टीम एबीएन, मुजफ्फरपुर/पटना। बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने बेला इंडस्ट्रियल एरिया में मुजफ्फरपुर बैग कलस्टर के प्रथम फेज का फीता काटकर उद्घाटन किया। मुजफ्फरपुर मेगा बैग कलस्टर के तहत प्रथम फेज में 10 महिला उद्यमियों की यूनिटों का प्रारंभ किया गया जिसमें एक साथ 264 लोग काम कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत जीविका की 39 सदस्यों का चयन मुजफ्फरपुर बैग कलस्टर में इकाई स्थापित करने के लिए किया गया है। उन्हीं में से 10 महिला उद्यमियों के व्यवसाय का प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि प्रदेश उन्नति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। मुजफ्फरपुर बैग कलस्टर विकास का एक नया मॉडल है। इस मॉडल से जीविका की दीदियों को मजबूती मिलेगी। इस प्रकार की पहल के लिए उद्योग विभाग बधाई का पात्र है। स्वास्थ्य विभाग ने भी जीविका की दीदियों को मजबूती प्रदान करने के लिए उन के माध्यम से विभिन्न अस्पतालों में दीदी की रसोई प्रारंभ कराया है। उन्होंने कहा कि वह अन्य विभागों को भी कहेंगे कि जीविका के माध्यम से कुछ कार्यक्रमों का संचालन करें।
उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि मुजफ्फरपुर में आज एक नया इतिहास रचा जा रहा है। विभाग द्वारा बैग कलस्टर के लिए 40 लाभुकों का चयन जीविका के माध्यम से किया गया था जिसमें 39 उद्यमियों को सहायता दी गई है। प्रत्येक उद्यमी दीदी द्वारा 24 सिलाई मशीनों की एक यूनिट का संचालन किया जायेगा। प्रथम चरण में 225 जीविका दीदियों को 21 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस योजना के तहत उद्योग विभाग के सहयोग से प्रत्येक समूह का समझौता निजी कंपनी के साथ कराया गया है। निजी कंपनी कच्ची सामग्री उपलब्ध करायेगी और तैयार सामग्री खरीद ली जायेगी।
प्रत्येक इकाई को हर महीने ₹1 लाख से अधिक की बचत होने की संभावना है। इन इकाइयों में काम करने के लिए आने वाले जीविका दीदियों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए 25 जीविका दीदियों को मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत यातायात व्यवस्था चलाने हेतु सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि इस कलस्टर में काम करने वाली महिलाओं के बच्चों के लिए जल्द ही बाल घर भी बनाया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव बाला मुरूगन डी ने कहा कि राज्य में जीविका का पहला समूह और पहला कार्यालय खोलने का श्रेय उद्योग विभाग के वर्तमान प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक को ही जाता है।
जीविका की दीदियां इस योजना के तहत लाभान्वित होकर काफी ऊर्जावान महसूस कर रही हैं और उद्योग के क्षेत्र में सफल होने के लिए संकल्पित हैं। उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित ने कहा कि बिहार में एक साथ दो स्थानों पर बैग कलस्टर चालू हुआ। फतुहा में 225 मशीनों वाली इकाइयों का प्रारंभ हुआ तो मुजफ्फरपुर में 264 मशीनों के साथ 10 इकाइयों की शुरुआत हुई। यह शुरुआत आगे चलकर बड़ा वटवृक्ष बनेगा।
मुजफ्फरपुर बैग क्लस्टर अपनी तरह का देश में सबसे बड़ा बैग क्लस्टर बनने की राह पर है। कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी प्रणव कुमार, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार, तकनीकी विकास के निदेशक संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर के सीनियर एसपी जयंतकांत , हथकरघा एवं रेशम निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, मुजफ्फरपुर के डीडीसी आशुतोष कुमार द्विवेदी सहित अनेक अधिकारी, जीविका समूह की सैकड़ों दीदियां और बियाडा के अधिकारी उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। पूरी दुनिया में मार्केटिंग के तरीके बदल रहे हैं। प्रोडक्ट को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। खादी सिर्फ वक्त नहीं है बल्कि एक विचार है। इस विचार को भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाना जरूरी है। पटना के खादी मॉल में पधारे राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने पत्रकारों को कहा कि वरिष्ठ मैनेजमेंट गुरु सीके प्रह्लाद ने मार्केटिंग और प्रोडक्ट की विश्वसनीयता के संबंध में जिन सिद्धांतों का प्रतिपादन किया, उसे खादी मॉल द्वारा अपनाया गया है। इससे अधिक से अधिक लोग खादी से जुड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि खादी और छोटे उद्योगों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ताकत मिलती है। ग्रामीण उद्यमियों को राजधानी में बड़ा बाजार उपलब्ध कराने के लिए बिहार सरकार ने खादी मॉल बनाया है जो अपने आप में विशिष्ट है। खादी मॉल के तीनों तल पर भ्रमण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरिवंश ने कहा कि बिहार की हस्तकला और हैंडलूम सारी दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। भागलपुर का सिल्क मशहूर है तो मधुबनी और दरभंगा का खादी।
बिहार में हजारों ऐसे व्यंजन हैं, जिसे ग्रामीण महिलाएं तैयार करती हैं। आधुनिक औद्योगिक जगत में जिसे फूड प्रोसेसिंग कहा जाता है, ग्रामीण महिलाएं वह कार्य सदियों से करती आ रही हैं। अदौरी, बड़ी पापड़ और अचार ऐसे ही फूड प्रोडक्ट हैं जिसे हमारी दादी और नानी उन महीनों में तैयार करती थी जब उसके कच्चे माल मिला करते थे और फिर उसका सालों उपयोग होता था। इससे पहले बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सीईओ दिलीप कुमार ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का जूट का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
हरिवंश ने खादी मॉल स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। मौके पर बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के रमेश चौधरी, अभय सिंह, रिजवान अहमद, राजीव कुमार शर्मा, अजमत अब्बास आदि मौजूद रहे।
टीम एबीएन, पटना। बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के खादी मॉल में खादी और खादी वस्त्रों पर 50% की छूट दिए जाने की योजना 1 दिसंबर से प्रारंभ की गई जो 31 दिसंबर तक चलेगी। राज्य के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ खादी मॉल की छूट योजना का लाभ उठाने वाले पहले ग्राहक बने। उन्होंने खादी मॉल से अपने लिए जैकेट और टोपी खरीदी। बिहार खादी हस्तशिल्प और हैंडलूम की ब्रांड एंबेसडर मैथिली ठाकुर ने छूट योजना के तहत मोबाइल शॉपिंग करते हुए खादी मॉल से तीन साड़ियों और अपने पिताजी के लिए कुर्ता के कपड़े की खरीदारी की। खादी मॉल पहुंचने पर उद्योग मंत्री ने सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और उसके बाद खादी मॉल के पोर्टल पर छूट योजना का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि खादी मॉल में 50% की छूट योजना से खादी पसंद करने वाले लोगों को काफी लाभ होगा। सभी लोगों तक खादी को पहुंचाना और युवा वर्ग को खादी से जोड़ना उनकी प्राथमिकता है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गांधी और डॉ राजेंद्र प्रसाद ने स्वदेशी पर बल दिया था। खादी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत है और इसमें स्वाधीनता संग्राम के मूल्य निहित हैं। आजादी की लड़ाई के दौरान देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद भी खादी के धागे की कताई करने मधुबनी गए थे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी खुद चरखा चलाया करते थे। उन्होंने कहा कि खादी स्वाभिमान का वस्त्र है। यह आरामदायक और फैशनेबल भी है इसलिए युवाओं को भी खादी के वस्त्र पहनने चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा युवाओं को बिहार खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प के उत्पादों से जोड़ने के उद्देश्य से मैथिली ठाकुर को ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है जो बिना किसी शुल्क के बिहार खादी हैंडलूम और हस्तशिल्प का प्रचार-प्रसार करने के लिए राजी हुई हैं। उन्होंने अपील किया कि हम प्रतिदिन कम से कम एक वस्त्र खादी का धारण करें और सप्ताह में 1 दिन पूरी तरह से खादी के वस्त्र अपनाएं। मौके पर बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सीईओ दिलीप कुमार, खादी मॉल के इंचार्ज रमेश चौधरी, प्रदीप कुमार, अभय सिंह, कुंज बिहारी मिश्रा, राजीव कुमार शर्मा, सैयद अजमत अब्बास रिजवी आदि मौजूद रहे।