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रफ्तार का कहर : डिवाइडर से टकराकर स्कूटी सवार की मौत
Published / 2022-01-14 05:57:18
रफ्तार का कहर : डिवाइडर से टकराकर स्कूटी सवार की मौत

एबीएन डेस्क। गुरुवार की देर रात राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र में भारत माता चौक के समीप तेज रफ्तार स्कूटी डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी चला रहे अमित की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, दूसरा सवार पवन गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में पवन को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर है। बताते चलें कि रांची में तेज रफ्तार का कहर लोगों की जान ले रहा है। अमूमन रोजाना सड़क हादसे में किसी न किसी की जान जा रही है। गुरुवार की रात भी सड़क हादसे में एक युवक की जान गई है। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से सबसे पहले घायल पवन को अस्पताल भेजवाया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि स्कूटी सवार युवक काफी तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहे थे। तेज रफ्तार होने की वजह से स्कूटी चला रहे युवक ने अपना नियंत्रण खो दिया और डिवाइडर से जा टकराया। दोनों युवक हेलमेट नहीं पहने थे। इससे अमित का सिर फट गया, जिससे उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई। कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि स्कूटी सवार किशोरगंज चौक की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे थे। इसी दौरान अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गये। टक्कर जोरदार होने की वजह से बिजली पोल का बॉक्स टेढ़ा हो गया। दोनों युवक पुरानी रांची के रहने वाले हैं। घटना की सूचना दोनों युवक के परिजनों को दे दी गई है। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन को सौंप दिया जाएगा।

सीयूजे में मिले 43 कोरोना संक्रमित, 35 कैंपस से गायब
Published / 2022-01-14 05:46:58
सीयूजे में मिले 43 कोरोना संक्रमित, 35 कैंपस से गायब

एबीएन डेस्क। झारखंड में कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफी तेज है। कई सरकारी विभागों और कार्यालयों के बाद झारखंड सेंट्रल यूनिवर्सिटी (सीयूजे) में कोरोना विस्फोट हुआ है। यहां एक साथ 43 लोग कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। कोरोना संक्रमित होने वालों में यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट, कर्मचारी और उनके परिजन शामिल हैं। सेंट्रल यूनिवर्सिटी से लेकर कोरोना संक्रमण को लेकर घोर लापरवाही भी सामने आई है। बता दें कि यूनिवर्सिटी कैंपस से 300 सैंपल जांच के लिए लिया गया था। इसमें बुधवार को आई रिपोर्ट में 43 लोग पॉजटिव मिले हैं। रिपोर्ट आने से पहले ही लगभग 90 फीसदी लोग कैंपस छोड़कर जा चुके हैं। ऐसे में 43 में से मात्र 8 कोरोना पॉजिटिव मरीज ही कॉलेज में मौजूद हैं। 35 संक्रमितों का कुछ पता नहीं है। बताया जा रहा है कि यह मामला काफी गंभीर है। प्रशासन की बड़ी लापरवाही की वजह से कोरोना संक्रमित मरीज राज्य में घूम रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से रांची समेत झारखंड के विभिन्न जिलों में कोरोना तेजी से फैल रहा है। लगातार संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। रांची में सबसे अधिक एक्टिव केस है। इसके बावजूद लोगों में लापरवाही देखी जा रही है।

झारखंड में अब डराने लगा कोरोना, 4 हजार नए मरीज मिले, 5 की मौत
Published / 2022-01-14 05:41:47
झारखंड में अब डराने लगा कोरोना, 4 हजार नए मरीज मिले, 5 की मौत

