Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
होम देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन

झारखंड

View All
अंगारपथरा ओपी क्षेत्र अंतर्गत गजलीटाड़ में बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध कोयला उत्खनन
Published / 2025-08-25 21:22:53
अंगारपथरा ओपी क्षेत्र अंतर्गत गजलीटाड़ में बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध कोयला उत्खनन

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिलाध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड डीजीपी को पत्र लिखकर कहा कि अंगारपथरा ओपी क्षेत्र अंतर्गत गजलीटांड़ में अवैध मुहाना बनाकर कोयले का अवैध कारोबार किया जा रहा है। जिससे आये दिन दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। जिससे गरीब मजदूर अवैध मांइस में कोयला काटने और निकालने के समय दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। लेकिन इस पर आज तक कोयला माफियाओं पर कोई कार्रवाई तक नहीं की जाती है। जिससे कोयला माफियाओं का मनोबल लगातार बढ़ते जा रही है। कोयला माफिया कोयला की काली कमाई से रातों-रात करोड़ पति बनते जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार,राज्य सरकार और बीसीसीएल को अवैध कोयला उत्खनन के कारण काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अगर समय रहते कोयला माफियाओं पर कार्रवाई अगर होती, तो गरीब मजदूरों की जान को जाने से बचाया जा सकता है। कोयला माफिया अंगारपथरा ओपी प्रभारी की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं और झारखंड डीजीपी से निवेदन करते हुए कहा कि इस मामले पर संज्ञान लेने की कृपा करें। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगायी जा सके और राष्ट्रीय संपत्ति कोयला को कोयला माफियाओं से बचाया जा सके।

झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र
Published / 2025-08-25 21:22:15
झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र

टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल ने भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र प्रेषित कर तेलंगाना में मारवाड़ी गो बैक के विरुद्ध कार्रवाई हेतु आग्रह किया है। पत्र में कहा गया है कि मारवाड़ी समाज एक बहुत ही सहनशील, मेहनती, विनम्र समाज है और पुरे विश्व में फैल कर उद्योग एवं व्यापार लगाकर उस प्रदेश के आर्थिक विकास में योगदान दे रहा है। सामान्यत: मारवाड़ी समाज को धर्मभीरु एवं मानव जाति की सेवा हेतु जाना जाता है। पुरे देश में जितनी धर्मशालाएं, अस्पताल, पनशाला आदि हैं वे मारवाड़ी समाज के द्वारा निर्मित हैं। समाज और देश की आर्थिक विकास में मारवाड़ियों के योगदान को भुला नहीं जा सकता है और देश की जीडीपी में इनका बड़ा योगदान है। आज जितने भी बड़े उद्योग हैं वे या तो मारवाड़ियों के हाथ में हैं या तो गुजरातियों के हाथ में, समाज रिस्क लेना जानते हैं और अथक मेहनत करते हैं और सबसे बड़ी बात है कि जिस प्रदेश में ये जाते हैं वहीं के होकर रह जाते हैं। वहां की भाषा सभ्यता, संस्कृति में अपने आप को ढाल लेते हैं और उस क्षेत्र के विकास के साथ साथ वहां के गरीबों के उत्थान में भी सक्रिय रहते हैं। देश की आजादी की लड़ाई में भी आदरणीय स्व० जमनालाल बजाज, राममनोहर लोहिया, घनश्याम दास बिरला समेत सैंकड़ों मारवाड़ियों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष योगदान दिया था। ऐसे शांत एवं मृदु समाज के विरुद्ध तेलंगाना राज्य में मारवाड़ी, गुजराती एवं जैन समाज के विरुद्ध गो बैक के नारे लगाना और उनके प्रतिष्ठानों में तोड़ फोड़ करना असहनीय है। इससे पूरे समाज में भारी रोष व्याप्त है। ऐसा लगता है कि इन सब के पीछे राज्य सरकार का अप्रत्यक्ष रूप से पूरा समर्थन है। श्रीमान से आग्रह है कि ऐसे में तेलंगाना के मुख्यमंत्री से इन आन्दोलनकारियों एवं असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करने का दवाब बनायें अन्यथा पुरे देश के मारवाड़ी गुजराती एवं जैन समाज के लोग आन्दोलन करने पर मजबूर हो जायेंगे। आशा है आप इस पर त्वरित कदम उठायेंगे। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी है।

