एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। भागलपुर जीरो माइल के पास स्थित रेशम भवन में बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा खादी मेला लगाया गया है जिसका उद्घाटन बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ, भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल, बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार तथा मुजफ्फरपुर के एडीएम महफूज आलम ने किया।
उद्घाटन के बाद खादी मेला में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि भागलपुर का रेशम उद्योग अंतरराष्ट्रीय पहचान रखता है। यहां का रेशम सऊदी अरब से लेकर अमेरिका तक जाता है। रेशम उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए हर प्रकार की मदद मिलेगी। रेशमी खादी को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खादी हमारे स्वाभिमान का प्रतीक है।
महात्मा गांधी ने जब स्वदेशी का आंदोलन चलाया था तो घर-घर में चरखा चलाने का काम हुआ। घर-घर में कुटीर उद्योग प्रारंभ हुए। इससे हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। लोग स्वाबलंबी हुए। चरखा और खादी से जो ताकत मिली उसी ताकत के बल पर देश आजाद हुआ। उन्होंने कहा कि ढाका का मलमल और भागलपुर का रेशम हर जगह जाना जाता है।
प्रदेश के लाखों लोग रेशम, खादी और ग्रामोद्योग से रोजगार पाते हैं। खादी और कुटीर उद्योगों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। हमारी सरकार बिहार के हर युवा को रोजगार देने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत हमने लगभग 29000 उद्यमियों को 2006 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की है।
10- 10 लाख रुपए की सहायता पाकर बिहार के युवा न सिर्फ अपने लिए रोजगार का इंतजाम कर रहे हैं बल्कि दर्जनों दूसरे लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। उद्यमियों को मजबूती प्रदान करने के लिए कलस्टर योजना पर भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चार-चार लाख रुपए की राशि पहली किस्त के रूप में दी जाती है।
जिन लोगों ने प्रथम किस्त का उपयोग कर लिया उन्हें दूसरा किस्त भी दे दिया गया है और दूसरे किस्त की उपयोगिता का प्रमाण पत्र देने वाले उद्यमियों को तीसरा किस्त भी दे दिया गया है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत पिछले 8 महीनों में हजारों नए उद्योग खुल चुके हैं। हर उद्योग में 5 से 10 लोगों को रोजगार मिला है। हम चाहते हैं कि बिहार के युवा बिहार में ही काम करें।
बिहार में ही उद्योग लगाएं और अपने गांव समाज के दूसरे लोगों को भी रोजगार दें। उद्योग विभाग की हर योजना का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा नए उद्योग स्थापित हों। भागलपुर जिला के युवा भी कमर कस लें। विभाग द्वारा उन्हें हर प्रकार की मदद दी जाएगी। खादी मेला और हैंडलूम मेला लगा कर उन्हें मार्केटिंग का अवसर प्रदान किया जायेगा।
इसके अलावा खादी मॉल के माध्यम से मार्केटिंग में मदद दी जायेगी। उन्होंने युवा उद्यमियों से कहा कि उद्योग के लिए मिलने वाले ऋण को खैरात नहीं समझे। योजना चाहे जो भी हो, सरकार से मिलने वाली वित्तीय सहायता का उपयोग नये उद्योगों की स्थापना और पुराने उद्योगों के विस्तार के लिए करें।
भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने कहा कि भागलपुर के रेशम और खादी को और अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इससे ढेर सारे लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि समीर कुमार महासेठ बिहार के उद्योगों को आगे ले जाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। बोलते कम है लेकिन इनका काम दिखता है।
भागलपुर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने कहा कि मुजफ्फरपुर जिला में उद्योगों की स्थापना के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार कोशिश हो रही है। सभी बैंकों को पीएमईजीपी और पीएमएफएमई जैसे कार्यक्रमों के तहत लक्ष्य के अनुसार ऋण स्वीकृत करने का निर्देश दिया गया है। जो बैंक लक्ष्य के अनुसार ऋण की स्वीकृति नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि प्रदेश की सभी खादी संस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड द्वारा सहायता दी जा रही है। भागलपुर का खादी मेला भी एक ऐसा प्रयास है जिसके माध्यम से खादी वस्त्र के उत्पादकों को बाजार मुहैया कराया जा रहा है। ऐसा मेला मोतिहारी, गया, कैमूर, पूर्णिया, सिवान, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर और आरा में भी लगाया जा चुका है।