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के कार्यों एवं बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति का प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के उद्देश्यों, अब तक किये गये कार्यों, प्रतिमा पहचान प्रशिक्षण कार्यक्रम, खिलाड़ियों को तत्काल सम्मान एवं नकद पुरस्कार आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बिहार खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। बेटों के साथ-साथ यहां की बेटियां राष्ट्रीय स्तर के खेलों में और अच्छा प्रदर्शन करते हुए पुरस्कार जीत रही हैं और राज्य सरकार के द्वारा दी जा रही सुविधाओं एवं सहयोग की सभी जगह सराहना कर रही हैं। बिहार स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बिहार के कई पूर्व खिलाड़ी यहां आकर खिलाड़ियों को प्रशिक्षित और प्रेरित करना चाह रहे हैं।
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की सचिव बंदना प्रेयसी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इसकी पृष्ठभूमि, प्रारूप प्रभाव एवं आवश्यकता के संबंध में जानकारी दी। वहीं समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के विकास के लिए कई कदम उठाये गये हैं। खिलाड़ियों को तत्काल सम्मान एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकारी सेवाओं में उनकी नियुक्ति की जा रही है।
खिलाड़ियों को बेहतर खान-पान के साथ-साथ प्रशिक्षण एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्हें हर प्रकार की सुविधायें उपलब्ध करवाते रहें। उन्होंने कहा कि सभी प्रखंडों में स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। बचे हुए स्टेडियमों का निर्माण जल्द पूर्ण करायें। स्टेडियमों की साफ-सफाई और मेंटेनेंस की बेहतर व्यवस्था रखें। वहां खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेलों का आयोजन करवाते रहें। स्कूलों में बच्चे-बच्चियों की पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद की भी बेहतर व्यवस्था रखें। नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में फिल्म निर्माण के प्रोत्साहन के लिए भी कई कदम उठाये गये हैं।
राजगीर में फिल्म सिटी का निर्माण करवाया जा रहा है। नवादा में शेखोदेवरा को विकसित किया गया है। फिल्म साइट के लिए पहाड़ों एवं अन्य प्राकृतिक जगह विकसित किये गये हैं। यहां कई दर्शनीय स्थल भी हैं। यहां फिल्म निर्माताओं के लिए प्रक्रिया को और सरल बनाएं तथा बेहतर सुविधा उपलब्ध करवायें ताकि फिल्म निर्माण करने में उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई न हो। राज्य में फिल्म निर्माण से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोक कलाकारों को भी मौका मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के खादी मॉल में खादी और खादी वस्त्रों पर 50% की छूट दिए जाने की योजना 1 दिसंबर से प्रारंभ की गई जो 31 दिसंबर तक चलेगी। राज्य के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ खादी मॉल की छूट योजना का लाभ उठाने वाले पहले ग्राहक बने। उन्होंने खादी मॉल से अपने लिए जैकेट और टोपी खरीदी।
बिहार खादी हस्तशिल्प और हैंडलूम की ब्रांड एंबेसडर मैथिली ठाकुर ने छूट योजना के तहत मोबाइल शॉपिंग करते हुए खादी मॉल से तीन साड़ियों और अपने पिताजी के लिए कुर्ता के कपड़े की खरीदारी की। खादी मॉल पहुंचने पर उद्योग मंत्री ने सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और उसके बाद खादी मॉल के पोर्टल पर छूट योजना का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि खादी मॉल में 50% की छूट योजना से खादी पसंद करने वाले लोगों को काफी लाभ होगा । सभी लोगों तक खादी को पहुंचाना और युवा वर्ग को खादी से जोड़ना उनकी प्राथमिकता है।
