कोडरमा। स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के अंतर्गत कोडरमा नगर पंचायत में जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को घर पर ही गीला कचरा सूखा कचरा को अलग करने की जानकारी दी गई, साथ ही महिलाओं के बीच डस्टबिन का वितरण किया गया। इस जागरूकता अभियान का नेतृत्व श्री जितेंद्र कुमार जैसल, प्रशासक नगर पंचायत तथा श्री अभिषेक प्रकाश नगर प्रबंधक के द्वारा किया गया।
सरायकेला। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में नक्सलियों के सरगना के एक अंगरक्षक ने रविवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक आनंद प्रकाश ने बताया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य रमेश माझी उर्फ अनल दा के अंगरक्षक प्रकाश गोपे (22) ने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने बताया कि वह प्रतिबंधित संगठन के सदस्यों द्वारा उत्पीड़न से तंग आ गया था और उसने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोपे कई मामलों में वांछित था। वह 2019 में संगठन में शामिल हुआ था और माझी द्वारा अंजाम दी गईं कई घटनाओं में संलिप्त था।
हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में केरेदारी थाना क्षेत्र के जंगलों में चट्टान के नीचे छिपाकर रखा गया विस्फोटक साम्रगी का जखीरा रविवार को पुलिस ने बरामद किया। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे ने रविवार शाम को बताया कि हाल में गिरफ्तार नक्सली सुकर गंझू द्वारा दी गई सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने केरेदारी थाना क्षेत्र के जंगलों में चट्टान के नीचे छिपाकर रखे 20 डेटोनेटर, 50 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर के अलावा .303 की 74 गोलियां, आठ मिमि. राइफल की 212 गोलियां बरामद कीं। गंझू को पुलिस ने एक पखवाड़े पूर्व चेन्नई से गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने हमलों के लिए ये गोलाबारूद छिपा रखे थे लेकिन समय से इनकी बरामदगी के चलते सुरक्षाबलों पर हमले की साजिश विफल हो गयी।
बेरमो/ललपनिया। गोमिया प्रखंड के कोनार डैम विस्थापित एवं स्थानीय समन्वय संघर्ष समिति ने कोनार डैम के दामोदर घाटी निगम के प्रशासनिक भवन के समक्ष विशाल प्रदर्शन घेराव एवं बेमियादी आमरण अनशन कार्यक्रम केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश्वर मंडल के नेतृत्व में आयोजित किया। इधर, केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश्वर मंडल नेकहा विस्थापितों की नियोजन नीति एकतरफा बनाकर वर्षों से विस्थापन के मुंह पर तमाचा मारने का कार्य किया जा रहा है और प्रबंधन तानाशाही व मन मालिक करते हुए झूठे आश्वासन को देकर विस्थापितों को ठग रहा है। झारखंड के मैथन, पंचैत बोकारो थर्मल,चंद्रपुरा, तिलैया एवं कोनार डैम जैसे जगह पर डीवीसी रास्तों की रैयत जमीन अधिग्रहण करके नियोजन के नाम पर मनमानी कर रही है, अपने हक अधिकार के लिए आंदोलन करने वाले नेताओं व विस्थापितों पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लाठी, गोली एवं झूठे केस में फंसा करके शोषण करने का कार्य प्रबंधन करती रही है। प्रबंधन जिन रैयतों की जमीन पर वर्षों से मनमानी करते हुए आसमान में उड़ रही है, उसे धरती पर लाने के लिए हमें डीवीसी प्रतिष्ठानों के विस्थापितएकता बाध्य हो करके आरपार की लड़ाई लड़ने की जरूरत है, क्योंकि हजारों हजार विस्थापितों की वर्तमानमें स्थिति दयनीय है और आज विस्थापित परिवार के नई पीढ़ी आज सड़कों पर भीख मांगने,कोयला चोरी करनेको विवश हैं। घनश्याम महतो ने कहा, डीवीसी प्रबंधन विस्थापितों की जमीन जरूरत से अधिक अधिग्रहण कर अधिनियमओं का उल्लंघन करते हुए अतिक्रमण बड़े पैमाने पर प्रबंधन की मिली भगतसे किया गया। प्रबंधन अपने स्थाई कर्मचारियों एवं अतिक्रमणकारियों को मिला कर लगभग 200 मेगावाट बिजली मुफ्त में देती है। पानी कॉलोनीवासियों सहित अतिक्रमणकारी नदी की तरह व्यर्थ मैं बहाने का काम किया जा रहा