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तैयारी : 27 मार्च से फिर शुरू होंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
Published / 2022-03-08 17:35:44
तैयारी : 27 मार्च से फिर शुरू होंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने करीब दो साल बाद देश में 27 मार्च से अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों को कोविड दिशानिर्देशों के अनुपालन के साथ पुन: शुरू करने का फैसला किया है। नागर विमान महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कोविड महामारी के मद्देनज़र 23 मार्च 2020 से अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों को स्थगित कर दिया था। डीजीसीए ने 28 फरवरी को जारी परिपत्र में अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों पर रोक को अगले आदेश तक बढ़ाया था। नागर विमानन मंत्रालय ने आज कहा कि विश्व भर में कोविड टीकाकरण के कवरेज में वृद्धि और सभी पक्षकारों से विचार विमर्श के उपरांत भारत सरकार ने नियमित वाणिज्यिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को 26 मार्च को मध्य रात्रि के बाद नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है और इस प्रकार से 27 मार्च 2022 से ये उड़ानें बहाल हो जाएंगी। कुछ खास देशों के साथ एयर बबल की व्यवस्था भी 26 मार्च की मध्य रात्रि तक चलेगी। सरकार ने करीब दो साल बाद देश में 27 मार्च से अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों को कोविड दिशानिर्देशों के अनुपालन के साथ पुन: शुरू करने का फैसला किया है। नागर विमान महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कोविड महामारी के मद्देनज़र 23 मार्च 2020 से अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों को स्थगित कर दिया था। डीजीसीए ने 28 फरवरी को जारी परिपत्र में अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों पर रोक को अगले आदेश तक बढ़ाया था। नागर विमानन मंत्रालय ने आज कहा कि विश्व भर में कोविड टीकाकरण के कवरेज में वृद्धि और सभी पक्षकारों से विचार विमर्श के उपरांत भारत सरकार ने नियमित वाणिज्यिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को 26 मार्च को मध्य रात्रि के बाद नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है और इस प्रकार से 27 मार्च 2022 से ये उड़ानें बहाल हो जाएंगी। कुछ खास देशों के साथ एयर बबल की व्यवस्था भी 26 मार्च की मध्य रात्रि तक चलेगी।

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने किया लॉन्च, अब फीचर फोन से भी होगा UPI पेमेंट
Published / 2022-03-08 10:43:00
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने किया लॉन्च, अब फीचर फोन से भी होगा UPI पेमेंट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अब फीचर फोन से भी यूपीआई पेमेंट होगा। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मंगलवार को इसके लिए अलग यूपीआई लॉन्च किया। इसके UPI123Pay नाम दिया गया है। उन्होंने डिजिटल पेमेंट्स के लिए 24x7 हेल्पलाइन भी लॉन्च की। इसका नाम डिजीसाथी है। इन दोनों का सीधा संबंध आम आदमी से है। UPI123Pay की मदद से यूजर्स फीचर फोन से यूपीआई पेमेंट कर सकेंगे। स्कैन एंड पे छोड़ सभी तरह के ट्रांजेक्शन इससे किए जा सकेंगे। पेमेंट के लिए इंटरनेट जरूरी नहीं होगा। इस फैसिलिटी का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अपने मोबाइन नंबर और बैंक अकाउंट को लिंक करना होगा। यूपीआई पेमेंट प्लेटफॉर्म की शुरुआत 2016 में हुई थी। तब से इसका इस्तेमाल कई गुना बढ़ गया है। लेकिन, अब तक यूपीआई पेमेंट के लिए स्मार्टफोन जरूरी था। इस वजह से गांवों में कई लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर पाते थे। पिछले साल दिसंबर में आरबीआई ने कहा था कि वह फीचर फोन के लिए भी यूपीआई लॉन्च करेगा। आरबीआई का मानना है कि फीचर फोन के लिए यूपीआई फैसिलिटी शुरू होने से गांवों में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल बढ़ेगा। इससे फाइनेंशियल सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी। गांवों में कई लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं होते हैं। इसके अलावा वहां इंटरनेट की उपलब्धता की भी गारंटी नहीं होती है।

