एबीएन सेंट्रल डेस्क। राज्यसभा कल एक घंटे के लिए स्थगित रहेगी। देश के संगीत जगत की सबसे बड़ी हस्तियों में शुमार लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देने के बाद राज्यसभा कल सोमवार करीब एक घंटे के लिए स्थगित रहेगी। देश में उनके लिए 2 दिन का शोक रखा गया है, उनकी याद में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। बता दें कि स्वर कोकिला के नाम से महशूर लता दीदी आज हमारे बीच नही रहीं। उन्होंने आज सुबह 8 बजकर 12 मिनट पर दुनिया को अलविदा कहा। दीदी के निधन के बाद पूरा देश शोक की लहर में डूबा हुआ है। महाराष्ट्र सरकार ने लता मंगेशकर के निधन के बाद उनकी याद में कल एक दिन का राजकीय शोक और सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।ममता बनर्जी ने बंगाल में सोमवार को आधे दिन का अवकाश की घोषणा की है। बनर्जी ने कहा कि मंगेशकर के गीत अगले 15 दिनों तक राज्य में सार्वजनिक स्थानों और यातायात सिग्नल पर बजाए जाएंगे। कोविड-19 के हल्के लक्षणों और संक्रमण की पुष्टि होने के बाद मंगेशकर को आठ जनवरी को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। वहां डॉक्टर प्रतीत सामदानी और उनकी टीम ने गायिका का इलाज किया। गायिका की सेहत में सुधार आने के बाद जनवरी में उन्हें वेंटिलेटर से हटाया गया था, लेकिन शनिवार को फिर से उनकी सेहत बिगड़ने लगी। उन्होंने रविवार सुबह अंतिम सांस ली। वह 92 साल की थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना की तीसरी लहर में केंद्रीय कर्मचारियों घर से काम करने की मिली छूट अब खत्म हो रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सोमवार से सभी केंद्रीय कर्मियों को ऑफिस आना होगा। दरअसल, देश में कोरोना की तीसरी लहर आने पर 50 फीसदी केंद्रीय कर्मचारियों को दफ्तर आने के लिए कहा गया था। इसमें दिव्यांग और महिला कर्मचारियों को घर से ही काम करने की अनुमति दी गई थी लेकिन अब कोरोना की तीसरी लहर का असर कम हो रहा है तो फिर सरकार ने कर्मचारियों को ऑफिस बुलाना शुरू कर दिया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर रविवार सुबह दुनिया को अलविदा कह गईं। लता मंगेशकर के निधन पर देश में दो दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है। केंद्र सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। वहीं लता दीदी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगा। इस दौरान उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे से लिपटाया जाएगा और सशस्त्र सेना के जवान अतिम संस्कार में सलामी देंगे। बता दें कि लता मंगेशकर का आज सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल निधन हो गया। वह 92 साल की थीं और 29 दिनों से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के ICU में भर्ती थीं। उनके निधन पर देशभर में शोक की लहर है। बता दें कि भारत रत्न से सम्मानित किसी भी शख्सियत के निधन को अपूर्णीय क्षति मानते हुए राजकीय शोक की घोषणा की जाती है। पहले इसकी घोषणा केवल केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति करते थे लेकिन अब राज्य सरकारें भी राजकीय शोक की घोषणा करती हैं। राष्ट्रीय ध्वज संहिता के अनुसार राजकीय शोक के दौरान संसद, सचिवालय, विधानसभा, अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय भवनों या सरकारी कार्यालयों पर लगा राष्ट्रध्वज आधा झुका रहता है। इसके अलावा देश से बाहर स्थित भारतीय दूतावासों पर भी राष्ट्रध्वज आधा झुका रहता है। राष्ट्रीय शोक के दौरान कोई सरकारी या औपचारिक कार्यक्रम को आयोजन नहीं किया जाता