टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार के कृषि पशुपालन व सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने किसी कार्यक्रम में गढ़वा जाने के क्रम में चंदवा के विश्रामगृह में रुकने पर चंदवा के कांग्रेस नेताओं ने क्षेत्र की समस्याओं का उल्लेख किया। प्रमुख समस्याओं में लातेहार जिला के सात लाख किसानों की जमीन का रसीद ऑनलाइन नहीं होने के सम्बंध में कहा कि आज से लगभग तीन वर्षों से लातेहार में चल रहा दफा 87 का शिविर रघुवर सरकार ने स्थगित कर दिया। दफा 87 कैम्प में फैसला के बाद ख़तियानों में सुधार किया जाता था और किसानों का रसीद ऑनलाइन किया जाता था, जो बन्द है। चंदवा अस्पताल की महिला चिकित्सक डॉ नीलिमा कुमारी के अपहरण के सम्बंध में कहा गया कि अपहरणकर्ता को गिरफ्तार किया गया, लेकिन अपहरण करानेवाला बीपीएम विशाल मिश्रा स्वछंद घूम रहा है। उसके क्रियाकलापों से पता चलता है कि पुनः किसी साजिश रचने में तल्लीन है। बीपीएम को बरखास्त करने के लिये पहल करने की कृपा करें। फिर चंदवा स्थित कृषि फार्म को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए भी मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया गया। मौके पर रामयश पाठक, मुकेश कुमार सिंह, निर्मल भारती, बाबर खान, बीरेंद्र लोहरा, धनन्जय चौधरी समेत कई लोग उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। वित्तीय वर्ष 2021-22 के समाप्त होने में दो महीने से भी कम समय बचे हैं। ऐसे में राज्य सरकार का हर विभाग विकास योजना मद की अधिक से अधिक राशि खर्च करने में जुटी है। लेकिन जटिल प्रक्रिया के आगे विभाग बेबस है। ऐसे में इस वित्तीय वर्ष में हरेक विभाग 50 फीसदी भी राशि खर्च कर ले तो बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। झारखंड में विकास योजना का पैसा कोई भी विभाग खर्च नहीं कर पाया है। हालत ऐसा है कि कई ऐसे विभाग हैं जहां विकास योजना मद की राशि की आधी फीसदी रकम भी खर्च नहीं की गयी है। झारखंड सरकार विकास योजना मद की राशि खर्च ना कर पाने पर विपक्ष के निशाने पर है। विकास योजनाओं की राशि खर्च करने में झारखंड सरकार के कई विभाग सुस्त हैं। आलम यह है कि इस वित्तीय वर्ष 2021-22 के समापन में अब दो महीने भी नहीं बचे हैं। इसके बावजूद बजटीय प्रावधान के अनुरूप आवंटित राशि को खर्च विभाग द्वारा नहीं की जा रही है। जानकारी के मुताबिक सरकार के कई विभाग 50 फीसदी का भी आंकड़ा पार नहीं कर सका है। आंकड़ों के मुताबिक विकास योजनाओं पर 31 दिसंबर 21 तक सिर्फ 20,396.70 करोड़ रुपये ही खर्च किए जा सके हैं। यह विकास योजनाओं पर खर्च के लिए निर्धारित लक्ष्य का करीब 37 फीसदी है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में विकास योजनाओं पर 56,433.86 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। विभागीय आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो सरकार के अधिकांश विभाग योजना मद की राशि के मुकाबले खर्च करने में काफी पीछे है। कृषि विभाग की योजना मद राशि 3248.45 करोड़ में से 21218.79 करोड़ खर्च कर पाई है। इसी तरह ग्रामीण विकास विभाग के 7672.77 करोड़ योजना मद की राशि में से 2601.42 करोड़ खर्च हुए हैं। योजना मद राशि की तूलना में खर्च करने में सर्वाधिक परिवहन विभाग 64.64%, उच्च शिक्षा 60.80%, ऊर्जा विभाग 43.82%, स्वास्थ्य विभाग 36.25%, जल संसाधन विभाग 47.19% रहा है। श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने अपने विभाग द्वारा किए जा रहे खर्च पर संतोष जताते हुए कहा है कि अन्य विभाग में भले ही राशि सरेंडर करें। लेकिन श्रम विभाग में 31 मार्च तक विभाग द्वारा आवंटित राशि पूरी तरह खर्च हो जाएगी। उन्होंने कहा कि 31 जनवरी तक करीब 65 फीसदी राशि श्रमिकों के कल्याण पर खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग में सीमित संसाधन के बावजूद श्रमिकों के कल्याण के लिए बेहतर काम हुआ है।
