टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल रांची महानगर, रांची ग्रामीण जिला एवं विभिन्न धार्मिक, सामाजिक तथा सभी समविचारी हिंदू संगठनों के तत्वावधान में राजभवन के समक्ष धरना दिया गया। पश्चिम बंगाल में हिंदू लक्षित हिंसा पर आक्रोश व्यक्त करते हुए हिंदुओं की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की गयी। उपस्थित वक्ताओं ने कहा बंगाल में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। सैकड़ों हिंदू परिवार मुर्शिदाबाद एवं अन्य जिलों से पलायन कर रहे हैं उनमें एक भय का माहौल प्त है। वर्तमान ममता सरकार हिंदुओं को सुरक्षा प्रदान करने में असमर्थ है। कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अत: विश्व हिंदू परिषद ममता सरकार को बर्खास्त कर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करती है। धरना कार्यक्रम के बाद पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग को लेकर एक प्रतिनिधि मंडल ने उपायुक्त रांची के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन उपायुक्त कार्यालय रांची में जाकर सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में विहिप महानगर अध्यक्ष कैलाश केशरी, उपाध्यक्ष गोपाल पारिख, रांची ग्रामीण जिला मंत्री लाल लोकनाथ शाहदेव, बजरंग दल जिला संयोजक विक्रम साहू एवं अनिल तिवारी नीति थे। धरना कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, सुनील गुप्ता, प्रान्त मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, बजरंग दल प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो, प्रांत प्रचार-प्रसार प्रमुख प्रकाश रंजन, युगल किशोर प्रसाद, पवन मंत्री, राजीव रंजन मिश्र, सिद्धार्थ सचदेवा, चंद्रदीप दुबे, शुभाशीष चटर्जी ,योगेश खेडवाल जी, अजय राजगढ़िया, प्रदीप मिश्रा, प्रकाशचंद्र सिन्हा, रणधीर सिंह, रेनू अग्रवाल, बबीता सिंहा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद, रांची महानगर के अध्यक्ष कैलाश केशरी ने दी।
टीम एबीएन, रांची। सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अग्रणी संगठन मारवाड़ी युवा मंच द्वारा यात्रियों की सुविधा हेतु आज रांची रेलवे स्टेशन परिसर में एक आस्थायी प्याऊ की स्थापना की। प्रांतीय अध्यक्ष विशाल पाड़िया ने कहा कि मंच के द्वारा किए जा रहे कार्य बहुत प्रशंसनीय है। उन्होंने ने कहा कि यह प्याऊ जल्द ही यात्रियों की सेवा मे समर्पित होगा।उन्होंने रेलवे पदाधिकारी का आभार व्यक्त किया है। गर्मी के इस भीषण मौसम में यात्रियों को शुद्ध एवं ठंडे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। प्याऊ का उद्घाटन मुख्य अतिथि रांची रेलमंडल की वरीय मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक शुचि सिंह के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। मौके पर मंच के कई सदस्य, रेलवे प्रशासन के अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।मारवाड़ी युवा मंच रांची के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल सचिव निकुंज पोद्दार ने बताया कि प्याऊ की स्थापना यह पहल यात्रियों को राहत प्रदान करने के साथ-साथ समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करेगी। रेलवे प्रशासन ने मंच की इस पहल की सराहना की और इसे अन्य संगठनों के लिए प्रेरणा बताया। मारवाड़ी युवा मंच समाज सेवा की भावना से प्रेरित होकर भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है। अमृत धारा प्रभारी अनीश सरावगी, यश सुरेखा के देख रेख मे कार्यक्रम सफल हुआ। आज के कार्यक्रम में प्रांतीय अध्यक्ष विशाल पाड़िया, मंडलीय उपाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, प्रांतीय संयोजक अमित शर्मा, मंच के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन सिंघानिया, उपाध्यक्ष सोनित अग्रवाल, कोषाध्यक्ष गौरव काबरा, स्पर्श चौधरी, रोहित सरावगी मोनू तथा अन्य सदस्य मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। पुण्य शुक्रवार प्रभु यीशु के दुखभोग का स्मरण दिवस के अवसर पर लूर्द की माता