एबीएन डेस्क। जम्मूतवी एक्सप्रेस हादसे का शिकार हो गई है। पूर्व मध्य रेलवे धनबाद रेल मंडल के पतरातु-टोकीसूद स्टेशन के बीच पास मानव रहित क्रॉसिंग पर 18309 संबलपुर जम्मू तवी एक्सप्रेस ने एक मारुती वैन को टक्कर मार दी। मिली जानकारी के अनुसार कुछ लोग वैन में कोयला लादकर रेलवे पटरी को पार कर रहे थे, इसी दौरान मारुति वैन पटरियों के बीच फंस गई। जिसके बाद पतरातू स्टेशन से खुली संबलपुर जम्मूतवी एक्सप्रेस ने वैन को टक्कर मार दी। इस हादसे में फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि हादसे के बाद रेल यातायात बाधित हो गया। जानकारी के अनुसार, टोकीसूद स्टेशन के बीच मानव रहित रेलवे फाटक को पार कर रहे मारुति वैन ट्रैक पर ही फंस गई जिसके कारण संबलपुर जम्मूतवी एक्सप्रेस मारुति वैन से टकरा गई और मारुति वैन के परखच्चे उड़ गए। हालांकि घटना में ट्रेन में ट्रेन में बैठे यात्रियों को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। घटना के कारण अप और डाउनलोड दोनों लाइन क्षतिग्रस्त हो गए और पूरी तरह से रेल यातायात बाधित हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर बरकाकाना से अधिकारी पहुंचे और और जल्द से जल्द ट्रैक को ठीक करने के निर्देश दिए।
एबीएन डेस्क। पलामू के सदर थाना क्षेत्र के सिंगरा कला गांव में पिता के रिटायरमेंट के पैसे के विवाद को लेकर छोटे भाई ने चाकुओं से गोदकर बड़े भाई की हत्या कर डाली। आरोपी ने इतने नृशंस तरीके से वारदात की थी कि मृतक का हाथ पेट से बाहर निकल गया। सूचना पर पहुंची सदर थाना पुलिस ने हत्या के आरोपी छोटे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भेज दिया है। जानकारी के अनुसार यमुना यादव नाम के व्यक्ति के पिता एफसीआई से रिटायर हुए थे। यमुना पांच भाई था और उसके पिता के खाते में रिटायरमेंट के करीब 10 लाख रुपय जमा थे। इसी 10 लाख रुपये को लेकर यमुना यादव और उसके छोटे भाई इंद्रजीत यादव के बीच विवाद था। आरोप है कि शनिवार देर रात यमुना यादव शराब के नशे में घर पहुंचा था। यहां उसका परिजनों से विवाद हो गया। इसी क्रम में इंद्रजीत यादव के साथ उसका झगड़ा शुरू हो गया। आरोप है कि इसी झगड़े में इंद्रजीत यादव ने यमुना यादव को घर के आंगन में चाकुओं से गोदकर मार डाला। सदर थाना प्रभारी कमलेश कुमार ने बताया कि हत्या के आरोपी छोटे भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। रिटायरमेंट के पैसे के विवाद को लेकर हत्या को अंजाम दिया गया है। पुलिस पूरे मामले में अनुसंधान कर रही है। घटनास्थल नेशनल हाईवे 39 से 25 मीटर की दूरी पर है।
एबीएन डेस्क, रांची। हिंदपीढ़ी के लाह फैक्ट्री रोड में दो गुट आपस में भिड़ गए। दोनों गुट में शामिल युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना में एक गुट के रेहान नामक युवक को गंभीर चोट लगी है। आनन-फानन में उसे अंजुमन से सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिकी उपचार के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। फिलहाल पुलिस रेहान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को एक हथियार भी मिला है। मामले में रेहान और शम्सी ने एक-दूसरे के खिलाफ हिंदपीढ़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है। शम्सी का आरोप है कि रेहान लाह फैक्ट्री रोड में हथियार लहरा रहा था। साथ ही लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसी वजह से उसके साथियों ने उसे पीटा। स्थानीय लोगों ने रेहान से हथियार छीना और पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, रेहान का आरोप है कि शम्सी और उसके साथियों ने बिना किसी वजह के उसके साथ मारपीट की। उसके पास किसी तरह का हथियार नहीं था। दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एबीएन डेस्क, रांची। एचईसी के कामगारों ने प्रबंधन की अपील को ठुकरा दिया और शनिवार को प्लांटों का उत्पादन ठप करा दिया। प्लांटों के कुछ शॉपों में दोपहर तक काम हुआ, लेकिन दोपहार के बाद पूरी तरह उत्पादन ठप हो गया। कामगारों का कहना है कि प्रबंधन ने अपील की है। अपील में स्पष्ट नहीं है कि सात माह के बकाया का भुगतान कैसे होगा? प्रबंधन को यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करनी चाहिए थी। वार्ता के बाद समझौता कर आदेश जारी करना चाहिए। लेकिन प्रबंधन ने अपील जारी कर कुछ कामगारों को दिग्भ्रमित किया है। इसका विरोध होगा। कामगारों ने प्रबंधन के अपील की प्रति भी जलायी और सोमवार को एचईसी मुख्यालय का घेराव करने की घोषणा