डुमरी। डुमरी थाना क्षेत्र के उदनी पंचायत में एक नाबालिग छात्रा के साथ छह युवकों ने गैंगरेप किया। 16 वर्षीय पीड़िता 9वीं कक्षा की छात्रा है। जिसके माता पिता तमिलनाडु काम करने गये हैं। कोरोना महामारी में विद्यालय राज्य सरकार द्वारा बंद किये जाने की घोषणा के बाद छात्रा अपने बड़े पिताजी के घर आई थी। पीड़िता के अनुसार सोमवार को वह अपने एक सहेली व एक रिश्तेदार के साथ लातेहार जिला स्थित सुगा बांध घूमने गई थी। रिश्तेदार युवक ने शाम को छात्रा को उसके बड़े पिता के घर पर पहुंचाकर वापस अपने घर चंदावल लौट गया था। फिर कुछ देर के बाद छात्रा के मोबाईल पर एक नए नंबर से फोन आया। जिससे छात्रा को घर पहुंचाने वाले युवक के माध्यम से फोन कर कहा गया कि मेरी बाइक खराब हो गयी है तुम यहां आओ। इस पर मैं उसके पास जंगल के किनारे अपने रिश्तेदार से मिलने गई तो पता चला कि गांव के ही छह सात युवक मेरे रिश्तेदार को मारपीट कर फोन करवा कर मुझे बुलावाये हैं। मेरे पहुंचने के बाद गांव के युवक मिलकर मेरे साथी को मारपीट कर भगा दिए और मेरे साथ जबरदस्ती कर बारी-बारी से दुष्कर्म करने लगे। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। आगे पीड़िता ने कहा की वह डर से घर में किसी को नहीं बताई फिर बाद में अपने साथी के माध्यम से बुधवार को सुबह डुमरी थाना को इसकी सूचना दिलवाई गई। वहीं सूचना पर एसडीपीओ सिरिल मरांडी के नेतृत्व में डुमरी पुलिस मौके पर पहुंच पीड़िता का बयान लेकर छह आरोपियों में से पांच को गिरफ्तार कर थाने ले आई है। इस संबंध में एसडीपीओ ने कहा नाबालिक के साथ दुष्कर्म का मामला है। जिसपर मामले की गहन जांच की जा रही है जो भी दोषी होंगे उन्हें बक्शा नहीं जायेगा।
गुमला। जारी थाना पुलिस ने हथियार के साथ दस अपराधियों को गिरफ्तार किया है। अपराधियों के पास से चार हथियार मिलने की सूचना है। हालांकि पुलिस अभी और अपराधियों के धर पकड़ के लिए तेजी से छापामारी अभियान चला रही है। गिरफ्तार अपराधियों में कई माओवादी समर्थक भी हैं। कहा जा रहा है कि गुप्त सुचना पर जारी पुलिस द्वारा विशेष छापामारी अभियान चलाया गया। जिसमें पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो पूरे मामले का खुलासा प्रेस कान्फ्रेंस कर किया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों का मानना है कि एक जनप्रतिनिधि को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं पुलिस इस मामले में फिलहाल कुछ बताने से इंकार कर रही है। ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले विशुनपुर प्रखंड में माओवादियों के द्वारा बाक्साईट माइंस में 27 वाहनों को फूंक दिया था। वहीं कुरूमगढ़ थाना के नव निर्मित भवन को उड़ा दिया था। इसके बाद से लगातार गुमला पुलिस माओवादियों के खिलाफ सर्च अभियान चला रही है। दस लोगों की गिरफ्तारी से पुलिस कई मामलों का उद्भेदन करेगी। ऐसी आशंका लोग जता रहे हैं।
टीम एबीएन, लोहरदगा। आज नॉवेल्टी होटल के स्व काजल दत्ता/स्व अनिता दत्ता सभागार में भाजपा पिछड़ा जाति मोर्चा के जिला कार्यसमिति के बैठक में मुख्य अतिथि लोहरदगा जिला सांसद सुदर्शन भगत, विशिष्ट अतिथि मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री सह प्रदेश प्रभारी देव नारायण प्रजापति, प्रदेश महामंत्री शिव शंकर साहू, प्रमंडलीय प्रभारी योगेश डांगी, पूर्व विधायक मांडर विधानसभा श्रीमति गंगोत्री कुजूर, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सह गढ़वा