टीम एबीएन, हजारीबाग। जिले का मेडिकल कॉलेज अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार अपराधी मेल सर्जिकल वार्ड के 15 बेड के ऑक्सीजन पाइप काट कर फरार हो गए। दरअसल, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर प्लांट लगाया गया है। जिससे मरीजों को उनके बेड तक पाइप लाइन के जरिए ऑक्सीजन देना है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की घोर कमी होने के बाद सरकार के द्वारा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर प्लांट के जरिए मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया था, जिसमें बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाना है। उसी बेड के ऑक्सीजन पाइप को अपराधियों ने काटी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि दूसरी लहर के दौरान हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर चोरी होने की बात भी प्रकाश में आई थी। जिसके बाद जांच की जा रही थी। जांच करने के दौरान कई ऑक्सीजन सिलेंडर बरामद भी कर लिए गए थे और एफआईआर दर्ज की गई थी। इस घटना को लेकर पूरे देश में हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल की किरकिरी हुई थी। आलम यह हुआ था कि जनप्रतिनिधि से लेकर आम जनता तक सभी ने पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए पूरी घटना की घोर निंदा की थी। एक बार फिर आज ऑक्सीजन पाइप की चोरी हुई है। घटना को लेकर मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट डॉ विनोद ने कहा है कि मामले की जांच की जाएगी। पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि हमलोग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑक्सीजन युक्त बेड तैयार कर रहे हैं। इस दौरान इस तरह की घटना काफी निंदनीय है। बताते चलें कि इन दिनों पूरे देश में ऑक्सीजनयुक्त बेड तैयार करने को लेकर युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। केंद्र से लेकर राज्य सरकार ने सभी अस्पताल को निर्देश दिया है कि वह ऑक्सीजनयुक्त बैड तैयार करें। अगर तीसरी लहर आती है तो मरीजों को परेशानी ना हो। लेकिन हजारीबाग में जो घटना घटी है, यह पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है कि आखिर हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था है या नहीं। वहीं यह भी सवाल खड़ा हो रहा है कि पिछले दिनों यहां सुरक्षा को लेकर जवान तैनात किए गए थे, वह कहां हैं और सीसीटीवी काम कर रही है या नहीं।
टीम एबीएन, पारसनाथ। पारसनाथ में पिकनिक मनाकर घर लौट रहे युवक घर के पास ही बोकारो में सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। पारसनाथ से लौट रहे दो ऑटो को ट्रेलर ने रौंद दिया। इसमें पिकनिक मनाकर लौट रहे चार युवकों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गए। घटना देर रात की है और घायलों को इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल और रांची के रिम्स में ले जाया गया है। इधर, हादसे से गुस्साए लोगों ने रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक हादसा पेटरवार थाना क्षेत्र के एनएच 23 लुकैया शगुन पेट्रोल पंप के पास हुआ। बोकारो रामगढ़ उच्च पथ 23 पर लुकैया शगुन पेट्रोल पंप के पास ही रविवार देर रात अज्ञात टेलर ने दो ऑटो को रौंद डाला। इन ऑटो में 15 युवा सवार थे। इसमें चार की मौत हो गई, जबकि शेष गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी पेटरवार प्रखंड के लुकैया के ही रहने वाले थे और घर के पास ही हादसा हो गया। ऑटो में सवार सभी युवक पारसनाथ से पिकनिक मना कर अपने घर लौट रहे थे। इसके बाद ट्रेलर चालक वाहन के साथ फरार हो गया। आनन-फानन में घायलों को इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल भेजा गया। इनमें सो कुछ युवकों को रांची रिम्स रेफर कर दिया गया। इधर, इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क को रात से ही जाम कर रखा है। प्रशासन जाम को खुलवाने के प्रयास में है, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हैं।