कार्यक्रम मे डॉ सलाउद्दीन एहसान, डॉ चक्रपाणि हिमांशु हलीम अंसारी, चंद्रशेखर, विपिन कुमार, हसनैन अंसारी, संजय साह मिथिलेश कुमार, बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अभय कुमार सिंह, राजीव कुमार शर्मा, जिला खादी ग्राम उद्योग पदाधिकारी आदि भी मौजूद रहे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। उद्योग विभाग के खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय द्वारा ज्ञान भवन में पीएमएफएमई कनेक्ट और मिलेट महोत्सव का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन बिहार सरकार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की सचिव अनीता प्रवीण और बिहार सरकार के उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने किया।
उद्घाटन समारोह में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े उद्यमियों और जिला संसाधन सेवकों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि बिहार में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की व्यापक संभावनाएं हैं। बिहार की भूमि उपजाऊ है। मसाले सब्जियों और फलों के उत्पादन में बिहार भारत का अग्रणी राज्य है। मखाना और मशरूम का सबसे अधिक उत्पादन बिहार राज्य में ही होता है।
मक्का, टमाटर, केला, सब्जियां, फल और अनाज के उत्पादन में भी बिहार भारत के 5 सबसे बड़े राज्यों में एक है। कई कृषि उत्पाद 1 सप्ताह से 1 माह की अवधि के भीतर उपयोग न किए जाने पर खराब हो जाते हैं, लेकिन यदि उनकी अच्छी तरह से प्रोसेसिंग कर दी जाए तो उनका लाइफ बढ़कर कई साल हो जाता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार में बैंकों उद्यमियों और सरकार के बीच तालमेल बढ़ा है। उद्योग विभाग के अधिकारियों की सकारात्मक कोशिशों से उद्यमियों के बीच जोश भर गया है। सब में एक साथ मिलकर आगे बढ़ने की चाहत भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बिहार एक बड़ा उपभोक्ता राज्य है और गांव शहर सभी जगह प्रोसेस्ड फूड की डिमांड बढ़ी है।
मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने लघु एवं मध्यम उद्योगों के संचालकों से कहा कि अपने प्रोडक्ट बनाते समय शुद्धता और गुणवत्ता का ख्याल रखें। इससे प्रोडक्ट के प्रति कंज्यूमर का विश्वास बढ़ता है और स्थानीय बाजार में प्रोडक्ट का पॉजिटिव इमेज बनता है। इससे मांग बढ़ती है और दूसरे बाजारों में भी प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि अब गांव-गांव में बाजार और दुकानें खुल गई हैं। उत्पादक अपने जिले के बाजार पर फोकस करें और फिर उत्पादन बढ़ने पर आसपास के दूसरे बाजारों में मार्केटिंग चालू करें। मुख्य सचिव ने कहा कि खुदरा दुकानदारों और स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को अपने कारखाने में बुलाकर वहां बनने वाले उत्पादों की गुणवत्ता और प्रक्रिया को दिखायें, इससे आपकी विश्वसनीयता बढ़ेगी।
भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की सचिव अनीता प्रवीण ने कहा कि पीएमएफएमई योजना के क्रियान्वयन में बिहार का प्रदर्शन उत्साहवर्धक है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का 9% से अधिक की दर से विकास हुआ है। पिछले साल इस सेक्टर का ग्रोथ रेट 22% रहा है।
उन्होंने कहा कि आम और लीची का लाइफ 10 दिनों का होता है लेकिन यदि इनकी प्रोसेसिंग कर दी जाए तो अगले एक-दो सालों तक अलग-अलग तरीके से उनको खाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की योजनाओं को लागू करने में बिहार का स्थान पहला या दूसरा रहता है, यह उनके लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि किसान संपदा योजना और पीएमएफएमई योजनाओं के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में लगने वाली इकाइयों को अनुदान दिया जाता है। उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने उद्यमियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रोडक्ट की गुणवत्ता के साथ समझौता कभी नहीं करें। अच्छी नीयत से काम करें तो उसका अच्छा परिणाम निकलेगा।
