झारखंड : दिल में छेद वाले 20 बच्चे नि:शुल्क इलाज के लिए कोच्चि भेजे गये

 

  • दिल में छेद वाले बच्चों के लिए वरदान बनी झारखंड सरकार की पहल, 20 बच्चे नि:शुल्क इलाज के लिए कोच्चि रवाना 
  • गरीब परिजनों की आंखों में आंसू, स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी को दिल से दिया आशीर्वाद, कहा- मंत्री हो तो डॉ इरफान अंसारी जैसा 
  • गरीब की पीड़ा का एहसास है डॉ. इरफान अंसारी को : परिजन 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के उन मासूम बच्चों के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, जिनके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक अभाव के कारण उनके माता-पिता महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे। स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार की पहल पर आज ऐसे 20 बच्चों को नि:शुल्क हृदय आपरेशन एवं समुचित इलाज के लिए कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल रवाना किया गया। 

बच्चों को रवाना करते समय कई गरीब परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को दिल से आशीर्वाद देते हुए कहा कि आर्थिक मजबूरी के कारण वे अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बच्चों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगाई है। परिजनों ने भावुक होकर कहा, मंत्री हो तो डॉ इरफान अंसारी जैसा, जिन्हें गरीब की पीड़ा का एहसास है। 

हमारे बच्चों को नया जीवन मिलेगा : भावुक हुए परिजन 

इस अवसर पर बच्चों के परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भावुक होकर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, हम अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे। आर्थिक तंगी की मार झेल रहे थे और हम सभी गरीब परिवार से हैं। 4 से 5 लाख रुपये का खर्च हमारे लिए जुटाना संभव नहीं था। आपके इस सराहनीय प्रयास से हमारे बच्चों को नया जीवन मिलेगा। इसके लिए हम और हमारा पूरा परिवार, पूरा खानदान आपको और आपकी सरकार को दिल से बधाई और आशीर्वाद दे रहा है। 

परिजनों ने आगे कहा, सरकार ने हमारे बच्चों को मुफ्त में कोच्चि ले जाने और वापस लाने, इलाज, आॅपरेशन, जांच, दवा, रहने और खाने तक की व्यवस्था सुनिश्चित की है। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे बच्चों का इतना महंगा इलाज बिना किसी खर्च के हो पाएगा। आपने हमारी सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी। इसके लिए हम और हमारा पूरा परिवार आपके और झारखंड सरकार के हमेशा ऋणी रहेंगे। 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, जब से मैंने स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाली है, मेरा प्रयास रहा है कि झारखंड के किसी भी गरीब बच्चे को पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न होना पड़े। दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों के माता-पिता को दूसरे राज्यों में जाकर लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब झारखंड सरकार ऐसे बच्चों का इलाज पूरी तरह नि:शुल्क करायेगी। 

उन्होंने बताया कि कोच्चि के अमृता अस्पताल के साथ स्वास्थ्य विभाग का सहयोग स्थापित हुआ है। इसके तहत लगभग 100 बच्चों को उपचार के लिए भेजने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में आज 20 बच्चों को इलाज के लिए कोच्चि भेजा गया है। 

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि पहले ऐसे बच्चों के हृदय आॅपरेशन में लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक का खर्च आता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना बेहद मुश्किल था। अब झारखंड सरकार की पहल से पात्र बच्चों का आॅपरेशन, जांच, दवा, रहने-खाने सहित उपचार की आवश्यक सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध करायी जायेंगी। 

उन्होंने कहा, हमारी सरकार मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी के नेतृत्व और राहुल गांधी जी के मार्गदर्शन में गरीब और जरूरतमंद लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रही है। आज जब बच्चों के माता-पिता ने मुझे दिल से दुआ दी, तो यह मेरे लिए किसी सम्मान से कम नहीं है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इससे पूर्व भी विभाग के प्रयास से 75 बच्चों का सफलतापूर्वक नि:शुल्क हृदय आॅपरेशन कराया जा चुका है। आज 20 और बच्चों को उपचार के लिए रवाना किया गया है। 

उन्होंने राज्य के सभी मंत्री, सांसद, विधायक, जिला परिषद सदस्य, मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि उनके क्षेत्र में यदि कोई ऐसा बच्चा है जिसके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक अभाव के कारण उसका आॅपरेशन नहीं हो पा रहा है, तो ऐसे बच्चों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाएं। सरकार उनका नि:शुल्क इलाज एवं आॅपरेशन सुनिश्चित करेगी। 

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, मेरा उद्देश्य है कि झारखंड के किसी भी गरीब, आदिवासी और जरूरतमंद बच्चे को इलाज के अभाव में अपनी जिंदगी से समझौता न करना पड़े। हर बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य और नया जीवन देना हमारी प्राथमिकता है। 

नि:शुल्क मिलेंगी ये सुविधाएं 

  • हृदय की जांच एवं आवश्यक परीक्षण 
  • आॅपरेशन की पूरी सुविधा 
  • आवश्यक दवाएं 
  • अस्पताल में रहने एवं भोजन की सुविधा 
  • बच्चों एवं उनके अभिभावकों के लिए आवश्यक यात्रा सुविधा 
  • कोच्चि आने-जाने की यात्रा व्यवस्था 
  • आॅपरेशन के बाद फॉलोअप एवं घर वापसी तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी 

यह पूरी प्रक्रिया आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की टीम के सहयोग से की जा रही है, ताकि बच्चों की पहचान से लेकर उपचार, आॅपरेशन और घर वापसी तक उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके। 

रेलवे विभाग ने भी की स्वास्थ्य विभाग की पहल की सराहना 

बच्चों को रांची रेलवे स्टेशन से कोच्चि रवाना करने के दौरान रेलवे विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे। रेलवे कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को नया जीवन देने के लिए किया जा रहा यह कार्य वास्तव में अनोखा और सराहनीय है। 

रेलवे कर्मियों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी एवं स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को इस पहल के लिए दिल से साधुवाद दिया। बच्चों की यात्रा को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने में रेलवे विभाग की ओर से भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। इस अवसर पर एमडी, एनएचएम शशि प्रकाश झा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बच्चों को उपहार देकर उन्हें कोच्चि के लिए रवाना किया।

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