एबीएन डेस्क, रांची। झारखंड में कोरोना की तीसरी लहर विकराल रूप धारण करते जा रही है। नए वर्ष के 07 दिनों में ही झारखंड में कोरोना ने 17 लोगों की जान ले ली है, इनमें से आठ लोगों की मौत सात जनवरी को ही हुई है। एक जनवरी 2022 को जहां राज्य में कोरोना से कुल मौत का आंकड़ा 5144 था, वह 07 जनवरी को बढ़कर 5161 हो गया। बता दें कि झारखंड में शुक्रवार 07 जनवरी को सभी जिलों में कोरोना के नए केस मिले हैं, जिसकी संख्या 3825 है। हालांकि 866 संक्रमित कोरोना से मुक्त भी हुए हैं। इसके बावजूद राज्य में एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 17206 हो गई है। झारखंड के सभी 24 जिलों में शुक्रवार को कोरोना के केस मिले। इस दिन यानी 7 जनवरी को झारखंड में कोरोना के 3825 नए संक्रमित मिले हैं, जिसमें से रांची सहित सात जिलों में 100 से ज्यादा नए मामले मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सात जनवरी को रांची में जहां 1543 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं बोकारो में 216, चतरा में 95, देवघर में 168, धनबाद में 93, जमशेदपुर में 593, गिरिडीह में 17, गोड्डा में 34, गुमला में 38, हजारीबाग में 153, जामताड़ा में 70, खूंटी में 104, कोडरमा में 48, लातेहार में 28, लोहरदगा में 55, पलामू में 67, पाकुड़ में 05, रामगढ़ में 83, सिमडेगा में 74, पश्चिमी सिंहभूम 175, दुमका में 76, गढ़वा में 26, साहिबगंज में 14 और सरायकेला में 50 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसी के साथ झारखंड में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 17206 पहुंच गई है। Covid19 से सात जनवरी को बोकारो में 03, जमशेदपुर में 02, रांची में 02 और सरायकेला में 01 मौत होने के साथ ही कोरोना से मरने वालों की संख्या 5161 हो गई है। झारखंड में बड़ी संख्या में मिल रहे नए केस की वजह से राज्य कोरोना इंडिकेटर्स में लगातार खराब स्थिति की ओर बढ़ रहा है। राज्य में 7 डेज ग्रोथ रेट 0.65% ,7 डेज डबलिंग रेट 107.4 दिन, रिकवरी रेट 93.93% और मोर्टेलिटी रेट 1.39% है। मोर्टेलिटी रेट छोड़ सभी इंडिकेटर्स पर झारखंड का औसत राष्ट्रीय औसत से खराब है।
टीम एबीएन, रांची। कोविड संक्रमण को देख चर्च प्रशासन ने अगले आदेश तक चर्च को बंद करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में रांची पेरिश प्रिस्ट जेएम तोपनो ने शुक्रवार को पत्र जारी किया। जिसमें कहा कि झारखंड सरकार के दिशा-निर्देश के अनुसार रविवार को चर्च में आराधना संपन्न करना असंभव है। इसलिए नौ जनवरी रविवार से संत पॉल्स कैथेड्रल चर्च और रांची के सभी आराधनालय, यूनिट अगले आदेश तक बंद रहेंगे। धार्मिक अनुष्ठान की विधि का प्रसारण रविवार सुबह आठ बजे से चर्च के यू ट्यूब चैनल पर किया जाएगा। 16 और 23 को होने वाली आमसभा व चुनाव स्थगित दूसरी ओर चर्च प्रशासन ने 16 जनवरी को होने वाली वार्षिक आमसभा व 23 जनवरी को होने वाले पास्तरेत चुनाव सत्र 2021-22 को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। इस संबंध में सीएनआई चर्च छोटानागपुर डायसिस के बिशप बीबी बास्के ने सभी पेरिश पुरोहितों, सचिव के नाम से पत्र जारी करते हुए सभी तरह के धार्मिक आयोजन व कार्यक्रम को स्थगित करने का दिशा-निर्देश भी जारी किया।
टीम एबीएन, रांची। पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने कहा है कि बकाए वेतन भुगतान की मांग को लेकर विगत एक माह से भी अधिक से टूल डाउन स्ट्राइक कर रहे एचईसी के कामगारों ने कारखाना के हित में हड़ताल वापस लेने का ऐतिहासिक कदम उठाया है। एचईसी प्रबंधन को कामगारों के इस निर्णय की सराहना करते हुए उनका समुचित सम्मान करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मजदूरों ने प्रबंधन की अपील को स्वीकार करते हुए कारखाना के अस्तित्व को बचाने के लिए अपना काम शुरू कर दिया है। अब प्रबंधन भी कामगारों से किए गए वायदे के प्रति संवेदनशील रहे। एचईसी के कामगारों में इतनी क्षमता है कि वह उत्पादन लक्ष्य को भी हासिल करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखेगा। उन्होंने एचईसी प्रबंधन को भी आगाह किया कि कामगारों ने प्रबंधन की अपील को सहर्ष स्वीकार करते हुए जिस प्रकार हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया, उसी प्रकार कामगारों से किए गए वायदे से प्रबंधन कभी पीछे न हटें।
