राज काज

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Published / 2021-10-01 17:37:54
सीएम हेमंत सोरेन ने 100 योजनाओं का किया शिलान्यास, बोले- योजना से जुड़कर विकास में बनें भागीदार

रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ईटखोरी में नवनिर्मित ग्रिड सब स्टेशन एवं चतरा- लातेहार ट्रांसमिशन लाइन का शुभारम्भ कर चतरा जिले को बड़ी सौगात दी। अब इस जिले के बड़े हिस्से को निर्बाध और गुणवत्ता युक्त बिजली मिलेगी। लो वोल्टेज की समस्या नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रिड सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन के चालू होने से यहां के लोगों की वर्षों की चिर प्रतिक्षित मांग पूरी हो गई है। अब यहां का हर घर ना सिर्फ रोशन होगा बल्कि नई ऊर्जा के साथ विकास के रास्ते पर चतरा जिला तेजी से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए बिजली बेहद अहम है। यही वजह है कि सरकार पूरे राज्य में ग्रिड सब स्टेशन और संचरण लाइन का जाल बिछा रही है, ताकि राज्य वासियों को बिजली की आंख मिचौली नहीं झेलनी पड़े। निर्बाध और क्वालिटी बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा सोलर पावर प्लांट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे खेती की तरह बिजली की भी खेती करें। अपनी बंजर भूमि और घर की छत का इस्तेमाल सोलर पावर प्लांट लगाने में करे। इससे ना सिर्फ अपने लिए बिजली का उत्पादन कर सकेंगे, बल्कि सरप्लस बिजली को सरकार खरीदेगी। इससे आपकी आमदनी में इज़ाफ़ा होगा और आप राज्य के विकास में भागीदार बनेंगे। सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए सरकार सब्सिडी देगी। इसके लिए बहुत जल्द एक नई योजना लांच की जाएगी। सीएम ने कहा कि यह आपकी सरकार है। आपकी भावनाओं के अनुरूप हमारी सरकार काम कर रही है। राज्यवासियों के कल्याण और विकास के लिए कार्य योजना बनाई जाती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सरकार की योजनाओं से जुड़े और उसका लाभ लें। उन्होंने पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे ग्रामीण इलाकों में लोगों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराएं ताकि वे इन योजनाओं के माध्यम से स्वावलंबी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नजर चतरा, गढ़वा, लातेहार जैसे पिछड़े जिलों पर विशेष रूप से है। इसलिए ऐसे जिलों के लिए विशेष योजना भी बनाई जा रही है। इससे पहले गृह गढ़वा में भी सब स्टेशन का उद्घाटन इसी का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने चतरा शहर में बाईपास की मांग पर कहा कि इस दिशा में सरकार लगातार मंथन कर रही है। वैसे शहर, जहां बाईपास की जरूरत है, इसकी योजना स्वीकृत की जाएगी। इतना ही नहीं, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भी शहरों के लिए बाईपास की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि चतरा शहर के लिए बाईपास की स्वीकृति दे दी गई है। इसकी नींव अगले साल जनवरी में रखी जाएगी। उन्होंने यहां एक डेहरी प्लांट स्थापित करने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग डेढ़ साल कोविड-19 की वजह से काफी चुनौती भरा रहा। व्यवस्थाएं अस्त व्यस्त हो गई थी। लेकिन अब कोरोना काल से निकलते हुए विकास को गति दी जा रही है। राज्य के विकास और लोगों के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की गई है। इस मौके पर उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों से लोगों को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चतरा समेत कई जिलों में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से अफीम की खेती होती है। इसे रोकने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। अफीम की बजाय मेडिसिनल प्लांट्स आदि की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे लोगों की आमदनी में काफी इजाफा होगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी लोग अफीम की खेती से जुड़े होंगे, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अफीम अथवा अन्य मादक पदार्थों का सेवन करने वाले लोग ना सिर्फ अपना बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ी को भी बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे में हम सभी को इससे दूर रहने की जरूरत है। ईटखोरी, चतरा में नवनिर्मित 220/132/33 केवी ग्रिड की कुल क्षमता 400 मेगावाट है, जबकि 220 केवी चतरा-लातेहार ट्रांसमिशन लाइन की कुल लंबाई 108 किलोमीटर है। इस परियोजना की कुल लागत 189.70 करोड़ रुपए है। इस ग्रिड सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन के चालू होने से चतरा जिले के इटखोरी, मयूरहंड, सिमरिया, गिद्धौर, हंटरगंज, कान्हाचट्टी, कुन्दा, प्रतापपुर, डाढा आदि प्रखंडों और हजारीबाग जिले के बरही अनुमंडल में बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की 100 योजनाओं का उद्घाटन शिलान्यास किया। इन योजनाओं की कुल लागत राशि 467.28 करोड़ रुपए है। इनमें 275.45 करोड़ रुपए की 82 योजनाओं का उद्घाटन और 91.79 करोड़ रुपए की 18 योजनाओं की आधारशिला रखी गई। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया। इसके अलावा अफीम की खेती को रोकने की दिशा में चतरा जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए जा रहे अभियान के पोस्टर की लॉन्चिंग की। मौके पर मंत्री सत्यानंद भोक्ता, सांसद सुनील कुमार सिंह, विधायक उमा शंकर अकेला, अम्बा प्रसाद, किशुन कुमार दास, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त कमल जॉन लकड़ा, झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक केके वर्मा एवं जिले की उपायुक्त अंजली यादव तथा पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

