एबीएन सेंट्रल डेस्क। जिले में शुक्रवार को नमामि गंगे परियोजना के तहत युवाओं की सहभागिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप भाग लेने आये जूना अखाड़े के महंत चैतन्यपुरी महाराज व हास्य- व्यंगकार अन्नू अवस्थी ने युवाओं को आह्वान करते हुए कहा कि गंगा की सफाई के लिए यदि हर व्यक्ति स्वयं संकल्प ले ले कि सिर्फ मैं आज से गंगा को किसी रूप में प्रदूषित नहीं करूंगा तो मैं निश्चय पूर्वक कह सकता हूं कि एक महीने के अंदर गंगा पूरी तरह से स्वच्छ हो जायेगी।महंत चैतन्य पुरी महाराज ने गंगा के महत्व को बताते हुए कहा कि गंगा माता से भारत की दुनियां में पहचान होती रही है लेकिन आज गंगा का प्रदूषण चिंताजनक है जिसे साफ करना हम सब की जिम्मेदारी है। व्यक्तिगत, सामाजिक संस्थाओं व सरकार के सहयोग से यह कार्य पूरा किया जा सकता है। गंगा की स्वच्छता जरूरी है क्योंकि यह दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है।अन्नू अवस्थी ने व्यंग करते हुए कहा कि मैं और मेरे परिवार गंगा को गंदा किया है जिसकी सफाई करना आप लोगों का काम है, आप लोग साफ करिये। अपने इस व्यंग से उन्होंने उन सभी लोगों को उलाहना दिया जो अपनी जिम्मेदारी को दूसरों पर डालकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं।
क्या नया पेंशन लें या अपना पैसा लेना बेहतर होगा दस वर्ष से कम नौकरी किये शिक्षकों को पेंशन निर्धारण की प्रकिया को लेकर उहोपोह की स्थिति टीम एबीएन, रांची। सरकारी कर्मियों के नवंबर और दिसंबर, 2022 के वेतन भुगतान को लेकर वित्त विभाग ने नया आदेश जारी किया है। पुरानी पेंशन योजना लागू होने पर वेतन भुगतान के संबंध में ये प्रक्रिया निर्धारित की गई है। प्रधान वित्त सचिव अजय कुमार सिंह ने इस संबंध में 18 नवंबर, 2022 को सभी संबंधितों को पत्र लिखा है। पेंशन स्कीम को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां और अस्पस्टता से कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गयी है। सबसे अधिक परेशानी उन कर्मचारियों की है जो तीन-चार साल में रिटायर्ड होने वाले हैं। स्पष्ट नहीं है कि नये पेंशन स्कीम की राशि केन्द्र सरकार किन शर्तो पर राज्य सरकार को वापस करेगी। पेंशन का निर्धारण विशेषकर जिनकी सेवा दस साल से कम है उनका किस प्रकार किया जायेगा। कर्मचारियों से राज्य सरकार ने एक शपथ पथ मांगा है जिसमें उन्हें अपने नये पेंशन स्कीम के पैसे से दावा नहीं करना है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार ने पूछा था कि पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने में जो असमंजस है उसपर क्या कहना है। राज्य सरकार ने कोई साफ और स्पष्ट जबाव नहीं दिया है। आखिर पुराने पेंशन स्कीम में साफ है कि दस साल सेवा किये बिना कोई कर्मचारी पेंशन का हकदार नहीं होगा फिर वैसे पारा शिक्षक जो 2016 या उसके पहले भी स्थायी शिक्षक बने हैं उनकी स्थिति सबसे असमंजस वाली है। राज्य सरकार ने नये पेंशन स्कीम की दो माह की कटौती नहीं की है जिस पर साफ नहीं है कि ऐसा क्यों किया गया? 