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झारखंड

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सेवा भारती की सेवा सारथी कार्यशाला का उद्घाटन
Published / 2026-03-07 21:48:58
सेवा भारती की सेवा सारथी कार्यशाला का उद्घाटन

टीम एबीएन, रांची। सेवा भारती, झारखंड के तत्वावधान में तीन दिवसीय प्रांतीय सेवा सारथी कार्यशाला रांची के जोन्हा स्थित सेवा धाम में प्रारंभ हुआ। उक्त कार्यशाला का उद्घाटन नाबार्ड के पूर्व एजीएम विजय चौधरी, बैंक आफ इंडिया के पूर्व प्रबंधक उत्तम कुमार चेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विजय चौधरी ने कहा की सेवा भारती के द्वारा संचालित सेवा कार्यों से विशेष कर महिला सशक्तिकरण हुआ है। महिलाएं छोटे-छोटे स्वरोजगार कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी हुई हैं। साथी ही सेवा भारती के संस्कार और प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं सामाजिक कार्यों में भी योगदान दे रही हैं। मौके पर बैंक आॅफ इंडिया के पूर्व प्रबंधक उत्तम कुमार चेल ने कहा कि महिला जागृति में स्वयं सहायता समूह की बड़ी भूमिका है। समूह से जुड़कर महिलाएं संगठित और जागरूक हो रही है। उद्घाटन के उपरांत कार्यशाला  में चार गटों में अलग-अलग बैठके हुई जहां सेवा सारथी की भूमिका और समाज में प्रभाव विषय पर चर्चा हुई। तदुपरांत राष्ट्रीय सेवा भारती के वैभवश्री आयाम के सदस्य विनोद मोहने ने वैभवश्री एवं समाज में चलने वाले अन्य स्वयं सहायता समूह में अंतर बताते हुए कहा कि सेवा भारती की वैभवश्री महिला समूह लेने वाला नहीं  बल्कि देनेवाला का भाव को उजागर करती है। वैभवश्री केवल अर्थिक लेन-देन ही नहीं अपितु महिलाओं को सामाजिक गतिविधियों में सहभागी बनाती है। इस तीन दिवसीय कार्यशाला में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सेवा भारती के मंत्री डॉ राम कुमार, न्यासी गुरुशरण प्रसाद, प्रो एस पी सिन्हा, लक्ष्मण पात्रा आदि का मार्गदर्शन मिल रहा है। कार्यशाला में विभिन्न जिलों से सेवा सारथी कार्यकर्ताओं की सहभागिता है।

झारखंड : राज्यसभा की दोनों सीटों पर झामुमो का दावा
Published / 2026-03-07 20:04:17
झारखंड : राज्यसभा की दोनों सीटों पर झामुमो का दावा

