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झारखंड में बीमा और पेंशन योजना से जुड़ेंगे मनरेगा मजदूर, आर्थिक स्थिति में होगी सुधार
Published / 2021-11-09 16:54:57
झारखंड में बीमा और पेंशन योजना से जुड़ेंगे मनरेगा मजदूर, आर्थिक स्थिति में होगी सुधार

एबीएन डेस्क, रांची। झारखंड में मनरेगा मजदूरों को अब रोजगार के साथ-साथ सरकार की विभिन्न बीमा योजना और पेंशन संबंधी योजनाओं का भी लाभ मिलेगा। इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलों के उप विकास आयुक्त को पत्र के माध्यम से दिशा निर्देश जारी किया है। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनीष रंजन ने सभी जिलों के उप विकास आयुक्त को निर्देश दिया है कि मनरेगा मजदूरों और उनके परिवार को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए उन्हें केंद्र सरकार की पेंशन और बीमा योजनाओं से जोड़ने का अभियान चलाया जाए। विभाग ने निर्देश दिया है कि राज्य में 100 दिन के रोजगार देने के साथ-साथ इन मजदूरों को अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना से जुड़ने के लिए विभिन्न स्तरों पर जन जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए। साथ ही निर्देश दिया है कि प्रवासी मजदूरों को उन्हीं के गांव में रोजगार मिले यह सुनिश्चित किया जाए। मनरेगा मजदूरों की आर्थिक स्थिति होगी मजबूत : मनीष रंजन ने कहा कि जीविका भी जीवन भी के मंत्र पर सरकार सभी मनरेगा मजदूरों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में काम कर रही है। वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न जिलों में 41 लाख 63 हजार 806 मजदूर कार्यरत हैं। मनरेगा मजदूरों के साथ खड़ी है सरकार : राज्य सरकार मनरेगा मजदूरों के साथ खड़ी है। यही कारण है कि काम के दौरान या दुर्घटना में मृत्यु होने या घायल होने वाले मनरेगा मजदूरों को सरकार अनुग्रह राशि के रूप में क्रमशः 75000 और 37500 रुपये देती है। इस योजना का लाभ अब तक राज्य के मजदूरों के आश्रितों को मिल रहा है। इनमें सबसे अधिक लातेहार जिले के मजदूर के आश्रितों को मिला है। यहां 17 मजदूर के आश्रितों को अनुग्रह राशि के रूप में लाभ दिए गए हैं ववही दूसरे नंबर पर गिरिडीह और तीसरे नंबर पर चतरा जिला शामिल है। इन जिलों में आश्रितों को मिली सरकारी मदद : गिरिडीह में अब तक 10 और चतरा में 8 मनरेगा मजदूर के परिजनों को अनुग्रह राशि दी गई है। इसी तरह सिमडेगा में एक, खूंटी में तीन, देवघर में तीन, गोड्डा में दो, रामगढ़ में एक, पलामू में दो, लोहरदगा में एक, गुमला में 6, रांची में 6, धनबाद में दो और कोडरमा में एक मनरेगा मजदूर की मृत्यु के बाद उनके आश्रित को सरकार के स्तर पर 75000 रुपये का आर्थिक सहयोग किया गया है।

रांची में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद, तीन सप्लायर गिरफ्तार
Published / 2021-11-09 16:50:47
रांची में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद, तीन सप्लायर गिरफ्तार

रांची। राजधानी रांची के तुपुदाना इलाके से पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है। इनमें जिलेटिन, डेटोनेटर, फ्यूज वायर आदि हैं। पुलिस ने इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 5 लाख रुपये भी बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों से तुपुदाना ओपी में पूछताछ की जा रही है।

11 नवंबर से लोहरदगा-टोरी लाइन पर चलेगी रांची न्यू दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, मिली हरी झंडी
Published / 2021-11-09 16:48:59
11 नवंबर से लोहरदगा-टोरी लाइन पर चलेगी रांची न्यू दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, मिली हरी झंडी