प्रभारी अजय पंकज, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सह लोहरदगा प्रभारी संजय चौरसिया, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ओमप्रकाश सिंह, सांसद प्रतिनिधि चंद्रशेखर अग्रवाल, जिला प्रभारी हर्षनाथ महतो, भाजपा जिला अध्यक्ष मनीर उरांव, जिला महामंत्री बालकृष्णा सिंह, उपाध्यक्ष नवीन कुमार टिंकू, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष संजय कुमार चौधरी, महामंत्री रितेश कुमार एवम दुबराज वर्मा, उपाध्यक्ष राजेश कुमार, नगर अध्यक्ष रवि वर्मा,नगर उपाध्यक्ष रिंकू वर्मा, मीडिया प्रभारी दीपक सर्राफ व पंकज साहू, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा राजकिशोर महतो, आमंत्रित सदस्य संजय वर्म्मन, अशोक खत्री जी समेत लोहरदगा जिला प्रखंडो के परखण्ड अध्यक्ष, महामंत्री व अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी व स्व श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के तस्वीर में पुष्पांजलि कर व दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, ततपश्चात आगत मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों को अंग वस्त्र प्रदान कर एवम पुष्पगुच्छ द्वारा स्वागत किया गया। संबोधन करते हुए मुख्य अतिथि लोहरदगा सांसद सुदर्शन भगत ने कहा कि आदरणीय यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी का नेक सोंच का परिणाम है कि ओ बी सी मोर्चा का गठन भाजपा के नई इकाई यानि सातवीं मोर्चा के रूप में किया गया। इसके द्वारा सम्पूर्ण भारत वर्ष के पिछड़ी जाति से सम्बंध रखने वाली नागरिकों को सम्मान देने का काम किया गया है। आज पिछड़ी जाति जिस करवट बैठ जाए तो सरकार भी उसी ओर रुख ले लेगी। भारतीय जनता पार्टी ओ बी सी मोर्चा बहुत मजबूती व सशक्त होकर काम को फलीभूत करते रहे यही कामना है। मोदी जी द्वारा अपने कैबिनेट में भी हर वर्ग के लोगों को जगह दिया गया है। किसी भी वर्ग का अनदेखी न हो ऐसी बृहत सोंच हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी का सोंच है। विशिष्ट अतिथि श्री देव् नारायण प्रजापति जी ने कहा कि पूरे भारत वर्ष में पिछड़ी जातियों की संख्या 52% है, परन्तु आरक्षण के मामले में हमलोग आज भी बहुत पीछे हैं, झारखंड केवल 13% आरक्षण है, जबकि हमलोगों का मांग कम से कम 27% की है, जिसके लिये पूरे दमखम से लगे हुए हैं। परंतु झारखण्ड की यह निकम्मी सरकार केवल वादों के सब्जबाग दिखा रही है, यह सरकार केवल वादों वाली सरकार है, धरातल में काम कर सके, यह उम्मीद करना और बीरबल की खिचड़ी पकाना एक बराबर है, न खिचड़ी पकेगी और न खाने को मिलेगी। जबकि प्रदेश महामंत्री शिव शंकर साहू ने कार्यकतार्ओं में जोश भरते हुए कहा कि झारखण्ड में हेमन्त सोरेन की निकम्मी सरकार वादों के सब्जबाग दिखाने का काम कर रही है, इसके खिलाफ मोर्चा खोलने का समय आ गया है और इसका पूर्ण विरोध सख्ती के साथ ओ बी सी मोर्चा करेगी और 27% आरक्षण लागू करने पर मजबूर कर देंगे। प्रमंडलीय प्रभारी योगेश डांगी जी ने कहा कि झारखण्ड में फिर से भाजपा सरकार को लाने हेतु पिछड़ी जाति मोर्चा को बहुत ही गम्भीरता के साथ काम करना होगा, आगामी चुनाव में राज्य व केंद्र सरकार फिर से भाजपा का हो इसके लिये सभी को मिलकर मेहनत करना है। कार्यसमिति का मंच संचालन जिला महामंत्री रितेश कुमार व दुबराज वर्मा द्वारा किया गया।
