टीम एबीएन, पटना। बिहार के लोग मजदूर से मालिक बनने की राह पर हैं। वह रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनना चाहते हैं। खुद का उद्योग लगाकर उद्योगपति बनना चाहते हैं। ऐसे लोगों की हमें मदद करनी है। ऐसे लोग ही बिहार को उपभोक्ता राज्य से उत्पादक राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे।
पटना के अधिवेशन भवन में राज्य के सभी उप विकास आयुक्तों के लिए आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि यदि आप किसी एक व्यक्ति को उद्योग स्थापित करने में मदद करते हैं, तो उसकी एक पीढ़ी नहीं बल्कि कई-कई पीढ़ियां आपको याद करेंगी। जिलों में जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त नये उद्यमियों को मोटिवेट करें और उनकी दिक्कतों को दूर करने के लिए आगे आयें। नये उद्यमियों को बिहार में बैंकों से ऋण लेने में भी परेशानी होती है। बैंकों की नियमित मॉनिटरिंग करें। बिहार के पास बड़ा लैंड बैंक है। बिहार के पास स्किल्ड और अनस्किल्ड लेबर का बड़ा फोर्स है। बिहार में बड़ा बाजार है, भरपूर पानी है। उद्योग लगाने के लिए यह सब महत्वपूर्ण कारक हैं। हमें आत्मनिर्भर भारत के साथ-साथ आत्मनिर्भर बिहार भी बनाना है। लोगों की सोच बदलनी है। सोच बदलेगी तो युगांतकारी बदलाव आयेगा। रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।
उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि बिहार के सभी इंडस्ट्रियल एरिया का विकास किया जायेगा। उद्योग लगाने के लिए 9 जिलों में प्लग एंड प्ले फैसिलिटी विकसित की गई है। इंडस्ट्रियल शेड तैयार हैं, बिहार तैयार है। उद्योग लगाने के लिए इंडस्ट्रियल शेड में बहुत कम मासिक दर पर उद्यमियों को उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन बियाडा के वेबसाइट पर देना है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग की योजनाओं के संबंध में युवाओं को पूरी जानकारी उपलब्ध करायें। बिहार में उद्योग के क्षेत्र में सफलता की अनेक कहानियां हैं जिनसे प्रेरणा लेकर युवा उद्योग लगाने के लिए आकर्षित होंगे।
जिलों में उप विकास आयुक्तों को ऋण वितरण के साथ-साथ नये उद्योग लगाने पर भी फोकस करना है। उन्होंने कहा कि बिहार को बिक्री वाले राज्य से विनिर्माण वाले राज्य के रूप में आगे बढ़ाना है। कार्यशाला में उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, तकनीकी विकास निदेशालय के निदेशक संजीव कुमार, खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निदेशक आलोक कुमार तथा विशेष सचिव दिलीप कुमार ने भी उद्योग विभाग की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मोतिहारी के जिलाधिकारी शीर्षथ कपिल अशोक, जहानाबाद के जिलाधिकारी रिची पांडे, बांका के जिलाधिकारी अंशुल कुमार और वैशाली के जिलाधिकारी यशपाल मीणा ने अपने-अपने जिलों में चलाई जा रही योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी और सक्सेस मॉडल प्रस्तुत किये। यशपाल मीणा ने वैशाली जिले में केला फाइबर उद्योग लगाने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
