भारत ने रचा इतिहास, टेस्ट में दर्ज की सबसे बड़ी जीत; अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों से हराया एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत ने अफगानिस्तान को एकमात्र टेस्ट मैच में पारी और 300 रनों से हराया। भारत ने पहली पारी आठ विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की थी और अफगानिस्तान की पहली पारी तीसरे दिन 152 रन पर आॅलआउट की। भारत को इस तरह 412 रनों की बढ़त हासिल हुई और टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को फॉलोआॅन दिया। अफगानिस्तान की दूसरी पारी में बल्लेबाजी बेहद खराब रही और टीम 112 रन ही बना सकी। अफगानिस्तान ने दूसरी पारी में नौ विकेट गंवाये थे, लेकिन अशरफ बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे। फॉलोआॅन के बाद भी नहीं संभली अफगान टीम पहली पारी में बड़ी बढ़त मिलने के बाद भारत ने अफगानिस्तान को फॉलोआॅन दिया। हालांकि दूसरी पारी में भी मेहमान टीम की बल्लेबाजी में कोई सुधार देखने को नहीं मिला। अफगानिस्तान की ओर से सेदिकुल्लाह अटल ने सर्वाधिक 42 रन बनाये। पूरी टीम सिर्फ 112 रन पर ढेर हो गयी। दूसरी पारी में केवल तीन बल्लेबाज ही दहाई का आंकड़ा पार कर सके। भारत की ओर से वॉशिंगटन सुंदर ने चार विकेट लिये, जबकि कुलदीप यादव ने तीन बल्लेबाजों को आउट किया। मानव सुथार ने एक और विकेट अपने नाम किया, जबकि मोहम्मद सिराज को भी एक सफलता मिली। मानव सुथार का यादगार डेब्यू इस मैच की सबसे बड़ी सकारात्मक बात भारतीय टीम के लिए मानव सुथार का प्रदर्शन रहा। पदार्पण टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में छह और दूसरी पारी में एक विकेट लेकर कुल सात विकेट हासिल किये। अपनी सटीक लाइन-लेंथ और नियंत्रण से उन्होंने अफगान बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा और मैच में निर्णायक भूमिका निभायी। भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड भारत की पारी और 300 रन की जीत टेस्ट क्रिकेट में पारी के अंतर से उसकी सबसे बड़ी जीत बन गयी। इसके अलावा भारत ने 2023 के बाद पहली बार घरेलू टेस्ट में 550 से अधिक रन बनाये। वहीं 564 रन अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा स्कोर रहा। हालांकि, यह मुकाबला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का हिस्सा नहीं था, इसलिए भारतीय टीम को अंक तालिका में कोई लाभ नहीं मिला। राहुल-गिल के शतकों से भारत ने खड़ा किया विशाल स्कोर इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने संभलकर की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 41 रन जोड़े। जायसवाल 24 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन इसके बाद केएल राहुल और साई सुदर्शन ने दूसरे विकेट के लिए 139 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। राहुल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 165 गेंदों में 100 रन बनाये और अपने टेस्ट करियर का शतक पूरा किया। वहीं साई सुदर्शन ने 104 गेंदों में 81 रन की उपयोगी पारी खेली। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने जिम्मेदारी संभाली और बेहतरीन शतक जड़ा। गिल ने 177 गेंदों पर 126 रन बनाये, जिसमें 15 चौके और एक छक्का शामिल रहा। ऋषभ पंत ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 81 रन बनाये। गिल और पंत के बीच चौथे विकेट के लिए 169 रन की साझेदारी हुई, जो अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में भारत की सबसे बड़ी साझेदारी बन गयी। निचले क्रम में वॉशिंगटन सुंदर ने नाबाद 52 रन की पारी खेली। भारत ने अपनी पहली पारी आठ विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की। अफगानिस्तान की पहली पारी 152 रन पर सिमटी विशाल स्कोर के जवाब में अफगानिस्तान की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बिखर गयी। रहमत शाह ने संघर्ष करते हुए अर्धशतक लगाया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास सहयोग नहीं मिला। इस टेस्ट में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले बायें हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने अफगान बल्लेबाजों को लगातार परेशान करते हुए पहली पारी में छह विकेट झटके। प्रसिद्ध कृष्णा ने भी अहम सफलताएं दिलायी। अफगानिस्तान की पूरी टीम 152 रन पर सिमट गयी और भारत को 412 रन की विशाल बढ़त हासिल हुई।