टीम एबीएन, रांची। भारतीय किसान संघ झारखंड प्रान्त की बैठक 09 जनवरी 2021 को दिन के 10.30 बजे रांची रेलवे स्टेशन रोड होटल गुरु में होना निश्चित हुआ है। इस बैठक में प्रान्तीय कार्यकारिणी के साथ- साथ सभी कार्युक्त जिलों के अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष एवं जिलों के सदस्यता अभियान के प्रभारियों की उपस्थिति अपेक्षित है। सौभाग्य से इस बैठक में अपने अखिल भारतीय क्षेत्र संगठन मंत्री प्रकाश नारायण तिवारी और राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य कृष्णा मुरारी का मार्गदर्शन भी प्राप्त हो सकेगा। किसी भी प्रकार की कठिनाई की अवस्था में दूरभाष संख्या 7488847199 और 9431171931 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उक्त जानकारी संघ के प्रचार-प्रसार प्रमुख प्रकाश कुमार सिंह ने एक प्रेम विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के निर्देश पर रांची समेत राज्य के सभी जिलों के जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) कार्यालय में कोविड मरीजों की मदद के लिए वार रूम बनाया गया है। वार रूम में एक कार्यपालक दंडाधिकारी, डॉक्टर की एक टीम, रिटेनर लॉयर, पीएलवी, रॉटरी क्लब, रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्यों को शामिल किया गया है। यह टीम जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करके कोविड-19 के समय में मरीजों एवं उनके परिवारवालों को कोरानो से संबंधित सहायता पहुंचायेगी। जिनमें अस्पतालों में बेड मुहैया कराना, आॅक्सीजन सिलेंडर दिलाना, ब्लड प्लाज्मा की व्यवस्था करना, वैक्सीनेशन एवं कोविड टेस्ट में सहायता प्रदान करना। साथ ही कोविड मरीजों की काउंसेलिंग एवं अन्य सहायता प्रदान करना शामिल है। वार रूम के लिए संपर्क नंबर भी जारी किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कोरोना का कहर जारी है। आम लोगों के साथ साथ बड़ी संख्या में राज्य सरकार के अधिकारी और कर्मी इसके शिकार हो रहे हैं। हालत यह है कि अब तक राज्य सरकार के 24 से अधिक अधिकारी और सचिवालयकर्मी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। प्रोजेक्ट भवन स्थित सरकार के कार्मिक विभाग में ही ड्राइवर से लेकर उपसचिव स्तर के 4 कर्मी संक्रमित हो चुके हैं इसके अलावा ग्रामीण विकास, कृषि, खाद्य आपूर्ति सहित कई विभागों में कोरोना ने दस्तक दे दिया है। झारखंड में संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने सचिवालय और अन्य विभागों में रोस्टर ड्यूटी लगा दिया है। इसके बाबजूद हालत नहीं सुधर रहे हैं। वर्तमान में स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, गृह कारा जैसे विभाग में सीमित संख्या के आधार पर काम जैसे तैसे किया जा रहा है। राज्य में तेजी से फैल रहे कोरोना का खौफ सचिवालय में भी देखने को मिल रहा है। हालत यह है कि अधिकांश विभागों में कुर्सियां खाली पड़ी हुई हैं। रोस्टर ड्यूटी के बाबजूद कई कर्मी और अधिकारी घर से ही सरकार का कामकाज चला रहे हैं। जो कर्मचारी सचिवालय आते भी हैं तो वह भय के साये में किसी तरह से काम निपटाकर चले जाते हैं। नेपाल हाउस स्थित राज्य सचिवालय में ड्यूटी कर रहे इमानुउल कुजूर की मानें तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वे सरकार का काम किसी तरह निपटा रहे हैं। विभाग में एक जगह ज्यादा लोगों को भीड़ लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना को हरा चुकी महिला सचिवालयकर्मी सुलीना टोप्पो कहती हैं कि वह डर के बीच रोस्टर ड्यूटी करने के लिए पहुंचती हैं। सरकार ने कोरोना जांच की व्यवस्था की है जिसमें सचिवालय के कई कर्मी अभी तक संक्रमित पाए गए हैं। कर्मचारी संघ के कॉर्डिनेटर मृत्युंजय कुमार झा ने सरकार के रोस्टर ड्यूटी लगाए जाने की सराहना करते हुए 50 से अधिक उम्र के कर्मचारियों और अधिकारियों को घर से काम निपटाने का आदेश देने का आग्रह किया है। झारखंड में कोरोना की तीसरी लहर ने एक बार फिर से राज्य में विकास की रफ्तार को बाधित कर दिया है। सरकारी दफ्तर भलें ही खुले हैं मगर कामकाज जिस रफ्तार से होनी चाहिए उस पर कोरोना ने ब्रेक लगा दिया है। ऐसे मे कर्मचारी अधिकारी बिना कोई जोखिम लिए जैसे तैसे काम चलाने की नसीहत दे रहे हैं।
