एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। भारतीय विदेश सेवा के छः वरिष्ठ अधिकारियों ने विकास भवन में उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ से मुलाकात की और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिहार के उत्पादों की बिक्री में बढ़ोतरी की संभावनाओं पर विचार विमर्श किया।
मुलाकात करने वालों में डॉ राजीव रंजन, वीरगंज नेपाल के महावाणिज्य दूतावास में पोस्टेड नितेश कुमार, नेपाल की राजधानी काठमांडू के भारतीय एंबेसी में पोस्टेड नवीन कुमार, पाकिस्तान के भारतीय उच्चायोग में कार्यरत गौरव ठाकुर, अनिल कुमार और बांग्लादेश में भारत के सहायक उच्चायुक्त मनोज कुमार शामिल रहे।
भारतीय विदेश सेवा के 2011 के इन सभी अधिकारियों ने उद्योग मंत्री से मुलाकात के दौरान बिहार के हस्तशिल्प और हथकरघा के उत्पादों के साथ-साथ लीची, केला, आम, मखाना मशरूम जैसे उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं पर प्रारंभिक चर्चा की।
सभी अधिकारियों का स्वागत करते हुए उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि बिहार में लेदर और टेक्सटाइल, इथेनॉल तथा फूड प्रोसेसिंग उद्योग लगाने की दिशा में काफी काम हुआ है और अनेक नई कंपनियों ने अपना उत्पादन चालू किया है।
बिहार के पास 3,000 एकड़ का लैंड बैंक और 24,00,000 वर्ग फीट का प्लग एंड प्ले इंडस्ट्रियल शेड उपलब्ध है, जहां उद्यमी अपना मशीन लगाकर एक माह के अंदर उत्पादन प्रारंभ कर सकते हैं।
उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित ने भारतीय विदेश सेवा के सभी अधिकारियों को सिंगल विंडो सिस्टम और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सभी अधिकारियों को उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने अंग वस्त्र और पटना का टिकुली आर्ट भेंट कर सम्मानित किया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मुजफ्फरपुर। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा स्थानीय आरडीएस कॉलेज प्रांगण में लगाये गये खादी मेला एवं उद्यमी बाजार में जिला उद्योग केंद्र मुजफ्फरपुर द्वारा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों के मार्गदर्शन के लिए संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नई औद्योगिक इकाइयों को लगाने तथा पुरानी औद्योगिक इकाइयों को उन्नत बनाने के लिए पीएम एफएफएमई योजना एक विशिष्ट योजना है जिसका क्रियान्वयन बिहार सरकार के खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय द्वारा किया जाता है।
उन्होंने उद्यमियों को बताया कि यह क्रेडिट लिंक योजना है जिसमें औद्योगिक इकाइयों को अधिकतम 1000000 तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिए भी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। किसानों की प्रड्यूसर कंपनियों तथा सेल्फ हेल्प ग्रुप के लिए भी अनेक प्रावधान इस योजना के तहत किये गये हैं।
इस योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में काम करने वाले सेल्फ हेल्प ग्रुप के सदस्यों को 40000 प्रति सदस्य की मदद की जाती है। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को आवेदन प्रक्रिया में मदद करने के लिए उद्योग विभाग द्वारा जिला संसाधन सेवी बहाल किये गये हैं जिनकी सेवा निशुल्क उपलब्ध है।
आवेदन करने से लेकर ऋण स्वीकृति और ऋण वितरण तक के कार्य में जिला संसाधन सेवी द्वारा सहायता दी जाती है। कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर के जिला खादी ग्रामोद्योग पदाधिकारी कमलेश कुमार त्रिवेदी, उद्योग विस्तार पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार, नरेश पासवान, राजेश कुमार श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश चौधरी और अनेक जिला संसाधन सेवियों ने भी हिस्सा लिया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मुजफ्फरपुर। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा स्थानीय आरडीएस कॉलेज प्रांगण में लगाये गये खादी मेला एवं उद्यमी बाजार में जिला उद्योग केंद्र मुजफ्फरपुर द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के संबंध में जागरूकता अभियान चलाया गया।