भारत ने जीता हॉकी अंडर-18 एशिया कप का खिताब, डिफेंडिंग चैंपियन जापान को फाइनल में हराया एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत ने अंडर-18 हॉकी पुरुष एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल में भारत के सामने डिफेंडिंग चैंपियन जापान की चुनौती थी। इस टूर्नामेंट में जापान की टीम अभी तक अजेय थी। उसने पूल राउंड में भारत को भी हराया था। टीम इंडिया ने कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज हॉकी स्टेडियम में मेजबानों को कोई मौका नहीं दिया और 4-1 से जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही भारत टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे सफल देश बन गया है। टीम की यह तीसरी ट्रॉफी है। पाकिस्तान ने दो बार खिताब जीता है। भारत ने दूसरे मिनट में ही गोल दागा मलेशिया को सेमीफाइनल में 8-1 से हराने वाली जापानी टीम फाइनल में कमाल नहीं कर पायी। मैच के दूसरे ही मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। आशीष तानी पूर्ति ने इसपर गोल करके टीम को बढ़त दिला दी। दूसरे क्वार्टर के अंत में 28वें मिनट में आशीष ने भारत की तरफ से दूसरा गोल किया। 30वें मिनट में केतन कुशवाहा ने फील्ड गोल करके अंतर 3-0 कर दिया। आशीष तानी पूर्ति ने लगायी हैट्रिक तीसरे क्वार्टर के चौथे मिनट में आशीष ने भारत के लिए एक और गोल किया। इसके साथ ही उनका हैट्रिक पूरा हुआ और टीम की बढ़त 4-0 की हो गयी। जापान की तरफ से नुमादा गाकू ने पेनल्टी कॉर्नर से 52वें मिनट में गोल किया। भारत ने इसके अलावा मेजबान टीम को कोई मौका नहीं दिया और मैच को 4-1 से अपने नाम करके खिताब जीत लिया। आशीष हाईएस्ट गोल स्कोरर रहे आशीष तानी पूर्ति ने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 13 गोल दागे। भारत के केतन कुशवाहा और साउथ कोरिया के यूं जेह्योक 8-8 गोल के साथ दूसरे नंबर पर रहे। फाइनल मुकाबले में भारत को तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले। तीनों पर ही आशीष ने गोल दागे। वहीं जापान को चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन टीम इंडिया ने उन्हें सिर्फ एक ही गोल दागने दिया। मोदी ने पुरुष अंडर -18 और महिला अंडर-18 हॉकी टीम को बधाई दी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंडर-18 एशिया कप जीतने के लिए पुरुष हॉकी टीम और कांस्य पदक जीतने पर भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में जबरदस्त जज्बा दिखाया। मोदी ने युवा हॉकी खिलाड़ियों के अंडर18 एशिया कप जीतने को शानदार उपलब्धि करार देते हुए इसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन कौशल और टीमवर्क दिखाया और आखिर में फाइनल में यादगार जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि यह जीत युवाओं के बीच हॉकी की बढ़ती लोकप्रियता को भी दिखाती है, और उन्होंने टीम को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।
राहुल-गिल के शतक, पहले दिन भारत का स्कोर 368/3 एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के पहले दिन टीम इंडिया ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए स्टंप्स तक 85 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 368 रन बना लिये। कप्तान शुभमन गिल 103 और ऋषभ पंत 50 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए अहम साझेदारी कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। राहुल और साई सुदर्शन ने रखी मजबूत नींव टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को यशस्वी जायसवाल के रूप में पहला झटका लगा, लेकिन इसके बाद केएल राहुल और साई सुदर्शन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पारी को संभाल लिया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 139 रन की बेहतरीन साझेदारी की और अफगान गेंदबाजों को लंबे समय तक सफलता से दूर रखा। राहुल ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक जड़ा, जबकि सुदर्शन ने भी प्रभावित किया। साई सुदर्शन शतक से चूके, 81 रन बनाकर लौटे अपने