Published / 2021-09-30 17:14:31
15 अक्‍टूबर तक सभी जरूरतमंदों को दें आवास योजना का लाभ : हेमंत

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्‍होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि 15 अक्टूबर तक सभी जरूरतमंदों को आवास योजना का लाभ दें। मनरेगा की योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करें। पोटो हो खेल मैदान को पूरा करने में कोई देरी न हो। इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।बिरसा हरित ग्राम योजना की समीक्षा के क्रम में सीएम ने कहा कि पौधारोपण ऐसी जगह करें, जहां सिंचाई की सुविधा हो। पौधों की सिंचाई के लिए जरूरतमंद वर्ग जैसे बुजुर्ग, विधवा या अन्य कोई असहाय व्यक्ति को सिंचाई कार्य में लगाएं और मनरेगा के जरिये मजदूरी का भुगतान करें। मनरेगा के जॉबकार्ड में उम्र से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान की स्थिति की भी समीक्षा की और कहा कि यह महत्वपूर्ण योजना है। हमें महिलाओं को हड़िया दारू निर्माण और बिक्री कार्य से दूर कर सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना है। सभी डीसी यह सुनिश्चित करें कि आने वाले समय में इस कार्य से जुड़ी महिलाओं को व्यवसाय के अन्य विकल्प प्राप्त हो सकें। ऐसी महिलाएं पुनः अपने पुराने व्यवसाय में न जाएं, यह भी सुनिश्चित करें। साथ ही शहरी क्षेत्र में हड़िया-दारू बेचने वाली बहनों को भी इस अभियान से जोड़े। उन्‍होंने कहा कि पलाश ब्रांड के उत्पादों का उपयोग सरकारी भवनों यथा सर्किट हाउस, सरकारी स्कूल, कारागार, सरकारी कार्यालयों, आदि में करें। पलाश ब्रांड के जरिये महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन सुनिश्चित किया जा सकता है और नारी सशक्तिकरण की बात सार्थक होगी।

Published / 2021-09-28 17:21:14
रांची में बनेगा ट्रांसपोर्ट नगर, कैबिनेट की बैठक में 17 प्रस्तावों पर लगी मुहर

