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सात अगस्त से शुरू होगी आकाश एयर की वाणिज्यिक उड़ानें, टिकट की बिक्री शुरू
Published / 2022-07-23 03:53:05
सात अगस्त से शुरू होगी आकाश एयर की वाणिज्यिक उड़ानें, टिकट की बिक्री शुरू

एबीएन सेंट्रल डेस्क। नई विमानन सेवा आकाश एयर की कमर्शियल उड़ानें सात अगस्त से मुंबई-अहमदाबाद मार्ग पर शुरू होंगी। पहली उड़ान बोइंग 737 मैक्स विमान भरेगा। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कंपनी ने बयान में कहा कि सात अगस्त से मुंबई-अहमदाबाद मार्ग पर 28 साप्ताहिक उड़ानों का परिचालन शुरू हो रहा है जिनके लिए टिकट की बिक्री शुरू कर दी गई है। 13 अगस्त से बेंगलुरु-कोच्चि मार्ग पर भी 28 साप्ताहिक उड़ानों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। कमर्शियल उड़ान सेवा दो 737 मैक्स विमान के जरिए शुरू की जाएगी। विमानन कंपनी को एक मैक्स विमान की डिलिवरी मिल चुकी है, दूसरा विमान इस महीने के अंत तक मिलेगा। आकाश एयर के सह संस्थापक एवं मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी प्रवीण अय्यर ने कहा, मुंबई और अहमदाबाद के बीच उड़ानों के साथ हम परिचालन शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कहा, नेटवर्क विस्तार योजनाओं के तहत हम चरणबद्ध तरीके से शहरों को जोड़ते जाएंगे। पहले साल हम अपने बेड़े में हर महीने दो विमानों को शामिल करेंगे। आकाश एयर को सात जुलाई को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से हवाई परिचालक प्रमाणपत्र (एओसी) मिल गया था।

13 से 15 अगस्त के बीच अपने घरों पर जरूर फहरायें तिरंगा : नरेंद्र मोदी
Published / 2022-07-22 11:32:54
13 से 15 अगस्त के बीच अपने घरों पर जरूर फहरायें तिरंगा : नरेंद्र मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से 13 अगस्त से 15 अगस्त के बीच अपने-अपने घरों में राष्ट्रध्वज फहराकर "हर घर तिरंगा" मुहिम को मजबूत करने की शुक्रवार को अपील की। पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि यह मुहिम तिरंगे के साथ हमारे जुड़ाव को गहरा करेगी। उन्होंने उल्लेख किया कि 22 जुलाई, 1947 को ही तिरंगे को राष्ट्रध्वज के रूप में अपनाया गया था। प्रधानमंत्री ने कहा, हम आज उन सभी लोगों के साहस और प्रयासों को याद करते हैं, जिन्होंने उस समय स्वतंत्र भारत के लिए एक ध्वज का स्वप्न देखा था, जब हम औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लड़ रहे थे। हम उनके सपने को पूरा करने और उनके सपनों के भारत का निर्माण करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल, जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, तो आइए "हर घर तिरंगा" आंदोलन को मजबूत करें। 13 अगस्त से 15 अगस्त के बीच अपने घरों में तिरंगा फहराएं या प्रदर्शित करें। यह मुहिम राष्ट्रध्वज के साथ अपने जुड़ाव को गहरा करेगी। पीएम मोदी ने तिरंगे को राष्ट्रध्वज के रूप में अपनाने संबंधी आधिकारिक संवाद की जानकारी भी ट्विटर पर साझा की। उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा फहराए गए पहले तिरंगे की तस्वीर भी ट्वीट की। सरकार ने भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर "हर घर तिरंगा" मुहिम शुरू करने की योजना बनाई है।