नई दिल्ली। राजधानी एक्सप्रेस (Ranchi New Delhi Rajdhani Express) ट्रेन लोहरदगा होते हुए अब दिल्ली जाएगी। रेल मंत्रालय ने इसे लेकर ऑफिशियल पत्र जारी कर दिया है। बरकाकाना होकर रांची से नई दिल्ली जाने वाली राजधानी ट्रेन अब नए रूट से जाएगी। इस रूट पर इस ट्रेन को चलाने को लेकर रांची के सांसद संजय सेठ लगातार प्रयासरत थे। रेल मंत्री से बार-बार वह इस रूट पर राजधानी ट्रेन को सुचारू चलाने को लेकर प्रयास कर रहे थे। वहीं कई बार मुलाकात कर उनसे आग्रह भी किया था। रांची रेल मंडल की चिर परिचित इस मांग को रेल मंत्रालय की ओर से पूरा किया गया है। राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन अब लोहरदगा होते हुए दिल्ली तक जाएगी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जब रांची लोहरदगा रेल खंड का शिलान्यास किया था, तो उस दौरान उन्होंने कहा था कि यह लाइन भविष्य का आर्थिक लाइन बनेगी। राजधानी ट्रेन के चलने के साथ ही इस लाइन के बनने का सपना अब पूरा हो गया है। कानपुर, प्रयागराज, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, गढ़वा रोड, डाल्टनगंज कमर्शियल स्टॉपेज होगा। यह रांची से लोहरदगा टोरी होते हुए न्यू दिल्ली तक पहुंचेगी।

टाटा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अंत्योदय एक्सप्रेस का दुबारा परिचालन शुरू हो : महेश पोद्दार
Published / 2021-11-09 13:07:19
टाटा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अंत्योदय एक्सप्रेस का दुबारा परिचालन शुरू हो : महेश पोद्दार

रांची। राज्यसभा सांसद श्री महेश पोद्दार ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैभव से 22885/86 टाटा झ्र लोकमान्य तिलक टर्मिनस अंत्योदय एक्सप्रेस को द्विसाप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस में परिवर्तित कर 6 महीने प्रायोगिक तौर पर चलाने का आग्रह किया है। श्री पोद्दार ने रेल मंत्री श्री वैष्णव को इस आशय का एक पत्र भी लिखा है। अपने पत्र में श्री पोद्दार ने कहा है कि 22885/86 टाटा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अंत्योदय एक्सप्रेस को विभिन्न रेलवे जोन मुख्यालय द्वारा विचार-विमर्श के पश्चात जारी शून्य आधारित समय सारणी में निम्न बुकिंग के चलते स्थायी तौर पर निरस्त कर दिया गया है। वर्तमान में अगर इस गाड़ी की संरचना में परिवर्तन कर इसे द्विसाप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस बनाकर इसमें दो द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित, तीन तृतीय श्रेणी वातानुकूलित और 9 शयनयान कोच सहित चार साधारण श्रेणी के डिब्बे संलग्न किये जायें तो यह गाड़ी मुंबई जाने के लिए एक बढ़िया विकल्प बन सकती है। यह ट्रेन टाटानगर के निवासियों एवं झारखण्ड के विभिन्न जिलों के लोगों एवं ओडिसा की जनता के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है,क्योंकि सामान्यत: मुंबई जाने के लिए लोगों को महीनों पहले बुकिंग कराना पड़ता है और इस प्रकार से कई जगहों से लोग टाटा पहुंचकर इस ट्रेन में सफर करते थे। वर्तमान में टाटा से मुंबई जाने के लिए एक भी डेडीकेटेड ट्रेन नहीं होने के कारण यात्रियों को कोलकाता से खुलनेवाली ट्रेनों में आरक्षण करवाना पड़ता है। उनमें कोटा कम होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। टाटानगर के अधिकांश निवासी मुंबई की यात्रा करते हैं, अत: एक द्विसाप्ताहिक ट्रेन के शुरू होने से यात्रियों की मुश्किलें थोड़ी कम होंगी और रेलवे की आय में भी बढ़ोत्तरी होगी। लोहरदगा टोरी रेलखंड से राजधानी के परिचालन की अनुमति : रांची नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस का परिचालन लोहरदगा टोरी रेलखंड से होना तय हो गया है। 11 नवंबर को इस रेलखंड से राजधानी एक्सप्रेस का परिचालन शुरू होगा। रेल मंत्रालय के इस फैसले पर रांची के सांसद संजय सेठ ने प्रसन्नता जाहिर की है। सांसद श्री सेठ ने कहा है कि रांची लोकसभा क्षेत्र की जनता की बहूप्रतीक्षित मांग पूरी हुई। इसके लिए मैं लगातार प्रयासरत था। श्री सेठ ने कहा कि पूर्व रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल और वर्तमान रेल मंत्री श्री अश्वनी वैष्णव से लगातार मुलाकात कर मैं उनका ध्यान इस तरफ आकर्षित करता रहा। इसका परिणाम यह हुआ लोहरदगा टोरी रेलखंड पर राजधानी एक्सप्रेस के परिचालन की घोषणा हो गई। सांसद ने इसके लिए रांची लोकसभा क्षेत्र की जनता की तरफ से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार जताया है। श्री सेठ ने कहा कि उक्त रेलखंड का शिलान्यास तात्कालीन प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी ने किया था। यह अटल जी की दूरदर्शी सोच थी कि इस रेलखंड पर ट्रेन चलने से देश के नागरिकों का समय बचेगा। यह उनका सपना भी था। यह बात कोरोना काल में प्रमाणित भी हो गई। कोरोना काल में इस रेल खंड से आॅक्सीजन देशभर में पहुंचाया गया और बहुत कम समय में पहुंचाया गया। अब राजधानी एक्सप्रेस का परिचालन होने से देश के नागरिकों का बेशकीमती समय बच सकेगा। सांसद श्री सेठ ने फिर से रेल मंत्रालय का रांची लोकसभा क्षेत्र की जनता की तरफ से आभार जताया है।

