रांची। झारखंड में रांची सहित पूरे राज्य में कोरोना का कहर रोज तेज होता जा रहा है। मंगलवार को रांची में 1196 समेत राज्य भर 2681 नए संक्रमित मिले हैं। जमशेदपुर में दो मरीजों की मौत की भी खबर है। नए मरीज मिलने के बाद रांची में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 3370 हो गयी है। मंगलवार को हजारीबाग के पदमा स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र और एनएचएम नामकुम में कोरोना विस्फोट हुआ। पदमा में 17 और एनएचएम नामकुम में 18 संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा जमशेदपुर में 402, बोकारो 162, धनबाद, 161, कोडरमा 152 और देवघर109 संक्रमित मिले हैं। राज्य के दो जिलों साहिबगंज और पाकुड़ में कोई केस नहीं मिले हैं। रांची में मंगलवार को रिम्स सहित निजी अस्पतालों के 25 डॉक्टर, 12 नर्स कोरोना सहित 20 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित मिले हैं। पूरे राज्य में सबसे अधिक एक्टिव मरीज रांची जिला में ही हैं। रांची में मंगलवार को 12424 सैंपल की जांच की गई थी। मतलब प्रति सौ जांच 9.6 से अधिक संक्रमित मिल रहे हैं। अकेले रिम्स में जांचे गए 818 सैंपल में 99 लोग संक्रमित मिले हैं। जिसमें सिर्फ रिम्स के स्टॉफ और भर्ती मरीजों की संख्या 60 से अधिक है। रिम्स में जांच के अनुसार प्रति सौ सैंपल के जांच में करीब 12 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। रिम्स में लगातार मिल रहे कोरोना पॉजिटिव मरीजों को देखते हुए सभी दशहत में हैं। रिम्स के एसआर, जेआर, पारा मेडिकल स्टॉफ, नर्स और अस्पताल के अन्य जांच कराने के लिए परेशान दिखे। मंगलवार को सुबह 10 बजे से ही ट्रामा सेंटर के तीसरे तल्ले में जांच कराने के लिए पहुंच गये थे। इसके अलावा बाहरी लोग भी बड़ी संख्या में जांच कराने पहुंच रहे हैं। वहीं निजी जांच केंद्रों में भी लोग बड़ी संख्या में कोरोना जांच कराने पहुंच रहे हैं।
टीम एबीएन, रांची। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देख जिला प्रशासन रांची तैयारियों को और बेहतर करने में जुटा है। इसी क्रम में मंगलवार को उपायुक्त रांची छवि रंजन ने सदर अस्पताल का जायजा लिया। इस दौरान उप विकास आयुक्त रांची विशाल सागर, सिविल सर्जन डॉ विनोद कुमार एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। उपायुक्त ने पार्किंग, बेड, ऑक्सीजन सप्लाई एवं अन्य व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सदर अस्पताल में पार्किंग की व्यवस्था को लेकर उपायुक्त छवि रंजन ने खासी नाराजगी जताई। उन्होंने जूनियर इंजीनियर को स्पेस वेस्टेज को लेकर जमकर फटकार लगाते हुए जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल के मेन गेट से लेकर अस्पताल के अंदर दाखिल होने के बीच जहां-जहां आवश्यक है, वहां लेवलिंग का कार्य यथाशीघ्र करवाएं। यह सुनिश्चित करें कि मरीजों को आने जाने में बेतरतीब पार्किंग के वजह से किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उपायुक्त ने सदर अस्पताल के सभी फ्लोर का निरीक्षण किया और कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए की गई व्यवस्था का जायजा लेते हुए सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिस फ्लोर में संभावना हो वहां बेड की संख्या बढ़ाएं। उपायुक्त ने सिविल सर्जन से कहा कि कोविड-19 संक्रमित मरीज की स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत संबंधित वार्ड में शिफ्ट करें। प्रयास करें कि हर समय आईसीयू में पर्याप्त बेड उपलब्ध हो ताकि गंभीर रूप से संक्रमित मरीज को तुरंत चिकित्सकीय सुविधा मिल सके। सदर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि आवश्यकतानुसार स्टाफ की प्रतिनियुक्ति करें। उन्होंने कहा वर्स्ट सिचुएशन के हिसाब से अपनी तैयारी रखें, संक्रमण के किसी भी दौर में मैन पावर की कमी न हो यह सुनिश्चित करें।