है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब फूड पैकेट दिया जाएगा। राज्य में मध्याह्न भोजन के कुकिंग कॉस्ट की राशि से फूड पैकेट तैयार करके देने की एक बार फिर से तैयारी शुरू कर दी गई है। फ़ूड पैकेट अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 तक के लिए कक्षा एक से आठवीं कक्षा तक में पढ़ने वाले सभी बच्चों को दिया जाएगा। पिछले 10 महीनों के लिए 32 लाख छात्र-छात्राओं के लिए 370 करोड़ की कुकिंग कास्ट की राशि है। इस राशि से फूड पैकेट देने या फिर राशि बच्चों के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर करने के लिए अंतिम निर्णय स्टीयरिंग कमेटी करेगी। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की ओर से स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने कमेटी को प्रस्ताव भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के कारण राज्य के स्कूल 17 मार्च 2020 से ही बंद थे। इसके कारण बच्चों को दिया जाने वाला मिड डे मील बंद था। बच्चों को चावल उपलब्ध कराया जा रहा था और कुकिंग कॉस्ट की राशि भी दी जा रही थी। सितंबर 2020 से मार्च 2021 तक के कुकिंग कॉस्ट की राशि के लिए टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। दो कंपनियों के टेंडर फाइनल भी हुए, लेकिन इसे रद्द कर दिया गया और बाद में बच्चों के बैंक खाते में ही राशि देने का निर्णय लिया गया। वर्तमान मे डीबीटी के माध्यम से राशि भुगतान की प्रक्रिया जारी है। बच्चों को अभी भी अप्रैल 2021 से कुकिंग कॉस्ट की राशि नहीं मिल सकी है। पहली से पांचवीं के बच्चों को एक दिन के कुकिंग कॉस्ट की राशि के रूप में 5.91 रुपए और छठी से आठवीं के बच्चों को 7.45 रुपए दिये जाते हैं। बच्चों को दो सौ से ज्यादा दिनों की कुकिंग कॉस्ट की राशि उपलब्ध करायी जाएगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार राज्य में पर्यटन को विश्व पटल पर लाने के प्रति संजीदा है। राज्य की भौगोलिक स्थिति व प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटन के लिहाज से अनुकूल है भी। सरकार ने राज्य में पर्यटकों को आकर्षित करने और उन्हें गुणवत्तापूर्ण सुविधा उपलब्ध कराने के उदेश्य से पर्यटन के क्षेत्र में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए नई पर्यटन नीति बनाई है। पर्यटन नीति की मंत्रिपरिषद से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इसमें कोई संदेह नहीं कि आने वाले दिनों में पर्यटन से रोजगार के अवसर सृजित करने और राजस्व में बढ़ोतरी करने के विजन के साथ झारखण्ड पर्यटन के क्षेत्र में बदलाव का वाहक बनेगा। राज्य पर्यटन विकास की संभावनाओं से भरा है। राज्य के 33 प्रतिशत वन से आच्छादित भू-क्षेत्र को पर्यटन के लिहाज से बड़ा बाजार बनाने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ा दिया है। ग्रामीण विकास और ग्रामीणों का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। इस निमित्त पर्यटन विभाग, झारखंड के विभिन्न पर्यटन स्थलों के आसपास के क्षेत्रों में होमस्टे को बढ़ावा देने जा रहा है। इन होमस्टे को राज्य के पर्यटन स्थलों के पास रहने वाले ग्रामीण आबादी के सहयोग से विकसित किया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही झारखंड की परंपरा और संस्कृति के बारे में लोगों को रूबरू कराने में भी मदद मिलेगी। पर्यटन स्थल के पास स्थित गांव में प्रवास को विकसित करने की योजना के साथ सरकार कुछ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर रहने की सुविधाओं की कमी को भी दूर करने की कोशिश कर रही है। होम स्टे के निर्माण में सरकार अनुदान से लेकर