मरियम गिरजाघर सामलॉन्ग में पल्ली पुरोहित फादर मैक्सिमियस टोप्पो की अगुवाई में युवा संघ के द्वारा जीवंत क्रूस रास्ता की प्रस्तुति की गई। इसके अंतर्गत प्रभु यीशु को पिलातूश के द्वारा प्राणदंड आदेश, यीशु को सिर पर कांटों का मुकुट पहनाना, सिपाहियों द्वारा यीशु को कोड़ों और लात घुसो की मार, भारी क्रूस ढोकर कलवारी की यात्रा, वेरोनिका नामक नारी द्वारा यीशु के लहूलुहान चेहरा को पोछना, दुःखित नारियों को यीशु का सांत्वना, यीशु का वस्त्र हरण, क्रूस पर किलों से यीशु के हाथ पांव ठोक कर पहाड़ पर खड़ा करना, यीशु के मृत शरीर के छाती पर भले का प्रहार, यीशु के शरीर को माता मरियम द्वारा प्यार करना और यीशु के मृत शरीर को कब्र में रख देने का दृश्य को युवाओं ने बखूबी से प्रस्तुत किया।युवाओं द्वारा पीलातूस की भूमिका एरोन भूतकुमार, यीशु की भूमिका निर्मल इक्का माता मरियम। सिरनी सिमोन नितेश भेंगरा, बेरोनिका इलियाना इवाना एक्का, निकोडिम अश्विन कुजूर, बरबस की भूमिका को निखार खलखो ने बड़ी ही बेखूबी से भूमिका को निभाया। क्रूस रास्ता की विधि के बाद विश्वव्यापी शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना की गई।उपस्थित छोटे बड़े बुजुर्ग सबों के द्वारा क्रूसित प्रभु यीशु की आराधना कर क्रूस का चुंबन किया गया। इस अवसर पर पल्ली के विभिन्न संस्थाओं के धर्म बंधु धर्म बहनें, कैथोलिक सभा के सभापति विंसेंट केरकेट्टा, महिला संघ की सभानेत्री बड़े बुजुर्ग युवा युवती और बच्चे शामिल हुए।
मधुर मेडिकेयर हास्पिटल पतरा टोली में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र के 213 मरीजों ने कराया इलाज टीम एबीएन, लोहरदगा। लोहरदगा के उपनगरीय क्षेत्र पतराटोली स्थित मधुर मेडिकेयर हास्पिटल तृतीय वर्ष गांठ के मौके पर शुक्रवार को नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें दूर दराज एवं दुर्गम क्षेत्र से से आए मरीजों ने नि:शुल्क इलाज का लाभ लिया। शिविर में हड्डी जोड़ और नस रोग विशेषज्ञ डा विवेक मधुर, जेनरल सर्जन और स्त्री रोग विशेषज्ञ डा नेहा ज्योति, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ विनीत कुमार मिश्रा, न्यूरोसर्जन डॉ दीपक कुमार, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ आभा मधुर और डा चंदन कुमार ने शिविर में पहुंचे 213मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया। शिविर में ब्लड शुगर, यूरिक एसिड , इसीजी और हड्डी में कैलिसियम की जांच बीएमडी मशीन के द्वारा की गयी। सभी मरीजों को आवश्यकतानुसार मुफ्त दवाएं दी गयी। डा विवेक मधुर ने हड्डी, जोड़ और नस रोगों से संबंधित मरीजों का इलाज किया। डॉ विवेक ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में जीवन शैली काफी बदल रही है। लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत और जागरूक रहने की आवश्यकता है। इन्होंने मरीजों को हड्डी एवं नस की देखभाल के लिए जरूरी उपाय बताए। डा नेहा ज्योति मधुर ने बवासीर, फिशर, हर्निया, हाइड्रोसिल, पित और किडनी की पथरी, स्तन की गांठ और घाव, पेट की बीमारी और गर्भवती महिलाओं का इलाज किया। डा चंदन कुमार ने भी सामान्य बीमारियों का इलाज किया। हास्पिटल के निदेशक अजय मधुर ने बताया कि मधुर मेडिकेयर हास्पिटल में स्वास्थ्य को लेकर निशुल्क जांच शिविर का आयोजन आगे भी जारी रहेगा। इन्होंने कहा कि मधुर मेडिकेयर का उदेश्य स्वास्थ्य को लेकर जागृत कराना है। माह के प्रथम रविवार को ओपीडी शुल्क निशुल्क रहेगा। शिविर को सफल बनाने में अजय मधुर, सावित्री मधुर, सुरेंद्र ठाकुर, सुशीला कुजूर, उषावती यादव, देवंती बेक, अचरज कुजूर, सूरज यादव, नेहा सिंह, गुलाब नायक, अंगद सिंह, साधना ,अमन कुमार, नरगिस खातून , सिद्धार्थ सिंह, मो खालिद, प्रियांशु, खुशी खाखा, शाहिद अंसारी आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