31 दिसंबर तक पेंशन का शपथ पत्र लिये बिना सरकार इस प्रकार का निर्णय क्यों और कैसे ले रही है? प्रधान वित्त सचिव ने लिखा है कि 1 सितंबर, 2022 से राज्य में विकल्प के आधार पर पुरानी पेंशन योजना बहाल की गयी है। वित्त विभागीय संकल्प के आलोक में 1 दिसंबर, 2004 और उसके बाद नियुक्त कर्मियों से शपथ पत्र के आधार पर नई पेंशन योजना में बने रहने या पुरानी पेंशन योजना का चयन करने का विकल्प प्राप्त किया जाना है। प्रधान सचिव ने लिखा है कि 1 दिसंबर, 2004 और उसके बाद नियुक्त कर्मियों द्वारा विकल्प चयन के लिए शपथ पत्र के माध्यम से विकल्प चयन की अवधि 31 दिसंबर, 2022 तक विस्तारित की गई है। प्रधान सचिव ने लिखा है कि 16 सितंबर, 2022 को जारी आदेश में सितंबर, 2022 और अक्टूबर, 2022 का वेतन भुगतान एनपीएस/ जीपीएफ कटौती किये बिना करने का आदेश दिया गया है। राज्य में 1 दिसंबर, 2004 से 31 अगस्त, 2022 तक नियुक्त कर्मियों को नवंबर, 2022 और दिसंबर, 2022 का वेतन भुगतान के संबंध में ये प्रक्रिया निर्धारित की गई है। अपनानी है ये प्रक्रिया वैसे कर्मी जिनके द्वारा पुरानी पेंशन का विकल्प का चयन किया गया है एवं उनके द्वारा सभी प्रक्रिया पूर्ण करते हुए जीपीएफ संख्या आवंटित करा लिया गया है। उनका नवंबर और दिसंबर, 2022 का वेतन भुगतान जीपीएफ कटौती के साथ किया जाना है। वैसे कर्मी जिनके द्वारा नई पेंशन योजना में बने रहने का विकल्प का चयन किया गया है और उनके द्वारा सभी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गयी है। उन्हें नवंबर और दिसंबर, 2022 का वेतन भुगतान एनपीएस कटौती के साथ किया जाना है। वैसे कर्मी जिनके द्वारा किसी भी विकल्प का चयन अबतक नहीं किया गया है। उनके नवंबर और दिसंबर, 2022 का वेतन भुगतान बिना एनपीएस/जीपीएफ कटौती के साथ किया जाना है।
टीम एबीएन, टाटीझरिया (हजारीबाग)। विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों ने हिंदुओं के धर्म रक्षा हितार्थ शुभ चिंतक अभियान गुरूवार को टाटीझरिया में चलाया। इसमें मुख्य रूप से संगठन मंत्री आनंद, क्षेत्रीय संयोजक जन्मजय, विभाग मंत्री मनोज, जिला उपाध्यक्ष अरविंद मेहता, जिला संयोजक नरेन्द्र कुमार पप्पू शामिल हुए। विहिप के संगठन मंत्री ने कार्यकर्ता राष्ट्रहित के कार्यों में उत्सुकता पूर्वक हिस्सा ले रहे हैं। जिला संयोजक नरेन्द्र कुमार ने कहा कि विहिप तथा बजरंग दल के सदस्य निरंतर देश व धर्म हित में कार्य करते हैं। प्रखंड संयोजक हिन्दुओं के घर-घर जाकर हित चिंतक अभियान में जुड़ने की अपील कर रहे हैं। टाटीझरिया में हितचिंतक में लोगों द्वारा जबरदस्त समर्थन मिला। आम से लेकर खास तक विहिप के हितचिंतक बन रहे हैं। मौके पर टाटीझरिया प्रमुख संतोष मंडल, सुरेंद्र सिंह, रजनीकांत चौधरी, कैलाशपति सिंह, मिथलेश पाठक, महेश अग्रवाल, राजू यादव, सोनू पांडेय, रवि कुमार समेत अन्य कई लोग उपस्थित थे।
एबीएन सोशल डेस्क। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की पंच पूजाओं के तीसरे दिन वेद पुस्तकों का वाचन बंद कर दिया गया। शीतकाल हेतु श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शनिवार 19 नवंबर को दोपहर 3:35 पर बंद हो रहे हैं।कपाट बंद होने की प्रक्रियाओं के अंतर्गत 15 नवंबर बुधवार को श्रीगणेश के कपाट शीतकाल हेतु बंद हुए। 16 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद हुए।गुरुवार को खडक/पुस्तक की पूजा के बाद वेद पुस्तकों का वाचन बंद कर दिया गया है। आज से वेद ऋचाओं का उदघोष बंद हो जायेगा। मंदिर समिति मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ ने बताया कि शुक्रवार 18 नवंबर को माता लक्ष्मी जी की पूजा एवं आवह्वान किया जायेगा, 19नवंबर को माता लक्ष्मी के गर्भगृह में प्रवेश के बाद श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद हो जायेंगे।