एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना/ रोहतास। राज्य में चल रहे जमीन सर्वे के दौरान भौतिक सत्यापन या किस्तवार प्रक्रम के समय जमीन मालिक की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि संबंधित जमीन मालिक की मौजूदगी आवश्यक नहीं है, हालांकि यह अनिवार्यता के दायरे में नहीं आती है। विभाग ने बताया है कि यदि जमीन मालिक स्वयं स्थल पर उपस्थित नहीं हो सकते, तो उनके किसी भरोसेमंद और अधिकृत प्रतिनिधि की उपस्थिति सर्वे कर्मियों को भूखंड की पहचान में मदद कर सकती है।
हालांकि, प्रतिनिधि भेजना भी अनिवार्य नहीं है, लेकिन यदि कोई मौजूद रहता है तो इससे सर्वे प्रक्रिया में आसानी होती है। साथ ही, सर्वे के दौरान आने वाली किसी भी समस्या या शिकायत के लिए विभाग ने एक टोल फ्री नंबर (18003456215) जारी किया है, जिस पर जमीन मालिक संपर्क कर सकते हैं। सर्वे प्रक्रिया के तहत वंशावली और खतियान से जुड़े सवाल सबसे अधिक आ रहे हैं।
वंशावली तैयार करने के लिए किसी पंचायत प्रतिनिधि से हस्ताक्षर कराना आवश्यक नहीं है। जमीन मालिक या उनके वंशज स्वघोषणा प्रपत्र-2 भरकर अंचल कार्यालय के शिविर में जमा कर सकते हैं या भू-अभिलेख की वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, प्रपत्र-3(1) में वंशावली तैयार कर उसे भी शिविर में जमा करें या आनलाइन अपलोड करें और राजस्व रसीद की छायाप्रति संलग्न करें।
अगर जमीन क्रय, दान, या बदलाव से संबंधित है, तो उसके दस्तावेज की छायाप्रति जमा करनी होगी। अगर किसी भूमि पर न्यायालय का कोई आदेश है, तो उसकी प्रति भी संलग्न करनी होगी। बंदोबस्त भूमि या भूदान प्रमाणपत्र या वासगीत पर्चा की छायाप्रति भी जमा करना आवश्यक है। जमाबंदी रैयत के जीवित होने पर स्वघोषणा प्रपत्र-2 ही पर्याप्त होगा और वंशावली की जरूरत नहीं होगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वंशावली पर ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि का हस्ताक्षर आवश्यक नहीं है और इसके लिए कार्यपालक दंडाधिकारी या नोटरी पब्लिक के समक्ष शपथ पत्र देने की भी कोई आवश्यकता नहीं है। विभाग का उद्देश्य इस प्रक्रिया को सरल बनाकर लोगों के बीच उत्पन्न किसी भी भ्रम को दूर करना है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के बांका जिले में तेज रफ्तार एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटीलिटी व्हीकल) ने छह लोगों को रौंद दिया, जिससे उनकी मौत हो गयी। राहगीरों ने घायल कांवड़ियों को अस्पताल पहुंचाया। 4 कांवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गयी थी। वहीं 2 कांवड़ियों ने आज सुबह अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या 6 हो गयी।
वहीं हादसे में करीब 10 कांवड़िये घायल भी हुए। बांका रऊट अविनाश कुमार और रऊढड बिपिन बिहारी ने हादसे की पुष्टि की, लेकिन आज सुबह पुलिस को कांवड़ियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। कावंड़िये आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे, इस दौरान उन्होंने पुलिस वाहन में तोड़-फोड़ करते हुए आग लगा दी। बताया जा रहा है कि कांवड़ियों का झुंड सुल्तानगंज से गंगा जल लेकर जस्त गौर नाथ महादेव मंदिर जा रहा था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, एसयूवी का चालक दुर्घटना के बाद तुरंत मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना रात के समय हुई जब पैदल यात्री सड़क किनारे चल रहे थे। पुलिस वाहन चालक की तलाश में जुटी हुई है।
