एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रौद्योगिकी की मदद से कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण की पुरजोर वकालत करते हुए रविवार को कहा कि इस तरह भारत आत्म-निर्भर बनने के अलावा कृषि क्षेत्र में वैश्विक अगुआ भी बन सकता है। प्रधानमंत्री ने नीति आयोग के शीर्ष निकाय संचालन परिषद की यहां आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जीवनयापन में सुगमता लाने, सेवा की पारदर्शी आपूर्ति और जीवन गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने पर भारत के लिए तीव्र शहरीकरण कमजोरी के बजाय एक ताकत बन सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को खाद्य तेलों के उत्पादन में स्वावलंबी बनने पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने विकसित एवं विकासशील देशों के समूह जी-20 का अगले साल भारत के अध्यक्ष बनने के मुद्दे पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने राज्यों से जी-20 के लिए समर्पित टीम बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि इस पहल से अधिकतम लाभ लेने में यह कारगर हो सकता है। प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की संचालन परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में 23 मुख्यमंत्री, तीन उप राज्यपाल और दो प्रशासकों के अलावा कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए। यह कोविड-19 महामारी आने के बाद से संचालन परिषद की पहली परंपरागत बैठक रही। वर्ष 2021 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये यह बैठक आयोजित की गई थी। संचालन परिषद की बैठक में चार अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई। फसल विविधीकरण और दालों, तिलहन एवं अन्य कृषि जिंसो में स्वावलंबन हासिल करना, स्कूली शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करना, उच्च शिक्षा में एनईपी का क्रियान्वयन और शहरी शासन के मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश को नया उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के रूप में मिल चुका है। शनिवार को हुए चुनाव में धनखड़ ने धाखड़ जीत हासिल की है। उन्होंने ये जीत 528 वोटों के साथ दर्ज की है, तो वहीं उनके मुकाबले में खड़ी हुईं विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को मात्र 182 वोट मिले। वैसे चुनाव परिणाम से पहले ही धनखड़ की जीत निश्चित मानी जा रही थी। जगदीप धनखड़ अब 11 जुलाई को देश के 14वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे, मालूम हो कि मौजूदा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है। मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले जगदीप धनखड़ की इमेज शुरू से ही काफी धाकड़ रही है। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के किठाना में सन् 1951 में जन्म लेने वाले धनखड़ किसान परिवार से आते हैं। आपको जानकर हैरत होगी धनखड़ अपने गांव में अंग्रेजी बोलने वाले पहले शख्स थे, जिंदगी में अपनी मेहनत और लगन के दम पर आगे बढ़ने वाले धनखड़ ने आगे चलकर वकालत में स्नातक किया और इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में काफी दिनों तक वकालत की, उनकी गिनती टॉप वकीलों में होती थी। लेकिन धनखड़ कभी भी अपनी जड़ों को नहीं भूलें, उनकी इच्छा थी कि उनका गांव भी फले-फूले और गांव का हर बच्चा अंग्रेजी बोले और इसी वजह से उन्होंने यहां पर English स्पीकिंग कोर्स और कंप्यूटर के ट्रेनिंग सेंटर्स खोलवाए। आपको बता दें कि देश के प्रतिष्ठित पोस्ट पर रहने के बावजूद धनखड़ एक सिंपल लाइफ जीते हैं। उनकी एक नियमित दिनचर्चा है। वो हर रोज सुबह पांच बजे उठते हैं और योग करते हैं। इसके बाद वो नहा-धोकर पूजा-पाठ करते हैं। सादा जीवन में भरोसा रखने वाले धनखड़ सुबह नाश्ते में दही और रात की ठंडी रोटी खाते हैं इसके अलावा उन्हें अगर कुछ और चाहिए होता है तो वो है काचरे की चटनी। जबकि