बजट सत्र : प्रश्नकाल में बोले सीएम हेमंत- विस्थापन राज्य की सबसे बड़ी समस्या
Published / 2022-03-07 17:46:19
बजट सत्र : प्रश्नकाल में बोले सीएम हेमंत- विस्थापन राज्य की सबसे बड़ी समस्या

टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन आज मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान पक्ष-विपक्ष की ओर से कई प्रश्न पूछे गए। आजसू पार्टी के प्रमुख सुदेश महतो द्वारा पूछे गए एक नीतिगत प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में विस्थापन बड़ी समस्या है। विस्थापितों की समस्याओं के समाधान को लेकर विस्थापन पुनर्वास आयोग का विषय विचाराधीन है। जिस पर सरकार जल्द निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में खनन कार्य 50 से 100 वर्षों से चल रहा है। सरकार से भी जमीन ली गयी, लेकिन इसका मुआवजा अब तक नहीं मिलेगा, राज्य सरकार विस्थापितों की समस्याओं के समाधान को लेकर जल्द ही विस्थापन आयोग के गठन पर निर्णय लेगी। भाजपा के शशिभूषण मेहता के एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि झारखंड राज्य कर्मचारी आयोग द्वारा तृतीय और चतुर्थ वर्ग के पदों के लिए ली जानी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए हिन्दी और अंग्रेजी को नहीं हटाया गया है। उन्होंने बताया कि जेएसएससी में हिन्दी पहले से ही है। जेएसएससी की मैट्रिक एवं इंटर स्तर पर होने वाली परीक्षाओं में हिन्दी और अंग्रेजी विषय 120 अंकों का पहले से ही निर्धारित है और इसमें उत्तीर्णता का अंक 30 प्रतिशत है, इसलिए इसे दोबारा जोड़ने की जरूरत नहीं हैं। पूर्व में मुख्य परीक्षा में भी हिन्दी की अनिर्वायता की वजह से जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा के लोग छूट जाते थे। इसलिए मुख्य परीक्षा में भी इसे शामिल करने की जरूरत नहीं हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अलग-अलग जिलों में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए भाषा का निर्धारित किया है।

छह राज्यों में राज्यसभा की 13 सीटों पर 31 मार्च को होगा चुनाव
Published / 2022-03-07 15:28:13
छह राज्यों में राज्यसभा की 13 सीटों पर 31 मार्च को होगा चुनाव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के छह राज्यों में राज्यसभा की रिक्त होने जा रही 13 सीटों के लिए आगामी 31 मार्च को चुनाव होगा। निर्वाचन आयोग ने सोमवार को यह जानकारी दी। असम, हिमाचल प्रदेश, केरल, नगालैंड और त्रिपुरा से राज्यसभा के आठ सदस्यों का कार्यकाल दो अप्रैल को और पंजाब के पांच सदस्यों का कार्यकाल नौ अप्रैल को पूरा होगा। इस कारण ये सीटें रिक्त हो रही हैं। जिन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी और आनंद शर्मा भी शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा, पंजाब में रिक्त हो रही पांच सीटों में से तीन के लिए एक चुनाव होगा, जबकि दो सीटों के लिए अलग चुनाव होगा क्योंकि ये सीटें दो अलग-अलग द्विवार्षिक चक्र से संबंधित हैं। राज्यसभा की इन सीटों के लिए होने वाले चुनाव की अधिसूचना 14 मार्च को जारी होगी और मतदान 31 मार्च को होगा। स्थापित परिपाटी के तहत मतदान वाले दिन ही शाम पांच बजे से मतगणना होगी। उच्च सदन में केरल से एंटनी, हिमाचल प्रदेश से आनंद शर्मा, पंजाब से प्रताप सिंह बाजवा (कांग्रेस) एवं नरेश गुजराल (अकाली दल) का कार्यकाल पूरा हो रहा है। पंजाब से राज्यसभा चुनाव का फैसला गत 20 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों पर निर्भर करेगा। विधानसभा चुनाव के लिए डाले गए मतों की गणना 10 मार्च को होगी। पंजाब से पांच सीटों के अलावा, केरल से राज्यसभा की तीन, असम से दो और हिमाचल प्रदेश, नगालैंड तथा त्रिपुरा से एक-एक सीटें रिक्त हो रही हैं।