उन्होंने कहा कि उद्योगों की सफलता एक लंबी प्रक्रिया है। सफलता के लिए धैर्य के साथ मेहनत करना जरूरी है। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए संदीप पौण्डरीक ने कहा कि है कौन विघ्न ऐसा जग में/टिक सके वीर नर के मग में/खम ठोक ठेलता है जब नर/ पर्वत के जाते पांव उखड़/मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है।
इससे पहले कार्यक्रम के प्रारंभ में खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़ी हुई योजनाओं की प्रगति के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित ने स्थानीय कारीगरों द्वारा निर्मित जूट के पुष्पगुच्छ देकर अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के डायरेक्टर डॉ राणा सिंह, विशाल भदौरिया रितेश कुमार और अरुण प्रकाश ने सूक्ष्म एवं लघु औद्योगिक इकाइयों के संचालकों को सोशल मीडिया के उपयोग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकों की क्रेडिट लिंक योजनाएं और फूड सेफ्टी प्रबंधन के संबंध में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम में तकनीकी विकास निदेशालय के निदेशक संजीव कुमार, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार और आलोक कुमार, भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के निदेशक डी प्रवीण एवं उद्योग विभाग के सभी अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय की पीएमएफएमई योजना का बेहतर क्रियान्वयन करने वाले बैंकों और जिला संसाधन सेवियों को सम्मानित भी किया गया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। सावन की पहली बरसात ने बिहार सरकार के सभी दावों की पोल खोल दी है। बारिश से बिहार का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल डीएमसीएच पानी-पानी हो गया है। दरभंगा शहर भी जलमग्न है। डीएमसीएच के कई वार्डों में पानी घुस गया है, जिससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।
डीएमसीएच में जलजमाव की वजह से यहां इलाज कराने पहुंच रहे मरीज, उनके परिजन एवं स्वास्थ्य कर्मियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं जलजमाव के कारण पांच दिनों के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल को बंद करने का आदेश दिया गया है।
इधर, डीएमसीएच में जलजमाव पर नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने बिहार सरकार पर हमला बोला है। विजय सिन्हा ने कहा है कि राज्य के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल दरभंगा मेडिकल कॉलेज का नजारा देखिये। मरीज और परिजन अस्पताल में हैं या तालाब में हैं, पता ही नहीं चलता। अस्पताल और तालाब का अंतर लगभग समाप्त हो गया है।
शहर की लगभग सभी सड़कें जलमग्न है तो वहीं रिहायशी इलाकों में भी लोगों की घरों में नाले का गंदा पानी प्रवेश कर गया है। इससे लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासी नगर निगम प्रशासन से पानी निकासी के लिए गुहार लगा रहे हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में पटना वासियों को भाग लेने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से पटना नगर निगम की टीम द्वारा मृदंगम स्कूल आफ आर्ट्स में जागृति अभियान चलाया गया जिसमें पटना नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर और प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि स्वच्छता हमारी मूलभूत आवश्यकता है।
स्वच्छ तन-मन और स्वच्छ शहर से ही अच्छे विचारों का विकास होगा और हम देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे पाएंगे। स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम में डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि स्वच्छता का दीप हमें जलाए रखना है। स्वच्छता एक संस्कार है।