गुरुवार को खडक/पुस्तक पूजन एवं अन्य धार्मिक क्रियाओं के दौरान बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर पंवार, सदस्य भाष्कर डिमरी, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह के अलावा धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रवींद्र भट्ट, उप मुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, राजेंद्र सेमवाल, डॉ हरीश गौड़ सहित राकेश झिंक्वाण, संजय थपलियाल, प्रकाश भुजवाण, विकास सनवाल अनूप उनियाल, नरेंद्र सिंह नेगी जयदीप पंवार आदि मौजूद रहे।
टीम एबीएन, रांची। चुटिया के महर्षि मेंहीं आश्रम में 19 और 20 नवंबर को स्वामी व्यासानंद का प्रवचन होगा। रांची जिला संतमत समिति के फतेह चंद्र अग्रवाल ने बताया कि 19 नवंबर को सुबह छह बजे से भजन कीर्तन और स्तुति ग्रंथ पाठ का पठन किया जायेगा। सुबह आठ से 10 बजे तक प्रवचन और आरती होगी और दोपहर 2 बजे से भजन-कीर्तन और स्तुति ग्रंथ पाठ का वाचन होगा। 20 नवंबर को सुबह छह बजे से भजन-कीर्तन और स्तुति ग्रंथ पाठ का पाठन और आरती एवं तीन बजे से 5 बजे तक प्रवचन और आरती के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
सदर विधायक मनीष जायसवाल ने राणी सती दादी का लिया आशीष आशीर्वाददादी की भजनों को सुनकर काफी आनंदित हुआ हूं : मनीष जायसवाल टीम एबीएन, हजारीबाग। शहर के मालवीय मार्ग स्थित राणी सती मंदिर परिसर में दो दिवसीय मार्गशीर्ष महोत्सव के प्रथम दिन मंदिर परिसर में भव्य मंगल पाठ का आयोजन किया गया। जिसमें कई महिलाओं ने दादी का मंगल पाठ किया। मंदिर के प्रधान पुजारी शशीकांत मिश्रा ने राणी सती दादी की पूजा-अर्चना करवा कर पाठ को विधिवत रूप से प्रारंभ करवाया। रानीगंज से आई सुप्रसिद्ध भजन गायिका जूली खंडेलवाल एवं उनकी सहयोगी शशि शर्मा के द्वारा राणी सती दादी की जन्म से लेकर विदाई तक की भजन प्रस्तुत की गई। भव्य मंगल पाठ के दौरान सदर विधायक मनीष जायसवाल मंदिर परिसर पहुंचकर राणी सती दादी का आशीष आशीर्वाद प्राप्त किया प्रधान पुजारी के द्वारा पूजा अर्चना करवाई गई जिसके पश्चात श्री राणी सती मंदिर समिति के पदाधिकारियों के द्वारा विधायक मनीष जायसवाल को साफा, चुनरी एवं राणी सती दादी की तस्वीर भेंट कर उनका स्वागत किया गया। जिसके पश्चात माननीय विधायक के द्वारा सुप्रसिद्ध भजन गायिका जूली खंडेलवाल एवं उनकी सहयोगी शशि शर्मा को दादी की तस्वीर एवं फूलों का गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया। माननीय विधायक ने मंदिर परिसर में दादी के भजनों को आनंदित होकर सुना। जिसके बाद दादी भक्तो के साथ चर्चा की। मौके पर सदर विधायक मनीष जयसवाल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में उपस्थित होकर मन काफी प्रसन्न एवं प्रभावित होता है। धन्यवाद देता हूं उन तमाम दादी भक्तों का जिन्होंने मुझे यहां आने का अवसर दिया। साथ ही कहां की दादी की भजनों को सुनकर काफी आनंदित हुआ हूं। वहीं पाठ के दौरान गजरा उत्सव, जन्म उत्सव, जैसे कई उत्सव महिलाओं ने दादी के जन्म से लेकर विदाई तक में आयोजित की। पाठ के दौरान सभी महिलाएं राजस्थानी परिधान में सम्मिलित हुई पाठ के दौरान जय दादी की जय कारों की गूंज से मंदिर परिसर गूंजता रहा। दादी के जन्म के वक्त तमाम दादी भक्तों के बीच टॉफी मेवा का वितरण किया गया तो वही दादी की विदाई के वक्त सुहाग पिटारी का वितरण किया गया। महिलाओं ने तन धन बाबो सेठ म्हारी नारायणी सेठानी, मइया की कृपा जिस पर हो जाए मौज उड़ाए, दादी तेरे भरोसे मेरा परिवार है... जैसे अनेकों भजनों पर दादी भक्तों ने जमकर झूमा। अंत में दादी का भव्य आरती के साथ पाठ संपन्न हुआ। तत्पश्चात सभी दादी भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। मौके पर दादी भक्तों ने कहा कि दादी की असीम कृपा से मार्गशीर्ष का प्रथम दिन ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान सदर विधायक मनीष जायसवाल भी दादी का आशीर्वाद लेने मंदिर परिसर पहुंचे। वहीं दादी भक्तों ने कहा कि मार्गशीर्ष महोत्सव के दूसरे दिन देर शाम 13 सुहागन महिलाओं के द्वारा भव्य महाआरती की जायेगी जिसके पश्चात भव्य भजन संध्या का आयोजन मंदिर परिसर में किया गया है। मौके पर सुप्रसिद्ध भजन गायिका जूली खंडेलवाल ने कहा कि हजारीबाग शहर में पहली बार भजन प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ यहां के दादी भक्तों के द्वारा काफी स्नेह प्यार एवं आशीर्वाद दिया गया है जिसके लिए मैं हृदय की गहराई से आभार प्रकट करती हूं तमाम दादी भक्तों का। साथ ही सदर विधायक मनीष जायसवाल का भी आभार प्रकट करती हूं जिनके हाथों से मुझे सम्मानित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ दादी के दरबार में।
एबीएन सोशल डेस्क। बिलकिस बानो केस में 11 दोषियों की रिहाई के मामले में गुजरात सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार पर भी सवाल उठते हैं। अब इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि सजा देने का काम कोर्ट का है, हमारा नहीं है। ये एक कानून है। 14 साल की सजा में उनके व्यवहार के आधार पर रिहाई की जा सकती है, ये प्रावधान है। एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में शाह ने ये बात की। इस मामले को लेकर उनसे सवाल किया गया कि जब दोषियों पर इतने संगीन आरोप हैं तो उन्हें पैरोल कैसे मिली? क्या केंद्र सरकार चाहती थी कि उन्हें पैरोल मिले? इस पर जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि ऐसा नहीं है। ये एक कानून है। अगर कोर्ट ने उनको कोई और कठोर सजा दी होती तो उन्हें वो मिलती। कोर्ट ने 14 साल की सजा दी, उसमें उनके व्यवहार के आधार पर उन्हें रिहा किया जा सकता है। सजा देना कोर्ट का काम है, हमारा नहीं है।गैंगरेप के 11 अभियुक्त ठहराये गये थे दोषी बिलकिस गैंगरेप मामले में 11 लोगों को दोषी ठहराया गया था जिन्हें गुजरात सरकार की माफी नीति के तहत 15 अगस्त को गोधरा उप कारागार से रिहा कर दिया गया। दोषियों ने 15 साल की सजा पूरी कर ली है। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। 11 दोषियों को माफी देने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर अब 29 नवंबर को सुनवाई होगी। मामला गुजरात में हुए दंगों से जुड़ा है जिनमें बिलकीस के परिवार के सात लोग मारे गये थे।11 लोगों को सुनाई गई थी उम्रकैद की सजा2002 में गोधरा में ट्रेन जलाए जाने की घटना के बाद गुजरात में भड़के सांप्रदायिक दंगों के समय बिलकीस बानो 21 साल की थी और पांच महीने की गर्भवती थी। इस दौरान उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और तीन साल की बेटी सहित उसके परिवार के सात लोग मारे गये थे। मुंबई स्थित एक विशेष सीबीआई अदालत ने 21 जनवरी, 2008 को बिलकीस बानो से सामूहिक बलात्कार और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में 11 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखा था।