झारखंड : सोमवार को हंगामेदार रहा विधानसभा का मानसून सत्र
Published / 2025-08-25 20:18:23
झारखंड : सोमवार को हंगामेदार रहा विधानसभा का मानसून सत्र

झारखंड विधानसभा में सूर्या हांसदा की मुठभेड़ में मौत को लेकर हंगामा, भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री से की इस्तीफे की मांग टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा में सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर सदन के बीच में खूब हंगामा और नारेबाजी किया जिसके कारण प्रश्न काल नहीं हो पाया। गोड्डा में सामाजिक कार्यकर्ता सूर्या हांसदा की मुठभेड़ में मौत और संविधान के 130वें संशोधन के मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने जमकर नारेबाजी की। भाजपा के सदस्य पंपलेट लेकर सदन के बीच में पहुंचे और रिम्स टू वायस लो का नारा लगाने लगे। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पहली बार दोपहर 12:30 बजे तक स्थगित कर दी गई। सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक अपनी-अपनी मांगों को लेकर वेल में पहुंच गये और हंगामा करने लगे। स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने दोनों पक्षों से शांत रहने की अपील की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। उन्होंने प्रश्नकाल चलाने का आग्रह किया, पर शोर-शराबे में उनकी आवाज दब गई। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12:30 बजे तक के लिए रोक दी। सदन की बैठक जब दोबारा शुरू हुई तो संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक का झारखंड में एकीकृत वित्तीय प्रणाली पर प्रतिवेदन (झारखंड सरकार वर्ष 20 25 का प्रतिवेदन संख्या एक) 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए वर्ष की राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन एवं भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक का मार्च 2023 को समाप्त हुए अवधि के लिए प्रतिवेदन, झारखंड सरकार वर्ष 25 का प्रतिवेदन संख्या तीन (निष्पादन एवं अनुपालन लेखा परीक्षा सिविल) को सदन पटल पर रखा। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री ने अनुपूरक बजट में सम्मिलित अनुदान मांग रखा। बाद में भाजपा के सत्येंद्र तिवारी ने कटौती का प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कारर्वाई भोजन अवकाश के लिए 2:00 बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी। भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर धरना देते हुए राज्य में कानून व्यवस्था खराब होने का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि गोड्डा में चार बार चुनाव लड़ चुके सूर्या हांसदा को पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में मार डाला। सरकार इस मामले को दबाने में जुटी है। पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। वहीं, सत्ता पक्ष झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायकों ने सदन के बाहर 130वें संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने तानाशाही बंद करो और वोट चोरी करना बंद करो जैसे नारे लगाए। विपक्ष ने रांची के नगड़ी में रिम्स-टू के लिए किसानों की जमीन जबरन छीनने का आरोप भी लगाया और वेल में पोस्टर फाड़कर फेंके।

श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में मना श्रीकृष्ण की छठी एवं नंदोत्सव
Published / 2025-08-25 13:41:16
श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में मना श्रीकृष्ण की छठी एवं नंदोत्सव