टीम एबीएन, पलामू। सतबरवा थाना के समीप कोविड-19 के 573 लोगों के जांच में सभी रिपोर्ट नेगेटिव पाया गया है। 10 जनवरी 2022 से 18 जनवरी तक के बीच में करीब एक सप्ताह तक सतबरवा थाना पुलिस के सहयोग से थाना के लगे बैरियर के पास कोविड-19 का जांच चल रहा है। एंटीजन टेस्ट के द्वारा किए जा रहे जांच टीम में शामिल स्वास्थ्य सहिया सुषमा देवी और प्रतिमा देवी ने बताया कि अभी तक 573 लोगों का एंटीजन टेस्ट के जरिए जांच किया गया जिसमें सभी लोग नेगेटिव पाए गए हैं।18 जनवरी को समाचार लिखे जाने तक 17 लोगों का एंटीजन टेस्ट के जरिए जांच किया जा चुका है। जिसमें सभी लोगों का जांच रिपोर्ट नेगेटिव पाया गया है। सहिया साथी सुनीता सिंह ने बताया कि एंटीजन टेस्ट में नाक से स्वाब लिया जाता है और किट से जांच होता है। इस दौरान तुरंत जांच का रिपोर्ट पता चल जाता है।
टीम एबीएन, जमशेदपुर। जोजोबेड़ा कृष्णानगर निवासी अभिषेक कुमार की मौत को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। बुधवार दिन में 11 बजे टीएमएच के चिकित्सक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर कृष्णा कामत व अखिलेश कामत के साथ लोगों का हुजूम बिष्टुपुर थाना पहुंचा और वहां धरना दे दिया। इन लोगों ने थाना प्रभारी के समक्ष टीएमएच में मृतक अभिषेक की इलाज में लापरवाही को लेकर कई तर्क दिया और चिकित्सा संबंधी कागजात दी गई। इससे पूर्व इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर मंगलवार को टीएमएच में हंगामा करने के साथ इमरजेंसी में तोड़फोड़ किया गया था। जबकि बिष्टुपुर थाने में लिखित शिकायत देकर डॉक्टर एवं अस्पताल के पदाधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल, पुलिस अभिषेक कुमार की मौत को लेकर लापरवाही के आरोप की जांच करेगी। इधर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की गयी है। लेकिन लोग पहले कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अखिलेश कामत ने बताया कि एक्सीडेंट के बाद टीएमएच में इलाज व ऑपरेशन हुआ था। बगैर ठीक हुए छुट्टी दे दी गई। स्थिति बिगड़ने पर मंगलवार को जब टीएमएच लाए तो भर्ती नहीं लिया गया। इससे उचित इलाज के अभाव में अभिषेक की मौत हो गई है। अखिलेश कामत का आरोप है कि मरीज के स्वस्थ नहीं होने पर भी डिस्चार्ज करना गलत था। फिर इलाज के नाम पर खानापूर्ति कर घर भेज दिया गया। अस्पताल के डॉक्टर एवं पदाधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
एबीएन डेस्क। झारखंड में दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के हाइडल प्रोजेक्ट ने इस वर्ष 442. 27 मिलियन यूनिट का रिकार्ड उत्पादन किया है। डीवीसी के तकनीकी सदस्य एम रघु राम ने आज कहा कि परियोजना में रिकार्ड उत्पादन से डीवीसी की आर्थिक स्थिति उन्नत्ति होगी और देश को भी मजबूती प्रदान करने में काफी सहयोग मिलेगा। उन्होंने आशा जताई कि निगम भविष्य में भी इस तरह का विद्युत उत्पादन का रिकॉर्ड उत्पादन स्थापित करने में कामयाब होंगे। अधिकारी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 1999 -2000 के 442. 26 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन के रिकार्ड को भी तोड़ डाला है।