रांची। राजधानी रांची में बहुप्रतीक्षित ट्रांसपोर्ट नगर बनने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आज यानी मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 17 प्रस्तावों पर मुहर लगाते हुए राज्य सरकार ने रांची के सुकुरहुटू में ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण के फेज वन के लिए 113 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। मंत्रिपरिषद ने राजधानी के कांटाटोली में प्रस्तावित फ्लाईओवर की लंबाई बढाने का निर्णय लिया है। अब फ्लाईओवर योगदा सत्संग से शांतिनगर कोकर तक में बनेगा। यह निर्माण कार्य 24 महीने में पूरा किया जायेगा। रांची शहर हेतु पूर्व स्वीकृत कांटाटोली फ्लाईओवर निर्माण परियोजना के समापन की स्वीकृति एवं योगदा सत्संग आश्रम, बहूबाजार से शांति नगर, कोकर तक (वाया कांटाटोली चौक) 2040 मी. लंबे फ्लाईओवर के निर्माण हेतु कुल रुपए 224,94,54,000/- रुपये लागत की परियोजना पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी। इसका निर्माण कार्य 24 महीने के अंदर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है। कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले : विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर विभागों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों में स्वीकृत पदों के विरुद्ध रिक्त पदों पर घंटी आधारित संविदा पर नियुक्त शिक्षकों के पैनल का अवधि विस्तार दिनांक 31 मार्च 2022 तक करने की स्वीकृति दी गई। परिवहन निदेशालय के अंतर्गत मोटरयान निरीक्षक (तकनीकी) का 25 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। देवघर जिला अंतर्गत अंचल- मोहनपुर के मौजा-दुम्मा में आवासीय कॉलोनी विकसित करने हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग के पक्ष में हस्तांतरित 58 एकड़ भूमि को झारखंड राज्य आवास बोर्ड, रांची को निशुल्क हस्तांतरण किए जाने की स्वीकृति दी गई। सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत चांडिल अनुमंडल में अनुमंडलीय न्यायालय के गठन करने की स्वीकृति दी गई। यहां अनुमंडल स्तर के सात न्यायालय बनेगा। झारखंड औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 में वाणिज्य कर विभाग से संबंधित कंडिका-7.8 एवं 7.9 में संशोधन की स्वीकृति दी गई। झारखंड वित्त नियमावली के नियम 235 (क) में संशोधन की स्वीकृति दी गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। खूंटी जिला अंतर्गत अंचल-कर्रा, मौजा-जुरदाग अंतर्निहित 2.34 एकड़ भूमि जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना हेतु नवोदय विद्यालय समिति, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली को जमीन देने की स्वीकृति दी गई। राज्य में पॉयलट बेसिस पर जन वितरण प्रणाली के तहत Fortified Rice वितरण करने हेतु Rice Fortification Scheme लागू करने के लिए State PMU के गठन की स्वीकृति दी गई। झारखंड नगरपालिका सेवा संवर्ग (संशोधन) नियमावली, 2021के गठन की स्वीकृति दी गई। झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा W.P.(PIL) NO.3118 of 2014 के आलोक में झारखंड के भौगोलिक क्षेत्र में अवस्थित बिहार राज्य हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन के 08 लघु जलविद्युत परियोजनाओं के asset/liabilities मानवबल (13) सहित हस्तांतरण करने की स्वीकृति दी गई। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में किए गए संशोधनों के आलोक में झारखंड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में प्रस्तावित संशोधनों से संबंधित झारखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021 के झारखंड विधानसभा में पेश होने पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। World Expo 2020 दुबई में राज्य की भागीदारी दिनांक 30 सितंबर से 6 अक्टूबर 2021 को करने हेतु झारखंड वित्त नियमावली के नियम 235/नियम 245 के आलोक में Ernst &Young LLP को इवेंट पार्टनर मनोनीत करने की स्वीकृति दी गई। एशियन डेवलपमेंट बैंक संपोषित झारखंड अर्बन वॉटर सप्लाई इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत झुमरीतिलैया नगर परिषद हेतु 15092.63 लाख रुपए की लागत पर तकनीकी स्वीकृति प्राप्त झुमरीतिलैया शहरी जलापूर्ति योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। राजधानी रांची में EPC Model पर ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण योजना के फेज-I हेतु कुल 113,24,22,642 रुपये मात्र की योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी। खान एवं भूतत्व विभाग, झारखंड के अंतर्गत झारखंड अन्वेषण एवं खनन निगम लिमिटेड के गठन की स्वीकृति दी गयी।

Published / 2021-09-26 10:42:55
मंत्री ने कहा 10 दिनों में 65,000 पर शिक्षकों की समस्या का होगा समाधान, सरकार के पास गयी नियमावली

रांची। पारा शिक्षकों की समस्याओं का 10 दिनों के भीतर समाधान होगा। लंबे समय से 65,000 पारा शिक्षक स्थायीकरण और वेतनमान को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनकी मांगों को पूरा करने के लिए नई नियमावली बन गई है। शिक्षा विभाग ने यह नियमावली सरकार को भेजी है। यह बातें शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने कही। बताते चलें कि बीते 18 अगस्त को शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों, शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो और पारा शिक्षकों के प्रतिनिधियों के बीच मैराथन बैठक हुई थी। इस बैठक में बिहार की तर्ज पर नियमावली बनाने को लेकर चर्चा हुई थी। उस मैराथन बैठक के बाद अब एक बार फिर पारा शिक्षकों के पक्ष में निर्णय होने की उम्मीद दिख रही है। 18 अगस्त को भी बैठक में 1 हफ्ते के भीतर नई नियमावली बनाने की बात कही गई थी, लेकिन तभी प्राथमिक शिक्षा निदेशक का तबादला हो जाने से नियमावली को मूर्त रूप नहीं दिया जा सका था। अब शिक्षा मंत्री के बयान आने के बाद से एक बार फिर 65000 पारा शिक्षकों की उम्मीद जगी है।

