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बीजद से समर्थन मांगने पर द्रौपदी मुर्मू को बोले थे नवीन पटनायक- यह गर्व का पल...
Published / 2022-06-22 05:10:41
बीजद से समर्थन मांगने पर द्रौपदी मुर्मू को बोले थे नवीन पटनायक- यह गर्व का पल...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बीजू जनता दल (बीजद) प्रमुख एवं ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने द्रौपदी मुर्मू को भाजपा नीत राजग द्वारा राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनाये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मंगलवार को कहा कि यह उनके राज्य के लोगों के लिए गर्व का क्षण है। पटनायक ने मुर्मू को उनकी उम्मीदवारी पर बधाई देते हुए ट्वीट किया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने मेरे साथ इस पर चर्चा की तो मुझे खुशी हुई। यह वास्तव में ओडिशा के लोगों के लिए गर्व का क्षण है। पटनायक ने कहा कि उन्हें यकीन है कि मुर्मू देश में महिला सशक्तिकरण के लिए एक उदाहरण स्थापित करेंगी। पिछले राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा ने दलित नेता रामनाथ कोविंद को अपना उम्मीदवार बनाया था और इस बार एक आदिवासी नेता को इस पद के लिए उम्मीदवार बनाकर समाज में एक संदेश देने की कोशिश की है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुर्मू के नाम की घोषणा की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।

अगर Air India को टाटा नहीं चला पायी, तो भारत में उसे कोई दूसरा नहीं चला सकता...
Published / 2022-06-21 14:13:51
अगर Air India को टाटा नहीं चला पायी, तो भारत में उसे कोई दूसरा नहीं चला सकता...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। विमान सेवा देने वाली एमिरेट्स के अध्यक्ष टिम क्लार्क ने कहा कि भारत में किसी एयरलाइन के लिए परिचालन करना आसान नहीं है और अगर टाटा समूह एयर इंडिया नहीं चला पाया, तो देश में कोई भी उसे नहीं चला सकता। क्लार्क ने सोमवार को कहा, एयर इंडिया को यूनाइटेड एयरलाइंस जितना बड़ा होना चाहिए। इसे अपने घरेलू बाजार के साथ ही विदेशों में प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) और भारत में होने वाली आर्थिक गतिविधियों के स्तर के कारण इतना बड़ा तो होना ही चाहिए। ये सोने की खान है। एयर इंडिया के बेड़े में फिलहाल लगभग 128 विमान हैं, जबकि शिकागो स्थित यूनाइटेड एयरलाइंस के पास 860 विमान हैं। क्लार्क ने यहां इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) की 78वीं वार्षिक आम बैठक के मौके पर कहा, आप (भारत) के पास प्रवासी भारतीयों की एक अरब आबादी है, जो इतनी बड़ी है और हर समय बढ़ रही है कि एयर इंडिया को दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों में एक होना चाहिए। टाटा समूह ने पिछले साल आठ अक्टूबर को एयरलाइन के लिए सफलतापूर्वक बोली जीतने के बाद 27 जनवरी को घाटे में चल रही और कर्ज में डूबी एयर इंडिया का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। क्लार्क ने कहा, मुझे लगता है कि एयर इंडिया के लिए सबसे अच्छी बात यह हो सकती थी कि टाटा इसे अपने हाथ में ले ले। इस कमरे में शायद मैं अकेला हूं, जिसने उस समय एयर इंडिया से उड़ान भरी थी, जब टाटा एयर इंडिया चला रही थी और यह उसके स्वामित्व में थी। यह एक अच्छी एयरलाइन थी। उन्होंने कहा कि दशकों से एयर इंडिया अंतरराष्ट्रीय पटल पर छोटी इकाई बना हुआ है। भारत के अंतरराष्ट्रीय यात्री बाजार में अमीरात जैसी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों का वर्चस्व है, जो यूएई के दो प्रमुख एयरलाइन में से एक है।

24 की उम्र में IAS बननेवाले यशवंत सिन्हा बने विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार, जानें जीत का गणित...
