झारखंड विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष का हंगामा, प्रश्न कल नहीं हो पायाटीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के शोर शराबे और हंगामा के कारण एक बार फिर प्रश्न कल नहीं हो पाया और सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो के आज सदन में आसन ग्रहण करते ही कांग्रेस के विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने सूचना के तहत कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने हमें वोट देने का अधिकार दिया है लेकिन भाजपा इस मताधिकार से लोगों को वंचित करना चाहती है। उन्होंने भाजपा पर तीसरी दरवाजे से सत्ता पर काबिज होने का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्र सरकार से एसआईआर को वापस लेने की मांग की। इसके बाद सत्ता पक्ष के सभी विधायक सदन के बीच मेंआकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड डीजीपी को पत्र लिखकर कहा किकेन्दुआडीह क्षेत्र अंतर्गत कुसुंडा डिपो से kdks साइडिंग आने वाला कोयला जो गोधर 26ना0 से ही होकर गुजरता है ओर उसी वक्त कोयला माफिया पप्पू मंडल के गुर्गे लोग हाइवा से कोयला को उतर कर एक जगह जमा कर रात्रि में अवैध भट्टे में भेजते है।सिर्फ दिखावा के लिए आधा गाड़ी कोयला kdsk साइडिंग में गिराए जाता है हाइवा से आधा कोयला तो कोयला माफिया पप्पू मंडल के गुर्गे लोग ही उतर लेते है इसलिए kdsk के साइडिंग में सिर्फ आधा गाड़ी ही कोयला गिराया जाता है ओर इसमें kdsk के साइडिंग के साईड इंचार्ज की भी मिली भगत है तभी तो हाइवा में आधा लोड कोयला साइडिंग में गिराया जाता है ओर कोई कार्यवाई तक नहीं हो रहा है।इस अवैध कोयला कारोबार में बीसीसीएल अधिकारी की भी मिली से भी इनकार नहीं किया जा सकता है ओर ये कोयला का अवैध कारोबार रात्रि 11बजे से कोयला का अवैध कारोबार जारी हो जाता है प्रतिदिन रात्रि में ट्रकों में कोयला को लोड करा कर अवैध भट्टे में भेजा जा रहा है जिससे केंदुआडीह थाना प्रभारी की भी छवि धूमिल हो रहा है।इस अवैध कारोबार में एक केंदुआडीह के व्यक्ति है जो पप्पू मंडल के हरेक काम को मैनेज करता है अगर समय रहते इसपर रोक नहीं लगाया ऐसे ही कोयला का अवैध कारोबार होते रहेगा और बीसीसीएल ओर राजस्व को नुकसान पहुंचाते रहेंगे कोयला माफिया।
पदयात्रा करते हुए सदन के बाहर छात्रों ने किया धरना-प्रदर्शनटीम एबीएन, रांची। चलते मानसून सत्र में सदन के अंदर विपक्षी दलों का विरोध लगातार देखने को मिल रही है। इसी बीच झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा संचालित प्रतियोगि छात्रों का भी नाराजगी बढ़ते जा रही है। छात्रों ने आज विभिन्न मांगों को लेकर सदन के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। पुराना विधानसभा परिसर से पदयात्रा करते हुए न्यू विधानसभा परिसर कुटे मैदान पहुंचे। विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस प्रशासन और छात्रों के बीच नोंक-झोंक चलती रही। छात्र खेत और पगडंडियों के रास्ते से होते हुए आंदोलन स्थल तक आ पहुंचे। झारखंड सरकार और जेएसएससी के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। आंदोलन का समर्थन देने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो पहुंचे। न्यू विधानसभा के समक्ष मांग पट्टी व तख्ती लहराते हुए घंटों तक धरना-प्रदर्शन दिया। और सदन के अंदर के माननीयों को अपने ओर ध्यान आकृष्ट कराने का प्रयास किया। कई बार वार्ता का प्रयास किया गया लेकिन वह विफल रहा। अंततः देर शाम को देवेंद्रनाथ महतो ने सरकार के डेलीगेट से टेलिफोनिक वार्ता करते हुए मौजूद सदर कार्यपालक दंडाधिकारी मो० जफर हसनात को पांच सूत्रीय लिखित ज्ञापन सौंपा-यथाशीघ्र जैटेट परीक्षा आयोजित करने।