एबीएन डेस्क। बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सोमवार की रात उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है, उन्हें कोरोना के सामान्य लक्षण हैं। गांगुली के कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 49 साल के गांगुली एक साल के अंदर दूसरी बार अस्पताल पहुंचे हैं। इससे पहले जनवरी में हार्ट अटैक के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। उन्हें कोरोना के टीके की दोनों डोज लग चुकी है। इसके बावजूद उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। देश में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच गांगुली का संक्रमित होना चिंता का विषय है। सोमवार की शाम सौरव गांगुली ने अपना कोरोना टेस्ट कराया था, जिसकी रिपोर्ट रात में आई। इस रिपोर्ट के अनुसार गांगुली कोरोना संक्रमित पाए गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब उनके सैंपल को जींच के लिए भेजा गया है ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि वो कोरोना के किस वैरिएंट से संक्रमित हुए हैं। लगभग एक साल पहले गांगुली की तबियत बिगड़ी थी और उनके भाई स्नेहाशीष कोरोना संक्रमित हुए थे। हालांकि इस दौरान उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
एबीएन डेस्क। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में खेले जा रहे पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने पकड़ बना ली है। पहले दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने तीन विकेट गंवाकर 272 रन बना लिए हैं। केएल राहुल ने शानदार सेंचुरी लगाई। वह 248 गेंदों पर 122 रन बनाकर नाबाद हैं। अभी तक राहुल ने अपनी पारी में राहुल 16 चौके और एक छक्का लगाया है। वहीं, अजिंक्य रहाणे भी अच्छे फॉर्म में दिख रहे हैं। वे 81 गेंदों पर 40 रन बनाकर नाबाद हैं। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी हो चुकी है। दक्षिण अफ्रीका की ओर से लुंगी एनगिडी ने तीनों विकेट झटके।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय ओपनर केएल राहुल का गोल्डन फॉर्म जारी है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में खेले जा रहे तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में शानदार शतक लगाया है। राहुल ने पहली पारी में जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए पहले दिन के तीसरे सत्र में अपना शतक पूरा किया। राहुल ने दक्षिण अफ्रीका में शतकीय पारी खेलने वाले भारत के दूसरे ओपनर बन गए हैं। भारतीय टीम के लिए 15 साल पहले वसीम जाफर ने बतौर ओपनर शतक लगाया था। उन्होंने जनवरी 2007 में केपटाउन में 116 रन की पारी खेली थी। उसके बाद से भारतीय टीम दो बार दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गई, लेकिन कोई भी ओपनर शतक लगाने में कामयाब नहीं हो सका था। राहुल ने उस सूखे को समाप्त किया है। राहुल के लिए पिछले कुछ टेस्ट मैच शानदार रहे हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में 84 रन की पारी खेली थी। उसके अगले टेस्ट में लॉर्ड्स के मैदान पर 129 रन बनाए थे। राहुल अगले दो टेस्ट में फेल रहे थे। राहुल के करियर को देखें तो उन्होंने अपने सात शतक में से छह शतक विदेशी मैदानों पर लगाए हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में सीरीज जीत हासिल कर चुकी भारतीय टीम रविवार से यहां होने वाले पहले क्रिकेट टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका का किला भेदने के इरादे से उतरेगी। पहला मैच सेंचुरियन में खेला जाएगा, जो मेज़बान टीम का क़िला माना जाता है। इस मैदान पर 26 टेस्ट मैच हुए हैं, जिसमें से दक्षिण अफ़्रीका ने सिर्फ़ दो गंवाए हैं, जबकि 21 में उन्हें जीत मिली है। इन दोनों मैचों में से एक