मुफ्त राशन वितरण कार्यक्रम की अवधि बढ़ाने का यह फैसला गरीबों के प्रति प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता को दर्शाता है। इस कार्यक्रम के तहत सरकार गरीब परिवारों को 1,003 लाख टन अनाज का वितरण करेगी जिस पर 3.4 लाख करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को मंत्रिमंडल की पहली बैठक में कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई मुफ्त राशन योजना को तीन महीने तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। मार्च 2022 तक के लिए लागू की गई योजना अब जून तक जारी रहेगी। इसमें 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने का प्रावधान है। इस योजना के तहत अगले तीन और माह तक खाद्यान्न योजना के तहत प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को दाल, नमक, चीनी के साथ खाद्यान्न मिलता रहेगा। माना जा रहा है कि इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत में मुफ्त राशन की इस योजना का जबरदस्त प्रभाव रहा है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण के बाद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की पहली कैबिनेट बैठक शनिवार सुबह यहां लोकभवन में हुई। मुख्यमंत्री ने कहा, कोरोना वायरस महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के हर नागरिक के लिए प्रधानमंत्री अन्न योजना प्रारंभ की थी। इस योजना के अन्तर्गत देश की 80 करोड़ जनता को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा, मार्च-अप्रैल 2020 से लेकर मार्च 2022 तक इस योजना का लाभ लोगों को प्राप्त हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी राज्य के अंत्योदय के लाभार्थी और पात्र गृहस्थी कार्ड धारक परिवारों सहित 15 करोड़ लाभार्थियों के लिए यह योजना अपनी ओर से अप्रैल 2020 से आरंभ की थी। मुख्यमंत्री ने कहा, यह योजना मार्च 2022 तक थी। इसलिए मंत्रिमंडल ने शनिवार को निर्णय लिया कि अगले तीन महीनों तक प्रदेश के 15 करोड़ लोगों के लिए यह योजना जारी रहेगी। डबल इंजन की सरकार पहले भी जनता के साथ खड़ी रही। महामारी के दौरान निशुल्क इलाज, नि:शुल्क टीका उपलब्ध कराया गया। राशन वितरण की पारदर्शी व्यवस्था पर जोर देते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि 80 हजार उचित दर की दुकानों पर ई-पॉश मशीनें लगी हैं, इससे सही लाभार्थी तक राशन वितरण संभव हो रहा है। गौरतलब है कि अप्रैल 2020 से केंद्र सरकार के अलावा राज्य सरकार अपने संसाधनों से राज्य के 15 करोड़ गरीब लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है। योजना के तहत अंत्योदय कार्ड धारकों को राज्य सरकार द्वारा 35 किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाता है, जबकि पात्र परिवार को प्रति यूनिट पांच किलोग्राम खाद्यान्न मिल रहा है। इसके अलावा दिसंबर 2021 से राज्य सरकार खाद्यान्न के साथ-साथ एक लीटर रिफाइंड तेल, एक किलो दाल और एक किलो नमक भी दे रही है। जबकि, अंत्योदय श्रेणी के परिवारों को एक किलो चीनी भी मुहैया कराई जा रही है। संवाददाता सम्मेलन में योगी आदित्यनाथ के साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक तथा कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना एवं स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में निजी जांच एजेंसी को लाभ पहुंचाने का खेल चल रहा है। हैरत की बात यह है कि रिम्स में चल रहे इस खेल में कमोबेश रिम्स के सभी डॉक्टर शामिल हैं। जांच के नाम पर रिम्स को हर महीने करीब 50 लाख का चूना लगाया जा रहा है। रिम्स के जनसम्पर्क अधिकारी डॉ दीपेश कुमार सिन्हा ने भी रिम्स को होने वाले घाटे की बात को स्वीकार किया है और इस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। दरअसल, रिम्स में इलाज के लिए आनेवाले मरीजों की सुविधा के लिए पूर्ववर्ती सरकार ने मेडाल नाम की निजी जांच एजेंसी के साथ एक करार किया