एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व को आज सलाह दी कि वे प्राथमिक सदस्यों के लिए जिला स्तर पर सम्मेलनों का आयोजन करें तथा पार्टी के कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि वे वोट की राजनीति से ऊपर उठ कर देश के विकास एवं समाज के कल्याण के लिए जुटें और समाज के सभी वर्ग खासकर हाशिये पर पड़े लोगों से भावनात्मक संबंध स्थापित करें।श्री मोदी ने सोमवार को शुरू हुई भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के समापन अवसर पर अपने मार्गदर्शक संदेश में यह बात कही। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने प्रधानमंत्री के भाषण के मुख्य बिन्दुओं की जानकारी संवाददाताओं को देते हुए कहा कि आज का प्रधानमंत्री जी का उद्बोधन प्रेरक भी था, दिशा दर्शक भी था और नई राह दिखने वाला था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के कार्यकाल को अगले वर्ष लाेकसभा चुनाव के लिए जून 2024 तक बढ़ा दिया गया है। राजधानी में हो रही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करके श्री नड्डा का कार्यकाल जून 2024 तक बढ़ाने का फैसला लिया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यकारिणी की बैठक में यह प्रस्ताव किया जिसका सभी सदस्यों ने हर्षध्वनि से समर्थन किया। श्री नड्डा का मौजूदा कार्यकाल 20 जनवरी को पूरा हो रहा है। इस फैसले की जानकारी देते हुए पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यहां संवाददाताओं को बताया कि श्री नड्डा के तीन वर्ष के कार्यकाल में भारतीय जनता पार्टी के ब्रॉण्ड एवं जनाधार बढ़ा है और यश प्राप्त हुआ है।श्री शाह ने कहा कि उनके नेतृत्व में 73 चुनावों में विजय हासिल हुई है। बूथ सशक्तीकरण योजना में एक लाख 30 हजार बूथों को मजबूत करने का काम किया। तेलंगाना एवं पश्चिम बंगाल में पार्टी के पक्ष में मजबूत माहौल बना। लोकसभा प्रवास योजना कामयाब रही है। जम्मू कश्मीर में ब्लॉक विकास परिषद के चुनावों भाजपा का यश बढ़ा है। घर घर तिरंगा अभियान में जन जन में राष्ट्र्भक्ति एवं तिरंगे के प्रति सम्मान को बढ़ाने का काम किया गया है। मन की बात को जन अभियान बनाने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर सेवा पखवाड़ा मनाने तथा कोविड महामारी के दौरान सेवा की संगठन जैसे कार्यक्रम की रचना की।गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि श्री नड्डा की अध्यक्षता में भाजपा को 2024 में वर्ष 2019 के चुनावों की तुलना में अधिक बहुमत से भाजपा चुनाव जीतेगी और श्री मोदी पुन: प्रधानमंत्री बन कर देश की सेवा करेेंगे। गृह मंत्री ने श्री नड्डा को उनके आगे के सफल कार्यकाल के लिए बधाई और अनंत शुभकामनाएं दी।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। केरल में एक बार फिर कोरोना महामारी के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। यही वजह है कि केरल सरकार ने राज्य में फिर से सभी जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। सरकार ने इसे लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। जिसके तहत सभी सार्वजनिक जगहों, कार्यस्थलों और सामाजिक स्थानों पर सभी लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।साथ ही राज्य सरकार ने लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को भी कहा है, जिससे कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। सरकार के निर्देश के अनुसार, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की यह गाइडलाइन अगले 30 दिनों तक राज्य में लागू रहेगी। सरकार ने सभी दुकानों, थिएटर और विभिन्न जगहों पर सैनिटाइजर का प्रबंध करने के निर्देश भी दिए हैं। सोमवार को देश में कोरोना के 114 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना के एक्टिव मामले 2119 हैं। राहत की बात ये है कि देश में कोरोना से रिकवरी की दर 98 फीसदी से ज्यादा हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये आंकड़े जारी किए हैं।