एबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद बजट सत्र की आज से शुरुआत हो रही है। आज बजट सत्र से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज साल 2021-22 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी। इसके बाद वित्त मंत्री 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2022-23 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी। वहीं दूसरी ओर बजट संसद सत्र के आज हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष ने पेगासस जासूसी मामले, पूर्वी लद्दाख में चीनी घुसपैठ जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है और विपक्षी दल की ओर से इसमें जो भी मुद्दे रखें जाएंगे, उस पर विचार करेंगे।' कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें दिन में अलग-अलग समय पर आयोजित होंगी, ताकि कोविड से संबंधित सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन हो सके। बजट सत्र का शेड्यूल : • बजट सत्र के पहले दो दिन शून्यकाल एवं प्रश्नकाल नहीं होंगे। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा बुधवार से शुरू होगी। • ऐसी संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 फरवरी को चर्चा का जवाब देंगे। • लोकसभा सचिवालय के अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए चार दिन रखे गए हैं, जो 2 फरवरी से शुरू होगी। • संसद के बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से 11 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद विभिन्न विभागों के बजटीय आवंटन पर विचार के लिए अवकाश रहेगा। • बजट सत्र का दूसरा चरण 14 मार्च से आरंभ होगा, जो 8 अप्रैल तक चलेगा। राष्ट्रपति का अभिभाषण 31 जनवरी को सुबह 11 बजे होगा। • लोकसभा की बैठक 1 फरवरी को सुबह 11 बजे से होगी और उस दिन आम बजट पेश किया जाएगा। • 2 फरवरी से लोकसभा की कार्यवाही शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक चलेगी। • लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर निचले सदन की बैठक के दौरान दोनों सदनों के कक्षों और दीर्घाओं का इस्तेमाल सदस्यों के बैठने के लिए किया जाएगा। कुल 29 बैठकें होंगी : बजट सत्र के दौरान कुल 29 बैठकें होंगी, जिसमें पहले चरण में 10 बैठक और दूसरे चरण में 19 बैठकें होंगी। बजट सत्र का आयोजन ऐसे समय हो रहा है, जब पांच राज्यों- उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब व मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ये मुद्दे उठाएगा विपक्ष : मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बजट सत्र में कोरोना प्रभावित परिवारों के लिए राहत पैकेज, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों से जुड़े मुद्दे, सीमा पर चीन के साथ गतिरोध और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि सीमा पर चीन की बढ़ती आक्रामकता और उसके साथ चल रहे गतिरोध, महंगाई, बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था की स्थिति, एयर इंडिया तथा दूसरी सरकारी कंपनियों के निजीकरण तथा किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। संसद सत्र का कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिये राज्यसभा के सभापति एवं उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद पटेल सोमवार को राजनीतिक दलों के सदनों में नेताओं के साथ बैठक करेंगे। लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के अनुसार, कार्य मंत्रणा समिति की बैठक सोमवार 31 जनवरी को होगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में स्कूल खोलने को लेकर चर्चाएं जोरों पर है। वहीं प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से राजधानी रांची में राज्य स्तरीय विचार संगोष्ठी की गई, जहां