एबीएन डेस्क। झारखंड में कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार अब लोगों को डर पैदा करने लगा है। राज्य में गुरुवार 13 जनवरी को सभी जिले में नए केस मिले हैं, जिसकी कुल संख्या 4 हजार है। 2731 संक्रमित के कोरोना मुक्त होने के बावजूद राज्य में एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 32250 हो गयी है। राज्य के सभी 24 जिलों में कोरोना के नए मामले मिले हैं। 13 जनवरी 2022 को जहां-जहां नए केस मिले हैं, उसमें रांची सहित 10 जिले में 100 से ज्यादा नए संक्रमित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को रांची में जहां सबसे ज्यादा 1295 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं बोकारो में 183, चतरा में 105, देवघर में 120, धनबाद में 118, जमशेदपुर में 906, गिरिडीह में 11, गोड्डा में 108, गुमला में 57, हजारीबाग में 320, जामताड़ा में 14, खूंटी में 60, कोडरमा में 03, लातेहार में 35, लोहरदगा में 38, पलामू में 127, पाकुड़ में 28, रामगढ़ में 64, सिमडेगा में 51, पश्चिमी सिंहभूम 83, दुमका में 87, गढ़वा में 32, साहिबगंज में 103 और सरायकेला में 51 कोरोना संक्रमित मिले हैं। राज्य में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 32250 है। कोरोना से 13 जनवरी 2022 को जमशेदपुर में 01, हजारीबाग में 01, रांची में 02 और सरायकेला में 01 मौत होने के साथ ही कोरोना से मरने वालों की संख्या 5189 हो गयी है। झारखंड में बड़ी संख्या में मिल रहे नए केस की वजह से राज्य का कोरोना इंडिकेटर्स में लगातार खराब स्थिति में होते जा रहा है। राज्य में 7डेज ग्रोथ रेट 0.99% हो गया है। वहीं 7 डेज डबलिंग रेट 70.46 दिन से घटकर 70.02 दिन का रह गया है। रिकवरी रेट भी 91.15% हो गया है। मोर्टेलिटी रेट 1.33% है।

रिम्स : कार्डियोलोजी विभाग के तीसरे तल से गिरा अधेड़, मौत
Published / 2022-01-14 03:41:15
रिम्स : कार्डियोलोजी विभाग के तीसरे तल से गिरा अधेड़, मौत

टीम एबीएन, रांची। रिम्स के सुपर स्पेशियलिटी विंग के कार्डियोलोजी विभाग में तीसरे तल से नीचे गिरने से राणा नाम के व्यक्ति की मौत हो गई। वह मिर्गी रोग से पीड़ित था और नशापान भी करता था। वह पिछले कई साल से रिम्स में ही रहता था और वहीं पर अपना इलाज कराता था। इसके अलावा वह वहां आने वाले मरीजों का सहयोग भी करता था। बख्शीश में मिले रुपये से वह अपना पेट पालता था। बरियातू थाना पुलिस के मुताबिक गुरुवार को देर शाम सात बजे वह तीसरे तल से नीचे गिर गया। नीचे गिरने से उसके सिर और कमर के ऊपरी हिस्से के विभिन्न अंगों में चोट लगी। घटना के समय मौके पर मौजूद निजी सुरक्षाकर्मी उसे इमरजेंसी ले गए। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि वह अस्पताल परिसर में राणा नाम से जाना जाता था। वह कहां का रहने वाला था और उसके परिवार में और कौन-कौन सदस्य हैं, इसक पता तत्काल नहीं चल सका है। पुलिस के मुताबिक नशे की हालत में तीसरे तल की रेलिंग के समीप खड़ा राणा किस परिस्थिति में नीचे गिर गया, इसका पता लगाया जा रहा है। अंदेशा जताया जा रहा है कि नशे की हालत में ही वह रेलिंग से नीचे की ओर झुका होगा और असंतुलित होकर नीचे जमीन पर गिर गया होगा। बताया गया कि वहां लगे सीसीटीवी से उसके छत से नीचे गिरने की सही स्थिति का पता चल सकेगा। इधर, पुलिस ने शव को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

एक करोड़ रंगदारी मांगनेवाला मधुबनी से गिरफ्तार
Published / 2022-01-13 17:56:43
एक करोड़ रंगदारी मांगनेवाला मधुबनी से गिरफ्तार

टीम एबीएन, रांची। रांची पुलिस ने जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और अमन साव के नाम पर एक करोड़ की लेवी मांगने के मामले के आरोपी को बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम आशीष कुमार पाठक है और वह आदित्यपुर सरायकेला-खरसावां का रहने वाला है। पूरे मामले का खुलासा करते हुए ग्रामीण एसपी नौशाद आलम ने बताया कि नगड़ी निवासी व्यवसायी डॉ संदीप कुमार राज से बीते 23 दिसंबर को फोन पर एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। फोनकर्ता ने गैंगस्टर सुजीत व अमन साव के नाम पर रंगदारी की रकम मांगी थी। इस मामले में नगड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। दर्ज प्राथमिकी के बाद डीएसपी मुख्यालय टू प्रवीण कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। तकनीकी सेल की मदद से पुलिस ने आरोपी का लोकेशन निकाला। जब पुलिस मधुबनी पहुंची तो वह व्हाट्सएप वीडियो कॉल से अपने दूसरे साथी से बातचीत कर रहा था। उसी समय उक्त अपराधी के मोबाइल नंबर को ट्रेस करती पुलिस वहां पहुंची और उसे घेर लिया और गिरफ्तार कर लिया। ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस उसे लेकर गुरुवार को रांची आयी।