*प्रेस विज्ञप्ति**श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में मना श्रीकृष्ण की छठी एवं नंदोत्सव**नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की..**संगीतमय नृत्य-नाटिका भजनों मे श्रद्धालु खूब झूमे*श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित झारखंड के सबसे बड़े श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग में नंदोत्सव एवं भगवान की छठी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। यह दिव्य भव्य आयोजन भजन जागरण, संगीतमय नृत्य- नाटिका, आलौकिक श्रृंगार एवं महाप्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव लेकर आया। महोत्सव की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण के अलौकिक श्रृंगार दर्शन से हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने बाल गोपाल के छठी पूजन के विशेष दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। कोलकाता से पधारे कलाकारों ने संगीतमय नृत्य-नाटिका के माध्यम से- सांवरिया झंझट बड़े अपार,काला कृष्णा गोरा कृष्ण की लीला,नरसिंह अवतार की लीला, नंद उत्सव, महारास एवं जीवन प्रसंगों को अत्यंत भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया। भगवान श्रीकृष्ण के नंदोत्सव को दर्शाते हुए *नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की* भजन पर जब कलाकारों ने नृत्य किया, तो सम्पूर्ण वातावरण कृष्णमय हो गया। ट्रस्ट के भजन गायक मनीष सोनी, सज्जन पाड़िया, श्री  वेद्यया, उर्मिला पाड़िया, सीता शर्मा, निर्मल जालान, श्री कृष्ण के श्री चरणों में भजनों की लड़ी लगा दी तथा अपने भजनों से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। भजनों की मधुर स्वर लहरियों में डूबकर उपस्थित श्रद्धालु श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर हो गए। छठी महोत्सव के अंतर्गत बाल गोपाल का पारंपरिक रूप से छठी पूजन किया गया, पुजारी अरविंद पांडे ने विधिवत भोग लगाया।जिसमें विशेष पूजन सामग्री, श्रीफल, पंचमेवा, और छप्पन भोग अर्पित किए गए।महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन सामूहिक महाआरती से हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलन कर एक साथ आरती कुंज बिहारी की भावपूर्ण गायन किया। इसके पश्चात सभी को महाप्रसाद वितरित किया गया, जिसमें प्रसादी के रूप में पंचामृत, माखन-मिश्री, मेवा, एवं शुद्ध सात्विक भोजन परोसा गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, मनोज चौधरी, निर्मल जालान, सज्जन पाड़िया, संजय सर्राफ, पूरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, विशाल जालान,नवल अग्रवाल, मनीष जालान, नंदकिशोर चौधरी,विष्णु सोनी, मनीष सोनी, पवन पोद्दार, सुनील पोद्दार, ज्ञानचंद शर्मा, विद्या देवी अग्रवाल, संतोष देवी अग्रवाल, शोभा जालान, सुनीता अग्रवाल, के अलावे बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट केप्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ

पेंशनर एसोसिएशन ने किया राज्य स्तरीय कन्वेंशन
Published / 2025-08-24 22:52:33
पेंशनर एसोसिएशन ने किया राज्य स्तरीय कन्वेंशन