Published / 2022-06-21 12:21:10
24 की उम्र में IAS बननेवाले यशवंत सिन्हा बने विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार, जानें जीत का गणित...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यशवंत सिन्हा एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्हें टीएमसी ने संयुक्त विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। कभी बीजेपी के कद्दावर नेताओं में से एक रहे यशवंत सिन्हा के लिए यह प्रस्ताव कई मायनों में खास है। उन्हें राजनीति की अलग लकीर खिंचने का मौका मिला है। यशवंत सिन्हा बखूबी जानते हैं कि सिर्फ प्रत्याशी बन जाने से चुनाव नहीं जीता जा सकता। इसके लिए आंकड़ों का होना जरूरी है। वर्तमान में देश में विधायकों और सांसदों की कुल संख्या 5,557 है। इनमें राज्यों में 4,790 विधायक हैं। इनका वोट वैल्यू 5,42,305 है। लोकसभा और राज्यसभा सांसदों की संख्या 767 है। इनका वोट वैल्यू 5,36,900 है। यानी राष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल वोट की संख्या 10,79,206 है। इस मामले में एनडीए बेहतर स्थिति में है। एनडीए के पास 5,26,420 वोट है। एनडीए के उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 13 हजार अतिरिक्त वोट की जरूरत होगी। इसकी भरपाई नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल या जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआरसीपी कर सकती है। इस मामले में यूपीए के पास 2,59,892 वोट है, जो नाकाफी है। ऐसे में समीकरण तभी बदल सकता है, जब तमाम विपक्षी दल एक साथ हो जाएंगे। यह राह आसान नहीं दिख रही है। इस चुनाव में आबादी के हिसाब से जनप्रतिनिधियों के वोट का वैल्यू तय होता है। झारखंड विधानसभा में 81 विधायक हैं। लोकसभा के 14 और राज्यसभा के छह सांसद हैं। झारखंड के एक विधायक का वोट वैल्यू 176 जबकि एक सांसद का वोट वैल्यू 700 है। झारखंड में लोकसभा के 14 और राज्यसभा के 6 सांसदों का वोट वैल्यू 14000 होता है। वहीं 81 विधायकों का वोट वैल्यू 14,256 है। झारखंड में 81 विधानसभा सीटें हैं। इसमें झामुमो के पास सबसे ज्यादा 30 सीटें हैं। वहीं कांग्रेस के पास 17 और राजद के पास एक सीट है। वहीं, भाकपा माले के पास एक विधायक है। इस पॉकेट का वोट यशवंत सिन्हा को जा सकता है। इस लिहाज से झारखंड में यशवंत सिन्हा के पाले में विधायकों के 8,626 वोट जाएंगे। लेकिन लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर विपक्ष के पास कुल चार सांसद हैं। इनके वोट का वैल्यू सिर्फ 2,800 है। पटना में पले-बढ़े यशवंत सिन्हा 24 साल की उम्र में 1960 में आईएएस बन गये थे। सौभाग्य से उन्हें बिहार कैडर मिला था। बतौर, आईएएस इन्होंने अपने अनोखे अंदाज की बदौलत ब्यूरोक्रेसी में खूब नाम कमाया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि जब वे दुमका के जिलाधिकारी थे, तब बिहार के मुख्यमंत्री महामाया प्रसाद सिन्हा संथाल आए थे। आम लोगों की शिकायत पर जब सीएम ने क्लास लगायी थी तब उन्होंने जवाब में कहा था कि सर, आप एक आईएएस नहीं बन सकते। लेकिन मैं मुख्यमंत्री बन सकता हूं। हालांकि यशवंत सिन्हा कभी मुख्यमंत्री नहीं बन सके। झारखंड बनने के बाद उनकी दावेदारी मुख्यमंत्री के लिए बनी थी, लेकिन तबतक वह केंद्र की राजनीति में एक अलग मुकाम हासिल कर चुके थे। 1984 में प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर यशवंत सिन्हा जनता दल में चले गये। 1988 में जनता दल से राज्यसभा पहुंचे और 1990 में चंद्रशेखर की सरकार में मंत्री बने। लेकिन 1996 में भाजपा में आते ही उनका राजनीतिक ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में विदेश और वित्त मंत्री रहे। साल 2014 में नरेंद्र मोदी की केंद्र की राजनीति में उद्भव के साथ यशवंत सिन्हा अलग-थलग पड़े गये। बेशक, उन्होंने अपने पुत्र जयंत सिन्हा के लिए अपनी हजारीबाग सीट छोड़ दी। लेकिन वक्त के साथ भाजपा पर बयानों के तीर दागते रहे। इसका असर जयंत सिन्हा पर भी पड़ा। अब यशवंत सिन्हा 85 साल के हो गये हैं। उनके पास एक प्रशासक और राजनीतिज्ञ के रूप में लंबा अनुभव है। क्या यह राष्ट्रपति के चुनाव में मायने रखेगा?