निदेशक संजीव कुमार ने कार्यशाला में जानकारी दी कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वर्ष 2022-23 के लाभुकों के चयन हेतु प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए इसके लिए आवेदन 1 दिसंबर से आमंत्रित किये जायेंगे। इस योजना के तहत 8000 लाभुकों का चयन किया जायेगा। कार्यशाला में उद्योग विभाग की पत्रिका उद्योग संवाद के नये अंक का विमोचन उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने किया।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर आयोजित शिक्षा दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के दौरान मौलाना अबुल कलाम आजाद की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी। समाज में आपसी एकता को बनाए रखने में उनका योगदान था। वे हिंदुस्तान और पाकिस्तान बंटवारा के खिलाफ थे। सीएम ने कहा कि उस समय जो माहौल पैदा हो रहा था उसमें वे हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए काम करते रहे। गांधी भी हिन्दु-मुस्लिम एकता के लिए काम कर रहे थे लेकिन उनकी हत्या कर दी गई। देश की आजादी के बाद जब सरकार बनी तो मौलाना अबुल कलाम आजाद को देश का प्रथम शिक्षा मंत्री बनाया गया। शिक्षा के क्षेत्र में जितना काम हुआ है सब उन्हीं की देन है। देश को एकजुट करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के विकास के लिए कई कदम उठाए गये। शिक्षकों की बहाली की गयी, नये-नये संस्थानों की स्थापना की गयी। कॉलेज और यूनिवर्सिटी बनाये गये। मुझे प्रसन्नता हो रही है कि आज यहां इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लड़कियां मौजूद हैं। पोशाक योजना, साईकिल योजना की शुरूआत कर लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। बड़ी संख्या में लड़कियां स्कूल जाने लगीं और आज लड़कों के बराबर लड़कियां मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हो रही हैं। सीएम ने कहा कि सरकार में आने के बाद जब हमने अध्ययन कराया तो पता चला कि साढ़े 12 प्रतिशत बच्चे और बच्चियां स्कूल नहीं जाते हैं। मुस्लिम समुदाय और महादलित समुदाय के बच्चे इसमें सबसे ज्यादा थे, उसके बाद इनके लिए पढ़ने का इंतजाम हम लोगों ने कराया। अब 0.5 प्रतिशत से भी कम बच्चे-बच्चियां स्कूल से बाहर हैं लेकिन हमारा लक्ष्य है कि सभी पढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सर्वे से जानकारी मिली कि पति-पत्नी में अगर पत्नी मैट्रिक पास है तो देश का प्रजनन दर 2 और बिहार का प्रजनन दर भी 2 है लेकिन पति-पत्नी में अगर पत्नी इंटर पास है तो देश का प्रजनन दर 1.7 और बिहार का 1.6 है। वर्ष 2011-12 में बिहार का प्रजनन दर 4.3 था जो घटकर आज 2.9 पर आ गया है। लड़कियां पढ़ेंगी तो राज्य का प्रजनन दर 2.9 से घटकर 2 पर आ जायेगा। लड़कियों को शिक्षित करने के लिए कई इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अन्तर्गत जन्म से स्नातक तक हर लड़की को पढ़ने के लिए 54 हजार 100 रुपये दिया जाता था लेकिन उसको बढ़ाकर 94 हजार 100 रुपए कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हम तो एक पिछड़ा राज्य हैं लेकिन राज्य में विकास के कई काम किए जा रहे हैं। हर घर तक पक्की गली नाली का निर्माण, शौचालय का निर्माण, हर घर नल का जल पहुंचाने का काम किया गया। हम आप शिक्षकों से कहेंगे कि आप लोग स्कूल जायें और बच्चों को ठीक से पढ़ायें। जो शिक्षक स्कूल में नहीं पढ़ाते हैं उन पर कार्रवाई करें। अभी सबसे अधिक खर्च शिक्षा पर किया जा रहा है। बजट का 21 प्रतिशत तक पढ़ाई पर खर्च हो रहा है। हमलोग 25 प्रतिशत तक शिक्षा पर खर्च करेंगे। हम लोगों ने लड़कियों के पढ़ने के लिए पूरी व्यवस्था कर दी है। इंजीनियरिंग, मेडिकल के क्षेत्रों में लड़कियों के लिये एक तिहाई सीट आरक्षित कर दिया गया है। लड़कियां पढ़ेंगी तो प्रजनन दर कम होगा और अपने बच्चों को भी शिक्षित कर