Published / 2021-09-21 17:23:51
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी पढ़ने जाएंगे झारखंड के 6 आदिवासी छात्र , सोरेन सरकार उठाएगी पढ़ाई का सारा खर्च

रांची। झारखंड के 6 आदिवासी समुदाय के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जाएंगे। इनकी पढ़ाई का खर्च झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार उठाएगी। इनका चयन राज्य सरकार के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत किया गया है। हालांकि, सरकार की तरफ से चयनित छात्रों का डिटेल नहीं शेयर किया गया है। बताया जा रहा है कि 23 सितंबर को इसके संबंध में पूरी डिटेल्स CM हेमंत सोरेन एक कार्यक्रम में शेयर करेंगे। राज्य सरकार की तरफ से पिछले साल ही इस योजना की शुरुआत की गई थी, लेकिन पहली बार 6 छात्रों का चयन किया गया है। सत्ताधारी दल JMM के महासचिव सुप्रियो भट्‌टाचार्य ने बताया कि झारखंड से ऑक्सफॉर्ड पहुंचने वाले राज्य के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पहले स्टूडेंट्स थे। उनकी शताब्दी वर्ष पर यह बेहतर शुरुआत है। यह देश स्तर का एक बेंचमार्क है। सुप्रीयो भट्‌टाचार्य ने कहा कि रघुवर सरकार के कार्यकाल के दौरान उच्च और तकनीकी संस्थानों में SC-ST के छात्र के स्टाइपेंड को भी रोक दिया गया था, लेकिन हेमंत सोरेन की सरकार इन्हें पढ़ने के लिए विदेश भेज रही है। उन्होंने कहा कि BJP के नेता बस लंबी-लंबी बातें करते हैं। योजना के तहत हर साल 10 छात्रों का करना है चयन मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत झारखंड सरकार राज्य के अनुसूचित जाति के प्रतिभावान लड़के-लड़कियों को ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज जैसे प्रतिष्ठित विदेशी यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा लेने का मौका दे रही है। ऐसा करने वाला झारखंड भारत का ऐसा राज्य है। इसके तहत SC-ST वर्ग के 10 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जो अपनी उच्च शिक्षा मास्टर डिग्री एमफिल हेतु विदेशों में पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति प्राप्त करेंगे। कौन से छात्र कर सकते हैं आवेदन : ग्रेजुएशन में कम से कम 55 फीसदी मास्क होने अनिवार्य है। आवेदक की आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। जो छात्र झारखंड के निवासी हैं, वो ही इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। आवेदन करने वाले छात्रों की वार्षिक आय 12 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम होनी चाहिए। इस योजना का लाभ किसी भी विशेष पाठ्यक्रम के लिए मात्र एक बार ही दिया जाएगा।

Published / 2021-09-20 08:44:44
झारखंड में बेदम होते कोरोना से सीएम हेमंत सोरेन उत्साहित, कहा- जनभागीदारी और जन सहयोग से दर्ज करेंगे जीत

रांची। झारखंड में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण कर लिया गया है। दिन-प्रतिदिन कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या घटती जा रही है। यही वजह है कि रविवार को झारखंड में सिर्फ दो नये मरीज मिले हैं। राज्य में कोरोना के घटते केस पर सोमवार की सुबह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में राज्यवासियों से अपील करते हुए कहा कि सरकारी नियमों का कड़ाई से पालन करें। जनभागीदारी और जनसहयोग से ही हम कोरोना से लड़े हैं और आगे भी इसे हरायेंगे। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार रविवार को 20 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं। इसके साथ ही राज्य में अब 56 एक्टिव केस शेष हैं। वहीं राज्य के 22 जिलों में रविवार को एक भी नया केस नहीं आया है। रविवार को 36,893 लोगों के सैंपल का टेस्ट हुआ, जिसमें सिर्फ दो सैंपल का रिजल्ट पॉजिटिव निकला। इसके साथ ही राज्य में अब तक 3,48,116 लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। वहीं 20 लोग कोरोना से स्वस्थ होकर अपने घर लौटे। इससे राज्य में 3,42,927 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। वहीं राज्य में अब तक कोरोना से 5,133 लोगों की मौत हो चुकी है।बफिलहाल राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 56 है।राज्य में जो दो नए मरीज मिले हैं। इसमें एक रांची और दूसरा लोहरदगा में मिला है। वहीं राज्य में सबसे ज्यादा एक्टिव मरीज रांची में ही हैं। झारखंड में कोरोना का 7 डेज ग्रोथ रेट 0.00 फीसदी है, जबकि 7 डेज डबलिंग डेज 45648.1 डेज है। वहीं, झारखंड में रिकवरी रेट 98.5 फीसदी है। जबकि राज्य में मोर्टेलिटी रेट 1.47 फीसदी है।