की। शुक्रवार को प्रबंधन की ओर से अपील करने के बाद शनिवार को तीनों प्लांटों में कामगारों ने उत्पादन करना शुरू किया। वहीं कई शॉप में अपील का विरोध करते हुए कर्मियों ने कार्य को ठप करा दिया। वहीं इस बाबत प्रबंधन और कर्मियों ने अलग-अलग दावे भी किए। प्रबंधन का कहना है कि एचएमटीपी में कर्मियों ने कार्य किया, एचएमबीपी के कई शॉप में कार्य हुआ। एफएफपी में कर्मियों ने कई शॉप में मशीन को बंद कर कार्य को ठप करा दिया। एचएमटीपी प्रबंधन ने कहा कि कार्य ठप करने का प्रयास किया गया, लेकिन मशीन चालू रही और उत्पादन हुआ। वहीं, प्रबंधन की अपील का विरोध कर रहे कर्मियों का कहना है कि एचएमटीपी में दोपहर एक बजे तक कार्य हुआ, इसके बाद दूसरी शिफ्ट में कार्य को बंद करा दिया गया। वहीं, एफएफपी और एचएमबीपी में मशीन चालू करने के बाद कार्य को बंद कराया गया।
एबीएन डेस्क, रांची। झारखंड में कोरोना संक्रमण का फैलाव लगातार बढ़ते ही होते जा रहा है। राज्य में शनिवार 08 जनवरी को 5081 नए कोरोना मरीज मिले हैं। 1186 संक्रमितों के कोरोना मुक्त होने के बावजूद राज्य में एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 21098 हो गयी है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को रांची में जहां 1731 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं बोकारो में 278, चतरा में 68, देवघर में 281, धनबाद में 167, जमशेदपुर में 1043, गिरिडीह में 08, गोड्डा में 40, गुमला में 52, हजारीबाग में 169, जामताड़ा में 28, खूंटी में 105, कोडरमा में 107, लातेहार में 26, लोहरदगा में 67, पलामू में 110, पाकुड़ में 08, रामगढ़ में 387, सिमडेगा में 70, पश्चिमी सिंहभूम 177, दुमका में 35, गढ़वा में 39, साहिबगंज में 35 और सरायकेला में 70 कोरोना संक्रमित मिले हैं। झारखंड में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 21098 के करीब है। Covid19 से 08 जनवरी 2022 जमशेदपुर में 02 और सरायकेला में 01 मौत होने के साथ ही कोरोना से मरने वालों की संख्या 5164 हो गयी है। झारखंड में बड़ी संख्या में मिल रहे नए केस की वजह से राज्य का कोरोना इंडिकेटर्स लगातार खराब स्थिति होते जा रहा है। राज्य में 7 डेज ग्रोथ रेट 0.65% से बढ़कर 0.80% हो गया है। वहीं 7 डेज डबलिंग रेट 107.4 दिन से घटकर 86.86 दिन का रह गया है। रिकवरी रेट भी 93.93% से घटकर 92.98% और मोर्टेलिटी रेट 1.39% से घटकर 1.38% रह गया है। मोर्टेलिटी रेट छोड़ सभी इंडिकेटर्स पर झारखंड का औसत राष्ट्रीय औसत से खराब है।
टीम एबीएन, खूंटी। नक्सली संगठन पीएलएफआई के खिलाफ खूंटी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया है। खूंटी पुलिस की ये इस साल की दूसरी बड़ी कार्रवाई की गई है। एक जनवरी को पांच नक्सली हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार हुए थे, जबकि आठ जनवरी को तीन पीएलएफआई नक्सलियों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार सभी नक्सली जरियागढ़ थाना क्षेत्र के निवासी हैं और उसी थाना क्षेत्र से पुलिस ने दबोचा है। एसपी आशुतोष शेखर को गुप्त सूचना मिली थी कि जरियागढ़ थाना क्षेत्र के रेगड़े गांव के पास PLFI नक्सली संगठन के कुछ सदस्य घूम रहे हैं। उनके पास हथियार भी हैं और वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। एसपी के निर्देश पर तोरपा डीएसपी ओमप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में टीम गठित की गयी। गठित टीम ने रेगड़े टोंगरी की घेराबंदी शुरू कर दी, लेकिन नक्सली पुलिस को देखते ही भागने लगे। जिसके बाद पुलिस ने तीनों को खदेड़ कर गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, नक्सली पर्चा और चंदा रसीद के साथ दो मोबाइल बरामद किया गया है। पकड़े गए नक्सलियों में मनोज बारला, चंद्रकिशोर गोप और भेंगरा बारला शामिल हैं। एसपी आशुतोष शेखर ने बताया कि पुलिसिया पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वे PLFI संगठन के लिए लेवी वसूलने और पार्टी को विस्तार करने का काम करते हैं। इसके अलावा पिछले दिनों PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप के गांव लापा बड़का टोली में चबूतरा निर्माण कार्य में लगे ग्रामीण तिलकु साहु के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया था। खूंटी पुलिस ने पीएलएफआई नक्सली संगठन के बारे में कई जानकारियां हासिल की हैं और उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जा रही है। खूंटी पुलिस ने 31 दिसंबर की रात को ही पांच