कोरोना के एक्सबीबी 1.5 वैरिएंट ने अमेरिका समेत यूरोप के कई देशों में भारी तबाही मचाई थी। उस वैरिएंट के भारत में 26 मामले सामने आए हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में राजधानी दिल्ली में कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है। साथ ही दिल्ली में बीते 24 घंटे में कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई है। दिल्ली में अभी कोरोना मरीजों की संख्या 10 है और इनमें से भी 9 आइसोलेशन में अपने घर पर इलाज करा रहे हैं।बता दें कि भारत में जहां इन दिनों कोरोना से राहत है, वहीं चीन में महामारी से हालात खराब हैं। चीन की पेकिंग यूनिवर्सिटी की रिसर्च के मुताबिक चीन में 64 फीसदी आबादी यानी कि करीब 90 करोड़ लोग कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। चीन के हेनान प्रांत की 89 फीसदी, युनान की 84 फीसदी और किंघाई प्रांत की 80 फीसदी आबादी कोरोना संक्रमित हो चुकी है। यही वजह है कि अब चीन से कोरोना महामारी के दुनिया के बाकी हिस्सों में भी कोरोना के मामले फिर से बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री राव साहेब पाटिल दानवे के आगमन को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारी पूरी कर ली है। केंद्रीय मंत्री रेल मार्ग से हावड़ा से साहिबगंज आयेंगे। मंगलवार सुबह 6 बजे वे साहिबगंज स्टेशन आयेंगे। उनके आगमन को लेकर शहर में भाजपा का झंडा लगाया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, और राज्य मंत्री के होर्डिंग पूरे शहर में लगाये गये हैं। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्त्ता रेल राज्य मंत्री के आगमन को लेकर काफी उत्साहित हैं। भाजपा कार्यकर्त्ताओं द्वारा केंद्रीय रेल राज्य मंत्री का रेलवे स्टेशन पर जोरदार स्वागत किया जायेगा। मालूम हो कि पिछले साल सितंबर महीने में भी राजमहल लोकसभा में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री का प्रवास हुआ था। मंगलवार को केंद्रीय रेल राज्य मंत्री विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
क्यों 9 राज्यों के चुनाव हैं 2024 के सेमीफाइनलभाजपा का मिशन 116 कैसे होगा फाइनलएबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक खत्म हो चुकी है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने बैठक के बाद यह भी बताया कि इस दौरान किन बातों पर चर्चा हुई। रविशंकर प्रसाद की बातों का लब्बोलुआब समझें तो भाजपा की निगाह 2023 में नौ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों और उसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव पर है। जाहिर सी बात है कि 2024 के आम चुनावों के लिए 2023 में नौ राज्यों के विधानसभा चुनाव सेमीफाइनल सरीखे हैं। दिलचस्प बात है कि इन नौ राज्यों में कई जगहों पर भाजपा सत्ता में है और कई जगहों पर सत्ता में वापसी की योजना भी बना रही है।आइये सबसे पहले बात करते हैं उन राज्यों की जहां पर साल 2023 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन राज्यों में- मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, त्रिपुरा, तेलंगाना, मेघालय, नगालैंड और मिजोरम हैं। अगर इन राज्यों में सत्ताधारी दलों की बात करें तो एमपी, कर्नाटक और त्रिपुरा में भाजपा शासन है, जबकि मेघालय और त्रिपुरा में भाजपा गठबंधन है। वहीं, छत्तीसगढ़ और राजस्थान दो ऐसे राज्य हैं, जहां भाजपा फिर से सत्ता में वापसी की राह देख रही है। अगर बात करें भाजपा के मिशन 2024 की तो वह एक बार फिर से केंद्र में सत्ता में आना चाहती है। ऐसे में लोकसभा का सेमीफाइनल माने जा रहे 2023 के विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन उसके लिए काफी अहम होगा। अब बात करें इन राज्यों में लोकसभा सीटों की तो यहां कुल 116 सीटें हैं। इनमें सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश में 29, कर्नाटक में 28 और राजस्थान में 25 लोकसभा सीटें हैं। अन्य प्रदेशों में तेलंगाना 17, छत्तीसगढ़ 11, त्रिपुरा 2, मेघालय 2, नागालैंड 1 और मिजोरम एक लोकसभा सीट वाला प्रदेश है। इन 116 सीटों पर बेहतर प्रदर्शन के लिए भाजपा को सभी नौ राज्यों पर फोकस करना होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वह अपनी क्षमता का उपयोग संगठन को आगे बढ़ाने में करें। संघ प्रमुख राउरकेला में अपने तीन दिवसीय प्रवास के पहले दिन रविवार को राउरकेला के सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित बैठक में मंडल और बस्ती प्रमुखों से साथ आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्वयंसेवकों से सीधा संवाद किया।