दूसरे दिन भी 21,000 से ज्यादा नए कोविड केस, केरल में मिला अफ्रीकी स्वाइन फीवर
Published / 2022-07-22 11:13:36
दूसरे दिन भी 21,000 से ज्यादा नए कोविड केस, केरल में मिला अफ्रीकी स्वाइन फीवर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में लगातार दूसरे दिन भी 21 हजार से ज्यादा नए कोरोना मामले दर्ज हुए हैं। उधर, केरल के वायनाड जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर ने चिंता बढ़ा दी है। केरल पहले से कोरोना मामलों में अव्वल है। हाल ही में राज्य में मंकीपॉक्स का भी पहला मामला सामने आया था। शुक्रवार सुबह अपडेट आंकड़ों के अनुसार देश में बीते 24 घंटे में नए केस बढ़ने के साथ ही मौतें भी बढ़ीं और 60 लोगों ने दम तोड़ दिया। देश में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 21,880 नए मामले सामने आए हैं, 21,219 लोग डिस्चार्ज हुए और कोरोना से 60 लोगों की मौत हुई है।इससे पहले गुरुवार को देश में 21,566 नए केस मिले थे और बुधवार को 20,557 नए मरीज मिले थे। शुक्रवार को गुरुवार की तुलना में 314 मरीज ज्यादा मिले हैं। बरेली में मिला था स्वाइन फीवर का मामला : वायनाड से पहले इससे पहले मिजोरम, त्रिपुरा और असम के बाद यूपी बरेली में भी अफ्रीकन स्वाइन फ्लू का मामला सामने आ चुका है। गुरुवार को बरेली में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (एएसएफ) का पहला मामला सामने आया था। जैसा कि नाम से स्पष्ट से यह सुअरों में फैलता है। इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (IVRI) बरेली की तरफ से एक बरेली में टीम भेजने का फैसला लिया गया है। यह सुअरों में संक्रमण की जांच करेगी।आईवीआरआई के संयुक्त निदेशक डॉक्टर केपी सिंह के अनुसार कुछ दिनों पहले बरेली के भड़सर डांडिया गांव में एक पशु पालक के सुअर को तेज बुखार आया था और कुछ दिन बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मृत सुअर का नमूना जांच के लिए आईवीआरआई भेजा था। जांच में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई। इंसानों को खतरा नहीं : डॉ सिंह के अनुसार बताया कि जिस इलाके में अफ्रीकन स्वाइन फीवर के संक्रमण की पुष्टि होती है, उसके एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित जोन घोषित कर दिया जाता है। हालांकि, इस संक्रमण से इंसानों को खतरा नहीं है, लेकिन बीमार सुअर के संपर्क में आने वाले पशुपालकों या कर्मचारियों से संक्रमण दूसरे पशुओं में फैल सकता है। 2020 में पहली बार भारत में मिले थे मामले : बड़ी संख्या में सुअरों की मौत इससे हो सकती है या फिर एहतियात के लिए सुअरों को मारना पड़ सकता है। अफ्रीकी स्वाइन फीवर के मामले भारत में पहली बार 2020 में मिले थे। इससे पहले सितंबर 2019 में इस बीमारी की वजह चीन में बड़ी संख्या में सुअरों की मौत हुई थी।

कोरोना संक्रमित हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं : मोदी
Published / 2022-07-22 11:00:56
कोरोना संक्रमित हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं : मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस से संक्रमित अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, राष्ट्रपति जो बाइडन को covid-19 से शीघ्र स्वस्थ होने के लिए मेरी शुभकामनाएं। उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं। व्हाइट हाउस ने गुरुवार को बताया कि बाइडन कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने वाशिंगटन में जारी एक बयान में कहा कि बाइडन का गुरुवार सुबह कोविड परीक्षण पॉजिटिव रहा है। वह "बहुत हल्के लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं" और "पैक्सलोविद" दवा लेनी शुरू कर दी है। बयान में कहा गया कि सीडीसी दिशा-निर्देशों के अनुरूप वह व्हाइट हाउस में आइसोलेशन में रहते हुए अपने सभी कर्तव्यों को पूरी तरह से निभाना जारी रखेंगे। बाइडन (79) का टीकाकरण पूरा है और परीक्षण निगेटिव आने तक आइसोलेशन में अपना कार्य जारी रखेंगे।

द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनते ही 2024 की तैयारियों में जुटीं ममता को लगा झटका!
Published / 2022-07-22 06:43:58
द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनते ही 2024 की तैयारियों में जुटीं ममता को लगा झटका!