आज दिनांक 24 अगस्त   को  शहीद चौक पर ऑल इंडिया  फोरम ऑफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय आह्वान पर पेंशन अधिनियम में ड्राकोनियन संशोधन एवं 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन में अप्रत्याशित विलंब को लेकर  राज्य स्तरीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया संयुक्त रूप से जिसकी अध्यक्षता पोस्टल पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड के साधन कुमार सिंहा,रेलवे के जी एस बहल, बी एस एन एल पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के  नरेश लाल और ऑल इंडिया बी एस एन एल डिपार्टमेंट के विनोद कुमार ने किया.  कन्वेंशन में पेंशन अधिनियम में संशोधन को लेकर राज्य सचिव एम जेड खान ने पेपर प्रस्तुत करते हुए कहा कि ये संशोधन सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के 1983 में डी एस नाकारा  मामले में दिए गए निर्णय के खिलाफ है तथा समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है. इस संशोधन ने सरकार को अधिकार दे दिया है कि वह 31 दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग के लाभों से वंचित कर दे . 7वें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुसार किसी भी पेंशनर्स को रिटायरमेंट की तिथि के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया गया था. लेकिन इस संशोधन के कारण जनवरी  2026 से पूर्व और 2026 के बाद पेंशनर्स को विभाजित कर उन्हें वेतन आयोग के देय लाभ से वंचित करने का काम किया है.कन्वेंशन सभा को रेलवे के जगजीत सिंह बहल,चंचल कुमार सिंह, पोस्टल / आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन के साधन कुमार सिंहा, के डी राय व्यथित, बी एस एन एल के नरेश लाल, विनोद कुमार, बैंक के एम एल सिंह, सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के एस एस पाठक, राज्य सरकार के पेंशनर्स एसोसिएशन के नवीन चौधरी .,सेंट्रल गवर्नमेंट रेलवे रिटायर्ड फेडरेशन के कांति डे ने संबोधित करते हुए इस काले अधिनियम को वापस लेने की मांग की.इस मुद्दे को लेकर  माननीय राज्यपाल,झारखंड को एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के द्वारा  ज्ञापन सौंपा गया. प्रतिनिधिमंडल में एम जेड खान,साधन कुमार सिंहा ( पोस्टल), जगजीत सिंह बहल,चंचल कुमार सिंह ( रेलवे), नरेश लाल( बी एस एन एल पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन) , विनोद कुमार ( AIBDPA)  कालिदास मुंडा( रेलवे) और शमीम अख्तर  शामिल थे.आम सहमति से  नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ पेंशनर्स एसोसिएशन,झारखंड का गठन किया गया:अध्यक्ष : विनोद कुमार, ए आई बी डी पी ए सचिव: एम जेड खान, ए आई पी आर पी एकोषाध्यक्ष: नरेश लाल, ए आई बी एस एन एल पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन संयुक्त सचिव: चंचल कुमार सिंह, ए आई आर आर एफउपाध्यक्ष:   साधन कुमार सिंहा, ए आई पी आर पी ए * सहायक सचिव: इकबाल हुसैन, बी एस एन एल संगठन सचिव: शमीम अख्तर,पोस्टलकार्यकारिण सदस्य:रांची: हसीना तिग्गा( पोस्टल), ए पी सिंह( बी एस एन एल) ,कालिदास मुंडा, बेगन लाल हल्दर एवं महेश सिंह( रेलवे)धनबाद: बृज बंशी प्रसाद सिंह( पोस्टल), सालिक राम चौहान( बी एस एन एल),ए के गुप्ता( रेलवे)जमशेदपुर: जे भट्टाचार्य,( पोस्टल), दिनेश साहू( बी एस एन एल),एन आर मांझी( रेलवे)हजारीबाग: अर्जुन पांडे( पोस्टल) , महेश महतो( बी एस एन एल)डाल्टनगंज: यू एस भट्ट,(पोस्टल),राम कृष्णा प्रसाद( बी एस एन एल)गिरिडीह: अजय सिंहा,( पोस्टल), यदु ठाकुर( बी एस एन एल)गुमला: महेंद्र बड़ाइक( पोस्टल)सिमडेगा: राफेल बाखला( पोस्टल)दुमका: सुभाष गुप्ता( पोस्टल)स्वागत भाषण के डी राय व्यथित,धन्यवाद ज्ञापन बृज बंशी प्रसाद सिंह,संचालन एम जेड खान ने  किया. शोक प्रस्ताव त्रिवेणी ठाकुर  ने रखा.इसके अलावा फोरम ऑफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन की राज्य कमेटी आम सहमति से गठित की गई जो इस प्रकार है:अध्यक्ष: विनोद कुमार( AIBDPA)सचिव: शमीम अख्तर( पोस्टल) कोषाध्यक्ष: नरेश लाल( बी एस एन एल)उपाध्यक्ष: जे एस बहल( रेलवे)संयुक्त सचिव: त्रिवेणी ठाकुर ( पोस्टल)संगठन सचिव: वी डी मिश्रा ( बी एस एन एल)इसके अलावा पोस्टल,रेलवे, बी एस एन एल,केंद्रीय पेंशनर्स को लेकर 25 सदस्यीय कार्यकारियों भी गठित की गई ।कन्वेंशन में 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया तथा  पेंशन कानून में आर्बिटररी संशोधन की वापसी की मांग की गई .उपस्थित वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि  वित्त विधेयक के माध्यम से  1972 / 2021 के पेंशन अधिनियम में संशोधन कर आठवें वेतन आयोग के लाभ से वर्तमान केंद्रीय पेंशनर्स को वंचित किए जाने की साजिश रची जा रही है तथा इन्हें सेवानिवृति की तिथि से विभाजित किया जा रहा है जो संविधान के आर्टिकल 14 की आत्मा के विपरीत है. सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा तथा सरकार की मंजूरी के पश्चात  वर्तमान और भविष्य के पेंशनर्स में किसी किस्म का भेद - भाव नहीं किया गया था बल्कि पेंशन के पुनरीक्षण में समानता रखी गई थी. और इसकी भी आशंका है कि केंद्र सरकार वेतन आयोग की अनुशंसा के उपरांत भी पेंशनर्स को देय लाभ से वंचित कर दे.सभा को  संबोधित  करते  हुए राज्य सचिव एम जेड खान ने कहा कि  केंद्र सरकार ने 25 मार्च को संसद में विपक्षी दलों के  विरोध के पश्चात  फाइनेंस बिल के माध्यम से 1972/ 2021 के पेंशन अधिनियम में संशोधन पारित कर  31. 12. 2025 तक रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मियों को 8 वें वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर दिया गया है. केवल जनवरी 26 या उसके बाद से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को 8 वें वेतन आयोग का लाभ मिल पाएगा. केंद्र सरकार पेंशनर्स के साथ भेद भाव का रवैया अपना कर संविधान की धारा 14 का उल्लंघन कर रही है . सरकार पेंशनर्स को जनवरी 2026 से पहले और जनवरी 2026 के बाद   के खाने में वर्गीकृत कर संशोधित पेंशन अधिनियम के तहत वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर देना चाहती है. आज के कन्वेंशन में मुख्य रुप से गणेश डे,रंग नाथ पांडेय ,रामनरेश पांडे ,सुशील कुमार,,हसीना तिग्गा,गयो देवी,  अमिता तिर्की, अख्तर शाह, त्रिलोकीनाथ साहू, सुखदेव राम, ,राजेंद्र महतो, आर बी बैठा, देव चरण साहू, जयराम प्रसाद, जय नारायण प्रसाद , हरिराम तिवारी,धनेश्वर गोस्वामी   के अलावा बड़ी संख्या में धनबाद,जमशेदपुर, पलामू ,गिरिडीह,हजारीबाग,रामगढ़,के पेंशनर्स  उपस्थित थे।  10 अक्टूबर को दिल्ली में धरना दिया जाएगा और माननीय प्रधान मंत्री,राष्ट्रपति तथा सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश को ज्ञापन सौंपा जायेगा।एम जेड खान ,राज्य सचिवऑल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड ,