बिहार राज्य खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के जिला ग्राम उद्योग पदाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम 2008 में लांच किया गया था और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन तथा उद्योग लगाने के लिए यह उत्तम योजना है जिसके तहत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी की व्यवस्था सरकार द्वारा की गयी है।
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा संचालित इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के लोग बैंकों के माध्यम से स्वरोजगार और उद्योग लगाने के लिए ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
मैनुफैक्चरिंग उद्योग लगाने के लिए इस योजना के तहत ₹50,00,000 तक का ऋण दिया जाता है जबकि सेवा क्षेत्र में स्वरोजगार की स्थापना के लिए ₹20,00,000 तक के ऋण की व्यवस्था की जाती है।
इस ऋण पर बैंकों द्वारा निर्धारित दर पर ब्याज भी देना पड़ता है। पूरी योजना के तहत सामान्य वर्ग के लाभार्थी को परियोजना लागत का 10% और विशेष श्रेणी के लोगों को परियोजना लागत का 5% राशि स्वयं लगाना होता है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत शहरी क्षेत्र में 25% तक और ग्रामीण क्षेत्रों में 35% तक के सब्सिडी की व्यवस्था है। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन है जिसे जिला उद्योग केंद्र तथा बिहार राज्य खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के माध्यम से बैंकों को अग्रसारित किया जाता है।
ऋण की स्वीकृति बैंकों द्वारा दी जाती है जबकि सब्सिडी की व्यवस्था खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा की जाती है। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि खादी मेला 17 जून तक चलेगा। मेला में खादी, ग्राम उद्योग, स्टार्टअप आदि के 100 से अधिक स्टाल लगाये गये हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मुजफ्फरपुर। शहर के राम दयालु सिंह कॉलेज कैंपस में बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा खादी मेला लगाया गया है, जिसका उद्घाटन बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ, बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार, मुजफ्फरपुर के एडीएम अजय कुमार, किसान चाची पद्मश्री राजकुमारी देवी, आर डी एस कॉलेज की प्राचार्य डॉ अमिता शर्मा और जिला जनसंपर्क अधिकारी दिनेश कुमार ने किया।
उद्घाटन के बाद खादी मेला में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि खादी हमारे स्वाभिमान का प्रतीक है। महात्मा गांधी ने जब स्वदेशी का आंदोलन चलाया था तो घर-घर में चरखा चलाने का काम हुआ। घर-घर में कुटीर उद्योग प्रारंभ हुए। इससे हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। लोग स्वाबलंबी हुए। चरखा और खादी से जो ताकत मिली उसी ताकत के बल पर देश आजाद हुआ।
प्रदेश के लाखों लोग खादी और ग्रामोद्योग से रोजगार पाते हैं। खादी और कुटीर उद्योगों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। हमारी सरकार बिहार के हर युवा को रोजगार देने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत हमने लगभग 29000 उद्यमियों को 2006 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की है।