टीम एबीएन, रांची। पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप खूंटी पुलिस की गोली ने 9वीं बार बच निकला। पश्चिमी सिंहभूम जिला के गुदड़ी थाना क्षेत्र में अहले सुबह पुलिस और पीएलएफआई में मुठभेड़ हुई। नक्सली दिनेश गोप के दस्ते के साथ पुलिस का सामना हुआ। यह मुठभेड़ सिदमा-टेमना पहाड़ी क्षेत्र के जंगलों उस समय हुआ जब खूंटी एसपी आशुतोष शेखर को मिली गुप्त सूचना पर गठित टीम जंगलों में अभियान चलाया गया। पुलिस के द्वारा नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे इस सर्च आॅपरेशन के दौरान यह मुठभेड़ हुई। सर्च अभियान के दौरान नक्सलियों का एके 47 के 44 कारतूस, मैगजीन और कई समान बरामद हुआ है। खूंटी एसपी आशुतोष शेखर ने एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप अपने दस्ता के सदस्यों के साथ सिदमा जंगल मे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है। इस सूचना पर तत्काल एक टीम का गठन किया गया और रनिया और गुदड़ी थाना के सीमावर्ती जंगलों के लिए निकल पड़ी। सीआरपीएफ 94, खूंटी और चाईबासा पुलिस के जवान जैसे ही सिदमा जंगल पहुंचे तो नक्सलियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की लेकिन घने जंगलों के फायदा उठाकर पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप अपने नक्सली दस्ता के साथ भागने में कामयाब रहा। उन्होंने बताया कि जंगलों सर्च अभियान के अलावा नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है। एसपी ने बताया कि सर्च आॅपरेशन में जंगलों ने भारी मात्रा के एके 47 के कारतूस, मैगजीन समेत कई दैनिक उपयोगी सामान बरामद किया गया है। एक एके 47 राइफल का मैगजीन, 44 पीस एके 47 का कारतूस, 2 स्मार्ट फोन, 2 छोटा मोबाइल फोन, 1 वॉकी टॉकी, 1 मोबाइल चार्जर, 5 पिट्ठू बैग, 1 पिट्ठू पाउच, भारी संख्या में पीएलएफआई का पर्चा, पीएलएफआई का चंदा रसीद के अलावा चटाई, कंबल और दैनिक उपभोग के अन्य ढेर सारी चीजें और दवाइयां बरामद किया गया है। नक्सलियों के खिलाफ निकले अभियान में सीआरपीएफ 94 बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी पीआर मिश्रा, द्वितीय कमान अधिकारी, एसपी अभियान रमेश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक अभियान, तोरपा डीएसपी ओम प्रकाश तिवारी, खूंटी जिला पुलिस के पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल के अलावा चाईबासा जिला पुलिस के पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल और सीआरपीएफ 94 बटालियन के सशस्त्र बल शामिल रहे।
कोडरमा। सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) और आईआईटी मद्रास के सहयोग से आई आर ए डी (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस) मोबाइल ऐप और वेब एप्लीकेशन तैयार किया गया है। आज एलआईसी कोडरमा सभागार में जिला परिवहन पदाधिकारी भागीरथ प्रसाद एवं जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी श्री सुभाष यादव के नेतृत्व में जिले के.सभी थाना प्रभारियों को आईआरएडी एप्प का प्रशिक्षण दिया गया। इस ऐप के माध्यम से सड़क दुर्घटना से संबंधित डाटा अपलोड करने की पूरी जानकारी दी गई। आई आर ए डी ऐप के माध्यम से दुर्घटना स्थल से ही आॅन स्पॉट इंट्री की जा सके। मौके पर ही एक्सीडेंट का फोटो लेकर, इसे जुड़े तथ्य, व्यक्तियों व वाहन आदि की जानकारी दी जा सकती है।