है, बिजली पानी पर मैं प्रबंधन गंभीरता से ध्यान देती तो प्रतिदिन प्रबंधन को तमाम प्रतिष्ठानों से लगभग 3 करोड़ रुपया का लाभ होता है परंतु प्रबंधन किसी तरहसे ध्यान नहीं दे रही है। जब कभी विस्थापित अपने हक अधिकार की लड़ाई लड़ते हैं व प्रबंधन सेबात करते हैं तो कहाजाता है कि वर्तमान में डीवीसी की आर्थिक स्थिति दयनीय है, अभी नौकरी मुआवजा संभव नहीं है और डीवीसी मुख्यालय में बैठे प्रबंधनका निकालकर नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी मोटी रकम लेकर प्रति वर्ष नियोजन करते हैं। मौके पर रामदेव कुमार, सूरज कुमार अंबेडकर दौलत रविदास, चेतलाल रविदास, विजय रविदास, छोटू केसरी, नागेश्वर महतो, पंकज केसरी, मोहनलाल वियोगी दुलू महतो, कामेश्वर महतो, शेखर कुमार, संतोष केसरी, हुलासचंद्र महतो, अनिल महतो, निर्मल रजक, रामू पांडे, कालेश्वर महतो, छोटे लाल बेसरा, रंजीत मंडल, लक्ष्मण महतो, गंगाधर महतो, त्रिभुवन मरांडी, कुंजलाल महतो, सोहनलाल महतो, रोहित साल, सुरेंद्र गंझु, लक्ष्मण महतो, अरविंद मरांडी, मुकेश कुमार महतो एवं सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं पुरुष उपस्थित थे।
चतरा। पड़ोसी राज्य बिहार में पंचायत समिति प्रमुख के पद पर काबिज होने के लिए पंचायत समिति सदस्यों का इटखोरी सबसे महफूज ठिकाना बन गया है। बिहार के गया जिला के विभिन्न प्रखंडों के पंचायत समिति सदस्य इन दिनों इटखोरी में सैर सपाटा करते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार गया जिला के नगर प्रखंड के 14 पंचायत समिति सदस्य पिछले आठ दिनों से इटखोरी में डेरा डाले हुए हैं। इस प्रखंड में 31 दिसंबर को पंचायत समिति प्रमुख (प्रखंड प्रमुख) के पद के लिए मतदान होना है। बताया जा रहा है कि गया के पंचायत समिति सदस्य 29 दिसंबर तक इटखोरी में डेरा जमाए हुए रहेंगे। मंगलवार को यहां के ऐतिहासिक मां भद्रकाली मंदिर में पूजा अर्चना करने आए गया के नगर प्रखंड के कुछ पंचायत समिति सदस्यों ने बताया कि उनके प्रखंड में 22 पंचायत समिति सदस्य का पद है। पंचायत समिति प्रमुख के पद के लिए 12 पंचायत समिति सदस्यों के मत की जरूरत है। इनसे खेमे के प्रमुख पद के उम्मीदवार 14 पंचायत समिति सदस्यों को लेकर इटखोरी आ गए हैं।
मेदिनीनगर। ठंड के मौसम में लोगों की परेशानियों को देखते हुए युवा जागृति केंद्र ने शहर के प्रमुख चौक चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की। युवा जागृति केंद्र के द्वारा स्थानीय साहित्य समाज चौक, पुलिस लाइन के निकट हमीदगंज, रेडमा चौक, छः मुहान चौक, सदर अस्पताल, बस स्टैंड, बस डिपो मे अलाव की व्यवस्था की। मौके पर उपस्थित केंद्रीय सचिव मुकेश विश्वकर्मा ने बताया केंद्रीय अध्यक्ष राजन सिन्हा के निर्देश पर जहां एक ओर जरूरतमंदों के बीच गर्म कपड़ों के वितरण के लिए नेकी की दीवार कार्यक्रम चलाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर अलाव की भी व्यवस्था की गई है। केंद्र सदैव जन समस्याओं को लेकर मुखर एवं प्रयत्नशील रहा है। मौके पर उपस्थित जिला सचिव राकेश विश्वकर्मा ने कहा केंद्र हमेशा लोगों की सहायता हेतु प्रयत्नशील रहा है तथा आगे भी सकारात्मक सामाजिक कार्य किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय सचिव मुकेश विश्वकर्मा, जिला सचिव राकेश विश्वकर्मा, मंगल सिंह, मंटू कुमार, वरिष्ठ सदस्य प्रवीण कुमार सिंह, वाईजेकेएसएफ के प्रमंडलीय अध्यक्ष प्रिंस सिंह, जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह उपस्थित थे।