75 करोड़ सूर्य नमस्कार के साथ मनेगा आज़ादी का अमृत महोत्सव
Published / 2022-01-13 17:32:11
75 करोड़ सूर्य नमस्कार के साथ मनेगा आज़ादी का अमृत महोत्सव

टीम एबीएन, रांची। क्रीड़ा भारती के साथ सत्यानन्द योग मिशन रांची झारखण्ड में अपने योग केंद्र सहित आईएएस ऑफिसर्स ग्रुप्स, हाइकोर्ट ग्रुप्स, मेकॉन ग्रुप्स, केन्द्रीय मनः चिकित्सा संस्थान कांके के डॉक्टर्स ग्रुप्स एवं रांची स्थित डीएवी संस्थान तथा झारखंड के अन्य डीएवी विद्यालय में शिक्षक एवं हजारों की संख्या में विद्यार्थी एवं उनके पेरेंट्स स्वामी मुक्तरथ जी एवं इनके कुशल योग शिक्षक के निर्देशन में 16 जनवरी से 23 जनवरी के बीच सूर्य नमस्कार के अभ्यास को ऑफलाइन तथा ऑनलाइन करेंगे। इस दौरान 75 करोड़ सूर्य नमस्कार के साथ आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया जाएगा। बताए चलें कि झारखण्ड में सत्यानन्द योग मिशन का लक्ष्य 51,0000 सूर्य नमस्कार रखा गया है। झारखण्ड में क्रीड़ा भारती का आयोजन कराने का प्रभार मिला है, जिसके सह संयोजक स्वामी मुक्तरथ जी को बनाया गया है।

लोहरदगा : सड़क पर शव देख लोगों में सनसनी
Published / 2022-01-13 17:18:41
लोहरदगा : सड़क पर शव देख लोगों में सनसनी

लोहरदगा। सेन्हा थाना क्षेत्र के नन्दगांव फार्म हाउस पथ पर मुख्य गेट से 100 मीटर दूर आम पेड़ के नीचे एक अधेड़ का शव मिला। इसे देख खेत में काम कर रहे लोगों ने सेन्हा थाना पुलिस को सूचना दी। सेन्हा थाना प्रभारी सूरज प्रसाद ने कहा कि दो दिन पहले इचरी टंगरिया गांव शादी समारोह में गया था। शव एक दिन पहले का है। बुधवार को बारिश के बाद पेड़ के नीचे रहा और गुरुवार को खेत में काम करने वाले नजदीक पहुंच कर देखा कि वह मर चुका है। वृद्ध रास्ता भटक गया था और रात होने के कारण घर नहीं जा सका। गुरुवार की शाम में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। मृतक की पहचान सेन्हा थाना क्षेत्र के अलोदी गांव निवासी स्व कोमल उरांव के पुत्र राम नारायण उरांव (51) के रूप में हुआ है। इसके साथ सेन्हा थाना पुलिस अग्रेतर कार्रवाई में जुट गयी है।

ग्रामीण एसपी से मिलीं दहेजमुक्त झारखंड की राष्ट्रीय महासचिव सिंधु मिश्रा
Published / 2022-01-13 14:41:00
ग्रामीण एसपी से मिलीं दहेजमुक्त झारखंड की राष्ट्रीय महासचिव सिंधु मिश्रा

रांची। आज दहेज मुक्त झारखंड संस्था की राष्ट्रीय महासचिव एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग प्रदेश अध्यक्ष महिला सेल श्रीमती सिंधु मिश्रा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण नौशाद आलम से मिलकर उन्हें नव वर्ष, लोहड़ी और मकर संक्रांति की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं उनके कार्यालय पहुंच दीं। इस दौरान उन्होंने दहेज, महिला उत्पीड़न एवं मानव अधिकार जैसे कई मुद्दे पर गहन चर्चा की। साथ ही इसमें उनके सहयोग के लिए कृतज्ञता भी ज्ञापित की। साथ ही इस दौरान नशाबंदी पर भी विशेष चर्चा हुई, जिसमें आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विचार किया गया।

झारखंड की लोकसंस्कृति की झांकी है टुसू पर्व
Published / 2022-01-13 14:36:27
झारखंड की लोकसंस्कृति की झांकी है टुसू पर्व

एबीएन एडिटोरियल डेस्क (राजाराम महतो)। झारखंड में एक कहावत है बारह मासे, तेरह पर्व यानी बारह महीने में तेरह पर्व। टुसू पर्व तेरह पर्वों में अंतिम पर्व माना जाता है। यह आदिवासी-मूलवासी और कृषक समाज का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। अगहन संक्रांति से पूस संक्रांति तक यह पर्व मनाया जाता है। पूस माह में होने के कारण इसे पूस परब एवं कहीं-कहीं मकर संक्रांति तक चलने के कारण मकर परब भी कहते हैं । टुसू को प्रगति तथा ओजस्विता का पर्व माना गया है। यही वह समय है जब प्रकृति के साथ-साथ समस्त जीव-जगत में नयी ऊर्जा का संचार होता है। वैसे तो झारखंड के सभी पर्व-त्योहार प्रकृति से जुड़े हुए हैं, लेकिन सामाजिक एवं सांस्कृतिक ष्टि से टुसू पर्व का अलग महत्व है। टुसू केवल पर्व ही नहीं बल्कि झारखंड के गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर का नाम है। टुसू के साथ कई सामाजिक परम्पराएं जुड़ी हैं। कृषक खेत-खलिहान का कार्य समाप्त करने के बाद इस पर्व को मनाते हैं। यह पर्व पूरे एक महीने तक सिल्ली, अनगड़ा, मुरी, बुंडू, तमाड़ सहित पूरे पंचरगना क्षेत्र, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा के अलावा पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, मिदनापुर व बांकुड़ा जिलों और ओड़िशा के क्योंझर, मयूरभंज, बारीपदा जिलों में मनाया जाता है। नारी सम्मान का पर्व : टुसू नारी सम्मान का पर्व है। यह टुसूमनी नामक युवती के स्वाभिमान साहस व बहादुरी की गाथा से जुड़ा हुआ है। लोककथा के मुताबिक एक गरीब किसान की तीन बेटियां थीं-सरला, भादू और टुसूमनी। इनमें टुसूमनी बहुत ही रूपवती और गुणवती थी। उस समय भारत में मुगलों का शासन था। मुगल सरदार टुसूमनी की खूबसूरती पर फिदा था और उसको जबरन अपनाना चाहता था। टुसूमनी ने अपनी लाज बचाने के लिए स्वर्णरेखा नदी में कूदकर अपनी जान दे दी थी। उस दिन मकर संक्रांति था। जिस स्थल पर यह घटना हुई, उसे सती घाट के नाम से जाना जाता है। यह सती घाट सोनाहातू में है। जनजातीय समाज इस दिन अपनी उसी बेटी टुसूमनी के बलिदान को याद करता है। एक अन्य मान्यता के अनुसार कृषक समाज टुसू के रूप में अन्न की देवी की पूजा करता है। इसी समय फसल को पूर्णता प्राप्त होती है। जिस शक्ति के दान से जनजातीय समाज पूर्णता को प्राप्त करते है उसको टुसू शक्ति कहा जाता है। टुसू गीतों में इसकी व्याख्या मिलती है। टुसू की पूजा अगहन संक्रांति के दिन से शुरू होती है। उस दिन किसान अन्न को खेत से खलियान लाते हैं। इसी अन्न को ग्रहण कर पूरा संसार जीवित रहता है। टुसू कृषकों के घरों में संपन्नता का प्रतीक है। टुसू पर्व की शुरुआत अगहन संक्रांति की रात से होती है। उस रात गांव की कुंवारी कन्याएं टुसूमनी की प्रतिमा स्थापित करती हैं। इसे टुसू थापना कहा जाता है। महीने भर प्रत्येक शाम टुसू पर फूल चढ़ाकर दीपक से आरती की जाती है। टुसू गीत गाये जाते हैं। इन गीतों का विषय प्राय: रामायण, महाभारत की कथा और देवी-देवताओं की मनौती से प्रारंभ होता है। ये गीत जनजातीय समाज की सादगी और मासूमियत को दशार्ते हैं। इनमें टुसूमनी के स्वाभिमान, बहादुरी का जिक्र होता है। मकर संक्रांति के एक सप्ताह पहले टुसू और चौड़ल सजाने का काम होता है। चौड़ल या तो बाजार से खरीदा जाता है या घर में बनाया जाता है। चौड़ल असल में टुसू की पालकी है। चौड़ल की आकृति ताजियानुमा होती है। मकर संक्रांति के एक दिन पहले पुरुषों के बीच मुर्गा लड़ाई की प्रतियोगिता होती है, जिसे बाउड़ी कहा जाता है। मकर संक्रांति के दिन पर्व का समापन टुसू विसर्जन के साथ होता है। विसर्जन के दिन टुसू को पालकी में बिठाकर भ्रमण कराया जाता है। नदी पर ले जाने के दौरान स्थानीय लोग टुसू के पारंपरिक गीत गाते और नाचते हुए चलते हैं। मकर संक्रांति