बांका के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान अमरपुर के गांव रामचंद्रपुर इटहरी निवासी 50 वर्षीय राम चरण तांती, गौतम यादव की पत्नी पुतुल देवी, रजौन के मोहनपुर गांव के अर्जुन यादव की पत्नी 50 वर्षीय ललिता देवी, अरुण पासवान की पत्नी 45 वर्षीय चुन्नी देवी, दिनेश यादव की पत्नी 45 वर्षीय सुमित्रा देवी और शोभानपुर गांव निवासी सहदेव यादव की बेटी 17 वर्षीय लक्खी कुमारी के रूप में हुई।
3 महिलाओं और एक व्यक्ति की मौत मौके पर हो गयी थी। लक्खी कुमारी और पुतुल देवी ने मायागंज अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा। हादसे में करीब 10 लोग घायल भी हुए हैं, जिनका उपचार चल रहा है। छहों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। हादसे के आरोपी स्कोर्पियो ड्राइवर को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे कांवड़ियों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। उनके गुस्से का सामना पुलिस को करना पड़ा।
बांका के एसडीपीओ बिपिन बिहारी ने बताया कि हादसा बांका जिले में शंभूगंज इंग्लिश मोड़ पथ पर नगरडीह मोड़ के पास शुक्रवार की रात करीब 8 बजे हुआ था। हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन लोग भड़क गये। आक्रोशित लोगों के हमले में दारोगा बबन मांझी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अमरपुर रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अमरपुर और रजौन थाना क्षेत्र के लोगों का जत्था जेठौरनाथ मंदिर जल अर्पित करने जा रहा था। रजौन थाना के चिलकावप डुमरिया गांव के दिलीप शर्मा ने करीब 400 लोगों के सुल्तानगंज से जेठौरनाथ जाने की सूचना दी थी। लोग रथ लेकर पैदल नाचते-गाते झूमते हुए जेठौरनाथ मंदिर जा रहे थे और जत्थे का ठहराव रात में भरको गांव में था, लेकिन नगरडीह के मोड़ पर पहुंचते ही हादसे का शिकार हो गये। अनियंत्रित स्कोर्पियो को देखकर श्रद्धालुओं में अफरा तफरी मच गयी थी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान में लगे वायु सेवा के एक उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर को बुधवार सुबह तकनीकी खराबी के कारण आपात स्थिति में बाढ़ के पानी में उतरना पड़ा, हालांकि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।
वायु सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया, बिहार के बाढ़ प्रभावित सीतामढ़ी सेक्टर में राहत और बचाव अभियान में लगे वायु सेवा की एक उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर को तकनीकी तकनीकी खराबी के कारण एहतियातन बाढ़ के पानी में उतरना पड़ा।
हेलीकॉप्टर के चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और इस घटना में किसी भी तरह के जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। वायु सेना ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार यह घटना हेलीकॉप्टर का इंजन फेल होने के कारण हुई है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना/रांची। देशभर में जितिया व्रत का त्योहार मनाया जा रहा है। 3 दिवसीय उत्सव के दौरान लोग गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। खासकर बिहार में इस त्योहार को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला, लेकिन बुधवार को जितिया स्नान के दौरान कई हादसे में हुए। अलग-अलग शहरों में हुए हादसों में करीब 50 लोगों के उफनती गंगा में डूबने की खबर है, इनमें से 40 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
