एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बॉलीवुड और भोजपुरी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता अखिलेन्द्र मिश्र ने खादी मॉल का भ्रमण किया। चन्द्रकांता सीरियल में क्रूर सिंह तथा 2008 के रामायण टेली सीरियल में रावण की भूमिका निभा कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले अखिलेन्द्र मिश्र ने खादी मॉल आकर कहा कि खादी का संबंध गांधी जी से है।
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गांधी जी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ चरखा को हथियार बनाया। अब खादी और ग्रामोद्योग से लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है। खादी मॉल में किसान चाची और दूसरे महिला समूहों द्वारा बनाये गये आचार, मुरब्बा और मधु मिल रहा है। इससे हमारी बहनों और माताओं को ताकत मिल रही है।
उन्होंने कहा कि खादी के संबंध में जो हमारी पुरानी धारणा है कि यह मोटा और रूखरा होगा, उसे बदलने की जरूरत है। खादी अब फैशन में है। विदेशी लोगों को भी खादी के कपड़े पसन्द आते हैं। खादी की कपड़ो पर तरह-तरह की मिथिला पेंटिंग, मंजूषा पेन्टिग और टिकुली आर्ट किया जा रहा है। इससे बिहार की खादी को नई पहचान मिली है।
उन्होंने सबसे अपील की कि अपने वार्डरोब में भी खादी को भी जगह दें। सप्ताह में रोज नहीं तो कम से कम एक दिन खादी के कपड़े अवश्य पहने। साथ ही कुटीर उद्योग में बने सामान को प्रयोग में लाये जो न सिर्फ शुद्ध होते हैं बल्कि अधिक न्यूट्रीशनल वैल्यू वाले होते हैं। उन्होंने कहा कि दादी-नानी के हाथों से बने अचार और जांत्ता के सत्तू का स्वाद निराला होता है। इसका कोई जवाब नहीं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटन। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के संबंध में जागरूकता फैलाने के लिए पटना नगर निगम स्वच्छता जागरूकता टीम द्वारा डेवलपमेन्ट मैनेजमेन्ट इंस्टीच्यूट, पूर्वी गांधी मैदान में आउटरीच कार्यक्रम चलाया गया जिसका उद्घाटन संस्थान के मुख्य अतिथि प्रोफेसर शंकर पूर्वे, पुष्कर कुमार प्रोग्राम कॉर्डिनेटर डीएमआई तथा पटना नगर निगम की स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने किया।
कार्यक्रम में डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में भाग लेने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि स्वच्छ परिवेश का होना हमारे समुचित विकास के लिए आवश्यक है। स्वच्छता के संबंध में जिन नियमों का पालन हम अपने घर में करते हैं, वही घर के बाहर भी करना चाहिए।
गीला कचरा और सूखा कचरा को अलग अलग रखकर हमें उसे अलग अलग ही पटना नगर निगम की गाड़ी को सौंपना चाहिए। जागरूकता टीम द्वारा इस अवसर पर स्वच्छता क्विज का आयोजन किया गया जिसमें अनेक लोगों ने पुरस्कार जीते।
मेरा शहर मेरी जवाब देही विषय पर आयोजित वाद-संवाद प्रतियोगिता में शुभम कुमार, मनीष कुमार, सुमंत कुमार, महिमा कुमारी, अमिषा गुप्ता, रॉली प्रिया, रितेश कुमार, सुमन सागर, आयुष राज और चंचल कुमार ने पुरस्कार जीते। लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत ने चम चम चमकेला पटना शहरिया, स्वच्छता बड़ा है गहना जैसे गीत गाकर सबको स्वच्छ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। उद्योग विभाग के नवचयनित परियोजना प्रबंधकों का प्रशिक्षण प्रारंभ तथा उद्योग संवाद पत्रिका के विमोचन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने चयनित किये गये सभी नये अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सबने कड़ी मेहनत के बल पर कामयाबी पायी है। लेकिन यह मंजिल नहीं है। सफर की शुरूआत है।
सभी अधिकारियों को बिहार के औद्योगिक विकास में भागीदार बनने के महत्वपूर्ण कार्य हेतु चयनित किया गया है। विकास की कोई भी गाथा उद्योगों के विकास के बिना नहीं लिखी जा सकती है। जब बिहार के हर जिला, हर गांव में उद्योग लगेगा तब राज्य का चहुमुखी विकास होगा। हजारों - लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।
कार्यक्रम में उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि सरकारी सेवा में आने वाले अधिकारियों का कैरियर चुनौतीपूर्ण होता है। लेकिन कम उम्र में जिस प्रकार बड़ा दायित्व सरकारी सेवा में मिलता है वह कहीं और नहीं मिलता है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को मोटिवेट करते हुए कहा कि पूर्ण निष्ठा और लगन के साथ बिहार राज्य के विकास के लिए समर्पित होकर काम करें।