उन्होंने पटना नगर के वासियों से अनुरोध किया कि वे सभी स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में भाग लें। लोगों की स्वच्छता अभियान में जितनी अधिक भागीदारी होगी, पटना की स्वच्छता रैंकिंग में उतना ही सुधार होगा। कार्यक्रम में लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने घर घर अलख जगायेंगे स्वच्छ भारत बनेगा, उत्तम दवा है सफाई सहित अनेक गीतों की प्रस्तुति की।
कार्यक्रम में विनोद पंडित ने हारमोनियम पर और रंजीत रंजन ने नाल पर लोक गायिका नीतू नवगीत का साथ दिया। पायल कुमारी और रूपा कुमारी ने भी स्वच्छता से संबंधित गीत गाकर स्वच्छता का अलख जगाया। नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर नीतू नवगीत ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेकर हम लोग पटना की रैंकिंग में सुधार ला सकते हैं।
देशभर में विभिन्न शहरों की रैंकिंग में इस बार नागरिकों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। जितने अधिक लोग स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेंगे, पटना की रैंकिंग उतनी ही बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से अपशिष्ट प्रबंधन और साफ-सफाई पर पहले से कई गुना अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
बिहार के प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट और पटना नगर निगम स्वच्छता जागरूकता अभियान के ब्रांड एंबेसडर पवन में कार्टून बनाकर लोगों को स्वच्छता अभियान से जुड़ने के लिए कहा। पवन ने कहा कि स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए नागरिकों का सहयोग जरूरी है। स्वच्छ भारत और स्वच्छ शहर का सपना किसी एक व्यक्ति का नहीं होता।
यह हम सबका सामूहिक सपना है और स्वच्छता हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम के समय प्रणव कुमार, अमितेश श्रीवास्तव, शैलेंद्र कुमार रंजन, रोहित कुमार झा, सुमित मिश्रा, गुड्डी कुमारी, अंकिता पांडे आदि उपस्थित रहे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में पटना वासियों को भाग लेने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से पटना नगर निगम की टीम ने मृदंगम स्कूल आॅफ आर्ट्स में जागृति अभियान चलाया, जिसमें पटना नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर और प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि स्वच्छता हमारी मूलभूत आवश्यकता है।
स्वच्छ तन-मन और स्वच्छ शहर से ही अच्छे विचारों का विकास होगा और हम देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे पायेंगे। स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम में डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि स्वच्छता का दीप हमें जलाये रखना है। स्वच्छता एक संस्कार है।
उन्होंने पटना नगर के वासियों से अनुरोध किया कि वे सभी स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में भाग लें। लोगों की स्वच्छता अभियान में जितनी अधिक भागीदारी होगी, पटना की स्वच्छता रैंकिंग में उतना ही सुधार होगा। कार्यक्रम में लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने घर घर अलख जगायेंगे स्वच्छ भारत बनेगा, उत्तम दवा है सफाई सहित अनेक गीतों की प्रस्तुति की।
कार्यक्रम में विनोद पंडित ने हारमोनियम पर और रंजीत रंजन ने नाल पर लोक गायिका नीतू नवगीत का साथ दिया। पायल कुमारी और रूपा कुमारी ने भी स्वच्छता से संबंधित गीत गाकर स्वच्छता का अलख जगाया। नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर नीतू नवगीत ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेकर हम लोग पटना की रैंकिंग में सुधार ला सकते हैं।
देशभर में विभिन्न शहरों की रैंकिंग में इस बार नागरिकों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। जितने अधिक लोग स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेंगे, पटना की रैंकिंग उतनी ही बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से अपशिष्ट प्रबंधन और साफ-सफाई पर पहले से कई गुना अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