हिंदी साहित्य भारती, रांची इकाई की बैठक सम्पन्न, संगठन विस्तार एवं राष्ट्रीय विचार गोष्ठी की तैयारियों पर हुआ विचार-विमर्श टीम एबीएन, रांची। हिंदी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित संस्था हिंदी साहित्य भारती की रांची इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक आज होटल सिटी पैलेस, लालपुर में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता इकाई के अध्यक्ष बलराम पाठक ने की, जबकि प्रदेश महामंत्री राकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक का संचालन संगठन महामंत्री अजय राय ने कुशलतापूर्वक किया। बैठक में संगठनात्मक मजबूती और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर संगठन का विस्तार करते हुए नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जिसमें निम्नलिखित पदाधिकारियों को दायित्व सौंपे गये : अध्यक्ष : बलराम पाठक उपाध्यक्ष : राजेश कुमार, संजय सर्राफ, सुनीता पाठक संगठन महामंत्री : अजय राय महामंत्री : सुकुमार झा संयुक्त महामंत्री : पूजा शेखर शुक्ला, निशांत पाठक, अभय कुमार पांडेय कोषाध्यक्ष : त्रिपुरेश्वर नाथ मिश्र प्रेस प्रभारी : संजीव दत्ता कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्य अतिथि राकेश कुमार ने कहा, हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना की आत्मा है। साहित्य भारती का कार्य केवल साहित्य तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक सांस्कृतिक आंदोलन है जो जन-जन को जोड़ने का कार्य करता है। अध्यक्ष बलराम पाठक ने अपने उद्बोधन में कहा, रांची इकाई निरंतर साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय रही है। हमें गर्व है कि हमारी टीम हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। संगठन महामंत्री अजय राय ने बैठक के दौरान कहा, हमारी आगामी योजना एक भव्य दो दिवसीय राष्ट्रीय विचार गोष्ठी सह कार्यशाला का आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से विद्वानों एवं साहित्यकारों की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। इसके लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी आयोजन की तैयारियों को लेकर बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। यह आयोजन न केवल साहित्यिक विमर्श को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि हिंदी के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को भी सशक्त करने में सहायक सिद्ध होगा। इस बैठक में राजेश कुमार, संजय सर्राफ, सुकुमार झा, त्रिपुरेश्वर मिश्र, पूजा शेखर शुक्ला, श्री निशांत पाठक सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। हिंदी साहित्य भारती, रांची इकाई ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि वह आने वाले समय में नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में साहित्यिक गोष्ठियों, कवि सम्मेलनों, लेखन कार्यशालाओं एवं भाषा जागरूकता अभियानों के माध्यम से हिंदी भाषा को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचायेगी। इस बैठक ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि रांची इकाई साहित्यिक गतिविधियों में नयी ऊर्जा के साथ कार्य करते हुए हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्थापित करने के अभियान में अग्रणी भूमिका निभायेगी। उक्त जानकारी हिंदी साहित्य भारती, रांची इकाई के प्रेस प्रभारी संजीव दत्ता ने दी।
टीम एबीएन, रांची। भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह जी का भगवान बिरसा मुंडा की पावन भूमि पर हार्दिक अभिनंदन किया गया। इस मौके पर उनपर पुष्पवर्षा भी की गयी।
19 अप्रैल को राज्य के सभी जिला केंद्रों पर विहिप का आक्रोश प्रदर्शन ; बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग को लेकर दिया जायेगा ज्ञापन टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद के झारखंड प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत एवं प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने बताया पिछले एक सप्ताह से वक़्फ अधिनियम के बहाने से पश्चिम बंगाल में हिंदू लक्षित हिंसा और दंगों द्वारा हिंदुओं का उत्पीड़न बड़े स्तर पर चल रहा है। हजारों की संख्या में पीड़ित हिंदू परिवार अपने ही राज्य में निर्वासित होने पर विवश हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही हिंदू परिवारों की सुरक्षा निमित्त दृष्टिगत नहीं हुई है। राज्य सरकार द्वारा पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। ऐसी हिंदू विरोधी सरकार को निलंबित कर राष्ट्रपति शासन लागू करने से ही हिंदू समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हो सकती है। अत: 19 अप्रैल को राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के अंतर्गत बंगाल में हिंदू लक्षित हिंसा के विरोध एवं वहां राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद द्वारा झारखंड के सभी जिला केन्द्रों पर प्रात: 11 से 2 बजे तक धरना, आक्रोश प्रदर्शन किया जायेगा तथा जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जायेगा। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद, झारखंड के प्रचार प्रसार प्रांत प्रमुख प्रकाश रंजन ने दी।
टीम एबीएन, रांची। भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री, वार्ड 41 की भावी वार्ड प्रत्याशी सह समाज सेविका श्रीमती नीलम चौधरी जी के प्रयास से वार्ड 41 के विभिन्न क्षेत्रों में निशुल्क योगा क्लास शुरू किया गया है, जो पिछले कई महीनों से चल रहा है। इनकी सोच है कि हमारे क्षेत्र की हर एक महिला स्वस्थ और रोग मुक्त रहे। पिछले कई महीनों से गाला बैंक्विट हॉल, सेक्टर 2 में सुबह 5 से 6 बजे तक महिलाओं को नि:शुल्क योगा तथा एरोबिक अभ्यास कराया जाता है, जहां सैकड़ों की संख्या में महिलाएं योगाभ्यास करती है। आज इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा के मंदिर प्रांगण में योग क्लास शुरू किया गया। योगा क्लास इस क्षेत्र में रहने वाली महिला बहनों के लिए वरदान है। इस योगा क्लास की कोर्डिनेटर कुमारी अनुपम और प्रशिक्षण सीमा रानी, आराधना सिंह, शिवानी जी, पम्मी, पूनम जी के द्वारा दिया जा रहा है। इस पुनीत कार्यक्रम में शिवि देवी सहित अन्य कई महिला सहयोग देकर सफल बना रही है। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के शिवि देवी और जय नारायण प्रसाद ने दी।
दूसरा धर्म अपनाने वाले आदिवासियों से आरक्षण की सुविधा वापस ली जाये : चंपई सोरेन टीम एबीएन, बोकारो / रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने मांग की है कि दूसरा धर्म अपनाने वाले आदिवासियों से आरक्षण की सुविधा वापस ली जाये। उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी समुदाय से बाहर शादी करने वाली आदिवासी महिलाओं को आरक्षण सुविधा से बाहर किया जाना चाहिए। बोकारो जिले के बालीडीह जाहेरगढ़ में आयोजित सरहुल/बाहा मिलन समारोह को संबोधित करते हुए चंपई सोरेन ने दूसरा धर्म अपनाने वाले आदिवासियों या आदिवासी समुदाय से बाहर शादी करने वाली आदिवासी महिलाओं को आरक्षण सुविधा दिये जाने का कड़ा विरोध किया। जाहेरगढ़ (आदिवासियों का पूजा स्थल) में मत्था टेकने वाले सोरेन ने आदिवासी समुदाय से जागने का आह्वान करते हुए दावा किया कि अगर जल्द ही ऐसे आदिवासियों को सूची से बाहर नहीं किया गया तो समुदाय का अस्तित्व मिट जायेगा। सोरेन ने यहां एक बयान में कहा, अगर हम अभी नींद से नहीं जागे तो समुदाय का कोई भी व्यक्ति हमारे जाहेर स्थान, सरना स्थल और देशावली (सभी पूजा स्थलों) पर प्रार्थना करने के लिए नहीं बचेगा। संथाल परगना के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समुदाय दो तरफ से मार झेल रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक तरफ आरक्षित सीटों पर दूसरा धर्म अपनाने वाले आदिवासी कब्जा कर रहे हैं, वहीं बांग्लादेशी घुसपैठिए न सिर्फ हमारी जमीन हड़प रहे हैं, बल्कि आदिवासी महिलाओं से शादी करके हमारे सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। सोरेन ने आरोप लगाया कि बाद में ये घुसपैठिये स्थानीय निकाय चुनावों में उन्हीं आदिवासी महिलाओं को मैदान में उतारकर संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण पर अप्रत्यक्ष रूप से अतिक्रमण कर लेते हैं। उन्होंने इसे रोकने की अपील की।
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