एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना महामारी को खत्म करने के लिए जहां दुनिया भर में लगातार अध्ययन किए जा रहे हैं, वहीं मेयो क्लिनिक के वैज्ञानिक ने एक ऐसी जानकारी दी है जो कि चिंताजनक है। दरअसल, डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार मेयो क्लिनिक के महामारी विज्ञानी ग्रेगरी पोलैंड ने महामारी को लंबे समय तक चलने को लेकर चेताया है। उन्होंने कहा कि हम अभी तक किसी ऐसे चरण में नहीं हैं जिससे कि हम इसकी स्थानिकता की भविष्यवाणी कर सकें। फिलहाल इसके खत्म होने की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि वायरस ने जानवरों तक को संक्रमित करने की क्षमता दिखाई है, जिसका अर्थ है कि यह संभावित रूप से अनिश्चित काल तक फैल सकता है। भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1.72 लाख मामले, 1008 की मौत : भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1.72 लाख (1,72,433) नए मामले सामने आए हैं और 1008 लोगों की मौत हो गई है। इस दौरान 2,59,107 लोग स्वस्थ भी हो गए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी का प्रकोप रोकने के लिए कोविड टीकाकरण पर जोर देते हुए बुधवार को कहा कि किशोरों को दूसरा टीका लगाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों के प्रधान सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों को लिखे एक पत्र में कहा कि तीन जनवरी को 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग की आबादी में कोविड टीकाकरण आरंभ किया गया था। किशोरों को कोवैक्सिन का टीका दिया जा रहा है जिसमें 28 दिन के अंतराल पर दूसरे टीके की आवश्यकता पड़ती है। इसके अनुसार 31 जनवरी से किशोरों को दूसरा कोविड टीका दिया जाना चाहिए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि यदि 8 से 9 प्रतिशत की सतत वृद्धि जारी रहती है तो भारत वित्त वर्ष 2025-26 तक या इसके अगले वित्त वर्ष में पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मीडिया से बातचीत के दौरान नागेश्वरन ने कहा कि डॉलर के लिहाज से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पहले ही तीन हजार अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। उन्होंने कहा, यदि हम आठ से नौ फीसदी वास्तविक जीडीपी को कायम रख पाते हैं तो यह डॉलर के आधार पर आठ फीसदी जीडीपी वृद्धि होगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया। खेती और किसानी के लिए कई घोषणाएं करते हुए वित्त मंत्री ने गंगा किनारे चलाई जाने वाली एक ऐसी योजना का भी ऐलान किया, जिससे उत्तराखंड, यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को फायदा होगा। केंद्र सरकार ने गंगा किनारे नेचुरल फार्मिंग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई है। बजट पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने भी इसकी तारीफ की। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और रसायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से गंगा नदी के किनारे रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती को बढावा देगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में कहा कि रसायनों का उपयोग न करके प्राकृतिक खेती पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा, देशभर में रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा जिसके प्रथम चरण में गंगा नदी से सटे पांच किमी के दायरे में आने वाली किसानों की जमीनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बजट में फसल के बाद मूल्य संवर्धन, घरेलू खपत को बढ़ाने और उत्पादों की घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड्रिंग करने के लिए प्रावधान किया गया है। पीएम मोदी ने कहा, भारत के कोटि-कोटि जनों की आस्था, मां गंगा की सफाई के साथ-साथ किसानों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तराखंड, यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, इन राज्यों मे गंगा किनारे नेचुरल फार्मिंग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे मां गंगा की सफाई का जो अभियान है, उसमें गंगा को केमिकल मुक्त करने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि बजट के प्रावधान यह सुनिश्चित करने वाले हैं कि कृषि लाभप्रद हो। इसमें नए अवसर हों। नए एग्रीकल्चर स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष फंड हो या फूड प्रोसेसिंग उद्योग के लिए पैकेज, इससे किसानों की आय बढ़ाने में बहुत मदद मिलेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट पेश करते हुए कई वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी में बदलाव करने का ऐलान किया है। इसके बाद अब इन वस्तुओं के भाव पर भी असर पड़ेगा। आइए जानते हैं आज क्या सस्ता और क्या महंगा हुआ। क्या हुआ सस्ता : चमड़ा, कपड़ा, खेती का सामान, पैकेजिंग के डिब्बे, मोबाइल फोन चार्जर और जेम्स एंड ज्वैलरी सस्ते होंगे। जेम्स एंड ज्वैलरी पर कस्टम ड्यूटी को घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। कट और पॉलिश्ड डायमंड पर भी कस्टम ड्यूटी घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है। एमएसएमई को मदद मुहैया कराने के लिए स्टील स्क्रैप पर कस्टम ड्यूटी छूट को 1 साल के लिए बढ़ा दिया गया है। मेंथा ऑयल पर कस्टम ड्यूटी को घटाया गया। मोबाइल फोन के चार्जर, ट्रांसफॉर्मर आदि पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है, ताकि घरेलू मैन्युफैक्टरिंग को बढ़ावा दिया जा सके। क्या हुआ महंगा कैपिटल गुड्स पर आयात शुल्क में छूट को खत्म करते हुए 7.5 फीसदी आयात शुल्क लगा दिया गया है। इमिटेशन ज्वैलरी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई, ताकि इसके आयात को कम किया जा सके। विदेशी छाता भी महंगा होगा। इसके अलावा इस साल अक्टूबर से बिना ब्लेंडिंग वाले फ्यूल पर 2 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से एक्साइज ड्यूटी लगेगी। पिछले बजट में क्या हुआ था सस्ता-महंगा? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डायरेक्ट टैक्स देने वालों को आम बजट 2021 में कोई राहत नहीं दी थी। हालांकि, सरकार ने शराब, काबुली चना, मटर, मसूर की दाल समेत कई उत्पादों पर कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस लगाने की भी घोषणा की थी। निर्मला सीतारमण ने कस्टम्स में 400 से ज्यादा छूटों की समीक्षा करने का प्रस्ताव दिया। कई तरह के कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई और कुछ स्टील उत्पादों पर ड्यूटी हटाई गई है। इसके अलावा कॉपर स्क्रैप पर ड्यूटी को 5% से घटाकर 2.5% कर दिया गया। मोबाइल्स के कुछ पार्ट्स पर 2.5% ड्यूटी लगाई गई। पिछले बजट में कॉटन, सिल्क, प्लास्टिक, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स, ऑटो पार्ट्स, सोलर प्रॉडक्ट्स, मोबाइल, चार्जर, इम्पोर्टेड कपड़े, रत्न, LED बल्ब, फ्रिज/एसी और शराब बजट में महंगे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर नायलॉन के कपड़े, लोहा, स्टील, कॉपर आइटम्स, सोना, चांदी और प्लेटिनम जैसी चीजें सस्ती हुई थीं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद के बजट सत्र 2022 का आज दूसरा दिन है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोक सभा में वित्त वर्ष 2022-23 का आम बजट पेश किया। बजट में रेलवे क्षेत्र के लिए वित्त मंत्रालय ने बड़ी घोषणाएं की हैं। • अगले तीन सालों में 400 नई वंदे भारत ट्रेनों को लाया जाएगा। • रेलवे छोटे किसानों और छोटे व मध्यम उद्यमों के लिए नए प्रोडक्ट और कुशल लॉजिस्टिक सर्विस तैयार करेगा। • 2021 के आम बजट में रेलवे इससे पहले फरवरी 2021 के आम बजट में वित्त मंत्री ने कहा था कि रेलवे को वित्त वर्ष 2021-22 में रिकॉर्ड 1,10,055 करोड़ रुपये दिए गए। इनमें से 1,07,100 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए हैं। वित्त मंत्री ने कहा, रेलवे मालगाड़ियों के लिये अलग से बनाये गये विशेष गलियारों को बाजार पर चढ़ाएगी। इसके अलावा वित्त मंत्री ने शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के लिए 18,000 करोड़ रुपये की योजना का भी एलान किया। • शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूती प्रदान करने का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने लोक सभा में कहा कि दिसंबर 2023 तक ब्रॉड गेज रेल पटरियों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण होगा। रेल मंत्री ने कहा था कि रेलवे के लिए रिकॉर्ड 1,10,055 करोड़ रुपये मुहैया कराये जाएंगे, जिसमें से 1,07,100 करोड़ रुपये 2021-22 में पूंजी व्यय के लिए निर्धारित होंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट भाषण पढ़ना शुरू कर दिया है। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत कोविड महामारी के दुष्प्रभावों का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि नए वेरियेंट ओमीक्रोन का असर कम है, लेकिन इससे भी आर्थिक गतिविधियों में थोड़ी बाधा तो जरूर हुई है। Budget 2022 में निर्मला सीतारमण ने क्या-क्या ऐलान किए यहां जानिए • आगामी वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि 9.2% रहने का अनुमान है: वित्त मंत्री • वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं- इस बजट से रखी जाएगी अगले 25 साल की बुनियाद • वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि एयर इंडिया का विनिवेश पूरा हो गया है और LIC का IPO अब जल्द ही आएगा • वित्त मंत्री ने बताया कि 2022-23 के बीच नैशनल हाईवे की लंबाई को 25,000 km तक बढ़ाया जाएगा। 400 वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान वित्त मंत्री ने 400 नई वंदे भारत ट्रेनें चलाने का ऐलान किया। मोदी सरकार का रेलवे के आधुनिकीकरण पर हमेशा से ही जोर रहा है। इसी क्रम में वित्त मंत्री ने बजट भाषण में नया ऐलान किया है। हम ओमीक्रोन लहर के बीच : अभी देश में कोरोना वायरस के नए वेरियेंट ओमीक्रोन की लहर है। टीकाकरण अभियान की रफ्तार से महामारी पर काबू पाने में बहुत मदद मिली है। मुझे विश्वास है कि सबका प्रयास मजबूत वृद्धि का कारण बनेगा। 9.2% की दर से बढ़ेगी GDP वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर 9.2% रहने का अनुमान है, ये बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज़्यादा है। आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक जैसी अंतरराष्ट्री एजेंसियां भी भारत की जीडीपी वृद्धि दर दुनिया में सबसे तेज रहने का अनुमान जताया है। यह मोदी सरकार का 10वां और निर्मला का चौथा बजट है। इससे पहले वे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचीं। बजट के स्वागत में झूमा शेयर बाजार : बजट से पहले शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 500 से ज्यादा अंको की मजबूती के साथ खुला। 9.21 बजे 581.41 (1%) की तेजी के साथ 58,595.58 पर ट्रेंड कर रहा था सेंसेक्स। निफ्टी भी 163.75 (0.94%) तेजी के साथ 17,503.60 पर वित्त मंत्री ने दिखाया बही-खाता : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त मंत्रालय के बाहर मीडिया को बही-खाता दिखाया। पिछले कुछ सालों से ब्रीफकेस की जगह बही-खाते ने ले ली है। अब बजट की बहुत कम प्रतियों की छपाई होती है। वित्त वर्ष 2021-22 का बजट भाषण भी वित्त मंत्री ने टैब से पढ़ा था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में चुनावी माहौल के बीच आज सुबह 11 बजे लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण साल 2022-23 का आम बजट पेश करेंगी। कोरोना महामारी संकट के बीच पेश किए जाने वाले बजट में सरकार की मुख्य प्राथमिकताएं क्या होंगी और नौकरीपेशा व आमलोगों के लिये इसमें क्या खास होगा, इस पर सभी की निगाहें होंगी। इस बजट में मध्यम वर्ग को भी राहत की उम्मीद है। इनकम टैक्स की सीमा में छूट की भी उम्मीद जताई जा रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय से रवाना : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय से रवाना हो गई हैं। थोड़ी देर में अब वह राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगी। यह दूसरी बार जब पेपरलेस बजट पेश होने जा रहा : यह दूसरा मौका होगा जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बिना कागज के संसद में बजट पढ़ेंगी। इससे पहले साल 2021 में भी पेपरलेस बजट पेश हुआ था। वित्त मंत्री का बजट भाषण सुबह 11 बजे शुरू होगा : संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण सुबह 11 बजे शुरू होगा। निर्मला सीतारमण का यह चौथा भाषण है। केंद्रीय वित्त मंत्री समावेशी बजट पेश करेंगी : वित्त राज्य मंत्री - वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हर क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप समावेशी बजट पेश करेंगी। इससे सभी को लाभ होगा। आज के बजट से सभी क्षेत्रों (किसानों सहित) को उम्मीदें रखनी चाहिए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में कोरोना वायरस की संक्रमण दर तेजी से घट रही है, लेकिन मौतों के आंकड़े में इजाफा देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटे में भारत में 959 मरीजों की मौत हुई है। इससे एक दिन पहले 893 मरीजों की मौत हुई थी। ऐसे में कहा जा सकता है कि कोरोना के कारण 24 घंटे में ही मौतों का आंकड़ा 7.3% तक बढ़ गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि 10 दिनों में कोरोना से 6 हजार 654 मरीजों की मौत हो चुकी है। ऐसे में एक दिन में औसतन 650 मरीजों की मौत कोरोना के कारण हुई है। फिलहाल कहा जा रहा है कि अभी मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
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