10- 10 लाख रुपये की सहायता पाकर बिहार के युवा न सिर्फ अपने लिए रोजगार का इंतजाम कर रहे हैं बल्कि दर्जनों दूसरे लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चार-चार लाख रुपए की राशि पहली किस्त के रूप में दी जाती है। जिन लोगों ने प्रथम किस्त का उपयोग कर लिया उन्हें दूसरा किस्त भी दे दिया गया है और दूसरे किस्त की उपयोगिता का प्रमाण पत्र देने वाले उद्यमियों को तीसरा किस्त भी दे दिया गया है।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत पिछले 7 महीनों में हजारों नये उद्योग खुल चुके हैं। हर उद्योग में 5 से 10 लोगों को रोजगार मिला है। हम चाहते हैं कि बिहार के युवा बिहार में ही काम करें। बिहार में ही उद्योग लगायें और अपने गांव समाज के दूसरे लोगों को भी रोजगार दें। उद्योग विभाग की हर योजना का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा नए उद्योग स्थापित हों। सिवान जिला के युवा भी कमर कस लें। विभाग द्वारा उन्हें हर प्रकार की मदद दी जायेगी।
खादी मेला और हैंडलूम मेला लगा कर उन्हें मार्केटिंग का अवसर प्रदान किया जायेगा। इसके अलावा खादी मॉल के माध्यम से मार्केटिंग में मदद दी जायेगी । उन्होंने युवा उद्यमियों से कहा कि उद्योग के लिए मिलने वाले ऋण को खैरात नहीं समझे। योजना चाहे जो भी हो, सरकार से मिलने वाली वित्तीय सहायता का उपयोग नए उद्योगों की स्थापना और पुराने उद्योगों के विस्तार के लिए करें।
मुजफ्फरपुर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक धर्मेंद्र कुमार सिन्ह ने कहा कि मुजफ्फरपुर जिला में उद्योगों की स्थापना के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार कोशिश हो रही है। सभी बैंकों को पीएमईजीपी और पीएमएफएमई जैसे कार्यक्रमों के तहत लक्ष्य के अनुसार ऋण स्वीकृत करने का निर्देश दिया गया है। जो बैंक लक्ष्य के अनुसार ऋण की स्वीकृति नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि प्रदेश की सभी खादी संस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड द्वारा सहायता दी जा रही है। मुजफ्फरपुर का खादी मेला भी एक ऐसा प्रयास है जिसके माध्यम से खादी वस्त्र के उत्पादकों को बाजार मुहैया कराया जा रहा है। ऐसा मेला मोतिहारी, गया, कैमूर, पूर्णिया, सिवान और आरा में भी लगाया जा चुका है।
कार्यक्रम में बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अभय कुमार सिंह, राजीव कुमार शर्मा, अजमत अब्बास रिजवी, जिला खादी ग्राम उद्योग पदाधिकारी कमलेश कुमार त्रिवेदी आदि भी मौजूद रहे।
खादी मेला सह प्रदर्शनी : बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा खादी मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य के विभन्न जिला यथा मोतिहारी, भभुआ, गया, पूर्णिया, आरा एवं सिवान में आयोजित किया गया है। छः जगहों पर आयोजित खादी मेला में संस्थाओं द्वारा लगभग रुपये 4.81 करोड़ की बिक्री की गयी है। इसके अतिरिक्त आईएनए, दिल्ली हाट, नई दिल्ली में 16 मार्च 2023 से 31 मार्च 2023 तक बिहार उत्सव तथा पटना के गांधी मैदान में दिनांक 22 मार्च 2023 से 31 मार्च 2023 तक बिहार दिवस का भी आयोजन किया गया। जिससे बिहार स्थित खादी एवं ग्रामोद्योग संस्था/समितियों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कराया गया है।
प्रशिक्षण की योजना : वित्तीय वर्ष 2022-23 में बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा राज्य के खादी संस्था/समितियों के माध्यम से विभिन्न जिलों में एक से तीन माह का खादी सूत कताई, रेशमी सूत कताई, खादी बुनाई, रेशमी बुनाई एवं ग्रामोद्योगी इकाई में सिलाई-कताई, साबुन निर्माण, व्हाईट फिनाईल निर्माण, पापड़ बड़ी, बेंत-बांस , आचार निर्माण, लहठी निर्माण एव अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जाने के अन्तर्गत 41 स्थानों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 1025 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दे कर स्वालंबी बनाया गया है। इसके साथ ही चन्द्रगुप्त संस्थान द्वारा खादी संस्था/समितियों को दो प्रशिक्षण 25-25 के समूह में मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए प्रशिक्षित कराया गया है।