अन्य सुविधाएं देने के प्रावधान की दिशा में कार्य करने जा रही है। प्रदेश भर में पर्यटक सुविधा केंद्र विकसित करने की भी योजना पर्यटन नीति के तहत समाहित की गई है। योजना के अनुसार पर्यटन विभाग पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले रास्तों पर पर्यटक सुविधा केंद्र बनाएगा। ये केंद्र पर्यटकों को सूचना देने के साथ सभी मूलभूत सुविधाओं से लैस होंगे। इन केंद्रों से पर्यटक जो लंबी सड़क यात्राएं करते हैं, उन्हें ठहरने और भोजन की सुविधा मिलेगी। राज्य सरकार रास्ते के किनारे की सुविधाएं, पर्यटक सूचना केंद्र, शिल्प केंद्र, एटीएम सहित आवश्यक सुविधाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए मंच सहित बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने का कार्य करेगी। झारखण्ड में इको-टूरिज्म के क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। हरे-भरे जंगल, जलप्रपात, भू-भाग, समृद्ध वन्य जीवन इसे वन ट्रेल्स, नेचर वॉक, जंगल सफारी, ट्रेकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग आदि झारखण्ड को इको- टूरिज्म के विकास के लिए एक आदर्श स्थान प्रदान करता है। लातेहार-नेतरहाट-बेतला-चांडिल-दलमा-मिरचैया-गेतलसूद सकिर्ट को ईको-सकिर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने बृहस्पतिवार को बताया कि देश में सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) के तहत कुल 16,798.61 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग हैं और इस समय देश में इस व्यवस्था के तहत 331 शुल्क प्लाजा परिचालन में हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि 2021-22 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजाओं द्वारा 28,499.12 करोड़ रुपये संग्रहित किये गये। एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में गडकरी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर 752 ऐसे टोल प्लाजा संचालित हैं जिनका परिचालन निजी हाथों में है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की जमीन से देशभर में साइबर अपराधियों के द्वारा ठगी के वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। साइबर अपराधियों के द्वारा इसके लिए फर्जी सिमकार्ड का इस्तेमाल किया जाता है। इसके मद्देनजर राज्य पुलिस मुख्यालय फर्जी सिमकार्ड के उपयोग पर रोक लगायेगा। इसके लिए साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के तौर पर चिह्नित इलाकों में इस्तेमाल होने वाले सभी सिम कार्ड की जांच होगी। उनका सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद फर्जी तरीके से जारी सिम कार्ड को लेकर अलग से एफआईआर दर्ज की जाएगी। राज्य पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, आजादी के अमृत महोत्सव के तहत साइबर स्वच्छ भारत के तहत इस अभियान को चलाया जाएगा ताकि साइबर अपराध पर लगाम लगायी जा सके। मेवात का मॉडल अपनाएगी पुलिस राज्य पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, साइबर अपराधियों पर लगाम के लिए झारखंड पुलिस मेवात मॉडल अपनाएगी। हरियाणा के मेवात से भी साइबर अपराध के मामले लगातार सामने आए हैं। जामताड़ा की तरह ही मेवात का इलाका देशभर में साइबर अपराध के कारण चर्चा में था। यहां 16.69 लाख सिमकार्ड का पुन:सत्यापन सभी सिम कार्ड प्रोवाइडर कंपनियों से कराया गया था। पुन:सत्यापन के दौरान कुल 4.27 लाख सिम कार्ड के अवैध तरीके से चालू कराने की बात सामने आयी। इसके बाद कुल 4.27 लाख सिमकार्ड को बंद करा दिया गया था। इन सिम कार्ड के अवैध तरीके से इश्यू किए जाने के मामले में अलग से विधि