एबीएन सोशल डेस्क। आज राष्ट्रीय प्रेस दिवस है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस, प्रेस की स्वतंत्रता और जिम्मेदारियों की ओर हमारा ध्यान आकृष्ट करता है। भारत में पत्रकारिता में उच्च आदर्श कायम करने के उद्देश्य से प्रथम प्रेस आयोग ने एक प्रेस परिषद की कल्पना की थी। इसके बाद 4 जुलाई, 1966 को प्रेस परिषद की स्थापना की गयी। इस परिषद ने 16 नवंबर 1966 से अपना विधिवत कार्य शुरू किया। इसी तारीख को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय प्रेस दिवस की शुरुआत हुई।भारत में प्रेस को वाचडॉग और भारतीय प्रेस परिषद को मोरल वाचडॉग कहा गया है। 1966 में आज ही के दिन पीसीआई ने यह सुनिश्चित करने के लिए नैतिक प्रहरी के रूप में कार्य करना शुरू किया था कि न केवल प्रेस इस शक्तिशाली माध्यम से अपेक्षित उच्च मानकों को बनाए रखे, बल्कि यह भी कि यह किसी बाहरी कारकों के प्रभाव और खतरों से प्रभावित न हो। आइए अब प्रेस परिषद की संरचना और कार्यों को समझते हैं। भारतीय प्रेस परिषद एक वैधानिक निकाय है, जिसे मीडिया के संचालन की निगरानी का अधिकार है। प्रेस परिषद अधिनियम, 1978 से यह अपना जनादेश प्राप्त करता है। इसके एक अध्यक्ष होते हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज होते हैं। उनके अलावा 28 अन्य सदस्य होते हैं, जिनमें से 20 प्रेस से होते हैं, पांच संसद के दोनों सदनों से नामित होते हैं और तीन प्रतिनिधित्व करते हैं। भारतीय प्रेस परिषद एक अर्ध-न्यायिक निकाय है जो प्रेस के प्रहरी के रूप में कार्य करता है। यह नैतिकता के उल्लंघन, प्रेस की स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए और प्रेस की शिकायतों के मामले में निर्णय करता है। भारतीय प्रेस परिषद देश में एक स्वस्थ लोकतंत्र को बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह भी सुनिश्चित करती है कि भारत में प्रेस किसी बाहरी मामले से प्रभावित न हो। वर्तमान में भारतीय प्रेस परिषद की अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुईं न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई हैं। वह परिषद की पहली महिला अध्यक्ष बनाई गई हैं। इसी साल 18 जून को उनकी नियुक्ति हुई है। वह जम्मू कश्मीर परिसीमन आयोग, उत्तराखंड यूनिफार्म सिविल कोड ड्राफ्टिंग कमेटी समेत कई अहम समितियों की सदस्य रह चुकी हैं। भारतीय प्रेस परिषद में अभी भी सदस्यों के 28 में कई पद खाली पड़े हैं।
एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद की हितचिंतक अभियान विगत 6 नवंबर से पूरे राष्ट्र में चल रहा है, जो 20 नवंबर तक चलेगा । झारखंड प्रांत में भी यह अभियान उत्साह पूर्वक चलाया जा रहा है। हितचिंतक अभियान को गति प्रदान करने की दृष्टिकोण से आज दिनांक 14 नवंबर 2012 को विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे का रांची प्रवास हुआ जिसमें पहाड़ी मंदिर, कृषि बाजार पंडरा, रातू, हटिया चौक, हिनू चौक, डोरंडा, चुटिया एवं लालपुर चौक में हितचिंतक अभियान चलाया गया। इस क्रम में सैकड़ों श्रमिक, मजदूर, व्यापारी, अधिवक्ता, चिकित्सक, उद्योगपति आदि हितचिंतक बने। हितचिंतक अभियान के कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा हिंदू समाज के बीच जिहाद, घुसपैठ, धर्मांतरण, हिंदू कन्या रक्षा, गोरक्षा, उग्रवाद जैसे अनेक चुनौतियां हैं। चुनौतियों