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गांधी और डॉ राजेंद्र प्रसाद ने स्वदेशी पर बल दिया था। खादी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत है और इसमें स्वाधीनता संग्राम के मूल्य निहित हैं। आजादी की लड़ाई के दौरान देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद भी खादी के धागे की कताई करने मधुबनी गये थे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी खुद चरखा चलाया करते थे। उन्होंने कहा कि खादी स्वाभिमान का वस्त्र है। यह आरामदायक और फैशनेबल भी है इसलिए युवाओं को भी खादी के वस्त्र पहनने चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा युवाओं को बिहार खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प के उत्पादों से जोड़ने के उद्देश्य से मैथिली ठाकुर को ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है जो बिना किसी शुल्क के बिहार खादी हैंडलूम और हस्तशिल्प का प्रचार-प्रसार करने के लिए राजी हुई हैं। उन्होंने अपील की है कि हम प्रतिदिन कम से कम एक वस्त्र खादी का धारण करें और सप्ताह में 1 दिन पूरी तरह से खादी के वस्त्र अपनायें। मौके पर बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सीईओ दिलीप कुमार, खादी मॉल के इंचार्ज रमेश चौधरी, प्रदीप कुमार, अभय सिंह, कुंज बिहारी मिश्रा, राजीव कुमार शर्मा, सैयद अजमत अब्बास रिजवी आदि मौजूद रहे।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। बिहार में होने वाले नगर निकाय चुनाव की तारीख का एलान हो गया है। बिहार निर्वाचन आयोग ने बुधवार को इसकी अधिसूचना जारी की है। 18 दिसंबर को पहले चरण में मतदान होना है। इसकी 20 दिसंबर को मतगणना की जायेगी। वहीं, दूसरे चरण के लिए वोटिंग 28 दिसंबर को होगी, जिसकी 30 दिसंबर को काउंटिंग की जाएगी। इससे पहले अति पिछड़ा आयोग द्वारा डेडिकेटेड कमीशन बनाने को लेकर चुनाव को स्थगित कर दिया गया था।
बता दें कि पहले चरण के चुनाव की तारीख 10 दिसंबर रखी गई थी। वहीं दूसरे चरण के चुनाव की तारीख 20 दिसंबर रखी गई थी। इस पर पटना हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी। अति पिछड़ा आयोग के कमेटी बनाने को लेकर विवाद छिड़ा था। कोर्ट के आदेशों के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने अक्टूबर में ही कमेटी का गठन कर लिया था। इसके बाद इस दिशा में काम होना शुरू हो गया था। कुछ दिन पहले ही कमेटी का कहना था कि जल्द ही रिपोर्ट सौंप दी जायेगी, जिससे कि निकाय चुनाव का रास्ता साफ हो जायेगा। आज बुधवार को निकाय चुनाव की तारीख का एलान हो गया है।
इससे पहले क्या हुआ था
बिहार निकाय चुनाव में अति पिछड़ा के आरक्षण पर पटना हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी, जिसके बाद निकाय चुनाव को स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद बिहार सरकार ने हाई कोर्ट का रुख किया और अदालत के आदेश के बाद अक्टूबर में नीतीश सरकार ने पिछड़ा आयोग के लिए कमीशन का गठन किया था। बिहार सरकार की ओर से यह कहा गया था कि आयोग जब रिपोर्ट सौंपेगी तभी बिहार सरकार निकाय चुनाव करायेगी।
नामांकन और चुनाव चिह्न पहले की तरह रहेंगे
बिहार सभी नगर निकायों में चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया अक्टूबर में ही पूरी हो गई थी। वोटिंग स्थगित होने के कारण अब नए सिरे से चुनाव की तारीख घोषित हो चुकी है। निकायों में नामांकन की प्रक्रिया पहले की तरह हो होगी, जिन प्रत्याशियों ने पूर्व में नामांकन किया था उनका बरकरार रहेगा। निर्वाचन आयोग ने अधिकतर प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न भी बांट दिये थे। उनके आधार पर ही इलेक्शन कराया जायेगा।