के दिन टुसू पर्व मनाया जाता है। इस दौरान घरों में विशेष पकवान, पीठा, भूजा, मटन-चावल सहित अन्य पकवान बनते हैं। मेला होता है खास : टुसू पर्व के अवसर पर जगह-जगह मेला लगता है। इन मेलों में झारखंड की लोक संस्कृति, समाज और उनके कार्य-व्यापार को देखा जा सकता है। पूरे महीने भर गांवों-कस्बों में लगने वाले मेलों में ग्रामीण अपने परिवार के साथ उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते हैं। टुसू गीतों से आसपास का क्षेत्र गुंजायमान हो जाता है। मेले में कतार की कतार दुकानें, खेल-तमाशे, नौटंकी, झूले, मुर्गा लड़ाई सब कुछ होता है। विभिन्न गांवों से आकर्षक टुसू लाये जाते हैं। चौड़ल की प्रतियोगिताएं होती हैं। पहले मेला के रूप में सतीघाट मेला को जाना जाता था, अब झारखंड में टुसू पर्व पर सैकड़ों मेले लगते हैं। स्वर्णरेखा, कांची और राढू नदी के तट पर ये मेले लगते हैं। कुछ मेले डैम और झरनों के समीप लगते हैं। सती घाट मेला झारखंड का सबसे बड़ा और पुराना टुसू मेला है। टुसूमनी की स्मृति में सोनाहातू के स्वर्णरेखा नदी के सती घाट पर पहली बार 1740 में मेला लगा था। रांगामाटी-सिल्ली मार्ग पर स्थित बरेंदा गांव में इसी स्थान पर टुसू मनी ने बलिदान दिया था। घाट के निकट मां गंगा का मंदिर है। सोनाहातू का श्रीराम टुसू मेला भी प्रसिद्ध है। सिल्ली के कोंचो गांव के स्वर्णरेखा नदी तट पर ऐतिहासिक हरिहर मेला का लगता है। झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों से लोग इस मेले में आते हैं। श्रद्घालु स्वर्णरेखा नदी में स्नान कर मेला परिसर स्थित मंदिरों में देवी, देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं। सिल्ली के नीलगिरि में भी टुसू मेला लगता है। मेला स्थलों पर विभिन्न प्रकार की दुकानें सजती हैं। टुसू प्रदर्शनी, मुर्गा लड़ाई सहित कई तरह के प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होता है। अनगड़ा प्रखंड के हुंडरू फॉल में 15 जनवरी को टुसू मेला लगता है। अनगड़ा के ही जोन्हा फॉल में 15 जनवरी व 15 फरवरी दो दिन टुसू मेला लगाया जाता है। कांची नदी के तट पर रंगरोड़ी धाम अवस्थित है। यहां हर साल टुसू मेला लगता है। झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर मुरहलसूदी पंचायत में है सेंवाती घाटी। प्रत्येक साल 15 जनवरी को यहां टुसू मेला लगता है। सीमा पर होने के कारण दोनों राज्यों से महिला-पुरुषों की काफी भीड़ उमड़ती है। टुसू पर्व पर चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के जयदा में पांच दिनों तक चलने वाला प्रसिद्ध मेला लगता है। इसमें पश्चिम बंगाल, ओड़िशा समेत दूरदराज से लोग आते हैं। स्वर्णरेखा नदी में स्नान कर जयदा स्थित प्राचीन बूढ़ाबाबा शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। इसके अलावा तमाड़ के राजबाड़ी, चांडिल डैम, ईचागढ़ के राम मेला, बुटगोड़ा मेला, नीमडीह के छाता पोखर मेला समेत कई स्थानों पर मेला का आयोजन होता है। कोल्हान के झींकपानी, हाटगम्हरिया, राजनगर, हाता, जैंतगढ़, जगन्नाथपुर, मझगांव, सरायकेला सहित विभिन्न गांवों में टुसू मेला का आयोजन किया जाता है। जो हफ्तों तक चलते रहता है। इस तरह टुसू पर्व हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न होता है। इसके अगले दिन पहला माघ आखाइन जातरा के रूप में मनाया जाता है। जनजातीय किसान आखाइन को नव वर्ष के रूप में मनाते हैं। साल की शुरुआत मानकर इस दिन से ही सारे शुभ कार्य शुरू किये जाते हैं। जनजातीय परंपरा में इस दिन से ही खेत में पहला हल चलाकर खेती की शुरुआत की जाती है, जिसे हालपुनहा कहते हैं।

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Tranding

धनतेरस...
Published / 2026-11-06 12:43:31
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