भारत-न्यूजीलैंड मैच : 900 से 39,000 तक की टिकटों पर देख सकेंगे मैच
Published / 2021-11-08 14:57:51
भारत-न्यूजीलैंड मैच : 900 से 39,000 तक की टिकटों पर देख सकेंगे मैच

रांची। 19 नवंबर 2021 को जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, रांची में आयोजित भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेले जाने वाले दूसरे टी-20 मैच के लिए झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन ने सोमवार को अपनी मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में टिकट की दर तथा राज्य सरकार और बीसीसीआइ से प्राप्त कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्टेडियम में प्रवेश हेतु दर्शकों के लिए नियम भी तय कर दिये। मैच के लिए टिकट की दर 900 रुपये, 1200 रुपये, 1400 रुपये, 1700 रुपये, 1800 रुपये, 4000 रुपये, 5000 रुपये, 5500 रुपये और 39000 रुपये होगी। टिकट की बिक्री स्टेडियम के वेस्ट गेट के नजदीक बने टिकट काउंटरों पर होगी, जिसके लिए 15, 16 और 17 नवंबर की तिथि प्रस्तावित है। अनुमति हेतु जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। 14 नवंबर को सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम तथा सरायकेला खरसावां जिले के सदस्यों को कीनन स्टेडियम, जमशेदपुर में उनका कम्पलिमेंट्री पास मिलेगा, जबकि शेष जिलो के सदस्यों को 15 नवंबर को सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर, रांची में मिलेगा। इन बातों का रखना होगा ध्यान : स्टेडियम में वैसे दर्शकों को ही प्रवेश मिलेगा जो कोविड वैक्सीन का दोनों डोज ले लिये हों या जिनके पास 15 नवंबर, 2021 के बाद की आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट होगा। स्टेडियम में प्रवेश के पूर्व गेट पर जांच दल को सम्बंधित सर्टिफिकेट दिखाना होगा। बगैर मास्क का प्रवेश नहीं होगा। गेट पर प्रवेश के समय एक दूसरे से दो गज की दूरी अनिवार्य होगी। दर्शकों को टिकट पर जो सीट नंबर अंकित होगा उसी पर बैठना होगा वरना उन्हें मैच देखने से वंचित होना पड़ सकता है। किसी भी तरह का बैग, थैला, कैमरा या ठोस वस्तु लेकर स्टेडियम में प्रवेश वर्जित होगा।

झारखंड : पारा शिक्षकों का वेतन तय, टेट पास को हर माह मिलेंगे 27,000
Published / 2021-11-08 14:25:29
झारखंड : पारा शिक्षकों का वेतन तय, टेट पास को हर माह मिलेंगे 27,000

रांची। झारखंड के पारा शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। अब उनका वेतन तय हो चुका है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) और दक्षता परीक्षा पास करनेवाले पारा शिक्षकों को वेतनमान तो एक जैसा मिलेगा, लेकिन उनका ग्रेड पे अलग-अलग होगा। जो दक्षता परीक्षा पास करेंगे, उन्हें 5200 से 20200 का वेतनमान और 2000 का ग्रेड पे मिलेगा। टेट पास पारा शिक्षकों को 5200 से 20200 का वेतनमान व 2400 से 2800 का ग्रेड पे मिलेगा। टेट पास को हर माह 27 हजार रुपये मिलेंगे। राज्य में करीब 11000 पारा शिक्षक ही टेट पास हैं, जबकि 50,000 सिर्फ प्रशिक्षित हैं और 3000 अप्रशिक्षित हैं। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के इस प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने निर्णय कर लिया है। अब विकास आयुक्त, वित्त विभाग के सचिव समेत विभाग के आला अधिकारियों के साथ अंतिम रूप से चर्चा के बाद वित्त और विधि विभाग की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। दक्षता परीक्षा पास करने वाले पारा शिक्षकों को टेट पास से हर महीने कम राशि मिलेगी। टेट पास छठी से आठवीं के पारा शिक्षकों को 27 हजार, पहली से पांचवी टेट पास पारा शिक्षकों को 25,500 और दक्षता परीक्षा पास करने वाले पहली से आठवीं के पारा शिक्षकों को 23,700 रुपए हर माह मिलेंगे।