टेस्ट करियर की यादगार पारी खेल रहे साई सुदर्शन शतक के करीब पहुंचकर चूक गये। मोहम्मद सलीम सफी की गेंद पर ड्राइव खेलने के प्रयास में उनके बल्ले का बाहरी किनारा लगा और विकेटकीपर अफसर जजई ने शानदार कैच पकड़ लिया। सुदर्शन ने 81 रन की शानदार पारी खेली और भारत को मजबूत मंच प्रदान किया। कप्तान गिल का शतक, पंत का अर्धशतक राहुल के शतक के बाद कप्तान शुभमन गिल ने मोर्चा संभाला और अफगान गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। गिल ने सिर्फ 138 गेंदों में अपना 11वां टेस्ट शतक पूरा किया और पूरे दिन बेहद संयमित बल्लेबाजी की। दूसरी ओर ऋषभ पंत ने शुरुआत में संभलकर खेलते हुए बाद में तेजी दिखाई और 70 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। पहले दिन भारत का दबदबा दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने 368/3 का मजबूत स्कोर खड़ा कर लिया था। शुभमन गिल 103* और ऋषभ पंत 50* रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। अफगानिस्तान की ओर से मोहम्मद सलीम सफी ने 2 विकेट हासिल किये, जबकि अन्य गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके। दूसरे दिन भारत की नजर 500 रन के करीब पहुंचने और मैच पर पूरी तरह पकड़ बनाने पर होगी।
15 साल के सूर्यवंशी की भारतीय T20 टीम में एंट्रीएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आईपीएल 2026 में दुनिया भर के क्रिकेट फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट में एक और बड़ी छलांग लगा दी है। आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से इतिहास रचने वाले इस युवा बल्लेबाज को पहली बार भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। उन्हें इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के साथ-साथ एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में भी शामिल किया गया है।श्रेयस भारतीय टी20 टीम के नए कप्तानश्रेयस अय्यर की अगुआई वाली टीम में चयन के साथ ही वैभव ने यह साबित कर दिया है कि वह सिर्फ भविष्य के सितारे नहीं, बल्कि वर्तमान में भी भारतीय क्रिकेट की सबसे रोमांचक प्रतिभाओं में से एक हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, निडर अंदाज और बड़े मंच पर दबाव झेलने की क्षमता के दम पर बॉस बेबी के नाम से मशहूर वैभव अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं। आईपीएल में रिकॉर्डतोड़ पारियों से सुर्खियां बटोरने वाले इस किशोर बल्लेबाज से अब भारतीय टीम को भी बड़ी उम्मीदें होंगी, क्योंकि उनका सफर घरेलू क्रिकेट से निकलकर विश्व क्रिकेट के मंच तक पहुंच चुका है।आईपीएल 2025 से कहानी की शुरुआतसूर्यवंशी के वैभव की शुरुआत आईपीएल 2025 से हुई थी, जब कुछ मैचों में राजस्थान रॉयल्स ने 14 साल के वैभव को मौका दिया था। हालांकि, 2026 में वैभव ने अपनी बल्लेबाजी से आईपीएल में जान डाल दी। आईपीएल 2026 ने भारतीय क्रिकेट को एक नया हीरा दिया। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन अपनी धांसू बल्लेबाजी से ऐसे कीर्तिमान बनाए हैं, जो शायद ही कोई कभी भूल पाएगा। इस बाएं हाथ के बल्लेबाज को आने वाले समय का सुपरस्टार माना जा रहा है।आईपीएल 2026 में वैभव ने बड़े से बड़े गेंदबाज को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। 2025 में अपनी अपार प्रतिभा की झलक दिखाने के बाद सूर्यवंशी ने 2026 में अपने खेल को ऐसे स्तर पर पहुंचा दिया, जैसा न केवल आईपीएल में बल्कि किसी किशोर खिलाड़ी से पहले कभी देखने को नहीं मिला था। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने सिर्फ रिकॉर्ड नहीं तोड़े, बल्कि इस प्रारूप के लंबे समय से स्थापित मानकों को नए सिरे से परिभाषित किया।