टीम एबीएन, निरसा (धनबाद)। 1 फरवरी को निरसा थाना क्षेत्र के गोपीनाथपुर ओपन कास्ट प्रोजेक्ट में अवैध उत्खनन के दौरान चाल धंसने से दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी। इसी मामले को लेकर गुरुवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। उन्होंने सीधे तौर पर इस घटना के लिए कोलियरी प्रबंधन समेत झारखंड सरकार के हेमंत सोरेन को दोषी माना और पुलिस प्रशासन तथा यहां के मैनेजमेंट पर कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने सरकार से मांग की कि झारखंड में हो रहे कोयला तस्करी की जांच सीबीआई से होनी चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि अगर सरकार के द्वारा कोयला तस्करों और यहां के मैनेजमेंट पर कार्रवाई होती है तो ठीक है नहीं तो यह समझा जायेगा कि हेमंत सोरेन सरकार के द्वारा कोयला तस्करी कराया जा रहा है। साथ ही उन्होंने धनबाद एसएसपी पर भी निशाना साधा और कहा कि यहां पर सभी लोग प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक कोयला माफिया के साथ मिलकर सिंडिकेट बनाकर कोयले का अवैध व्यापार कर रहे हैं और धनबाद के उपायुक्त कहते हैं कि कोयला चुनने में लोगों की जान गई है। झारखंड में खनिज संपदा की लूट मची हुई है और राज्य सरकार मौन है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में झारखंड राज्य एक खनिज संपदाहीन राज्य बन जाएगा, और यहां के लोगों को यहां से पलायन करना पड़ेगा।
कोडरमा। मुनि श्री108 प्रणव सागर जी मुनिराज का हजारीबाग जैन मंदिर से भव्य मंगल विहार 1 फरवरी को हुआ और मुनि श्री का श्री दिगंबर जैन मंदिर कोडरमा में भव्य मंगल प्रवेश हुआ, जहाँ समाज के लोग शहर के मुख्य द्वार पर आगवानी समाज के अनेक भक्तों के साथ बच्चों के द्वारा नवीन जैन पांड्या के निर्देशन में अपना बेंड के द्वारा किया सकल जैन समाज ने भव्य मंगल आगवानी करते हुए बैन्ड बाजों के साथ शोभायात्रा में गुरु के जयकारों के साथ भव्य मंगल प्रवेश कराया। मंत्री ललित जैन सेठी ने बताया कि गुरूवर का यहां कुछ दिनों तक प्रवास रहेगा निवर्तमान पार्षद पिंकी जैन ने कहा कि झुमरी तिलैया धर्म नगरी है और यहां पर संतों के चरण हमेशा पढ़ते रहते हैं प्रतिदिन गुरु के अमृत प्रवचन से जिले में सुख शांति और धर्ममय वातावरण होगा। कार्यक्रम में चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, हजारीबाग से आये भक्तों ने द्वारा करने के बाद मुनि श्री ने भव्य मंगल उद्बोधन दिया। उक्त समय जैन युवक समिति के अध्यक्ष राजीव जैन छाबड़ा ओर सक्रिय सदस्य अमित जैन सेठी पाद प्रक्षालन करने का सोभाग्य प्राप्त किया। कार्यक्रम में हजारीबाग के मीडिया प्रभारी विजय जैन, महिला समाज की अध्यक्ष प्रेमा टोंग्या के साथ कई भक्त पधारे कोडरमा समाज के उपाध्यक्ष कमल सेठी, सुरेंद्र काला, जैन युवक समिति के मंत्री सुमित जैन सेठी सहित काफी संख्या में पुरूष और महिलाओं ने कार्यक्रम में शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ायी। कार्यक्रम में कुशल मंच संचालन स्थानीय पंडित अभिषेक शास्त्री ने किया। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा और नवीन जैन ने दी।
कोडरमा। जिला प्रशासन कोडरमा द्वारा जिले के कोडरमा प्रखंड अंतर्गत कोलगरमा पंचायत के बंदौता-फुलवरिया,जरगा पंचायत के कांटाझारी, डोमचांच प्रखंड के बगरीडीह पंचायत के हरिहरपुर और धरगांव पंचायत के लक्ष्मीपुर गांव को स्वावलंबी गांव के रूप में विकसित करने के लिए चिन्हित किया गया है। इसी कड़ी में उपायुक्त कोडरमा आदित्य रंजन एवं हजारीबाग की टीम के द्वारा बनौता फुलवरिया व हरिहरपुर गांव में जाकर ग्रामीणों के बीच स्वावलंबी गांव बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया। टीम के पर्यावरण विश्लेषक सह शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद, शंकर कुमार, मनोज कुमार द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक किया गया। उपायुक्त श्री आदित्य रंजन ने स्वावलंबी गांव बनाने के लिए लोगों के बीच जाकर उनके बेहतर और समृद्ध गांव कैसे बनाएं इसके बारे में जानकारी देते हुए लोगों को बताया कि आप अपने गांव का विकास कैसे करें। उन्होंने कहा कि गांव में कूड़ा कचरा यत्र तत्र ना फैलाएं, इसके लिए डस्टबिन जगह जगह पर लगाएं और अपने गांव के मुख्य चौक चौराहों के साथ-साथ पूरे गांव की साफ सफाई रखें। गांव के विकास के लिए सभी तत्परता के साथ एकजुट रहें। आप अपने गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित करें। जल संरक्षण, प्रकृति संरक्षण की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए गांव का विकास जरूरी है। उन्होंने कहा कि आपके द्वारा रात्रि चौपाल के माध्यम से बैठक कर अपने गांव के विकास के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय है। गांव के धार्मिक स्थलों के साथ-साथ मुख्य स्थलों को भी रंग रोगन के माध्यम से एवं नियमित साफ सफाई करके गांव के उत्थान के लिए प्रयास करें। आप अपने गांव को खुशहाल एवं समृद्ध गांव बना सकते हैं। जिसमें आपका प्रयास अपेक्षित है। इसके लिए जिला प्रशासन हर संभव मदद करने के लिए प्रयासरत रहेगा। पर्यावरण विश्लेषक सह शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद ने ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण कविता के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। कविता के रचयिता वे खुद हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को संरक्षित रखना है, तो पेड़ों के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार हर साल मनाएं ताकि आने वाली पीढ़ी इस त्यौहार से प्रेरित हो सकें। शिक्षक मनोज कुमार ने बताया कि लगाए गए पौधे को जीवित रखने के साथ-साथ उनका संरक्षण वर्षों तक करें। इसके लिए पौधे लगाते समय सही गड्ढा करें। उन्होंने कहा कि पेड़ों की प्रजाति की पहचान होनी चाहिए। साथ में एक घड़ा सभी पौधों के पास रखें जिससे पानी की समुचित व्यवस्था रह सके। शिक्षक शंकर जी ने बताया कि सभी प्राणी प्राकृति पर निर्भर है, इसलिए प्रकृति का संरक्षण बहुत जरूरी है। मनुष्य को अपने बारे में ना सोचते हुए प्रकृति के साथ-साथ अन्य जीव जंतु के बारे में भी सोचना चाहिए और उनका संरक्षण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जिला प्रशासन के प्रयास से गांव वाले आत्म निर्भर बनकर गांव की तस्वीर बदलने में पहल कर रहे हैं। इसमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी बढ़-चढ़कर अपना सहयोग दे रही है। गांव वाले श्रमदान कर गांव को जाने वाली सड़कों के किनारे झाड़ियों को साफ करने के साथ साथ विशेष रूप से स्वच्छता अभियान चला रहे हैं। घरों का नाली का पानी सड़क या गली मुहल्ले में ना गिरे, इसके लिए सोकपीट का निर्माण स्वयं कर रहे हैं। ग्रामीण श्रमदान करके गांव को स्वावलंबी गांव के रूप में विकसित करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी श्री मनीष कुमार, प्रशिक्षु उप समाहर्ता सारांश जैन, अनुज कुमार व अन्य मोजूद थे।