था। जिसके तहत वैसे किसी भी पैथोलॉजिकल जांच जिसकी सुविधा रिम्स में नहीं है, उसके लिए मरीज मेडाल में जांच करवा सकते हैं। रिम्स की तरह मेडाल में भी सामान्य मरीजों को निर्धारित कम दर पर जांच और वैसे मरीज जिसकी पात्रता नि:शुल्क जांच की है उसके लिए मेडाल में निशुल्क जांच की बात कही गयी। MOU में यह भी स्पष्ट था कि निशुल्क जांच के बदले मेडाल को झारखंड सरकार भुगतान करेगी। इसी बात का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। निजी जांच एजेंसी मेडाल को लाभ पहुंचाने के लिए डॉक्टर्स नि:शुल्क इलाज की पात्रता रखने वाले गरीब मरीजों की कोई भी जांच कराते हैं, उस पर्चे में मेडाल लिख देते हैं। ऐसे में मरीज या उनके परिजन मेडाल में अपना सैम्पल दे देते हैं। मरीजों का जांच तो नि:शुल्क हो जाता है लेकिन उसके बदले रिम्स को मेडाल को तय दर से भुगतान करना पड़ता है। ये राशि कोई छोटी मोटी राशि नहीं होती बल्कि हर महीने लगभग 50 लाख की होती है। इतनी बड़ी राशि को कम किया जा सकता था जब MOU के अनुसार सिर्फ वहीं सैम्पल जांच मेडाल से कराया जाए जिसकी जांच की व्यवस्था रिम्स के सेंट्रल पैथोलॉजी सेंटर में न हो, लेकिन खून में हीमोग्लोबिन तक की जांच मेडाल में करायी जाती है। क्या कहते हैं रिम्स के जनसम्पर्क अधिकारी : रिम्स को हर महीने करीब 50 लाख की राशि के नुकसान बेवजह होने की बात स्वीकारते हुए जनसम्पर्क अधिकारी डॉ दीपेश कुमार सिन्हा कहते हैं कि MOU में स्पष्ट है कि सिर्फ वहीं जांच मेडाल में कराया जाए, जिसकी सुविधा रिम्स में नहीं है। ऐसे में जो डॉक्टरों के द्वारा सामान्य और रिम्स के सेंट्रल पैथोलॉजी में उपलब्ध जांच को भी मेडाल से करवाने की सलाह पर्चे पर लिख देना गलत है। रिम्स पीआरओ ने कहा कि जो भी डॉक्टर इस तरह की हरकत के लिए दोषी पाए जाएंगे उनके प्रैक्टिस पर रोक लगाई जाएगी।
टीम एबीएन, रांची। बीसीसीएल पीबी एरिया क्षेत्रीय कार्यालय के बाथरूम में 21 मार्च को मिले पार्वती नामक युवती के शव पर जारी सियासत के बीच सीएम हेमंत सोरेन ने सीआईडी जांच के आदेश दिए है। सीएम के आदेश के बाद अब पूरे मामले की जांच सीआईडी करेगी। धनबाद विधायक राज सिन्हा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर मामले की न्यायिक जांच की मांग की थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने सीआइडी जांच कराने का निर्देश गृह सचिव राजीव अरुण एक्का को दिया है। पिछले 21 मार्च को पीबी एरिया के जीएम कार्यालय में पार्वती कुमारी नामक युवती का शव बाथरूम में फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया था। जिसके बाद परिजनों ने बीसीसीएल पीबी एरिया के क्षेत्रीय कार्यालय के जीएम पीके मिश्रा, कार्मिक प्रबंधक प्रभात कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिछले 5 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार पार्वती की मौत के लिए दोनों अधिकारी जिम्मेवार हैं और पुलिस उन पर कार्रवाई नहीं कर रही है। ग्रामीणों ने दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की भी चेतावनी दी है। क्या है पूरा मामला : आपको बता दें कि 21 मार्च को बलिहारी गांव के रहने वाले फकीर चंद की पुत्री पार्वती का शव पीबी एरिया स्थित जीएम कार्यालय के महिला शौचालय में फंदे से झूलता पाया गया था। इसके बाद मामले की जानकारी मृतका के परिजन और पुलिस को दी गई थी। पार्वती के परिजनों ने पार्वती की हत्या का आरोप पीबी एरिया के महाप्रबंधक पीके मिश्रा और कार्मिक प्रबंधक प्रभात कुमार पर लगाया था। दोनों के खिलाफ हत्या का लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद भी पुलिस के द्वारा अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने के विरोध में ग्रामीण शव के साथ 4 दिनों से धरने पर बैठे हैं। वहीं फिलहाल इस मामले में एसआईटी की टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कर रही है।