उद्योग विभाग की पूरी टीम बिहार के औद्योगिक विकास के प्रति पूरी तरह से समर्पित है। आपको इस टीम का हिस्सा बनने का अवसर मिल रहा है, यह आप सबके लिए सौभाग्य की बात है। औद्योगिक विकास में औद्योगिक नीतियों की प्रमुख भूमिका होती है। 2016 के औद्योगिक विकास नीति के तहत कई तरह के इनसेन्टिव दिये जाते हैं जिसके बारे में आपको प्रशिक्षण के दौरान बताया जायेगा। टेक्सटाईल और लेदर क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए बिहार में स्पेशल इनसेन्टिव दिया जाता है।
हमारी पाॅलिसी देश की सबसे अच्छी पाॅलिसी है जिसे एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। आपको मालूम होगा कि पहले यह नीति 30 जून 2023 को समाप्त हो रही थी। लेकिन हमने पहल किया और अब इसकी अवधि 30 जून, 2024 तक कर दी गयी है।
इस नीति के तहत 10 करोड़ रूपये तक के पूंजीगत अनुदान, पावर टैरिफ पर 2 रूपया प्रति यूनिट की सब्सिडी, 5 हजार रूपया प्रति कामगार प्रति माह का रोजगार अनुदान, 10 लाख रूपये तक की फ्रेट सब्सिडी और 10 लाख रूपये तक के पेटेन्ट सहायता का प्रावधान है। इस नीति के तहत मुजफ्फरपुर और फतुहा में बैग कलस्टर का निर्माण किया गया है और जीविका दीदीयों को बैग कलस्टर से जोड़ा गया है।
कार्यक्रम में उद्योग विभाग की त्रैमासिक पत्रिका उद्योग संवाद का विमोचन किया गया तथा नवचयनित अधिकारियों को नियुक्ति का आफर लेटर दिया गया। मौके पर उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, तकनीकी विकास निदेशालय के निदेशक संजीव कुमार, हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, विशेष सचिव दिलीप कुमार, उप सचिव बृजकिशोर चौधरी आदि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन विशेष सचिव दिलीप कुमार ने किया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। यहां पर जुलाई के आखिरी हफ्ते तक कई किसान धान की रोपाई ही कर रहे थे। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे किसान से मिलवायेंगे, जिन्होंने अगस्त में ही धान की कटाई शुरू कर दी। खास बात यह है कि इन्होंने एक एकड़ में इंडिया गेट धान की खेती की थी। इससे 16 क्विंटल के करीब इंडिया गेट धान का उत्पादन हुआ है।
अब इस किसान की चर्चा पूरे जिले में हो रही है। वे लोगों के लिए एक मिसाल बन गये हैं। आसपास के किसान इनसे खेती की बारीकी सीखने आ रहे हैं। दरअसल, हम बात कर रहे हैं किसान संजय सिंह के बारे में। संजय कैमूर जिले के बगाढ़ी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने एक एकड़ में गरमा धान की खेती की थी। खास बात यह है कि संजय सिंह पिछले दो साल से इंडिया गेट धान की खेती कर रहे हैं।
लेकिन इस बार उन्होंने जायद सीजन में इसकी खेती करने का फैसला किया और उन्हें काफी हद तक इसमें सफलता भी मिली। संजय सिंह का कहना है कि गरमा धान की खेती करने में खरीफ सीजन के मुकाबले कम खर्चे हुए। साथ ही पानी की बर्बादी भी कम हुई। वे धान की बंपर उत्पादन से उत्साहित हैं। उनका कहना है कि अगले साल से वे 10 एकड़ में धान की खेती करेंगे।
संजय का कहना है कि गरमा धान की खेती करने का आइडिया यूपी के अंबेडकर नगर से मिला। वहां पर उन्होंने किसानों को जायद सीजन में धान की खेती करते हुए देखा। इसके बाद उन्होंने अपने गांव में आकर गरमा धान की खेती शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि अप्रैल में इंडिया गेट धान की नर्सरी तैयार करने के लिए बुवाई की थी।
वहीं, मई के आखिरी हफ्ते में इसकी रोपाई की। संजय सिंह की माने तो महज 45 दिन में ही फसल तैयार हो गई थी। लेकिन, बारिश की वजह से इसकी कटाई करने में 20 दिनों की देरी हुई। इसके चलते अगस्त में धान काटना पड़ा।
किसान संजय सिंह का कहना है कि जायद सीजन में केवल दो बार ही धान की फसल की सिंचाई करनी पड़ती है, ताकि खेत में नमी बनी रहे। साथ ही खेती के ऊपर लागत भी कम आती है। उनकी माने तो जायद सीजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि महज 45 से 50 दिनों में ही फसल तैयार हो जाती है।