अभिभावकों को भी आमंत्रित किया गया। अभिभावकों ने हेमंत सरकार से अपील की है और झारखंड में स्कूल खोलने की मांग तेज कर दी है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए राज्य भर में जनवरी माह के प्रथम सप्ताह से ही तमाम शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ स्कूल कॉलेज को बंद कर दिया गया। अब एक बार फिर कोरोना महामारी के कम होते रफ्तार को देखते हुए विभिन्न संगठनों के साथ-साथ अभिभावकों और प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन ने झारखंड सरकार से स्कूल खोलने की मांग की है। इसी कड़ी में एसोसिएशन की ओर से राजधानी रांची में इस विषय को लेकर एक राज्यस्तरीय विचार संगोष्ठी की गई। जहां राज्य भर के प्रतिनिधि और अभिभावक भी शामिल हुए। इस राज्य स्तरीय संगोष्ठी में लोगों ने कहा कि कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करते हुए अब क्लास वन से लेकर 12वीं तक के स्कूलों को खोला जाना चाहिए। 22 महीने से बंद है बच्चों का स्कूल : झारखंड में पिछले 22 महीने से प्राथमिक स्कूल बंद हैं। वर्ष 2015 और 16 में जन्म लेने वाले बच्चों ने अब तक स्कूल में कदम तक नहीं रखा है। करीब 2 वर्ष के दौरान कोरोना संक्रमण काल में लोगों ने कई परेशानियों के झेला है और अब इस बीमारी से लड़ाई का तरीका भी सीख लिया है। अब धीरे-धीरे स्थितियां सामान्य हो रही हैं। इसलिए आवश्यक दिशा निर्देश के साथ स्कूलों को खोला जाना चाहिए। बच्चों और उनके अभिभावक युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इसलिए राज्य सरकार अब यह फैसला ले कि किस तरह से सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए कम उपस्थिति में स्कूल खोला जा सके। शिक्षा को लेकर माता-पिता से ज्यादा गुरु चिंतित हैं। मोबाइल की वजह से आठ दस साल के बच्चे बड़े और मेच्योर नजर आने लगे हैं। इस ओर भी ध्यान देने की जरूरत है। स्कूल खोलने के बाद ही इन परेशानियों को दूर किया जा सकता है।
टीम एबीएन, रांची। जेल में बंद कैदियों के प्रति राज्य सरकार सख्त है। शिकायतें अति हैं कि अपराधी जेल से ही अपना सिंडिकेट चलते हैं। ऐसे में सरकार उन्हें कोई मौका नहीं देना चाहती है। इसी को लेकर मुख्य सचिव और डीजीपी के मीटिंग के बाद अपराधियों पर नकेल कसने के लिए हर तरह की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में रांची जिला प्रशासन और रांची पुलिस की टीम ने अचानक छापेमारी की है। छापेमारी में रांची डीसी, एसएसपी, एसडीओ, कई डीएसपी, आठ थानेदार सहित 100 से अधिक जवानों को लगाया गया है। जेल में महिला बैरक की जांच के लिए अलग से महिला पुलिस कर्मियों को भी लगाया गया है। छापेमारी के दौरान रांची जेल के अंदर बंद सभी कुख्यात अपराध कर्मियों के सेल को खंगाला जा रहा है। वहीं इस दौरान सभी जेल कर्मियों को बाहर रहने का ही निर्देश दिया गया है। छापेमारी के दौरान पूरे जेल परिसर को खंगाला जा रहा है। हालांकि अभी तक जेल से कोई आपत्तिजनक सम्मान मिला है या नहीं इसकी जानकारी बाहर निकलकर नहीं आ पाई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार आगामी आम बजट में देश में हरित हाइड्रोजन को बढ़ावा देने के लिए लक्षित वित्तीय प्रोत्साहनों के अलावा कोष का आवंटन कर सकती है। आम बजट मंगलवार को पेश किया जाना है। सरकार ने 2021 में राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन शुरू किया है। इस महीने की शुरुआत में बिजली और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने संकेत दिया था कि फरवरी में हरित हाइड्रोजन नीति लाई जाएगी, जिसमें देश में हरित हाइड्रोजन को प्रोत्साहन देने के लिए कई उपाय शामिल होंगे। जे सागर एसोसिएट्स (जेएसए) के भागीदार वेंकटेश रमन प्रसाद ने कहा, 2021 में राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन शुरू