चंपई सोरेन के हाउस अरेस्ट होते ही देवेंद्रनाथ महतो ने संभाली आंदोलन की कमान
Published / 2025-08-24 21:03:33
चंपई सोरेन के हाउस अरेस्ट होते ही देवेंद्रनाथ महतो ने संभाली आंदोलन की कमान

हल बैल चलाकर रिम्स-2 जमीन बचाओ का हुआ आंदोलनजबरन रिम्स टू बनाने से नगड़ी के लोग भूमि हीन हो जायेंगे देवेन्द्र नाथ महतोटीम एबीएन, रांची। कांके अंचल अंतर्गत मौजा नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना को लेकर विवाद लगातार बढ़ते जा रहा है। राज्य सरकार का यह परियोजना 1074 करोड़ राशि का है। जिसे बचाने को लेकर आज रैयत ग्रामीणों के द्वारा जमकर आंदोलन किया गया। जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तावित जमीन के 200 मीटर परिधि में बीएनएस धारा 163 लागू कर दिया गया। आज (रविवार) आंदोलन से पूर्व ही अहले सुबह पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को उनके आवास में ही नजर बंद कर दिया गया। आंदोलन स्थल पर पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी व वेरीकेटिंग किया गया। इसके बावजूद झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो प्रशासन को चकमा देकर आंदोलन स्थल तक पहुंचे। कार्यकर्ताओं के साथ कंधे में हल और बैल लेकर पहुंचे। प्रस्तावित जमीन पर घंटों तक हल जुताई किया। हक जुताई करते हुए खेत जोतो जमीन बचाओ - रोपा रोपो जमीन बचाओ का नारा लगाया।महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा के साथ सांस्कृतिक गीत-संगीत से धान रोपनी करते हुए राज्य सरकार के रिम्स-2 परियोजना का विरोध किया। जमीन जुताई करते हुए देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि हम विकास का विरोधी नहीं लेकिन यह जमीन पूर्णतः कृषि योग्य आजीविका आधारित है। खेती योग्य जमीन पर बिना संवैधानिक अधिकरण किए हुए राज्य सरकार जबरन रिम्स-2 परियोजना थोपने का काम कर रही है। कृषि योग्य भूमि को यहां के रैयतों से छीनकर उनके आजीविका पर चोट पहुंचाना चाहती है। झारखंड के सरकारी गैर मजरूवा जमीन, फॉरेस्ट लैंड, भुईहरि जमीन को बाहरी भू - माफिया द्वारा जबरन कब्जा किया जा रहा है दूसरी तरफ सरकार कृषि योग्य जमीन को हड़प रही है, लोकतांत्रिक देश में तानाशाही शासन को उखाड़ फेंका जायेगा। अगर सरकार को रिम टू बनाना है तो रांची आस पास कांके, बुकरू, रातु, सिमलिया, अनगड़ा, ओरमांझी क्षेत्र में सरकारी जमीन पड़ी हुई है सरकार उसपर रिम्स टू बनाए।सरकार द्वारा पुलिस लठेतों के बल पर नगड़ी का अवैध जमीन अधिग्रहण हमारा संगठन नहीं होने देगी। बताते चलें कि बीआईटी द्वारा अवैध रूप से 281 एकड़ जमीन अधिग्रहण का विरोध देवेंद्रनाथ महतो द्वारा हल चला कर ही किया गया था। आज का यह आंदोलन नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर किया गया। जिस पर विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक वह किसान संगठनों ने अपना समर्थन दिया। हजारों की संख्या में महिलाएं एवं बुजुर्ग भी इस आंदोलन में सम्मिलित दिखे। जिसमें मुख्य रूप से प्रेम शाही मुंडा, कमलेश राम, कुंदरेशी मुंडा, अंजना लकड़ा के अलावा हजारों लोग उपस्थित थे।