पाकिस्तान में पेट्रोल 233 और डीजल 263 रुपये लीटर
Published / 2022-06-16 15:29:58
पाकिस्तान में पेट्रोल 233 और डीजल 263 रुपये लीटर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) से वित्तपोषण पाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने सब्सिडी को समाप्त करते हुए ईंधन कीमतों में 29 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि की है। सरकार ने राजकोषीय घाटे को कम करने और नकदी संकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अगुवाई वाली सरकार ने करीब 20 दिन में ईंधन सब्सिडी में यह तीसरी कटौती की है। वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने कहा कि नई कीमतें बुधवार यानी 15 जून मध्यरात्रि से लागू हो गई हैं। पेट्रोल की कीमतों में 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल (एचएसडी) में 59.16 रुपये प्रति लीटर की भारी वृद्धि हुई है। इन दोनों ईंधन का इस्तेमाल सभी लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से करते हैं। पेट्रोल की कीमतों में 25 मई को पहले ही 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। पेट्रोल की नई कीमत 233.89 रुपये प्रति लीटर, एचएसडी की 263.31 रुपये प्रति लीटर और केरोसिन या मिट्टी के तेल की कीमत 211.47 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि सभी उत्पादों की कीमतों को अब उनके खरीद मूल्य पर लाया गया है और सब्सिडी या मूल्य अंतर के तत्व को समाप्त कर दिया गया है। प्रधानमंत्री शरीफ ने बृहस्पतिवार को अलोकप्रिय कदमों का बचाव करते हुए कहा कि सरकार के पास कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने इसके लिए उन लोगों को जिम्मेदार ठहराया जिन्होंने आईएमएफ के साथ अबतक का सबसे खराब समझौता किया था। उन्होंने कहा, ह्यअगर हम तेल की कीमतों में वृद्धि नहीं करते हैं, तो देश को चूक का सामना करना पड़ सकता है।

पीएफआई और तब्लीगी जमात जैसे हिंसक संगठनों पर तत्काल प्रतिबंध लगे: बजरंग दल
Published / 2022-06-16 13:21:28
पीएफआई और तब्लीगी जमात जैसे हिंसक संगठनों पर तत्काल प्रतिबंध लगे: बजरंग दल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में इस्लामिक जेहादी हिंसा भड़काने वाले पॉपुलर फ्रंट आॅफ इंडिया (पीएफआई) और तब्लीगी जमात जैसे संगठनों पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए। जिन स्थानों पर हिंदू समुदाय अल्पसंख्यक हो गया है, वहां उसकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध किए जाएं। बजरंग दल ने ये मांगें 16 जून को देश भर में प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में की हैं। जम्मू कश्मीर के सुंदरबनी में बजरंग दल के धरने को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय कार्याध्यक्ष सीनियर एडवोकेट श्री आलोक कुमार ने कहा कि नूपुर और नवीन के मुकदमों में जब तक न्यायालय यह घोषणा नहीं करता कि उन्होंने कोई अपराध किया है, तब तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता। जेहादी और कट्टरपंथी मुस्लिम नेतृत्व को सावधान करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि वे आम मुसलमान को जुमे की नमाज या दूसरे अवसरों पर गुमराह कर हिंसा के रास्ते पर न धकेलें। उन्होंने कहा कि वे 15 मिनट के लिए पुलिस हटाने जैसे बयान देने वालों से भी कहना चाहते हैं कि यह 2022 का भारत है। आज की सरकार देश में कानून का शासन कायम रखने में समर्थ है। हिंदू समाज भी आत्मरक्षा के अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए गुंडागर्दी से निपटना भली-भांति जानता है। इस अवसर पर विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने हरियाणा के रोहतक में कार्यकतार्ओं को संबोधित करते हुए कहा कि जेहादी तत्व हिंसा के नंगे नाच से बाज आएं। हिंदुओं के विरुद्ध हिंसा और अत्याचारों पर अब पूर्ण विराम लगाना ही होगा। बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक श्री सोहन सिंह सोलंकी ने इस अवसर पर कहा कि हिंसक और आतंकी लोगों व संगठनों की चुनौतियों को बजरंग दल ने हमेशा से स्वीकार किया है। यदि हिंदू समाज पर हमले नहीं रुके, तो बजरंगी अच्छी तरह जानते हैं कि उनसे कैसे निपटा जाए। बजरंग दल के देशव्यापी धरने के बाद राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में मांग की गई है कि गत 3 और 10 जून को जुमे की नमाज के बाद मस्जिदों से निकली उन्मादी भीड़ और हमलावरों की पहचान कर उन पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाए। आगामी शुक्रवार 17 जून को इन मस्जिदों समेत दूसरी मस्जिदों पर भी निगरानी रखी जाए। साथ ही उन्मादी भीड़ को भड़काने वाले मुल्ला-मौलवियों, नेताओं की पहचान कर उन पर भी रासुका लगाई जाए। महामहिम राष्ट्रपति से बजरंग दल की मांग है कि जहरीले भाषण देने वाले सभी लोगों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए। जिन्हें धमकियां दी जा रही हैं, उन्हें तत्काल सुरक्षा दी जाए और धमकियां देने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जिन मस्जिदों और मदरसों से उन्मादी भीड़ निकलती है, उनकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए से कराई जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि यूं तो हिंदुओं का कोई त्यौहार जेहादियों के आतंक का निशाना बने बिना आम तौर पर नहीं रहता किंतु, इस वर्ष संवत् 2079 की प्रतिपदा यानि 2 अप्रैल, श्रीराम नवमी और हनुमान जयंती पर निकाली गई शोभायात्राओं पर हमलों ने सारे कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए। कट्टरपंथियों ने मस्जिदों से निकलकर हिंदुओं के घरों, दुकानों, वाहनों और सरकारी संपत्ति के साथ मंदिरों को भी नहीं छोड़ा। अनेक सुरक्षाकर्मी भी बुरी तरह घायल हुए। अनेक लोगों को जान से मारने की या यूं कहें कि सर तन से जुदा करने की धमकियां भी दी गईं। हिंदू मानबिंदुओं का उपहास उड़ाया गया, सार्वजनिक तौर पर गाली गलौज की गई और सेक्युलर बिरादरी के नेता और मुस्लिम संगठन इन सब बातों पर मौन साध गए, जो कि देश हित में नहीं है। उक्त जानकारी विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

देश में बिजली की मांग 45,000 मेगावॉट बढ़ी
Published / 2022-06-16 06:41:39
देश में बिजली की मांग 45,000 मेगावॉट बढ़ी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर भारत में भीषण गर्मी, अर्थव्यवस्था के विस्तार और लाखों "वंचित" घरों तक बिजली का कनेक्शन पहुंचने की वजह से देश में बिजली की मांग इस साल रिकॉर्ड 40,000 से 45,000 मेगावॉट प्रतिदिन बढ़ी है। केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने यह जानकारी दी। श्री सिंह ने कहा कि बिजली उत्पादन क्षमता में जोरदार सुधार, देश का एक पारेषण ग्रिड में एकीकरण और नरेंद्र मोदी सरकार के आठ साल के दौरान वितरण प्रणाली के मजबूत होने की वजह से आज सरकार 23 से 23.5 घंटे बिजली की आपूर्ति कर पा रही है। भारत की बिजली की मांग 9 जून को सर्वकालिक उच्चस्तर 2,10,792 मेगावॉट पर पहुंच गई। उस दिन बिजली की खपत 471.2 करोड़ यूनिट रही थी। श्री सिंह ने कहा, बिजली संयंत्र अपनी पूरी क्षमता पर परिचालन कर रहे हैं जिससे इस मांग को पूरा किया जा सके। सरकार ने घरेलू आपूर्ति को बढ़ाने के लिए कोयला आयात के ऑर्डर दिए हैं। मंत्री ने कहा, पिछले आठ साल में पूरे बिजली क्षेत्र में बदलाव आया है। 