टीम एबीएन, रांची। उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) योजना के तहत दुमका हवाई अड्डा रांची,पटना और कोलकाता के विमान सेवा निकट भविष्य में शुरू हो जाएगी। दुमका के विधायक बसंत सोरेन द्वारा इस सम्बन्ध में विधान सभा में लाए गए गैर-सरकारी संकल्प की सूचना पर झारखंड सरकार ने जवाब दिया है कि रांची,पटना और कोलकाता के लिए सीधी उड़ान सेवा के लिए केन्द्र सरकार द्वारा एयरलाइंस से प्रस्ताव आमंत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एयरोड्राम लाइसेंस प्राप्त होने और केन्द्र सरकार द्वारा योग्य एयरलाइंस के चयन के बाद दुमका हवाई अड्डा से नियमित उड़ान सेवा प्रारंभ हो जाएगी। विधायक बसंत सोरेन ने अपने गैर-सरकारी संकल्प के द्वारा यह लाइसेंसिंग प्रक्रिया को पूर्ण कराने और रनवे के विस्तार कराने की मांग रखी थी ताकि झारखंड की उपराजधानी दुमका से विमान परिचालन शीघ्र शुरू हो सके। 19 सीटर विमान के लिए रनवे पर्याप्त,72 सीटर की चल रही तैयारी : झारखंड सरकार ने अपने वक्तव्य में कहा कि 19 सीटर विमानों के परिचालन के लिए दुमका हवाई अड्डा को विकसित किया जा चुका है और भविष्य में 72 सीटर विमानों के परिचालन की संभावना को देखते हुए रनवे की लम्बाई 6000 फीट करने के मकसद से 20.69 एकड़ भूमि अधिग्रहण किया गया है। इस जमीन की घेराबंदी के लिए उपायुक्त दुमका को चालू वित्तीय वर्ष में 4 लाख रुपए का आवंटन किया गया है। एक सप्ताह के अंदर टेंडर करा कर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। 19 सीटर विमानों के परिचालन के लिए दुमका हवाई अड्डा के रनवे की लम्बाई 4000 फीट पर्याप्त है। एयरपोर्ट ऑथरिटी ऑफ इंडिया ने किया है रनवे का जीर्णोद्धार झारखंड सरकार ने अपने वक्तव्य में कहा है कि दुमका हवाई अड्डा पर टर्मिनल भवन, एटीसी भवन, फायर स्टेशन, आइसोलेशन बे, पेरिमीटर रोड आदि का निर्माण और रनवे का जीर्णोद्धार एयरोड्राम लाइसेंस के लिए एएआई (एयरपोर्ट ऑथरिटी ऑफ इंडिया) द्वारा किया गया है। हवाई अड्डा पर आवश्यक सुरक्षा बल और अग्नशमन बल की प्रतिनियुक्ति भी की गई है। दुमका हवाई अड्डा के लिए एयरोड्राम लाइसेंस के लिए डीजीसीए नई दिल्ली को आवेदन दिया गया था। डीजीसीए ने समीक्षा के बाद कुछ त्रुटियों के निराकरण का सुझाव दिया था। त्रुटियों का निराकरण कर सरकार ने पुन: प्रस्ताव डीजीसीए को दिया है जो अभी विचाराधीन है।
टीम एबीएन, रांची। बजट सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को स्पीकर ने सत्र संचालन में सहयोग के लिये सभी विधायकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर मुखर होना आवश्यक है। दोनों पक्षों को सदन की गरिमा बरकरार रखने के लिये कार्य करना चाहिये। इसके पहले मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि जनता के भरोसे के अनुकुल विकास कार्य होगा। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा की। सदन की कार्यवाही देर शाम तक चला। इस दौरान 56 गैर सरकारी संकल्प पर भी चर्चा हुई। इसके बाद स्पीकर ने सदन को अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दिया। इसके पहले पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने साहिबगंज में जहाज डूबने की घटना को लेकर हंगामा किया। सरकार से पूछा गया कि वह बताए कि कितने लोग डूबे हैं। साहिबगंज के डीसी-एसपी पर केस दर्ज करने की मांग की गई। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछले साल ही इस मामले में सीएम को पत्र लिखा था। कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंत्री आलमगीर आलम ने कहा, जानकारी लेकर इसका जवाब देंगे। दोषी अफसरों पर कार्रवाई होगी। इसके बाद भाजपा के विधायक नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष पहुंच गए। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने सूचना के तहत सदन की कार्यवाही शुरू होते ही फिर से यह मामला उठाया। उन्होनें कहा कि साहिबगंज से अवैध स्टोन चिप्स को बिहार के मनिहारी में अवैध घाट पर उतारा जाता है। इसी क्रम में यह दर्दनाक घटना हुई है। उन्होनें साहिबगंज के डीसी और एसपी को अविलंब बर्खास्त करने की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्ष 2021 में ही उन्होंने स्टोन चिप्स की कालाबाजारी को लेकर बिहार और झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह अवैध धंधा बहुत पहले से चल रहा है। झामुमो विधायक लॉबिन हेम्ब्रम ने कहा कि जो जहाज दुर्घटना ग्रस्त हुई हैए उस पर अवैध तरीके से पत्थर जा रहा थाण् कहा कि उनके ही विधानसभा क्षेत्र से पत्थर जाता है। लगातार वह इस बात को सदन में उठाते रहे हैं। उन्होनें कहा कि फेरी घाट से ओवर लोडेड ट्रक जाता है। राजस्व की हानि हो रही हैतुरंत जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो। विधायक अनंत ओझा ने कहा कि मनिहारी साहिबगंज फेरी सेवा चलती है। रात के अंधेरे में अवैध कारोबार होता है। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि साहिबगंज में फेरी घाट संचालित है। जिस पर दो वर्ष बिहार का और दो वर्ष झारखंड का अधिकार रहता है। इस जगह से पैसेंजर से लेकर मालवाहक दोनों चलता है। उन्होंने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार पूरी जानकारी ले रही है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन की जानकारी नहीं है। मंत्री के जवाब के बाद विपक्ष के सदस्य वेल में आकर हंगामा करने लगे। स्पीकर बार-बार विधायकों से आसान पर बैठने का आग्रह करते रहे लेकिन हंगामा जारी रहा। सदन दोबारा 12 बजे शुरू होने पर सरकार ने इस मामले में जवाब दिया है। मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जहाज खराब था, रिपेयर हो रहा था। दुर्घटना बिहार की सीमा में हुई है। इस मामले की जांच की जायेगी। साहिबगंज के अपर समाहर्ता को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। कमेटी में 4 सदस्यों को रखा गया है। बिहार व झारखंड की ओर से संयुक्त राहत अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान शून्यकाल की सूचनाएं ली गईं। इस दौरान झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने ही सरकार को घेर लिया। उन्होंने कहा कि खतियान आधारित स्थानीय नीति क्यों नहीं लागू हो रही। ब्ड को इस पर निर्णय लेना चाहिए। लोबिन ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से आहत हूं। ऐसे में मेरे विधायक रहने या नहीं रहने का कोई मतलब नहीं है। हंगामे के बीच कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित हो गई।इससे पहले विधायकों ने परिसर में अपनी.अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। आजसू, भाजपा से लेकर लेकर कांग्रेस तक के विधायक अपनी मांगों से संबंधित पोस्टर के साथ सदन के बाहर धरना पर बैठे थे। कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाया। दूसरी पाली में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने सदन में कहा कि सरकारी अनौपचारिक शिक्षा अनुदेशकों को विधि विभाग से विमर्श लेने के बाद समायोजित करने का फैसला सरकार लेगी। सदन में विधायक ममता देवी ने सवाल उठाया था कि 1980 में अनौपचारिक शिक्षा शुरू हुई थी। इस पर 2001 में विराम लग गयाण् इसलिए झारखंड अनौपचारिक शिक्षा अनुदेशकों को चतुर्थवर्गीय पद पर समायोजित किया जाये। मंत्री जोबा मांझी ने सदन में कहा है कि लैंड बैंक को खत्म किए जाने को लेकर सरकार विचार करेगी। विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने सदन में यह मांग उठाते हुए कहा कि सरकार लैंड बैंक को निरस्त कर व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर की गैरमजरूआ भूमि का सरकारी स्तर से सर्वे कराकर पट्टा देने की घोषणा करे। विधायक जयप्रकाश भाई पटेल ने हजारीबाग जिला के विष्णुगढ़ प्रखंड को पूर्ण रूप से अनुमंडल का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रखंड अनुमंडल बनने की अहर्ता पूरी करता