एबीएन डेस्क। झारखंड में कोरोना संक्रमण की रफ्तार पहले थोड़ी कम हुई है, लेकिन अभी भी हजारों में नए संक्रमित मिल रहे हैं। राज्य में मंगलवार को 2514 नए मरीज मिले हैं। वहीं मंगलवार को झारखंड में कोरोना से 4 संक्रमितों की मौत हुई है। इसके साथ ही झारखंड में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 5213 हो गई है। फिलहाल, राज्य में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 28,586 है। मंगलवार को राज्य में 3898 मरीज कोरोना से ठीक हुए हैं। मंगलवार को झारखंड में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज रांची जिले में मिले हैं। रांची में कुल 829 मरीज मिले हैं, जबकि पूर्वी सिंहभूम में 542 नए मरीज मिले हैं। वहीं जिन 4 मरीजों की मौत कोरोना से हुई है उनमें से 3 की पूर्वी सिंहभूम में मौत हुई है, जबकि 1 मौत रामगढ़ में हुई है।
टीम एबीएन, जमशेदपुर। जमशेदपुर के जोजोबेड़ा के अभिषेक कुमार की मंगलवार को मौत के बाद टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में लोगों ने तोड़फोड़ कर दी। परिजन अभिषेक को इलाज के लिए टीएमएच लेकर पहुंचे थे, लेकिन उसे भर्ती नहीं लिया गया। इलाज नहीं होने के कारण युवक की मौत हो गई, इसपर लोग भड़क गए और तोड़फोड़ की। गोविंदपुर थाना क्षेत्र के कृष्णानगर जोजोबेड़ा निवासी 18 वर्षीय अभिषेक कुमार को इलाज के लिए लेकर टीएमएच पहुंचे थे। सड़क हादसे में घायल अभिषेक को भर्ती नहीं लिए जाने से मौत होने पर लोगों ने इमरजेंसी वार्ड का शीशा तोड़ दिया। थोड़ी देर में हंगामा करने वाले वहां से भाग गए।
टीम एबीएन, रांची। टेरर फंडिंग मामले में आधुनिक पावर कंपनी के एमडी महेश अग्रवाल, वीकेवी कंपनी के ट्रांसपोटर्स अमित अग्रवाल उर्फ सोनू अग्रवाल एवं विनीत अग्रवाल को झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ ने इनकी ओर से दाखिल क्वैसिंग याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अर्थात् तीनों को आगे भी मुकदमा का सामना करना पड़ेगा। याचिका 4 फरवरी 2020 को दाखिल की गई थी। पूर्व में बहस पूरी होने के बाद खंडपीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अग्रवाल बंधुओं की ओर से एनआइए कोर्ट द्वारा इनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर लिए गए संज्ञान के खिलाफ हाईकोर्ट में क्वैसिंग याचिका दाखिल की गई थी। तीनों पर उग्रवादी संगठन को फंडिंग देने का आरोप है। एनआइए ने तीनों के खिलाफ जांच पूरी करते हुए 15 जनवरी 2020 को पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। जिस पर विशेष अदालत ने संज्ञान लिया था। अब इनके पास सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करने का विकल्प है। गौरतलब है कि सीसीएल, पुलिस, उग्रवादी और शांति समिति के बीच समन्वय बैठाने की आड़ में मोटी रकम लेवी के रूप में वसूली जाती थी। एनआइए ने टंडवा थाने में दर्ज प्राथमिकी (कांड संख्या 2/2016) को टेक ओवर करते हुए कांड संख्या 3/2018 दर्ज किया है। क्या है मामला : एनआइए की जांच में तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) को फंड देने कि पुष्टि हुई है। टीपीसी को लेवी देने के लिए ही ऊंची दर पर मगध और आम्रपाली प्रोजेक्ट से कोयला ढुलाई का ठेका लिया जाता था। ऊंची दर पर ली गई राशि का अधिकतर हिस्सा टीपीसी को जाता था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला बहस के दौरान सुदेश केडिया के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया। कहा गया कि इनके खिलाफ प्रथम दृष्टया का कोई मामला नहीं बनता है। इसको देखते हुए एनआइए कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान को खारिज करते हुए उन्हें राहत दी जानी चाहिए। इनलोगों का नाम पूरक चार्जशीट में शामिल किया गया था।
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