फील्ड वर्कर्स, उत्पाद सिपाही, एलडीसी का रिजल्ट जारी करने। झारखंड पुलिस व दरोगा का वैकेंसी जारी करने। सभी प्रतियोगिता परीक्षा में न्यूनतम 5 वर्षों की आयु छूट देने। परीक्षा कैलेंडर जारी कर उसे पालन करने। देवेन्द्रनाथ महतो ने कहा कि छात्रों का मांग बिल्कुल जायज है। छात्रों की नाराजगी स्वाभाविक है। आंदोलन स्थल से सरकार के डेलीगेट टीम से हमारी टेलिफोनिक वार्ता हुई है 28 अगस्त (गुरुवार) को मुख्यमंत्री महोदय से हमारे छात्र मंडली का वार्ता होना सुनिश्चित हुआ है। सीएम के समक्ष हम अभ्यार्थियों को आयु में छूट देते हुए परीक्षा कैलेंडर के साथ परीक्षाएं व रीजलट जारी करने की मांगों को मजबूती रखेंगे।छात्र चंदन कुमार रजक ने कहा कि पिछले 9 वर्षों से राज्य में जैटेट परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है। प्रशिक्षित शिक्षक अभ्यर्थियों की फौज बढ़ती जा रही है। हम लोगों ने विभागीय पदाधिकारीयों व विभागीय मंत्री को कई बार लिखित विज्ञापन दे चुके हैं। फिर भी अब तक जेएसएससी की उदासीनता बरकरार है। आज के आंदोलन में शिक्षक, अभिभावक व छात्रों की भारी भीड़ देखने को मिली।
टीम एबीएन, श्वेताम्बर जैन मंदिर, डोरंडा (रांची)। जैन मंदिर डोरंडा मे श्री श्वेताम्बर जैन मंदिर डोरंडा मे सुबह भगवान की प्रक्षाल पूजा, अभिषेक एवं स्नात्र पूजा बहुत ही हर्ष आनंद एवं उल्लास से सम्पन्न हुई!तत्पश्चात स्वध्यायी श्री जिनांग धीरेन साह एवं हर्षिल सुरेश साह द्वारा आज कल्प सूत्र वांचन में आगे के पाठ में श्रद्धालुओं को बताया गया! पर्युषण पर्व अपनी पूर्णाहुति की ओर अग्रसर है। आज सातवां दिन था और कल अंतिम दिन क्षमापना हैं! 84 लाख जीवयोनियो से क्षमायाचना की जायेगी. हर जैनी का कर्तव्य होता है कि सालभर में जो भी अपनी गलतियां की होती है. उसके लिये इस दिन क्षमायाचना करें!भगवान महावीर के जीवन के बारे में आगे बताते हुए कहा कि भगवान महावीर के जीवन से हमें ये जानने को मिलता है कि वे हर परिस्थिति में समभाव रहे एवं उन्होंने कोई प्रतिकार नही किया! उनके मन में कोई दुर्भाव नहीं आया. भगवान महावीर के यही आदर्श उन्हें मनुष्य से भगवान बनाती है। जैन धर्म की स्थापना भगवान आदिनाथ श्री ऋषभ देव जी ने की थी!आगे भगवान आदिनाथ के बारे में बताते हुए कहा की भगवान् श्री ऋषभ देव प्रथम तीर्थकर, प्रथम साधु थे! भगवान आदिनाथ के समय में मनुष्यों को अपनी जरूरत की सारी चीजें कल्पवृक्ष से प्राप्त होती थी लेकिन धीरे-धीर कल्पवृक्ष की क्षमता घटने लगी थी तब भगवान ने अपनी पुत्री ब्राह्मी सुन्दरी को स्त्रियों की 64 कलाएँ सिखाई व असि, मसी व कृषि का आरंभ हुआ. हमारे भारत देश का नाम आदिनाथ भगवान के पुत्र भरत (चक्रवर्ती सम्राट) के नाम पर भारत हुआ हैं!आज के प्रवचन में मुख्य रूप से संपत लाल रामपुरिया, राजकुमार, नवीन , चंपालाल रामपुरिया, रोहित कोचर, प्रकाश पारख,श्रीलाल सेठिया, पुष्पा देवी, सुशीला देवी,सरोज सेठिया, उर्मिला सेठिया,उषा कोठारी,शशी कोठारी आदि के साथ श्रद्धालुओं की अच्छी उपस्थिति थी!