राज्य के 250 सरकारी विद्यालयों में शुरू हुई जनजातीय भाषा में पढ़ाई
Published / 2022-03-07 06:20:41
राज्य के 250 सरकारी विद्यालयों में शुरू हुई जनजातीय भाषा में पढ़ाई

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के 250 प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में जनजातीय भाषा में पढ़ाई शुरू कर दी गई है। अभिभावकों की सहमति के बाद झारखंड के स्कूलों में जनजातीय भाषा में पढ़ाई शुरू करने के लिए सरकार ने पहल की है। जनजातीय भाषा में के पढ़ाई के तहत कक्षा 3 तक बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा दिया जाएगा। झारखंड राज्य शिक्षा परियोजना की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में ढाई सौ प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में जनजातीय भाषा में पढ़ाई शुरू हुई है। इस अभियान में 46 हजार स्कूलों को चुना गया था। पहले ढाई सौ चयनित स्कूलों में से 17 विद्यालयों के अभिभावकों ने जनजातीय भाषा में पढ़ाई को लेकर सहमति नहीं दी थी। उन्होंने आपत्ति जाहिर कर कहा था कि जो बच्चे जनजातीय भाषा नहीं जानते हैं। वह कैसे पढ़ाई करेंगे। हालांकि नए सिरे से एक बार फिर रिपोर्ट तैयार करते हुए राज्य सरकार ने जहां उस भाषा को बोलने वाले 70 फीसदी या उससे अधिक बच्चे नामांकित है। वहीं इसकी पढ़ाई शुरू करवाई है। झारखंड राज्य शिक्षा परियोजना ने ढाई सौ स्कूलों में जनजातीय भाषा में कक्षा तीन तक की पढ़ाई शुरू की है। नई शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक कक्षा की पढ़ाई बच्चों को मातृभाषा में देने के लिए जोर दिया गया है। इसके तहत खूंटी में मुंडारी, लोहरदगा में कुडुख, पश्चिमी सिंहभूम में हो, गुमला सिमडेगा में खड़िया और साहिबगंज में संताली भाषा में पढ़ाई शुरू की गई है। इसे लेकर संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। जेसीईआरटी ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर ऐसे शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया है। इसके अलावा पठन-पाठन को लेकर जिला शिक्षा समिति भी गठित की गई है। ताकि जनजातीय भाषा से जुड़े स्कूलों में पठन-पाठन सही तरीके से संचालित की जा सके।

झारखंड बजट सत्र : सदन में आज मुख्यमंत्री प्रश्नकाल, आजसू घेरेगी असेंबली
Published / 2022-03-07 05:00:52
झारखंड बजट सत्र : सदन में आज मुख्यमंत्री प्रश्नकाल, आजसू घेरेगी असेंबली

टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का बजट सेशन चल रहा है। 5 और 6 मार्च के दो दिनों के अवकाश के बाद आज फिर सदन की कार्यवाही चलेगी। विधानसभा के छठे कार्यदिवस पर सदन में आज मुख्यमंत्री प्रश्नकाल होगा, इसके बाद विभागवार बजट पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही भाषा विवाद को लेकर सदन में हंगामे के भी आसार है। 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति लागू करने और क्षेत्रीय भाषा की सूची से भोजपुरी और मगही को हटाने की मांग को लेकर आजसू ने विधानसभा घेराव का आह्वान किया है। आजसू के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त किए गए हैं। इस मुद्दे को लेकर आजसू कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच भिड़ंत की आशंका है। आज सदन में (7 मार्च ) को मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के अलावे सदन में बजट पर चर्चा होगी। 8, 9, 10 और 11 मार्च को प्रश्नकाल और वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट पर सदन में चर्चा होगी। 14 मार्च को प्रश्नकाल से सदन की कार्यवाही शुरू होगी। मुख्यमंत्री प्रश्नकाल और बजट पर सदन में चर्चा होगी। 15 मार्च को प्रश्नकाल और बजट पर सदन में चर्चा होगी। 16 से 20 मार्च तक सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगा। 21 मार्च को प्रश्नकाल, मुख्यमंत्री प्रश्नकाल और बजट पर चर्चा सदन में होगी। 22 मार्च को प्रश्नकाल और बजट पर सदन में वाद विवाद होगा। 23 मार्च को बजट पर चर्चा के अलावे सदन में विनियोग विधेयक पेश किया जायेगा। 24 और 25 मार्च को सदन में सरकार की ओर से विधेयक पेश किया जायेगा।

फाइलेरिया उन्मूलन को झारखंड सरकार प्रतिबद्ध, 7 मार्च से कार्यक्रम की शुरुआत
Published / 2022-03-06 16:16:47
फाइलेरिया उन्मूलन को झारखंड सरकार प्रतिबद्ध, 7 मार्च से कार्यक्रम की शुरुआत

टीम एबीएन, रांची। झारखण्ड सरकार राज्य से फाइलेरिया के उन्मूलन को लेकर प्रतिबद्ध है और इसी के दृष्टिगत 7 मार्च से 12 मार्च तक राज्य के 6 जिलों के लोगों को फाइलेरिया के प्रभाव आदि से बचाने के लिए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम, कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुसार शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर, राज्य कार्यक्रम अधिकारी, वेक्टर बोर्न डिजीजेज डॉ एसएन झा ने आज कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2030 तक फाइलेरिया रोग के झारखण्ड से पूर्ण उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है और इसीलिए योजना अनुरूप एमडीए आयोजित किये जा रहे हैं। इसी क्रम में, राज्य सरकार द्वारा 7 मार्च से 12 मार्च तक साहिबगंज, बोकारो, धनबाद, रामगढ, गुमला और देवघर जिलों मंस कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुसार शारीरिक दूरी (दो गज की दूरी), मास्क और हाथों की साफ-सफाई का अनुपालन करते हुए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में लगभग 11556921 लक्षित लाभार्थियों को उम्र के अनुसार फाइलेरिया रोधी दवाओं डीईसी और अल्बेंडाज़ोल की निर्धारित खुराक प्रशिक्षित दवा प्रशासकों द्वारा अपने सामने मुफ्त खिलाई जाएगी। इन दवाओं का सेवन खाली पेट नहीं करना है। 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी लोगों को ये दवाएं खानी हैं। इस संक्रमण से स्वयं को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए प्रशिक्षित दवा प्रशासकों द्वारा मुफ़्त दी जाने वाली फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन उनके सामने ही अवश्य करें।उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि दवाएं वितरित नहीं करनी है बल्कि अपने सामने ही खिलानी हैं।

शहीद के परिजनों को हरसंभव सहयोग करेंगे : हेमंत सोरेन
Published / 2022-03-06 16:13:41
शहीद के परिजनों को हरसंभव सहयोग करेंगे : हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, धनबाद। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से धनबाद जिले के ग्राम चरक कला, मनियाडीह, निवासी शहीद सिपाही संदीप सिंह की पत्नी ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री को शहीद की आश्रिता ने बताया कि उनके पति संदीप सिंह सीमा सुरक्षा बल फिरोजपुर पंजाब में सिपाही पद पर कार्यरत थे। 19 दिसंबर 2021 को कर्तव्य निर्वहन करते हुए ट्रेनिंग के दौरान किशनगढ़ जैसलमेर राजस्थान में एक बम धमाके में वे शहीद हो गए। वे अपने पीछे ढाई वर्षीय पुत्री, 80 वर्षीय मां छोड़ गए। मुख्यमंत्री से शहीद की धर्मपत्नी ने राज्य सरकार द्वारा सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने शहीद के परिजनों को हर संभव सहयोग करने का भरोसा दिया है।