प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में रांची विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका का चयनएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। रांची विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका एवं योगासन विशेषज्ञ डॉ. संतोषी का चयन प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में संपर्क विकास अधिकारी के रूप में किया गया है। इस महत्वपूर्ण दायित्व के तहत वे विभिन्न देशों से भाग लेने वाले पदाधिकारियों एवं खिलाड़ियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगी तथा चैंपियनशिप के दौरान उनकी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी।डॉ. संतोषी इससे पूर्व राष्ट्रीय खेल, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स सहित कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में निर्णायक (जज) की भूमिका निभा चुकी हैं। योगासन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें योगासन भारत द्वारा बेस्ट टेक्निकल ऑफिशियल अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप का ऑनलाइन उद्घाटन भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि योग अब केवल आश्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व मंच तक पहुंच रहा है। योग के माध्यम से भारत वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करेगा।इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया तथा योगगुरु स्वामी रामदेव भी उपस्थित रहे। यह ऐतिहासिक चैंपियनशिप गुजरात के अहमदाबाद में 4-8 जून तक आयोजित की जा रही है, जिसमें विश्व के 78 देशोंके खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में पारंपरिक योगासन, आर्टिस्टिक योगासन, रिदमिक योगासन तथा आर्टिस्टिक ग्रुप योगासन जैसी विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसमें 10 से 55 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं। भारत के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि पहली बार विश्व योगासन चैंपियनशिप का आयोजन देश में हो रहा है। प्रतियोगिता का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है।योगासन भारत के अथक प्रयासों से इस ऐतिहासिक आयोजन को संभव बनाया जा सका है। भविष्य में योगासन को कॉमनवेल्थ खेलों और ओलंपिक खेलोंमें शामिल करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है और विश्व योगासन चैंपियनशिप का आयोजन भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला कदम माना जा रहा है।डॉ. संतोषी के चयन पर रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सरोज शर्मा, रजिस्ट्रार डॉ. गुरु चरण साहू स्कूल ऑफ़ योग के निदेशक डॉ आशीष कुमार सिंह तथा कॉर्डिनेटर डॉ रेणु कुमारी, योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज तिवारी, मुख्य सलाहकार विपिन पांडे, सचिव चंदू शर्मा, कोषाध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह तथा संस्था के सभी सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।
IND vs AFG: मैचों का परिणाम निकलना जरूरीटेस्ट क्रिकेट में गुलाबी गेंद के इस्तेमाल पर क्या बोले कोच गंभीर?एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने टेस्ट क्रिकेट में खराब रोशनी की स्थिति के दौरान गुलाबी गेंद के इस्तेमाल की अनुमति देने के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से मैचों का परिणाम निकालने की संभावना बढ़ेगी और खेल का अधिकतम समय सुनिश्चित किया जा सकेगा।आईसीसी के फैसले का गंभीर ने किया समर्थनआईसीसी बोर्ड की हालिया बैठक में यह फैसला लिया गया कि दोनों टीमों की सहमति होने पर पारंपरिक दिन के टेस्ट मैचों में भी खराब रोशनी की स्थिति में गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जा सकेगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मैच की शुरुआत लाल गेंद से होगी, लेकिन यदि प्रकाश की समस्या आती है तो फ्लडलाइट्स के नीचे गुलाबी गेंद का उपयोग कर खेल जारी रखा जा सकेगा। अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से पहले मीडिया से बातचीत में गंभीर ने कहा, मुझे यह फैसला पसंद है। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अगर मैच का परिणाम निकालने का अवसर मौजूद है तो उसे हर हाल में हासिल करने की कोशिश की जानी चाहिए।विश्व टेस्ट चैंपियनशिप को लेकर भी अहम बताया फैसलागंभीर ने इस नियम के महत्व को समझाते हुए कहा कि कई बार खराब रोशनी के कारण मैच का पर्याप्त खेल नहीं हो पाता, जिससे परिणाम प्रभावित होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने के लिए निर्णायक मुकाबला खेल रही हो और खराब रोशनी के कारण मैच का नतीजा ही न निकल पाए, तो यह खेल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा।उन्होंने कहा, कल्पना कीजिए कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले आप आखिरी टेस्ट खेल रहे हों और जीत के साथ फाइनल में जगह बनाने की संभावना हो, लेकिन खराब रोशनी के कारण मैच का परिणाम न निकल पाए। अगर दोनों टीमें सहमत हों और परिणाम निकालने का अवसर मिले, तो मैं इसके पूरी तरह पक्ष में हूं।खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा बदलावगंभीर ने माना कि एक ही मैच के दौरान लाल गेंद से गुलाबी गेंद में बदलाव खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि गेंद के व्यवहार और दृश्यता में अंतर होने के कारण बल्लेबाजों और गेंदबाजों को नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ेगा। उन्होंने कहा, मैं जानता हूं कि खिलाड़ियों के लिए यह बदलाव कुछ कठिन और अनिश्चित हो सकता है, लेकिन जब दो वर्षों की मेहनत दांव पर लगी हो, तब परिस्थितियों के अनुरूप ढलना ही होगा। पूर्वी भारत के मैचों में मिल सकता है फायदागंभीर के समर्थन के पीछे व्यावहारिक कारण भी हैं। भारत को फरवरी-मार्च में घरेलू मैदान पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलनी है। सीरीज का तीसरा टेस्ट गुवाहाटी और अंतिम टेस्ट रांची में प्रस्तावित है। देश के पूर्वी हिस्से में सूर्यास्त अपेक्षाकृत जल्दी होने के कारण अक्सर खेल के ओवर प्रभावित होने की आशंका रहती है।1 अक्तूबर से लागू होगा नया नियमआईसीसी द्वारा स्वीकृत यह नया नियम 1 अक्तूबर से प्रभावी होगा। क्रिकेट जगत का मानना है कि इससे खराब रोशनी के कारण खेल रुकने की समस्या कम होगी और टेस्ट मैचों में परिणाम निकलने की संभावना बढ़ेगी। गंभीर ने अंत में कहा, अगर खराब किस्मत के कारण पांच दिनों तक पर्याप्त खेल ही न हो पाए तो उससे बड़ी अनिश्चितता और क्या होगी? मुझे लगता है कि यह एक सकारात्मक कदम है और उम्मीद है कि टीमें भी इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से अपनाएंगी।
प्रज्ञानंद ने विश्व शतरंज चैंपियन डी गुकेश को हरायाखिताब की दौड़ में स्थिति मजबूत कीएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने हमवतन डी गुकेश पर क्लासिकल बाजी में शानदार जीत हासिल करके नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट के खिताब की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। प्रज्ञानंद इस जीत के बाद शीर्ष पर काबिज अमेरिका के वेस्ली सो से सिर्फ आधा अंक पीछे रह गए हैं, जिससे यहां अंतिम दौर में रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है।दूसरे स्थान पर हैं प्रज्ञानंदप्रज्ञानंद ने काले मोहरों से खेलने के बावजूद विश्व चैंपियन गुकेश को क्लासिकल बाजी में हराकर पूरे तीन अंक हासिल किए। इससे वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने की दौड़ में शामिल हो गए हैं। नौवें दौर के बाद प्रज्ञानंद 15 अंकों के साथ अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो (15.5) से ठीक पीछे दूसरे स्थान पर हैं। फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा भी 14.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहकर खिताब की दौड़ में बने हुए हैं। इस तरह से अंतिम दौर में तीन खिलाड़ियों के पास खिताब जीतने का मौका है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जो भी खिलाड़ी खिताब जीतेगा, वह पहली बार नॉर्वे शतरंज चैंपियन बनेगा।अब विंसेंट कीमर से होगा सामनाप्रज्ञानंद निर्णायक अंतिम दौर में जर्मनी के विंसेंट कीमर का सामना करेंगे जबकि वेस्ली सो का मुकाबला अलीरेजा से होगा। वेस्ली सो ने आर्मागेडन टाई-ब्रेक में मैग्नस कार्लसन को हराया। इस तरह से विश्व के नंबर एक खिलाड़ी का खराब प्रदर्शन जारी रहा। महिला वर्ग में मौजूदा विश्व ब्लिट्ज चैंपियन बिबिसारा असाउबायेवा ने एक राउंड शेष रहते हुए खिताब अपने नाम कर लिया, जबकि वह यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक से आर्मागेडन टाई-ब्रेक में हार गई थी। उनके 16.5 अंक हो गए हैं। झू जिनेर ने काले मोहरों से खेलते हुए दिव्या देशमुख को हराया और तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल किए। इससे वह दूसरे स्थान पर पहुंच गईं। कोनेरू हम्पी को महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन से आर्मागेडन टाई-ब्रेक में हार मिली।