खादी पुर्नरूद्धार योजना : बिहार स्थित खादी संस्थाओं को संस्था के कार्य सुचारू रूप से चलाने तथा कच्चा माल एवं कतिनों/बुनकरों को समय पर पारिश्रमिक भुगतान एवं अन्य भुगतान हेतु कार्यशील पूंजी (ऋण) मात्र 4% के ब्याज दर पर ऋण के रूप में 07 वर्षों के लिए संस्था/समितियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यशील पूंजी के रूप में आधुनिक चरखा के लिए 3 संस्थाओं को 28.50 लाख रूपये तथा कटिया चरखा के लिए 19 खादी संस्थाओं को कुल 180.00 लाख रूपये मात्र कार्यशील पूंजी (ऋण) में उपलब्ध करयी गयी है। पांच खादी संस्थाओं को 80 नग कटिया चरखा के लिए (50%) 1.71 लाख रूपये उपलब्ध करायी गयी है, 21 खादी संस्थाओं को 355 कटिया चरखा के खरीद के पश्चात शेष 40% राशि रुपये 6.07 लाख रूपये उपलब्ध करायी गयी है एवं 4 खादी संस्थाओं को 17 करघा के खरीद के पश्चात शेष 40% राशि रू0 2.04 लाख उपलब्ध करायी गयी है।
रिबेट योजना : राज्य के खादी संस्था/समितियों को खादी वस्त्रों के उत्पादन पर वित्तीय वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 का राज्य में उत्पादित खादी वस्त्रों पर 10% की छूट (रिवेट) की राशि का भुगतान किया गया है।
खादी मॉल पटना : खादी मॉल, पटना से जुड़े लगभग 80 खादी संस्थाओं तथा 120 ग्रामोद्योगी अन्तर्गत उत्पादन करने वाले आपुर्तिकर्ता के सामग्री को खादी मॉल, पटना में बिक्री हेतु रखा गया है जिससे मॉल में वितीय वर्ष 2022-23 में 16.30 करोड़ रूपये की बिक्री हुई है। खादी मॉल का निर्माण- खादी मॉल, पटना के तर्ज पर वितीय वर्ष 2022-23 में राज्य के जिला मुजफ्फरपुर तथा पूर्णिया में आयडा खादी मॉल का निर्माण करा रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। जून का माह चल रहा है और ऊपर से तापमान होने के कारण हीट वेव की स्थिति है। ऐसे में लोग गर्मी से बेहाल है। गर्मी के मौसम में खादी की डिमांड बढ़ने लग गयी है। अब युवाओं की पहली पसंद खादी हो गयी है।
इसी बीच राजधानी के गांधी मैदान के पास स्थित खादी मॉल में खादी एवं खादी से बने उत्पादों पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। वहीं, ग्रामोद्योग एवं अन्य उत्पादों पर 20 प्रतिशत की छूट है। इस दी ग्रैंड सेल आफर का लाभ 30 जून तक उठाया जा सकता है।
गर्मी के बीच ग्रैंड सेल आफर चलने से खादी के कपड़ों की बिक्री तेज हुई है। खादी के कपड़ो को लेने के लिए लोग खादी मॉल पर पहुंच रहे है। गर्मी में खादी के कपड़े शरीर को शीतलता प्रदान करते हैं। खादी के कपड़े अन्य कपड़ों से सस्ता होते हैं। यह शरीर के लिए नुकसानदेह भी नहीं है। गर्मी में लोग संतुलित आहार-विहार के साथ पहनावे का भी ध्यान रखते हैं।
खासतौर से खादी के कपड़ों को लोग अधिक पसंद करते हैं। खादी मॉल में सफेद और रंग-बिरंगी खादी के कपड़े उपलब्ध हैं, जो लोगों को लुभा रहे हैं। लोग शर्ट के लिए कपड़े भी खरीद रहे हैं। युवाओं में बढ़ती मांग को देखते हुए सिले-सिलाए शर्ट-पैंट, कुर्ता-पाजामा, कुर्ती और अन्य पारंपरिक पोशाक उपलब्ध हैं।
बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सीईओ दिलीप कुमार ने बताया कि गर्मी में बुनकरों को बाजार देने के लिए छूट दी जा रही है। इसका सीधा लाभ राज्य के बुनकरों को होगा। खादी की डिमांड लगातार बढ़ रही है। लोग अब स्वदेशी वस्त्र खादी की ओर रुख कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई विदेशी पर्यटक भी बिहार खादी के वस्त्र खरीदने के लिए खादी मॉल आए हैं और उन्होंने छूट का लाभ उठाते हुए मधुबनी की खादी और भागलपुर की सिल्क खादी की खरीदारी की है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, भागलपुर। बिहार के भागलपुर में गंगा पर अगुवानी-सुल्तानगंज के बीच बन रहे पुल का स्ट्रक्चर रविवार को अचानक नदी मे गिर गया। बताया जा रहा है कि पुल का करीब 200 मीटर का हिस्सा गंगा में गिर गया है। इस घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, क्योंकि जिस वक्त ये हादसा हुआ, वहां पर कोई मौजूद नहीं था।