टीम एबीएन, जमशेदपुर। जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इसको लेकर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। वहीं एमजीएम अस्पताल के उपाधीक्षक का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से ऑपरेशन थियेटर बनाया गया है, जहां महिला की मौत हुई है। इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई है। बहरहाल इस मामले की जांच की जा रही है। परिजन मुआवजे की भी मांग कर रहे हैं। बता दें कि बागबेड़ा की रहने वाली 25 वर्षीय गर्भवती महिला को प्रसव के लिए उसके परिजन खासमहल सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां से डॉक्टर ने महिला को एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया। इधर एमजीएम अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टर्स ने महिला के शरीर में खून की मात्रा काफी कम पाई, जिसके बाद परिजनों को ब्लड का इंतजाम करने के लिए कहा और महिला को ऑपरेशन थियेटर में ले जाने से पूर्व कोरोना जांच कराई। थोड़ी देर बार महिला की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद डॉक्टर उसे संक्रमित गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से बनाए गए ऑपरेशन थियेटर लेकर गए। इस दैरान महिला की स्थिति अचानक खराब होने लगी। इधर परिजन ब्लड का इंतजाम नहीं कर सके। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस पर डॉक्टर्स ने खुद ब्लड का इंतजाम किया। लेकिन प्रसव से पूर्व महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसी के साथ परिजन मुआवजे की मांग करने लगे। इस मामले में एमजीएम अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी का कहना है कि मृतका के शव को शीत गृह में रखा गया है, परिजनों ने जो आरोप लगाया है उसकी जांच की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में बीते 17 दिनों से कोरोना संक्रमण में हो रही वृद्धि पर थोड़ा ब्रेक लगा है। रविवार को 5.93 प्रतिशत की दर से राज्य में 3444 मरीज मिले हैं। जबकि, रांची में 9.12 प्रतिशत की दर से 1143 संक्रमित मिले हैं। शनिवार के 6.98 प्रतिशत की तुलना में रविवार को राज्य के संक्रमण दर में जहां 1.05 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं, रांची में 13.57 प्रतिशत की तुलना में 4.45 प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि मौत की संख्या बढ़ी है। शनिवार को राज्य में जहां तीन लोगों की मौत हुई थी वहीं रविवार को छह लोगों की मौत हुई है। चार मौत पूर्वी सिंहभूम में हुई जबकि कोडरमा व गोड्डा 1-1 की जान गई। राज्य के 8 जिलों में जहां रविवार को 100 से अधिक मरीज मिले वहीं चार जिलों में मरीजों की संख्या 20 से कम रही। शनिवार को 11 जिलों में 100 से अधिक और 2 जिलों में 20 से कम मरीज मिले थे। रविवार को रांची में 1143 , पूर्वी सिंहभूम में 542, रामगढ़ में 232, धनबाद में 199, बोकारो में 186, पश्चिमी सिंहभूम में 140, देवघर में135 व पलामू में 129 मरीज मिले हैं। सीएम आवास के 16 कर्मचारी रविवार को पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें ड्राइवर, माली, पियोन व कैंटीन स्टाफ शामिल हैं। संक्रमितों के मिलने के बाद मुख्यमंत्री आवास में विजिटर्स के आने पर रोक लगा दी गई है। शनिवार को भी मुख्यमंत्री की पत्नी और बच्चे समेत पांच पॉजिटिव पाए गए थे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन निगेटिव पाए गए थे।
टीम एबीएन, रांची। रविवार को रांची के गुरुद्वारा स्टेशन रोड स्थित होटल गुरु में भारतीय किसान संघ का प्रदेश सम्मेलन कोरोना गाइडलाइन के तहत सम्पन्न हुआ। जिसकी अध्यक्षता पूर्व वन अधिकारी अनील शर्मा ने की। बैठक के मुख्य अतिथि भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य कृष्णा मुरारी ने कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा करते हुए कार्यक्रम का उद्घाटन किया। प्रदेश सम्मेलन के दौरान भारतीय किसान संघ के प्रदेश की नयी कार्यकारणी का गठन किया गया, जिसमें संरक्षक ध्रुव नारायण सिंह, प्रशांत खाखा, जय कुमार सिंह को प्रदेश अध्यक्ष, मधीरण महतो, प्रकाश नारायण प्रदेश महामंत्री, धीरेन्द्र अग्रवाल कोषाध्यक्ष, मनोज साहू, सिद्धेश्वर सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष, दीपक उरांव, वीरेंद्र सिंह, प्रदेश मंत्री अनिल शर्मा बनाये गये। इस दौरान अतिथियों ने संघ की मजबूती पर चर्चा की। कोरोनाकाल में किसानों की समस्याओं के समाधान पर भी लोगों ने अपने विचार रखे। इस दौरान एग्रो इकोनॉमिक्स के झारखंड प्रांत संंयोजक मीरा शर्मा, महिला प्रमुख सत्यजित कुमार युवा प्रमुख बनाए गए। संघ के प्रचार-प्रसार प्रमुख प्रकाश कुमार सिंह का संघ के प्रति समर्पण और सक्रियता को देख उन्हें प्रदेश महामंत्री की जिम्मेवारी दी गई। इस सम्बंध में एबीएन न्यूज़ 24 से बातचीत में प्रकाश नारायण ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। उन्हें हरसम्भव सहयोग की जरूरत है। इसमें सुधार के लिए किसान संघ की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। संघ के वरीय पदाधिकारियों की उम्मीदों पर खरा उतरने का भरपूर प्रयास करेंगे; ताकि किसानों की समस्याओं का समाधान हो सके।