2014 से पहले देश में बिजली की कमी थी और बिजली कटौती सामान्य बात थी। श्री सिंह ने एक एनजीओ के सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली 12.5 घंटे मिलती थी। आज यह आंकड़ा 22.5 घंटे पर पहुंच चुका है। उन्होंने दावा किया कि भारत कभी बिजली की कमी वाला राष्ट्र होता था। बिजली की कमी 17 से 20 प्रतिशत थी। आज भारत बिजली अधिशेष वाला देश बन चुका है। मंत्री ने ब्योरा देते हुए कहा कि आठ साल में 1,69,000 मेगावॉट बिजली क्षमता जोड़ी गई है। हमारी कुल बिजली क्षमता 4,00,000 मेगावॉट (400 गीगावॉट) पर पहुंच चुकी है। वहीं अधिकतम बिजली की मांग 215 गीगावॉट ही है। श्री सिंह ने कहा कि 1.66 लाख सर्किट किलोमीटर पारेषण लाइन बिछाने के बाद आज पूरे देश को एक ग्रिड से जोड़ा गया है। पुरानी लाइनों को बदलकर वितरण प्रणाली को बेहतर किया गया है। उन्होंने कहा, आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा एकल फ्रीक्वेंसी बिजली ग्रिड है। उन्होंने कहा कि पहले हम देश के एक कोने से दूसरे कोने में सिर्फ 37,000 मेगावॉट बिजली स्थानांतरित कर पाते थे। आज हम 1,20,000 मेगावॉट बिजली स्थानांतरित करने की स्थिति में है। सिंह ने कहा, इसका परिणाम यह है कि आज बिजली की उपलब्धता बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की औसत उपलब्धता 23 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 23.5 घंटे पर पहुंच गई है।

रांची : सेना के अफसर बोले- अग्निपथ योजना से इंडियन आर्मी होगी मजबूत
Published / 2022-06-15 16:43:47
रांची : सेना के अफसर बोले- अग्निपथ योजना से इंडियन आर्मी होगी मजबूत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कॉकरेल डिवीजन के मेजर जनरल राजेश कुमार ने "अग्निपथ- सशस्त्र बलों में भर्ती की नई योजना" पर डिपाटोली स्थिति डिवीजन के मुख्यालय में मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना एक परिवर्तनकारी सुधार है। इसकी घोषणा 14 जून 2022 को रक्षा मंत्रालय द्वारा की गई है। अग्निपथ योजना के संबंध में जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में रांची में भी मीडिया को जानकारी दी गई। मेजर जनरल राजेश कुमार ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों को अधिक युवा, विविध और तकनीकी जानकार बनाने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत हुई है। युद्ध का स्वरूप बदल रहा है जिसके लिए भारतीय सशस्त्र बलों को खुद को ढालने की जरूरत है। मेजर जनरल राजेश कुमार ने कहा कि हमारे देश के विशाल युवा जनसंख्या को देखते हुए भविष्य के युद्धक्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने के लिए कुशल भर्ती की प्रक्रिया की आवश्यकता है। अग्निपथ योजना आईटीआई और अन्य तकनीकी प्रतिष्ठानों से भर्ती करके सैनिकों की तकनीकी सीमा बढ़ाएगी। यह 2030 तक भारतीय सशस्त बलों की औसत आयु प्रोफाइल को 32 वर्ष से घटाकर 24-26 वर्ष कर देगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह वर्दी में उन लोगों के प्रतिनिधित्व को औरों से अधिक भिन्न बना देगी। हालांकि, अब तक भर्ती राज्यों के भर्ती योग्य पुरुष आबादी पर आधारित थी, लेकिन देश के कुल 755 जिलों में से केवल 168 में ही 75% से अधिक का योगदान था। अब सभी 7226 ब्लॉकों को सेना में प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा। भारत के युवाओं में राष्ट्र की सेवा करने के लिए देशभक्ति की एक मजबूत भावना देखी जाती है। अग्निपथ योजना उन्हें छोटी और लंबी दोनों अवधि के लिए सेवा करने का अवसर प्रदान करेगी।सेवा में रहते हुए युवा सम्मानजनक वेतन और भत्ते प्राप्त करेंगे, जबकि 4 साल के बाद छोड़ने वालों को अपने दूसरे करियर में शामिल होने के लिए वित्तीय, तकनीकी और संस्थानिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त निकट भविष्य में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखने वाले बढ़ते भारत के लिए कुशल, अनुशासित और प्रेरित कार्यबल की आवश्यकता होगी। 2030 तक भारत की जनसंख्या लगभग 140 करोड़ हो जाएगी। जिसमें से 50 प्रतिशत की आयु 25 वर्ष से कम होगी। अग्निपथ योजना इस विशाल जनसांख्यिकीय लाभांश का अधिकतम उपयोग करने में सक्षम होगी। 4 साल के बाद छोड़ने वाले अग्निवीरों में से 75 फीसदी को अपने गैर सैन्य करियर में शामिल होने के लिए वित्तीय और तकनीकी दोनों रूप से सशक्त बनाया जाएगा।

अग्निपथ योजना : अमित शाह का ऐलान- 4 साल सेना में ड्यूटी के बाद "अग्निवीरों" को मिलेगा बड़ा मौका
Published / 2022-06-15 08:35:29