शिकारीपाड़ा। प्रखंड के ब्लॉक मैदान में आज शुक्रवार को सोहराय मिलन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिकारीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के मुख्य सचेतक सह विधायक नलिन सोरेन के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि सोहराय पर्व संताल आदिवासी समाज का एक बहुत ही बड़ा पर्व है। इसे संथाल परगना की हर गांव के लोग इन दिनों में आदिवासी अपने पारंपरिक रीति-रिवाज एंव हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। इस पर्व में पशुधन की पूजा की जाती है साथ ही साथ यह पर्व भाई बहन की अटूट प्रेम तथा प्रकृति के धार्मिक पूजा से जुड़ा हुआ पर्व है। प्रकृति और मानव सृष्टि के श्रृंगार, नारी सम्मान, खासकर अपनी बहनों के स्वागत सत्कार से जुड़े अगाध प्रेम के अद्वितीय प्रतीक पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। मौके पर शिकारीपाड़ा ब्लॉक मैदान में आसपास के गांव से आए हुए आदिवासी युवक, युवतियां एवं बुजुर्गों ने विधायक के साथ मांदर के थाप में खूब थिरके। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक नलिन सोरेन, झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड सचिव प्रभुनाथ हांसदा, मुख्य प्रवक्ता रोसोराम बास्की, चांदो बास्की, दुलाल बेसरा, राम सोरेन, प्रधान संगठन के भीम सोरेन के साथ-साथ अगल-बगल गांव से आए हुए काफी संख्या में युवक, युवतियां एवं बुजुर्ग शामिल थे।
बेरमो/ललपनिया। अक्टूबर में साड़म के कुछ ग्रामीणों के आवेदन पर राजस्व अंचल निरीक्षक गोमिया की जांच से इस बात का उद्भेदन हुआ है कि साड़म बाजार के हौसीर मौजा वाले हिस्से में बुधबजार लगा करता था, जो अतिक्रमण कारण विलुप्त हो गया है। सर्किल इंस्पेक्टर लालमोहन दास के जांच प्रतिवेदन के आधार पर सीओ गोमिया ने संबंधित अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया है। उपर्युक्त जानकारी देते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य कार्य समिति के सदस्य एवं झारखंड आंदोलनकारी इफ्तेखार महमूद ने कहा है कि साड़म बाजार क्षेत्र के अंतर्गत मौजा होसिर, खाता नं 458 प्लॉट नंबर 4711 में 1.65 एकड वं प्लोट नंबर 4512 में 9 डिसमील कूल एक एकड 74 डिसमील जमीन जो सैरात की जमीन है, पर बुधबाजार लगने का इतिहास रहा है। इस बात का उल्लेख खतियान में भी है। वर्ष 1970 ई पूर्व तक सरकार के द्वारा बाजार का डाक भी होते रहा है और सरकार को राजस्व भी मिलते रही है। सरकार के द्वारा बाजारों का डाक बंद होने के बाद उक्त बाजार पर से सरकार का प्रशासनिक ध्यान खत्म हो गया और तब उक्त बाजार के पूरे भू-भाग को समाज के ध्रुत लोगों के द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है।अंचल निरीक्षक के प्रतिवेदन में उपर्युक्त भूमि सैरात की है। महमूद ने कहा कि अतिक्रमणकारियों के द्वारा हुकुमनामा को आधार बनाकर बुध बाजार के भू-भाग पर अपना दखल को कानून सम्मत ठहराने की कोशिश हो रही है, किंतु जमी दारी प्रथा उन्मूलन बादभी बाजार का डाक होते रहा है वर्ष 1951 में साडम निवासी कालाचंद दे नामक व्यक्ति ने बाजारका डाक भी लिया था,तो ऐसी स्थिति में जमी दारी उन्मूलन पूर्व की तिथि से उल्लेखित गैर निबंधित हुकुमनामा श्वत:प्रभावहीन हो जाती है।उन्होंने कहाकि ऐसे भी अनूप मुखर्जी के प्रतिवेदन के आलोक में गैर निबंधित हुकुमनामा राजस्व विभाग में मान्य नहीं है। अतिक्रमणकारियों ने बुधबाजार के स्वरूप को बिल्कुल बदल दिया है और स्थाई संरचना का निर्माण कर पूरे भू-भाग पर अतिक्रमण कर लिया गया है। उन्होने लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम 1956 के सुसंगत प्रावधान का उपयोग कर अतिक्रमण को शीघ्र हटाने की मांग की है।