टीम एबीएन, जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिला स्वास्थ्य विभाग फ्रंटलाइन वर्कर एवं 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन का बूस्टर डोज लगाने को तैयार है। बूस्टर डोज के मुद्दे पर शनिवार को झारखंड राज्य स्वास्थ मुख्यालय एवं जिला के चिकित्सा पदाधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक भी हुई थी। जिसमें सिविल सर्जन डॉ एके लाल, आरसीएच पदाधिकारी डॉ जुझार मांझी, एसीएमओ डॉ साहिर पाल समेत अन्य शामिल हुए थे। इससे फ्रंटलाइन वर्करों (स्वास्थ्य कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों, पुलिस कर्मचारियों एवं अन्य) की सूची पर चर्चा हुई। बूस्टर डोज के पहले चरण में जिला में 60 वर्ष आयु के 45 हजार 200 लोगों को वैक्सीन लगाने की तैयारी है। जिला में बूस्टर डोज को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने प्रखंड स्तर पर कर्मचारियों की टीम बनाई है। दूसरी ओर कोल्हान केयर अन्य दो जिला में भी उम्रदराज लोगों को वैक्सीन का बूस्टर डोज देने की तैयारी शुरू है। इससे सरायकेला खरसावां जिला में 20 हजार 986 और पश्चिमी सिंहभूम जिला में 29 हजार 602 लोगों को वैक्सीन का बूस्टर डोज लगेगा। सूचना के अनुसार बूस्टर डोज अभी उन्हीं उम्रदराज लोगों को लगेगा, जिन्हें सेकेंड डोज लिए 90 दिन हो गए हैं।
टीम एबीएन, रांची। धुर्वा डैम से रविवार को पुलिस ने एक व्यक्ति का शव बरामद किया। मृतक नरेंद्र कुमार उर्फ लाल बाबू सिंह (58) धुर्वा बस स्टैंड का निवासी था। रविवार की सुबह टहलने निकले लोगों ने उसका शव डैम में तैरते देखा था। सूचना मिलने पर नगड़ी पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाया। इसके बाद शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया। बताया जाता है कि नरेंद्र कुमार उर्फ लाल बाबू सिंह एचईसी में पेयजल आपूर्ति डिवीजन में कार्यरत था। परिजनों ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से तनाव में चल रहे थे और उनका इलाज चल रहा था। रविवार की सुबह वह अकेले ही घर से निकल गए थे। परिजनों ने कहा कि दाह संस्कार के बाद नगड़ी थाना में यूडी केस दर्ज कराया जाएगा। आशंका है कि लाल बाबू सिंह ने तनाव में धुर्वा डैम में कूदकर आत्महत्या कर ली।
टीम एबीएन, सिमडेगा। बेसराजारा गांव में मॉब लिंचिंग केस के मुख्य आरोपी और बॉम्लबकेरा का ग्राम प्रधान सुबन बुढ़ को गिरफ्तार कर लिया गया है। सुबन बुढ़ पर मॉब लिंचिंग में मारे गए संजू प्रधान की पत्नी ने संजू को जबरदस्ती घर से खींचकर ले जाने, बेरहमी से पिटाई करने और आग लगाकर हत्या का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और जिले की पुलिस पर काफी दवाब था। जिसके बाद घटना के 4 दिन बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी सुबन बुढ़ को ठेठईटांगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है; जबकि दूसरे आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है।
टीम एबीएन, धनबाद। झारखंड के कई जिलों में कोरोना विस्फोट जारी है। रांची, जमशेदपुर के बाद धनबाद से भी ऐसी खबरें सामने आयी है। जहां सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा देने आए 21 बच्चे कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। परीक्षा से पहले की गई जांच में सभी 21 बच्चों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सभी बच्चों की अलग से परीक्षा ली गई। जिले के बैंक मोड़ स्थित गुरु गोविंद सिंह पब्लिक स्कूल में सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षा चल रही थी। परीक्षा में कुल 235 बच्चे शामिल हुए थे। सभी बच्चे क्लास 6 और 9 के बताए जा रहे हैं। बच्चों में हल्के लक्षण रहने के कारण सभी बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ होम आइसोलेशन में भेज दिया गया।
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