झारखंड के मधु मंसूरी हंसमुख को मिला पद्मश्री सम्मान
Published / 2021-11-08 13:59:39
झारखंड के मधु मंसूरी हंसमुख को मिला पद्मश्री सम्मान

एबीएन डेस्क, रांची। झारखंड की चार विभूतियों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करेंगे। जिसमें तीन हस्तियों को पद्मश्री और एक को तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार से राष्ट्रपति सम्मानित करेंगे। कला क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दो कलाकारों को सोमवार (8 नवंबर) राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में आज आयोजित भव्य समारोह में पदम्श्री सम्मान से सम्मानित किया है। जिन दो कलाकारों को आज पद्मश्री सम्मान मिला है उनमें सरायकेला-खरसांवा निवासी छऊ गुरू शशधर आचार्य और रांची निवासी मधु मंसूरी हंसमुख शामिल हैं। इन दोनों के लिए बीते साल 2020 में ही पद्मश्री सम्मान से करने की घोषणा हुई थी। इन दोनों अलावे सरायकेला खरसावां की छुटनी देवी को कल (9 नवंबर) को सम्मान मिलेगा जबकि प्रसिद्ध पर्वतारोहियों में शामिल लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश को भी इसी महीने राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिलेगा। छऊ गुरू शशधर आचार्य को बिहार, बंगाल, झारखंड और ओडिशा समेत देश-विदेश में छऊ नृत्य को प्रसिद्धि दिलाने में अहम भूमिका निभाने के लिए ये सम्मान मिला है। जबकि नागपुरी गीतों के राजकुमार कहे जाने वाले मधु मंसूरी हंसमुख अपने गीत और मधुर आवाज से देश-विदेश में झारखंड को पहचान दिला चुके हैं। जल-जंगल-जमीन बचाने से लेकर झारखंड आंदोलन तक के लिए इन्हीं के लिखे गीत सर्वाधिक गाए जाते थे। गांव छोड़ब नाहिं और नागपुर कर कोरा इन्होंने ही गया है। उनके इसी योगदान के लिए उन्हें ये सम्मान दिया गया है। वहीं छुटनी देवी को कभी डायन कह कर घर-गांव से निकाल दिया गया था। आठ माह के बच्चे के साथ पेड़ के नीचे रही छुटनी आज अपनी जैसी असंख्य महिलाओं की ताकत बन गई हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश को 2019 में विश्व की सबसे ऊंची पर्वत शृंखला माउंट एवरेस्ट अभियान के तहत उसके 8848 मीटर फतह करने के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है।

दुर्गा सोरेन सेना का पलामू में शीघ्र होगा विस्तार : राकेश पासवान
Published / 2021-11-08 03:41:41
दुर्गा सोरेन सेना का पलामू में शीघ्र होगा विस्तार : राकेश पासवान

मेदिनीनगर। पलामू के वरिष्ठ समाजसेवी एवं दुर्गा सोरेन सेना (डीएसएस) के फाउंडर मेंबर राकेश पासवान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि दुर्गा सोरेन सेना का विस्तार पलामू में शीघ्र होगा। उन्होंने कहा कि दुर्गा सोरेन सेना का संयोजक मंडल के संगठन पर विचार एवं नए सदस्यों को जोड़ने पर मंथन के लिए मेदनीनगर के शिवाला रोड स्थित जिला कार्यालय में दिनांक 13.11.2021 को पूर्वाह्न 11:30 बजे से एक बैठक रखी गई है। जिसमें जिले के सभी कार्यकर्ता आमंत्रित हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दिनांक 19.11.2021 को जामा विधायक सीता सोरेन की सुपुत्री सह डीएसएस की केंद्रीय अध्यक्ष सुश्री जयश्री सोरेन एवं कार्यकारी अध्यक्ष राजश्री सोरेन का आगमन पलामू की धरती पर पहली बार होने जा रहा है। उन्होंने सभी महानुभावों से आग्रह किया कि संगठन के विस्तार पर चर्चा एवं केंद्रीय टीम की आशीर्वाद यात्रा को सफल बनाने के लिए बैठक में उपस्थित होकर एक मजबूत रणनीति का निर्माण कराएं। बताते चलें कि दुर्गा सोरेन सेना सामाजिक सेवा में अग्रसर एक संगठन है।