स्वयंसेवकों की ओर से पूछे गये प्रश्नों का भी उन्होंने सहज ढंग से जवाब देकर समझाने का प्रयास किया। प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में उन्होंने स्वयंसेवकों को संघ कार्य को आगे बढ़ाने, काम के दौरान आने वाली परेशानियों को दूर करने, लोगों को संगठन से जोड़ने, विचार का प्रसार करने, लोगों में राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र धर्म की भावना जगाने, संघ के मानव कल्याण के अभियानों को आगे बढ़ाने तथा शाखा विस्तार के संबंध में जानकारी दी। बैठक में राउरकेला विभाग के अंतर्गत आने वाले जिले राउरकेला, सुंदरगढ़ और झारसुगुड़ा के सभी मंडलों से दो-दो स्वयंसेवक तथा राउरकेला महानगर की सभी बस्तियों से दो-दो स्वयंसेवक शामिल हुए। यहां तीनों जिले को मिलाकर अभी 130 मंडल और 115 बस्तियां हैं। दोपहर तक चली इस बैठक में संघ प्रमुख ने कहा कि जहां शाखा नहीं चल रही है वहां अभी साप्ताहिक मिलन प्रारंभ करें। अगले वर्ष मार्च तक उन सभी स्थानों पर शाखा प्रारंभ करें।
मकर संक्रांति : प्रशासन अलर्ट, 2000 पुलिसकर्मी तैनातएबीएन सेंट्रल डेस्क। मकर संक्रांति के पर्व के साथ ही तमिलनाडु में जल्लीकट्टू का आयोजन भी शुरू हो गया है। इसे लेकर प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। बता दें कि पोंगल से लेकर अगले 4 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में रविवार को मदुरै के अवानियापुरम इलाके में करीब 60 लोग घायल हो गये। इनमें से 20 गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें राजाजी अस्पताल रेफर कर दिया गया है। मदुरै के जिला कलेक्टर अनीश शेखर ने बताया कि सामान्य रूप से घायल लोगों को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। आयोजन के दौरान अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है।जिला कलेक्टर ने पालामेडु इलाके में जल्लीकट्टू के आयोजन पर बताया कि सभी जरूरी इंतजाम कर दिए गए हैं। जगह-जगह बैरीकेड लगाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जल्लीकट्टू के आयोजन के दौरान बैल और खेल में भाग लेने वाले सभी लोग सुरक्षित रहें। साथ ही दर्शकों की सुरक्षा का भी ख्याल रखा गया है। विभिन्न जगहों पर करीब 2000 पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं।जिला कलेक्टर ने बताया कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि किसी को चोट ना लगे लेकिन अगर कोई घायल हो जाता है तो उसके इलाज के पूरे इंतजाम किये गये हैं। अनीश शेखर ने बताया कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि सबकुछ आराम से संपन्न हो जाये। बता दें कि जल्लीकट्टू तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में खेला जाने वाला पारंपरिक खेल है, जिसमें बैलों की इंसानों से लड़ाई होती है। जल्लूकट्टू को तमिलनाडु के गौरव और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। हालांकि इस आयोजन के दौरान कई बार लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने जल्लीकट्टू के आयोजन के लिए दिशा-निर्देश जारी किये थे। हालांकि सभी इंतजामों के बावजूद काफी लोग जल्लीकट्टू के दौरान घायल हो जाते हैं।