अग्निपथ योजना : अमित शाह का ऐलान- 4 साल सेना में ड्यूटी के बाद "अग्निवीरों" को मिलेगा बड़ा मौका

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने युवाओं को गौरवपूर्ण भविष्य तथा सशस्त्र बलों से जुड़कर राष्ट्रसेवा का अवसर देने के लिए अग्निपथ योजना की घोषणा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया है। इसी के साथ ही शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने इस योजना में 4 साल पूरा करने वाले अग्निवीरों को CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस निर्णय से "अग्निपथ योजना" से प्रशिक्षित युवा आगे भी देश की सेवा और सुरक्षा में अपना योगदान दे पाएंगे। इस निर्णय पर विस्तृत योजना बनाने का काम शुरू हो गया है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "अग्निपथ योजना" से प्रशिक्षित युवा आगे भी देश की सेवा और सुरक्षा में अपना योगदान दे पाएंगे। वहीं इससे पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा था कि बहुत से मंत्रालयों और राज्य सरकारों ने यह इच्छा व्यक्त की है कि उनके मंत्रालयों, कॉरपोरेशनों में अगर कोई भर्ती आती है जो अग्निवीर को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को ही घोषणा कर दी कि अग्निवीर योजना के तहत सेना में काम करने वाले जवानों को मध्य प्रदेश पुलिस में प्राथमिकता दी जाएगी। राष्ट्र के समक्ष पेश आने वाली भावी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में मंगलवार को आमूलचूल परिवर्तन करते हुए, थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी अग्निपथ नामक योजना की घोषणा की, जिसके तहत सैनिकों की भर्ती चार साल के लिए की जाएगी। अधिक योग्य और युवा सैनिकों को भर्ती करने के लिए दशकों पुरानी चयन प्रक्रिया में बड़े बदलाव के संबंध में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे और चयन के लिए पात्रता आयु 17.5 साल से 21 साल के बीच होगी और इन्हें अग्निवीर नाम दिया जाएगा। रोजगार के पहले साल में एक अग्निवीर का मासिक वेतन 30,000 रुपए होगा, लेकिन हाथ में केवल 21,000 रुपए ही आएंगे। हर महीने 9,000 रुपए सरकार के समान योगदान वाले एक कोष में जाएंगे। इसके बाद दूसरे, तीसरे और चौथे वर्ष में मासिक वेतन 33,000 रुपए, 36,500 रुपये और 40,000 रुपए होगा। प्रत्येक अग्निवीर को सेवा निधि पैकेज के रूप में 11.71 लाख रुपए की राशि मिलेगी और इस पर आयकर से छूट मिलेगी। यह भर्ती अखिल भारतीय, अखिल वर्ग के आधार पर की जाएगी। इससे उन कई रेजींमेंट की संरचना में बदलाव आएगा, जो विशिष्ट क्षेत्रों से भर्ती करने के अलावा राजपूतों, जाटों और सिखों जैसे समुदायों के युवाओं की भर्ती करती हैं।

कोरोना : कल के मुकाबले 3 हजार से ज्यादा मिले मामले, 15 की मौत
Published / 2022-06-15 08:30:59
कोरोना : कल के मुकाबले 3 हजार से ज्यादा मिले मामले, 15 की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में एक बार फिर से कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली है। कल के मुकाबले आज फिर से नए मामलों में बढ़ौतरी हुई। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 8,822 नए मामले सामने आए हैं, वहीं 15 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। इस आंकड़े के बाद भारत में कुल एक्टिव मामलों की संख्या 53,637 तक पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 5,718 लोग डिस्चार्ज हुए। नए कोरोना मामलों के बाद कोरोना के कुल मामलों की संख्या 4,32,45,517 तक पहुंच चुकी है, वहीं कुल रिकवरी 4,26,67,088 हैं। कोरोना से होने वाली कुल मौतों की संख्या 5,24,792 तक पहुंची है। देश में वैक्सीनेशन भी तेजी से चल रहा है। अब तक 1,95,50,87,271 कुल वैक्सीनेशन हो चुका है। बता दें कि कल 14 जून को कुल 6594 नए मामले सामने आए थे, वहीं आज 15 जून को इनमें करीब 3 हजार का इजाफा देखने को मिला है।

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