एक पर सीता तो दूसरे पर अंजनी को बना सकती है प्रत्याशी टीम एबीएन, रांची। झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है। राज्य की दो सीटों पर होने वाले चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दोनों सीटों पर अपना दावा ठोक दिया है। हालांकि राज्य में महागठबंधन की सरकार है, जिसमें कांग्रेस और राजद भी शामिल हैं, लेकिन इसके बावजूद झामुमो दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। पिछली बार भी सोरेन ने कांग्रेस को दिया था झटका पिछली बार भी गठबंधन के बावजूद झामुमो ने कांग्रेस को झटका देते हुए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारा था और इस बार भी लगभग वैसी ही स्थिति बनती नजर आ रही है। परिवार के सदस्यों को उम्मीदवार बना सकते हैं हेमंत  राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि झामुमो एक सीट पर पार्टी सुप्रीमो रहे शिबू सोरेन की पुत्री अंजनी सोरेन को राज्यसभा भेज सकती है। वहीं दूसरी सीट पर पार्टी पूर्व मंत्री स्वर्गीय दुर्गा सोरेन की पत्नी और वर्तमान में भाजपा की नेत्री सीता सोरेन को प्रत्याशी बना सकती है। हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में बाहा पर्व के दौरान सीता सोरेन अपनी दोनों बेटियों के साथ पूरे सोरेन परिवार के साथ नजर आयी थीं, जिसके बाद राजनीतिक अटकलें और तेज हो गयी हैं। मई-जून में संभावित है राज्यसभा चुनाव राज्यसभा चुनाव मई-जून में संभावित है, लेकिन अभी से राजनीतिक दलों के बीच खींचतान शुरू हो गयी है। झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने भी एक सीट पर कांग्रेस का दावा जताया है। वहीं झामुमो का कहना है कि अगर झामुमो मजबूत होगा तो महागठबंधन भी मजबूत रहेगा। इरफान अंसारी ने अपने पिता के लिए मांगी सीट इस बीच स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने अपने पिता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता फुरकान अंसारी को राज्यसभा भेजने की मांग उठायी है। उनका कहना है कि पार्टी को फुरकान अंसारी के योगदान का सम्मान करना चाहिए। शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हो रही एक सीट गौरतलब है कि शिबू सोरेन के निधन के बाद राज्यसभा की एक सीट खाली हो गयी है, जबकि भाजपा के राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। ऐसे में दोनों सीटों को लेकर झामुमो और कांग्रेस के बीच तनातनी बढ़ती दिख रही है। सीट जीतने के लिए भाजपा के पास संख्या बल नहीं वहीं भाजपा में भी इस चुनाव को लेकर हलचल है। फिलहाल भाजपा के पास अपने दम पर एक सीट जीतने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं हैं, लेकिन पार्टी के भीतर जोड़तोड़ की रणनीति पर काम चल रहा है। यह तभी संभव होगा जब इंडिया गठबंधन के कुछ विधायक भाजपा का साथ दें। झारखंड में पहले भी राज्यसभा चुनाव के दौरान हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगते रहे हैं, इसलिए इस बार भी राजनीतिक समीकरणों पर सभी की नजर टिकी हुई है।

रामगढ़ : हादसे की चुटूपालू घाटी में एक्सीडेंट, पांच किमी लंबा लगा जाम
Published / 2026-03-07 20:00:28
रामगढ़ : हादसे की चुटूपालू घाटी में एक्सीडेंट, पांच किमी लंबा लगा जाम

रामगढ़ के चुटूपालू घाटी में ट्रेलर पलटने से लगा 5 किमी लंबा जाम, घंटों बाधित रहा आवागमन टीम एबीएन, रामगढ़/ रांची। रामगढ़ जिले की चुटूपालू घाटी में बीते शनिवार को एक ट्रेलर पलट जाने से सड़क पर लंबा जाम लग गया और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया। रांची से रामगढ़ की ओर जा रहा ट्रेलर घाटी के घुमावदार रास्ते में अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसके बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गयीं। यात्रियों को भारी परेशानी पुलिस सूत्रों ने बताया कि ट्रेलर जैसे ही घाटी के एक तीखे मोड़ पर पहुंचा, चालक संतुलन खो बैठा और वाहन पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रेलर का अगला हिस्सा उसके पिछले हिस्से से अलग हो गया, जबकि पिछला हिस्सा चालक के केबिन के बीच फंस गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना के बाद सड़क पर करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलने पर रामगढ़ पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रेलर को हटाया गया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य कराया गया। प्रशासन ने जाम को कम करने के लिए एक लेन को बंद कर दूसरी लेन से वाहनों को निकालने की व्यवस्था की, लेकिन बंद की गयी लेन में भी करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गयी। जाम में छोटे-बड़े सभी तरह के वाहन फंसे रहे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ज्ञातव्य है कि चुटूपालू घाटी अपनी खतरनाक और घुमावदार सड़कों के कारण अक्सर हादसों के लिए जानी जाती है। यहां बड़े वाहनों के अनियंत्रित होकर पलटने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। लगातार हो रहे हादसों के कारण कई लोग इस घाटी को मौत की घाटी भी कहते हैं। इधर, लंबे समय तक जाम में फंसे यात्रियों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर नाराजगी जतायी और घाटी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।

झारखंड में जल्द शुरू होगा एसआईआर!
Published / 2026-03-07 19:58:51
झारखंड में जल्द शुरू होगा एसआईआर!