है। इस पर मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि आयुक्त से अनुशंसा आने के बाद सरकार इस पर फैसला लेगी। विधायक प्रदीप यादव ने दुमका में हाईकोर्ट की बेंच और शिक्षा एवं कल्याण निदेशालय की स्थापना की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मांग सालों से हो रही है। इस पर मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि इसे लेकर चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में जल्द बैठक आयोजित कराई जायेगी। विधायक नवीन जायसवाल ने सदन में कहा कि रांची में 2 लाख 30 हजार से ज्यादा मकान बिना नक्शा पास के बने हुए हैं। उन्हें लगातार नगर निगम की ओर से नोटिस भेजा जा रहा है। जबकि ये मकान नगर निगम की स्थापना से पहले बने हैं। यह मामला सरकार के उच्च स्तर पर विचाराधीन है। जबतक इस पर फैसला नहीं आता है तब तक नोटिस देना बंद किया जाये। अपनी सरकार के खिलाफ विधायकों ने किया प्रदर्शन : विधानसभा परिसर में अपनी ही सरकार के खिलाफ कांग्रेस विधायकों ने किया प्रदर्शन किया। एक तरफ इरफान अंसारी ने अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाया तो वहीं, विक्सल कोंगाड़ी ने अपने इलाके में हाथियों के आतंक का मुद्दा उठाया। कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा को उखाड़ फेंकने में सबसे ज्यादा अल्पसंख्यकों का योगदान रहा है। लेकिन मौजूदा सरकार में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। सरकार के 3 साल हो गए हैं लेकिन जो सम्मान अल्पसंख्यकों को मिलना चाहिए वह सम्मान नहीं मिल पा रहा है। झारखंड में 18 फीसदी अल्पसंख्यकों की आबादी है। उसमें अंसारी समुदाय कपड़ा बनाता है। लेकिन धोती साड़ी लूंगी योजना के लिए ठेका मुंबई की कंपनी को दे दिया गया। सिमडेगा विधायक विक्सल कोंगाड़ी ने सदन के बाहर अपने क्षेत्र में पागल हाथियों के आतंक पर हाथ में तख्ती लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने वन विभाग और जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि सारंडा, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से लगभग सौ से डेढ़ सौ हाथियों झुंड सिमडेगा आते रहे हैं। एक हाथी पिछले एक साल से विधानसभा क्षेत्र में है और तबाही मचा रहा है। वह हाथी रोज दो से तीन घरों ध्वस्त कर देते है। इसे लेकर उन्होंने सदन के अंदर मुद्दा उठाया था लेकिन जिला प्रशासन और वन विभाग सरकार को गुमराह कर रहा है। यही वजह है कि उन्हें सदन के बाहर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
एबीएन एडिटोरियल डेस्क। एक तरफ देश में कर्मशील कर्मचारियों को जीवनपर्यंत सेवाओं के बावजूद पेंशन नसीब नहीं है। वहीं राज्यों में निर्वाचित माननीय विधायकों को न केवल भरपूर पेंशन मिल रही है, बल्कि हर बार चुने जाने पर अतिरिक्त पेंशन चक्रवृद्धि ब्याज की तरह उनके खाते में जुड़ती चली जा रही है। विगत में पंजाब में विपक्ष में रहते हुए आम आदमी पार्टी ने इस व्यवस्था को खत्म करने की मांग की थी। अब जब पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार भरपूर बहुमत से सत्ता में लौटी है तो इस दिशा में गंभीर पहल की बात कही जा रही है। कोशिश की जा रही है कि राज्य में "एक विधायक, एक पेंशन" की व्यवस्था हो। यानी हर कार्यकाल की अलग पेंशन लेने की व्यवस्था पर विराम लगे। आप पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी में एक विधायक, एक पेंशन के मुद्दे पर उच्च स्तर पर विमर्श किया जा रहा है। दरअसल, पिछली विधानसभा में भी आप विधायकों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। तब नेता प्रतिपक्ष के रूप में हरपाल चीमा ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में सुझाव दिया था कि पूर्व विधायकों को सिर्फ एक पेंशन का भुगतान किया जाये। दरअसल, एक कार्यकाल के लिये विधायक को 75,150 की पेंशन के अलावा प्रत्येक पिछले कार्यकाल के लिये पेंशन राशि का 66 फीसदी