FIFA World Cupये पांच नियम बनाएंगे विश्व कप मुकाबलों को सुपरफास्टसमय की बर्बादी रोकना है लक्ष्यएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। फुटबॉल मैच को दूसरी टीम के पक्ष में झुकता देखकर समय बर्बाद करने का फंडा लगभग हर टीम की प्रमुख रणनीति होता है। हालांकि फीफा विश्व कप 2026 में समय बर्बाद करने से रोकने और खेल की गति बढ़ाने के लिए तय किए गए कुछ खास नियम लागू होंगे।ये नियम इसी साल फरवरी में इंटरनेशनल फुटबाल एसोसिएशन बोर्ड (आईएफएबी) की 140वीं वार्षिक आम बैठक में तय हुए थे, जो इस फुटबाल महाकुंभ से स्वतः लागू हो जाएंगे। फुटबॉल नियम बनाने वाली आईएफएबी की तरफ से तय किए गए पांच नए नियमों के बारे में हम बता रहे हैं, जिनसे फीफा विश्व कप के मैच इस बार सुपरफास्ट नजर आएंगे।थ्रो-इन या गोल-किक काउंटडाउनखिलाड़ी को थ्रो-इन का मौका मिलने पर समय खराब किए बिना शॉट लेना होगा।थ्रो-इन में जानबूझकर खेल में देरी पर मैच रेफरी सीटी बजाकर इसका इशारा करेगा।पांच सेकेंड की उल्टी गिनती कर रेफरी थ्रो-इन रद्द करके दूसरी टीम को इसका मौका देगा।गोल-किक में भी समय खराबी पर रेफरी 5 सेकंड गिनकर विपक्षी को कॉर्नर किक देगा।चोट लगने पर उपचार की समय सीमाचोट लगने पर खिलाड़ी के लिए फिजियो से ऑन- फील्ड उपचार लेने की भी समयसीमा तय हुई है। ऐसे खिलाड़ी को इलाज कराने के बाद कम से कम एक मिनट के लिए मैदान से बाहर रहना होगा।स्थानापन्न का नियमखिलाड़ी को बीच मैच में बदलने के लिए भी 10 सेकेंड की समय सीमा रहेगी।रेफरी के बदलाव का संकेत देने के 10 सेकेंड के अंदर ही दोनों खिलाड़ियों को अंदर-बाहर आना-जाना होगा।10 सेकेंड में बदलाव नहीं होने पर टीम को 60 सेकेंड तक एक खिलाड़ी के बिना ही मैच में आगे खेलना होगा।रेफरी के लिए बढ़ेगी वीएआर की मददमैच के दौरान वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) प्रोटोकॉल में भी तीन बदलाव किए गए हैं। बीएआर गलत तरीके से मिले दूसरे पीले कार्ड के कारण दिए रेड कार्ड की समीक्षा कर पाएगा।छूटी हुई गेंद को लेकर नया नियमड्रॉप बॉल केस में खेल न रुकने की स्थिति में गेंद को अपने पास रखने वाली टीम को इसका कब्जा मिलेगा।
जेएसएसपीएस झारखंड की बेटियों ने जीते पदक एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क (अहमदाबाद)। गुजरात के अहमदाबाद में 1 से 3 जून तक आयोजित 15वीं बाइथल/ ट्रायथल नेशनल चैंपियनशिप 2026 में झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएसपीएस) के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। जेएसएसपीएस की बेटियों ने दिखाया दमखम जेएसएसपीएस स्विमिंग सेंटर, होटवार में प्रशिक्षित दो खिलाड़ियों ने इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में पदक जीतकर झारखंड का परचम लहराया। पदक विजेताआरती कच्छप : बाइथल इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। आरती ने अपनी फुर्ती और स्टैमिना से सभी को प्रभावित किया। आतासी कुमार : बाइथल इवेंट में ही कांस्य पदक हासिल कर झारखंड को गौरवान्वित किया। जेएसएसपीएस में जश्न का माहौल जेएसएसपीएस के प्रशिक्षक उमेश कुमार पासवान ने कहा, आरती और आतासी दोनों ने अहमदाबाद की कड़ी गर्मी में भी हार नहीं मानी। यह खररढर की साइंटिफिक ट्रेनिंग और खिलाड़ियों की मेहनत का नतीजा है। बाइथल जैसे कठिन इवेंट में पदक जीतना बताता है कि हमारे खिलाड़ी किसी से कम नहीं। बाइथल क्या हैबाइथल रनिंग और स्विमिंग का कॉम्बिनेशन इवेंट है, जिसमें खिलाड़ी को दौड़ और तैराकी दोनों में दम दिखाना होता है। यह ट्रायथल का ही एक रूप है।जेएसएसपीएस सीईओ ने दी बधाई जेएसएसपीएस के सीईओ एनके झा ने कहा, जेएसएसपीएस झारखंड की बेटियां अब नेशनल लेवल पर लगातार मेडल ला रही हैं। आरती और आतासी की जीत पूरे राज्य के लिए प्रेरणा है। हमें गर्व है कि खररढर से निकले टैलेंट अपने प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। दोनों खिलाड़ी 3 जून को अहमदाबाद से रांची लौटेंगी, जहां जेएसएसपीएस में उनका भव्य स्वागत किया जायेगा। उक्त जानकारी जेएसएसपीएस के स्विमिंग प्रशिक्षक उमेश कुमार पासवान ने दी।
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