साधना के क्षेत्र में ध्यान का बड़ा महत्व : सीमा डुंगरवालटीम एबीएन, रांची। जैन श्वेतांबर तेरापंथ संघ का पर्यूषण पर्व के सातवें दिन उपासिका सीमा डुंगरवाल ने कहा कि पर्यूषण पर्व आत्म साधना का पर्व है।पर्यूषण का प्रत्येक दिन साधना की एक-एक सीढ़ी से चढ़ते हुए व्यक्ति मोक्ष की ओर अग्रसर करता है। ध्यान दिवस व्यक्ति को सिखाता है अंतर्मन की यात्रा करना। व्यक्ति बाह्य जगत को भली भांति से जानता एवं पहचानता है। लेकिन अपने अंतर जगत को जानने का एकमात्र साधन है ध्यान। 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने अपनी साधना काल के साढ़े 12 वर्ष में अधिकतम समय ध्यान में ही व्यतीत किया। तेरापंथ धर्म संघ की दशवें आचार्य महाप्रज्ञ जी ने ध्यान को एक नया रूप दिया जो प्रेक्षा ध्यान के रूप में माना गया। आज देश-विदेश के लोग इसे अपनाकर अपने जीवन को एक नया मोड़ दे रहे हैं। व्यक्ति त्याग तपस्या के द्वारा अपने इंद्रिय मन और चित्त को संयमित करते हुए अपनी आत्मा के निकट जाने का प्रयास करता है। आत्मा के निकट जाने के लिए व्यक्ति के द्वारा गृहीत किए हुए व्रत, जप और ध्यान उसे परमात्मा में लीन होने का मार्ग अग्रसर करता है, ऐसी ही कला को सिखाता है ध्यान दिवस। वहीं उपासिका संतोष श्रीमाल ने श्रावक समाज को संबोधित करते हुए कहा कि पयूर्षण पर्व का ये सातवां दिन ध्यान दिवस निष्पत्ति एवं उपसंहार के रूप में है।साधु-साध्वी या कोई साधक भी ध्यान रूपी जड़ी-बूटी के बिना खड़ा नहीं रह सकता है। शरीर अलग है। आत्मा अलग है। इस भिन्नता को समझ कर ही अंतर्मन की यात्रा करना ध्यान है! मन को साधना बहुत आवश्यक होता है, क्योंकि यह मन ही मनुष्य के कर्मबंध का कारण एवं मोक्ष का भी कारण हो सकता है। मन, वचन, काया की प्रवृत्ति का निरोध करना और एक बिंदु पर एकाग्र होना ही ध्यान है। ध्यान दो प्रकार से किया जा सकता है सालंबन और निरालंबन। विश्व में आविष्कार करने वाले बहुत मिल जाते हैं। कुछ भौतिक आविष्कार करते हैं और कुछ भीतर का आविष्कार। ध्यान करने वाला व्यक्ति ही अपनी मंजिल का वरण कर सकता है। ध्यान हमारी चंचलता को कम करता है। ध्यान के प्रयोग से मन की एकाग्रता बढ़ती है एवं वाणी में निर्मलता आती है। शरीर में जो स्थान मस्तिष्क का है और वृक्ष में मूल का जो महत्व है वही महत्व धर्म के क्षेत्र में ध्यान का है। मन की एकाग्रता के लिए तन की स्थिरता बहुत जरूरी होती है। तपस्वीयों की तपस्या गतिमान है जिनमें विशाल दस्सानी के आज 27 उपवास है उनका पारणा तेरापंथ धर्म संघ के आचार्य श्री महाश्रमण जी के सानिध्य में अहमदाबाद में करने का भाव है।आचार्य श्री का चतुर्मास अभी अहमदाबाद में चल रहा है!साथ साथ रूबी बांठिया के 7, रश्मि सिंघी 6,एवं विकाश नाहटा के आज 8 उपवास है सभी का आगे बढ़ने का भाव हैं। कल सम्वतसरी महापर्व हैं इस अवसर पर कल सभी श्रावकों का उपवास रहेगा एवं भवन में दिनभर धार्मिक गतिविधिया जारी रहेगी एवं शाम को सामूहिक प्रतिक्रमण होगा।आज के प्रवचन में जानकी दास बोहरा,जय पींचा, अरुणा बोथरा,पुष्पा सुराणा, सुरेश जैन, शवेता गुलगुलिया, कोमल गेलड़ा, दिलीप भटेरा,अमित जैन, विकास सिंघी, कमलेश संचेती सहित, विकाश सुराणा, आकाश बैंगानी आदि के साथ अच्छी संख्या में श्रावक उपस्थित थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने दी।
