किसान ब्रिगेड ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन नि:शुल्क शिविर के नाम पर महंगी दवाएं बेचने और मरीजों के लिए सुविधाओं के अभाव का आरोप एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद/ जपला। किसान ब्रिगेड के प्रतिनिधिमंडल ने पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत से मुलाकात कर हुसैनाबाद अनुमंडल मैदान में पिछले पांच दिनों से चल रहे कमली वाले बाबा के कथित उपचार शिविर की जांच और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में भोला पासवान, सुधीर सिंह, मनोहर सिंह और सुभाष कुमार शामिल थे। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि शिविर में लकवा, पोलियो, मूक-बधिरता और डायबिटीज जैसी बीमारियों को ठीक करने के दावे कर भोले-भाले ग्रामीणों को बरगलाया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने बेची जा रही दवाओं की स्वीकृति, गुणवत्ता, परीक्षण, बिक्री की अनुमति और निर्धारित मूल्य की जांच कराने की मांग की। उन्होंने धोखाधड़ी अथवा अन्य अपराध प्रमाणित होने पर संबंधित व्यक्तियों की गिरफ्तारी सहित विधिसम्मत कार्रवाई का आग्रह किया। किसान ब्रिगेड के संरक्षक कर्नल संजय सिंह ने कहा, नि:शुल्क मेडिकल शिविर का प्रचार कर लोगों की भीड़ जुटायी गयी, जबकि वहां दवाओं की व्यावसायिक बिक्री किए जाने की शिकायतें हैं। झाड़-फूंक से गंभीर बीमारियां ठीक होने के दावों की स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि जनता के सामने रखी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नि:शुल्क शिविर के नाम पर नगर पंचायत से मैदान का नि:शुल्क आवंटन कराया गया और वहां महंगी दवाएं बेची जा रही हैं। उन्होंने मैदान आवंटन की शर्तों तथा दवा बिक्री से संबंधित जीएसटी और आयकर अनुपालन की जांच की भी मांग की। कर्नल सिंह ने कहा कि गरीब मरीजों और उनके परिजनों के ठहरने, शौचालय, पेयजल तथा सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की शिकायतें हैं। शिविर में पॉकेटमारी और चोरी की शिकायतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रशासन से मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। किसान ब्रिगेड ने जिला प्रशासन से स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उपचार संबंधी दावों और दवाओं की जांच कराने तथा अनियमितताएं मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। फोटो संकेत : पलामू उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते किसान ब्रिगेड के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य।
अंचल अधिकारी के निर्देश को सिंदरी पुलिस ने दिखाया ठेंगा; माफिया ने खाली कराकर गाड़ी निकाली बाहर एबीएन न्यूज नेटवर्क, सिंदरी धनबाद। सिंदरी में खाकी और खनन माफिया की साठगांठ का एक ऐसा नंगा नाच देखने को मिला है, जिसने धनबाद पुलिस प्रशासन के इकबाल को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। सिंदरी थाना क्षेत्र स्थित एसडीपीओ कार्यालय के ठीक बगल में और सिंदरी थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर अवैध बालू से लदा एक हाइवा अनियंत्रित होकर कच्ची मिट्टी में जा धंसा। यह हाइवा बंद पड़े केजी स्कूल में चल रहे मरम्मत कार्य के लिए अवैध बालू गिराने जा रहा था। सुबह छह बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक पूरे आठ घंटे हाइवा वहीं धंसा रहा, लेकिन एसडीपीओ दफ्तर की नाक के नीचे घट रही इस घटना पर सिंदरी पुलिस की नींद नहीं टूटी। दस मिनट की पैदल दूरी तय करने की जहमत तक पुलिस ने नहीं उठायी और न ही मौके पर पहुंची। पुलिस की