पायेंगी। स्कूलों में तीन से आठ वर्ग के बच्चों के लिये ‘बापू की पाती’ तथा 9 से 12 वर्ग के बच्चों के लिए ‘एक था मोहन’ पुस्तक बच्चों को पढ़ाया जा रहा है ताकि बापू के बारे में बच्चे-बच्चियां ठीक से जान सकें। जिस प्रकार बापू के बारे में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है उसी प्रकार उसी प्रकार मौलाना आजाद की कहानी भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। कभी-कभी देश में लोग झगड़ा पैदा करना चाहते हैं। जब आप बापू और मौलाना आजाद के बारे में लोग जानेंगे तो आपस में प्रेम और भाईचारे का माहौल रहेगा। उन्होंने कहा कि सब चीज लोग भूलते जा रहे हैं, नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से भी सभी चीजों की जानकारी नई पीढ़ी को मिले। नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से भी बिहार में किये गये कामों को लोग जानेंगे, आजादी की बातों को भी लोग जानेंगे। सबको एक दूसरे के साथ मिलकर चलना चाहिए। आपस में मिल्लत के साथ रहना चाहिए। आपस में प्रेम और भाईचारे का भाव रखें। कार्यक्रम की शुरुआत के पूर्व मुख्यमंत्री ने भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के जीवन पर आधारित पुस्तकों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। मिथिला स्टूडेंट यूनियन के मिथिला वादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरत झा का अभिनंदन समारोह किया गया। जहां प्रदेश अध्यक्ष व जिप सदस्य अमित ठाकुर, जिप सदस्य सागर नवदिया, धीरज कुमार झा, मिथिलावादी नेता विद्या भूषण राय, संरक्षक संतोष मिश्रा, शिवेंद्र वत्स उपस्थित थे। बैठक को संबोधित कर नेताओं ने कहा कि 04 दिसंबर को मिथिला राज्य के मुद्दे को लेकर गांधी मैदान से राज्यभवन तक मार्च किया जायेगा। इसी संदर्भ में 15 नवम्बर से 25 नवम्बर तक 10 लाख मैथिलों के बीच व्यापक स्तर पर हस्ताक्षर चलाकर समर्थन जुटायेगी। ई शरत झा ने कहा कि भौगौलिक, आर्थिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से मिथिला के पास एक राज्य की सारी योग्यताएं हैं। दुर्भाग्य की बात है कि भारत की स्वतंत्रता के समय ही इसे राज्य का दर्जा प्रदान नहीं किया गया। परिणाम स्वरूप स्वतंत्रता के पूर्व तथा बाद से कुछ वर्षों में जो इसका आर्थिक ढांचा था धीरे-धीरे वह भी नष्ट हो गया। वहीं शोषण तथा उपेक्षा इतनी बढ़ती गई कि सारे उद्योग धंधे समाप्त हो गए तथा उससे सम्बंधित कृषि का विनाश होता गया। प्रतिवर्ष बाढ़ एवं अकाल के तांडव तथा राजनेताओं के खोखले आश्वासन, छलावा एवं शोषण यहां की नियति बन गई। अत: अगर शोषण तथा विकास को आधार मानकर राज्यो का निर्माण होता रहा है तो भी मिथिला राज्य का निर्माण परमावश्यक एवं समयानुकूल है। राज्य स्थापना के बाद ही इस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की बात सोची जा सकती है। कृषि, उद्योग-धंधा, पर्यटन शिक्षा एवं संस्कृति के विकास से ही इस क्षेत्र की दुर्दशा तथा बेरोजगारी का अंत हो सकता है तथा लोगों को पलायन रुक सकता है। भाषा, लिपि, क्षेत्र, जनसंख्या और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के मानक पर खरा उतरते हुए मिथिला पूर्ण राज्य बनने का अधिकार रखता है। मिथिला के सर्वांगीण उन्नयन एवं अभ्युत्थान के लिए एक मात्र विकल्प मिथिला राज्य है। बैठक में संगठन के समर्थित मेयर उम्मीदवार अभिषेक वर्मा ने कहा एक समय ऐसा था जब मिथिला में अन्य प्रदेश के लोग रोजगार हेतु आते थे। आज मिथिला के लोग रोजागर के लिये अन्य प्रदेशो