कई अहम मुद्दों पर होंगे फैसले; इन बिंदुओं पर होगी विशेष चर्चाटीम एबीएन, रांची। झारखंड में राज्य की नीतिगत दिशा तय करने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक 2 सितंबर (मंगलवार) को दोपहर 2:30 बजे प्रोजेक्ट भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में आयोजित की जायेगी। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) ने गुरुवार, 28 अगस्त को जारी की है। इस बार की कैबिनेट बैठक को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका कारण यह है कि हाल ही में संपन्न झारखंड विधानसभा मानसून सत्र में कई अहम प्रस्ताव और विधेयक सदन में पेश व पारित किये गये थे। अब इन प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति देने के लिए मंत्रिपरिषद की मुहर जरूरी है। माना जा रहा है कि बैठक में इन्हीं बिंदुओं पर चर्चा होगी और अंतिम निर्णय लिये जायेंगे।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस बैठक में कई विभागों से जुड़े जनहितकारी प्रस्ताव भी लाये जा सकते हैं। राज्य की जनता की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं। आम लोगों को उम्मीद है कि सरकार ऐसे फैसले लेगी जो सीधे तौर पर उनके जीवन को आसान बनायें। विशेषकर किसानों, बेरोजगार युवाओं, छात्रों और ग्रामीण जनता के लिए राहतकारी योजनाओं की घोषणा की संभावना जतायी जा रही है।विधानसभा सत्र के बाद यह कैबिनेट बैठक सरकार के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। घाटशिला विधानसभा उपचुनाव से जुड़े विषय पर भी चर्चा हो सकती है। वहीं, आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए भी इस बैठक में लिये जाने वाले फैसले महत्वपूर्ण होंगे।
झारखंड विधानसभा मानसून सत्र का आज आखिरी दिन, कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगने की संभावना टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र का आज आखिरी दिन है। इसके बाद सदन के सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जायेगा। जानकारी के मुताबिक आज सदन में कई विधायी कार्य पूरे किये जायेंगे। जानकारी के मुताबिक आज सदन में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगने की संभावना है। मुख्यमंत्री प्रश्नकाल होने की उम्मीद जतायी जा रही है। रिम्स-2 का नाम बदलकर शिबू सोरेन मेडिकल कॉलेज रखने के प्रस्ताव पर निर्णय लिया जा सकता है। शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग पर सदन से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जायेगा। अब तक कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव व सत्ता पक्ष के कई अन्य सदस्य गुरुजी को भारत रत्न देने की मांग सदन में रख चुके हैं। बता दें कि 22 अगस्त को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र शुरू हुआ था। इस सत्र में राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट पेश करने के साथ-साथ पांच अहम विधेयक और प्रस्ताव सदन में रखे। इनमें सबसे चर्चित राज्य विश्वविद्यालय विधेयक-2025 है, जिसके तहत कुलपति की नियुक्ति सहित कई अधिकार राज्यपाल से लेकर राज्य सरकार को दिये गये हैं। उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र पहले 1 अगस्त से 7 अगस्त तक निर्धारित था और इसका शुभारंभ 1 अगस्त को हुआ भी था, लेकिन 4 अगस्त को दिशोम गुरु और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के कारण सत्र को तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था।
राज्यपाल ने रिटायर्ड जस्टिस नवनीत कुमार को झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष पद की दिलायी शपथटीम एबीएन, रांची। झारखंड हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस नवनीत कुमार ने मंगलवार को झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष पद की शपथ ली। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। राजभवन के दरबार हॉल में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया था। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार एवं सीएम हेमंत सोरेन ने नवनियुक्त अध्यक्ष को शुभकामनाएं दीं। झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने शपथ ग्रहण समारोह के मौके पर सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति नवनीत कुमार की झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति संबंधी अधिसूचना का वाचन किया।इसके बाद राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी ने हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति नवनीत कुमार को शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष को शुभकामनाएं दीं।शपथ ग्रहण समारोह में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड विधानसभा की सदस्य कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल समेत भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं पुलिस सेवा के पदाधिकारी समेत अन्य मौजूद थे।
हेमंत की तारीफ कर अमित शाह ने चौंका दिया, सियासी चाल पर सवाल, क्या हैं मायने? टीम एबीएन, रांची। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तारीफ की। उन्होंने हेमंत सोरेन के भ्रष्टाचार के आरोपों में इस्तीफा देने, कोर्ट से बरी होने और फिर 2024 में विधानसभा उपचुनाव जीतकर दोबारा सीएम बनने की प्रशंसा की। अमित शाह ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक प्रक्रिया का सम्मान बताया। उनका यह बयान तब और महत्वपूर्ण हो जाता है जब इसी प्लेटफॉर्म से अमित शाह ने महागठबंधन के ही नेता राहुल गांधी और लालू यादव जैसे नेताओं की आलोचना की। खास बात यह कि हाल में ही अमित शाह और हेमंत सोरेन रांची में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में एक मंच पर दिखे थे। पिछले बयानों से उलट बोले अमित शाह अमित शाह ने हेमंत सोरेन के इस्तीफा, बरी होने और फिर सीएम बनने की प्रशंसा को लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक बताया है। अमित शाह का यह बयान उनके पहले के रुख से अलग है, जहां उन्होंने सोरेन सरकार पर भ्रष्टाचार और घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। 2024 में साहिबगंज और दुमका रैलियों में शाह ने सोरेन को सबसे भ्रष्ट सरकार का मुखिया बताया था। इस तारीफ के पीछे भाजपा की छवि को नरम करने और विपक्ष के साथ संवाद की राह खोलने की मंशा दिखती है। सियासी मायने और रणनीति को समझिये जानकार कहते हैं कि अमित शाह का यह बयान सियासी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। दरअसल, झारखंड में भाजपा और झामुमो के बीच कड़ा मुकाबला रहा है, ऐसे में अमित शाह की तारीफ से भाजपा संभवत: गैर-भाजपा दलों के साथ तनाव कम करने की कोशिश करने की अर्थ भी सामने आ रहा है। इसके अतिरिक्त यह बिहार और झारखंड में महागठबंधन के साथ भविष्य में गठजोड़ की जमीन तैयार करने का संकेत भी हो सकता है, खासकर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन ने आज सोमवार को झारखंड विधानसभा में महाधिवक्ता राजीव रंजन द्वारा लिखित पुस्तक बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग देवघर A TOUCH OF THE DIVINE (दिव्यता का स्पर्श) का विधिवत लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने महाधिवक्ता राजीव रंजन को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। झारखंड के महाधिवक्ता राजीव रंजन लिखित पुस्तक बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग देवघर A TOUCH OF THE DIVINE (दिव्यता का स्पर्श) में बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की ऐतिहासिकता, प्राचीनता, पौराणिकता, धार्मिक आस्था सहित सांस्कृतिक तथा वैधानिक तत्वों पर चर्चा की गयी है।बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग देवघर A TOUCH OF THE DIVINE (दिव्यता का स्पर्श) पुस्तक के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, महाधिवक्ता राजीव रंजन, सचिव अरवा राजकमल, मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव सुनील श्रीवास्तव, अपर महाधिवक्ता अच्युत केशव, राजकीय अधिवक्ता मनोज कुमार उपस्थित थे।