अकेले औरंगाबाद में तालाब में नहाते समय 10 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा चंपारण, सारण, सीवान, पटना, रोहतास, अरवल, कैमूर में भी हादसे हुए हैं। इन हादसों पर बिहार सरकार ने संज्ञान लेकर जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।
जितिया स्नान के लिए तालाब में नहाने उतरे 8 लोगों की डूबने से मौत हो गई। मरने वालों में 2 महिलाएं और 6 बच्चियां शामिल हैं। यह हादसा बारुण शहर के इटहट गांव और मदनपुर शहर के गांव कुशा में हुआ। कुशा गांव के तालाब और इंटहट गांव से गुजर रही बटाने नदी से 4-4 बच्चों की लाशें मिलीं।
मृतकों की पहचान कुशहा गांव निवासी उपेन्द्र यादव के 8 वर्षीय बेटे अंकज कुमार, बीरेंद्र यादव की 13 वर्षीया बेटे सोनाली कुमारी, युगल यादव की 12 साल की बेटी नीलम कुमारी, सरोज यादव की 12 साल की बेटी राखी कुमारी उर्फ काजल कुमारी, इटहट गांव निवासी गौतम सिंह की 19 साल की बेटी निशा कुमारी, 11 साल की अंकु कुमारी, गुड्डू सिंह की 12 साल की बेटी चुलबुली, मनोज सिंह की 10 साल की बेटी लाजो कुमारी के रूप में की गई है।
मोतिहारी, चंपारण, रोहतास में लोग डूबे
पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के तहत आने वाली सुनौती नदी में उपेंद्र कुमार यादव का 8 वर्षीय बेटा शैलेश कुमार और संजय कुमार यादव की 5 साल की बेटी अंशु प्रिया डूब गई। परसौनी गांव निवासी रंजीत साह पत्नी रंजीता देवी (35) और 12 साल की बेटी राजनंदनी कुमारी डूब गई।
हरसिद्धि थाना क्षेत्र के तहत आने वाले गांव विशुनपुरा के बाबूलाल राम के 10 साल के बेटे की डूबने से मौत हुई। चंपारण के गांव दानियाल परसौना में मनोज पटेल के 10 साल के बेटे शिवम कुमार और खोभारी साह के 11 साल के पुत्र विवेक कुमार की मौत हुई।
सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र के तहत आने वाले गांव सबदरा राधे श्याम साह की 12 साल की बेटी शोभा कुमारी की मौत हो गई।दाउदपुर थाना क्षेत्र के तहत आने वाले गांव भरवलियां में श्रवण प्रसाद सोनी के 13 साल के बेटे गोलू कुमार की मौत हुई।
सीवान जिले के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के तहत आने वाले गांव पकवालिया मुखिया यादव के बेटे शुभम यादव की मौत हुई। पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के तहत आने वाले गांव अमनाबाद हलकोरिया चक में शिवनारायण राय की बेटी अंजली कुमारी की मौत हुई।
रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के तहत आने वाले एक गांव में 8 साल के बच्चे की डूबने से मौत हो गई। बख्तारी सूर्य मंदिर के तालाब में 8 साल की बच्ची डूब गई। कैमूर जिले के सोनहन थाना क्षेत्र के तहत आने वाले गांव तरहनी में सोहन बिंद के 10 साल के बेटे रोहन बिंद की मौत हो गयी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, बेतिया। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में शिकारपुर थानांतर्गत नरकटियांगज झ्र बेतिया रेलखंड के कोइरगवा ढाला के समीप सोमवार को ट्रेन से कट कर एक छात्रा की मौत हो गयी। पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि शिकारपुर इलाके में ट्रेन से कटकर एक छात्रा की मौत हो गयी।