मे पलायन कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में पटना में 55 ओवरब्रिज बना हैं, लेकिन उत्तर बिहार मिथिला क्षेत्र की दशा और दिशा हैं किसी से छुपा नही हैं। एक ओवरब्रिज के लिये सहरसा तरस रहा हैं। इन्हीं सब मुद्दे के साथ ये मगहिया नीति के खिलाप 4 दिसंबर को हजारों की संख्या में पटना राज्य भवन की ओर कुच किया जायेगा। कार्यक्रम में उपस्थित संगठन के पूर्व प्रदेश सचिव कौशल क्रांतिकारी, अभिभावक के रूप में रवि वर्मा, भगवान रॉय, सचिव रतन मिश्रा, विद्यापति रॉय, कुंदन सिंह, रमेश पासवान, राजन यादव, मोहम्मद असलम, टिंकु मैथिल, विकास झा, अनुज एवं अन्य मौजूद थे।
टीम एबीएन, पटना/रांची। बिहार के लोग मजदूर से मालिक बनने की राह पर हैं। वह रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनना चाहते हैं। खुद का उद्योग लगाकर उद्योगपति बनना चाहते हैं। ऐसे लोगों की हमें मदद करनी है। ऐसे लोग ही बिहार को उपभोक्ता राज्य से उत्पादक राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। पटना के अधिवेशन भवन में राज्य के सभी उप विकास आयुक्तों के लिए आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि यदि आप किसी एक व्यक्ति को उद्योग स्थापित करने में मदद करते हैं तो उसकी एक पीढ़ी नहीं बल्कि कई-कई पीढ़ियां आपको याद करेंगी। जिलों में जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त नये उद्यमियों को मोटिवेट करें और उनकी दिक्कतों को दूर करने के लिए आगे आयें। नये उद्यमियों को बिहार में बैंकों से ऋण लेने में भी परेशानी होती है। बैंकों की नियमित मॉनिटरिंग करें। बिहार के पास बड़ा लैंड बैंक है। बिहार के पास स्किल्ड और अनस्किल्ड लेबर का बड़ा फोर्स है। बिहार में बड़ा बाजार है, भरपूर पानी है। उद्योग लगाने के लिए यह सब महत्वपूर्ण कारक हैं। हमें आत्मनिर्भर भारत के साथ-साथ आत्मनिर्भर बिहार भी बनाना है। लोगों की सोच बदलनी है। सोच बदलेगी तो युगांतकारी बदलाव आयेगा। रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि बिहार के सभी इंडस्ट्रियल एरिया का विकास किया जायेगा। उद्योग लगाने के लिए 9 जिलों में प्लग एंड प्ले फैसिलिटी विकसित की गई है। इंडस्ट्रियल शेड तैयार हैं, बिहार तैयार है। उद्योग लगाने के लिए इंडस्ट्रियल शेड में बहुत कम मासिक दर पर उद्यमियों को उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन बियाडा के वेबसाइट पर देना है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग की योजनाओं के संबंध में युवाओं को पूरी जानकारी उपलब्ध करायें। बिहार में उद्योग के क्षेत्र में सफलता की अनेक कहानियां हैं जिनसे प्रेरणा लेकर युवा उद्योग लगाने के लिए आकर्षित होंगे। जिलों में उप विकास आयुक्तों को ऋण वितरण के साथ-साथ नए उद्योग लगाने पर भी फोकस करना है। उन्होंने कहा कि बिहार को बिक्री वाले राज्य से विनिर्माण वाले राज्य के रूप में आगे बढ़ाना है। कार्यशाला में उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, तकनीकी विकास निदेशालय के निदेशक संजीव कुमार, खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निदेशक आलोक कुमार तथा विशेष सचिव दिलीप कुमार ने भी उद्योग विभाग की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मोतिहारी के जिलाधिकारी शीर्षथ कपिल अशोक, जहानाबाद के जिलाधिकारी रिची पांडे, बांका के जिलाधिकारी अंशुल कुमार और वैशाली के जिलाधिकारी यशपाल मीणा ने अपने-अपने जिलों में चलायी जा रही योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी और सक्सेस मॉडल प्रस्तुत किये। यशपाल मीणा ने वैशाली जिले में केला फाइबर उद्योग लगाने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। निदेशक संजीव कुमार ने कार्यशाला में जानकारी दी कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वर्ष 2022-23 के लाभुकों के चयन हेतु प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए इसके लिए आवेदन 1 दिसंबर से आमंत्रित किये जायेंगे। इस योजना के तहत 8000 लाभुकों का चयन किया जायेगा। कार्यशाला में उद्योग विभाग की पत्रिका उद्योग संवाद के नये अंक का विमोचन उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने किया।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। नवादा शहर के गढ़पर मुहल्ले में बीती देर रात एक ही परिवार के 6 लोगों ने सल्फास की गोली खा ली। इनमें से पांच की मौत हो गई, वहीं एक की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों में केदारनाथ प्रसाद गुप्ता, पत्नी अनिता गुप्ता, बेटी सोनक्षी कुमारी, बेटा ध्रुव कुमार की मौत हो गई। इसके अलावा एक मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। वहीं, बेटी साक्षी कुमारी की हालात गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक मृतक काफी कर्ज में डूबे हुए थे। जिसे परेशान होकर आत्महत्या करने की बात सामने आ रही है। इस मामले में पुलिस भी अभी कुछ नहीं बता रही है। सदर अस्पताल नवादा के उपाधीक्षक ने इसकी पुष्टि की है। उपाधीक्षक अजय कुमार ने गुरुवार को बताया कि बीती देर रात चार सस्पेक्टेड जहर के मामले का केस हमारे पास आया था। जिसमें से एक बच्चा ध्रुव कुमार की मौत इलाज के दौरान हो गई। तीन को हमने पावापुरी अस्पताल रेफर किया था, जिसकी वहां मौत हो गई। जबकि एक बच्ची साक्षी कुमारी को उन्होंने लेने से मना कर दिया जिसका इलाज यहां चल रहा है और वह भी गंभीर है। उन्होंने बताया कि अभी तक कुल पांच लोगों की जहर खाने से मौत हो चुकी है। ये परिवार रजौली के अम्मा गांव के रहने वाले हैं, जो लंबे समय से नवादा में किराए के मकान में रह रहे थे। नवादा में इनका व्यापार था। इन्होंने पास में रहने वाले किसी व्यक्ति से कर्ज लिया था, जिसे ये लोग चुका नहीं पा रहे थे।
टीम एबीएन, पटना/रांची। बिहार की राजधानी पटना के सिपारा में इंडियन ऑयल के डिपो से 800 मीटर दूर एक प्लास्टिक फैक्टरी में सोमवार रात आग लग गई। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की कम से कम 11 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। पटना में इंडियन ऑयल टर्मिनल के प्रभारी अमिताभ ने बताया कि बिहार के सिपारा में इंडियन ऑयल डिपो से 800 मीटर दूर एक प्लास्टिक फैक्टरी में बीती रात आग लग गई। यह रात करीब आठ बजे शुरू हुआ और रात करीब साढ़े दस बजे दमकल विभाग की मदद से इसे बुझा दिया गया। इंडियन ऑयल टर्मिनल पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि पहले बताया गया था कि यह आग इंडियन ऑयल के डिपो में लगी है। लेकिन इंडियन ऑयल टर्मिनल के प्रभारी अमिताभ ने मंगलवार सुबह बताया कि आग एक प्लास्टिक फैक्टरी में लगी थी। वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र के ठाणे के दिवा इलाके में रॉयल क्लासिक होटल के बगल में एक पंचर मरम्मत की दुकान में एक कंटेनर में आग लग गयी। आग की सूचना मिलते ही दमकल की चार गाडियां मौके पर पहुंचीं। ठाणे नगर निगम ने यह जानकारी दी है। ठाणे नगर निगम ने कहा कि ठाणे के दिवा इलाके में रॉयल क्लासिक होटल के बगल में एक पंचर मरम्मत की दुकान में एक कंटेनर में आग लग गयी। आग की सूचना मिलते ही चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गयी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी द्वारा तलब किए जाने पर बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हर जगह ऐसा ही हो रहा है। 