बिहार के प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट और पटना नगर निगम स्वच्छता जागरूकता अभियान के ब्रांड एंबेसडर पवन में कार्टून बनाकर लोगों को स्वच्छता अभियान से जुड़ने के लिए कहा। पवन ने कहा कि स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए नागरिकों का सहयोग जरूरी है। स्वच्छ भारत और स्वच्छ शहर का सपना किसी एक व्यक्ति का नहीं होता।
यह हम सबका सामूहिक सपना है और स्वच्छता हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम के समय प्रणव कुमार, अमितेश श्रीवास्तव, शैलेंद्र कुमार रंजन, रोहित कुमार झा, सुमित मिश्रा, गुड्डी कुमारी, अंकिता पांडे आदि उपस्थित रहे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, रांची/ पटना। बिहार के बाढ़ थाना अंतर्गत कोणदी सकसोहरा रोड एनएच-30ए के लदमा गांव के निकट शनिवार की रात नौ बजे तेज रफ्तार एक बस ने रांची की चार महिला कांवरियों को कुचल दिया। एक महिला की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी, जबकि तीन महिला गंभीर रूप से घायल हो गयीं।
मृत महिला की पहचान रांची निवासी संजय ओझा की 35 वर्षीया पत्नी के रूप में की गयी है। गंभीर रूप से घायल 30 वर्षीया लीलावती देवी को पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। दो अन्य महिलाएं भी घटना में मामूली रूप से घायल हुई हैं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तीनों घायल महिलाओं को बाढ़ अनुमंडल अस्पताल भेजा। मौके पर बाढ़ थाना की पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए बाढ़ अनुमंडल अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि महिलाएं बाढ़ के उमानाथ घाट पर स्नान करने के बाद गंगाजल लेकर बरबीघा (शेखपुरा जिला) के शिवालय में जल चढ़ाने के लिए जा रही थीं, तभी यह घटना हुई। महिलाओं के साथ करीब 100 लोगों का जत्था भी जल चढ़ाने के लिए जा रहा था।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। पटना नगर निगम ने शहरवासियों को स्वच्छता सर्वे में भाग लेने हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से स्वच्छता जागरूकता सांस्कृतिक अभियान की शुरूआत की है, जिसमें सांस्कृतिक और दूसरी गतिविधियों के माध्यम से सबको स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू ने पटना नगर निगम स्वच्छता जागरूकता अभियान की ब्रांड एंबेसडर नीतू कुमारी नवगीत, प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट पवन तथा अन्य लोगों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता हर किसी की जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य से नगर निगम ने मेरा शहर मेरी जवाबदेही कार्यक्रम चालू किया है।
पटना एक सुंदर शहर है और इसका एक गौरवशाली इतिहास है हम सबको अपने शहर की सुंदरता और स्वच्छता का ख्याल रखना है। श्रमदान के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों की सफाई में योगदान देना है और सब को स्वच्छता के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागृति फैलाने का काफी बेहतर काम नीतू कुमारी नवगीत कर रही हैं।
सांस्कृतिक अभियान में वरिष्ठ कवयित्री भावना शेखर वरिष्ठ साहित्यकार वीणा अमृत गंगा देवी गंगा देवी महाविद्यालय की प्रोफेसर संजला शिल्पी, अरविंद महिला कॉलेज के विभागाध्यक्ष और नई धारा पत्रिका के संपादक एवं वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफेसर शिवनारायण सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
मृदंगम कला संस्थान के बच्चों ने गणेश वंदना पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति की जबकि अभिजीत का लोक धार के कलाकारों ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने स्वच्छता से संबंधित अनेक गीतों की प्रस्तुति करके लोगों को सिटीजन फीडबैक 2023 में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि सीता साहू और दूसरे अतिथियों ने स्वच्छता अभियान पर आधारित बुकलेट का विमोचन भी किया। पटना नगर निगम की श्वेता भास्कर ने बताया कि मेरा शहर मेरी जवाबदेही कार्यक्रम 1 जुलाई से 15 अगस्त तक लगातार शहर के विभिन्न स्कूलों, पार्क, गंगा घाट एवं सार्वजनिक एवं भीड़भाड़ वाले स्थलों पर आयोजित किया जायेगा और आम जनों से स्वच्छ सर्वेक्षण में अपने फीडबैक देने की अपील भी की जायेगी।
मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है...