मतदाता सूची का विशेष सत्यापन; जानें प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज टीम एबीएन, रांची। झारखंड में इस महीने से ही एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को कराने की तैयारी के अंतिम चरण में है और इसके लिए जिलों को दिशा-निर्देश दिये जा रहे हैं। आयोग का लक्ष्य है कि अधिसूचना जारी होने के लगभग 100 दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाये। लगभग 2.65 करोड़ मतदाता पंजीकृत एसआईआर एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची में दर्ज सभी नामों का सत्यापन किया जाता है। इसका उद्देश्य है फर्जी, मृत, स्थानांतरित या दो जगहों पर दर्ज मतदाताओं के नाम हटाना और सही मतदाताओं को सूची में शामिल करना। राज्य में वर्तमान में लगभग 2.65 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं।इनमें से अब तक 73% से अधिक मतदाताओं का सत्यापन हो चुका है। शेष मतदाताओं का सत्यापन और सुधार एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किया जायेगा। प्रारंभिक जांच में ही करीब 12 लाख मतदाता ऐसे पाये गये हैं जिनके नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरी प्रविष्टि की श्रेणी में आ सकते हैं। प्रारंभिक जांच में 6.72 लाख गलतियां पायी गयी एसआईआर की तैयारी के तहत अब तक 1.61 करोड़ मतदाताओं का पुराने रिकॉर्ड से मिलान किया जा चुका है और मतदाता सूची में मिली गलतियों को ठीक किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में 6.72 लाख गलतियां पायी गयी हैं, जिनमें फोटो, नाम और पते की गड़बड़ियां शामिल हैं। जिलों में बैठक कर रणनीति बनायी जा रही है। बीएलओ को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, डिजिटल डेटा अपडेट किया जा रहा है और मतदाताओं की पैरेंटल मैपिंग का काम भी तेजी से चल रहा है। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को निम्न कार्य करने पड़ सकते हैं: पहचान के दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पहचान पत्र या अन्य प्रमाण पत्र दिखाना। अगर नाम, उम्र, फोटो या पते में कोई गलती है तो निर्धारित फॉर्म भरकर सुधार के लिए आवेदन देना। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा अपना नाम मतदाता सूची में जोड़वा सकते हैं।

गढ़वा : डीआईजी ने बंशीधर नगर में जानी सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत
Published / 2026-03-06 22:42:38
गढ़वा : डीआईजी ने बंशीधर नगर में जानी सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत

डीआईजी ने बंशीधर नगर में सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजाथाना प्रभारियों के साथ की समीक्षाएबीएन न्यूज नेटवर्क, गढ़वा, (पलामू)। पलामू क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) किशोर कौशल आज गढ़वा जिले के बंशीधर नगर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था एवं पुलिस कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कार्यालय का निरीक्षण किया तथा विभिन्न महत्वपूर्ण अभिलेखों, लंबित मामलों और पुलिसिंग से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।डीआईजी ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता एवं सक्रियता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा हमसबों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विधि व्यवस्था संधारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।डीआईजी ने क्षेत्र के विभिन्न थाना के प्रभारियों के साथ विधि-व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, गश्ती व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने तथा जनविश्वास को मजबूत करने पर भी बल दिया।डीआईजी ने बंशीधर नगर न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और वहां तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालय परिसर में सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा आने-जाने वाले लोगों की निगरानी को सुदृढ़ रखने का निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान डीआईजी के साथ पुलिस अधीक्षक अमन कुमार भी थे। मौके पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सत्येंद्र नारायण सिंह सहित क्षेत्र के इंस्पेक्टर एवं विभिन्न थानों के थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

राजनीति मेरे लिए सेवा का माध्यम : संजय सेठ
Published / 2026-03-06 22:33:07
राजनीति मेरे लिए सेवा का माध्यम : संजय सेठ

राजनीति मेरे लिए समाज सेवा का माध्यम, 2020 में देखा सपना आज पूरा हो रहा : संजय सेठटीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची को विश्व स्तरीय लाइब्रेरी देने का रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की पहल अब धरातल पर उतर चुकी है। जून 2026 में यह रांची की जनता को समर्पित किया जाएगा। मोराबादी में सीसीएल और कोल इंडिया लिमिटेड के सीएसआर से बन रहे लाइब्रेरी का कार्य अंतिम चरण में है। 13000 स्क्वायर मीटर के क्षेत्र में कल 65 करोड़ की लागत से इस लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है।जिसमें 35 करोड़ रूपया सीसीएल ने दिया है और 30 करोड रुपए कोल इंडिया लिमिटेड के द्वारा दिया गया। 6 फ्लोर की लाइब्रेरी में तीन शिफ्ट में 5400 विद्यार्थी और युवा एक साथ अध्ययन अध्यापन का कार्य कर सकेंगे। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी अध्ययन केंद्र की सुविधा रहेगी।

सिमडेगा से छत्तीसगढ़ जा रही बस पलटी, पांच की मौत, 17 से अधिक घायल
Published / 2026-03-06 21:02:40
सिमडेगा से छत्तीसगढ़ जा रही बस पलटी, पांच की मौत, 17 से अधिक घायल

सिमडेगा से छत्तीसगढ़ जा रही यात्री बस पलटी, पांच की मौत, 17 से अधिक घायलटीम एबीएन, रांची। सिमडेगा से छत्तीसगढ़ के कुनकुरी जा रही एक यात्री बस के पलट जाने से पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं 17 से ज्यादा घायल हो गए। घायलों में से चार की हालत गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। दरअसल, अनमोल बस (CG 14G 0263) शुक्रवार सुबह सिमडेगा के कुरडेग से छत्तीसगढ़ के कुनकुरी जा रही थी। बस में दो दर्जन से ज्यादा यात्री सवार थे। सुबह करीब 9:45 बजे, जशपुर जिले के करडेगा चौकी इलाके में गोड़ाअंबा गांव के पास ढलान के दौरान बस के ब्रेक अचानक फेल हो गये।लोगों के अनुसार, बस में सवार एक यात्री ने ड्राइवर से रुकने को कहा, लेकिन कंडक्टर चिल्लाया, ब्रेक फेल हो गए हैं। इससे बस में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर बाद, बेकाबू बस सड़क किनारे सुरेंद्र साय के निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास से टकरा कर पलट गई।हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आस-पास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए आगे आये। गोड़ाअंबा गांव के रहने वाले दिगंबर यादव ने सबसे पहले राहत का काम शुरू किया। उन्होंने सरपंच पति शिवशंकर साय, उपसरपंच दशरथ प्रसाद यादव और प्रभाशंकर यादव के साथ मिलकर प्रशासन को सूचना दी और घायलों को निकालने में मदद की। बाद में जेसीबी की मदद से पलटी हुई बस को उठाया गया और फंसे हुए यात्रियों को निकाला गया।घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासन ने तीन एंबुलेंस मौके पर भेजीं। घायलों को तुरंत कुनकुरी अस्पताल और दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया। सुबह करीब 11 बजे एसडीएम नंदजी पांडे, एसडीपीओ विनोद मंडावी पुलिस और प्रशासन की टीमों के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव का काम शुरू किया। प्रशासन की गाड़ियों ने भी घायलों को अस्पताल पहुंचाया।कुनकुरी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ के कुजूर ने बताया कि हादसे में पांच लोगों की मौत हो गयी। मरने वालों में पति-पत्नी और पिता-पुत्र शामिल हैं। मरने वालों की पहचान मकरीबंधा के रहने वाले महेश राम (45) और उनकी पत्नी बिमला (42), सिमडेगा की रहने वाली संपति देवी (52), ढोढ़ी के रहने वाले डिगेश्वर (40) और उनके पांच महीने के बेटे घनश्याम के तौर पर हुई है।हादसे की जानकारी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या देवी साय भी कुनकुरी हॉस्पिटल पहुंचीं। उन्होंने घायलों से मुलाकात की, उनका हालचाल पूछा और डॉक्टरों को उन्हें बेहतर इलाज और आवश्यक सुविधाएं देने के निर्देश दिये। फिलहाल, प्रशासन और पुलिस घटना की जांच कर रही है।

रांची : सिविल कोर्ट के बाद अब गैलेक्सीया मॉल उड़ाने की धमकी
Published / 2026-03-06 20:55:56
रांची : सिविल कोर्ट के बाद अब गैलेक्सीया मॉल उड़ाने की धमकी

सिविल कोर्ट के बाद अब पासपोर्ट ऑफिस को मिली बम से उड़ाने की धमकी, गैलेक्सिया मॉल में सर्च ऑपरेशन शुरूटीम एबीएन, रांची। रांची में सुरक्षा एजेंसियां एक बार फिर अलर्ट पर आ गई हैं। रातू रोड स्थित गैलेक्सिया मॉल में बने पासपोर्ट ऑफिस को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने इलाके में जांच तेज कर दी है।अलर्ट मोड पर पुलिसजिले के रातू रोड स्थित गैलेक्सिया मॉल में बने पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। इस धमकी के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले रांची सिविल कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। अब पासपोर्ट ऑफिस को मिली धमकी के बाद पुलिस और भी ज्यादा सतर्क हो गई है।पुलिस ने लोगों से की शांति बनाए रखने की अपीलकोतवाली डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम और बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) मौके पर पहुंचकर जांच कर रहा है। पुलिस की टीम पासपोर्ट ऑफिस के हर हिस्से की बारीकी से तलाशी ले रही है। इसके साथ ही मॉल और आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही कहा है कि अगर किसी को कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

फाल्गुन रंग पंचमी उत्सव 8 को, रंग, आनंद और भक्ति का पावन पर्व
Published / 2026-03-06 20:48:09
फाल्गुन रंग पंचमी उत्सव 8 को, रंग, आनंद और भक्ति का पावन पर्व

फाल्गुन रंग पंचमी उत्सव 8 मार्च को, रंग, आनंद और भक्ति का पावन पर्वरंग पंचमी भारतीय संस्कृति की रंगीन परंपराओं और आध्यात्मिक भावनाओं का है सुंदर प्रतीक: संजय सर्राफटीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट एवं विश्व हिंदू परिषद झारखंड सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में फाल्गुन मास का विशेष महत्व माना जाता है। इसी पावन मास में होली के उत्सवों की श्रृंखला के अंतर्गत रंग पंचमी का पर्व बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष रंग पंचमी का पर्व 8 मार्च दिन रविवार को मनाया जाएगा। यह पर्व होली के पाँचवें दिन आता है और इसे विशेष रूप से रंगों के उत्सव के रूप में जाना जाता है।रंग पंचमी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। मान्यता है कि होलिका दहन और धूलंडी के बाद इस दिन वातावरण पूरी तरह से शुद्ध और पवित्र हो जाता है। इसलिए रंग पंचमी के दिन रंग-गुलाल के माध्यम से आनंद और उल्लास का उत्सव मनाया जाता है। कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन देवी-देवता भी पृथ्वी पर आकर रंगोत्सव में सम्मिलित होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।भारत के कई क्षेत्रों विशेषकर मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और ब्रज क्षेत्र में रंग पंचमी का विशेष उत्साह देखने को मिलता है। मंदिरों में भगवान के साथ रंग-गुलाल की होली खेली जाती है, भजन-कीर्तन होते हैं और भक्तजन आपस में रंग लगाकर प्रेम और सौहार्द का संदेश देते हैं। कई स्थानों पर शोभायात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक उत्सव भी आयोजित किए जाते हैं।रंग पंचमी का संबंध आध्यात्मिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह पर्व समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव को बढ़ावा देता है। रंगों के माध्यम से लोग अपने मन के सभी भेदभाव और कटुता को समाप्त कर एक-दूसरे को गले लगाते हैं। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर शुभकामनाएं देते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।इस पर्व की एक विशेषता यह भी है कि यह केवल रंग खेलने का उत्सव नहीं बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और उल्लास का प्रतीक है। रंग जीवन में उत्साह, उमंग और नई ऊर्जा का संदेश देते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार रंग पंचमी के दिन गुलाल उड़ाने से वातावरण में सकारात्मकता फैलती है और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव समाप्त होता है।इसके अलावा रंग पंचमी का उद्देश्य समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करना भी है। आधुनिक समय में जब जीवन की व्यस्तता और तनाव बढ़ रहे हैं, ऐसे में यह पर्व लोगों को आपसी मेल-मिलाप और खुशियों को साझा करने का अवसर प्रदान करता है। इस प्रकार फाल्गुन मास में मनाया जाने वाला रंग पंचमी उत्सव भारतीय संस्कृति की रंगीन परंपराओं और आध्यात्मिक भावनाओं का सुंदर प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रेम, आनंद और भाईचारे के रंगों से जीवन को सजाने की प्रेरणा देता है। रंग पंचमी के अवसर पर सभी लोग मिलकर समाज में सद्भाव, खुशी और सकारात्मकता का संदेश फैलाते हैं, जिससे यह पर्व केवल उत्सव ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रतीक बन जाता है।

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