2024 तक ऐसा ही होता रहेगा। हमें मजबूती के साथ लड़ाई लड़नी है और सब लड़ रहे हैं। इससे पहले झारखंड के मुख्यमंत्री कथित अवैध खनन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से समन भेजे जाने के बावजूद गुरुवार को पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री की व्यस्तता का हवाला देते हुए प्रवर्तन निदेशालय से पेशी के लिए कम से कम तीन सप्ताह का समय मांगा। सोरेन ने कहा था कि अगर मैं मुजरिम हूं, तो मुझे सजा सुना दिया जाए, मुझे कोई चिंता नहीं है। मुझे गिरफ्तार किया जाए। यह अजूबा मामला है, जहां मुजरिम गिरफ्तार होने को तैयार बैठा है और दोषी बताने वाले सजा सुनाने को तैयार नहीं हैं। इस बीच आयकर विभाग ने शुक्रवार को कांग्रेस विधायकों प्रदीप यादव तथा जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह के रांची, गोड्डा, पटना समेत अन्य स्थानों पर स्थित परिसर पर छापेमारी की। इसके साथ आईटी विभाग ने कई कोयला कारोबारियों के परिसर पर भी छापेमारी की। सत्ताधारी कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इसे राज्य सरकार को अस्थिर करने और उसे गिराने की साजिश के लिए की गई कार्रवाई करार दिया। वहीं, भाजपा ने पूछा कि सत्ताधारी पार्टी को जांच से परहेज क्यों है?
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बस नहीं मिलने पर अब यात्री बेबस नहीं होंगे। बस में सीट उपलब्धता की भी अब कोई चिंता नहीं होगी। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर विभिन्न रूटों पर तकरीबन 100 नई बसें चलाने जा रही है। जहां बिहार के विभिन्न जिलों के बीच 27 रूटों पर 62 बसें चलायी जायेगी। वहीं बिहार से झारखंड के बीच 15 रूटों पर 38 बसें चलाने की भी योजना है। इससे यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा। यात्री बसों की संख्या बढ़ने से जहां एक तरफ आने जाने वालों को एक ही रूट पर ज्यादा बसों की सुविधा मिलेगी, वहीं सीट उपलब्धता से भीड़ की समस्या से भी लोगों को निजात मिलने की उम्मीद है। पीपीपी के अंतर्गत बिहार के विभिन्न शहरों के बीच 27 रूटों पर और बिहार से झारखंड के विभिन्न शहरों के बीच 15 रूटों पर बस चलाने के लिए बिहार स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोशन ने 30 नवंबर तक एजेंसियों से आवेदन मांगा है। आवेदन प्रक्रिया के बाद नियमानुसार एजेंसियों का चयन किया जायेगा। अधिकारियों के अनुसार अगले साल मार्च तक नई बसों का परिचालन शुरू हो जाने की उम्मीद है। बिहार से झारखंड के विभिन्न शहरों के बीच चलने वाली बसों में गया से टाटा के लिए 4, गया से बोकारो के लिए 4, गया से रांची के लिए 2, गया से देवघर के लिए 2, गया से धनबाद के लिए 2, हजारीबाग से गया के लिए 2, पाली से रांची के लिए 2, नवादा से रांची के लिए 2, पटना से रांची के लिए 4, पटना से टाटा के लिए 4, पटना से देवघर के लिए 2, पटना से दुमका के लिए 2, पटना से हजारीबाग के लिए 2, बिहारशरीफ से बोकारो के लिए 2 और पटना से डालटेनगंज के लिए 2 बसें चलायी जायेगी।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse