टीम एबीएन, चौपारण (हजारीबाग)। गर्म यानी सुसुम पानी जीवन के लिए हमेशा उपयोगी है। याद रहे कि पानी सुसुम यानी हल्का गर्म होना चाहिए। सुबह उठकर गरम पानी से मुंह धोयें तो चेहरे पर ग्लैजिंग रहेगा। चेहरे में झुर्री नहीं पड़ेगी। उसके बाद स्नान करने से त्वचा मुलायम रहती है। ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है। तनाव कम होता है। उक्त बातें आज एक ग्रामीण गोष्ठी में हजारीबाग सांसद प्रतिनिधि सह सामाजिक कार्यकर्ता मुकुंद साव ने कही। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी पर काबू पाने में गर्म पानी बहुत ही कारगर सिद्ध हुआ था। हैजा, कोलरा, डायरिया जैसी भयानक बीमारी भी गर्म पानी के सेवन से लगभग समाप्त हो जाती है। हमेशा घर में पानी उबालकर ही पीना चाहिए। गर्म पानी पीने से शरीर का वजन घटता है। शरीर का मोटापा कम होता है। पाचन शक्ति ठीक रहता है। कब्जियत नहीं होता है। आंतों में अटका हुआ माल बाहर आता है। अगर सर्दी जुकाम है तो वो ठीक हो जाता है। पीरियड के समय अगर पेट दर्द, कमर दर्द इत्यादि होता है, तो उससे छुटकारा दिलाता है। बालों का ग्रोथ बढ़ाता है। इनर्जी बढ़ाता है। जोड़ों का दर्द ठीक करता है। साथ ही गैस,बवासीर, क्षय रोग, भूख न लगना, अपच होना, सिरदर्द होना, खांसी, दमा इत्यादि बीमारियों से बचाता है। यानी सुसुम पानी कई तरह की बीमारी होने से बचाता है तथा बीमारी हो जाने के बाद भी राहत दिलाता है। श्री साव ने उपस्थित तमाम भाई-बहनों से अपील की है कि सरकार के भरोसे रहने से दिक्कत होगी। अपनी सुरक्षा स्वयं करें। उन्होंने लोगों का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि कभी भी गर्म दही नहीं खाना चाहिए। इसके अलावे रात में फल, दही, सतू, मूली और बैंगन भूलकर भी न खायें। दूध और दही, खिचड़ी और खीर एक साथ नहीं खाना चाहिए।