टीम एबीएन, रांची। आज विश्व हृदय दिवस के मौके पर मेदांता ने पेशेंट कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें लगभग 80 से भी अधिक कार्डियक पेशेंट ने भाग लिया। इनमें यहां इलाज करा चुके पेशेंट्स के साथ ही उनके परिजन भी थे। इन सभी ने इस आयोजन में शामिल होते हुए अपनी दिल की बात रखी और मेदान्ता रांची के इस पहल की सराहना की।
इस आयोजन में कार्डियक पेशेंट और उनके परिजनों से कनेक्ट होते हुए मेदान्ता रांची के सीनियर इंटरवेशनल कार्डियोलोजिस्ट डॉक्टर नीरज प्रसाद ने कहा कि अगर आप हृदय को हेल्दी रखना चाहते हैं तो सबसे पहले खुद को हेल्दी रखें। उन्होंने कहा कि हृदय को हेल्दी रखने के लिए किसी भी प्रकार का नशा न करें। भोजन को अनुशासन में लें। हृदय रोग में खुद को स्थिर रखें। अगर धूम्रपान करते हो तो उसे तुरंत त्याग दें साथ ही वैसी जगह पर न रहें, जहां पर कोई और धूम्रपान कर रहा हो। क्योंकि उसका धुआं उतना ही खतरनाक है। जितना धूम्रपान करना। डॉक्टर नीरज ने यह भी बताया कि तनाव से खुद को दूर रखें, जीवनशैली को मेंटेन रखें साथ ही अपने जीवन में एक्सरसाइज को भी जरूर शामिल करें।
इस मौके पर पेशेंट्स और परिजनों के सामने अपनी बात रखते हुए कंसल्टेंट कॉर्डियोलॉजी डॉक्टर मुकेश अग्रवाल ने कहा कि अगर किसी को हार्ट डिजीज होने की जानकारी मिले तो हिम्मत नहीं हारना चाहिए। आज चिकित्सा उन्नत दौर में है। थोड़ी हिम्मत और थोड़ा सा धैर्य रख कर इलाज किया जाए तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। डॉक्टर मुकेश ने मौके पर उपस्थित लोगों को हार्ट अटैक होने के कारण, उसके लिए अहम चिकित्सा और लाइफ स्टाइल में बदलाव के बारे जानकारी दी। उनका यह भी कहना था कि अगर लाइफ स्टाइल में थोड़ा बदलाव किया जाए और संतुलित तरीके से रहा जाए तो हार्ट अटैक या डिजीज होने की आशंका कम हो जाती है। अपने संबोधन में डॉक्टर मुकेश ने कोरोनरी एंजियोग्राफी के बारे में भी जानकारी दी।
वहीं मेदांता रांची के कार्डियक सर्जरी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर मिलन कुंडू ने कहा कि, हार्ट डिजीज में समय पर इलाज होना भी बहुत मायने रखता है। एक उम्र विशेष के बाद खुद के हेल्थ के प्रति जागरूक होना चाहिए। अगर हार्ट को लेकर हम जागरूक रहें, वक्त वक्त पर जरूरी जांच करवाते रहे तो हार्ट डिजीज से काफी हद तक बचाव हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हार्ट डिजीज हो भी जाता है तो धैर्य रखें और डॉक्टर की बात, सलाह पर गौर करें।
मेदांता हाॅस्पिटल रांची की डाॅ. मनीषा ने विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य में हृदय को स्वस्थ रखने के लिए हमारे बच्चों के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय बताएं। बच्चे नियमित तौर पर किसी भी प्रकार का खेल अवश्य खेलें जिससे उनके शारिरिक एवं मानसिक विकास में इजाफा होता रहे और मोबाईल और टीवी से अवश्य दूरी बनाये रखें। बच्चों के लिए जरूरी है कि वे घर का बना पौष्टिक आहार खांए और बाहर का तला-भुना, पैकेज फूड, मैदे से बने पदार्थ का सेवन कम से कम करें। जो बच्चों के हृदय के स्वास्थ्य के लिए भविष्य में हानीकारक होगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए माता-पिता एवं स्कूल के अध्यापाकों को बचपन से ही बच्चों को हृदय संबंधित आवश्यक जानकारी से अवगत कराना चाहिए।
मेदांता हाॅस्पिटल रांची के सिनियर कंसल्टेंट कार्डियक एनेस्थीसिया डाॅ. शौलेन्द्र सहाय ने कहा कि भारत में 50 प्रतिशत से ज्यादा क्रोनरी आर्टरी डायसिस/हार्ट अटैक 50 साल से कम उम्र के लोगों में होती है इसलिए 40 साल के बाद हर व्यक्ति को अपना हेल्थ चेकअप साल में एक बार जरूर करवाना चाहिए। हर व्यक्ति को अपना ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखनी चाहिए तथा धूम्रपान एवं तम्बाकू के सेवन से बचना चाहिए।
इस आयोजन के बारे में मेदान्ता रांची के हॉस्पिटल डॉयरेक्टर विश्वजीत कुमार कहते हैं, ऐसे आयोजन कराने का हमारा उद्देश्य यह रहता है कि हम अपने सभी पेशेंट्स को अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं। हमारी कोशिश होती है कि अगर कोई यहां से इलाज करवा चुका है तो यहां की अच्छी याद को वो साथ रखे। हमारा रिश्ता केवल इलाज तक ही नहीं रहे। मेदान्ता रांची में अफोर्डेबल रेंज में चिकित्सा की विश्वस्तरीय इलाज की सुविधा है।