दोपहर के भोजन में वो सिंपल चपाती और सब्जी खाते हैं। रात के भोजन में वो खिचड़ी या दलिया खाना पसंद करते हैं और इसके अलावा वो मीठे में चूरमा भी खाते हैं। उन्हें ज्यादा मसालेदार भोजन और तामझाम पसंद नहीं है। वो एक आम परिवार से आते हैं इसलिए जब उन्होंने उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन किया था तो उन्होंने भावुक होते हुए कहा था कि मैंने ख्वाब में भी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं उपराष्ट्रपति पद पर पहचूंगा, मैं एक किसान के घर पैदा हुआ था और भारत के लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि आज किसान का बेटा उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बना है। खैर आज वो देश के 14 वें उपराष्ट्रपति बन गए हैं और इसलिए उनकी जीत पर उनके समर्थक और परिवार वाले राजस्थान में जश्न मना रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में एक दिन में 18,738 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,41,45,732 हो गई है, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,34,933 पर पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार सुबह 8 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 40 और मरीजों के दम तोड़ने के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 5,26,689 हो गई है। इसमें केरल में मौत के आठ मामले भी शामिल हैं, जिनका बाद में पुनर्मिलान किया गया है। आंकड़ों मुताबिक, उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.31 प्रतिशत है, जबकि covid-19 से स्वस्थ होने वालों की राष्ट्रीय दर 98.50 प्रतिशत है। बीते 24 घंटे में covid-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 140 की वृद्धि दर्ज की गई है। मंत्रालय के अनुसार, संक्रमण की दैनिक दर 5.02 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 4.63 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, covid-19 से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,38,84,110 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत आंकी गई है। देशव्यापी covid-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत भारत में अभी तक 206.21 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी हैं। बता दें कि देश में सात अगस्त 2020 को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्तूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्तूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार हो गए थे। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते एक दिन में संक्रमण से जिन मरीजों ने जान गंवाई है, उनमें से 9 की मौत महाराष्ट्र, चार-चार की छत्तीसगढ़ तथा पश्चिम बंगाल, तीन की मणिपुर, दो की मध्य प्रदेश और एक-एक मरीज की मौत बिहार, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मेघालय, ओडिशा, पंजाब और त्रिपुरा में हुई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने राज्य मंत्री जनरल विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) के साथ अकासा एयर की मुंबई-अहमदाबाद उड़ान का उद्घाटन किया। अकासा एयर आखिरकार अपनी पहली उड़ान भरी। न्यू एयरलाइन अकासा एयर ने शुक्रवार को अहमदाबाद-बेंगलुरु, मुंबई और कोच्चि में प्रारंभिक नेटवर्क के साथ अपनी पहली वाणिज्यिक उड़ानों के लिए टिकट बुकिंग शुरू की। इसके बाद 13 अगस्त से एयरलाइन अतिरिक्त 28 साप्ताहिक उड़ानों का संचालन बेंगलुरु और कोच्चि के बीच शुरू करेगी। सभी के लिए टिकट तत्काल प्रभाव से बिक्री के लिए खुले हैं। अकासा एयर के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय दूबे ने कहा कि हम अंततः बिक्री के लिए अपनी उड़ानों की पेशकश करने में सक्षम होने के लिए बेहद उत्साहित हैं। हम अपने प्रोडक्ट को प्रजेंट करने के लिए भी उत्साहित हैं जो अब तक श्रेणी में अनुभव किए गए किसी भी चीज़ के