से मुक्त होने के लिए समाज को संगठित होना आवश्यक है। हिचिंतक के माध्यम से हम गृह संपर्क कर रहे हैं। आज के हितचिंतक कल के कार्यकर्ता बनकर समाज का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा देवों का आराधना तो हमारा धर्म है ही परंतु उससे भी बड़ा धर्म देश, धर्म, संस्कृति एवं पुण्य भूमि की रक्षा हेतु कार्य करना उससे भी बड़ा धर्म है। भगवान बिरसा मुंडा सदैव सनातन संस्कृति के रक्षार्थ कार्य करते रहे। उनके इसी कार्य के कारण ही ईसाई अंग्रेजों ने कारागार में बंद किए एवं ईसाई अंग्रेजों के जेल में ही प्राण की आहुति भी देनी पड़ी। उन्होंने कहा पूतना के जैसा हिंदू समाज के बीच ईसाइयों का कार्य चल रहा है जो सनातन परंपरा एवं संस्कृति के लिए विष के समान है। ऐसे बहुरूपिया को पहचान कर समाज में कहीं घुसपैठ न करें उसकी सभी को प्रयास करना होगा। उन्होने कहा मुस्लिमों के द्वारा पाकुड़, साहिबगंज सहित झारखंड के सभी जिलों में जनजातीय महिलाओं को लक्षित कर उन्हें विवाह करके उनके संस्कृति के साथ साथ धन-संपत्ति को भी हड़प रहे हैं, उनके नाम से राजनीति तक भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा देश में हितचिंतक अभियान उत्साह पूर्वक चल रहा है। देश के अंदर एक करोड़ हितचिंतक बनाएंगे। इसके लिए कार्यकर्ता ढाई लाख गांव में संपर्क अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा विश्व हिंदू परिषद देश के अंदर अनाथालय, वृद्धाश्रम, विद्यालय, महाविद्यालय, सिलाई प्रशिक्षण केंद्र, कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र आदि चलाकर वंचित व कमजोर समाज को सबल एवं सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। कार्यक्रमों में विशेष रूप से हिंदू परिषद के क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद कुमार क्षेत्र अध्यक्ष रामस्वरूप रूंगटा,क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल, प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत सहमंत्री रंगनाथ महतो, विभाग मंत्री किशुन झा, विभाग सहमंत्री विकास सिंह, रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केशरी, महानगर मंत्री चंद्रदीप दुबे, महानगर हितचिंतक अभियान संयोजक नागेंद्र शुक्ला, महानगर सहमंत्री विश्वरंजन कुमार, मातृशक्ति प्रांत प्रमुख दीपारानी कुंज, सामाजिक समरसता प्रांत प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्र, मजदूर नेता ललित ओझा, रेनू अग्रवाल, निशांत यादव, रोहित पांडेय, अशोक पांडेय, मदन विश्वकर्मा, समीर उरांव, हरी प्रसाद महतो, अरुण सिंह, प्रमोद जायसवाल, ग्रामीण जिला मंत्री रोबिन कुमार, सहमंत्री रोशन चौधरी, दुर्गा वाहिनी विभाग सँयोजिका काजल सोनी, जिला प्रचारक बॉसकीनाथ, महेंद्र कुमार, अखिलेश मिश्रा, स्वामी दिव्य ज्ञान, शिशु रोग चिकित्सक डॉ सुबोध कुमार, अधिवक्ता राजेंद्र कृष्ण, उद्योगपति महावीर रुंगटा अधिवक्ता अजय कुमार पाठक अधिवक्ता अनिल कुमार पांडे अधिवक्ता प्रशांत विद्यार्थी अधिवक्ता अमित कुमार राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के उप महानिदेशक रंजीत कुमार तिवारी, अधिवक्ता आशुतोष कुमार,अनिकेत कुमार, गौरव कुमार, रवि शंकर कुमार, विजय शंकर तिवारी सहित सैकड़ों लोगों की सहभागिता रही। उक्त जानकरी झारखंड विहिप के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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