सैनिक स्कूल तिलैया के पूर्व छात्र और लेफ्टिनेंट कर्नल जयप्रकाश तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2020  के लिए चयनित
Published / 2021-11-07 17:59:01
सैनिक स्कूल तिलैया के पूर्व छात्र और लेफ्टिनेंट कर्नल जयप्रकाश तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2020 के लिए चयनित

कोडरमा। सैनिक स्कूल तिलैया के पूर्व छात्र और लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार को तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2020 के लिए चुना गया है। लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार देश के एक प्रसिद्ध पर्वतारोही हैं, जिन्हें भारत और विदेशों में 38 से अधिक पर्वत चोटियों पर 13 वर्षों से अधिक चढ़ाई का अनुभव है। उन्होंने 2019 में एक सफल माउंट एवरेस्ट अभियान का नेतृत्व किया और 16 मई 2019 को 8848 मीटर ऊंचे एवरेस्ट को सफलतापूर्वक फतह किया। पर्वतारोहण और साहसिक खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए युवा मामले और खेल मंत्रालय ने उन्हें प्रतिष्ठित तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2020 के लिए चुना है। यह पुरस्कार हर साल राष्ट्रपति द्वारा चार श्रेणियों में प्रदान किया जाता है। इस वर्ष का पुरस्कार भूमि, वायु, जल और लाइफ टाइम अचीवमेंट में सात व्यक्तियों को दिया जाएगा। लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार 13 नवंबर 2021 को 16.30 बजे राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली के दरबार हॉल में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करेंगे। जय प्रकाश ने 2009 से अपनी पर्वतारोहण यात्रा शुरू की और तब से लगातार इस क्षेत्र में एक 8000 मीटर चोटी, पांच 7000 मीटर चोटियों और 32 अन्य 6000 मीटर, 5000 मीटर महान हिमालय, काराकोरम पर्वतमाला, जास्कर पर्वतमाला और लद्दाख पर्वतमाला पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 2010 और 2013 में क्रमशः खजाखस्तान और पोलैंड सेना की टीमों के साथ दो संयुक्त सेना पर्वतारोहण अभियानों का नेतृत्व किया है। उनकी चढ़ाई में कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियां, नए मार्ग, कुंवारी पगडंडियां, बिना चढ़े पहाड़ और अन्य खोजपूर्ण मिशन शामिल हैं। हाल ही में उन्होंने उत्तराखंड में माउंट सतोपंथ पर अपनी वर्तमान इकाई डोगरा स्काउट्स टीम का नेतृत्व किया और 18 सितंबर 2021 को 15 सदस्यों के साथ 7075 मीटर की चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। इस अभियान के दौरान उन्होंने एक पुराने लापता भारतीय सेना पर्वतारोही स्वर्गीय नाइक के शव की भी तलाशी की। अमरीश त्यागी ने 2005 में माउंट सतोपंथ के लिए अभियान चलाया और 19 सितंबर 2021 को ग्लेशियर से उनके नश्वर अवशेषों को उनकी मृत्यु के 16 साल बाद बरामद किया। उन्हें अक्टूबर 2021 में उत्तराखंड में माउंट त्रिशूल (7120 मीटर) पर एक खोज और बचाव दल का नेतृत्व करने का काम सौंपा गया, जहां भारतीय नौसेना ने अपने कुछ पर्वतारोहियों को एक हिमस्खलन में खो दिया था। जय ने माउंट त्रिशूल के रोंटी ग्लेशियर से उनके शवों को खोजने और निकालने के लिए बचाव दल का नेतृत्व किया। वर्ष 1980 में जन्मे, जय बोकारो जिले (झारखंड) के फुसरो से ताल्लुक रखते हैं और अपने माता-पिता यानी श्री दयानंद प्रसाद (पिता) और श्रीमती रामकली देवी (मां), एक भाई और तीन बहनों के साथ रहते हैं। उन्होंने सैनिक स्कूल तिलैया से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और बाद में 2003 में मगध विश्वविद्यालय, बोधगया से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. उन्होंने वर्ष 2004 में भारतीय सैन्य अकादमी में प्रवेश लिया और दिसंबर 2005 में 9 डोगरा के साथ लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया। वह वर्तमान में डोगरा स्काउट्स के साथ तैनात हैं, जो पर्वतारोहण में एक विशेष इकाई है। पर्वतारोहण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए, उन्हें पहले सेना पदक 2021, सेना प्रमुख प्रशस्ति पत्र 2015, डीजी एनएसजी प्रशस्ति डिस्क और रोल 2017, थल सेनाध्यक्ष प्रशस्ति पत्र 2018 जैसे विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

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