इसी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर माफिया ने आराम से बालू खाली करवाया और गाड़ी को सुरक्षित निकालकर ले गया। दुर्घटना के बाद जब पत्रकारों ने मौके पर जाकर कवरेज शुरू की, तो हाइवा चालक ने आॅन-कैमरा बेबाक कबूल किया कि उसके पास बालू का कोई वैध चालान नहीं है। चालक ने आॅन-रिकॉर्ड खुलासा किया कि गाड़ी और अवैध बालू बलियापुर के बिखराजपुर निवासी कुख्यात बालू माफिया दिल मोहम्मद का है। चालक ने सीना ठोककर यह गंभीर आरोप भी लगाया कि रास्ते के सभी थानों को महीने पर मैनेज किया जाता है, इसलिए कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मामले की कवरेज के दौरान बालू तस्कर का फोन चालक के मोबाइल पर आया। आॅन-कैमरा चल रही रिपोर्टिंग के बीच तस्कर ने अपना आपा खो दिया और पत्रकार के लिए सरेआम अभद्र व गंदी भाषा का इस्तेमाल करते हुए पूछा कि कौन मीडिया वाला पहुंचा हुआ है। कानून के खौफ से बेफिक्र माफिया ने फोन पर ही रोब झाड़ते हुए कवरेज रोकने की धमकी दी, जो यह साबित करता है कि खाकी की सरपरस्ती में बालू माफिया के हौसले कितने बुलंद हो चुके हैं। मामले की सूचना जब झरिया अंचल अधिकारी मनोज कुमार को दी गयी, तो उन्होंने घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सिंदरी थाना प्रभारी को सूचित किया और हाइवा को तुरंत जब्त कर थाने लाने का कड़ा निर्देश दिया। लेकिन अंचल अधिकारी के इस प्रशासनिक आदेश को सिंदरी पुलिस ने रद्दी की टोकरी में फेंक दिया और पूरे आठ घंटे तक मौके पर झांकने तक नहीं आयी। हैरानी और शर्म की बात यह है कि अंचल अधिकारी के स्पष्ट निर्देश और आॅन-कैमरा सबूतों के बावजूद सिंदरी पुलिस का कोई भी जवान या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक बिना किसी पुलिसिया डर के हाइवा से बालू खाली कराया गया, साक्ष्य मिटाये गये और इसके बाद बिना किसी प्राथमिकी या जब्ती के हाइवा को मौके से सुरक्षित रवाना कर दिया गया। अब इस पूरी घटना से कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या सिंदरी पुलिस के लिए अंचल अधिकारी के आदेश कोई मायने नहीं रखते? दो सौ मीटर की दूरी पर आठ घंटे तक अवैध बालू का हाइवा फंसा रहा, फिर भी पुलिस का न पहुंचना चालक के थाना मैनेज वाले दावे की पुष्टि नहीं करता? पत्रकार को फोन पर अभद्र भाषा बोलने और धमकी देने वाले माफिया दिल मोहम्मद पर अब तक प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं हुई? एसडीपीओ कार्यालय की चहारदीवारी के सटकर घटी यह घटना चीख-चीखकर गवाही दे रही है कि सिंदरी में कानून का राज नहीं, बल्कि बालू माफिया और भ्रष्ट तंत्र का गठजोड़ चल रहा है। अब देखना यह है कि वरीय पुलिस अधीक्षक धनबाद और खनन विभाग सिंदरी पुलिस की इस लापरवाही और संदिग्ध भूमिका पर क्या निष्पक्ष कार्रवाई करते हैं, या यह मामला भी हमेशा की तरह दबा दिया जायेगा।
वन बंधु परिषद का दिवाली मिलन 2 नवम्बर कोटीम एबीएन, रांची। वनबंधु परिषद का दिवाली मिलन 2 नवंबर को सेलिब्रेशन हॉल करम टोली में होगा। दिवाली लक्की ड्रॉ के कूपन का लॉन्चिंग आज राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमति रेखा जैन एवं ईस्ट जोन चेयरमैन रमेश धनिधारका जी ने किया।वन बंधु परिषद अध्यक्ष अंचल किंगर ने बताया कि गांव के एकल विधालय के बच्चों एवं शहर की बस्तियों के शबरी बस्ती के बच्चों द्वारा कार्यक्रम पेश किये जाएंगे साथ ही अपने दानदाताओं को सहयोगी से साथी बनने की योजना का भी शुभारंभ होगा। साथ ही कई मनोरंजन कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। इस कार्यक्रम के प्रोजेक्ट चेयरमैन श्री दीपक श्रीवास्तव मनोनीत हुए।आज की बैठक में रेखा जैन, रमेश धनिधारका, अंचल किंगर, सचिव अजय दीप वाधवा, प्रदीप जैन, विनोद भंडारी, जयदीप मोदी, राज जैन, मोनिका जैन, सुमन मिनोचा, खुजरा, राज राजगढ़िया, विशेष केडिया, अभिनव मित्तल आदि उपस्थित थे।