श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में मना श्रीकृष्ण की छठी एवं नंदोत्सव
Published / 2025-08-24 20:08:29
श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में मना श्रीकृष्ण की छठी एवं नंदोत्सव

संगीतमय नृत्य-नाटिका भजनों मे श्रोता खूब झूमेटीम एबीएन, रांची। श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग में नंदोत्सव एवं भगवान की छठी महोत्सव का भव्य आयोजन श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर प्रांगण में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर नंदोत्सव एवं भगवान की छठी महोत्सव का भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ किया गया। यह दिव्य आयोजन भजन, नृत्य- नाटिका, आलौकिक श्रृंगार एवं महाप्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव लेकर आया। महोत्सव की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण के अलौकिक श्रृंगार दर्शन से हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने बाल गोपाल के छठी पूजन के विशेष दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।कोलकाता से पधारे कलाकारों ने संगीतमय नृत्य-नाटिका के माध्यम से- सांवरिया झंझट बड़े अपार,काला कृष्णा गोरा कृष्ण की लीला,नरसिंह अवतार की लीला, नंद उत्सव, महारास एवं जीवन प्रसंगों को अत्यंत भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया। भगवान श्रीकृष्ण के नंदोत्सव को दर्शाते हुए नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की भजन पर जब कलाकारों ने नृत्य किया, तो सम्पूर्ण वातावरण कृष्णमय हो गया। ट्रस्ट के भजन गायक मनीष सोनी, सज्जन पाड़िया, श्री  वेद्यया, उर्मिला पाड़िया, सीता शर्मा, निर्मल जालान, श्रीकृष्ण के श्री चरणों में भजनों की लड़ी लगा दी, उनके गाये भजनों मेंश्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाममुरली मनोहर कृष्ण कन्हैयाछोटे से बालक की लीला निरालीश्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। भजनों की मधुर स्वर लहरियों में डूबकर उपस्थित श्रद्धालु श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर हो गए। छठी महोत्सव के अंतर्गत बाल गोपाल का पारंपरिक रूप से छठी पूजन किया गया, पुजारी अरविंद पांडे ने विधिवत भोग लगाया।जिसमें विशेष पूजन सामग्री, श्रीफल, पंचमेवा, और छप्पन भोग अर्पित किए गए।महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन सामूहिक महाआरती से हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलन कर एक साथ आरती कुंज बिहारी की भावपूर्ण गायन किया। इसके पश्चात सभी को महाप्रसाद वितरित किया गया, जिसमें प्रसादी के रूप में पंचामृत, माखन-मिश्री, मेवा एवं शुद्ध सात्विक भोजन परोसा गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल ने बताया कि यह आयोजन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को एक भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर महापर्व के रूप में स्थापित करता है। मंदिर परिसर में गूंजती भजन-ध्वनि और श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ ने यह सिद्ध कर दिया कि आज भी श्रीकृष्ण की भक्ति लोगों के ह्रदय में जीवंत है। उक्त जानकारी देते हुए ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि इस अवसर पर डूंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, मनोज चौधरी, निर्मल जालान, सज्जन पाड़िया, पूरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, संजय सर्राफ, मधुसूदन जाजोदिया, विशाल जालान, नवल अग्रवाल, मनीष जालान, नंदकिशोर चौधरी, विष्णु सोनी, मनीष सोनी, पवन पोद्दार, सुनील पोद्दार, ज्ञानचंद शर्मा, विद्या देवी अग्रवाल, संतोष देवी अग्रवाल, शोभा जालान, सुनीता अग्रवाल, बड़ी संख्या मे बड़ी संख्या में महिलाएं पुरुष उपस्थित थे।