पुल गिरने की कोई ये पहली घटना नहीं है, पिछले साल भी पुल का कुछ हिस्सा नदी में गिर गया था।जब ये पुल गिरा तो लोग इसके घटिया निर्माण सामग्री और इसे बनाने का जिम्मा उठाने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी पर लोग सवाल उठाने लगे हैं। लोग कहने लगे कि पहले भी इस तरीके की घटना हो चुकी है।
दरअसल, पिछले साल अप्रैल 2022 में निर्माणाधीन पुल का पिलर नंबर 4, 5 और 6 गिर गये थे। तब कहा गया था कि पुल का केबल स्टैंड ढीला हो गया था, जिस वजह से ये पुल गिरा। हालांकि, उस समय भी लोगों ने आरोप लगाया था कि पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है।
इस घटना पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की जायेगी। बताया जा रहा है कि सीएम ने जांच के आदेश भी दे दिये हैं। इस घटना की जांच का जिम्मा आईएएस अधिकारी प्रत्यय अमृत को मिला है बिहार के सीएम ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी।
इस घटना पर बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि पहले भी पुल गिरा था। उस समय इसको लेकर एक समीक्षा बैठक भी हुई। उस वक्त आईआईटी रुड़की ने आंधी-तूफान को पुल गिरने का जिम्मेदार ठहराया था। हमें इसके डिजाइन में पहले से ही फॉल्ट था। इस वजह से इसको समूचा ध्वस्त करना था। इसके बाद दोबारा नए सिरे से काम शुरू करने का हमारा निर्णय था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सोनू सूद बिहार के कटिहार जिले के अनाथ बच्चों के लिए स्कूल खोलेंगे। सोनू सूद ने हाल ही में बिहार के कटिहार के एक इंजीनियर से मुलाकात की, जिसने अपनी नौकरी छोड़कर अनाथ बच्चों के लिए एक स्कूल शुरू किया और उसका नाम सोनू सूद के नाम पर रखा।
सोनू सूद इस स्कूल के लिए एक नयी बिल्डिंग और वंचित बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करेंगे। सोनू सूद की इस पहल से कटिहार जिले के हजारों बच्चों को उंची और अच्छी शिक्षा मिलेगी। सोनू सूद ने कहा कि शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना गरीबी का मुकाबला करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है।
हमारा उद्देश्य समाज के हाशिए के वर्गों के बच्चों को शिक्षित करना है जिससे उनके पास नौकरी के अवसरों का बेहतर अवसर हो। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा एक ऐसी चीज है जिस पर हम काम कर रहे हैं। अन्य महत्वपूर्ण पहलू पोषण और समग्र कल्याण है।
टीम एबीएन, पटना। उद्योग विभाग की ओर से पटना के अधिवेशन भवन में बिहार इन्वेस्टर्स मीट 2023 किया। इसमें पूरे प्रदेश के 200 से अधिक निवेशकों और उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया।
बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ, उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौंडरीक, भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक शिव ओम दीक्षित, उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, तकनीकी विकास निदेशालय के निदेशक संजीव कुमार, हथकरघा एवं रेशम तथा खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।
उद्घाटन सत्र में उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि बिहार की उद्योग नीतियों के बारे में उद्यमियों को बेहतर तरीके से जानकारी देने तथा उद्यमियों को जोड़ने और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया गया है।