मैच वह है, जब ख़राब मौसम के कारण बहुत सारा समय बर्बाद हो जाने के बाद इंग्लैंड और साउथ अफ़्रीका ने एक-एक पारी का मैच खेला था। भारत ने यहां पर 2010 और 2018 में दो टेस्ट मैच खेले हैं और दोनों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय टीम ने दक्षिण अफ़्रीका में कभी भी टेस्ट सीरीज़ नहीं जीती है। हालांकि दक्षिण अफ़्रीका का हालिया घरेलू रिकॉर्ड भी बेहतर नहीं रहा है और उन्होंने अपने पिछले आठ घरेलू टेस्ट में से पांच गंवाए हैं। इस दौरान तीन घरेलू टेस्ट सीरीज़ में दो में उन्हें हार मिली है। यह रिकॉर्ड टीम इंडिया को दक्षिण अफ़्रीका में अपनी पहली टेस्ट सीरीज़ जीतने के लिए प्रेरित करेगा। पिछले साल विदेशी दौरों पर भी भारत के सलामी बल्लेबाज़ों ने कुछ निरंतरता दिखाई लेकिन विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा का अनुभवी मध्य क्रम रनों की कमी से जूझता रहा। तीनों ने दो-दो बार दक्षिण अफ़्रीका का दौरा किया है और तीनों का रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा है। कोहली और रहाणे ने तो यहां पर 50 अधिक के औसत से रन किए हैं, जबकि पुजारा ने भी कुछ महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। हालांकि पिछले दो वर्षों में इन तीनों बल्लेबाज़ों का प्रदर्शन गिरा है और औसत 30 से भी कम का हो गया है। इस साल सिर्फ़ श्रेयस अय्यर ही एक ऐसे भारतीय बल्लेबाज़ रहे हैं, जिन्होंने नंबर तीन से नंबर पांच पर आते हुए शतक लगाया है। पुजारा के नाम पिछले 42 पारियों में शतक नहीं है। वहीं कप्तान कोहली ने नवंबर 2019 के बाद से कोई शतक नहीं लगाया है। वहीं रहाणे के नाम 16 टेस्ट में सिर्फ़ तीन 50+ के स्कोर हैं। 2016 तक 29 टेस्ट खेलने के बाद रहाणे का औसत पहली और एकमात्र बार 50 से अधिक 51.37 तक गया था। इसके बाद से उन्होंने 50 से अधिक टेस्ट खेला है और उनका औसत 32.73 तक आ गया है। पिछले साल मेलबॉर्न में मैच जिताऊ शतक के बाद उन्होंने 22 पारियों में सिर्फ़ दो अर्धशतक लगाए हैं। लगातार शीर्ष छह में 50 टेस्ट खेलते हुए इससे कम औसत सिर्फ़ रवि शास्त्री (32.38) का रहा है। भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता मध्य क्रम है जिसमें उसे रहाणे, हनुमा विहारी और अय्यर में से किसी एक को चुनना है। रहाणे का समर्थन हालांकि टीम में सभी कर रहे हैं लेकिन घरेलू सीरीज में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ उनके बल्ले ने जैसी ख़ामोशी दिखाई है उसे देखते हुए उन्हें चुनना मुश्किल लगता है लेकिन अंतिम समय तक क्या कुछ बदल जाए कुछ कहना मुश्किल लगता है। दूसरी तरफ दक्षिण अफ़्रीका के कप्तान डीन एल्गर का मानना है कि घरेलू परिस्थितियों में खेलने के कारण भारत के ख़िलाफ़ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज़ में मेज़बान टीम का पलड़ा भारी रहेगा। हालांकि वे इस बात से "सचेत" हैं कि टेस्ट रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंचने के लिए भारत ने हालिया समय में विदेशी दौरों पर कितना अच्छा प्रदर्शन किया है। सेंचूरियन में खेले जाने वाले बॉक्सिंग-डे टेस्ट से पहले एल्गर ने कहा, इस समय तो मुक़ाबला बराबरी का है। ज़ाहिर है घर पर खेलने के कारण हमारा पलड़ा थोड़ा भारी रहेगा। हालांकि हम यह नहीं भूल सकते कि वह विश्व की नंबर एक टेस्ट टीम है और लंबे समय से शीर्ष स्थान पर बने हुई है। पिछले कुछ समय में उन्होंने जो कुछ किया है, उसका उन्हें पूरा श्रेय दिया जाना चाहिए। इसलिए यहां बैठकर मैं यह नहीं कहूंगा कि वे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं हैं क्योंकि रैंकिंग प्रणाली एक कारण से है। लेकिन तथ्य यह है कि हम अपने घर पर खेल रहे हैं और इसलिए हम उनसे अधिक मज़बूत स्थिति में हैं। इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया को उनके घर जाकर 2-1 से हराने के बाद भारत ने पहले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में प्रवेश किया था। हालांकि वहां उसे न्यूज़ीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद टीम ने शानदार अंदाज़ से वापसी करते हुए इंग्लैंड को चार मैचों में 2-1 से पछाड़ा जबकि बढ़ते कोरोना मामलों के कारण सीरीज़ का आख़िरी मैच अब 2022 में खेला जाएगा। इन दोनों दौरों पर भारत की सफलता के पीछे का मुख्य कारण टीम का तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण था। इस उम्मीद के साथ कि वह इस दौरे पर भी पांच गेंदबाज़ों के संयोजन को बरक़रार रखेंगे, एल्गर ने माना कि मेहमान तेज़ गेंदबाज़ दक्षिण अफ़्रीका की मददगार परिस्थितियों में सबसे मजबूत चुनौती पेश करेंगे। एल्गर कहते हैं, इस समय उनका सबसे मज़बूत पक्ष उनकी गेंदबाज़ी है। हम जानते हैं कि एक गेंदबाज़ी आक्रमण के तौर पर उन्हें बहुत सफलता मिली है। उनके पास कई अनुभवी गेंदबाज़ हैं जो आक्रमण का नेतृत्व करते है। और तो और उनके पास बैक-अप के रूप में ख़तरनाक गेंदबाज़ मौजूद हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि मेहमान तेज़ गेंदबाज़ दक्षिण अफ़्रीका की मददगार परिस्थितियों का भरपूर लाभ उठाएंगे। साथ ही हमारे पास भी घातक तेज़ गेंदबाज़ हैं। हाल के दिनों में विदेशी दौरों पर टीम के विजयी अभियान के बावजूद भारत अब तक साउथ अफ़्रीका में अपनी पहली सीरीज़ जीत की तलाश कर रहा है। एल्गर ने कहा कि यह बात विराट कोहली की टीम को बाज़ी मारने के लिए उत्साहित कर सकती है।एल्गर ने आगे कहा, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में भारत के प्रदर्शन से हम परिचित हैं। विदेशी दौरों पर उन्होंने अपने खेल में बहुत सुधार किया है। मुझे पता है कि कोहली ने भी इस बात पर ज़ोर दिया है कि वह विदेशी टेस्ट मैचों में अपने रिकॉर्ड को सुधारना चाहते हैं। उन्होंने स्वयं उस मानक को निर्धारित किया है और मुझे विश्वास है कि वह उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे और इस टीम का कप्तान होने के नाते मैं पूरी कोशिश करूंगा कि हम उन्हें ऐसा करने से रोके। इससे यह दोनों टीमों के लिए एक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण सीरीज़ होने जा रही है। हमें पता है कि वह पूरी तैयारी के साथ आ रहे हैं। उन्हें पता है कि हम भी पूरी तैयारी के साथ आएंगे। परिणाम कुछ भी हो, यह एक रोमांचक टेस्ट सीरीज़ होगी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत ने अंडर-19 एशिया कप में भारत को चिर प्रतद्विंद्वी पाकिस्तान ने रोमांचक मैच में 2 विकेट से हरा दिया है। भारत की ये टूनार्मेंट में पहली हार है। 238 रनों के लक्ष्य को पाकिस्तान की टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल कर लिया। पाकिस्तान को आखिरी बॉल में जीतने के लिए 2 रन चाहिए थे। पाकिस्तान के अहमद खान ने आखिरी बॉल में चौका जड़कर अपनी टीम को जीत दिला ली। पाकिस्तान की तरफ से मोहम्मद शहजाद ने सर्वाधिक 81 रन बनाए। अहमद खान 29 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत की तरफ से राज बावा ने सर्वाधिक 4 विकेट लिए। पाकिस्तान की शुरूआत बेहद खराब रही। उसने बिना खाता खोले अपना पहला विकेट गंवा दिया था। इसके बाद माज सदाकत, मोहम्मद शहजाद के बीच दूसरे विकेट के लिए 64 रनों की पार्टनरशिप हुई। दोनों टीमों के बीच कांटे का टक्कर देखने को मिली। पाकिस्तान का स्कोर एक समय 6 विकेट पर 206 रन था। आखिरी ओवरों में दोनों टीमों के बीच टक्कर का मैच देखने को मिला। पाकिस्तान की तरफ से मोहम्मद शहजाद के अलावा मोहम्मद इरफान खान ने 32, रिजवान मोहम्मद सैय्यद ने 29 और कासिम अकरम ने 22 रन बनाए।