सम्मत कार्रवाई भी की गई। राज्य पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, जामताड़ा के अलावा हाल के दिनों में देवघर साइबर अपराधियों के नए सेंटर के तौर पर उभरा है। गिरिडीह, धनबाद, कोल्हान व रांची में भी साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी में थाना स्तर पर पुलिसकर्मियों के कार्यों की समीक्षा क्राइम मीटिंग के दौरान होगी। इसको लेकर मॉनिटरिंग फॉर्मेट तैयार किया गया है। इस फॉर्मेट को ऑनलाइन भरना करना होगा, ताकि जब भी क्राइम मीटिंग हो तब कंप्यूटर के जरिए ही थाना में पदस्थापित सभी कर्मियों के कामकाज का ब्यौरा एक साथ मिल सके। राजधानी रांची में सप्ताह में एक दिन क्राइम मीटिंग होती है। इसमें जिले के सभी थानों में दर्ज कांडों की समीक्षा की जाती है। क्राइम मीटिंग के दौरान थाना प्रभारियों को कई निर्देश दिए जाते हैं। वरीय अधिकारियों के दिशा निर्देश को थाना प्रभारी अपने थाने में पदस्थापित अपने कनीय अधिकारियों के साथ मिलकर पालन करते हैं, लेकिन कई बार वरीय पदाधिकारियों के आदेश का पालन नहीं किया जाता है। यही वजह है कि अब एक फॉर्मेट बनाया गया है। इस फॉर्मेट को क्राइम मीटिंग से पहले ही थाना प्रभारियों को सिटी एसपी कार्यालय में रिपोर्ट जमा करना होगा। रांची के सिटी एसपी सौरभ ने बताया कि एक फॉर्मेट बनाकर सभी थानों में सर्कुलेट किया गया है। फॉर्मेट में डाटा भरकर लाने का टास्क दिया गया है। थानों में पदस्थापित पुलिसकर्मी फॉर्मेट में अपने कार्यों का ब्योरा देंगे तो वे अपने काम को लेकर कितने संवेदनशील है, इसका आकलन आसानी से किया जा सकेगा। सिटी एसपी ने कहा कि वर्तमान समय में पुलिसकर्मियो के ऑब्जेक्टिव मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्रयास किया जा रहा है। रांची के सभी थानों में पदस्थापित पुलिसकर्मियों के कामकाज की समीक्षा के लिए लिए रेटिंग सिस्टम भी लागू किया गया है। पुलिसकर्मियों की रेटिंग फील्ड वर्क, विधि व्यवस्था का संभालना, अनुसंधान और प्रबंधन के आधार पर तय की जाती है। इस रेटिंग में केस के निष्पादन और पेंडिंग कार्य भी आधार माना जाता है। इससे संबंधित आदेश रांची के सिटी एसपी की ओर से सभी डीएसपी, एएसपी, थानेदारों और ओपी प्रभारियों को पहले दी जा चुकी है। इस रेटिंग के लिए एक कॉलम भी बनाकर सभी थानों को भेजा गया है। इसके तहत पुलिसकर्मियों की रेटिंग थानेदार स्तर पर देने के बाद संबंधित डीएसपी को भेजा जाएगा। थानेदार के दिए नंबर के अलावा डीएसपी अपने मंतव्य के आधार पर नंबर देते हैं। यह नंबर शून्य से लेकर दस तक है। पुलिसकर्मियों के कार्यों के आधार पर डीएसपी और थानेदार अपने स्वविवेक से आकलन करते हैं और एसपी कार्यालय को रिपोर्ट सौंपते हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के 17 जिलों में शुक्रवार से स्कूल कॉलेज पूरी तरह खुल जाएंगे। स्कूलों को खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। स्कूलों में साफ सफाई के साथ सैनिटाइजेशन का कार्य कराया जा रहा है।राजधानी रांची में शुक्रवार से नौवीं से 12वीं तक के स्कूल खुल जाएंगे। इसके लिए स्कूल प्रबंधकों ने तैयारी पूरी कर ली है। कोरोना की तीसरी लहर के बाद राज्य सरकार द्वारा स्कूल खोलने की अनुमति दी गई। उसके बाद स्कूलों को दो दिन का वक्त साफ-सफाई और सेनेटाइजेशन के लिए दिया गया। गुरुवार को भी कई स्कूलों में साफ-सफाई और सेनेटाइजेशन का काम पूरा हुआ। स्कूल प्रबंधकों ने बताया कि उन्होंने बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आॅफलाइन कक्षा में शामिल होने का संदेश दे दिया है।
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