मृतक की पहचान हरसरी निवासी स्व दुर्गा पांडेय की पुत्री उजाला कुमारी 15 वर्ष के रूप में की गयी है। घटना की सूचना पर शिकारपुर थानाध्यक्ष अवनीश कुमार पर पहुंचे। हालांकि, ग्रामीणों एवं परिजनों ने क्षत-विक्षत शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, बेतिया। बिहार में पश्चिम चम्पारण जिले के सिरिसिया थाना क्षेत्र में प्रोपर्टी डीलर को गोली मारकर पांच लाख रुपये के लूट के मामले में शिकायतकर्ता समेत पांच लोगो को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक अमरकेश डी ने बुधवार को यहां बताया कि प्रोपर्टी डीलर आदित्य तिवारी ने ही स्वयं पैसा गबन करने के लिए इस नाटकीय घटनाक्रम को अंजाम दिलवाया था। गिरफ्तार लोगों में कुमारबाग के बकुचिया निवासी आदित्य तिवारी, लौरिया के गोबरौरा निवासी यश मिश्रा, कुमारबाग के मलकौली निवासी अम्बुज पांडेय, नवनीत राय एवं कुमारबाग के हीं उपाध्याय टोला निवासी नवनीत ठाकुर शामिल है।
छह सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि सिरिसिया थाना क्षेत्र में अज्ञात अपराधियों ने प्रोर्पटी डीलर आदित्य तिवारी को गोली मारते हुए पांच लाख रुपये लूट लिया है। हालांकि, बाद में पुलिस को दिये गये बयान में आदित्य तिवारी ने उक्त राशि तीन लाख रुपये बतायी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना/पूर्णिया। बिहार में 1954 के बाद 70 साल बाद फिर से सर्वे का काम शुरू हो गया है। इस बार पूर्णिया के सभी 14 अंचलों समेत बिहार के सभी अंचलों में एक साथ जमीन का सर्वे का काम शुरू हो गया है। हालांकि पूर्णिया के शहरी इलाके यानि नगर निगम क्षेत्र में अभी सर्वे नहीं हो रहा है। सर्वे को लेकर सभी गांव में पहले आमसभा हो रही है, जहां अधिकारी गांव में जाकर लोगों को बता रहे हैं कि किस तरह सर्वे का काम किया जाना है। क्या-क्या कागजात उसमें लगेंगे। आज पूर्णिया के सुखसेना गांव में भी मुखिया सरिता देवी के नेतृत्व में आमसभा का आयोजन किया गया, जहां अधिकारियों ने लोगों को सर्वे के बाबत जानकारी दी।
वहीं इस बाबत अपर समाहर्ता सह जिला बंदोबस्त पदाधिकारी रवि राकेश ने कहा कि बिहार में लंबे समय से सर्वे का काम नहीं हुआ था, जिस कारण कई तरह की समस्याएं होती थी। वहीं जमीन विवाद काफी बढ़ गया था। अब इस सर्वे के होने से सबसे अधिक फायदा होगा कि सारी जमीन आॅनलाइन हो जायेगी। सभी भूधारी के नाम से अपना खतियान बन जायेगा और वह खतियान आॅनलाइन हो जायेगा। इसलिए अब भूधारी को परेशानी नहीं होगी। लोग कहीं भी बैठे हुए कभी भी अपने जमीन के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
एडीएम ने कहा कि यह सर्वे सभी गांव में एक साथ हो रहा है। इसलिए सभी लोग अपने-अपने कागजात दुरुस्त कर लें। उन्होंने कहा कि जिनके पास जो भी कागज है उस कागज के साथ फॉर्म भरकर वह आनलाइन भी जमा कर सकते हैं। कोई भी व्यक्ति कहीं भी बैठे-बैठे एप के माध्यम से आॅनलाइन फार्म जमा कर सकते हैं। इसके अलावा आफलाइन भी सुविधा दी गयी है। लेकिन, ज्यादा से ज्यादा लोग आॅनलाइन करेंगे तो उसमें गड़बड़ी की आशंका कम रहेगी। उन्होंने कहा कि तीन चरणों में सर्वे का काम होगा।
एडीएम के अनुसार पहले चरण में अधिकारी और सर्वे की टीम सभी गांव में जाकर आम सभा करेगी। लोगों को जागरूक करेगी। लोगों को सर्वे के नियम कानून के बारे में बतायेगी। इसके बाद आपसे आवेदन लिया जायेगा। फिर आवेदन लेने के बाद उसके सत्यापन के लिए अमीन और सर्वे की टीम आपके खेतों में जायेगी और वहां जाकर मुआयना करेगी। उन्होंने कहा कि पूर्णिया जिला में सर्व को लेकर कुल 243 अमीन, 28 कानूनगो और 14 सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी की नियुक्ति की गयी है।
अपर समाहर्ता ने कहा कि 16 अगस्त से 4 सितंबर तक आमसभा का आयोजन किया जायेगा, जिसमें अधिकारी और सर्वे अमीन गांव में जाकर लोगों को जानकारी देंगे। इस बीच में अपने सभी कागजात दुरुस्त कर लें। इसके बाद खतियान, लगान रसीद या जो भी वैध कागजात जो उनके रैयत होने का अधिकार दर्शाता हो उसके साथ प्रपत्र दो भरकर सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के पास जमा करें या आॅनलाइन भर दें।