उन्होंने कहा कि बिहार में निवेश से पहले सभी निवेशकों को यहां आकर यहां की आधारभूत संरचना और औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध सुविधाओं का मुआयना करना चाहिए। बिहार का औद्योगिक परिदृश्य बेहतरीन है। उन्होंने उद्यमियों से कहा कि यहां आइये, देखिये, जानिये, समझिये। इसके बाद अपनी राय कायम कीजिये।
उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि रोजी-रोजगार के क्षेत्र में बिहार को आगे ले जाना है। देश-दुनिया में जो बिहार के लोग हैं उन्हें आपस में जोड़ना है। बिहार संभावनाओं की भूमि है। सब मिलकर प्रयास करेंगे तो बिहार आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि नौकरी करेंगे तो सिर्फ अपना पेट पालेंगे।
उद्योग लगायेंगे तो सैकड़ों दूसरों लोगों को रोजगार देंगे। इससे समाज में प्रतिष्ठा मिलेगी। उद्योग विभाग में आॅनलाइन सिस्टम के माध्यम से बियाडा की जमीन का आवंटन होता है। निवेशकों के लिए सिंगल विंडो भी खुला हुआ है, जो आॅनलाइन है। उन्होंने कहा कि बैंक भी बिहार के उद्यमियों को मदद करने के लिए संकल्पित हैं।
उद्घाटन सत्र में उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौंडरीक ने विस्तार से बिहार की औद्योगिक नीतियों तथा औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध भूमि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 13 औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 24 लाख वर्ग फीट का प्लग एंड प्ले बनाया जा रहा है।
यहां उद्योगपति अपनी मशीनें लगाकर उत्पादन चंद दिनों में ही प्रारंभ कर सकते हैं। मुजफ्फरपुर के बैग कलस्टर और टेक्सटाइल कलस्टर में कई उद्यमियों ने 40 से 45 दिनों के अंदर उत्पादन प्रारंभ किया।एक दिवसीय इन्वेस्टर्स मीट के समापन सत्र के मुख्य अतिथि बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि बिहार का रोड नेटवर्क शानदार है।
उद्योगों के लिए हम लगातार बिजली की सप्लाई करने में सक्षम है। बियाडा के औद्योगिक क्षेत्रों में डेडीकेटेड फिटर द्वारा बिजली सप्लाई की जा रही है। बिहार में रेलवे का नेटवर्क भी अच्छा है और राज्य के अंदर तीन हवाई अड्डे भी हैं। राज्य की सीमा पर चार दूसरे एयरपोर्ट हैं।
जल-जीवन-हरियाली अभियान पर हम काम कर रहे हैं और बिहार में हर प्रकार की आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। बिहार के पास बड़ा मार्केट मौजूद है। बियाडा के औद्योगिक क्षेत्रों में जो लोग जमीन लेकर काम नहीं कर रहे थे उनके आवंटन को रद्द करके नए उद्यमियों को भूखंड आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बैंक भी बिहार में रुचि ले रहे हैं और उद्यमियों की सहायता के लिए तत्पर हैं। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि बिहार सरकार की औद्योगिक नीतियों का पूरा लाभ लें और लोकल पोटेंशियल का भरपूर इस्तेमाल करें। महत्वाकांक्षी योजना बनाएं और उसे लागू करें।
राज्य सरकार की ओर से हर किस्म की सहायता मिलेगी। उद्योग लगाकर खुद खुशहाल बनें, अपने परिवार को खुशहाल बनावें और राज्य को प्रगति के पथ पर आगे ले जायें। इन्वेस्टर्स मीट के द्वितीय सत्र में कृषि विभाग के प्रधान सचिव डॉ बी राजेंदर ने कृषि क्षेत्र में निवेश और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के क्षेत्र में संभावनाओं को विस्तार से बताया। भारतीय स्टेट बैंक के सीजीएम शिव ओम दीक्षित और पंजाब नेशनल बैंक के जोनल मैनेजर सुधांशु शेखर दास ने बैंक लिंकेज के बारे में जानकारी दी। इंडियन आयल के अधिकारियों ने पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में बताया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित ने किया।
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