चंपई सोरेन हाउस अरेस्ट, देवेंद्रनाथ महतो ने संभाला आंदोलन का कमान
Published / 2025-08-24 18:11:16
चंपई सोरेन हाउस अरेस्ट, देवेंद्रनाथ महतो ने संभाला आंदोलन का कमान

*# चंपई सोरेन हाउस अरेस्ट, देवेंद्रनाथ महतो ने संभाला आंदोलन का कमानहल बैल चलाकर रिम्स-2 जमीन बचाओ का हुआ आंदोलनटीम एबीएन, रांची। कांके अंचल अंतर्गत मौजा नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना को लेकर विवाद लगातार बढ़ते जा रहा है। राज्य सरकार का यह परियोजना 1074 करोड़ राशि का है। जिसे लेकर आज रैयत ग्रामीणों के द्वारा जमकर आंदोलन किया गया। जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तावित जमीन के 200 मीटर परिधि में बीएस धारा 163 लागू कर दिया गया। आज (रविवार) आंदोलन से पूर्व ही अहले सुबह पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को उनके आवास में ही नजर बंद कर दिया गया। आंदोलन स्थल पर पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी व वेरीकेटिंग किया गया। इसके बावजूद झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो प्रशासन को चकमा देकर आंदोलन स्थल तक पहुंचे। कार्यकर्ताओं के साथ कंधे में हल और बैल लेकर पहुंचे। प्रस्तावित जमीन पर घंटों तक हल जुताई हुआ। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा के साथ संसास्कृत गीत-संगीत से धान रोपनी करते हुए राज्य सरकार के रिम्स-2 परियोजना का विरोध किया। जमीन जुताई करते हुए देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि हम विकास का विरोधी नहीं लेकिन यह जमीन पूर्णतः आजीविका आधारित है। खेती योग्य जमीन पर बिना संवैधानिक अधिकरण किए हुए राज्य सरकार जबरन रिम्स-2 परियोजना थोपने का काम कर रही है। कृषि योग्य भूमि को यहां के रैयतों से छीनकर उनके आजीविका पर चोट पहुंचाना चाहती है। सरकार द्वारा पुलिस लठेतों के बल पर नगड़ी का अवैध जमीन अधिग्रहण हमारा संगठन नहीं होने देगी। बताते चलें कि बीआईटी द्वारा अवैध रूप से 281 एकड़ जमीन अधिग्रहण का विरोध देवेंद्रनाथ महतो द्वारा हल चला कर ही किया गया था। आज का यह आंदोलन नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर किया गया। जिस पर विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक वह किसान संगठनों ने अपना समर्थन दिया। हजारों की संख्या में महिलाएं एवं बुजुर्ग भी इस आंदोलन में सम्मिलित दिखे।

आदिवासियों की जमीन बचाने को सक्रिय हैं देवेंद्रनाथ महतो
Published / 2025-08-24 18:01:43
आदिवासियों की जमीन बचाने को सक्रिय हैं देवेंद्रनाथ महतो

टीम एबीएन, रांची। नगड़ी व आसपास के गांवों में RIMS-2 के लिए चिन्हित जमीन पर रैयतों को खेती करने से सरकार द्वारा जबरन रोका जा रहा है। नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर ग्रामीणों के समर्थन में JLKM केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो पहुंचे। हल बैल चला कर जमीन बचाव में आंदोलनरत हैं।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.