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शोषणमुक्त समाजवादी व्यवस्था का निर्माण मार्क्सवाद का मूल सिद्धांत : संजय पासवान

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शोषणमुक्त समाजवादी व्यवस्था का निर्माण मार्क्सवाद का मूल सिद्धांत : संजय पासवान
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टीम एबीएन, कोडरमा। महान अर्थशास्त्री, दार्शनिक, विचारक कॉमरेड कार्ल मार्क्स की 205वीं जयंती पर याद करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिवमंडल सदस्य संजय पासवान ने कहा कि पूरी दुनिया में मजदूरों का राज कायम हो, मानव के द्वारा मानव का शोषण न हो और एक शोषण मुक्त समाजवादी व्यवस्था का निर्माण हो। यही मार्क्सवाद का मूल सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि मार्क्सवाद में भौतिकवाद का अर्थ भौतिक जगत और पदार्थ को सत्य मानना। उसे किसी अज्ञात और अदृश्य, अबूझ और रहस्यमयी शक्ति द्वारा रचा गया नहीं मानना। यह मानना कि मूल में पदार्थ है बाकी सब उसके भिन्न भिन्न रूप। भारतीय दर्शन मुख्यतः इस तरह से सोचने वालों का ही है। बौद्ध और जैन धर्म आदि इन्हीं विचारों की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से निपटने में मार्क्सवाद के रास्ते पर वामपंथी समाजवादी सरकारों वियतनाम, क्यूबा, उत्तरी कोरिया, चीन आदि देशों ने बेहतर काम किया और अर्थव्यवस्था को भी कमजोर होने से बचाया एवं दुनिया को रास्ता दिखाया। केंद्र की मोदी सरकार पूंजीवाद के रास्ते पर चलते हुए निजीकरण की ओर आगे बढ़ रही है। देश की सार्वजनिक सम्पत्तियों को कौड़ी के भाव में पूंजीपतियों के हांथों बेच रही है। देश में बेतहाशा महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी बढ़ रहा है, अर्थव्यवस्था की हालत खस्ता है। आरबीआई ने कहा है कि अर्थव्यवस्था को सुधरने में करीब 12 वर्ष लगेंगे। ऐसे में मार्क्सवाद के रास्ते पर चलते हुए इन परिस्थितियों का मुकाबला करना होगा और किसान मजदूरों की एकता को मजबूत कर वैकल्पिक नीतियों के पक्ष में जनसंघर्ष तेज करना होगा।
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