धनबाद : स्टेशन रोड मलकेरा में रिजवान मोबाइल दुकान में लगी भीषण आग, 8 लाख का सामान जलकर खाकएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले के कतरास थाना अंतर्गत स्टेशन रोड मलकेरा में देर रात एक मोबाइल दुकान में भीषण आग लग गई। इस आगलगी में दुकान में रखा करीब 8 लाख रुपये का सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।बताया जा रहा है कि स्टेशन रोड मलकेरा स्थित रिजवान मोबाइल नामक दुकान में रात के समय अचानक आग लग गई। उस वक्त घर के पास से पुलिस पेट्रोलिंग गुजर रही थी। पुलिस ने सड़क पर आग की लपटें देखीं तो आसपास के लोगों को आवाज लगाई।स्थानीय लोगों के अनुसार, दुकान के अंदर से धुआं और आग की लपटें निकल रही थीं। आनन-फानन में दुकान मालिक को घर से बुलाया गया। लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग काफी फैल चुकी थी। इसके बाद बिजली का मेन लाइन कटवाकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया।आग इतनी भीषण थी कि दुकान में रखे सभी नए मोबाइल, रिपेयरिंग के लिए आए मोबाइल और अन्य सामान पूरी तरह जल गए। दुकानदार के अनुसार करीब 7 से 8 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।आग लगने के कारणों को लेकर दो तरह की बातें सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे शॉर्ट सर्किट बता रहे हैं, तो वहीं दुकानदार और मोहल्ले के कुछ लोगों का आरोप है कि किसी ने जानबूझकर दुकान में आग लगाई है। उनका कहना है कि पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है।फिलहाल सूचना पाकर स्थानीय लोग मौके पर जुट गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आग शॉर्ट सर्किट से लगी या किसी ने लगाई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
धनबाद : कतरास तिलटांड़ कॉलोनी में बंद क्वार्टर में लगी आग, घर का सामान जलकर खाकएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। कतरास थाना क्षेत्र के तिलटांड़ कॉलोनी में मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे क्वार्टर नंबर 325 में अचानक आग लग गई। क्वार्टर डिनोबली स्कूल की गेम टीचर प्रीति कुमारी का बताया जा रहा है। घटना के समय आवास बंद था।जानकारी के अनुसार, प्रीति कुमारी अपने पति के साथ बाजार गई थीं। घर में उनकी मां और बेटी थीं, जो घटना के समय मंदिर गई हुई थीं। इसी दौरान बंद क्वार्टर से धुआं निकलता देख आसपास के लोगों को आग लगने की जानकारी हुई।स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने का प्रारंभिक कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। देखते ही देखते आग ने पूरे आवास को अपनी चपेट में ले लिया। घर में रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया। आग की सूचना मिलते ही तिलटांड़ कॉलोनी के लोग मौके पर जुट गए और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। हालांकि, टीम के पहुंचने तक आग बुझ चुकी थी।घटना के बाद कॉलोनी में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आग लगने के वास्तविक कारण और नुकसान का आकलन जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा।
कोडरमा : साइड लेने के विवाद में ट्रक चालक को आधा किलोमीटर घसीटा, ग्रामीणों ने बचाई जानमॉब लिंचिंग जैसी स्थिति बनने से पहले समाजसेवी व पत्रकार दीपेश ने किया हस्तक्षेप, दोनों चालकों में थाना में हुआ समझौताएबीएन न्यूज नेटवर्क, सतगावां/कोडरमा। सतगावां थाना क्षेत्र में मंगलवार को साइड लेने को लेकर दो ट्रक चालकों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि विवाद के दौरान एक ट्रक चालक ने दूसरे चालक को ट्रक की खिड़की से पकड़कर करीब आधा किलोमीटर तक घसीट दिया। इस दौरान पीड़ित चालक लगातार “बचाओ-बचाओ” चिल्लाता रहा।चालक की चीख सुनकर स्थानीय ग्रामीणों ने सासानावी फ्यूल सेंटर के पास ट्रक को रुकवाया और घसीटे जा रहे चालक को बचाया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते चालक के साथ मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे कुछ समय के लिए मॉब लिंचिंग जैसी गंभीर स्थिति बनने की आशंका पैदा हो गई।जानकारी के अनुसार, बिहार के गोविंदपुर से झारखंड होकर कोलकाता बालू लेकर जा रहे एक ट्रक और झारखंड से बिहार की ओर गिट्टी लेकर जा रहे दूसरे ट्रक के चालकों के बीच बासोडीह से कालीडीह जाने वाले मार्ग पर साइड लेने को लेकर विवाद हुआ।कहासुनी बढ़ने के बाद दोनों के बीच हाथापाई हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान एक चालक ने दूसरे चालक को ट्रक की खिड़की के अंदर से पकड़ लिया और ट्रक आगे बढ़ाते हुए उसे काफी दूर तक घसीटता ले गया। इस दौरान चालक की जान पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था।घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे समाजसेवी एवं पत्रकार दीपेश ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया और भीड़ के बीच से चालक को सुरक्षित निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समय रहते हस्तक्षेप होने से बड़ी घटना होने से टल गई। बताया गया कि संबंधित ट्रक का नंबर JH-12-T-4099 है। स्थिति नियंत्रित होने के बाद ट्रक को थाना प्रभारी एवं बीडीओ की मौजूदगी में प्रशासन के हवाले किए जाने की जानकारी सामने आई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सड़क पर साइड लेने जैसे मामूली विवाद भी कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं। लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था को बेहतर करने की मांग की है।समाचार लिखे जाने तक मिली जानकारी के अनुसार, दोनों ट्रक चालकों ने थाना में आपसी सुलह कर लिया है।
झुमरी तिलैया : फर्जी अधिकारियों ने सोने की चेन और अंगूठी ठगी, कागज में थमा गए पत्थरएबीएन न्यूज नेटवर्क, झुमरी तिलैया। (कोडरमा): तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत ट्रेंड्स मॉल के समीप बाइक सवार दो शातिर अपराधियों ने खुद को अधिकारी बताकर एक व्यक्ति से करीब 20 ग्राम सोने के जेवर ठग लिए। घटना को लेकर गुमो (मडवा गली) निवासी पीड़ित नरेंद्र मोदी ने तिलैया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित नरेंद्र मोदी महाराणा प्रताप चौक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पूर्णिमा टॉकिज से पहले ट्रेंड्स मॉल वाली गली के पास मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने उन्हें रोका। अपराधियों ने खुद को स्पॉट ऑफिस का कर्मी बताते हुए कहा कि इलाके में छिनतई की घटनाएं बढ़ गई हैं, आप इतना सोना पहनकर क्यों घूम रहे हैं? सुरक्षा का झांसा देकर ठगों ने पीड़ित के गले से करीब 15 ग्राम की सोने की चेन (लॉकेट सहित) और अंगुली से 5 ग्राम की सोने की अंगूठी उतरवा ली। शातिरों ने जेवरों को एक भूरे रंग के कागज में लपेटकर पीड़ित को सौंप दिया और वहां से नौ दो ग्यारह हो गए। नरेंद्र मोदी ने जब घर पहुंचकर कागज खोला, तो उनके होश उड़ गए; जेवरों की जगह उसमें सिर्फ पत्थर के टुकड़े बंधे थे। पीड़ित ने आनन-फानन में वापस घटना स्थल पर पहुंचकर छानबीन की, लेकिन ठगों का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस आवेदन पत्र के आधार पर मामले की जांच और अपराधियों की तलाश में जुट गई है।
धर्म और विकास विरोधी है हिंडाल्को : रितेश कुमारहिंडाल्को अच्छी कंपनी नहीं, बल्कि धर्मविरोधी, विकास विरोधी एवं एक शोषक कंपनी : रितेश कुमार, अध्यक्ष, लोहरदगा चैंबर आॅफ कॉमर्स एवं विहिपएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जब से समाज के लिये कुछ करने की ठानी है, उस समय से हमने हिंडाल्को कंपनी की अड़ियल एवं तानाशाही व्यवहार के खिलाफ हमेशा आवाज उठायी है और प्रबंधन को आईना दिखाने की कोशिश करते रहा हूं, परंतु प्रारंभ से ही हिंडाल्को प्रबंधन गजबहिरे की तरह सबकुछ सुनकर, जानकर भी अनजान बनी रहती है, तो उसके पीछे केवल एक कारण है, स्थानीय कुछ बिचौलियों एवं दलाल की मिलीभगत तथा ऊपर से नीचे तक सभी को उपकृत कर अपने कदमों तले झुकाये रखना।जब मैं लोहरदगा चैंबर आॅफ कॉमर्स के प्रतिनिधि के तौर हिंडाल्को प्रबंधन से आग्रहपूर्वक कहा कि आप खनिज उत्खन्न के माध्यम अरबों की कमाई कर रहे हैं तो उस कमाई के कुछ अंश में हिस्सा लोहरदगा जिला की विकास कार्य का, धार्मिक अनुष्ठानों का, शिक्षा एवं स्वास्थ्य हेतु भी है। तो फिर सामाजिक निर्वहन दायित्वों के तहत आपका भी सुदृढ़ योगदान अवश्यंभावी है। परंतु हिंडाल्को प्रबंधन की कान में जूं तक नही रेंगती है।वर्षों से डंपिंग यार्ड में बॉक्साइट डंपिंग और शहरी क्षेत्रों के सड़क द्वारा बॉक्साइट ढुलाई के कारण नगरीय क्षेत्र की सड़क का हालत बद से बदतर हो गयी है और साथ ही फैल रहे धूल कण से अस्थमा और कैंसर के रोगी अनगिनत बढ़ चुके हैं। कैंसर ने तो कितनो का घर बर्बाद कर दिया, किसी का मां, तो किसी का पिता अकाल मृत्यु के ग्रास बन गये और तो और कितनी माओं का आंचल सुना कर दिया, तो कितने सुहागिनों की मांग उजाड़ दिये।जबकि 60 वर्षों से खनिज उत्खन्न करते हुए विकास का एक भी ऐसा काम नहीं किया, जिसपर लोहरदगावासी गर्व से कह पाते यदि हिंडाल्को कंपनी का लोहरदगा में पदार्पण से स्वास्थ्य संबंधी बढ़िया हॉस्पिटल, शिक्षा के प्रसार हेतु बढ़िया स्कूल ही स्थापित कर दिया होता। रोड नाली या गल्ली का विकास की तो बात करना ही फालतू है! क्योंकि ढांचागत विकास तो हिंडाल्को प्रबंधन की डिक्सनरी में है ही नही। अब तो विगत चार पांच वर्षों से लोहरदगावासी धार्मिक चंदा के लिए भी तरस जा रहे हैं। जब हमने विश्व हिंदू परिषद का कार्यक्रम हेतु प्रबंधन से संपर्क किया, तो इन्होंने हिंदू संगठन हेतु चंदा या सहयोग से साफ इंकार किया और रामनवमी, दुर्गा पूजा इत्यादि में सहयोग हेतु वेंडर कोड खोलने एवं होने का शर्त रखकर अपना सहयोग से कन्नी काट लिया।हिंडाल्को प्रबंधन कुछ बिचौलियों को नतमस्तक कर इतना तानाशाह हो चुकी है कि लोहरदगावासी के प्रति अपने दायित्वों से पूरी तरह मुंह फेर चुकी है। प्रश्न तो बहुत सारे हैं, जिसपर आवाज तो उठेगा।
धनबाद : बकाया मानदेय को लेकर सक्रिय हुआ जलसहिया अधिकार मंचजलसहियाओं का बकाया मानदेय को लेकर जलसहिया अधिकार मंच धनबाद जिलाध्यक्ष जया देवी ने कार्यपालक अभियंता को लिखा पत्र एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जलसहिया अधिकार मंच धनबाद जिला अध्यक्ष जया देवी ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग प्रमंडल टू धनबाद को पत्र लिखकर जलसहियाओं का बकाया मानदेय भुगतान करने की मांग की है। पत्र के माध्यम से कहा गया है कि जलसहियाओं को विभाग से 10,000 और 12,000 रुपया भुगतान के लिए व्यवस्था की गयी थी, लेकिन बहुत जलसहियाओं को 10000 और 12000 का भुगतान अभी तक नहीं मिला है। दुर्गा पूजा के पावन पर्व को ध्यान देते हुए जल्द भुगतान करने की मांग की है।
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