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। उद्योग विभाग के खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय ने ज्ञान भवन में पीएमएफएमई कनेक्ट और मिलेट महोत्सव का आयोजन किया। इसका उद्घाटन बिहार सरकार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की सचिव अनीता प्रवीण और बिहार सरकार के उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने किया।
उद्घाटन समारोह में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े उद्यमियों और जिला संसाधन सेवकों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि बिहार में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की व्यापक संभावनाएं हैं। बिहार की भूमि उपजाऊ है। मसाले सब्जियों और फलों के उत्पादन में बिहार भारत का अग्रणी राज्य है। मखाना और मशरूम का सबसे अधिक उत्पादन बिहार राज्य में ही होता है।
मक्का, टमाटर, केला, सब्जियां, फल और अनाज के उत्पादन में भी बिहार भारत के 5 सबसे बड़े राज्यों में एक है। कई कृषि उत्पाद 1 सप्ताह से 1 माह की अवधि के भीतर उपयोग न किए जाने पर खराब हो जाते हैं, लेकिन यदि उनकी अच्छी तरह से प्रोसेसिंग कर दी जाये तो उनका लाइफ बढ़कर कई साल हो जाता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार में बैंकों उद्यमियों और सरकार के बीच तालमेल बढ़ा है। उद्योग विभाग के अधिकारियों की सकारात्मक कोशिशों से उद्यमियों के बीच जोश भर गया है। सब में एक साथ मिलकर आगे बढ़ने की चाहत भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बिहार एक बड़ा उपभोक्ता राज्य है और गांव शहर सभी जगह प्रोसेस्ड फूड की डिमांड बढ़ी है।
मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने लघु एवं मध्यम उद्योगों के संचालकों से कहा कि अपने प्रोडक्ट बनाते समय शुद्धता और गुणवत्ता का ख्याल रखें। इससे प्रोडक्ट के प्रति कंज्यूमर का विश्वास बढ़ता है और स्थानीय बाजार में प्रोडक्ट का पॉजिटिव इमेज बनता है। इससे मांग बढ़ती है और दूसरे बाजारों में भी प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि अब गांव-गांव में बाजार और दुकानें खुल गई हैं। उत्पादक अपने जिले के बाजार पर फोकस करें और फिर उत्पादन बढ़ने पर आसपास के दूसरे बाजारों में मार्केटिंग चालू करें। मुख्य सचिव ने कहा कि खुदरा दुकानदारों और स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को अपने कारखाने में बुलाकर वहां बनने वाले उत्पादों की गुणवत्ता और प्रक्रिया को दिखायें, इससे आपकी विश्वसनीयता बढ़ेगी।
भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की सचिव अनीता प्रवीण ने कहा कि पीएमएफएमई योजना के क्रियान्वयन में बिहार का प्रदर्शन उत्साहवर्धक है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का 9% से अधिक की दर से विकास हुआ है। पिछले साल इस सेक्टर का ग्रोथ रेट 22% रहा है।
उन्होंने कहा कि आम और लीची का लाइफ 10 दिनों का होता है लेकिन यदि इनकी प्रोसेसिंग कर दी जाए तो अगले एक-दो सालों तक अलग-अलग तरीके से उनको खाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की योजनाओं को लागू करने में बिहार का स्थान पहला या दूसरा रहता है, यह उनके लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि किसान संपदा योजना और पीएमएफएमई योजनाओं के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में लगने वाली इकाइयों को अनुदान दिया जाता है। उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने उद्यमियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रोडक्ट की गुणवत्ता के साथ समझौता कभी नहीं करें।
अच्छी नीयत से काम करें तो उसका अच्छा परिणाम निकलेगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों की सफलता एक लंबी प्रक्रिया है। सफलता के लिए धैर्य के साथ मेहनत करना जरूरी है। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए संदीप पौंडरीक ने कहा कि है कौन विघ्न ऐसा जग में/टिक सके वीर नर के मग में/खम ठोक ठेलता है जब नर/ पर्वत के जाते पांव उखड़/मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है।
इससे पहले कार्यक्रम के प्रारंभ में खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़ी हुई योजनाओं की प्रगति के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित ने स्थानीय कारीगरों द्वारा निर्मित जूट के पुष्पगुच्छ देकर अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के डायरेक्टर डॉ. राणा सिंह, विशाल भदौरिया रितेश कुमार और अरुण प्रकाश ने सूक्ष्म एवं लघु औद्योगिक इकाइयों के संचालकों को सोशल मीडिया के उपयोग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकों की क्रेडिट लिंक योजनाएं और फूड सेफ्टी प्रबंधन के संबंध में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम में तकनीकी विकास निदेशालय के निदेशक संजीव कुमार, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार और आलोक कुमार, भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के निदेशक डी प्रवीण एवं उद्योग विभाग के सभी अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय की पीएमएफएमई योजना का बेहतर क्रियान्वयन करने वाले बैंकों और जिला संसाधन सेवियों को सम्मानित भी किया गया।
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