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के सह कोषाध्यक्ष चिरंजी लाल खंडेलवाल के आकस्मिक निधन पर श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर परिसर में एक शोकसभा का आयोजन किया गया।इस अवसर पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं भक्तगणों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। शोकसभा में ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि चिरंजी लाल खंडेलवाल न केवल ट्रस्ट के एक जिम्मेदार पदाधिकारी थे, बल्कि एक समर्पित सेवक, सरल स्वभाव के धनी और समाज के प्रति अत्यंत संवेदनशील व्यक्ति भी थे। उनका योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा और उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। सभा में उपस्थित सभी सदस्यों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस दुःख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की कामना की। शोकसभा में-डूंगर मल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज चौधरी, सज्जन पाड़िया, संजय सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ, नवल अग्रवाल, विशाल जालान, नंदकिशोर चौधरी, मधुसूदन जाजोदिया, सुनील पोद्दार, मनीष जालान, विष्णु सोनी, पुजारी अरविंद पांडे, मनीष सोनी, पवन पोद्दार, ज्ञानचंद शर्मा, सहित कई भक्तगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
त्रिवेणी दासटीम एबीएन, रांची। मोदीजी की सरकार ने सदन में 130वें संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया है और उसे विचार करने के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास अग्रसारित किया गया है।विधेयक में प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री किसी भी मंत्री के 30 दिन तक 5 साल के सजा वाले अपराध वाले आरोप में जेल में रहने से उनकी पद की समाप्ति का प्रावधान रखा गया है। स्पष्ट है कि भ्रष्ट नेताओं के भ्रष्टाचार को नियंत्रित के लिए विधेयक लाया गया है। संयुक्त संसदीय समिति में शामिल विपक्षी दल समिति के बैठक में भाग लेने से इनकार कर रहे हैं जो एक संसदीय परंपरा है। समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, उद्धव ठाकरे शिवसेना और आम आदमी पार्टी संसदीय संयुक्त समिति की बैठकों में भाग लेने को तैयार नहीं हैं जबकि प्रस्तावित कानून पूर्ण दर्जा प्राप्त राज्यों के लिए नहीं है। यह सभी वैसे दल हैं जो या तो किसी व्यक्ति विशेष अथवा पारिवारिक पृष्ठभूमि वालों के द्वारा संचालित हैं। व्यक्ति विशेष के लिए विशेष कानून को बनाए रखना कितना उचित है? जनता जनार्दन के सामने एक बड़ा सवाल है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क। दुमका जिले की पुलिस ने सोमवार को प्रतिबिम्ब एप्प की मदद से एक साइबर अपराधी को दबोच लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दुमका के पुलिस अधीक्षक को तकनीकी शाखा ने प्रतिबिम्ब एप्प के माध्यम से 24 अगस्त को सरैयाहाट थाना क्षेत्र के सलजोरा ग्राम स्थित बंदी मंदिर के पास साईबर अपराध किये जाने की सूचना दी।