अस्पताल के विभिन्न फ्लोर में पाइप लाइन की व्यवस्था और ऑक्सीजन सप्लाई का भी उपायुक्त द्वारा निरीक्षण किया गया, इस संबंध में भी उन्होंने सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि सदर अस्पताल में कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए बेहतर व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है। हमें उम्मीद है कि पिछली बार की तुलना में इस बार व्यवस्था और बेहतर होगी, व्यवस्था बनाए रखने में सभी का सहयोग भी चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि सदर अस्पताल के अलावा बुंडू अनुमंडलीय अस्पताल, सीएचसी ओरमांझी और रेसलदार में भी कोविड-19 के इलाज के लिए व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।
एबीएन डेस्क। जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के 21 छात्रों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इनमें 10 छात्र व 11 छात्राएं शामिल हैं। एमजीएम अधीक्षक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद एमबीबीएस के 161 छात्र-छात्राओं के सैंपल की जांच हुई थी। इसमें 11 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। दरअसल, एमजीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस छात्र पढ़ाई करने रोज अस्पताल आते हैं। पढ़ाई के दौरान मरीजों के संपर्क में रहने वाले डॉक्टरों के साथ छात्र भी पॉजिटिव हो रहे हैं। सूचना के अनुसार एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक समेत मेडिकल के छात्रों को भी आइसोलेशन में भेज दिया गया है।
रांची। झारखंड में एक बार फिर मौसम में बदलाव के साथ नौ जनवरी से बारिश होगी। राज्य के विभिन्न इलाके में 12 जनवरी तक बारिश के साथ मेघ गर्जन और ठनका भी गिरेगा। ऐसा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान में सात जनवरी से बनने वाले साइक्लोनिक सरकुलेशन की वजह से होगा। इससे पूर्व छह जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर पश्चिम भारत में शुरू होगा। राजस्थान में साइक्लोनिक सरकुलेशन बनने के बाद सिस्टम का रुख मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के रास्ते झारखंड में होगा। झारखंड में सबसे पहले सिस्टम का असर पश्चिमी भाग में होगा। इससे पलामू प्रमंडल और इसके समीपवर्ती मध्य भाग में आसमान में बादल छाने के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश शुरू हो जाएगी। धीरे-धीरे सिस्टम का असर राज्य के अन्य हिस्से में होगा। मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि इस दौरान हवा के बहाव की दिशा में बदलाव होगा और उत्तर, उत्तर पश्चिम दिशा के बजाय पूरब दिशा से हवा का बहाव शुरू हो जाएगा। इससे दिन के तापमान में कमी आएगी और रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। इससे ठंड में कमी आएगी और आमजन कुछ दिन तक राहत महसूस करेंगे। उन्होंने बताया कि आने वाले पांच दिन तक मौसम शुष्क और आसमान साफ रहेगा। सूरज ढलने के बाद लोग ज्यादा कनकनी महसूस करेंगे। सुबह में राज्य के मैदानी इलाके, खुले स्थान और वन क्षेत्र में कोहरा एवं धुंध कायम रहेगा।
एबीएन डेस्क, रांची। झारखंड में कोरोना वायरस तेजी से पांव पसार रहा है। हर दिन संक्रमण के मामले रिकॉर्ड बनाते नजर आ रहे हैं। 3 जनवरी को झारखंड में 1481 लोग संक्रमित हुए हैं, जबकि जमशेदपुर में एक मरीज की मौत हुई है। वहीं धनबाद में बढ़ते मरीजों को लेकर टेलीमेडिसिन सेवा शुरू कर दी गई है। बता दें 3 जनवरी के सैंपल जांच की रिपोर्ट 4 जनवरी को जारी हुई है। इसके मुताबिक सेकंड वेव के बाद सोमवार को रांची में सबसे ज्यादा 619 मरीज मिले हैं। इसके बाद जमशेदपुर में 128, धनबाद में 109, देवघर में 102 और पश्चिमी सिंहभूम में 100 मरीजों की पहचान हुई है। अब झारखंड में एक्टिव मरीजों की संख्या 5218 हो गई है। सबसे चिंता की बात यह है कि 37343 सैंपल की जांच के बाद इतने लोग संक्रमित मिले हैं, जबकि 1 दिसंबर को 27759 सैंपल की जांच के बाद सिर्फ 12 लोग संक्रमित मिले थे। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि झारखंड में कोरोना कितनी तेजी से फैल रहा है। छह जिलों में बिगड़ रहे हालात : फिलहाल 6 जिले ऐसे हैं जहां सबसे ज्यादा एक्टिव मरीज हैं। रांची में 2217, जमशेदपुर में 569, कोडरमा में 403, धनबाद में 343, बोकारो में 330 और पश्चिमी सिंहभूम में 286 एक्टिव मरीज हैं। झारखंड का 7 डेज ग्रोथ रेट 0.21% है। 3 जनवरी को रिकवरी रेट 97.07% और डेथ रेट 1.44% रिकॉर्ड किया गया। वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी : सबसे चिंता वाली बात यह है कि झारखंड में 18 साल से ज्यादा आयु वर्ग के महज 47% लोगों को ही कोरोना वैक्सीन की दोनों रोज लग पाई है। इतना तेजी से संक्रमण फैलने के बावजूद 3 जनवरी को 94689 लोगों का वैक्सीनेशन हो पाया। इस दौरान 15 साल से 18 साल आयु वर्ग के 19039 किशोरों-युवाओं को कोरोना की पहली डोज लगाई गई। धनबाद में नए मरीजों की संख्या हर रोज 100 पार : धनबाद में कोरोना के बढ़ते संक्रमण से इन दिनों हालात बिगड़ रहे हैं। एक जनवरी से तीन जनवरी तक रोजाना यहां 100 से अधिक संक्रमित मिले हैं। शनिवार को यहां 113, रविवार को 110 और सोमवार को 109 नए कोरोना संक्रमित मिले थे। इनमें से ज्यादातर ऐसे लोग हैं जो दूसरी जगहों से धनबाद वापस लौट रहे हैं। इसमें पश्चिम बंगाल से लौटने वाले लोगों की संख्या अधिक है। इससे प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। इसको लेकर धनबाद उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक भी की है। जिले में बंद पड़े टेलीमेडिसिन सेवा को भी फिर से शुरू कर दिया गया है। जामताड़ा में एक्टिव संक्रमित मरीजों की संख्या 31 है।
एबीएन डेस्क, रांची। झारखंड सरकार द्वारा पर्यटन स्थलों को बंद करने की घोषणा के बाद मंगलवार को काफी संख्या में पर्यटक हुंडरू फॉल, जोन्हा फॉल और सीता फॉल घूमे बगैर लौट गए। बंगाल, बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों से पर्यटक इन जलप्रपातों में घूमने और पिकनिक मनाने आए थे। सभी जलप्रपातों में नो इंट्री का बोर्ड लगाकर बैरियर लगा दिया गया था। पर्यटकों को गेट से ही वापस कर दिया गया, इससे पर्यटक मायूस दिखे। झारखंड पर्यटन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि सरकार के फैसले का सख्ती से पालन किया जाएगा। हालांकि पर्यटक कोविड गाइडलाइन के अनुसार घूमने देने की मांग कर रहे थे। बंगाल के हावड़ा से घूमने आए सुशांतो ने बताया कि काफी खर्च और तैयारी कर सपरिवार हुंडरू फॉल घूमने आए थे, परंतु बगैर घूमे लौट रहा हूं। इधर, स्थानीय दुकानदार भी पर्यटन स्थल बंद होने से मायूस दिखे। दुकानदार संतोष प्रसाद ने कहा कि अभी पीक सीजन है। लोन आदि लेकर स्थानीय दुकानदार अपनी दुकानदारी करते हैं। लेकिन फॉल 15 जनवरी तक बंद होने से आर्थिक परेशानी उत्पन्न हो गई है।
लोहरदगा। सेन्हा प्रखंड निवासी दिलीप साहू के आवास में युवा प्रकोष्ठ गायत्री परिवार लोहरदगा के तत्वाधान में मां राधा आॅप्टिकल पावरगंज चौक, लोहरदगा एवं श्रीगणेश आई हॉस्पिटल के सहयोग से नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सर्वप्रथम मां गायत्री के समक्ष वरिष्ठ गायत्री परिजन सुमित्रा माताजी, लाल राजेन्द्र प्रताप देव, प्रतिमा बहन के द्वारा दीप प्रज्वलन कर शिविर का उद्घाटन किया। नेत्र सहायक डॉ बी कुमार संचालक मां राधा हॉस्पिटल द्वारा 30 लोगों का नेत्र जांच किया गया। जांच शिविर में युवा प्रकोष्ठ के संयोजक रितेश कुमार ने बतलाया कि आज के दौर में अधिकांश लोगों की आंखे