ऐसे धान की फसल को तैयार होने में 130 से 140 दिन लग जाते हैं। उनका कहना है कि 16 क्विंटल धान में करीब 11 क्विंटल तक चावल का प्रोडक्शन होगा। अभी 1000 रुपये में 10 किलो इंडिया गेट चावल आ रहा है। इस तरह वे 1100 किलो चावल बेचकर एक लाख रुपये से अधिक की कमाई कर सकते हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। पटना नगर निगम स्वच्छता जागरूकता टीम द्वारा बोरिंग रोड के ब्रिलिएंट क्लासेस में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया जिसका उद्घाटन संस्थान के निदेशक अजय कुमार पिंटू, सेंटर हेड शोभा सिंह, शिक्षाविद दीपू कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता प्रियेश प्रियम और स्वच्छता जागरूकता अभियान की ब्रांड एंबेसडर लोक गायिका डॉक्टर नीतू कुमारी नवगीत ने किया।
कार्यक्रम में अजय कुमार पिंटू ने कहा कि भारत तेजी से आर्थिक तरक्की के रास्ते पर चल रहा है। उन्नत और विकसित राष्ट्र की एक पहचान स्वच्छता भी है। स्वच्छता की कड़ी में हर व्यक्ति महत्वपूर्ण होता है। सभी लोग मिलकर किसी स्थल की सफाई करें और एक आदमी कचरा फेंक दें तो वह स्थान गंदा ही रह जाता है। इसीलिए स्वच्छता हर व्यक्ति की जिम्मेदारी हो जाती है।
मेरा शहर मेरी जवाबदेही कार्यक्रम के माध्यम से पटना नगर निगम यही संदेश दे रहा है कि कचरा इधर-उधर न फेंकें। स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम में लोक गायिका नीतू नवगीत ने सभी उपस्थित लोगों से स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में भाग लेने की अपील की। उन्होंने स्वच्छता पर आधारित कई लोकगीत भी प्रस्तुत किए। स्वच्छता जागरूकता टीम द्वारा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
जिसमें प्रियांशु कुमार, शिवम पांडे, अंजली राज, अमीषा सिंह, प्रियंका कुमारी, धीरज कुमार, प्रशांत कुमार, और मनीष कुमार ने पुरस्कार जीते। वाद संवाद प्रतियोगिता में आभाष कुमार, निकिता कुमारी, अमीषा सिंह, जतिन तिवारी,निहाल आलम और शिवम पांडे को पुरस्कार मिला।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। पटना नगर निगम स्वच्छता जागरूकता टीम द्वारा पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एमएसएमई विकास संस्थान में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया जिसका उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रदीप कुमार और पटना नगर निगम स्वच्छता जागरूकता अभियान की ब्रांड एंबेसडर डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने किया।
कार्यक्रम में निदेशक प्रदीप कुमार ने कहा कि स्वच्छता के लिए काम करना एक पुनीत कार्य है। गंदगी तथा कचरे से अनेक प्रकार की बीमारियों का जन्म होता है। गंदगी से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और बीमारियों के कारण कार्य दक्षता में कमी आती है। निरोग और आरामदायक जीवन के लिए स्वच्छता आवश्यक है।
ब्रांड एंबेसडर नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि अपने अपने घर की सफाई के अलावा हमें अपने परिवेश, जल के स्रोतों और आसपास के वातावरण की सफाई का भी ध्यान रखना है। स्वच्छता एक बड़ा विचार है जिसके तहत हर प्रकार की गंदगी को समाप्त करते हुए बेहतर मानव मूल्यों की स्थापना करना हम सबका लक्ष्य है।
उन्होंने सभी पटना वासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में अवश्य भाग लें। उन्होंने लोकगीत गाकर भी उपस्थित लोगों को स्वच्छ सर्वेक्षण के प्रति जागरूक किया। मौके पर स्वच्छता जागरूकता टीम द्वारा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें एल देबला देवी, संजीव आजाद, विजय कुमार पंडित, दीपू कुमार, सूरज कुमार और रविकांत ने पुरस्कार जीते।
मेरा शहर मेरी जवाबदेही विषय पर आयोजित वाद संवाद प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर सम्राट एम झा, गौरीशंकर प्रसाद, नवीन कुमार, सत्येंद्र कुमार, मेघा पटेल, सूरज कुमार, आशीष आनंद, प्रियदर्शी, संतोष कुमार, भारत भूषण, अमित कुमार, अजीत प्रसाद, अमित कुमार, हरेंद्र प्रसाद, गंभीर कुमार, विकास कुमार, रोशन कुमार, मुकेश कुमार, संदीप कुमार, मोहम्मद सरफराज आलम और अंश कुमार ने पुरस्कार जीता।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, रांची/ पटना। पटना नगर निगम स्वच्छता जागरूकता टीम द्वारा पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एमएसएमई विकास संस्थान में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया जिसका उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रदीप कुमार और पटना नगर निगम स्वच्छता जागरूकता अभियान की ब्रांड एंबेसडर डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने किया।