45 करोड़ की पांच योजनाओं की मिली स्वीकृति टीम एबीएन, रांची। भगवान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट क्षेत्र को मेट्रो शहरों की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। एयरपोर्ट की ओर से शहर के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हिनू और बिरसा चौक क्षेत्र का कायाकल्प होगा। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने इससे संबंधित पांच योजनाओं के लिए 45 करोड़ 03 रुपये की मंजूरी दे दी है। विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने जुडको को जल्द निविदा निकाल कर क्रियान्वयन शुरू करने का निर्देश दिया है। प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा है कि शहरी नियोजन के तहत राजधानी के एयरपोर्ट क्षेत्र का आधुनिकीकरण और सौंदर्यीकरण कराया जा रहा ताकि आने वाले मेहमानों को अच्छी अनुभूति प्राप्त हो. सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट से हिनू चौक तक सड़क सुदृढ़ीकरण के लिए 10 करोड़ 42 लाख 27 100 रुपये, हरियाली पूर्ण और प्रकाशयुक्त सजावट के साथ हार्ड एंड साफ्ट स्केप के लिए 14 करोड़ 64 लाख, हिनू से बिरसा चौक सड़क के सुदृढीकरण के लिए 7 करोड़ 50 लाख रुपये, हार्ड एंड साफ्ट स्केप के लिए 9 करोड़ 03 लाख रुपये के अलावा हिनू चौक और गोलंबर के विकास के लिए 3 करोड़ 42 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है। एयरपोर्ट से हिनू चौक के बीच 1.65 किमी मार्ग को 6 लेन बनाना, सतह नवीनीकरण, फुटपाथ, साइक्लिंग पाथ, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, फ्लोरिंग पैनल, एलइडी लाइटिंग, जनजातीय कला संस्कृति पर आधारित दीवारों पर चित्रकारी, पत्थर की कलाकृतियां, झारखंड की प्राचीन कला संस्कृति पर आधारित भव्य तोरणद्वार, लैंड स्केपिंग, डिजाइनदार पेड़ पौधे, पेयजल और प्रसाधन, खाली स्थान पर पार्क, पार्किंग की व्यवस्था होगी। हिनू चौक से बिरसा चौक के बीच 1.2 किमी सड़क का सतह नवीनीकरण के साथ सौंदर्यीकरण, 6 लेन का निर्माण, डिवाइडर की पेड़ पौधो से सजावट, लैंड स्केपिंग, पेवर ब्लॉक, फुटपाथ, साइकिल पाथ-वे, सड़क के दोनों ओर छायादार वृक्ष, डिजाइनदार पौधे, आकर्षक स्ट्रीट एवं एलइडी लाइट, लैंड स्केपिंग, शौचालय की सुविधा रहेगी। इसके अलावा हिनू चौक का आधुनिकीकरण होगा। कपूर्री ठाकुर की प्रतिमा का उन्यन, खाली स्थानों पर झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियां, वर्तमान के 12 मीटर के गोलंबर को 22 मीटर तक विस्तार, लैंड स्केपिंग, आधुनिक एलइडी लाइट, रंग बिरंगे लाइट, हरियाली के खूबसूरत पेड़ पौधे लगाये जायेंगे।
ट्रंप के टैरिफ के बाद एक्शन में आया भारत एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका के साथ टैरिफ की वजह से हुए खराब रिश्तों के बीच भारत ने बड़ा कदम उठाया है। भारत ने 25 अगस्त से अमेरिका के लिए डाक सेवाएं निलंबित कर दी है। भारतीय डाक विभाग ने शनिवार (23 अगस्त 2025) को इसकी घोषणा की है। भारत ने अमेरिकी कस्टम रूल्स में बदलाव का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने 30 जुलाई को एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत 800 डॉलर तक के सामान पर लगने वाली ड्यूटी (सीमा शुल्क) की छूट खत्म कर दी गयी। कम कीमत वाले सामान पहले बिना ड्यूटी के अमेरिका पहुंच जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अमेरिका भेजे जाने वाले हर मूल्य के सामान पर 29 अगस्त से कस्टम ड्यूटी लगेगी। हालांकि, दस्तावेज और 100 अमेरिकी डॉलर तक मूल्य वाले गिफ्ट आइटम पर छूट रहेगी। नया नियम इंटरनेशनल इमर्जेंसी इकोनॉमी पावर एक्ट के तहत लागू होगा। अमेरिकी कस्टम और बॉर्डर प्रोटेक्शन के ने 15 अगस्त 2025 को निर्देश जारी किया कि ट्रंसपोर्ट कैरियर्स और क्वालिफाइड पार्टीज को अंतरराष्ट्रीय डाक शिपमेंट पर ड्यूटी जमा करनी होगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की 35वीं बैठक संपन्न बैठक में राज्य के विभिन्न कारागारों में आजीवन सजा काट रहे 51 कैदियों को रिहा किये जाने पर बनी सहमति झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद द्वारा आयोजित पिछली बैठकों में आजीवन सजा काट रहे कैदियों के रिहाई से संबंधित अस्वीकृत किये गये मामलों सहित कुल 103 मामलों की गहन समीक्षा की गयी।टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आयोजित झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की 35वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न कारागारों में आजीवन सजा काट रहे 51 कैदियों को रिहा किए जाने पर सहमति बनी। बैठक में रिहाई से संबंधित 37 नए मामलों के साथ-साथ 66 वैसे कैदियों के मामलों पर भी पुनर्विचार किया गया जिन्हें झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की पिछली बैठकों में अस्वीकृत किया गया था। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग वंदना दादेल, डीजीपी अनुराग गुप्ता, प्रधान सचिव सह विधि परामर्शी विधि (न्याय) नीरज कुमार श्रीवास्तव, महानिरीक्षक कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं सुदर्शन प्रसाद मंडल, न्यायिक आयुक्त अनिल मिश्रा, प्रधान प्रोवेशन पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 51 कैदियों की रिहाई पर बनी सहमति बैठक में मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की अनुशंसा के आलोक में राज्य के विभिन्न कारागारों में आजीवन सजा काट रहे कुल 103 कैदियों को कारामुक्त किये जाने के प्रस्ताव पर अधिकारियों के साथ बिंदुवार गहन विचार-विमर्श किया। राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद द्वारा रिहाई हेतु अनुशंसित एक-एक कैदियों की फाइल पर गंभीरता से विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने कैदियों के अपराध की प्रवृत्ति तथा न्यायालयों, संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों, जेल अधीक्षक एवं प्रोबेशन अधिकारियों द्वारा दिए गए मंतव्य की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने रिहाई हेतु अनुशंसित कैदियों की उम्र एवं पारिवारिक, सामाजिक तथा शैक्षणिक स्थिति की भी पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच रिहाई हेतु प्रस्तावित सभी मामलों पर गहन विचारोपरान्त कुल 51 कैदियों को रिहा किए जाने के निर्णय पर मुख्यमंत्री ने अपनी सहमति दी। रिहा हो रहे कैदियों को नया जीवन शुरू करने के लिए करें प्रेरित मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक में समीक्षा के उपरांत राज्य के विभिन्न कारागारों में 14 वर्ष या उससे अधिक समय से सजा काट रहे वैसे कैदी जिनकी उम्र ज्यादा हो गयी है तथा जेल में उनका आचरण अच्छा है उन्हें रिहा किया जाता है, अतएव रिहा हो रहे कैदियों को एक बेहतर सामाजिक जीवन शुरू करने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि रिहाई से संबंधित अनुशंसित मामलों में कुछ मामले ऐसे भी हैं जिसमें कैदियों के बीमार होने तथा कुछ की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहने की बात कही गई है, इन सभी मामलों के लिए एक बेहतर कार्य योजना तैयार कर ऐसे कैदियों को शारीरिक एवं मानसिक चिकित्सा प्रदान किए जाएं, चिकित्सा के उपरांत डॉक्टरों द्वारा दिये गये रिपोर्ट के अनुसार वैसे कैदियों की रिहाई पर विचार किया जाना चाहिए ताकि वे अपना जीवन सुचारू रूप से व्यतीत कर सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिहा होने वाले कैदियों को हर हाल में सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं से जोड़ें।2019 से अबतक रिहा किये गये 470 कैदियों को मिल रहा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक में सहमति के उपरांत वर्ष 2019 से अबतक राज्य के विभिन्न कारागारों से 619 कैदियों को रिहा किया जा चुका है, जिसमें 558 कैदियों का विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन भी किया गया है। 61 बंदियों का भौतिक सत्यापन किया जाना बाकी है। यह भी बताया गया कि वर्ष 2019 से अबतक रिहा हुए 619 में से 470 कैदियों को सरकार द्वारा संचालित वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा ई श्रम कार्ड इत्यादि योजनाओं के लाभ से जोड़ा गया है। रिहा हुए वैसे कैदी जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़ने का कार्य प्रक्रियाधीन है, जल्द ही सरकार द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से उन्हें आच्छादित किया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने श्री आलोक कुमार, झा0प्र0से0(को0 क्र0-832/03), तत्कालीन अंचल अधिकारी, सोनाहातु, राँची के विरूद्ध असंचयात्मक प्रभाव से 01(एक) वेतन वृद्धि पर रोक का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया है।
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