अतिरिक्त दिया जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल, कांग्रेस नेता लाल सिंह और पूर्व मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर को 3.25 लाख की पेंशन मिलती है। इसी मुहिम के बीच में पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके प्रकाश सिंह बादल ने अपनी पेंशन छोड़ने की बात कही है। दरअसल, उन्हें फिलहाल 5,76,150 रुपये की पेंशन मिलती है। राज्य में करीब 325 पूर्व विधायकों को पेंशन मिल रही है। यही वजह है कि राज्य में निर्वाचित माननीयों के सरकारी खर्च में राजयोग को लेकर जनता में अक्सर रोष नजर आता रहा है। इसके चलते आम आदमी पार्टी ने जनभावना को महसूस करते हुए इस दिशा में कदम बढ़ाया है। दरअसल, यही वजह है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान के मुख्यमंत्री पद संभालने के दूसरे ही दिन शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक व पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को पूर्व विधायक के रूप में मिलने वाली पेंशन छोड़ने की घोषणा करनी पड़ी। वे लांबी विधानसभा सीट से दस बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि, इस बार उन्हें आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी ने हरा दिया था। दरअसल, पिछली कांग्रेस सरकार में सरकारी धन से जनप्रतिनिधियों के आयकर के भुगतान का मुद्दा भी उठा था। एक आरटीआई के जरिये एकत्र जानकारी के अनुसार, प्रकाश सिंह बादल व नवजोत सिद्धू समेत 93 विधायकों का आयकर पंजाब सरकार भर रही थी। उसी वक्त यह मुद्दा भी उछला कि सिर्फ इनकम टैक्स की ही विसंगति नहीं है, बल्कि तमाम नेता एक से ज्यादा पेंशन ले रहे हैं। तब इस बाबत विपक्षी दलों ने विधानसभा में मुद्दे को उठाया था जिसके चलते तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी को इस बाबत आप नेताओं ने ज्ञापन भी सौंपा। अब कयास लगाये जा रहे हैं कि बदलाव के मुद्दों को लेकर सत्ता में आई आप सरकार के मुखिया भगवंत मान इस बाबत कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। भले ही आम आदमी पार्टी की यह मुहिम प्रतीकों की राजनीति का विस्तार हो, लेकिन यह परिपाटी हमारे सत्ताधीशों की नैतिकता पर सवाल खड़ी करती है। एक राज्य जहां अर्थव्यवस्था पहले ही हिचकोले खा रही हो, राज्य में बेरोजगारी का सैलाब हो, युवा रोजगार के लिये विदेश पलायन कर रहे हों, वहां हमारे माननीय कई-कई पेंशनों के सुख भोग रहे हैं। सही बात है कि यदि यह कोशिश सिरे चढ़ती है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत होगी। अन्य राज्यों में भी ऐसी पहल हो सकती है। आप को हासिल जनादेश को देखते हुए इस बदलाव की पहल की तार्किक परिणति को लेकर भरोसा भी जताया जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो कहा जा सकेगा कि आप वाकई आम आदमी पार्टी की सरकार है जिसे लोकतंत्र के लिये सुखद संकेत ही कहा जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण के विरोध और अन्य मांगों के समर्थन में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर 28 और 29 मार्च को सरकारी बैंकों में हड़ताल रहेगा। ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन के नेतृत्व में झारखंड प्रदेश बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन ने भी बंद को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। सभी बैंकों के मेन गेट पर प्रस्तावित हड़ताल के बैनर पोस्टर चिपका दिए गए हैं और मुख्य मांगों की जानकारी दी गयी है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर बैंकों में 28 और 29 मार्च को हड़ताल की वजह से लगातार चार दिन बैंक बंद रहेंगे। क्योंकि 26 मार्च को महीने का चौथा शनिवार है और 27 मार्च को रविवार है और उस दिन बैंक बंद रहता है। अगले दो दिन सोमवार और मंगलवार को हड़ताल की वजह से कामकाज प्रभावित रहेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार को 107 वस्तुओं की एक सूची का एलान किया जिनका एक निश्चित समय सीमा के बाद आयात बंद कर दिया जाएगा। इसमें कई उप प्रणालियां और कंपोनेंट्स शामिल हैं। इनके आयात को बंद करने के लिए छह साल की समय सीमा तय की गई है, जिसकी शुरुआत दिसंबर से होगी। इस सूची में हेलिकॉप्टर, पनडुब्बी, युद्धपोत, टैंक, मिसाइल, रडार और संचार प्रणाली के निर्माण में जरूरी कंपोनेंट शामिल हैं। इनमें से अधिकांश की खरीद वर्तमान में रूस से की जा रही है। पिछले साल दिसंबर में रक्षा मंत्रालय ने ऐसे ही 2851 उपकरणों की सूची जारी की थी, जिन पर एक निश्चित समय सीमा के बाद आयात बंद करने का एलान किया गया था। ताजा प्रतिबंध सूची में शामिल की गईं कुछ उप प्रणालियां और कंपोनेंट का इस्तेमाल स्वदेश में विकसित किए जाने वाले एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (एएलएच), लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (एलसीएच), लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (एलयूएच), इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, अस्त्र मिसाइल, टी-90 टैंक और इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल के निर्माण में किया जाता है। रक्षा मंत्रालय की इस सूची में शामिल 22 वस्तुएं ऐसी हैं जिनके स्वदेशीकरण का काम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) करेगी। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) 21 उप प्रणालियों का स्वदेशीकरण करेगी। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स जहाज व पनडुब्बी निर्माण के लिए उपयोग होने वाले छह कंपोनेंट और उप प्रणालियों का स्वदेशीकरण करेगी। इसके अलावा भारत डायनमिक्स लिमिटेड को अस्त्र मिसाइल के लिए चार उपकरणों के स्वदेशीकरण का जिम्मा सौंपा गया है। भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) को 12 उपकरणों के स्वदेशी करण का काम दिया गया है। मंत्रालय ने कहा है कि इन वस्तुओं का स्वदेशीकरण डीपीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम) द्वारा मेक श्रेणी के तहत किया जाएगा।
टीम एबीएन, रांची। विधानसभा में जनता की समस्याओं को बेबाकी से उठाने वाले विधायकों ने क्रिकेट में भी अपना जलवा बिखेरा। जेएससीए स्टेडियम, धुर्वा, रांची में मुख्यमंत्री एकादश और विधानसभा अध्यक्ष एकादश के बीच आज मैत्री क्रिकेट मैच खेला गया। विधानसभा अध्यक्ष एकादश की टीम ने मुख्यमंत्री एकादश को पराजित कर ट्रॉफी अपने नाम किया। इस मैच में मैन ऑफ द मैच और बेस्ट बॉलर का खिताब विधानसभा अध्यक्ष एकादश के रणधीर कुमार कुमार सिंह को मिला। बेस्ट बैटर का पुरस्कार अमित मंडल और बेस्ट फील्डर का पुरस्कार सुदेश कुमार महतो को प्रदान किया गया। यह रहा स्कोर : मैत्री मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए विधानसभा अध्यक्ष एकादश की टीम ने निर्धारित 12 ओवरों में बिना कोई विकेट खोए 130 रन बनाए। टीम के लिए विधायक अमित मंडल ने नाबाद 48, सुदेश कुमार महतो में नाबाद 26, रणधीर कुमार सिंह ने नाबाद 22 और नवीन कुमार जयसवाल ने नाबाद 19 रन बनाए। इसके बाद 131 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुख्यमंत्री एकादश की टीम निर्धारित 12 ओवरों में 4 विकेट खोकर 67 रन ही बना सकी। टीम के लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 28 और इरफान अंसारी ने 23 रन बनाए। विधानसभा अध्यक्ष एकादश के लिए श्री रणधीर कुमार सिंह ने 3 विकेट झटके। इस तरह विधानसभा अध्यक्ष एकादश ने 63 रनों से मैच अपने जीत लिया। अत्याधुनिक ग्रास रिमूवर मशीन का उद्घाटन : मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने अत्याधुनिक रियल स्टार ग्रास रिमूवर मशीन का उद्घाटन किया। इस मशीन के जरिए स्टेडियम में एक से बढ़कर एक डिजाइन में घास काटी जा सकेगी। इससे इस स्टेडियम के गमैदान की खूबसूरती और भी बढ़ जाएगी।
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