Published / 2021-09-16 15:53:53
बैड बैंक के लिए 30,600 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी मंजूर

एबीएन डेस्क। केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय संपत्ति पुनर्गठन कंपनी लिमिटेड (नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड) की ओर से जारी किए जाने वाली प्रतिभूति रसीद (सिक्योरिटी रिसीट्स) के लिए 30,600 करोड़ रुपये की गारंटी को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एनएआरसीएल के साथ-साथ हम इंडिया डेब्ट रिजॉल्यूशन कंपनी लिमिटेड की भी स्थापना कर रहे हैं। वहीं, एनएआरसीएल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हिस्सेदारी 51 फीसदी होगी। वहीं, पब्लिक फाइनेंशियल इंस्टीयूशन्स की हिस्सेदारी 49 फीसदी होगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बैड बैंक या एनएआरसीएल लोन के लिए सहमत मूल्य का 15 फीसदी नकद में भुगतान करेगा और बाकी 85 फीसदी सरकार की गारंटी वाली प्रतिभूति रसीद में होगा। वित्त मंत्री ने कहा : ऋण के तेजी से समाधान के लिए 6 नए डीआरटी (डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल) गठित किए हैं। साथ ही इंडिया डेट रिजॉल्यूशन कंपनी लिमिटेड भी बनाई जा रही है। इसमें सार्वजनिक बैंकों का 49 फीसदी शेयर होगा। बाकी 51 फीसदी निजी बैंकों के लिए होगा। रिजर्व बैंक एआरसी लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में है। 2017-18 में सरकार ने बैंकों में 90 हजार करोड़ रुपये की पूंजी डाली थी। 2018-19 में यह राशि 1.06 लाख करोड़ रुपये थी। इसी तरह 2019-20 में 70 हजार करोड़ और 2020-21 में 20 हजार करोड़ रुपये बैंकों में डाले गए। इस वित्त वर्ष में भी 20 हजार करोड़ रुपये बैंकों में डालने की योजना है। पिछले छह वित्तीय वर्ष में सरकार चार फ पर आगे बढ़ी है, ये हैं- रिकॉग्निशन, रिजोल्यूशन, रिकैपिलाइजेशन और रिफॉर्म्स। इन्हें लागू किया गया जिसके बाद बैंकों ने कुल 5,01,479 रुपये वसूले। इस दौरान भूषण स्टील और एस्सार स्टील जैसी कंपनियों के बट्टे खाते में डाले गए ऋण को भी वसूल किया गया। 2015 में बैंकों की संपत्ति का आकलन किया गया था जिसमें बैंकों के भारी-भरकम एनपीए राशि के बारे में खुलासा हुआ था। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों की हालत लगातार सुधर रही है। 2018 में 21 में से सिर्फ दो सरकारी बैंक ही फायदे में थे, लेकिन 2021 में सिर्फ दो बैंकों को घाटा हुआ है। वित्त मंत्री ने बैंकों को एनपीए से उबारने के लिए बैड बैंक बनाने का फैसला किया है। इस बैंक की स्थापना का मुख्य उद्देश्य बैंकों को डूबे कर्ज से बाहर निकालना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इसके लिए 20 हजार करोड़ रुपये की घोषणा की थी। बैड बैंक ऐसे वित्तीय संस्थान को कहते हैं, जो कर्जदाताओं यानी बैंकों की खराब या फंसी परिसंपत्ति को लेकर उनकी मदद करता है। यह बैंकों के एनपीए की वसूली का समाधान निकालता है। देश की बैंकों की बैलेंस शीट सुधर जाएगी और उन्हें नए कर्ज देने में सुविधा होगी। सारे बैंकों का एनपीए इसमें समाहित हो जाएगा और वे फंसे कर्ज से मुक्त हो जाएंगे। इससे सरकार को भी फायदा होगा। यदि वह किसी सरकारी बैंक का निजीकरण करना चाहेगी तो उसमें आसानी होगी। वहीं बैड बैंक के जरिए एनपीए यानि डूबते कर्ज को वसूल किया जा सकेगा। इसका लक्ष्य कई जटिल मुद्दों को सुलझाकर बैंकों को बिजनेस पर फोकस करने के लिए स्वतंत्र रखना है।