खराब हो गई है ऐसे में लोकसेवा के रूप में ऐसे जांच शिविर का आयोजन करके दुखियों के दुख को दूर किया जा सकता है,इससे पूर्व युवा प्रकोष्ठ द्वारा गायत्री शक्तिपीठ लोहरदगा में 26 दिसंबर को रक्तदान महायज्ञ का भी शिविर लगाया गया था। नेत्र सहायक डॉ बी कुमार द्वारा अपने शहर के अनेकों गांवों में मात्र 50/रुपए के रजिस्ट्रेशन फीस में उचित जांच करते हुए लागत मूल्य पर फ्रेम एवं चश्मे का नंबर दवाई इत्यादि दिया जा रहा है,साथ ही मोतियाबिंद के नि:शुल्क आॅपरेशन भी कराया जा रहा है। युवा प्रकोष्ठ गायत्री परिवार के सह संयोजक रामविलास महतो, राखी कुमारी,पूजा कवर, दिलीप साहू, अजय साहू, विजय सिंह रावत ने शिविर को बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
लोहरदगा। उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो ने आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेन्हा में स्थापित पीएसए आॅक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। कुडू प्रखंड के चिरी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त द्वारा पीएसए आॅक्सीजन प्लांट, अस्पताल परिसर, चिकित्सा कर्मियों के आवासीय परिसर का अवलोकन किया। उपायुक्त ने विद्युत प्रमण्डल लोहरदगा को अस्पताल परिसर में ट्रांसफार्मर लगाये जाने का निदेश दिया। साथ ही, संवेदक को अस्पताल परिसर के जमीन का समतलीकरण करने, पानी निकास या वाटर हार्वेस्टिंग ट्रीटमेंट/ सॉकपिट की व्यवस्था, परिसर के अंदर चहारदिवारी की ओर फुटपाथ, फूल व पौधों का पौधरोपण कराने, परिसर का सौंदर्यीकरण कराने, सौर उर्जा से विद्युत व्यवस्था बहाल करने, अस्पताल परिसर के चारों को स्ट्रीट लाईट लगाने समेत अन्य निदेश दिये गये। मेडिकल अफसर व चिकित्सा कर्मियो को अस्पताल परिसर में ही रात्रि ठहराव सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया। सेन्हा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त द्वारा पीएसए आॅक्सीजन प्लांट में आवश्यक तकनीशियन रख कर प्लांट का ड्राई रन कराने का निदेश प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिया। साथ ही, प्रतिदिन टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने और मेडिकल अफसरों को आवासीय परिसर में ही रात्रि विश्राम करने का निदेश दिया। निरीक्षण में उप विकास आयुक्त अखौरी शशांक सिन्हा और संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी आदि मौजूद थे।
चाईबासा। गोइलकेरा थाना क्षेत्र के झीलरुवां में मंगलवार शाम नक्सलियों ने मनोहरपुर के पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हमला कर दिया। इस हमले में पूर्व विधायक की जान बाल-बाल बची। जैसे ही नक्सलियों ने हमला किया एक बॉडीगार्ड के साथ किसी तरह पूर्व विधायक घटना स्थल से निकलने में सफल रहे। सोनुआ थाना पहुंच कर उन्होंने पुलिस को पूरी जानकारी दी। नक्सलियों ने जिस समय हमला किया। उस समय पूर्व विधायक के साथ तीन बॉडीगार्ड थे। एक बॉडीगार्ड पूर्व विधायक को सुरक्षित निकालने में सफल रहा। वहीं दो बॉडीगार्ड नक्सलियों के घेराबंदी में फस गए। दोनों बॉडीगार्ड को नक्सलियों ने कब्जे में ले लिया। अबतक दोनों बॉडीगार्ड को लेकर सूचना नहीं मिली है। आशंका जताई जा रही है कि नक्सलियों ने बॉडीगार्ड से हथियार लूट लिया होगा। लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। अब तक दोनों बॉडीगार्ड नक्सलियो के कब्जे में है। पूर्व विधायक गुरुचरण नायक एक फुटबॉल टूनार्मेंट के समारोह में भाग लेने के लिए गए थे। इसकी सूचना पहले से नक्सलियों को थी। अचानक नक्सलियों ने हमला कर दिया. खेल मैदान के आसपास नक्सली पहले से घात लगाए बैठे हुए थे। जैसे ही पूर्व विधायक भीड़ से बाहर निकले, उन पर नक्सलियों ने हमला कर दिया।
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