कार्यक्रम में निदेशक प्रदीप कुमार ने कहा कि स्वच्छता के लिए काम करना एक पुनीत कार्य है। गंदगी तथा कचरे से अनेक प्रकार की बीमारियों का जन्म होता है। गंदगी से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और बीमारियों के कारण कार्य दक्षता में कमी आती है। निरोग और आरामदायक जीवन के लिए स्वच्छता आवश्यक है।
ब्रांड एंबेसडर नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि अपने अपने घर की सफाई के अलावा हमें अपने परिवेश, जल के स्रोतों और आसपास के वातावरण की सफाई का भी ध्यान रखना है। स्वच्छता एक बड़ा विचार है जिसके तहत हर प्रकार की गंदगी को समाप्त करते हुए बेहतर मानव मूल्यों की स्थापना करना हम सबका लक्ष्य है।
उन्होंने सभी पटना वासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में अवश्य भाग लें। उन्होंने लोकगीत गाकर भी उपस्थित लोगों को स्वच्छ सर्वेक्षण के प्रति जागरूक किया। मौके पर स्वच्छता जागरूकता टीम द्वारा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें एल देबला देवी,संजीव आजाद, विजय कुमार पंडित,दीपू कुमार,सूरज कुमार और रविकांत ने पुरस्कार जीते।
मेरा शहर मेरी जवाबदेही विषय पर आयोजित वाद संवाद प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर सम्राट एम झा, गौरीशंकर प्रसाद, नवीन कुमार, सत्येंद्र कुमार, मेघा पटेल, सूरज कुमार, आशीष आनंद, प्रियदर्शी, संतोष कुमार, भारत भूषण, अमित कुमार, अजीत प्रसाद, अमित कुमार, हरेंद्र प्रसाद, गंभीर कुमार, विकास कुमार, रोशन कुमार, मुकेश कुमार, संदीप कुमार, मोहम्मद सरफराज आलम और अंश कुमार ने पुरस्कार जीता।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। पटना नगर निगम स्वच्छता जागरूकता टीम तथा बी-हब स्टार्टअप कॉमन फैसिलिटी सेंटर के तत्वावधान में स्वच्छता एवं स्टार्टअप विषय पर कार्यशाला सह सांस्कृतिक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। जिसमें पटना नगर निगम के निगम आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने कहा कि कचरा निष्पादन के क्षेत्र में नई तकनीक एवं नवाचारों की अपार संभावनाएं हैं।
नये स्टार्टअप इस क्षेत्र में काम करके अपनी उपलब्धि का दायरा बढ़ा सकते हैं। चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान पटना के निदेशक डॉ राणा सिंह ने पटना नगर निगम द्वारा शहर की स्वच्छता के लिए किये जा रहे प्रयासों और ब्रांड एंबेसडर नीतू कुमारी नवगीत द्वारा स्वच्छता जागरूकता की कोशिशों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कड़ी मेहनत बेकार नहीं जाती है। स्वच्छता सबको पसंद है और स्वच्छता के क्षेत्र में काम करने का स्कोप भी बहुत ज्यादा है।
नये उद्यमी इस क्षेत्र में बहुत बेहतरीन काम कर सकते हैं। पटना नगर निगम की स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि सब के सहयोग से ही स्वच्छता के स्तर में सुधार हुआ है। अलग-अलग किस्म के कचरे को ओरिजिनेटिंग स्थान पर ही यदि अलग-अलग कर दिया जाये तो कचरा निष्पादन आसान हो जायेगा।
उन्होंने सभी से स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में भाग लेने की अपील की ताकि पटना की रैंकिंग को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।
बी-हब में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में सृष्टि कुमारी, जितेश कुमार, सतीश कुमार, रवि रंजन कुमार, शाहिद हबीब, डॉक्टर शंकर गुप्ता, शहनाज, नितिन कुमार, कन्हैया कुमार, हर्ष किशोर, दुर्गेश कुमार तिवारी, अभिमन्यु, रश्मि कुमारी, विपिन कुमार आर्य, गोविंद चौधरी तौसीफ अहमद, रजनीश कुमार
माया वर्मा, शिवानी, रिचा सिंह, ऋषभ, रामानंद ठाकुर, आलोक कुमार हर्ष राज चौहान, अभिषेक शाही, स्वाति कुमारी, कुमार सचिन, अजय कुमार, अविनाश कुमार, विकास पंजियत एवं कुमार विक्रांत आदि मौजूद रहे।
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