किया गया है। संभावना है कि बजट में हरित हाइड्रोजन खंड में अनुसंधान एवं विकास के लिए लक्षित वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया जा सकता है। इसके अलावा हाइड्रोजन के लिए घरेलू आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण और हरित हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रोलाइजर पर सीमा शुल्क को घटाया जा सकता है। प्रसाद का कहना है कि सीओपी-26 में 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य का लक्ष्य प्राप्त करने और 2030 तक कुल बिजली जरूरत का 50 प्रतिशत अक्षय ऊर्जा से पूरा करने की प्रतिबद्धता दर्शाती है कि सरकार ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों पर ध्यान केंद्रित करने का इरादा रखती है। ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (सीईईडब्ल्यू) के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रमुख (प्रोग्राम लीड) हेमंत माल्या का विचार है कि हरित हाइड्रोजन के कई औद्योगिक उपयोग हैं और यह लौह और इस्पात उद्योग को संभावित रूप से कॉर्बन-मुक्त करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में 2024 तक 1,200 करोड़ रुपए का परिव्यय इस क्षेत्र में कई पायलट परियोजनाओं की शुरुआत में मददगार हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 165 करोड़ रुपए के और समर्थन से क्षेत्र में शोध एवं विकास (आरएंडडी) को आगे बढ़ाया जा सकता है।
टीम एबीएन, रांची। मरीजों के लिए अच्छी खबर है। अब रिम्स अस्पताल में पहली पाली में आने वाले सभी मरीजों का इलाज किया जाएगा। इससे पहले कोरोना संक्रमण की रफ्तार अधिक होने पर पहली पाली में 1 बजे तक सिर्फ 40 मरीज को देखने की व्यवस्था कर दी गई थी। वहीं रिम्स प्रबंधन जल्द ही दूसरी पाली में भी मरीजों के इलाज की व्यवसथा करने की तैयारी कर रहा है। अभी रिस्ट्रिक्शन के चलते दूर दराज के कई मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ता था। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ जाती थी। बता दें कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए रिम्स अस्पताल में ओपीडी के समय में बदलाव किया गया था। जिसमें सुबह 9 से 1 तक में मात्र 40 मरीजों को देखने का आदेश जारी हुआ था और दूसरी पाली में ओपीडी सेवा संक्रमण की वजह से बंद कर दिया गया था। लेकिन मरीजों की परेशानी को देखते हुए रिम्स प्रबंधन ने यह आदेश जारी किया है कि पहली पाली में अब सिर्फ 40 मरीजों को देखने के रिस्ट्रिक्शन को हटा दिया गया है। पहली पाली में जितने भी मरीज आएंगे उनका इलाज किया जाएगा। वहीं अभी दूसरी पाली में ओपीडी सेवा बंद रहेगी लेकिन जल्दी मरीजों की सुविधा को देखते हुए रिम्स प्रबंधन दूसरी पाली में भी ओपीडी सेवा बहाल करने के लिए प्रयासरत है।
टीम एबीएन, रांची। कोरोना संक्रमण की वजह से बंद पड़े स्कूलों को खोलने को लेकर लगातार कई संगठनों की ओर से मांग उठाई जा रही है। वहीं कई निजी स्कूलों ने भी स्कूल खोलने के पक्ष में अपनी राय सरकार को दी है। इसी कड़ी में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने आपदा प्रबंधन के सचिव और शिक्षा सचिव के साथ स्कूल खोलने को लेकर चर्चा की है। कोरोना के तीसरी लहर से पहले झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से जूनियर बच्चों के लिए भी स्कूल खोलने की तैयारी की जा रही थी। नर्सरी से लेकर क्लास 5 के बच्चों के लिए भी स्कूल खोले जाने की तैयारी सरकार ने कर रखी थी। इसे लेकर विभिन्न निजी स्कूलों ने भी अपनी मंशा जाहिर की थी। लेकिन अचानक कोरोना की बढ़ती रफ्तार के कारण छठी से लेकर 12वीं तक के स्कूलों को भी एक बार फिर बंद करना पड़ा। तमाम शिक्षण संस्थानों में दोबारा ताला लटक गए। लेकिन अब कोरोना की रफ्तार थोड़ी कम हो रही है और इसके मद्देनजर राज्य सरकार के शिक्षा विभाग नर्सरी से लेकर 12वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल ओपन करने को लेकर मंथन कर रही है। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो लगातार मामले को लेकर विशेषज्ञों की राय जान रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव और शिक्षा सचिव की मामले को लेकर चर्चा भी हुई है। बच्चों की पढ़ाई कैसे हो या इनके लिए कब और किस तरह से स्कूल खोले जाएं। इस पर विचार विमर्श किया गया। हालांकि फिलहाल स्कूल खोले जाने को लेकर तिथि तय नहीं हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मुख्यमंत्री की भी एक महत्वपूर्ण बैठक जल्द होगी। उसके बाद ही शिक्षा विभाग स्कूल खोलने को लेकर निर्णय ले सकता है। प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन भी लगातार सरकार और शिक्षा विभाग से स्कूल खोलने का आग्रह कर रही है। दूसरी ओर देश के कई राज्यों में धीरे-धीरे स्कूल ओपन कर दिया गया है। राज्य सरकार की ओर से ऐसे ही राज्यों का व्यवस्था का आकलन करते हुए झारखंड में भी स्कूल ओपन करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है। शिक्षा मंत्री ने सीधे तौर पर कहा है कि स्कूल खोलने को लेकर अधिकारियों के साथ लगातार मंथन किया जा रहा है। अभिभावक और समाजसेवियों से भी राय ली जा रही है। ऑनलाइन पठन-पाठन से बच्चों को फायदा नहीं मिल रहा है। सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई हो ही नहीं रही है। सरकारी स्कूलों तक ऑनलाइन शिक्षा की पहुंच नहीं है। ऐसे में वह स्कूल खोलने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल खोलने से पहले अभिभावकों की राय ली जाएगी। तमाम लोगों से विचार-विमर्श किया जाएगा। आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश के बाद स्कूल खोली जाएगी।
टीम एबीएन, रांची। कोरोना की रफ्तार धीमी होते ही झारखंड में स्कूल खोलने को लेकर सरकार के स्तर पर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इसी को लेकर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के साथ उनके आवास पर निजी स्कूलों के संचालकों के साथ बैठक हुई। जिसमें शिक्षा मंत्री ने फरवरी के दूसरे सप्ताह से स्कूल खोले जाने को लेकर अपनी सहमति दी है। शिक्षा मंत्री के इस फैसले के बाद आपदा प्रबंधन विभाग और मुख्यमंत्री इस संबंध में आखिरी फैसला लेंगे। आपदा प्रबंधन विभाग के साथ होगी बैठक : झारखंड में स्कूल खोलने को लेकर शिक्षा मंत्री मंत्री जगरनाथ महतो आपदा प्रबंधन विभाग के पदाधिकारियों के साथ एक बैठक करेंगे। उसके बाद वे शिक्षा विभाग के निर्णय से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। आपदा प्रबंधन विभाग और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस संबंध में जो भी निर्णय लेंगे उसी पर झारखंड शिक्षा विभाग अमल करेगा। हालांकि शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने फरवरी के दूसरे सप्ताह से राज्यभर में स्कूल कॉलेज कोरोना गाइडलाइन के तहत खुलने की उम्मीद जताई है। वहीं स्कूल खोलने के आश्वासन के बाद स्कूल संचालक के सदस्य काफी खुश दिखे।
टीम एबीएन, रांची। माननीय कृषि मंत्री श्री बादल ने कहा कि राज्य के सभी बिरसा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित करना है। सभी बिरसा कृषक चाहे वे पीएच कार्ड, हरा राशन कार्ड, सफेद राशन कार्ड धारक हों अथवा बटाईदार हों उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़कर लाभांवित कराना हमारा लक्ष्य है। श्री बादल ने कहा कि बैंक से सामंजस्य स्थापित कर अधिक से अधिक जरूरतमंद कृषकों को इसका लाभ दिलवाएं, बेवजह किसी का आवेदन बैंक द्वारा रिजेक्ट न किया जाए। वे आज नेपाल हाउस में आयोजित प्रमंडलस्तरीय समीक्षा बैठक में दक्षिण छोटानागपुर प्रमण्डल के विभिन्न जिलों के