टीम एबीएन, गुमला। उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा ने उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी को साथ लेकर आज बिशुनपुर प्रखंड के सेरका एवं चिरोडीह पंचायतों में विशेष केंद्रीय सहायता मद से संचालित सौर्य आधारित माइक्रोलिफ्ट सिंचाई योजना की गुणवत्ता, कार्यशीलता तथा उपयोगिता की जांच कर आवश्यक दिशा- निर्देश दिए। उपायुक्त ने सेरका पंचायत स्थित कुल्हवार नदी पर संचालित सौर आधारित माइक्रोलिफ्ट सिंचाई योजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में योजनांतर्गत कार्य संतोषजनक पाया गया। कार्यस्थल पर 02 सौर आधारित लाईट भी क्रियाशील पाए गए। उपायुक्त ने योजना का अधिकाधिक लाभ वहां के किसानों को दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने इस योजना से आसपास के खेती युक्त भूमि को भी हरा-भरा बनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही उपायुक्त ने ग्रामीणों से वातार्लाप कर लोगों के सामूहिक समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। जिसपर ग्रामीणों द्वारा विद्युत आपूर्ति की आवश्यकता बताई गई। उपायुक्त ने सेरका पंचायत के ग्रामों में 15 वीं वित्त आयोग मद अंतर्गत विद्युत सुविधा बहाल करने का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने चिरोडीह पंचायत स्थित देवगानी ग्राम में कोयल नदी पर विशेष केंद्रीय सहायता मद अंतर्गत संचालित सौर आधारित माईक्रोलिफ्ट सिंचाई योजना का निरीक्षण किया। इंटेक वेल के जांच के क्रम में इंटेक वेल के निर्माण कार्य की गुणवत्ता असंतोषजनक पाई गई। इसपर उपायुक्त ने इंटेक वेल के पारापेट को ऊंचा करने के साथ-साथ कार्य में सुधार लाने का निर्देश कनीय अभियंता को दिया। इसके साथ ही उन्होंने इंटेक वेल को अच्छे से ढंकने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा सहित उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी, अंचल अधिकारी बिशुनपुर धनंजय पाठक, जिला योजना पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विभूति कुमार सिंह, जिला अभियंता जिला परिषद तारणी प्रसाद मुखिया, सहायक अभियंता जिला परिषद ए रहमान सहित, कनीय अभियंता, सेरका पंचायत के मुखिया व अन्य मौजूद थे।
बेरमो/ललपनिया। गुरुवार को मुरुबन्दा स्थित आवास में गोमिया क्षेत्र के लोकप्रिय पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद से हजारी पंचायत के खुदगड्डा गांव के युवाओं ने मुलाकात की। इस दौरान युवाओं ने पूर्व विधायक के समक्ष अपनी पीड़ा से अवगत कराया। और उन्हें बताया कि खुदगड्डा में ओएनजीसी गैस उत्सर्जन से संबंधित अपने कार्य में स्थानीय शिक्षित युवाओं की अनदेखी कर बाहर के लोगों से काम करवा रही है। जबकि हम लोग यहां के रैयत हैं और अपनी जमीन ओएनजीसी को दिया है। हम सभी पढ़े लिखे हैं लेकिन हमें रोजगार नहीं दिया जा रहा है। इससे हमलोग आहत और आक्रोश भी है। युवाओं ने पूर्व विधायक से इस दिशा में शीघ्र पहल करते हुए ओएनजीसी प्रबंधन से बात कर रोजगार दिलाने का आग्रह किया है। युवाओं के पीड़ा सुनने बाद पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद ने मिलने आए सभी युवाओं को भरोसा दिया है कि ओएनजीसी की मनमानी अब नहीं चलने देंगें। स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देना ही होगा और हक भी बनता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे इस दिशा में सार्थक प्रयास करेंगे।
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