विपरीत होने का वादा करता है। अकासा कर्मचारियों के साथ गर्म और कुशल ग्राहक सेवा प्रदान करने के साथ-साथ एक विश्वसनीय और भरोसेमंद नेटवर्क और किफायती किराए हम अपने ग्राहकों को प्रदान करेंगे। मुझे यकीन है कि उन्हें अच्छा लगेगा। बुकिंग मोबाइल ऐप और इसकी वेबसाइट www.akasaair.com के माध्यम से उपलब्ध है। अकासा एयर के सह-संस्थापक और मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी प्रवीण अय्यर ने कहा कि अकासा एयर की नेटवर्क रणनीति एक मजबूत अखिल भारतीय उपस्थिति स्थापित करने और देश भर में मेट्रो से टियर 2 और टियर 3 शहरों तक संपर्क प्रदान करने पर केंद्रित है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। ताज नगरी आगरा से बड़ी खबर सामने आई है। आशंका जताई जा रही है कि ताजमहल पर आतंकी हमला कर सकते हैं। इसको लेकर खुफिया एजेंसियों ने हाईअलर्ट जारी किया है। सुरक्षा की दृष्टि से कमांडो भी तैनात कर दिए गए हैं। सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे सीआईएसएफ के सामने पहली बार इस तरह की परिस्थितियों से निपटने की बड़ी चुनौती होगी। दरअसल, आजादी के अमृत महोत्सव के चलते ताजमहल में 15 अगस्त को पर्यटकों के लिए प्रवेश निशुल्क कर दिया गया है। जिससे बड़ी संख्या में पर्यटकों कें आने की संभावना है। मुख्य गुबंद पर भीड़ को रोकने के लिए अलग से क्यू मैनेजर भी तैनात किए गए हैं। जिसके चलते ताजमहल पर आतंकी हमले का अलर्ट मिलते ही खुफिया एजेंसियों की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था को दोगुना कर दिया है। ऐसे में दो शिफ्टों में सीआईएसएफ जवानों द्वारा की जाने वाली सुरक्षा में पहले 100 जवानों को तैनात किया जाना था, लेकिन इस बार ताजमहल में पर्यटकों को अमृत महोत्सव के चलते फ्री एंट्री दी गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 15 अगस्त तक ताजमहल सहित देश के सभी स्मारकों में प्रवेश निशुल्क कर रखा है। जिसके चलते भारी संख्या में लोगों की संभावना है। जिसे देखते हुए जवानों की संख्या 180 कर दी गई है। साथ ही अत्याधुनिक शस्त्रों से लैस 36 कमांडो को अलग से तैनात किया गया है। ये कमांडों ताजमहल के कुछ खास प्वाइंटों पर तैनात रहकर सैलानियों की गतिविधियों की निगहबानी करेंगे। सीआईएसएफ के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, ताजमहल की सुरक्षा के लिए आसपास के क्षेत्रों में नाइट विजन कैमरों के जरिए निगरानी कराई जायेगी। साथ ही स्निफर डॉग के माध्यम से पूरे परिसर में सुबह और शाम चेकिंग कराई जायेगी। बम निरोधक दस्ते द्वारा भी लगातार चेकिंग कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
एबीएन डेस्क। भारत अंग्रेजों से अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। देश को आजाद हुए 75 साल पूरे हो गए हैं। 1947 में आजादी मिलने के बाद से आज साल 2022 तक ना जाने कितनी ही चीजें बदल गईं। आइए जानते हैं रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल की जाने वाली चीजों के दाम पिछले 75 सालों में कितना बदले : गरीब से गरीब परिवार में दूध का इस्तेमाल होता है। 1947 में एक लीटर दूध की कीमत 12 पैसे थी। आज दूध का रेट 59 रुपये प्रति लीटर है। 1947 में प्रति 8 ग्राम सोने की कीमत 73 रुपये थी। अब इतने सोने की कीमत करीब 41 हजार रुपये है। 1947 में 27 पैसे प्रति लीटर वाला पेट्रोल अब करीब 100 रुपये में मिलता है। से 1947 से 2022 तक चीनी की कीमत में भी भारी बदलाव हुआ है। जब हम आजाद हुए तब आटे का रेट 10 पैसे प्रति किलो था। अब यह करीब 20 रुपये प्रति किलो है। 1947 में ठीक-ठाक साइकिल 20 रुपये तक में मिल जाती थी। अब यह कीमत करीब 5 हजार रुपये तक पहुंच गई है। 