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम में रविवार से टेस्ट में एक्शन में दिखेगी। दोनों देशों के बीच खेली जाने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 26 दिसंबर से शुरू हो रहा है। टीम इंडिया के लिए यह सीरीज काफी महत्वपूर्ण है। भारत यह टेस्ट सीरीज जीतकर दक्षिण अफ्रीका की सरजमीं पर इतिहास रचना चाहेगा। भारत आज तक साउथ अफ्रीका में टेस्ट शृंखला जीतने में नाकाम रहा है। लेकिन इस बार विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया इस मिथक को तोड़ना चाहेगी। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि पहले मुकाबले में दोनों टीमों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जाने वाले इस मैच का लाइव प्रसारण कब, कहां, और कैसे देख सकते हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 26 दिसंबर से सेंचुरियन के सुपर स्पोर्ट्स पार्क में भारतीय समयानुसार दोपहर बाद 1 बजकर 30 मिनट से खेला जाएगा। इसका लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनल पर अलग-अलग भाषाओं में देख सकते हैं। मैच का प्रसारण हिंदी/अंग्रेजी के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में भी किया जाएगा। भारतीय टीम- विराट कोहली (कप्तान), प्रियांक पांचाल, केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, श्रेयस अय्यर, हनुमा विहारी, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), आर अश्विन, जयंत यादव, इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, जसप्रीत बुमराह, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद सिराज। दक्षिण अफ्रीका की टीम- डीन एल्गर (कप्तान), टेम्बा बावुमा, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), कागिसो रबाडा, सारेल इरवी, बेउरन हेंड्रिक्स, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, लुंगी एनगिडी, एडेन मार्करम, वियान मुल्डर, एनरिक नॉर्खिया, कीगन पीटरसन, रस्सी वैन डेर डुसें, काइल वेरेने, मार्को जेन्सन, ग्लेनटन स्टुरमैन, प्रेनेलन सुब्रेयन, सिसांडा मगला, रेयान रिकेल्टन, डुआने ओलिवर।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत के दिग्गज आॅफ स्पिनर हरभजन सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने शुक्रवार (24 दिसंबर) को सोशल मीडिया पर अपने संन्यास का एलान किया। हरभजन ने भारत के लिए 23 साल में 711 विकेट लिए।हरभजन ने संन्यास का एलान करते हुए ट्विटर पर लिखा- सभी अच्छी चीजें खत्म हो जाती हैं और आज मैं उस खेल से विदा लेता हूं। इस खेल ने मुझे जीवन में सब कुछ दिया है। मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस 23 साल की लंबी यात्रा को सुंदर और यादगार बनाया। हरभजन दो वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे। हरभजन 2007 में टी20 और 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे। हरभजन ने यूट्यूब पर वीडियो जारी कर कहा- जालंधर की तंग गलियों से टीम इंडिया के टर्बनेटर का पिछले 25 साल का सफर बहुत ही खुबसूरत रहा है। जब भी मैं इंडिया की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरा हूं उससे बड़ी प्रेरणा मेरे लिए जिंदगी में कुछ और नहीं है। लेकिन एक मुकाम आता है जब जिंदगी में आपको कड़े फैसले लेने पड़ते हैं और आगे बढ़ना पड़ता है। मैं पिछले कई सालों से एक एलान करना चाह रहा था और उस चीज का मैं इंतजार कर रहा था कि कब मैं उस पल को आपके साथ शेयर करूं। मैं आज क्रिकेट के हर फॉर्मेट से संन्यास ले रहा हूं। मैं जहनी तौर पर पहले ही संन्यास ले चुका था, वैसे भी मैं लंबे समय से ज्यादा क्रिकेट नहीं खेल रहा था। हर क्रिकेटर की तरह मैं भी भारत की जर्सी में क्रिकेट को अलविदा करना चाह रहा था, लेकिन शायद जिंदगी को कुछ और ही मंजूर था। मैं जिस भी टीम के लिए खेला, मैंने अपना सब कुछ दिया। भज्जी ने अपनी सफलता का का श्रेय माता-पिता को दिया। इस दौरान उन्होंने अपनी बहन को भी याद किया।