सूचना पर जरमुंडी के पुलिस उपाधीक्षक सह थाना प्रभारी श्यामानंद मंडल ने वरीय अधिकारी के निर्देशानुसार छापामारी टीम गठित किया। छापामारी टीम प्रतिबिम्ब एप्प के माध्यम से ज्ञात जगह पर सलजोरा ग्राम पहुँची, तो पुलिस गाड़ी को देखकर शिव मंदिर के सामने एक साईिकल गैरेज से कुछ लड़के भागने लगे। इसी क्रम में छापामारी टीम ने एक युवक को खदेड़ कर पकड़ा लिया, लेकिन घनी झाड़यिों का लाभ उठाते हुए अन्य साइबर अपराधी भागने में सफल रहे। पुलिस के हाथो लगा युवक राहुल कुमार सरैयाहाट थाना क्षेत्र के सलजोरा बंदरी गांव का रहने वाला है। पुलिस की पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया वह साईबर ठगी में शामिल था और बैंक कर्मी, बैंक मैनेजर, क्रेडिट कार्ड आफिसर ,लोन अधिकारी बनकर फर्जी एप्स के माध्यम से लोगों को ठगता था और क्लोनिंग के माध्यम से ओटीपी प्राप्त कर लोगों के खाते से आनलाइन पैसा निकाल लेता था। पुलिस ने साइबर अपराध के आरोप में राहुल कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
टीम एबीएन, रांची। श्री श्वेताम्बर जैन मंदिर डोरंडा मे सुबह भगवान की प्रक्षाल पूजा, अभिषेक एवं स्नात्र पूजा बहुत ही आनंद उल्लास से सम्पन्न हुई। तत्पश्चात स्वध्यायी श्री जिनांग धीरेन साह एवं हर्षिल सुरेश साह द्वारा आज कल्प सूत्र वांचन में आगे के पाठ में श्रद्धालुओं को बताया गया जिसमें बताया गया कि आगम में तीर्थंकर श्रीआदिनाथ भगवान, श्री पार्श्वनाथ भगवान, श्री नेमिनाथ भगवान, श्री महावीर भगवान के जीवनी के बारे में विस्तृत रूप से वर्णन किया गया हैं। भगवान महावीर को साढ़े बारह वर्ष घोर उपसर्ग आये परंतु भगवान किंचित मात्र भी विचलित नहीं हुए उन्हें ज्ञात था कि यह किये गये कर्मों का परिणाम हैं सो वह कष्टकारी उपसर्गों में भी निरंतर शांत व मौन रहे। सभी तीर्थंकरों का जीवन एक तरफ और भगवान महावीर का जीवन एक तरफ कहा जा सकता हैं। प्रभु परमात्माओं के जीवन के छोटे से अंश से भी हम सभी अपने जीवन को सुधार सकते हैं एवं सुन्दर बना सकते हैं। प्रवचन में आगे बताते हुए कहा कि पहले बच्चों के नाम उनके गुणों, भगवान, महापुरुषों के नाम के आधार पर रखा जाता था तो बच्चों का जीवन एवं कार्यशैली भी वैसे ही होती थी, आजकल अधिकतर बच्चों के नाम अंग्रेजी नामों, फिल्मी नाम आधारित रखा जाता हैं सो आज के बच्चों का जीवन संस्कार विहीन हो गया हैं। हमारे शास्त्रों में अनंत ज्ञान लिखित हैं जिससे कि व्यक्ति अपने जीवन को सुधार सकता हैं। हमें अपने बच्चों में भी बचपन से ही संस्कार डालने चाहिए, परमेश्वर भगवान कि वाणी सुनानी चाहिए, उनकी जीवनी श्रवण, मंदिर में पूजा, धर्म ध्यान, ज्ञान शिक्षा देनी चाहिए साथ ही विवेकशील तथा संयमित बने इस पर जोर देना चाहिए। आज मंदिर में प्रवचन में प्रमोद बोथरा, बलबीर जैन, संतोष बेगानी, प्रभा बोथरा, संपत लाल रामपुरिया, राजकुमार रामपुरिया, लाल जी सेठिया आदि के साथ श्रद्धालुओं की अच्छी उपस्थिति थी।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.