गुमला। कर्नाटक के हॉस्पेट जिले में रोजगार की तलाश में गए गुमला जिले के पांच फंसे हुए श्रमिकों को जिला प्रशासन गुमला द्वारा मुक्त कराया गया। पांचों श्रमिक गुमला जिले के रहने वाले हैं। मुक्त कराए गए पांचों श्रमिकों के बीच आज जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी द्वारा 50-50 किलो चावल तथा 50-50 किलो गेहूं का वितरण कराया गया। उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा एवं श्रम अधीक्षक एतवारी महतो के संयुक्त पहल पर कर्नाटक के हॉस्पेट जिले में डेढ़ माह से मछली पैकिंग करने वाले जिले के पांच श्रमिकों क्रमश: सदर प्रखंड के कसीरा पंचायत अंतर्गत कोयंजारा ग्राम निवासी प्रकाश महतो, सदर प्रखंड के मुरकुंडा पंचायत स्थित पतराटोली ग्राम निवासी राहुल गोप एवं मंगरा खड़िया, सचिन गोप तथा पालकोट प्रखंड के बघिमा पंचायत स्थित जबरा बैरीटोली निवासी संजू महतो को मुक्त कराकर वापस गुमला जिला लाया गया। गुमला जिला सकुशल वापस लौटे इन सभी श्रमिकों के बीच जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी के द्वारा अनाज का वितरण कराया गया। प्रत्येक श्रमिक को 50-50 किलो चावल तथा 50-50 किलो गेहूं उपलब्ध कराया गया। मौके पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी ने कहा कि आज गुमला जिला वापस लौटे सभी श्रमिकों के बीच आज अनाज का वितरण किया गया है। इसके साथ ही इन श्रमिक बंधुओं को राशन कार्ड भी मुहैया कराया जाएगा तथा रोजगार के साधनों से जोड़ने के उद्देश्य से उन्हें मनरेगा के तहत जॉब कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि ये बंधु अपने जिले में ही रहकर रोजगार के साधनों से जुड़ सकें और सरकार के विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ प्राप्त कर सकें। मौके पर श्रम अधीक्षक एतवारी महतो ने बताया कि रोजगार के सिलसिले में कर्नाटक राज्य गए गुमला के पांच श्रमिकों को उनके मालिक द्वारा घर वापस नहीं आने दिए जाने की जानकारी प्राप्त होते ही उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा के निर्देशानुसार राज्यस्तरीय प्रवासी नियंत्रण कक्ष के माध्यम से फंसे हुए श्रमिकों को मुक्त कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। जिला प्रशासन द्वारा सभी फंसे हुए श्रमिकों को सकुशल गुमला जिला वापस लाया गया है। इन सभी मुक्त कराए गए श्रमिकों को मनरेगा के तहत जॉब कार्ड निर्गत कराने के साथ-साथ अपने जिले में ही रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने सभी श्रमिकों से श्रम विभाग अंतर्गत अंतर-राज्य प्रवासी मजदूर अधिनियम के तहत अपना निबंधन कराने की भी अपील की। मौके पर सदर प्रखंड के कसीरा पंचायत अंतर्गत कोयंजारा ग्राम निवासी प्रकाश महतो ने उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा एवं श्रम अधीक्षक एतवारी महतो द्वारा उन्हें एवं अन्य चार लोगों को कर्नाटक से मुक्त कराने पर जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनके एक मित्र द्वारा झांसे से कर्नाटक में रोजगार उपलब्ध कराने की बात कहकर उन्हें और अन्य चार लोगों को कर्नाटक के हॉस्पेट जिला भेजा गया था। जहां काम के नाम पर उनसे मजदूरी कराया जाता था तथा मालिक द्वारा डेढ़ माह कार्य कराने के पश्चात उनके मजदूरी भुगतान भी लंबित रखा गया था तथा घर वापस आने की बात कहने पर मालिक द्वारा मारपीट भी की जाती थी। किंतु आज जिला प्रशासन एवं राज्यस्तरीय प्रवासी नियंत्रण कक्ष के सहयोग से वे सकुशल वापस अपने घर लौट आए हैं। श्रमिकों के बीच अनाज वितरण के दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी, श्रम अधीक्षक एतवारी महतो, पांचों श्रमिक व अन्य मौजूद थे।
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