एबीएन डेस्क। एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जापान से मिली अप्रत्याशित हार के बाद भारतीय टीम ने आज पाकिस्तान के खिलाफ कांस्य पदक के मुकाबले में जबरदस्त वापसी की। टीम इंडिया ने पाकिस्तान को तीसरे स्थान के लिए हुए मैच में 4-3 से हराया। हरमनप्रीत ने मैच के दूसरे ही मिनट में शानदार गोल दागा। भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला था। इस पर हरमनप्रीत ने गोल दाग भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, 10वें मिनट में पाकिस्तान ने वापसी की और अफराज ने काउंटर अटैक पर शानदार गोल दागा। इस गोल के साथ स्कोर 1-1 से बराबर हो गया। दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम को कई पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टीम इसे भुना नहीं सकी। 22वें मिनट में हरमनप्रीत के शॉट को पाकिस्तानी गोलकीपर ने आसानी से रोक लिया। इसके अलावा आकाशदीप सिंह ने भी पाकिस्तानी डिफेंस पर काउंटर अटैक जारी रखा। हालांकि, वह गोल नहीं कर सके। दूसरे क्वार्टर की समाप्ती से कुछ सेकंड पहले पेनल्टी कॉर्नर को लेकर मैच कुछ देर के लिए रोक लिया गया। फील्ड रेफरी फैसला सुनाने में असमर्थ थे। इसके बाद टीवी रेफरी को फैसला सुनाने कहा गया। हालांकि, टीवी रेफरी ने फैसला रद्द कर दिया और इस तरह हाफटाइम के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा। भारत को अब ब्रॉन्ज पर कब्जे के लिए अगले 30 मिनट में शानदार खेल दिखाना होगा। हाफ टाइम तक स्कोर 1-1 की बराबरी पर था। तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही पाकिस्तान का जबरदस्त अटैक देखने को मिला। पेनल्टी कॉर्नर पर पाकिस्तान के अब्दुल राणा ने गोल दागा और अपनी टीम को 2-1 की बढ़त दिलाई। यह क्वार्टर खत्म होने से कुछ मिनट पहले भारत का शानदार काउंटर अटैक देखने को मिला। सुमित ने भारत के लिए दूसरा गोल दागा और स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। तीसरा क्वार्टर खत्म होने तक स्कोर 2-2 की बराबरी पर था। दोनों टीमें इससे पहले ग्रुप स्टेज में आमने-सामने आ चुकी थीं। तब टीम इंडिया को 3-1 से शानदार जीत मिली थी। पिछले संस्करण में फाइनल रद्द होने के बाद एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत-पाकिस्तान को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। भारत इस बार सेमीफाइनल में जापान से हार गया था, जबकि पाकिस्तान को दक्षिण कोरिया से हार मिली। दोनों टीमें पहली बार कांस्य पदक मैच के लिए आमने-सामने हुईं। इससे पहले टूनार्मेंट के इतिहास में चार बार नॉकआउट मुकाबलों में भारत और पाकिस्तान की टीमों के बीच भिड़ंत हुई है, लेकिन सभी मैच फाइनल थे। 2011 में भारत ने पाकिस्तान को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराया था। 2012 में पाकिस्तान ने भारत को 5-4 से हराया था। 2016 में भारत ने पाकिस्तान को 3-2 से रौंदा था। 2018 में दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया था।
ढाका। एशियाई चैंपियन जापान ने निर्णायक मौके पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गत संयुक्त विजेता और ओलम्पिक कांस्य पदक विजेता भारत को मंगलवार को एकतरफा सेमीफाइनल में 5-3 से हराकर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया। जहां उसका मुकाबला पहली बार फाइनल में पहुंचे दक्षिण कोरिया से होगा। जिसने पहले सेमीफाइनल में गत संयुक्त विजेता पाकिस्तान को रोमांचक अंदाज में 6-5 से पराजित किया। इस तरह पिछले संस्करण के दोनों संयुक्त विजेता सेमीफाइनल में हार गए और अब वे 22 दिसंबर को कांस्य पदक मैच के लिए खेलेंगे।
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