रिपोर्ट में हुआ खुलासाएबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनिया में अमीरी और गरीबी के फर्क को लेकर लंबी बहस छिड़ी हुई है। हालांकि, भारत जैसे विकासशील देश में भी यह अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है। ऑक्सफैम की हालिया रिपोर्ट में इससे जुड़े कई खुलासे भी हुए हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 21 सबसे अमीर अरबपतियों के पास मौजूदा समय में देश के 70 करोड़ लोगों से ज्यादा दौलत है। ऑक्सफैम की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से नवंबर 2021 तक जहां अधिकतर भारतीयों को नौकरी संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा और सेविंग्स बचाने के लिए जूझना पड़ा, वहीं पिछले साल नवंबर तक भारतीय अरबपतियों की संपत्ति में 121 फीसदी का इजाफा देखा गया। कोरोना महामारी के इस दौर में भी भारत के अरबपतियों की दौलत में प्रतिदिन 3 हजार 608 करोड़ रुपये हर दिन बढ़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में भारत के पांच फीसदी लोगों का देश की कुल संपत्ति में से 62 फीसदी हिस्से पर कब्जा था। वहीं, भारत की निचली 50 फीसदी आबादी का देश की महज तीन फीसदी संपत्ति पर कब्जा रहा। ऑक्सफैम की यह रिपोर्ट- सर्वाइवल ऑफ द रिचेस्ट: द इंडिया स्टोरी के मुताबिक, भारत में जहां 2020 में अरबपतियों की संख्या 102 थी, वहीं 2022 में यह आंकड़ा 166 पर पहुंच गया है। यह रिपोर्ट सोमवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पेश की जायेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आज माघ कृष्ण अष्टमी 15 जनवरी रविवार को कुलपति रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी डॉ अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में चल रही दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। इसे भारतीय एग्रो - इकोनॉमिक रिसर्च सेंटर, नई दिल्ली एवं रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। आज की अध्यक्षता प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ एसएस सिंह ने की। डॉ आशुतोष मुरकुटे ने मानव संसाधन प्रबंधन, विभिन्न स्तरों के भौगोलिक क्षेत्रों, कार्य क्षेत्रों, कार्यकर्ताओं की निपुणता एवं कौशल्य आदि के विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि समाज में हमें ऐसा कार्य करना चाहिए, जिसमें हमारे देश का भला हो और देश का नाम हो। डॉ भरत कुलकर्णी ने कहां की आज अंतरराष्ट्रीय बाजारों से किसान जुड़ रहा है चाहे वह काफ़ी का क्षेत्र हो, तिल का क्षेत्र हो, बाजरे का क्षेत्र हो, इसमें किसानों ने बाजार से जुड़कर लाभ लेना शुरू किया है। छत्तीसगढ़ से आये सुरेंद्र ने लैब और लैंड, लैंड और लैब पर कहा कि हमारे देश के कृषि वैज्ञानिक शोध बहुत सुंदर कर रहे हैं। इनका परिणाम भी हमको सकारात्मक मिलने लगा है। उनकी शोध के द्वारा ही छत्तीसगढ़ के किसानों को मछली पालन में अधिक लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। यहां पर किसान ऑर्गेनिक काफ़ी भी पैदा कर रहे हैं। उपाध्यक्ष भारतीय एग्रो - इकोनॉमिक रिसर्च सेंटर के डॉ श्रवण कुमार दुबे ने सर्वेक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ एसएस सिंह ने भारतीय एग्रो रिसर्च सेंटर किस तरह किसानों के हित में कार्य करेगा तथा सर्वेक्षण पद्धतियां पर अपना विस्तार से व्याख्यान दिया। भारत में जीएम तथा कृषि क्षेत्र विषय पर अद्यिष्ठाता कृषि रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झॉंसी डॉ एसके चतुर्वेदी ने अपने विचार रखें। डॉ सुनील पारीक ने कृषि क्षेत्र से संबंध विषयों हेतु सही धारणा की आवश्यकता पर सुझाव दिया। अध्यक्ष भारतीय एग्रो इकोनामिक रिसर्च सेंटर एडवोकेट प्रमोद कुमार चौधरी एवं महामंत्री डॉ मकरंद करकरें ने मुक्त चिंतन पर व्याख्यान दिया। भारतीय किसान संघ के सचिव दिनेश दत्तात्रेय कुलकर्णी ने नीति क्या होती है, कार्यक्रम कैसे बनते हैं, हमारी क्या भूमिका है, कार्यकर्ताओ से अपेक्षाएं विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी। अतिथियों द्वारा सभी पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसमें भारत देश के प्रत्येक प्रांत से प्रतिनिधि यहां उपस्थित हुएं और किसान हित की बात रखी। इस कार्यशाला मैं तेलंगाना, कर्नाटका, केरल, नई दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत देश के सभी प्रांत से कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संचालन डॉ आशुतोष मुरकटे एवं आभार डॉ श्रवण कुमार दुबे ने किया।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.