Published / 2021-09-15 17:22:22
नीति आयोग की बैठक : डीवीसी की राशि नहीं काटने की अपील, नक्सल प्रभावित जिले कम करने पर सीएम ने जताई नाराजगी

रांची। केंद्र और राज्य के बीच समन्वय बनाने को लेकर नीति आयोग की अहम बैठक बुधवार को हुई। झारखंड मंत्रालय में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की ओर से 20-22 बिंदुओं पर नीति आयोग का ध्यान आकृष्ट कराया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नीति आयोग के समक्ष 20-22 बिंदुओं को रखा गया है। इसमें डीवीसी के द्वारा बकाया राशि झारखंड का 2800 करोड़ अब तक काटा गया है और 2200 करोड़ और काटे जाने हैं। इस विषय पर डीवीसी के साथ समाधान निकलने तक केंद्र सरकार राशि काटना बंद करे। इसके अलावा बैठक में सीसीएल की ओर से राज्य सरकार को रॉयल्टी नहीं मिलना, वासरी में रॉयल्टी नहीं मिलना, सरकारी जमीन का मुआवजा नहीं मिलना, जो हजारों करोड़ कोल इंडिया के माध्यम से झारखंड को मिलना है, वो प्राप्त नहीं हुआ है। नीति आयोग के समक्ष राज्य सरकार ने 15वें वित्त आयोग के तहत कुपोषण को लेकर करीब 300 करोड़ का आवंटन राज्य सरकार ने किया है। इसके अलावा धनबाद, रामगढ़ के लिए आईएनडी की करीब 600 करोड़ की परियोजना को स्वीकृत करने का आग्रह किया गया है, जिससे दामोदर नदी को स्वच्छ किया जा सके। पीएमवाई के तहत छूटे लोगों के लिए केंद्र द्वारा पोर्टल खोलने का आग्रह किया गया है। राज्य में कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता एडवांस में करने की मांग सरकार ने की। खनन क्षेत्र में सामाजिक आर्थिक सर्वे कराने का आग्रह करते हुए राज्य सरकार ने ऐसे क्षेत्र के लोगों की स्थिति से अवगत कराया गया। नक्सल प्रभावित जिले कम करने पर सीएम ने जताई नाराजगी मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से खनन कार्य के कारण इन क्षेत्रों से वास्तविक लाभ क्या हो रहा है, इसका पता चल सकेगा। राज्य सरकार बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे उद्योगों को भी पुनर्जीवित कर रही है। इस दिशा में केंद्र भी मदद करे। झारखंड एससी-एसटी बहुल राज्य है। इसलिए एससी-एसटी इंटरप्रेन्योर को सीजीएसटी और अन्य तरह के टैक्स से छूट दी जाए। उद्योग के क्षेत्र में यहां के लोगों को लाभ मिल सके, इसके लिए नीति आयोग पहल करे। नक्सल प्रभावित जिले 13 से 8 किये जाने पर राज्य सरकार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिलों की संख्या को नहीं घटाया जाए और योजना को दो वर्ष के लिए बढ़ाया जाए। जीएसटी काउंसिल की बैठक से झारखंड को उम्मीद है कि इसमें कुछ न कुछ लाभ जरूर मिलेगा। बैठक में नीति आयोग की टीम में डॉ वीके पॉल, वरीय सलाहकार नीरज सिन्हा, संयुक्त सचिव शैलेंद्र कुमार द्विवेदी, उप सलाहकार थैयागाराजू बीएम, वरीय सहायक नमन अग्रवाल और युवा प्रोफेशनल सिद्धे जी शिंदे शामिल हुए। वहीं, राज्य सरकार की ओर से वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के साथ मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, सीएम के सचिव विनय कुमार चौबे और संबंधित विभागों के सचिव भी मौजूद रहे।

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