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महंगाई की मार : चीनी के बाद गुड़ का भी हुआ मिठास हुआ कम

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महंगाई की मार : चीनी के बाद गुड़ का भी हुआ मिठास हुआ कम
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चीनी के बाद गुड़ भी हुआ कड़वा, कीमत 45 से बढ़कर हुआ 70/किलो 

एबीएन बिजनेस डेस्क। चीनी की बढ़ती कीमतों के बाद अब गुड़ भी कड़वा हो गया है यानी महंगा हो गया है। खुदरा बाजार में गुड़ के दाम बढ़कर 80 से 90 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गये हैं। कुछ समय पहले तक यही गुड़ 40 से 50 रुपये किलो के आसपास बिक रहा था यानी कम समय में इसकी कीमत करीब दोगुनी हो गयी है। 

गुड़ की कीमतों में तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह पुराने स्टॉक में कमी और नये पिराई सत्र में देरी बतायी जा रही है। पिछले पिराई सत्र का उपलब्ध गुड़ अब लगभग खत्म होने की स्थिति में है। ऐसे में बाजार में आपूर्ति सीमित होने से कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। 

चीनी महंगी होने से बढ़ी मांग 

चीनी के दाम बढ़ने का असर गुड़ की मांग पर भी पड़ा है। मिठास के लिए कई उपभोक्ता चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल कर रहे हैं। मांग बढ़ने और उपलब्धता सीमित रहने से गुड़ की कीमतों में तेज उछाल आया है। 

एथेनॉल उत्पादन का भी असर 

गन्ने और उससे जुड़े उत्पादों का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन में बढ़ने से गुड़ के लिए उपलब्ध कच्चे माल पर भी असर पड़ा है। गन्ने के इस्तेमाल में बदलाव से चीनी के साथ-साथ गुड़ के उत्पादन और आपूर्ति पर भी दबाव बन रहा है। 

भारत दुनिया का प्रमुख गुड़ उत्पादक 

भारत गुड़ के उत्पादन में दुनिया में अग्रणी है और वैश्विक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत बतायी जाती है। देश में उत्पादित गन्ने का एक बड़ा हिस्सा गुड़ बनाने में इस्तेमाल होता है। भारत घरेलू जरूरत पूरी करने के साथ गुड़ का निर्यात भी करता है। 

त्यौहारों से बढ़ सकती है मांग 

आने वाले त्यौहारों के कारण गुड़ की मांग में और तेजी आने की संभावना है। दक्षिण भारत में ओणम जैसे त्यौहारों के दौरान मिठाइयों और पारंपरिक व्यंजनों में गुड़ की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में यदि नई फसल की पिराई और गुड़ की आपूर्ति समय पर नहीं बढ़ी तो आने वाले दिनों में कीमतों पर और दबाव देखने को मिल सकता है।

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