एबीएन सेंट्रल डेस्क। द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को एकतरफा मुकाबले में हराने के साथ ही भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया। मुर्मू (64) ने देश के 15वें राष्ट्रपति बनने के लिए निर्वाचक मंडल सहित सांसदों और विधायकों के मतपत्रों की मतगणना में 64 प्रतिशत से अधिक मान्य मत प्राप्त करने के बाद सिन्हा के खिलाफ भारी अंतर से जीत हासिल की। भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों ने दावा किया कि 125 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। मतगणना में भी सामने आया है कि मुर्मू को 17 सांसदों की क्रॉस वोटिंग का लाभ मिला। क्रॉस वोटिंग से सबसे बड़ा झटका पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए माना जा रहा है। दरअसल, 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ममता बनर्जी नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने में लगी हैं। ममता बनर्जी ने ही इस राष्ट्रपति चुनाव में भी विपक्ष को एकजुट करने के लिए तमाम दलों से बातचीत की थी जोकि बेकार गई। बीजेपी ने भी ट्वीट कर बताया कि टीएमसी के 2 सांसद और एक विधायक ने द्रौपदी मुर्मू को वोट किया. इतना ही नहीं टीएमसी के 2 सांसदों और चार विधायकों के वोट भी रद्द हुए हैं। वहीं असम, झारखंड और मध्यप्रदेश के विपक्षी दलों के विधायकों की अच्छी खासी संख्या ने भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। माना जा रहा है कि असम के 22 और मध्य प्रदेश के 20 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। बिहार और छत्तीसगढ़ के छह-छह, गोवा के चार और गुजरात के 10 विधायकों ने भी क्रॉस वोटिंग की होगी।

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिनंदन...
Published / 2022-07-21 16:03:29
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिनंदन...