अपर समाहर्ता रवि राकेश ने कहा कि सर्वे के लिए तीन चरण निर्धारित हैं, जिसमें वह अपना दावा आपत्ति भी दर्ज कर सकते हैं। जिस जमीन का कागजात नहीं है उसके लिए सर्वे अधिकारी धरातल पर जायेंगे। वहां पूछताछ के आधार पर जो जानकारी होगी उसके आधार पर सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी निर्णय लेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की की वह अपने कागजात को दुरुस्त कर ले और सर्वे टीम को सहयोग करें। अपर समाहर्ता ने कहा कि इसका सबसे अधिक फायदा होगा कि जो जमीन विवाद है वह समाप्त हो जायेगा। सब कुछ आॅनलाइन हो जाएगा। लोग कहीं भी बैठे अपने जमीन के बारे में सारी जानकारी ले सकते हैं। लगान रसीद भर सकते हैं।
वहीं सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सर्वे होने से बिहार में जमीन विवाद और बढ़ेगा। सरकार को इसको रोकने के लिए ठोस पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी सर्वे हुआ था लेकिन लोग आज भी केस मुकदमे के झंझट में पड़े हुए हैं। इस बार के सर्वे में सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो, जो वाजिब रैयत हैं उन्हीं को अधिकार मिले। ऐसा नहीं कि कर्मचारी सीओ जमीन किसी का और किसी का नाम कर दें।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना/समस्तीपुर। पूर्व मध्य रेलवे (पूमरे) के समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड के खुदीराम बोस (पूसारोड) स्टेशन के पास सोमवार 10:30 बजे गांड़ी संख्या 12565 बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन दो हिस्सों में बंट गयी। ट्रेन इंजन के साथ एक जनरल बोगी को लेकर आगे बढ़ गयी जबकि 19 बोगियां वहीं छूट गयीं।
दरभंगा से 8:30 बजे नई दिल्ली की ओर जाने वाले ट्रेन समस्तीपुर जंक्शन से सुबह 09:55 बजे चली। इसके बाद ट्रेन कपूर्रीग्राम स्टेशन से रन थ्रू पास करते हुए किमी संख्या 46/11 के समीप इंजन अन्य बोगियों से अलग होकर आगे निकल गया। बोगियां बिना इंजन के पीछे खिसकने लगीं। इससे यात्रियों में हड़कंप मच गया।
लोको पायलट को भी तुरंत इसका पता चल गया। उसने तत्काल ट्रेन रोक दी। इंजन और बोगी को जोड़ने वाली कपलिंग की जांच की। इसके बाद इंजन को बोगी से जोड़कर ट्रेन को रवाना किया। ट्रेन को पूसा स्टेशन पर जांच के लिए रोका गया। इससे ट्रेन के परिचालन में तीन घंटा विलंब हुआ।
समस्तीपुर रेल मंडल के रेल प्रबंधक विनय श्रीवास्तव ने बताया कि बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में हादसा कंपलिंग टूटने की वजह से हुआ। इसके कारण ट्रेन के परिचालन में एक घंटे से अधिक विलंब हुई। इसको लेकर सीनियर डीएसटीई को पूरे मामले की जांच का आदेश दिया गया है।
ट्रेन संख्या 12565 बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस कपूर्रीग्राम स्टेशन से रन थ्रू पास करते हुए पूसा स्टेशन से कुछ पहले पहुंची थी। इस बीच ट्रेन का इंजन एक जनरल कोच को लेकर आगे बढ़ गया जबकि 19 बोगियां पीछे छूट गयीं। बिना इंजन आगे बढ़ रही बोगी रुकी तो ट्रेन में सवार बड़ी संख्या में यात्री नीचे उतर गये।
हालांकि, बाद में ट्रेन के लोको पायलट ने इंजन और एक बोगी को पीछे किया। अलग हो चुकी उन बोगियों को जोड़कर पूसा स्टेशन पर आकर ट्रेन को लगा दी। रेलवे कर्मियों ने पूरे ट्रेन के कपलिंग की जांच की।
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