अगले वित्त वर्ष तक टाला जा सकता है देश का सबसे बड़ा "एलआईसी की आईपीओ"
Published / 2022-03-06 10:41:33
अगले वित्त वर्ष तक टाला जा सकता है देश का सबसे बड़ा "एलआईसी की आईपीओ"

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार LIC की बड़ी इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग को अगले वित्त वर्ष तक के लिए टाल सकती है। बाजार के जानकारों ने कहा कि ऐसा सरकार इसलिए कर सकती है क्योंकि रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध से पब्लिक इश्यू में फंड मैनेजर्स की रूचि घटी है। सरकार इस महीने जीवन बीमा निगम में पांच फीसदी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही थी, जिससे 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मिल सकती थी। आईपीओ से सरकार को इस वित्त वर्ष में अपने 78,000 करोड़ रुपये के विनिवेश के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलती। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, आशिका ग्रुप में रिटेल इक्विटी रिसर्च के हेड अरिजीत मालकर ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच मौजूदा भू-राजनीतिक मुद्दे ने वैश्विक इक्विटी बाजार को आशंकित कर दिया है। बाजार की उथल-पुथल LIC के आईपीओ के लिए सही नहीं : मालकर ने कहा कि भारतीय बाजार ने भी इस पर अपनी नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और इसमें अपने रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 11 फीसदी की गिरावट देखी गई है। उन्होंने आगे बताया कि इसलिए, वर्तमान की बाजार की उथल-पुथल LIC के आईपीओ के लिए सही नहीं है। और सरकार इश्यू को अगले वित्त वर्ष तक के लिए टाल सकती है। सामान्य तौर पर, बड़े उतार-चढ़ाव वाले बाजार में, निवेशक सुरक्षित तौर पर पैसा लगाते हैं और नए निवेश करने से बचते हैं। इसलिए, इक्विटी मार्केट को स्थिर होने की जरूरत है, जिससे निवेशकों को LIC IPO में निवेश करने का आत्मविश्वास मिले। समान भावना को जाहिर करते हुए, इक्विटीमास्टर में रिसर्च की को-हेड तनुश्री बैनर्जी ने कहा कि कमजोर बाजार की स्थिति, खासतौर पर यूक्रेन-रूस की जंग की स्थिति में, आईपीओ के लिए बुरी साबित हुई है। जहां आईपीओ के स्थगित होने की संभावना मौजूद है, वहीं इश्यू सरकार की विनिवेश की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है. FPI सपोर्ट की जरूरत होगी : एक्सपर्ट्स- अपसाइड AI में को-फाउंडर अतानु अग्रवाल ने कहा कि माइक्रो स्तर पर अनिश्चित्ता की स्थिति में, हमेशा डॉलर की सुरक्षा का रास्ता रहता है, जो जोखिम वाले एसेट्स जैसे उभरती हुई मार्केट इक्विटी से दूर होता है। इसका मतलब है कि लिक्विडिटी घरेलू बाजार में खत्म हो रही है। अग्रवाल ने कहा कि FPIs पिछले कुछ महीनों से उभरते हुए बाजारों में नेट सेलर्स रहे हैं। जहां घरेलू निवेशक नेट बायर्स रहे हैं। अग्रवाल के मुताबिक, आईपीओ के 9 से 10 अरब डॉलर के साइज को देखते हुए, इसे बड़ी लिक्विडिटी की खपत की जरूरत होगी। इसका मतलब है कि इसे एफपीआई सपोर्ट की जरूरत होगी। सरकार इसका ध्यान रख रही है और इसलिए कैबिनेट ने एलआईसी आईपीओ में 20 फीसदी एफपीआई निवेश की मंजूरी दी है।

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