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। उपभोक्ताओं को खादी वस्त्र किफायती दर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के खादी मॉल में वस्त्रों पर 1 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच 50% तक की छूट देने का फैसला लिया गया है। खादी मॉल में अपने सामान की आपूर्ति करने वाली विभिन्न खादी संस्थाओं की सहमति से छूट की यह योजना लागू की गई है। जो संस्थाएं इस योजना के तहत भाग ले रही हैं उनमें आशिक शिक्षित बेरोजगार विकास संघ, भागलपुर सिल्क खादी समिति, भागलपुर ग्रामोद्योग सहयोग समिति, चंपापुरी रेशम बुनकर समिति, ग्राम भारतीय सर्वोदय आश्रम, हबीबुल्लाह ग्रामीण विकास खादी और ग्रामोद्योग, कुलसुम मेमोरियल महिला विकास संस्थान, लक्ष्मी नगर ग्राम उद्योग मकरंदा भंडारी ग्राम उद्योग समिति, महिला खादी ग्रामोद्योग, बुनकर आश्रम, मिथिलांचल खादी ग्रामोद्योग विकास संघ, मोकामा ग्राम स्वराज समिति, नाथनगर ग्राम उद्योग सहयोग समिति लिमिटेड, निशा ग्रामीण विकास संस्थान, रमा खादी ग्रामोद्योग संस्थान, रजिक खादी ग्रामोद्योग संघ, रेशम बुनकर खादी ग्रामोद्योग संघ, सादिक ग्रामीण विकास संस्थान, शांडिल्य खादी ग्राम उद्योग आश्रम, उग्र नारायण खादी ग्राम उद्योग आश्रम, विकास समिति जमुई, कुशग्राम खादी ग्राम उद्योग लिमिटेड, मधुबनी खादी ग्रामोद्योग संस्थान, तसर खादी बीबर्स समिति आदि शामिल हैं।
बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से जुड़ी संस्थाओं का निर्णय काफी सराहनीय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि खादी को अपनाएं। खादी, हैंडलूम, हस्तशिल्प और ग्रामोद्योग के माध्यम से ही बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। ये सभी श्रम आधारित औद्योगिक उत्पादन हैं और यहां रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि बिहार में खादी को लोकप्रिय बनाने के लिए अनेक प्रयास चालू किए गए हैं। कुछ दिन पहले युवा लोक गायिका मैथिली ठाकुर को बिहार खादी हैंडलूम और हस्तशिल्प का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था और अब उपभोक्ताओं को खादी से जोड़ने के लिए उन्हें रियायती दर पर खादी और खादी से बने उत्पादों पर 50% की छूट दी जा रही है।
खादी मॉल में पहले भी गांधी जयंती तथा राष्ट्रीय त्योहारों के अवसर पर 30% तक की छूट दी जाती रही है लेकिन यह पहली बार होगा जब खादी मॉल में खादी वस्त्रों पर 50% की छूट दी जा रही है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि इससे खादी के प्रशंसकों और युवाओं को खादी से जुड़ाव बढ़ेगा। खादी के कपड़ों की बिक्री बढ़ने से प्रदेश के बुनकर और कातिन भी लाभान्वित होंगे।
टीम एबीएन, पटना/ मुजफ्फरपुर। बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना के जैतपुर ओपी क्षेत्र के गोपीघनवत गांव में बुधवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल हो गया जब एक घर में अधेर दंपत्ति की लोगों ने डेड बॉडी देखी। देखते ही देखते पूरे गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे और भारी भीड़ इकट्ठा हो गयी।
स्थानीय लोगों द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दी गई ।जिसके बाद मौके पर पहुंची जैतपुर ओपी पुलिस ने डेड बॉडी को कब्जे में ले लिया। दंपत्ति की निर्मम हत्या एक ही घर में एक साथ हुई है। हत्या के साथ कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि कलयुगी बेटे ने ही की है मां-बाप की हत्या की है। हमेशा झगड़ा लड़ाई होते रहता था मुजफ्फरपुर में आरोपित बेटा सरोज काम धाम करता था। जब भी घर आता था तो मां बाप से मारपीट झगड़ा लड़ाई करता था। वही हत्या कर भाग गया।
दूसरी ओर, पूछे जाने पर जैतपुर ओपी थानाध्यक्ष सब इंस्पेक्टर संजय स्वरूप ने कहा कि अधेड़ दंपति की हत्या की गई है। घर में ही डेड बॉडी को मिली है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उसके बेटे नहीं हत्या कर दी है। जांच पड़ताल की जा रही है ।मृतक का बेटा फरार है जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई होगी। फिलहाल, डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। मृतक दम्पति गोपी धनवत गांव के जय मंगल ओझा और उनकी पत्नी उर्मिला देवी है।
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