नक्सलियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें एरिया कमांडर मो उमर इम्तियाज खान, राहुल सिंह, कृष्णा पान इम्तियाज खान और एक नाबालिग शामिल थे, जबकि आठ जनवरी को तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इसमें 21 वर्षीय मनोज बारला, 24 वर्षीय चंद्र किशोर गोप और 20 वर्षीय भेंगरा बारला शामिल हैं। छापामारी टीम में डीएसपी ओम प्रकाश तिवारी, इंस्पेक्टर दिग्विजय सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन समेत परिवार के चार सदस्य व एक अंगरक्षक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, कुल 13 लोगों की जांच की गई थी। जिसमें 5 लोगों के रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हालांकि, सीएम हेमंत सोरेन की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। सभी आइसोलेशन में हैं। बताते चलें कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी देते हुए अपील की है कि इस दौरान उनसे मिलने वाले लोग अपनी जांच करा लें।
टीम एबीएन, रांची। जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिक ने शनिवार को शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर जांच अभियान चलाया। अधिकारियों ने करमटोली चौक पर संयुक्त जांच अभियान चलाकर अनाधिकृत रूप से नेम प्लेट का उपयोग कर रहे तथा बिना मास्क के वाहन चलाने वाले वाहनों के चिन्हित कर मोटरवाहन अधिनियम की धारा 179 के तहत दण्ड शुल्क वसूला। अभियान के दौरान वाहन संबंधी कागजात जैसे प्रदूषण प्रमाण पत्र, बीमा, लाइसेंस की जांच की गयी। इसमें 21 वाहनों से 1,77,150 रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले गये। रांची के जिला परिवहन पदाधिकारी प्रवीण प्रकाश ने कहा कि उक्त कार्रवाई समय-समय पर नियमित रूप से की जाएगी। साथ ही सभी से आग्रह किया कि सभी मोटरवाहन चालक-मालिक सरकारी अधिसूचना का पालन करें। वाहन चलाते हुए हेलमेट के साथ साथ मास्क का प्रयोग करें।
टीम एबीएन, सिमडेगा। सिमडेगा में हुए हत्या को अमानवीय घटना करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेता विधायक दल व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि संजू प्रधान को घर से पकड़ कर ले जाकर पीटा गया और जिंदा जला दिया गया। इस दौरान पुलिस भी उपस्थित थी। पत्नी सपना देवी पुलिस से संजू को बचाने के लिए गिड़गिड़ाते रही, भीड़ पिटता रहा और जिंदा आग के हवाले कर दिया। मामले में श्री मरांडी ने ठेठईटांगर के दरोगा, डीएसपी और एसपी को बर्खास्त कर सीबीआई जांच की मांग की है। श्री मरांडी ने परिवार को 10 लाख का मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दलित परिवार पर सोची समझी साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया गया है, इस मामले में सफेदपोश का भी हांथ है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ संजू प्रधान के घर गया, जहां संजू की पत्नी और मां से मुलाकात की। संजू की पत्नी सपना देवी ने बताया कि संजू घर के समक्ष हाट यानी बाजार में गो मांस की बिक्री और गो हत्या का विरोध किया करता था। जिसके बाद कई लोगों ने धमकी भी दिया था। इसी बीच बम्बलकेरा में कुछ लोग इकट्ठा होकर बैठक किया। बैठक में संजू प्रधान को भी बुलाया गया। जहां ठेठईटांगर की पुलिस भी उपस्थित थी। पुलिस के समक्ष ही पिटाई की गई व जिंदा जला दिया गया। पुलिस इस क्रम में मूकदर्शक बनी रही। 15 किलोमीटर पर जिला मुख्यालय होने के बावजूद न ही सीनियर पदाधिकारी पहुंचे न ही अतिरिक्त फोर्स बुलाया गया। पत्नी सपना पुलिस को हवाई फायरिंग व अपने पति की जान बचाने की भीख मांगती रही किन्तु पुलिस ने किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि घटना के बाद पुलिस ने तीन सफेद कागज पर सपना देवी से हस्ताक्षर करवा कर ले गयी। साथ ही पीड़ित परिवार के ही तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जिनका इस वारदात से कोई लेना देना नहीं। उन्होंने कहा कि मामले को रफा दफा व दोषियों को बचाने के लिए साजिश रची जा रही है। लकड़ी काटने के आरोप की सच्चाई यह है कि मामला वन विभाग के अन्तर्गत रजिस्टर्ड है। मामले को डायल्यूट किया जा रहा है। उन्होंने इस घटना को अमानवीय व क्रूर बताते हुए कहा कि पुलिस पर कार्रवाई हो और मामले की जांच सीबीआई से कराया जाए।प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय मंत्री और रांची की मेयर आशा लकड़ा, प्रदेश उपाध्यक्ष गंगोत्री कुजूर, प्रदेश प्रवक्ता अमित सिंह उपस्थित थे।
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