एबीएन एडिटोरियल डेस्क (शिवशंकर उरांव)। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने कीर्तिमान रच दिया। देश की प्रथम आदिवासी महिला को राष्ट्रपति बनाकर देश के 13 करोड़ आदिवासियों के सम्मान में एक लंबी लकीर खींच दी। एक ऐसी लकीर जो आजाद भारत में कभी मिट नहीं सकेगी। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने जिस प्रकार देश की अंतरात्मा की आवाज को सुनकर समाज के हर तबके को सम्मान और इज्जत दिया है वह आजाद भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा। आनेवाली पीढ़ी इस निर्णय पर गर्व करेगी और वर्तमान इस गर्व के पल को शब्दों में बयां नहीं कर सकता है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का एक सामान्य परिवार का सदस्य होना, मयूरभंज जैसे छोटे से स्थान से राजनीति में संघर्ष करते हुए आगे बढ़ना और फिर झारखंड के राज्यपाल के रूप में इस गरिमामयी पद का सम्मान बढ़ाना आज मुझे गौरवान्वित कर रहा है। माननीया जब झारखंड की राज्यपाल के पद को सुशोभित कर रही थीं तब भी उन्होंने आदिवासियों के हित में राज्य सरकार के कार्य पर पैनी नजर रखी थी। मैं कई बार उनसे मिला, लेकिन मुझे आज भी वह कार्यशाला याद है जिसमें सुबह 10 बजे से लेकर शाम तक राज्य में सीएम से लेकर सभी विधायक, उच्च अधिकारी और जनजातीय हित से जुड़े जनों के साथ उन्होंने गहन मंथन किया था। यह मंथन आदिवासियों के हित में चलाये जा रही योजनाओं की समीक्षा मात्र नहीं थी। उनकी गंभीरता इतनी अधिक थी कि मैं आश्चर्यचकित रह गया। मेरे जीवन में यह कार्यक्रम और माननीया का हर एक बिंदु पर गहन चिंतन और समझ ने मुझे यह समझने को मजबूर कर दिया कि वे अपने समाज और राष्ट्रहित को लेकर कितनी सजग हैं। आदिवासियों के सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक स्थिति, आर्थिक संभावना, केंद्र और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं में आदिवासियों का हित और उन योजनाओं के क्रियान्वयन की गति को लेकर उन्होंने राज्य के शीर्ष स्तर पर मैराथन विमर्श किया। उन्होंने साफ संकेत दिया कि समाज के यह वर्ग जो आजादी के बाद उपेक्षा और पिछड़ापन का शिकार था वह अब मूल घारा में आ रहा है और इसके लिये जिन लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक संरचना, सामाजिक विकास की आवश्यकता होगी उसे राज्य और केंद्र की सरकार मिलकर लागू करें। कई बार उनसे मिलने के बाद यह एहसास हुआ कि राजनैतिक मूल्यों के साथ उनकी सामाजिक चेतना बहुत उच्च स्तर की थी। झारखंड देश का खनिज बहुल संपन्न राज्य है लेकिन लंबी उपेक्षा के कारण यहां के ग्रामीण परिवेश में रचे बसे आदिवासियों के हित में ठोस काम की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी की सरकार के काल में ही हुई। आज केन्द्र की मोदी सरकार ने राज्य के उपेक्षित जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, स्वच्छ जल, विधि व्यवस्था को लेकर जो गंभीरता दिखायी है उसका ही एक दूसरा फलक है माननीय द्रोपद्री मुर्मू का राष्ट्रपति पद के लिये चुना जाना। पूरे देश में आदिवासी आबादी अपने विकास के लिये मोदी सरकार की ओर निगाहें कर रखी है। ऐसे में सर्वोच्च पद पर अगर समाज की महिला जिनके अनुभव का लाभ ओड़िसा और झारखंड को मिल चुका है अब देश को मिलें तो पूरे आदिवासी समुदाय में एक सकरात्मक संदेश जाता है। सामाजिक अभिशाप कहें या विपदा कि जिस दिल्ली में हमारी आदिवासी बेटिÞयों को पलायन के बाद विभिन्न कल कारखानों में कठिनाई भरी जिंदगी जीते हुए कार्य करने के लिये जाना होता है उसी दिल्ली में देश के सर्वोच्च पद अपने समाज की बेटी को पाकर निश्चित तौर पर उन्हें एक मानसिक, सामाजिक गर्व का एहसास होगा ही। कोई भी समाज अपने आप पर गर्व करके ही राष्ट्र के विकास का हिस्सा बनता है। वैसे तो आदिवासी पूरी दुनिया में हैं लेकिन देश में भारत में आदिवासियों को प्राय: ‘जनजातीय लोग’ के रूप में जाना जाता है। आदिवासी मुख्य रूप से भारतीय राज्यों उड़ीसा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान आदि में बहुसंख्यक व गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल में भी है जबकि भारतीय पूर्वोत्तर राज्यों में यह बहुसंख्यक हैं, जैसे मिजोरम। भारत सरकार ने इन्हें भारत के संविधान की पांचवी अनुसूची में अनुसूचित जनजातियों के रूप में मान्यता दी है। आदिवासीय समुदाय आजादी की लड़ाई से लेकर आज तक बिरसा मुंडा सहित दर्जनों वीर के साथ हर सामाजिक आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता रहा है। आज पूरा समाज राष्ट्रीयता की चेतना से ओत प्रोत है और यह संभव हुआ है पीएम मोदी, हमारे अध्यक्ष जेपी नड्डा और वरिष्ठ जनों के दूरदर्शी और सजग नेतृत्व के निर्णय से। देश का हर आदिवासी परिवार आज अपने समाज को सम्मानित महसूस करते हुए खुशियां मना रहा है। यह निर्णय राष्ट्र बोध का निर्णय है जिसे लेने की हिम्मत और इच्छा शक्ति वर्तमान सरकार में ही है। हम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकत्ता के रुप में तो गौरवान्वित हैं ही हमार वैश्विक मंच पर भी यह संदेश गया है कि देश में आदिवासी समुदाय का महत्व वर्तमान समय में कितना अधिक है। ओछी राजनीति और भाषणबाजी से हटकर माननीय प्रधानमंत्री मोदी ने जो कार्य किया है वह कीर्तिमान अमिट हो गया है। कोटिश: ह्दय उन्हें धन्यवाद कर रहा है। समाज के हर वर्ग को यह संदेश गया है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा योग्य जनों के लिये भारतीय जनता पार्टी उसकी योग्यता और समाजिक समरसता को लेकर सजग है। सबका साथ, सबका विश्वास, सबका प्रयास और शासन निस्वार्थ, राष्ट्र हित सर्वोपरि। देश के सभी सांसदों, विधायकों को विशेषकर जिन्होंने इस कीर्तिमान के लिये पार्टी लाइन से हटकर भी माननीय द्रोपद्री मुर्मू जी को वोट किया उन्हें झारखंड, पूरे देश के सभी आदिवासियों की ओर से साधुवाद, धन्यवाद देते हुए अभिनंदन करता हूं। इस गौरव के क्षण को जीने का आह्वान करता हूं। देश के 15वें राष्ट्रपति को हमारा अभिनंदन। (लेखक झारखंड एसटी मोर्चा के अध्यक्ष हैं।)