गिरिडीह। जिले के जमुआ में मिली महिला की अधजली लाश की पहचान हो गई है। मृतक शहर से सटे पचम्बा थाना इलाके के एक गांव की रहनेवाली थी और वो सहिया का काम करती थी। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को पकड़ा है। मृतक के परिजनों का कहना है कि रविवार को महिला सब्जी लेने के लिए घर से निकली थी। तभी पंकज नामक व्यक्ति ने उसे फोन कर बुला लिया और हत्या कर दी। उसके बाद शव को कार में ले जाकर झारो नदी के पास जला दिया। सोमवार को महिला का शव मिलने के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। इस घटना को एसपी अमित रेणू ने गंभीरता से लिया था। उन्होंने खोरी महुआ एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो और इंस्पेक्टर नवीन कुमार सिंह को घटनास्थल पर जांच के लिए भेजा था। पुलिस ने हर बिंदु पर पड़ताल की। पड़ताल में मिले सुराग के आधार पर महिला की पहचान हुई और दो लोगों को पकड़ा गया। उसके बाद महिला के परिजनों को सूचित किया गया। मंगलवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। सोमवार को दिन में जमुआ थाना इलाके के झारो नदी के पास एक महिला की लाश मिली थी। शव को पूरी तरह से जला दिया गया था, जिसके कारण उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। पूरा केस ब्लाइंड था। लेकिन पुलिस ने जांच कर मामले का खुलासा किया।
हजारीबाग। हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र अंतर्गत ख़िलाही गांव की महिला बसन्ती देवी (24) को उसके ससुरालवालों ने रविवार को जलाकर मार डाला था। जिसमें उसके ससुर कुंजील साव और देवर निर्मल साव को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि उसका पति अंगद साव अब भी फरार है। बताते चलें कि दो बच्चों की मां को उसके पति एवं ससुरालवालों ने दहेज की मांग पूरी नहीं कर पाने को लेकर कथित रूप से जलाकर मार डाला था। इस सम्बंध में उपसंभागीय पुलिस अधिकारी नजीर अख्तर ने बताया कि मृतक महिला के भाई के बयान के आधार पर इस घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। उनके अनुसार स्थानीय स्रोतों से इस घटना के बारे में सूचना मिलने पर जब एक पुलिस दल को रविवार को ख़िलाही गांव भेजा गया, तब वहां बसंती का अधजला अवशेष ही मिल पाया था। अख्तर ने बताया कि पुलिस दल के पहुंचने से पहले ही महिला का पति अंगद साव तथा उसके परिवार के अन्य सदस्य उसके आठ और तीन वर्ष की आयु के बच्चों के साथ घटनास्थल से भाग गये। पुलिस के अनुसार उसके पहुंचने पर बस अंगद का छोटा भाई निर्मल साव ही घर में था, जिसे पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला के शव के अवशेष को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार की शाम शव परिजनों को सौंप दिया था। दाह संस्कार में मृतका के मायकेवाले भी शामिल थे। जहां पति अंगद साव अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा। जबकि ससुर कुंजील साव पकड़ा गया। जिसे परिजनों ने पुलिस के हवाले कर दिया। बसंती देवी के भाई ने अपने बयान में कहा है कि उसकी बहन को उसके ससुराल वाले पैसे और दोपहिया वाहन की मांग करते हुए अक्सर तंग किया करते थे। पुलिस के अनुसार उसके भाई ने यह भी बताया कि बसंती की शादी में अंगद साव के परिवार को दहेज दिया गया था लेकिन ससुरालवालों की मांग इन सालों में बढ़ती ही गयी। जिसका अंजाम ऐसा रहा।
टीम एबीएन। जिले में सीसीएल कथारा क्षेत्र के जारंगडीह और रेलवे साइडिंग में माओवादियों ने पोस्टर चिपकाया है। वहीं इलाके में दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग भी की गई है। घटना के बाद से सीसीएलकर्मी और ग्रामीणों में भय है। एसपी चंदन झा ने माओवादियों द्वारा इस घटना को अंजाम देने की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार 27 दिसंबर की रात तीन बाइक पर 9 वर्दिधारी हथियार से लैस होकर जारंगडीह खुली खदान के पास पहुंचे और पोस्टर चिपकाया। वर्दीधारियों ने कर्मियों को धमकाया और खड़ी वाहन (JH0AR/0241) के शीशे पर फायरिंग की। उन्होंने बताया कि वर्दिधारियों ने जारंगडीह रेलवे साइडिंग में भी पोस्टर चिपकाया। इस दौरान सीसीएल कर्मियों के साथ गाली गलौज भी की गई और चुपचाप बैठे रहने की धमकी दी गई। माओवादियों ने पोस्टर में सीसीएल द्वारा जमीन अधिग्रहण का किसानों को उचित मुआवजा देने की चेतावनी दी है। पोस्टर में निवेदक उत्तरी छोटानागपुर जोनल कमिटी NSPM न्यू सशस्त्र पीपुल्स मोर्चा लिखा है।
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