1947 में 3.30 रुपये वाला डॉलर अब 80 रुपये प्रति डॉलर तक पहुंच गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा की पूर्व विदेश पद्म विभूषण पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा ने श्रद्धांजलि अर्पित की। मौके पर संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा की सौम्यता और सादगी की प्रतिमूर्ति ओजस्वी वक्ता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्म विभूषण सुषमा स्वराज के रूप में देश ने एक अनमोल रत्न खोया है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। आज भी हर महिला को उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से सीख लेनी चाहिए। कहा कि उन्होंने अपने संघर्ष से अपना और देश का नाम बढ़ाया। प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष आरती कुजूर ने कहा उनकी स्मृति हमेशा जीवित रहेगी। आज हमलोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित किया। उनकी कृतियों को याद किया गया। मैं आज हर महिला को संदेश देना चाहती हूं उनके जैसे सशक्त होने की जरूरत है। कार्यक्रम में मंजूलता दुबे, सुचिता सिंह, लक्ष्मी कुमारी, बबिता वर्मा, रेखा महतो, सोनी हेमरोम, रंजिता सिंह, लक्की सिंह, हेमंत दास, पंकज सिंह आदि उपस्थित थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने से विश्व संघ शिक्षा वर्ग में उद्बोधन में प्रवासी भारतीयों के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रवासी भारतीयों के आचरण पर धब्बा नहीं है। भागवत ने आगे कहा कि जहां भी प्रवासी भारतीय गए हैं, वो उस देश के लिए एसेट बने हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा किकैरिबियंस देशों में रहने वाले भाई बहनों इसका दुख ना करो कि आप लोग अपनी मातृभूमि से बिछड़े हुए है।भगवान ने प्रयोजन किया है, उसकी इच्छा से ये हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि आपके भाग्य में अपनी स्वभूमि से निर्वासन और ऐसी स्थिति में भी उसकी पुरानी स्मृतियां पीढ़ी दर पीढ़ी रह रहे हैं, उसको आपको सारी दुनिया को देना है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत का उत्थान तब हुआ जब हम विश्व के कल्याण के मार्ग पर चले। उन्होंने कहा कि भारत विश्व को धर्म से जोड़ने वाला देश है और भारत व्यक्ति को प्रकृति से जोड़ने वाला तत्व धर्म है। उन्होंने कहा कि संघ का काम भारत को विश्वगुरु बनाना है। साथ ही उन्होंने कहा किपर्यावरण का संकट दरवाजा खटखटा रहा है। जीवन मोक्ष और जनहित के लिए जीना है। इस तरुण पीढ़ी को संघ का काम अब और आगे ले जाना है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिण रेलवे ने परंरागत उर्जा के स्रोतों से हटकर गैर परंपरागत ऊर्जा के स्रोत का इस्तेमाल किया। रेलवे के लिए ये एक शानदार अनुभव रहा। पहले के मुकाबले इस बार रेलवे ने अकेले बिजली खपत के नए प्रयोग के जरिए कम करके 55 करोड़ रुपए बचा लिए हैं। दक्षिण रेलवे ने शुक्रवार को कहा कि कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों का उपयोग किया गया और इससे 54.99 करोड़ रुपये बचत रेलवे को हुई। दक्षिण रेलवे ने अपने जोन के स्टेशनों में 2017-18 में सौर संयंत्र की स्थापित किए थे। इससे जून 2022 तक 16.30 मिलियन यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन होता था। जिससे ₹6.45 करोड़ की बचत हुई। जबकि 91.56 मिलियन यूनिट पवन ऊर्जा के उत्पादन किया गया। इससे 48.54 करोड़ रुपये की बचत की गई। दक्षिण रेलवे ने कहा कि सौर ऊर्जा के माध्यम से वह 2017 से जुलाई 2022 तक 16.30 मिलियन यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन करके ₹6.45 करोड़ बचाने में सफल रहा। ये सब पवन चक्कियों के निर्माण के बाद संभव हुआ। रेलवे यहां अपने पूरे परिसर में विभिन्न स्थानों पर सौर ऊर्जा पैनल स्थापित किये। दक्षिण रेलवे ने कहा कि वह सौर संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन दिन में पूरी तरह सौर ऊर्जा पर निर्भर रहने वाला दक्षिण रेलवे का पहला स्टेशन बन चुका है। जबकि तूतीकोरिन डिवीजन के जिलों में स्थापित पवन चक्की संयंत्रों के माध्यम से दक्षिण रेलवे 48.54 करोड़ की बचत की है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.