बड़ी जीत की ओर बढ़ीं एनडीए उम्मीदवार मुर्मू, दूसरे राउंड में भी मिले भारी वोट
Published / 2022-07-21 14:18:01
बड़ी जीत की ओर बढ़ीं एनडीए उम्मीदवार मुर्मू, दूसरे राउंड में भी मिले भारी वोट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति चुनाव में हो रही मतगणना के पहले दौर के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू आगे चल रही हैं और उन्हें कुल वैध 748 मतों में से 540 मत मिले हैं जबकि विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 208 मत मिले हैं। दूसरे दौर की मतगणना में द्रौपदी मुर्मू विपक्षी उम्मीदवार यशंवत सिन्हा से बहुत आगे निकल गई हैं। रिटर्निंग आॅफिसर पीसी मोदी ने बताया कि दूसरे दौर में द्रौपदी मुर्मू को 1349 विधायकों के वोट मिले हैं, जबकि यशंवत सिन्हा को 537 वोट मिले हैं। द्रौपदी मुर्मू को अब तक 483299 वोट मिल चुके हैं और सिन्हा को 179876 वोट मिले हैं। पीसी मोदी ने बताया कि अभी तक आंध्र प्रदेश, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, गोवा और छत्तीसगढ़ के मतों की गिनती की गई है। संसद भवन में गुरुवार सुबह शुरू हुई मतगणना के पहले दौर में सभी सांसदों के मतों की गिनती की गई। चुनाव के लिए नियुक्त निर्वाचन अधिकारी और राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी ने बताया कि वैध 748 मतों में से मुर्मू को 540 मत मिले जबकि सिन्हा को 208 मत मिले हैं। रिटर्निंग आॅफिसर ने कहा कि मत मूल्य के हिसाब से कुल 523600 में से मुर्मू को 378000 जबकि सिन्हा को 145600 मत मूल्य हासिल हुए। दूसरे दौर में राज्य विधानसभाओं में विधायकों द्वारा डाले गए मतों की गिनती की जा रही है। राष्ट्रपति चुनाव में 99 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने वोट डाले थे। निर्वाचन आयोग के अनुसार इस बार राष्ट्रपति चुनाव में कुल 4796 मतदाता थे, जिनमें से 99 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। 11 राज्यों और केन्द्र शासित पुड्डुचेरी में शत-प्रतिशत मतदान हुआ। राष्ट्रपति चुनाव के लिए दिल्ली और पुड्डुचेरी समेत 30 जगहों पर मतदान कराया गया। इस चुनाव में राज्य सभा और लोकसभा के सदस्यों के अलावा राज्यों और विधानसभा वाले केन्द्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को मताधिकार प्राप्त था।

देश में कोरोना : 24 घंटे में 21,000 से भी ज्यादा मिले नए केस, 45 मौत, एक्टिव केस डेढ़ लाख के करीब
Published / 2022-07-21 09:20:11
देश में कोरोना : 24 घंटे में 21,000 से भी ज्यादा मिले नए केस, 45 मौत, एक्टिव केस डेढ़ लाख के करीब

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में एक दिन में कोविड-19 के 21,566 नए मामले सामने आए, जो 152 दिनों बाद आए संक्रमण के सबसे अधिक मामले हैं। इसके साथ ही उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 1,48,881 हो गयी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, 45 और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 5,25,870 हो गयी है। संक्रमितों की कुल संख्या 4,38,25,185 पर पहुंच गयी है। उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.34 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98.46 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे में कोविड-19 का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में 3,227 की वृद्धि हुई है। संक्रमण की दैनिक दर 4.25 फीसदी जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 4.51 फीसदी दर्ज की गयी। इस बीमारी से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,31,50,434 हो गयी है जबकि मृत्यु दर 1.2 प्रतिशत है। देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकारण अभियान के तहत अभी तक 200.91 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं। गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को मामले चार करोड़ के पार हो गए थे।

शहीद दिवस : कोलकाता में TMC की सबसे बड़ी रैली आज
Published / 2022-07-21 03:55:27
शहीद दिवस : कोलकाता में TMC की सबसे बड़ी रैली आज

एबीएन सेंट्रल डेस्क। तृणमूल कांग्रेस के शहीद दिवस कार्यक्रम के लिए कोलकाता सज धजकर तैयार है। पार्टी का ये सबसे बड़ा कार्यक्रम है। हर साल 21 जुलाई को पार्टी इसे बड़े पैमाने पर मनाती है। पिछले दो साल से कोरोना की वजह से वर्चुअली इसका आयोजन हुआ था। गुरुवार को कोलकाता के बीचोंबीच धर्मतल्ला इलाके में होने वाले कार्यक्रम में लाखों लोगों के जुटने की संभावना है। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी हर साल इस रैली के जरिए अपना रोडमैप पेश करती हैं। माना जा रहा है कि इस बार वह 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए हुंकार भरेंगी। वह कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कर सकती हैं। यशवंत सिन्हा और जगदीप धनखड़ को लेकर पार्टी पर उठ रहे सवालों के जवाब भी दे सकती हैं। शहीद दिवस 21 जुलाई 1993 को कोलकाता में 13 तृणमूल कार्यकर्ताओं की गोलीबारी में हुई मौत की याद में मनाया जाता है। ममता बनर्जी उस समय तृणमूल यूथ कांग्रेस की नेता थीं। उनके नेतृत्व में तत्कालीन सत्ताधारी वाम दलों की कथित चुनावी गड़बड़ियों के विरोध में वोटर आईडी कार्ड को लेकर बड़ा आंदोलन हुआ था, उसमें हजारों कार्यकर्ता जुटे थे। भीड़ जब राइटर्स बिल्डिंग के पास पहुंची तो पुलिस ने लाठीचार्ज और गोलीबारी कर दी, जिसमें तृणमूल यूथ कांग्रेस के 13 कार्यकर्ता मारे गए। तभी से ममता बनर्जी हर साल 21 जुलाई को शहीदी दिवस मनाती हैं। 1 जनवरी 1998 को तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद से ये पार्टी का सालाना सबसे बड़ा कार्यक्रम होता है। दो साल के बाद भौतिक रूप से हो रही इस रैली के लिए हजारों लोग आसपास के इलाकों से कोलकाता पहुंच रहे हैं। सबकी नजरें इस पर हैं कि ममता बनर्जी यहां से क्या संदेश देती हैं। माना जा रहा है कि वह 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए रोडमैप पेश कर सकती हैं। अगले साल बंगाल में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को मंत्र दे सकती हैं। इसके अलावा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में विपक्षी उम्मीदवारों के समर्थन को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब भी दे सकती हैं। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, टीएमसी पर यशवंत सिन्हा के मुख्य विपक्षी उम्मीदवार घोषित होने के बाद पीछे हटने के आरोप लग रहे हैं। कांग्रेस और सीपीएम ने टीएमसी पर उपराष्ट्रपति चुनाव में जगदीप धनखड़ की उम्मीदवारी को लेकर बीजेपी से साठगांठ का भी आरोप लगाया है। ममता बनर्जी ने खुद वीडियो जारी करके ज्यादा से ज्यादा लोगों को शहीद दिवस रैली में शामिल होने का आह्वान किया है। इसके बाद से पार्टी कार्यकर्ताओं का कोलकाता पहुंचना शुरू हो गया था। अभिषेक बनर्जी इस आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। टीएमसी नेताओं का दावा है कि इस बार 10 लाख से ज्यादा लोग रैली में जुटेंगे। विपक्ष के कई नेता भी इस दौरान टीएमसी में शामिल हो सकते हैं।

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