उपायुक्तों के साथ कृषि विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। श्री बादल ने कहा कि राज्य में हर दो पंचायत पर एक धान अधिप्राप्ति केंद्र खोला जाए तथा उसे लैंप्स पैक्स से जोड़ा जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था कराई जाए जिससे किसानों को उनके आवास के निकट ही धान के सैंपल को चेक किया जा सके। श्री बादल ने कहा कि मत्स्य उत्पादन के लिये तालाबों की नीलामी में पारदर्शिता लाई जाए जिससे इसमें अधिक लोग शामिल हो सकें। अधिक लोगों के शामिल होने से सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी। माननीय मंत्री ने कहा कि राज्य में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिये नए तालाबों के निर्माण के साथ-साथ पुराने तालाबों के जिर्णोद्धार पर भी विशेष ध्यान देना है। डोभा निर्माण एवं डीप बोरिंग सिस्टम की व्यवस्था भी किसानों को कराई जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पशुधन योजना से लोगों को जोड़ें जिससे कृषकों के सर्वांगीण विकास में सहायता प्राप्त होगी। कृषि सचिव अबु बकर सिद्दिकी ने समीक्षा के क्रम में प्रमंडल के सभी जिले के उपायुक्तों को कहा कि हमारी प्राथमिकता अधिक से अधिक लाभुकों को लाभ दिलाना हैं । इस हेतु कृषि विभाग की योजनाओं के प्रचार प्रसार में फ्लैक्स, नुक्कड़ नाटक, कृषि मेला का इस्तेमाल कोविड गाइडलाइन के अनुरूप करें, जिससे अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिये जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी जिले के उपायुक्त कृषि विभाग की समीक्षा समय-समय पर करते रहें एवं मुख्यालय को इससे संबंधित आवश्यक्ताओं से अवगत कराते रहें। उन्होंने कहा कि किसी जिले में यदि कोई नई पहल होती है तो उसे साझा करें। उपायुक्तों द्वारा कृषि विभाग में मैन पावर की कमी कि ओर विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया गया जिस वजह से योजनाओं को मूर्त रूप देने में समस्या आ रही है। इसपर कृषि सचिव ने कहा कि नियमावली के अनुसार आॅऊटसोर्स से भी मैनपॉवर बहाल कर लें एवं झारखण्ड बनने के बाद के जो नए जिले बने हैं वे कृषि विभाग के सैंक्सन पद हेतु आवेदन मुख्यालय को उपलब्ध करा दें। समीक्षा बैठक में कृषि निदेशक निशा उरांव, पशुपालन निदेशक शशि प्रकाश झा, मत्स्य निदेशक एचएन द्विवेदी, सहकारिता निबंधक मृंत्यजंय वर्णवाल, समिति निदेशक सुभाष सिंह एवं विशेष सचिव प्रदीप हजारे सहित विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। 17वीं लोकसभा के 8वें सत्र के पहले दो दिनों के दौरान दोनों सदनों में राष्ट्रपति का अभिभाषण और बजट का प्रेजेंटेशन होगा। इस वजह से 31 जनवरी और 1 फरवरी 2022 को शून्य काल नहीं होगा। शून्य काल के दौरान उठाए गए सार्वजनिक महत्व के मामलों को 2 फरवरी 2022 से लिया जाएगा। संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से आरंभ हो रहा है। राष्ट्रपति का अभिभाषण 31 जनवरी को होगा। सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें दिन में अलग-अलग समय पर आयोजित होंगी, ताकि कोविड से जुड़ी सामाजिक दूरी के नियमों का पालन हो सके। 1 फरवरी को आम बजट पेश होगा : लोकसभा की बैठक 1 फरवरी को सुबह 11 बजे होगी और उस दिन आम बजट पेश किया जाएगा। 2 फरवरी से लोकसभा की कार्यवाही शाम चार बजे से रात नौ बजे तक चलेगी। बजट सत्र का पहला चरण 11 फरवरी तक होना है। 14 मार्च से बजट सत्र का दूसरा चरण : लोकसभा सचिवालय के हाल की बुलेटिन के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर निचले सदन की बैठक के दौरान दोनों सदनों के कक्षों और दीर्घाओं का इस्तेमाल सदस्यों के बैठने के लिए किया जाएगा। बजट सत्र का दूसरा चरण 14 मार्च से आरंभ होगा जो 8 अप्रैल तक चलेगा।
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